24 अप्रैल तक का मुख्य समाचार पत्र ✉ पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी सरगर्मी के बीच BJP नेता और Nagaland के वर्तमान पर्यटन और उच्च शिक्षा मंत्री Temjen Imna Along ने इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीर, लिखा- 'ममता दीदी, मैं भाजपा में हूं और शौक से मांसाहारी हूं'।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय जर्मनी दोरे पर गये हैं जब जर्मनी वायु सेना के विसेस विमान✈ से म्यूनिख से बर्लिन गये तब लाडा़कू विमानों से एस कोर्ट किया गया तो सोच लो कितना बड़ा काम करने गये हैं परमाणु ऊर्जा⚡ संचालित पनडुब्बी बनाने वाले प्लांट का दोरा जर्मनी रक्षा के साथ,,, राजु धुन्धियाडी़🇮🇳🇮🇳
नगर कल्याण व सुख, शांति हेतू श्री श्री फुलवंती माता की वार्षिक नगर-पूजा धूमधाम से मनाया गया
देवघर । नगर कल्याण एवं सुख-शान्ति, वैभव व समृद्धि हेतू श्यामगंज रोड अवस्थित फुलवंती मार्केट स्थित श्रीफुलवंती मंदिर में श्री श्री फुलवंती माता पूजा समिति द्वारा फूलव'ती माता की वार्षिक नगर पूजा धूमधाम, श्रद्धा, आस्था एवं भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रीश्री फूल'वती माता का भव्य आकर्षक श्रृंगार किया गया। पूरोहित मुकेश पांडेय और यजमान महेश कसेरा द्वारा पूरे विधि विधान के साथ वैदिक विधि से विधिवत पूजा की गई । मन्दिर परिसर एवं ईर्द-गिर्द के क्षेत्रों को आकर्षक रंग-बिरंगे लाइटों एवं फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। समिति द्वारा कुमारी व बटुकभोजन कराया गया। भक्तों व आगनतुको के बीच प्रसाद वितरण किया गया। भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। मौके पर, राष्ट्रीय हिन्दू परिषद (भारत) के जिला अध्यक्ष श्री प्रभाष गुप्ता ने इस भव्य आयोजन पर समिति के तमाम कर्मठ, समर्पित, निष्ठावान ,सदस्यों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया है। जिनके अथक सराहनीय - प्रयास से यह आयोजन हर वर्ष भव्य रूप ले रहा है। फूलव'ती माता सबों का कल्याण करें, ऐसी कामना हैं।
Tejraftarnews.in: सदियों से एक ही शब्द हर समय बार बार कहा जाता है...
"सबसे बड़ा सुख, निरोगी काया" और...
हम सभी जानते हैं कि जीवन का आधार ही स्वास्थ्य ही सच्ची पूंजी है और कुंजी भी है।
परम्परागत, प्राकृतिक एवं घरेलू चिकित्सा एवं नुस्खों को निःशुल्क जनमानस तक पहुंचाने के लिए दसियों सालों से मैं प्रयासरत हूं और हर सम्भव, मैं सभी की सहायता प्रदान करने की कोशिश भी कर रहा हूं।
लोगों को अच्छे रिज़ल्ट भी मिले हैं, अगर आप भी किसी भी प्रकार की समस्या से परेशान हैं और नतीजे देखना चाहते हैं तो आप मुझे सीधे फोन कर सकते हैं या फिर मैसेज कर सकते हैं....
प्राकृतिक, परम्परागत और घरेलू उपचार से कुछ भी सम्भव है जैसे...
➡️ दिल सम्बंधित समस्याएं
➡️ दिमाग से सम्बंधित समस्याएं
➡️ अल्ज़ाइमर
➡️ डिमेंशिया
➡️ मोटापा
➡️ सुगर, डायबिटीज
➡️ प्रोस्टेट
➡️ कोलेस्ट्रॉल
➡️ वैरिकोज वेन्स
➡️ सौंदर्य समस्याएं
➡️ नपुंसकता
➡️ स्पर्म काउंट समस्या
➡️ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन
➡️ पीरियड सम्बंधित
➡️ बांझपन
➡️ गठिया, अर्थराइटिस, रूमेटाइड, अंकिलो स्पॉन्डिलाइटिस इत्यादि
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➡️ पाचन समस्या
➡️ आई बी एस इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम
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अपनी समस्या का समाधान आज से ही शुरू करें...
कहते हैं कि...
काल करे सो आज करे सो अब।
पल में प्रलय होयेगी बहुर करैगो कब।
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Tejraftarnews.in: 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓
🌻शुक्रवार, २४ अप्रैल २०२६🌻
सूर्योदय: 🌄 ०५:५८
सूर्यास्त: 🌅 ०६:५२
चन्द्रोदय: 🌝 ११:५२
चन्द्रास्त: 🌜२५:५९
अयन 🌘 उत्तरायणे (उत्तर गोले)
ऋतु: 🌞 ग्रीष्म
शक सम्वत: 👉 १९४८ (पराभव)
विक्रम सम्वत: 👉 २०८३ (रौद्र)
मास 👉 वैशाख
पक्ष 👉 शुक्ल
तिथि 👉 अष्टमी (१९:२१ से नवमी)
नक्षत्र 👉 पुष्य (२०:१४ से आश्लेशा)
योग 👉 शूल (२५:२४ से गण्ड)
प्रथम करण 👉 विष्टि (०८:०१ तक)
द्वितीय करण 👉 बव (१९:२१ तक)
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॥ गोचर ग्रहा: ॥
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सूर्य 🌟 मेष
चंद्र 🌟 कर्क
मंगल 🌟 मीन (अस्त, पश्चिम , मार्गी)
बुध 🌟 मीन (उदित, पूर्व, मार्गी)
गुरु 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)
शुक्र 🌟 वृष (उदित, पश्चिम, मार्गी)
शनि 🌟 मीन (उदय, पश्चिम, मार्गी)
राहु 🌟 कुम्भ
केतु 🌟 सिंह
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शुभाशुभ मुहूर्त विचार
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अभिजित मुहूर्त 👉 ११:४९ से १२:४१
अमृत काल 👉 १४:०१ से १५:३५
रवि योग 👉 २०:१४ से २९:४०
विजय मुहूर्त 👉 १४:२७ से १५:१९
गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:४८ से १९:१०
सायाह्न सन्ध्या 👉 १८:५० से १९:५५
निशिता मुहूर्त 👉 २३:५३ से २४:३६
राहुकाल 👉 १०:३७ से १२:१५
राहुवास 👉 दक्षिण-पूर्व
यमगण्ड 👉 १५:३२ से १७:११
दुर्मुहूर्त 👉 ०८:१९ से ०९:११
होमाहुति 👉 शुक्र
दिशा शूल 👉 पश्चिम
अग्निवास 👉 पृथ्वी
भद्रावास 👉 मृत्यु (०८:०१ तक)
चन्द्र वास 👉 उत्तर
शिववास 👉 श्मशान में (१९:२१ से गौरी के साथ)
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☄चौघड़िया विचार☄
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॥ दिन का चौघड़िया ॥
१ - चर २ - लाभ
३ - अमृत ४ - काल
५ - शुभ ६ - रोग
७ - उद्वेग ८ - चर
॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ - रोग २ - काल
३ - लाभ ४ - उद्वेग
५ - शुभ ६ - अमृत
७ - चर ८ - रोग
नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
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शुभ यात्रा दिशा
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उत्तर-पश्चिम (दहीलस्सी अथवा राई का सेवन कर यात्रा करें)
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तिथि विशेष
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देवी बगलामुखी जयन्ती, दुर्गाष्टमी, भद्रा समाप्त ०८:०१ पर, नींव खुदाई एवं गृहारम्भ मुहूर्त प्रातः १०:४८ से दोपहर १२:३५ तक, गृह प्रवेश मुहूर्त+व्यवसाय आरम्भ मुहूर्त+देव प्रतिष्ठा मुहूर्त प्रातः ०५:५६ से १०:४८, वाहन क्रय-विक्रय मुहूर्त प्रातः ०७:३३ से १०:४४ तक आदि।
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आज जन्मे शिशुओं का नामकरण
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आज २०:१४ तक जन्मे शिशुओ का नाम पुष्य नक्षत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (हे, हो, डा) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम आश्लेषा नक्षत्र के प्रथम एवं द्वितीय चरण अनुसार क्रमशः (डी, डू) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है।
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उदय-लग्न मुहूर्त
मेष - २९:१६ से ०६:४९
वृषभ - ०६:४९ से ०८:४४
मिथुन - ०८:४४ से १०:५९
कर्क - १०:५९ से १३:२१
सिंह - १३:२१ से १५:४०
कन्या - १५:४० से १७:५८
तुला - १७:५८ से २०:१८
वृश्चिक - २०:१८ से २२:३८
धनु - २२:३८ से २४:४१+
मकर - २४:४१+ से २६:२२+
कुम्भ - २६:२२+ से २७:४८+
मीन - २७:४८+ से २९:१२+
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पञ्चक रहित मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - ०५:४१ से ०६:४९
चोर पञ्चक - ०६:४९ से ०८:४४
शुभ मुहूर्त - ०८:४४ से १०:५९
रोग पञ्चक - १०:५९ से १३:२१
शुभ मुहूर्त - १३:२१ से १५:४०
मृत्यु पञ्चक - १५:४० से १७:५८
अग्नि पञ्चक - १७:५८ से १९:२१
शुभ मुहूर्त - १९:२१ से २०:१४
रज पञ्चक - २०:१४ से २०:१८
शुभ मुहूर्त - २०:१८ से २२:३८
चोर पञ्चक - २२:३८ से २४:४१+
शुभ मुहूर्त - २४:४१+ से २६:२२+
रोग पञ्चक - २६:२२+ से २७:४८+
शुभ मुहूर्त - २७:४८+ से २९:१२+
शुभ मुहूर्त - २९:१२+ से २९:४०+
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आज का राशिफल
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन भी आपके लिए प्रतिकूल फलदायी है प्रातः काल से ही मन किसी अरिष्ट की आशंका से व्याकुल रहेगा। जहां से थोड़ी भी लाभ की उम्मीद दिखेगी वहां से निराशा ही मिलेगी। आज लोग आपको सांत्वना तो देंगे परन्तु सहायता के समय हाथ पीछे खींच लेंगे अथवा टालमटोल करेंगे। आर्थिक स्थिति भी दयनीय रहेगी कुछ भी करने का प्रयास करेंगे उसमे धन की कमी बाधा डालेगी। कार्य व्यवसाय में आज किसी भी प्रकार की जोर-जबरदस्ती का प्रयास ना करें हानि ही होगी। परिजन भी आपके असंतुष्ट रहेंगे परन्तु आपकी मनोदशा देखते हुए कुछ कहेंगे नही फिर भी घर के बुजुर्गो से विवाद हो सकता है।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपको नए अवसर प्रदान करेगा लेकिन महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अनुभवियों की सलाह अवश्य लें काम-धंधा आज मंदा रहेगा लेकिन पुराने कार्यो से धन की आमद होने से आर्थिक समस्या नही बनेगी। आज किसी की बेमन से उधार देना पड़ेगा इसकी वापसी में परेशानी आएगी। शेयर सट्टे आदि में धन का निवेश शीघ्र लाभ देगा। नौकरी वाले जातक आज अतिरिक्त कार्यभार से परेशान रहेंगे आज अतिरिक्त आय बनाने के चक्कर मे ना पड़े समस्या खड़ी होगी। पारिवारिक वातावरण आज भी खुशहाल बना रहेगा एक दूसरे की भावनाओ को समझेंगे संताने बुजुर्गो की आड़ में मनमानी करेंगी शीत प्रदार्थो के सेवन ना करें।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपका दिन व्यस्तता से भरा रहेगा। दिन का आरंभिक भाग सुस्ती भरा रहेगा इसके बाद कार्यो के प्रति गंभीर हो जाएंगे। कार्य व्यवसाय के साथ ही अधूरे घरेलू कार्य भी करने पड़ेंगे आज आप अपने कार्य में किसी का दखल देना पसंद नही करेंगे ना ही आज परेशान करने वालो को माफ करेंगे। व्यवसाय की स्थिति मध्यान तक धीमी रहेगी इसके बाद बिक्री बढ़ने से धन की आमद होने लगेगी जो रुक रुक कर अंत तक होती रहेगी। सरकारी कार्य अधिकारियों के नरम रवैये से पूर्ण कर लेंगे परन्तु इसमे खर्च ज्यादा होगा। पैतृक संबंधित कार्य भी आज करना बेहतर रहेगा विघ्न-विरोध कम आएंगे। सेहत को लेकर आज निश्चिन्त रहेंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आपकी कल्पना को साकार रूप देने में सहायक रहेगा। प्रातः काल मन में किसी कार्य को लेकर दुविधा रहेगी परन्तु धीरे-धीरे स्थिति स्पष्ट होने लगेगी एक बार सफलता मिलने पर हर काम को आत्मविश्वास से पूर्ण कर लेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज प्रतिस्पर्धा कम ही रहेगी लेकिन इसका आपके व्यवसाय पर ज्यादा प्रभाव नही पड़ेगा। नौकरी करने वालो से सहयोगी आज अपना काम निकालने के लिये मीठा व्यवहार करेंगे। विदेश संबंधित वस्तुओं के व्यवसाय में आज हानि हो सकती है इसमे निवेश से बचें। परिजनों का व्यवहार अपेक्षित रहेगा महिलाये थोड़ी चंचल रहेंगी। सेहत भी सामान्य बनी रहेगी। संतान से सुख मिलेगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आपकी आलसी प्रवृति प्रत्येक कार्य की गति मंद रखेगी। घर अथवा कार्य क्षेत्र पर इस वजह से फटकार भी लग सकती है। कार्य व्यवसाय में दिन भर की मेहनत का फल संध्या के आस-पास मिलेगा धन लाभ तो होगा लेकिन आशाजनक नही होने से निराश होंगे। आज आपका मनोरंजन करने के लिए कोई ना कोई उपस्थित रहेगा जिससे अन्य परेशानियां महसूस नही होंगी। आपकी पीठ पीछे बुराई करने वालो कि संख्या में वृद्धि होगी फिर भी आज आप इन सबसे बेपरवाह होकर मनमौजी जीवन जीना पसंद करेंगे। किसी के उद्दंड व्यवहार अथवा नुकसान करने पर भी रोकने की जगह शांति से देखते रहेंगे। हाथ पैरों में शिथिलता अनुभव होगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपको सलाह है अपने आवश्यक कार्यो को लापरवाही छोड़ संध्या से पहले पूर्ण कर लें अन्यथा इसके बाद परिस्थिति बदलने पर केवल हानि ही हाथ लगेगी। आज आपका प्रातःकाल से ही टालमटोल वाला स्वभाव रहेगा किसी भी कार्य को एक बार में प्रसन्न होकर नही करेंगे महिलाओ का भी यही हाल रहेगा। कार्य व्यवसाय से जुड़ी महिलाये आज पुरुषों की तुलना में ज्यादा लाभ कमाने वाली रहेंगी। कारोबार एवं सार्वजनिक क्षेत्र से आज धन की की अपेक्षा सम्मान ज्यादा मिलेगा। लेकिन आज अधीनस्थों को ज्यादा छूट देना भारी पड़ सकता है इसका ध्यान रखें। संध्या बाद कोई अशुभ समाचार मिलेगा। सेहत अचानक खराब होगी
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन परिस्थितियां आपके अनुकूल बन रही है इसका लाभ उठाएं अन्यथा आज जैसी सुविधा कल नही मिल सकेगी। कार्य व्यवसाय में आप आज जो भी कदम उठायेंगे उसमे हानि नजर आने के बाद भी आखरी समय पर स्थिति आपके पक्ष में हो जाएगी। नियमित के अलावा अतिरिक्त आय बनाने के साधन मिलेंगे नौकरी वाले लोग भी मेहनत का संतोषजनक फल मिलने से प्रसन्न रहेंगे लेकिन आज कोई वर्जित कार्य ना करें अन्यथा स्वयं के साथ परिजनों को भी परेशानी में डाल देंगे। आज आपका व्यवहार अन्य लोगो के समझ मे कम ही आएगा आपकी छवि स्वार्थी इंसानो वाली बनेगी फिर भी आज आपके हिस्से के धन लाभ को कोई नही रोक सकेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज भी दिन आपके लिये कुछ खास नही रहेगा फिर भी बीते कल की अपेक्षा आज थोड़ी राहत मिलेगी। परन्तु जो बात बीत चुकी है उसे दोबारा हवा ना दे अन्यथा आज का दिन भी व्यर्थ के वाद विवाद में खराब होगा कार्य क्षेत्र पर भी आपका व्यवहार तीखा रहेगा लोग आपसे दूरी बना कर रहेंगे पीठ पीछे हंसी भी उड़ाएंगे शांत रहकर धैर्य के साथ दिन व्यतीत करें आज के दिन आप आध्यात्म का सहारा भी ले सकते है मानसिक शान्ति मिलेगी। धन लाभ के लिये किसी सहारे की आवश्यकता पड़ेगी। पारिवारिक वातावरण में आज स्वार्थ भरा रहेगा कामना पूरी होने पर ही शांति मिलेगी। संध्या बाद से स्थिति में सुधार आने लगेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आपको कुछ ना कुछ परेशानी में डालेगा। दिनचार्य व्यवस्थित रहेगी सभी कार्यो की योजना पूर्व में बना लेंगे फिर भी अन्य लोगो के कारण असुविधा होगी। दिन के आरंभ में जो भी योजना बनाएंगे निकट भविष्य में उसका फल धन लाभ के रूप में मिलेगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मियों की कार्य शैली से असंतुष्ट रहेंगे फिर भी धन लाभ लेदेकर खर्च चलाने लायक हो जाएगा। नौकरी वाले जातक अधिकारी वर्ग से सतर्क रहें किसी अन्य की गलती पर आपको सुन्नी पड़ेगी। मित्र परिचितों से मेलजोल व्यवहारिकता मात्र रहेगी। आज आप केवल लाभ देने वाले प्रसंगों में ही अपना ध्यान केंद्रित रखेंगे अन्य लोगो की अनदेखी करेंगे। स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार आएगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आपकी सोची हुई योजनाए पूर्ण होने से उत्साह से भरे रहेंगे। कार्य व्यवसाय एवं पारिवारिक वातावरण दोनो ही आपके अनुकूल रहेगा। आज किसी बहुप्रतीक्षित मनोकामना के पूर्ण होने की संभावना है। धन लाभ भी आज आशासे बढ़कर होगा। नौकरी पेशा लोग अपनी कार्य कुशलता से अधिकारियों के खास बनेंगे। व्यवसायी वर्ग दिन के आरंभ में जिस कार्य को करने से डरेंगे मध्यान पश्चात उसी से लाभ होगा। महिलाये आज आदतानुसार अधिक बोलने की समस्या से ग्रस्त रहेंगी घरेलू कार्य इस कारण अस्त-व्यस्त भी रहेंगे। स्त्री संतान की उपेक्षा के बाद भी आज इनसे पूर्ण सुख मिलेगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहेगा। दिन का आरंभ आध्यात्मिक गतिविधियों में व्यस्तता से होगा लघु धार्मिक यात्रा होगी तबियत में सुधार रहने से आज प्रत्येक कार्य को उत्साह से गंभीर होकर करेंगे। नौकरी वाले लोगो के मन मे भी धार्मिक भावनाये बढ़ी रहेंगी परन्तु समायावभाव के कारण समय नही दे पाएंगे। व्यवसायी वर्ग आज किसी ना किसी कारण से निराश रहेंगे गलत निर्णय के कारण हानि होने की संभावना है। सहकर्मियों का व्यवहार कुछ समय के लिये मानसिक अशांति करेगा परन्तु आज आपके आत्मनिर्भर रह के के कारण स्थिति स्वतः ही सामान्य हो जाएगी। धन लाभ आवश्यकता अनुसार हो जाएगा परन्तु इंतजार के बाद ही।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आपके अंदर अहम की भावना रहेगी इस कारण कार्य क्षेत्र अथवा घर मे टकराव की स्थिति बनेगी। कार्य क्षेत्र पर अपनी मनमानी करेंगे जिससे साथ काम करने वालो को असुविधा होगी। प्रत्येक क्षेत्र में अपने को बड़ा दिखाने की मानसिकता के कारण व्यवहारिक सम्बंधो में दूरी आएगी। व्यवसायी वर्ग बड़ी-बड़ी योजना बनाएंगे लेकिन किसी ना किसी अभाव के कारण अमल में नही ला सकेंगे। नौकरी करने वालो को ज्यादा दौड़-धूप करनी पड़ेगी अधिकांश कार्य आपके ऊपर जबरदस्ती थोपे जाएंगे जिन्हें उत्साहहीनता के साथ करना पड़ेगा। आज धन लाभ पाना चाहते है तो व्यवहार में नरमी रखे। पारिवार के बुजुर्ग किसी बात को लेकर नाराज रहेंगे।
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*संपर्क सूत्र!*
*पंडित अमन कालिया भारद्वाज।*
📞 *tejraftarnews.in: ये वही तीनों सनातनी शेर हैं जिन्होंने अतीक जैसे दुर्दांत अपराधी को 72 हूरों के पास भेज दिए थे। आज उनका जमानत कराने के लिए ना तो कोई उनके घर वाले जा रहे हैं और ना ही कोई समाज संगठन वाले। वे आज भी अतीक की मौत का राज अपने जेहन में समेटे अपनी जमानत का इंतजार कर रहे हैं।
इनकी अभी तक जमानत नहीं हुई क्योंकि इन्होंने मुस्लिम की हत्या की है।
*सच तो यह है कि इन्होंने माफिया को मारकर प्रशासन की निः स्वार्थ भाव से मदत की है, इन्हें जेल नहीं सम्मानित किया जाना चाहिए।* आरोपी को मारा नहीं होता तो अब तक सरकार के करोड़ो रुपए सिक्यूरिटी में खर्च हो गए होते।
अब तक अतीक अहमद की जमानत हो गई होती, और गिरफ्तार करने वाले SI को हटा दिया गया होता या ट्रांसफर।
जागो हिन्दू संगठन जागो, इनकी जमानत के लिए प्रयास करो 🙏
जय श्री राम 🙏🚩
Tejraftarnews.in: *ये साले जेहादी जहाँ भी रहेंगे गंध ही मचायेंगे *सरकारी स्कूल में पका रहे थे गौमांस*
बिहार के सरकारी स्कूल में साथ टीचर मुस्लिम थे प्रिंसिपल भी मुस्लिम था और वहां 120 हिंदू बच्चे पढ़ते थे इन दोनों ने हिंदू बच्चों को रोमांस खिलाने की गंदी शाजिस रची
प्रधानाचार्य अफजाल अंसारी और शिक्षिका
रुबीना खातून व मेहरूँनिशा के साथ सासाराम बिहार के सरकारी स्कूल में पकाता था गौमांस...
हिंदू बच्चों को विशेष रूप से खिलाते थे गौमांश
पिछले कई दिनों से लगातार मिड डे मील में यह लोग गाय का मांस पका कर हिंदू बच्चों को खिलाते थे
एक ग्रामीण को शक हुआ उसके बाद जब ग्रामीणों ने स्कूल पर छापा मारा तो 20 किलो गाय का मांस बरामद हुआ
Tejraftarnews.in: अरे औ काफिरों, मौलवी हर घंटे करता था रेप...सभी सेकुलर हिंदू एक बार धीरे से बोलो हिंदू चिंदू भाई भाई 🤣🤣
याद रखना हिंदुओं... यह कौम अपनी बहिन के भाई नहीं है तुम्हारे कहा से होंगे।
चाहे महिला हो या पुरुष यह कौम हर किसी से लडना, धोखा देना, मारपीट करना, हत्या करना, चोरी करना, दंगे फैलाना, आतंक।वाद फैलाना , लव जिहाद, खाने मे थूकना, जूस मे पेशाब करना, पशुओ पर निर्दयता, फर्जी नाम से भोजनालय खोलना,जनसंख्या जिहाद, धोखेबाजी करके धर्म परिवर्तन करवाना, देश विरोधी षड्यंत्र आदि आदि कार्य करने मे लिप्त है।
भारत सरकार की सभी थाना से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार भारत के कुल अपराधी मे 83% हिस्सेदार यही शांति दूत है, भारत मे ही नही इन्होने पुरी दुनिया मे गंध मचा रखी है।
इस न्यूज पेपर कटिंग को पूरा पढ़े और उसके बाद कम से कम 5 दोस्तो को शेयर तो कर ही सकते हो सोते हुए हिन्दू समाज को जिहादीयो से बचाने के लिए 🙏
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Tejraftarnews.in: *आतंकियों ने लगाई भारत की तेल रिफाइनरियों में आग? ऐक्शन में NIA, 6 देश हुए साजिश के शिकार*
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण पूरी दुनिया पहले से ही एक गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। इसी बीच, पिछले 50 दिनों के भीतर भारत सहित दुनियाभर के छह देशों की प्रमुख तेल रिफाइनरियों में आग लगने और धमाकों की एक बेहद रहस्यमयी सीरीज देखी गई है।
इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ये महज संयोग हैं या वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने की कोई सोची-समझी साजिश? भारत की प्रमुख आतंकवाद निरोधी एजेंसी NIA (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान में हुई हालिया घटना की जांच शुरू कर दी है।
भारत में क्या हुआ? (राजस्थान और मुंबई की घटनाएं)
राजस्थान के पचपदरा में HPCL रिफाइनरी में आग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस रिफाइनरी का उद्घाटन किया जाना था, लेकिन ठीक एक दिन पहले सोमवार (20 अप्रैल) को इसमें भीषण आग लग गई। कंपनी (HPCL) की शुरुआती जांच में बताया गया कि हीट एक्सचेंजर सर्किट के एक वाल्व से हाइड्रोकार्बन के रिसाव के कारण आग लगी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसे 'संरचनात्मक रूप से सुरक्षित' बताया है।
NIA और ATS की जांच: मामला केवल तकनीकी खराबी का नहीं लग रहा है। जयपुर से NIA की एक टीम (जिसमें खुफिया अधिकारी, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और साइबर विशेषज्ञ शामिल हैं) बुधवार को मौके पर पहुंची। यह टीम क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) की जांच कर रही है, जहां से आग शुरू हुई थी। राजस्थान एटीएस (ATS) की टीम ने भी रिफाइनरी प्रबंधन के साथ चर्चा की है। NIA की संलिप्तता यह इशारा करती है कि बाहरी ताकतों द्वारा 'तोड़फोड़' या आतंकवाद के एंगल से भी जांच की जा रही है।
मुंबई हाई में ONGC के प्लेटफॉर्म पर आग
राजस्थान की घटना से पहले, 4 अप्रैल को मुंबई तट के पास ONGC के SHP प्लेटफॉर्म पर आग लग गई थी। इस घटना में 10 कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं। आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन ONGC ने अभी तक इसके कारणों का खुलासा नहीं किया है।
दुनिया भर में आग और धमाकों का सिलसिला
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को जब से अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू हुए, तब से ही दुनिया भर के ऊर्जा प्रतिष्ठानों में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये सभी देश सीधे तौर पर 'वॉर जोन' यानी युद्ध क्षेत्र का हिस्सा नहीं हैं।
1 मार्च (इक्वाडोर): दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी की चार्ज पंप यूनिट में आग लग गई, जिससे 1,10,000 बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाला काम ठप हो गया।
17 मार्च (मेक्सिको): मेक्सिको की सबसे बड़ी और नई 'ओल्मेका तेल रिफाइनरी' में आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई।
23 मार्च (अमेरिका - टेक्सास): टेक्सास की 'वैलेरो पोर्ट आर्थर एनर्जी रिफाइनरी' में एक धमाका हुआ। शुरुआत में इसके पीछे ईरान का हाथ होने की अटकलें लगाई गईं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
10 अप्रैल (अमेरिका - टेक्सास): टेक्सास की ही 'मैराथन एल पासो रिफाइनरी' में "तकनीकी समस्याओं" के कारण एक और बड़ी आग लगी।
16 अप्रैल (ऑस्ट्रेलिया): विक्टोरिया राज्य को 50% ईंधन की आपूर्ति करने वाली 'विवा एनर्जी की कोरिओ रिफाइनरी' में आग लग गई। इससे ऑस्ट्रेलिया में पेट्रोल उत्पादन पर असर पड़ने की चेतावनी दी गई है।
20 अप्रैल (रोमानिया): रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में एक थर्मल प्लांट में भी आग लगने की घटना सामने आई।
बुधवार, 22 अप्रैल (इराक): लेटेस्ट घटना इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल की एक रिफाइनरी में हुए धमाके की है। इसका कारण और नुकसान का स्तर अभी स्पष्ट नहीं है।
सोशल मीडिया और विशेषज्ञों की चिंताएं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कई लोगों ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया है। अरविंद नाम के एक वेरिफाइड X यूजर ने राजस्थान की घटना से ठीक चार दिन पहले (16 अप्रैल को) चेतावनी दी थी। उन्होंने लिखा था कि उन्हें अंदेशा है कि दुश्मन भारत की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने और भू-राजनीतिक कारणों से तेल की कीमतें बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों में आग लगा सकते हैं। उन्होंने भारतीय रिफाइनरियों को अंदरूनी तोड़फोड़ और सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी थी। एक अन्य उत्तरी अमेरिकी X अकाउंट ने दावा किया कि यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि तेल आपूर्ति को बाधित करने का एक पैटर्न है।
पूरी दुनिया में इतनी कम अवधि (लगभग 50 दिनों) के भीतर इतनी सारी प्रमुख रिफाइनरियों में आग लगना महज एक इत्तेफाक नहीं माना जा सकता। भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व के युद्ध के बीच ये घटनाएं ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। भारत द्वारा राजस्थान मामले में की जा रही NIA जांच जैसी गहन पड़ताल ही इस रहस्य से पर्दा उठा सकती है कि यह तकनीकी खामियों का नतीजा है या किसी बड़ी वैश्विक साजिश का हिस्सा। *(PC- CA Rajiv Chandak
Tejraftarnews.in: *अबू धाबी में फ्लाइट रुकने के बाद स्टाफ ने जैसे ही एक भारतीय यात्री का पासपोर्ट चेक किया, उसके आश्चर्य का ठिकाना न रहा..स्टाफ को पासपोर्ट पर अंकित जन्म वर्ष 1896 पर विश्वास ही नहीं हुआ*..❗
उसे लगा कि पासपोर्ट नकली है क्योंकि वर्ष 1896 में पैदा हुआ एक व्यक्ति हवाई यात्रा कैसे कर सकता है..❓
👉1896 में पैदा हुए योगाचार्य स्वामी शिवानंद थे
उनका जन्म 8 अगस्त, 1896 को बांग्लादेश में हुआ था, वह यूपी के वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित कबीरनगर में रह रहे हैं..रात में 9 बजे सो जाते हैं और वह सुबह 3 बजे ही उठ जाते हैं। सुबह भगवत गीता पढ़ते हैं। रात के भोजन में जौ से बना दलिया, आलू का चोखा और उबली सब्जियां नियमित रूप से खाते हैं। वह दिन में कभी नहीं सोते हैं।
इस उम्र के पड़ाव में भी उनकी फुर्ती देखकर सभी लोग हैरान थे। वहां पर मौजूद सभी लोग उत्साह से उनके साथ फोटो खींचने में लग गए। उन्हें वर्ष 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
ये है हमारे योग की शक्ति ...
जय सनातन धर्म 🙏
नोट: यह पोस्ट फैक्ट चेक के बाद ही किया गया है, इसलिए तिथियों के संबंध में आप निश्चिंत रहें या गूगल कर प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के लेख से पुष्टि कर लें। *(PC- CA Rajiv Chandak 9881098027)*
Tejraftarnews.in: *🏹🚩सनातन सेवक समिति🚩🏹*
✊🏻👊🏻⛳
*🚩क्रमांक = 01*
*🚩जय सनातन:-सनातन पंचांग🚩*
*🚩आज की हिंदी तिथि🚩*
*┈┉══❀(("ॐ"))❀══┉┈*
*⛅युगाब्द - 5128*
*⛅दिनांक - 24 अप्रैल 2026*
*⛅दिन - शुक्रवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2083*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - ग्रीष्म*
*⛅मास - वैशाख*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - अष्टमी शाम 07:21 तक तत्पश्चात् नवमी*
*⛅नक्षत्र - पुष्य रात्रि 08:14 तक तत्पश्चात् अश्लेशा*
*⛅योग - शूल मध्यरात्रि 01:24 तक तत्पश्चात् गण्ड*
*⛅राहुकाल - सुबह 10:49 से दोपहर 12:25 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 05:59*
*⛅सूर्यास्त - 06:51 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:30 से प्रातः 05:14 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:59 से दोपहर 12:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:03 से मध्यरात्रि 12:47 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - मासिक दुर्गाष्टमी, बगलामुखी जयंती*
*🌥️विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
🕉️🛕*हरिद्वार*🛕 🌺
*🎊ब्रह्म परमात्मा बोले🎊*
*🪔गुरुजी प्रसादी🔱*
➖➖⬇️⬇️➖➖
*ऐसी कोई चीज नहीं जिसमे परमात्मा की हस्ती न हो*. ✨🙏
*दो चीजे..नाम और रूप..यह मनुष्य है.. यह सूरज है 🌞 यह चंदा है* 🌙...
*यह है प्रकृति 🌿.. प्रकृति के तीन गुणो में यह बदलते रहते हैं.. और सृष्टि का संचार होता है.. मूल में अस्ति भास्ती और प्रिय*💫
*तो आपके जीवन में अस्ति है कि नहीं..शिशु अवस्था आई 👶.. बाल्यावस्था आई..किशोर अवस्था आई.. और किशोरावस्था से जवानी आने तक की बीच.. वह सब आया और गया ⏳ लेकिन अस्ति वही है* ✨
जिसको प्रतीत हुआ वही है.. सब बदलते हैं नाम और रूप लेकिन अस्ति नहीं बदलती.. 🌼
वह है परमात्मा 🙏 और नाम और रूप होता है उसकी सत्ता से विवर्त..
सूरज अपनी जगह पर है 🌞 मरुभूमि अपनी जगह पर है 🏜️.. दिखेगा की दरिया लहरा रहा है 🌊..
पहचानना है अस्ती भास्ती और प्रिय...काम करना है नाप और रूप में 🔍
किसी भी शरीर में आप आए हो तो नाम और रूप तुम नहीं बने..
अभी से पक्का कर लो ✔️ जो शरीर के मौत होती है वह तुम्हारी मौत नहीं है.. नाम और रूप.. शरीर परिवर्तन होता है.. 🔄
परिवर्तनमेव स्थिरमस्ति। ✨
नाश किसी का नहीं होता.. वायु का एक दाना भी नाश नहीं कर सकते उसको फूंक मार के अदृश्य कर सकते हैं 🌬️..
पानी की एक बूंद आप नष्ट नहीं कर सकते 💧
तो वैदिक ज्ञान इतना महान है 📖✨
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते। 🕉️
उसका जो कुछ है वो भी पूर्ण है ..पूर्णात् पूर्णमुदच्यते पूर्ण से जो पैदा होता है वो भी पूर्ण है 🌼
लौकिक भाषा में समझाता हूं
वटवृक्ष का एक बीज 🌱 उसको सहयोग मिल जाए तो वटवृक्ष बन सकता है कि नहीं..उसमें से कितने बीज बन जाएंगे और वो सब बोध है तो फिर कितने होंगे..वो सब बोध है आखिर कितने होंगे..ये मान लीजिए नहीं बता सकते 🤔
एक वटवृक्ष का छोटा सा बीज कितना पूर्ण है..
कितने करोड़ों अरबों खरबों बोलो लेकिन 🌳
हरि अनंत तो हरि तत्व भी अनंत.. तुम वो हो..वटवृक्ष का बीज अस्ति भाति प्रिय तत्व रूप से शाश्वत है...नाम और रूप तो बदलेगा.. वो पूर्णमदः पूर्णमिदम् उसी का ही पूर्ण है.. पूर्णात् पूर्णमुदच्यते.. ✨
ये सब देवता को अस्ति भाति प्रिय है 🙏
तो दुख सुख लाभ हानि जन्म मरण पुण्य पाप ये सब नाम रूप को सच्चा मानने से लागू पड़ जाते हैं ⚖️
भूख और प्यास तो प्राणों को लगती है.. 🫁 हिरण पानी समझ के दौड़े और छटपटा के मरे 🦌 तो क्या सूरज को पाप लगेगा या मरुभूमि को पाप लगेगा किसी को नहीं लगता ❌
आप लोगों को पता भी नहीं होगा आजकल यहां हरिद्वार का सूर्योदय होता है 🌅 5:43 आज सुबह का लेकिन 5:40 तो 5:13 से मतलब 30 मिनट पहले ही जो होना चाहिए होने लगता है और जो मिटना चाहिए मिटने लगता है ⏰
ऑक्सीजन हवा में शुरू होने लगता है सूरज उगने के पहले 30 मिनट से 🌬️ हवामान में ऑक्सीजन भरता है सबको पता नहीं है क्या है क्या पता है जिनको पहली बार पता हुआ ईमानदारी से हाथ उठाओ ✋
गधा जब मैडम को देखता है तभी हेको हेको करेगा 🐴 अथवा बढ़िया चारा है तभी करेगा अन्यथा कभी नहीं करता कभी सुना था क्या कभी पढ़ा था क्या ये समझ गए तो सुन लो मैडम को देखा और उसी मैडम के साथ हेको हेको करेगा या तो बढ़िया चारा है तो ऐसे ही करेगा अन्यथा नहीं करेगा..
ये सिद्धांत केवल गधे के लिए है और फिर हाथी घोड़े के लिए नहीं है 🐘🐎 और सब के लिए नहीं है
अस्ति भाति प्रिय.. वो सत् चित् आनंद है..वो सच्चिदानंद स्वभाव हो आप ✨
तो उसी सच्चिदानंद के स्वभाव की महिमा उद्धृत करने के लिए वेदव्यास जी ने
साकार ब्रह्म...कृष्ण की श्रीमद्भागवत बनी 📖 तो मंगलाचरण में वो श्लोक उद्धृत किया.. व्यास जी के मुख से निकला है वो तुम्हारे मुख से निकले तो भला रहेगा 🙏
*सच्चिदानन्दरूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे।*
*तापत्रयविनाशाय श्रीकृष्णाय वयं नुमः॥* 🕉️
ऐसा किसी मजहब में सुना देखा कि द्रौपदी पुकारती है 🙏.. अस्ति भाति प्रिय.. साड़ियों में अवतरित हो जाता है दुशासन खींचते खींचते थक गया है.. दुशासन में हाथी का बल था 🐘...नारी है की साडी है...तेरा बाप अवतरित अन्यथा किया कि नहीं किया.. भगवान का अवतार साड़ी में 👗.. अरे अन्यथा कर तुम भी तो है बबलू पहले से...करने में समर्थ.. ना करने में समर्थ अन्यथा करने में समर्थ.. वो तुम्हारा अंतरात्मा का गुण है ✨..
सृष्टि की उत्पत्ति करना.. स्थिति करना उसका पालन करना..कर्म की प्रेरणा देना.. कर्म का फल देना..
इसलिए नानक जी को कहना पड़ा.. 🙏
*तुमरी गति मिति तुम ही जानी*
*नानक दास सदा कुरबानी"* 🌼
ज्ञानी तो जगत को खोजते है धन्यवाद है लेकिन ये जो दिखता है उतना ही नहीं है कई और जगत भी है
🌌 मैंने सुना है सत्संग में एक आदमी गया वो भी कहां से आए वो कुछ नहीं बोले इंडेक्स नंबर तो उसे बताओ कौन से कौन से ब्रह्मांड में कौन से कौन से ग्रह से आज तो बोलो कि हम धरती से आए 🌍 हरिद्वार से आए..इंडेक्स नंबर बोलो नहीं मैंने मैंने हमारी ये समझ रखा तो भी वो पले पले बस ऐसा ही है
तो ये पक्का कर लो ✔️ कि शरीर में नहीं हूं
मेरी मौत सारे दैत्य राक्षस कुछ भी मिलकर शरीर को तो सदा रख नहीं सकते और मेरा नाश नहीं कर सकते ⚔️ यहां तक कि ब्रह्मा विष्णु महेश भी मेरा नाश नहीं कर सकते 🙏 उनके मन में आएगा भी नहीं लेकिन मेरी स्थिति होगी...
महाकाश नाराज हो जाए तो कुल्हड़ों को तोड़ देगा लेकिन कुल्हड़ों के अंदर का जो आकाश है वो महाकाश उनको कैसे तोड़ेगा 🌌 वो तो स्वयं ही है मठाकाश घटाकाश मेघाकाश हृदयाकाश आकाश एक है ये सब अस्ति भाति प्रिय तत्व एक ही है नाम और रूप कुल्हड़ आकाश घटाकाश... तो सारे प्रपंच का रहस्य खुल जाता है ✨
आत्म साक्षात्कार के लिए दो प्रकार के ग्रंथ चलते हैं 📚 और भी कुछ होंगे मुख्य ये आते हैं
एक होते हैं सिद्धांत ग्रंथ और दूसरे होते हैं प्रक्रिया ग्रंथ प्रक्रिया दूसरी तीसरी चौथी पांचवी प्रक्रिया तो योग वशिष्ठ महारामायण सिद्धांत ग्रंथ है..
सिद्धांत पर ले आते हैं बड़ा शॉर्ट रास्ता हो जाता है ✨ शॉर्ट गेम मेरे दिमाग में भी गंदगी मेकाले के कारण पड़ी.. संक्षिप्त होना चाहिए..बोलना चाहिए शॉर्ट कर दिया है ना संसार.. संक्षिप्त रस्ता है..सिद्धांत वाले के लिए...दूसरा है प्रक्रिया ग्रंथ..
*चांदना कुल जहाँ का तू ... बुल्लेशाह प्रकाशस्वरूप है ,इक तेरा घट वध ना होवे यारा*🌙✨
💥तुम सारे जहां के चांदना हो.. सत चित आनंद हो तुम.. तेरे होने से है व्यवहार सारा.. चांदना तुझे सुनता अंधियारा 🌌.. जगना सोना.. हुए तेरे आगे कई बारा.. ऐसा तू चैतन्य है ऐसा तू सच्चिदानंद है..
ऐसी मौज़ की गर्जना कर दी..
🌊 12 साल तो क्या 12 जन्म भी लग जाए. ब्रह्मज्ञानी की कृपा को हजम करना निच लोगों को नहीं होता
कबीर के वचन है 🙏
📿*माला श्वासों श्वास की भकत जगत के बीच*
🌿 *जो फेरे सो गुरुमुखी ना फेरे सो नीच*
कृष्ण ने भी 108 गालियां दी है.. मनुष्य जीवन की जिसको कदर नहीं है ऐसे दुष्टो को 108 गालिया दी है.. ⚡
*न मां दुष्कृतिनो मूढाः प्रपद्यन्ते नराधमाः।*
*माययापहृतज्ञाना आसुरं भावमाश्रिताः।। ७-१५।।*
*नादत्ते कस्यचित्पापं न चैव सुकृतं विभुः ।*
*अज्ञानेनावृतं ज्ञानं तेन मुह्यन्ति जन्तवः ।।* 🕉️
एलोपैथी में साइड इफेक्ट से पूरी दुनिया पीड़ित है। 🌍
मैं भी अछूता नहीं हूं। मेरे को भी मलेरिया हो गया था। 💉
उन्होंने बड़े-बड़े सारे इंजेक्शन डाल दिए थे बोतल में।
मलेरिया तो गया, लेकिन छह साइड इफेक्ट दे गया। ⚠️
आंखें मेरी तिरछी हो गई। 👀
उन्होंने देखा, मैं सत्संग करता हूं उस समय से। फिर से। 🙏
आयुर्वेद में मैंने कान पहने होंगे। आख मेरे तिरछी।
लेकिन ये दो, दो साइड इफेक्ट नहीं हुए।
लीवर और किडनी पर असर, साइड इफेक्ट, सब खराब हो गए।
और इतने में ही रुके नहीं है साइड इफेक्ट।
ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया की तकलीफ हो गई।
उसको बोलते हैं, भयंकर से भयंकर पीड़ा है तो वो है।
हार्ट अटैक की पीड़ा भी नहीं है।
प्रसूति हो वो भी इस पीड़ा के आगे नगण्य है।
ऐसी पीड़ा मैंने झेली है।
इसमें दर्द ऐसा होता है कि वो आदमी खुद आत्महत्या कर ले। ⚠️
उसका नाम दूसरा है, सुसाइड डिसीज।
मैं इसकी भयंकरता बता रहा हूं।
यह भी मैंने बरसों तक झेला।
अभी 60% और नियंत्रण में है।
और दूसरी चीजें भी थोड़ी-थोड़ी मैंने...
आयुर्वेद की खोज की भगवान ब्रह्मा जी ने। 🙏
आपके काम की बात कर रहा हूं।
आपके द्वारा दूसरों भला कर रहा हूं।
तो ये विद्या ब्रह्मा जी की शुद्ध, शुद्ध जगह से स्फुरित हुई। ✨
उसमें आखिरी में वैद्य राज हुए भगवान धन्वंतरि।
महाराज जानते हो?
वो समुद्र से प्रकटे तब अदरक का पौधा लेकर प्रकटे। 🌿
हिपोक्रेटीस मीठा चर्बी नहीं ला सकता या लाए यह हम अपेक्षा भी नहीं कर सकते।
वो भगवान धन्वंतरि के शिष्य हो गए।
मैं उनको भगवान बोलने की हिम्मत रखता हूं।
उन्होंने भी भगवान जैसे ही काम किए।
उन्होंने जाते-जाते एक ग्रंथ लिखा, उसमें चैलेंज कर दिया।
सुनाई पड़ रहा है?
हमारे आयुर्वेद की औषधियों से, आयुर्वेद में भी कई प्रकार की औषधि है।
पेड़, पौधे, जड़ी-बूटियों से जो औषधि बनती है उनको बोलते हैं, खास औषधि। 🌿
सोना है, ऊपर है, चांदी है, लोहा है, पारा है, उनकी भस्मों से जो बनती है उनको बोलते हैं, रस विद्या।
दूसरी यूनानी विद्या, यूनानी औषधि।
उस महापुरुष ने चैलेंज कर दिया।
अपनी सभी औषधियों को तो कर दिया।
लेकिन कहा कि शल्य क्रिया मतलब ऑपरेशन।
लेकिन अभी जो अंधेर मचा है ऑपरेशन का वैसा था नहीं।
जो भी मरीज हो उसको डरा के, पेट काट के प्रसूति कराओ।
उनको तो पैसे मिलते हैं और महिलाएं सारी जिंदगी कमर के दर्द से और साइड इफेक्ट से घिरती हैं।
मुसलमान भाईयों के नहीं बोलते। उनके मजहब में ऐसा नहीं है तो हिंदू माइया थोड़ी भोली भली...
हिंदू लोग सीजरन करा के अपनी जिंदगी तबाह करते है..
क़भी सुना है..हाथी का पेट काट के बच्चा निकाला। 🐘
हाथी का बच्चा कितना होता है?
हाथी का बच्चा तो हाथी होता है।
क़भी सुना है?
अब तुम्हारे बच्चे छोटे छोटे होके पेट कटाने की बात करते है..
गाय के गोबर का रस लो..आराम से होता है।
मैंने कई बार कई जगहों पर कहा।
ये सबसे नहीं हुई बात।
भगवान बोलते हैं, ये नहीं किया, ये हमारी सभी औषधियों से और शल्य क्रिया से आराम ना हुआ हो तो निराश मत होना। 🙏
महाराज।
सभी औषधियों से और शल्य क्रिया से आराम ना हुआ हो तब भी निराश मत होना ये लो मंत्र।
अब उन्होंने उदारता से मंत्र प्रकट कर दिया।
मैं काहे को कंजूसी करता हूं।
करोना मे हॉस्पिटल में लगभग सारे गए। 🏥
जाने में तो सबसे पहला नंबर मेरा ही था।
उम्र के हिसाब से साइड इफेक्ट से।
मैं जाने के चक्कर में भी नहीं कर रहा था।
लेकिन वहां का प्रेसिडेंट समाचार था एक दिन में सबसे पहले तीन दिन डाल दिया उसमें..
मेरा हीमोग्लोबिन तो 3:45 से भी काम था तो आदमी उसी समय मर जाना चाहिए।
मैं तो वेंटिलेटर पर था।
मेरा शरीर छोड़ने का संकल्प हो गया था।
भाग्य सुपरिंटेंडेंट ने मेरे हाथ में हाथ डाला..
वह जानते थे मेरे पीड़ा..
एक के बदले तीन-तीन इंजेक्शन लग गए।
जो भी हो। जानबूझकर तो नहीं किया..
पीड़ा हो रही थी शरीर छोड़ने का मेरा संकल्प हो रहा था...
वो आकर मेरी हिम्मत बढ़ा रहे थे...
मैं सोचता हूं, ये तो मैं सबकी हिम्मत बढ़ाता हूं।
उन्होंने मेरा हाथ हाथ में लिया।
मैंने उनके जाने का संकल्प बता दिया।
और ये मंत्र पढ़ा।
सुनाई पड़ता है महाराज जी?
जो मंत्र आपको देने वाला हूं, उसी मंत्र से मैं जीवित हूं।
मैं शिष्य नहीं बना रहा हूं।
मित्र के नाइ, एक संत के नाई...
ये मंत्र दे के आपका हमारा गुरु शिष्य का संबंध नहीं होगा।
ऐसे ही सुनेंगे। सद्भाव रहेगा।
जीभ तालू में रखो।
मंत्र मन में पढ़ो।
याद रह जाएगा।
*अच्युताय गोविन्दाय अनन्ताय नामभेशजात*.." 🕉️
*नश्यन्ति सर्व रोगानी सत्यं सत्यं वदाम्यहम्॥"*
*आप मन में दोहराओ।*
*याद रह जाएगा।*
*जीभ तालू में लगा के रखो।*
*जैसे मोबाइल में सेव, सेव चलता है ना।*
*ऐसे ही मन में दोहराओ।*
*अच्युताय गोविंदाय..जीभ तालू में लगा के रखो।*
*अनंताय नमः।*
*नश्यन्ति सर्व रोगानी*
*बहुवचन।*
*सत्यम सत्यम वदामि।*
*तीसरी बार बोलता हूं।*
*याद रह जाएगा।*
🏹🇮🇳⛳🔱🌞⚜️🐚🕉️🙏🏻
Tejraftarnews.in: *卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐*
*🌞 दिनांक - 24 अप्रैल 2026*
*⛅दिन - शुक्रवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2083*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - ग्रीष्म*
*⛅मास - वैशाख*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - अष्टमी शाम 07:21 तक तत्पश्चात् नवमी*
*⛅नक्षत्र - पुष्य रात्रि 08:14 तक तत्पश्चात् अश्लेशा*
*⛅योग - शूल मध्यरात्रि 01:24 तक तत्पश्चात् गण्ड*
*⛅राहुकाल - सुबह 10:49 से दोपहर 12:25 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 05:59*
*⛅सूर्यास्त - 06:51 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:30 से प्रातः 05:14 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:59 से दोपहर 12:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:03 से मध्यरात्रि 12:47 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - मासिक दुर्गाष्टमी, बगलामुखी जयंती*
*🌥️विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
🕉️🛕*हरिद्वार*🛕 🌺
*🎊ब्रह्म परमात्मा बोले🎊*
*🪔गुरुजी प्रसादी🔱*
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*ऐसी कोई चीज नहीं जिसमे परमात्मा की हस्ती न हो*. ✨🙏
*दो चीजे..नाम और रूप..यह मनुष्य है.. यह सूरज है 🌞 यह चंदा है* 🌙...
*यह है प्रकृति 🌿.. प्रकृति के तीन गुणो में यह बदलते रहते हैं.. और सृष्टि का संचार होता है.. मूल में अस्ति भास्ती और प्रिय*💫
*तो आपके जीवन में अस्ति है कि नहीं..शिशु अवस्था आई 👶.. बाल्यावस्था आई..किशोर अवस्था आई.. और किशोरावस्था से जवानी आने तक की बीच.. वह सब आया और गया ⏳ लेकिन अस्ति वही है* ✨
जिसको प्रतीत हुआ वही है.. सब बदलते हैं नाम और रूप लेकिन अस्ति नहीं बदलती.. 🌼
वह है परमात्मा 🙏 और नाम और रूप होता है उसकी सत्ता से विवर्त..
सूरज अपनी जगह पर है 🌞 मरुभूमि अपनी जगह पर है 🏜️.. दिखेगा की दरिया लहरा रहा है 🌊..
पहचानना है अस्ती भास्ती और प्रिय...काम करना है नाप और रूप में 🔍
किसी भी शरीर में आप आए हो तो नाम और रूप तुम नहीं बने..
अभी से पक्का कर लो ✔️ जो शरीर के मौत होती है वह तुम्हारी मौत नहीं है.. नाम और रूप.. शरीर परिवर्तन होता है.. 🔄
परिवर्तनमेव स्थिरमस्ति। ✨
नाश किसी का नहीं होता.. वायु का एक दाना भी नाश नहीं कर सकते उसको फूंक मार के अदृश्य कर सकते हैं 🌬️..
पानी की एक बूंद आप नष्ट नहीं कर सकते 💧
तो वैदिक ज्ञान इतना महान है 📖✨
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते। 🕉️
उसका जो कुछ है वो भी पूर्ण है ..पूर्णात् पूर्णमुदच्यते पूर्ण से जो पैदा होता है वो भी पूर्ण है 🌼
लौकिक भाषा में समझाता हूं
वटवृक्ष का एक बीज 🌱 उसको सहयोग मिल जाए तो वटवृक्ष बन सकता है कि नहीं..उसमें से कितने बीज बन जाएंगे और वो सब बोध है तो फिर कितने होंगे..वो सब बोध है आखिर कितने होंगे..ये मान लीजिए नहीं बता सकते 🤔
एक वटवृक्ष का छोटा सा बीज कितना पूर्ण है..
कितने करोड़ों अरबों खरबों बोलो लेकिन 🌳
हरि अनंत तो हरि तत्व भी अनंत.. तुम वो हो..वटवृक्ष का बीज अस्ति भाति प्रिय तत्व रूप से शाश्वत है...नाम और रूप तो बदलेगा.. वो पूर्णमदः पूर्णमिदम् उसी का ही पूर्ण है.. पूर्णात् पूर्णमुदच्यते.. ✨
ये सब देवता को अस्ति भाति प्रिय है 🙏
तो दुख सुख लाभ हानि जन्म मरण पुण्य पाप ये सब नाम रूप को सच्चा मानने से लागू पड़ जाते हैं ⚖️
भूख और प्यास तो प्राणों को लगती है.. 🫁 हिरण पानी समझ के दौड़े और छटपटा के मरे 🦌 तो क्या सूरज को पाप लगेगा या मरुभूमि को पाप लगेगा किसी को नहीं लगता ❌
आप लोगों को पता भी नहीं होगा आजकल यहां हरिद्वार का सूर्योदय होता है 🌅 5:43 आज सुबह का लेकिन 5:40 तो 5:13 से मतलब 30 मिनट पहले ही जो होना चाहिए होने लगता है और जो मिटना चाहिए मिटने लगता है ⏰
ऑक्सीजन हवा में शुरू होने लगता है सूरज उगने के पहले 30 मिनट से 🌬️ हवामान में ऑक्सीजन भरता है सबको पता नहीं है क्या है क्या पता है जिनको पहली बार पता हुआ ईमानदारी से हाथ उठाओ ✋
गधा जब मैडम को देखता है तभी हेको हेको करेगा 🐴 अथवा बढ़िया चारा है तभी करेगा अन्यथा कभी नहीं करता कभी सुना था क्या कभी पढ़ा था क्या ये समझ गए तो सुन लो मैडम को देखा और उसी मैडम के साथ हेको हेको करेगा या तो बढ़िया चारा है तो ऐसे ही करेगा अन्यथा नहीं करेगा..
ये सिद्धांत केवल गधे के लिए है और फिर हाथी घोड़े के लिए नहीं है 🐘🐎 और सब के लिए नहीं है
अस्ति भाति प्रिय.. वो सत् चित् आनंद है..वो सच्चिदानंद स्वभाव हो आप ✨
तो उसी सच्चिदानंद के स्वभाव की महिमा उद्धृत करने के लिए वेदव्यास जी ने
साकार ब्रह्म...कृष्ण की श्रीमद्भागवत बनी 📖 तो मंगलाचरण में वो श्लोक उद्धृत किया.. व्यास जी के मुख से निकला है वो तुम्हारे मुख से निकले तो भला रहेगा 🙏
*सच्चिदानन्दरूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे।*
*तापत्रयविनाशाय श्रीकृष्णाय वयं नुमः॥* 🕉️
ऐसा किसी मजहब में सुना देखा कि द्रौपदी पुकारती है 🙏.. अस्ति भाति प्रिय.. साड़ियों में अवतरित हो जाता है दुशासन खींचते खींचते थक गया है.. दुशासन में हाथी का बल था 🐘...नारी है की साडी है...तेरा बाप अवतरित अन्यथा किया कि नहीं किया.. भगवान का अवतार साड़ी में 👗.. अरे अन्यथा कर तुम भी तो है बबलू पहले से...करने में समर्थ.. ना करने में समर्थ अन्यथा करने में समर्थ.. वो तुम्हारा अंतरात्मा का गुण है ✨..
सृष्टि की उत्पत्ति करना.. स्थिति करना उसका पालन करना..कर्म की प्रेरणा देना.. कर्म का फल देना..
इसलिए नानक जी को कहना पड़ा.. 🙏
*तुमरी गति मिति तुम ही जानी*
*नानक दास सदा कुरबानी"* 🌼
ज्ञानी तो जगत को खोजते है धन्यवाद है लेकिन ये जो दिखता है उतना ही नहीं है कई और जगत भी है
🌌 मैंने सुना है सत्संग में एक आदमी गया वो भी कहां से आए वो कुछ नहीं बोले इंडेक्स नंबर तो उसे बताओ कौन से कौन से ब्रह्मांड में कौन से कौन से ग्रह से आज तो बोलो कि हम धरती से आए 🌍 हरिद्वार से आए..इंडेक्स नंबर बोलो नहीं मैंने मैंने हमारी ये समझ रखा तो भी वो पले पले बस ऐसा ही है
तो ये पक्का कर लो ✔️ कि शरीर में नहीं हूं
मेरी मौत सारे दैत्य राक्षस कुछ भी मिलकर शरीर को तो सदा रख नहीं सकते और मेरा नाश नहीं कर सकते ⚔️ यहां तक कि ब्रह्मा विष्णु महेश भी मेरा नाश नहीं कर सकते 🙏 उनके मन में आएगा भी नहीं लेकिन मेरी स्थिति होगी...
महाकाश नाराज हो जाए तो कुल्हड़ों को तोड़ देगा लेकिन कुल्हड़ों के अंदर का जो आकाश है वो महाकाश उनको कैसे तोड़ेगा 🌌 वो तो स्वयं ही है मठाकाश घटाकाश मेघाकाश हृदयाकाश आकाश एक है ये सब अस्ति भाति प्रिय तत्व एक ही है नाम और रूप कुल्हड़ आकाश घटाकाश... तो सारे प्रपंच का रहस्य खुल जाता है ✨
आत्म साक्षात्कार के लिए दो प्रकार के ग्रंथ चलते हैं 📚 और भी कुछ होंगे मुख्य ये आते हैं
एक होते हैं सिद्धांत ग्रंथ और दूसरे होते हैं प्रक्रिया ग्रंथ प्रक्रिया दूसरी तीसरी चौथी पांचवी प्रक्रिया तो योग वशिष्ठ महारामायण सिद्धांत ग्रंथ है..
सिद्धांत पर ले आते हैं बड़ा शॉर्ट रास्ता हो जाता है ✨ शॉर्ट गेम मेरे दिमाग में भी गंदगी मेकाले के कारण पड़ी.. संक्षिप्त होना चाहिए..बोलना चाहिए शॉर्ट कर दिया है ना संसार.. संक्षिप्त रस्ता है..सिद्धांत वाले के लिए...दूसरा है प्रक्रिया ग्रंथ..
*चांदना कुल जहाँ का तू ... बुल्लेशाह प्रकाशस्वरूप है ,इक तेरा घट वध ना होवे यारा*🌙✨
💥तुम सारे जहां के चांदना हो.. सत चित आनंद हो तुम.. तेरे होने से है व्यवहार सारा.. चांदना तुझे सुनता अंधियारा 🌌.. जगना सोना.. हुए तेरे आगे कई बारा.. ऐसा तू चैतन्य है ऐसा तू सच्चिदानंद है..
ऐसी मौज़ की गर्जना कर दी..
🌊 12 साल तो क्या 12 जन्म भी लग जाए. ब्रह्मज्ञानी की कृपा को हजम करना निच लोगों को नहीं होता
कबीर के वचन है 🙏
📿*माला श्वासों श्वास की भकत जगत के बीच*
🌿 *जो फेरे सो गुरुमुखी ना फेरे सो नीच*
कृष्ण ने भी 108 गालियां दी है.. मनुष्य जीवन की जिसको कदर नहीं है ऐसे दुष्टो को 108 गालिया दी है.. ⚡
*न मां दुष्कृतिनो मूढाः प्रपद्यन्ते नराधमाः।*
*माययापहृतज्ञाना आसुरं भावमाश्रिताः।। ७-१५।।*
*नादत्ते कस्यचित्पापं न चैव सुकृतं विभुः ।*
*अज्ञानेनावृतं ज्ञानं तेन मुह्यन्ति जन्तवः ।।* 🕉️
एलोपैथी में साइड इफेक्ट से पूरी दुनिया पीड़ित है। 🌍
मैं भी अछूता नहीं हूं। मेरे को भी मलेरिया हो गया था। 💉
उन्होंने बड़े-बड़े सारे इंजेक्शन डाल दिए थे बोतल में।
मलेरिया तो गया, लेकिन छह साइड इफेक्ट दे गया। ⚠️
आंखें मेरी तिरछी हो गई। 👀
उन्होंने देखा, मैं सत्संग करता हूं उस समय से। फिर से। 🙏
आयुर्वेद में मैंने कान पहने होंगे। आख मेरे तिरछी।
लेकिन ये दो, दो साइड इफेक्ट नहीं हुए।
लीवर और किडनी पर असर, साइड इफेक्ट, सब खराब हो गए।
और इतने में ही रुके नहीं है साइड इफेक्ट।
ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया की तकलीफ हो गई।
उसको बोलते हैं, भयंकर से भयंकर पीड़ा है तो वो है।
हार्ट अटैक की पीड़ा भी नहीं है।
प्रसूति हो वो भी इस पीड़ा के आगे नगण्य है।
ऐसी पीड़ा मैंने झेली है।
इसमें दर्द ऐसा होता है कि वो आदमी खुद आत्महत्या कर ले। ⚠️
उसका नाम दूसरा है, सुसाइड डिसीज।
मैं इसकी भयंकरता बता रहा हूं।
यह भी मैंने बरसों तक झेला।
अभी 60% और नियंत्रण में है।
और दूसरी चीजें भी थोड़ी-थोड़ी मैंने...
आयुर्वेद की खोज की भगवान ब्रह्मा जी ने। 🙏
आपके काम की बात कर रहा हूं।
आपके द्वारा दूसरों भला कर रहा हूं।
तो ये विद्या ब्रह्मा जी की शुद्ध, शुद्ध जगह से स्फुरित हुई। ✨
उसमें आखिरी में वैद्य राज हुए भगवान धन्वंतरि।
महाराज जानते हो?
वो समुद्र से प्रकटे तब अदरक का पौधा लेकर प्रकटे। 🌿
हिपोक्रेटीस मीठा चर्बी नहीं ला सकता या लाए यह हम अपेक्षा भी नहीं कर सकते।
वो भगवान धन्वंतरि के शिष्य हो गए।
मैं उनको भगवान बोलने की हिम्मत रखता हूं।
उन्होंने भी भगवान जैसे ही काम किए।
उन्होंने जाते-जाते एक ग्रंथ लिखा, उसमें चैलेंज कर दिया।
सुनाई पड़ रहा है?
हमारे आयुर्वेद की औषधियों से, आयुर्वेद में भी कई प्रकार की औषधि है।
पेड़, पौधे, जड़ी-बूटियों से जो औषधि बनती है उनको बोलते हैं, खास औषधि। 🌿
सोना है, ऊपर है, चांदी है, लोहा है, पारा है, उनकी भस्मों से जो बनती है उनको बोलते हैं, रस विद्या।
दूसरी यूनानी विद्या, यूनानी औषधि।
उस महापुरुष ने चैलेंज कर दिया।
अपनी सभी औषधियों को तो कर दिया।
लेकिन कहा कि शल्य क्रिया मतलब ऑपरेशन।
लेकिन अभी जो अंधेर मचा है ऑपरेशन का वैसा था नहीं।
जो भी मरीज हो उसको डरा के, पेट काट के प्रसूति कराओ।
उनको तो पैसे मिलते हैं और महिलाएं सारी जिंदगी कमर के दर्द से और साइड इफेक्ट से घिरती हैं।
मुसलमान भाईयों के नहीं बोलते। उनके मजहब में ऐसा नहीं है तो हिंदू माइया थोड़ी भोली भली...
हिंदू लोग सीजरन करा के अपनी जिंदगी तबाह करते है..
क़भी सुना है..हाथी का पेट काट के बच्चा निकाला। 🐘
हाथी का बच्चा कितना होता है?
हाथी का बच्चा तो हाथी होता है।
क़भी सुना है?
अब तुम्हारे बच्चे छोटे छोटे होके पेट कटाने की बात करते है..
गाय के गोबर का रस लो..आराम से होता है।
मैंने कई बार कई जगहों पर कहा।
ये सबसे नहीं हुई बात।
भगवान बोलते हैं, ये नहीं किया, ये हमारी सभी औषधियों से और शल्य क्रिया से आराम ना हुआ हो तो निराश मत होना। 🙏
महाराज।
सभी औषधियों से और शल्य क्रिया से आराम ना हुआ हो तब भी निराश मत होना ये लो मंत्र।
अब उन्होंने उदारता से मंत्र प्रकट कर दिया।
मैं काहे को कंजूसी करता हूं।
करोना मे हॉस्पिटल में लगभग सारे गए। 🏥
जाने में तो सबसे पहला नंबर मेरा ही था।
उम्र के हिसाब से साइड इफेक्ट से।
मैं जाने के चक्कर में भी नहीं कर रहा था।
लेकिन वहां का प्रेसिडेंट समाचार था एक दिन में सबसे पहले तीन दिन डाल दिया उसमें..
मेरा हीमोग्लोबिन तो 3:45 से भी काम था तो आदमी उसी समय मर जाना चाहिए।
मैं तो वेंटिलेटर पर था।
मेरा शरीर छोड़ने का संकल्प हो गया था।
भाग्य सुपरिंटेंडेंट ने मेरे हाथ में हाथ डाला..
वह जानते थे मेरे पीड़ा..
एक के बदले तीन-तीन इंजेक्शन लग गए।
जो भी हो। जानबूझकर तो नहीं किया..
पीड़ा हो रही थी शरीर छोड़ने का मेरा संकल्प हो रहा था...
वो आकर मेरी हिम्मत बढ़ा रहे थे...
मैं सोचता हूं, ये तो मैं सबकी हिम्मत बढ़ाता हूं।
उन्होंने मेरा हाथ हाथ में लिया।
मैंने उनके जाने का संकल्प बता दिया।
और ये मंत्र पढ़ा।
सुनाई पड़ता है महाराज जी?
जो मंत्र आपको देने वाला हूं, उसी मंत्र से मैं जीवित हूं।
मैं शिष्य नहीं बना रहा हूं।
मित्र के नाइ, एक संत के नाई...
ये मंत्र दे के आपका हमारा गुरु शिष्य का संबंध नहीं होगा।
ऐसे ही सुनेंगे। सद्भाव रहेगा।
जीभ तालू में रखो।
मंत्र मन में पढ़ो।
याद रह जाएगा।
*अच्युताय गोविन्दाय अनन्ताय नामभेशजात*.." 🕉️
*नश्यन्ति सर्व रोगानी सत्यं सत्यं वदाम्यहम्॥"*
आप मन में दोहराओ।
याद रह जाएगा।
जीभ तालू में लगा के रखो।
जैसे मोबाइल में सेव, सेव चलता है ना। 📱
ऐसे ही मन में दोहराओ।
अच्युताय गोविंदाय..जीभ तालू में लगा के रखो।
अनंताय नमः।
नश्यन्ति सर्व रोगानी
बहुवचन।
सत्यम सत्यम वदामि।
तीसरी बार बोलता हूं।
याद रह जाएगा।
*🙏 🚩🚩 " ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩 🙏
Tejraftarnews.in: 🌹*सुप्रभातम*🌹
🌹*जय माता दी*🌹
*माता-पिता*
*रात का समय था। आसमान में बादल गरज रहे थे, और सड़कें सुनसान थीं। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के बाहर एक बूढ़ा आदमी भीगी ज़मीन पर बैठा था। उसकी आंखें अस्पताल के गेट पर टिकी थीं, मानो किसी अपने की झलक का इंतज़ार कर रही हों। पांवों में फटी हुई चप्पल, बदन पर पुराना कुरता और माथे पर चिंता की गहरी लकीरें। ठंडी हवा में भी उसका पसीना नहीं रुक रहा था।*
*उसका बेटा, आशीष, एक एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल हो गया था। उसे तुरंत ऑपरेशन की ज़रूरत थी, पर डॉक्टरों ने कहा—खर्चा ज़्यादा होगा, खून की ज़रूरत होगी, इंतज़ाम जल्दी करना होगा। रामनाथ, जो खुद अपनी दवा के लिए भी दूसरों की तरफ देखता था, अब बेटे की जान के लिए खुद को बेच देने को तैयार था।*
*वक्त कुछ साल पीछे चला गया। वही आशीष, जो बचपन में अपने बाप से लिपटकर सोता था, वही आशीष जिसने बड़े होते ही बाप की गरीबी पर शर्म महसूस की थी। एक दिन गुस्से में बोला था, "आपने क्या किया ज़िंदगी में? न पैसा कमाया, न नाम। मैं जब बड़ा बनूंगा, तो किसी से झुककर नहीं मिलूंगा।" और फिर वो शहर चला गया। नौकरी मिली, पैसा आया, रिश्तेदारों के बीच रुतबा बना। लेकिन उस रुतबे की भी एक कीमत थी—अपने पिता को भूल जाना।*
*रामनाथ हर त्यौहार में आशीष का इंतज़ार करता, हर बार सोचता इस बार जरूर आएगा। मोहल्ले वालों को दिखाने के लिए मिठाई का डिब्बा लाकर रखता, लेकिन हर बार वो डिब्बा सूखा ही रह जाता। गांव के एक कोने में, वो बूढ़ा बाप अपने बेटे की कामयाबी का बस नाम सुनता रहा, पर चेहरा नहीं देख पाया।*
*और आज, जब मौत आशीष के दरवाज़े पर खड़ी थी, रामनाथ फिर वही कर रहा था—बिना कुछ मांगे, बिना कोई शिकायत किए, बस उसके लिए दौड़ रहा था। उसने डॉक्टर से कहा, "बेटा बचा लो... मेरी जान भी चाहिए तो ले लो, बस मेरा बेटा बच जाए।" और डॉक्टर ने खून लेकर ऑपरेशन शुरू करवा दिया।*
*कई घंटे बाद जब आशीष को होश आया, तो उसने सबसे पहले पूछा—"मेरे लिए कौन आया?" डॉक्टर ने मुस्कराते हुए कहा, "वो आया है, जिसे तुमने सालों से देखा नहीं, पर जिसने तुम्हें बिना देखे भी हर दिन याद किया। वो, जिसकी फोटो तुमने फ्रेम से हटा दी थी। वो, जिसे तुमने गरीब समझकर छोड़ा था… लेकिन आज उसी के खून से तुम्हारी जान बची है। तुम्हारा बाप।"*
*आशीष की आंखों से आंसू बह निकले। वो उठा, लेकिन रामनाथ अब भी वहीं बाहर बैठा था। जब आशीष उसके पास पहुंचा, तो रामनाथ ने धीरे से कहा, "अब तो पहचान लिया ना बेटा? चल, अब घर चलें।" आशीष कुछ बोल नहीं पाया, बस उसके पैरों में गिर पड़ा।*
उस दिन आशीष ने जाना, _*दुनिया कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाए, कामयाबी कितनी भी ऊंची क्यों न मिल जाए—अगर कोई बिना शर्त, बिना लालच, सिर्फ आपके लिए जीता है, तो वो मां-बाप होते हैं। और उन्हें भूल जाना सबसे बड़ी गरीबी होती है..!!*_
*राम रक्षा स्तोत्र मंत्र*
*राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे । सहस्त्रनाम ततुल्यं रामनाम वरानने ।।*
🚩🚩🚩
👏👏👏
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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*
*!! मानव चरित्र !!*
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एक बार एक जिज्ञासु व्यक्ति ने एक संत से प्रश्न किया, “महाराज, रंग रूप, बनावट प्रकृति में एक जैसे होते हुए भी कुछ लोग अत्यधिक उन्नति करते हैं। जबकि कुछ लोग पतन के गर्त में डूब जाते हैं।
संत ने उत्तर दिया, “तुम कल सुबह मुझे तालाब के किनारे मिलना। तब मैं तुम्हे इस प्रश्न का उत्तर दूंगा। अगले दिन वह व्यक्ति सुबह तालाब के किनारे पहुंचा। उसने देखा कि संत दोनों हाथ में एक एक कमंडल लिए खड़े हैं।
जब उसने ध्यान से देखा तो पाया कि एक कमंडल तो सही है। लेकिन दूसरे की पेंदी में एक छेद है। उसके सामने ही संत ने दोनों कमंडल तालाब के जल में फेंक दिए। सही वाला कमंडल तो तालाब में तैरता रहा।
लेकिन छेद वाला कमंडल थोड़ी देर तैरा, लेकिन जैसे जैसे उसके छेद से पानी अंदर आता गया। वह डूबने लगा और अंत में पूरी तरह डूब गया।
संत ने जिज्ञासु व्यक्ति से कहा- “जिस प्रकार दोनों कमंडल रंग-रूप और प्रकृति में एक समान थे। किंतु दूसरे कमंडल में एक छेद था। जिसके कारण वह डूब गया। उसी प्रकार मनुष्य का चरित्र ही इस संसार सागर में उसे तैराता है। जिसके चरित्र में छेद (दोष) होता है। वह पतन के गर्त में चला जाता है। लेकिन एक सच्चरित्र व्यक्ति इस संसार में उन्नति करता है। जिज्ञासु को अपने प्रश्न का उत्तर मिल गया।
*शिक्षा:-*
जीवन में चरित्र का महत्व सर्वाधिक है। इसलिए हमें चरित्रवान बनना चाहिए..!!
*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*
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*🔥 आज की प्रेरणा प्रसंग 🔥*
*🌹ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा 🌹*
एक भारतीय परिवार के लोग जापान की राजधानी टोक्यो के एक होटल में ठहरे। जब वे बाजार गये तो उन्हें वहाँ आकर्षक जूते दिखायी दिये। उन्होंने बच्चे के लिये एक जोड़ी जूते खरीद लिये। होटल लौटने पर उन्हें पता चला कि जूते कहीं गिर गये।
यह सोचकर कि जूते कोई उठाकर ले गया होगा, उन्होंने जूते ढूँढ़ने का कोई प्रयास नहीं किया।
रात दस बजे होटल में उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया गया, दरवाजा खोला तो एक पुलिस वाले को देखकर उनको आश्चर्य हुआ। उसने उन भारतीय सज्जन को जूतों का बण्डल दिखाते हुए पूछा कि 'क्या यह आपका है?'
भारतीय सज्जन ने आश्चर्य से पूछा- 'आपको कैसे पता चला कि ये जूते हमारे हैं?'
पुलिस वाले ने बताया कि सड़क पर पड़े जूतों को अनेक लोगों ने देखा, परंतु किसी ने उठाया नहीं। उसने बण्डल उठा लिया। खोलकर देखा तो बच्चे के जूते थे। जूतों के स्वामी का पता लगाने के लिये वह ऐसे जूते बेचने वाले दुकानदार से मिला। उसने बताया कि कुछ देर पहले उसने ये जूते एक भारतीय व्यक्ति को बेचे थे। पुलिस वाले ने कई होटलों में फोन करके भारतीय परिवार का पता लगा लिया और वह वहाँ पहुँच गया। इस प्रकार जूते उनके स्वामी तक पहुँचा दिये गये।
कृतज्ञ भारतीय ने उसे धन्यवाद देते हुए कहा- 'मैं समझ गया कि परमाणु बम के हमलों के बाद भी आज यह राष्ट्र इतना समृद्ध और विकसित क्यों है, यह आप लोगों की कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी का परिणाम है।'
*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*
Tejraftarnews.in: राधे - राधे ॥ आज का भगवद् चिंतन॥
*24 अप्रैल 2026*
*🌟 || चरित्र की सुगंध || 🌟*
फूलों को कभी इत्र लगाने की आवश्यकता नहीं होती वो अपनी सुगंधी से स्वयं के साथ-साथ समस्त प्रकृति को सुगंधित करते हैं। अपने अच्छे कार्यों के लिए किसी से प्रमाणपत्र की आश मत रखो, आपके अच्छे कर्म ही स्वयं में सर्वश्रेष्ठ प्रमाणपत्र भी हैं। इत्र की सुगंध तो केवल हवा की दिशा में बहती है पर सद्गुणों की सुगंधी वायु के विपरीत अथवा सर्वत्र बहती है। चरित्र का इत्र ही सबसे प्रभावशाली और सबसे टिकाऊ इत्र है।
आपकी प्रशंसा तब नहीं होती जब आप चाहते हैं अपितु तब होती है, जब आप अच्छे कर्म करते हैं। पानी पीने से प्यास स्वतः बुझती है, अन्न खाने से भूख स्वतः मिटती है और औषधि खाने से आरोग्यता की प्राप्ति स्वतः हो जाती है। इसी प्रकार अच्छे कर्म करने से जीवन में श्रेष्ठता आती है और समाज में आपका सम्मान भी स्वतः बढ़ जाता है। चरित्र की सुगंध तन को नहीं अपितु जीवन को महका देती है।
🙏 *जय श्री राधे कृष्ण* 🙏
Tejraftarnews.in: 2️⃣4️⃣❗0️⃣4️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣
*भगवान श्री कृष्ण क्यों बने अर्जुन के सारथी*
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पीतांबरधारी चक्रधर भगवान श्री कृष्ण महाभारत युद्ध में सारथी की भूमिका में थे। उन्होंने अपनी यह भूमिका स्वयं चयन की थी।
अपने सुदर्शन चक्र से समस्त सृष्टि को क्षण भर में मुट्ठी भर राख बनाकर उड़ा देने वाले या फिर समस्त सृष्टि के पालनकर्ता भगवान श्री कृष्ण महाभारत में अपने प्रिय सखा धनुर्धारी अर्जुन के सारथी बने थे। इस बात से अर्जुन को बड़ा ही अटपटा लग रहा था कि उसके प्रिय सखा कृष्ण रथ को हांकेंगे।
सारथी की भूमिका ही नहीं, अपितु महाभारत रूपी महायुद्ध की पटकथा भी उन्हीं के द्वारा लिखी गई थी और युद्ध से पूर्व ही अधर्म का अंत एवं धर्म की विजय वह सुनिश्चित कर चुके थे। उसके बाद भी उनका सारथी की भूमिका का चयन करना अर्जुन को असहज कर देने वाला था।
भगवान श्री कृष्ण सारथी के संपूर्ण कर्म कर रहे थे। एक सारथी की भांति वह सर्वप्रथम पांडुपुत्र अर्जुन को रथ में सम्मान के साथ चढ़ाने के साथ फिर आरूढ़ होते थे और अर्जुन के आदेश की प्रतीक्षा करते थे। हालांकि अर्जुन उन्हीं के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन के अनुरूप चलते थे, परंतु भगवान कृष्ण अपने इस अभिनय का संपूर्ण समर्पण के साथ निर्वहन करते थे।
युद्ध के अंत में वह पहले अर्जुन को उतारकर ही रथ से उतरते थे। भगवान कृष्ण अर्जुन से युद्ध के पूर्व बोले थे, ‘‘हे परंतप अर्जुन! युद्ध की विजय सुनिश्चित करने के लिए भगवती दुर्गा से आशीष लेना उपयुक्त एवं उचित रहेगा। भगवती दुर्गा के आशीर्वाद के पश्चात ही युद्ध प्रारंभ करना चाहिए।’’
सारथी के रूप में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को एक और सलाह दी थी, ‘‘हे धनुर्धारी अर्जुन! मेरे प्रिय हनुमान जी का आह्वान करो। वह महावीर हैं, अजेय हैं और धर्म के प्रतीक हैं। उन्हें अपने रथ की ध्वजा पर आरूढ़ होने के लिए उनका आह्वान करो।’’
अर्जुन ने यही किया था। सारथी की भूमिका में ही भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में दोनों सेनाओं ने बीच परम रहस्यमयी गीता का गान किया था।’’
भगवान श्री कृष्ण ने सारथी के रूप में अर्जुन के पराक्रम को निखारा ही नहीं, कठिन से कठिनतम क्षणों में उनको सुरक्षित एवं संरक्षित कर अपनी भूमिका को सार्थक किया था। इसलिए तो भीष्म पितामह, अर्जुन को आशीर्वाद देकर बोले, ‘‘हे प्रिय अर्जुन! जिसके सारथी स्वयं भगवान श्री कृष्ण हों, उसे कैसी चिंता! तुम्हारी विजय सुनिश्चित है। तुम ही विजयी होगे-विजयीभव।’’
सारथी भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को धर्म का पाठ तब पढ़ाया जब महादानी सूर्यपुत्र कर्ण के रथ के पहिए धरती में धंस गए थे और तब कर्ण, अर्जुन को धर्म एवं नीति का पाठ पढ़ा रहा था।
उस समय भगवान श्री कृष्ण अर्जुन से बोले, ‘‘हे पार्थ! कर्ण किस मुंह से धर्म की बात कर रहा है। द्रौपदी के चीरहरण के समय, अभिमन्यु के वध के समय, भीम को विष देते समय, लाक्षागृह को जलाने के समय उसका धर्म कहां चला गया था? यही क्षण है कर्ण को समाप्त करने का।’’
भगवान श्री कृष्ण के मार्गदर्शन से ही कर्ण का अंत संभव हो सका। सारथी के रूप में ही भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन से जयद्रथ का वध करने के लिए व्यूह रचना की थी और अर्जुन जयद्रथ का वध कर सके थे।
भगवान श्री कृष्ण ने सारथी की भूमिका का इस खूबी से निर्वाह किया था कि अर्जुन को लग रहा था यदि कान्हा के हाथों में घोड़ों की लगाम न होती तो पता नहीं मेरा क्या होता? यहां भगवान के दृश्य हाथों में घोड़ों की लगाम थी और अदृश्य हाथों में महाभारत के महायुद्ध की समग्र डोर।
महाभारत का युद्ध समाप्त हो गया था। कुरुक्षेत्र में भगवान कृष्ण रथ पर बैठे थे। भगवान कृष्ण के अधरों पर एक निश्छल मुस्कान सदा की भांति बिखरी हुई थी जो आज कुछ और भी गहरी हो गई थी। आज उनके हाव-भाव एवं व्यवहार में कुछ परिवर्तन था।
अर्जुन के भी व्यवहार में आज कुछ परिवर्तन था उसमें भी तनिक अहंकार झलक रहा था..अर्जुन के हाव भाव देख कर भगवान श्री कृष्ण समझ गए अर्जुन में युद्ध जीतने के उपरांत अहम आगया है कि मैने ये महाभारत जीता है।
भगवान श्री कृष्ण सदा की भांति रथ से अर्जुन से पहले नहीं उतरे और अर्जुन से बोले, ‘‘पार्थ! रथ से उतर जाओ। इस पर अर्जुन थोड़ा ठिठका और बोला रथ से तो सारथी पहले उतरता है।
भगवान श्री कृष्ण ने कहा यदि में पहले उतर गया तो तुम उतर नही पाओगे इसलिए कहता हूं पहले उतर जाओ।
अर्जुन थोड़ा सहमा और उतर गया और उसने देखा उसके उतरने के उपरांत ही रथ पर से हनुमान जी का ध्वज भी हवा में उड़ गया।
अर्जुन के रथ से उतरने के पश्चात भगवान श्री कृष्ण रथ से उतरे और कुछ देर मौन रहे, फिर वह धीरे से अर्जुन के कंधे पर हाथ रखकर उन्हें रथ से दूर ले गए। उसके पश्चात जो घटा वह उन सर्वज्ञ भगवान श्री कृष्ण के लिए तो परिचित था, परंतु अर्जुन के लिए विस्मयकारी, अकल्पनीय एवं आश्चर्यजनक था। अनायास ही रथ से अग्रि की लपटें निकलने लगीं और वह एक भयंकर विस्फोट करते हुए जलकर खाक हो गया।
अर्जुन देख रहे थे जो रथ इतने अजेय महारथियों के अंत की कहानी का प्रत्यक्षदर्शी था, आज वह पल भर में नष्ट हो गया। अर्जुन देख रहे थे उस रथ से जुड़े अतीत को, इसी रथ से पूज्य पितामह की देह को अस्त्रों से बींध दिया था। इसी रथ से अनगिनत महारथियों का वध किया था। इसी रथ पर बैठकर उनके प्रिय सखा ने उन्हें गीता का उपदेश दिया था। आज वह राख की ढेरी बन चुका था।
इस घटना से हतप्रभ अर्जुन ने भगवान कृष्ण से कहा, ‘‘हे कान्हा! आपके उतरते ही यह रथ पल भर में भस्मीभूत हो गया। ऐसे कैसे हो गया? इसके पीछे क्या रहस्य है?’’
भगवान कृष्ण बोले, ‘‘हे पार्थ! यह रथ तो बहुत पहले ही नष्ट हो चुका था, इस रथ की आयु तभी समाप्त हो गई थी जब पितामह भीष्म ने इस पर अपने दिव्यास्त्र का प्रहार किया था। इस रथ में इतनी ताकत नहीं थी कि भीष्म पितामाह के अचूक दिव्यास्त्रों को झेल सके। इसके पश्चात इसकी आयु फिर क्षीण हुई, जब इस पर द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महारथियों के भीषण दिव्यास्त्रों का पुन:-पुन: प्रहार होता रहा। यह रथ अपनी मृत्यु का वरण तो कब का कर चुका था।’’
अर्जुन, आश्चर्यमिश्रित भाव से बोले, ‘‘हे कान्हा! यह रथ इतने पहले मृत्यु का वरण कर चुका था, तो फिर यह इतने समय तक चला कैसे? कैसे इतने दिनों तक आपके हाथों सकुशल कार्य करता रहा।’’
भगवान कृष्ण बोले, ‘‘यह सत्य है कि इस दिव्य रथ की आयु पहले ही समाप्त हो चुकी थी, परंतु यह रथ मेरे संकल्प से चल रहा था। इसकी आयु की समाप्ति के पश्चात भी इसकी आवश्यकता थी, इसलिए यह चला। धर्म की स्थापना में इसका महत्ती योगदान था, अत: संकल्पबल से इसे इतने समय तक खींच लिया गया।’’
भगवान कृष्ण आगे बोले, ‘‘धनंजय! भगवान का संकल्प अटूट, अटल और अखंड होता है। यह संकल्प संपूर्ण सृष्टि में जहां कहीं भी लग जाता है, वहां अपना प्रभाव दिखाता है और यह प्रभाव संदेह से परे अवश्य ही पूर्ण परिणाम देने वाला होता है जैसे ही संकल्प पूर्ण होता है, संकल्प की शक्ति वापस भगवान के पास चली जाती है और उसका समय एवं प्रभाव समाप्त हो जाता है। ठीक इसी प्रकार इस रथ पर मेरा संकल्प-बल कार्य कर रहा था और उसके समाप्त होते ही जो हुआ, वह तुमने देखा।’’
भगवान कृष्ण आगे बोले, ‘‘इसीलिए हे अर्जुन! हम सबको भगवान के हाथों यंत्र बनकर अपना कार्य करना चाहिए। यंत्र का कार्य होता है-यंत्री के हाथों में अपना सर्वस्व समर्पण कर देना और उसके आदेशों का पालन करना। इससे कर्तापन का अहंकार समाप्त हो जाता है और जीवन का विकास होता है जिसका जितना योगदान है, उतना ही करना चाहिए और शेष यंत्री के हाथों में छोड़ देना चाहिए। यही जीवन के विकास का रहस्य है।
चलो! अपने शिविर की ओर चलें।’’ भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन पैदल ही शिविर की ओर बढ़ गए..!!
*🙏🙏🏻🙏🏽जय श्री कृष्ण*🙏🏿🙏🏾🙏🏼
Tejraftarnews.in: *जब तुम किसी चीज़ को छुपाने, दबाने या सेंसर करने के लिए गुस्सा करो, लड़ो या हंगामा करो — और उसी वजह से लोगों का ध्यान उस चीज़ पर और ज़्यादा चला जाए।*
इसे इंग्लिश में *"Streisand effect"* कहते हैं।
*Example*: कोई कंपनी अपने खराब प्रोडक्ट का रिव्यू हटवाने के लिए केस कर दे, और केस की खबर से लाखों लोग वो रिव्यू पढ़ने लगें।
इसके अलावा ये भी बोल सकते हो:
1. *Backfire* - दांव उल्टा पड़ जाना
2. *The cover-up is worse than the crime* - छुपाना असली गलती से बड़ी मुसीबत बन गया
*Streisand effect* सबसे सटीक टर्म है इसी सिचुएशन के लिए।
जब *गौतम खट्टर* ने एक तथाकथित ईसाई संत *फ्रांसिस जेवियर* को आतंकवादी कहा और कनवर्टेड ईसाइयों ने FIR करा दी।
अब तक कोई नही जानता था इस आतंकवादी को, किन्तु अब ये प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है इस आतंकवादी का इतिहास पढ़े, इसे आतंकवादी कहकर ही सम्बोधित करें।
जय श्री राम
*tejraftarnews.in: . *जय श्री राम*
*शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 के मुख्य समाचार*
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🔶IEA की चेतावनीः दुनिया पर मंडरा रहा इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट ! यूरोप में स्थिति बेहद गंभीर
🔶ट्रंप का अपनी नौसेना को सख्त आदेश-"Shoot and kill", होर्मुज़ में माइन बिछाने वाली बोट देखते ही उड़ा दो
🔶25-28 रुपए तक महंगा हो सकता है पेट्रोल और डीज़ल, आम आदमी को लगेगा बड़ा झटका
🔶उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा, 300 मीटर गहरी खाई में गिरी गाड़ी; 8 लोगों की मौत
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🔶ट्रंप का दावा धराशायी ! होर्मुज़ में अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ निकले ईरान के 34 टैंकर, कमा लिए 900 मिलियन डॉलर
🔶बंगाल में वोटिंग का नया रिकॉर्ड,पहले फेज में 93% मतदान:ममता बोलीं- SIR के विरोध में बंपर वोटिंग; तमिलनाडु के इतिहास में सबसे ज्यादा 85% वोट पड़े
🔶जयपुर में एक साल तक किराए पर रहा आतंकी:सिर्फ नमाज के लिए बाहर निकलता था, हरियाणा के युवक ने दिलाया था कमरा
🔶Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में बीजेपी उम्मीदवार पर हमला, TMC कार्यकर्ताओं ने सुवेंदु सरकार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
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🔶यूपी में किसानों को बड़ी सौगात, अब 70% तक कम चमक वाला गेहूं भी MSP पर खरीदेगी सरकार
🔶ट्रंप ने भारत और चीन को बताया नरक जैसी जगह, शेयर किया अब तक का सबसे विवादित पत्र
🔶Indore:पांच घंटे में बच्चों को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया, पुलिस ने युवती सहित तीन आरोपी गिरफ्तार किए
🔶UP Board Result: एक ही स्कूल की 44 छात्राओं को गणित में मिले बराबर अंक, बागपत में सामने आया हैरान करने वाला मामला
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🔶LIVE ईरान में कुछ जगहों पर धमाकों की आवाज, इजरायल बोला- US का इशारा मिलते ही जंग फिर होगी शुरू
🔶'ईरान खाली करें इंडियन', भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी, ट्रंप की धमकी से बिगड़ रहे मिडिल ईस्ट के हालात
🔶लगातार दूसरे दिन बाजार में छाई लाली, सेंसेक्स 852 अंक फिसला, निफ्टी 0.84 प्रतिशत गिरा
🔶Maruti Suzuki ने बना डाला रिकॉर्ड, 23.4 लाख यूनिट प्रोडक्शन के साथ कंपनी ने मारी बाजी
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🔶उत्तराखंड: सरकार के अभयारण्यों के संवेदनशील क्षेत्रों में खनन की इजाज़त मांगने वाले 19 प्रस्ताव ख़ारिज
🔶नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह के कार्यकाल के एक महीने के भीतर ही भारत और नेपाल के आपसी रिश्ते में तनाव आता दिख रहा है.
🔶मतदान का रिकॉर्ड बनाने के लिए पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु के मतदाताओं को सलाम: मुख्य निर्वाचन आयुक्त
🔷मुंबई की IPL में सबसे बड़ी हार, चेन्नई ने वानखेड़े किया फतह, 103 रनों की जीत दर्ज कर रचा इतिहास
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*आप का दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात....!*
जय हो: *🔴नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है,*
*⏹️ऑल इंडिया न्यूज़पेपर..✍️*
उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर में दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है जहां एक भीषण सड़क हादसे में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. यह हादसा इतना भयावह था कि एक बोलेरो गाड़ी में आग लगने से उसमें सवार 9 लोग जिंदा जल गए. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य में जुटी टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. पीएमओ के अनुसार, इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी.
*🔷🔶🔜ALL INDIA NEWS.✍️*
T: *_🕉️✡️श्री गणेशाय नम:✡️🕉️_*
*_⚜️🌞दैनिक पंचांग🌙⚜️_*
*_✡️⚡24 - Apr - 2026⚡✡️_*
*_🔱💥New Delhi, India💥🔱_*
*_⚜️🌞पंचांग🌙⚜️_*
*_🔅 तिथि अष्टमी 07:24 PM तक✳️उसके बाद नवमी तिथि 🔥_*
*_🔅शुभ नक्षत्र पुष्य 08:15 PM तक✳️उसके बाद मूलसंज्ञक नक्षत्र आश्लेषा🔥_*
*_🔅 करण :- विष्टि भद्रा है 08:04 AM तक✳️उसके बाद बव 07:24 PM तक🔥_*
*_🔅 पक्ष शुक्ल✳️_*
🔅 योग शूल +01:23 AM
*_🔅 वार शुक्रवार✳️_*
*_☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ👇_*
🔅 सूर्योदय 05:47 AM
🔅 चन्द्रोदय 12:00 PM
*_🔅 चन्द्र राशि कर्क🔥_*
🔅 सूर्यास्त 06:51 PM
🔅 चन्द्रास्त +01:59 AM
🔅 ऋतु ग्रीष्म
*_☀ हिन्दू मास एवं वर्ष👇_*
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 कलि सम्वत 5128
🔅 दिन काल 01:04 PM
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत वैशाख
🔅 मास पूर्णिमांत वैशाख
*_☀ शुभ और अशुभ समय👇_*
*_☀ शुभ समय👇_*
🔅 अभिजित 11:53:24 - 12:45:42
*_☀ अशुभ समय👇_*
🔅 दुष्टमुहूर्त 08:24 AM - 09:16 AM
🔅 कंटक 01:38 PM - 02:30 PM
🔅 यमघण्ट 05:07 PM - 05:59 PM
*_🔅 राहु काल 10:41 AM - 12:19 PM🔥_*
🔅 कुलिक 08:24 AM - 09:16 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 03:22 PM - 04:14 PM
🔅 यमगण्ड 03:35 PM - 05:13 PM
🔅 गुलिक काल 07:25 AM - 09:03 AM
*_☀ दिशा शूल👇_*
🔅 दिशा शूल पश्चिम
*_☀ चन्द्रबल और ताराबल👇_*
*_☀ ताराबल👇_*
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
*_☀ चन्द्रबल👇_*
🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
*_💫🪴 अप्रैल महीने 2026 के इन👇तारीखों में शुभाशुभ मुहुर्त🌹🥀_*
🔅 विवाह मुहूर्त
29th
🔅 मुंडन मुहूर्त
नहीं है।
🔅 गृह प्रवेश मुहूर्त
कोई मुहूर्त नहीं है
🔅 नामकरण मुहूर्त
24, 27, 29
🔅 अन्नप्राशन मुहूर्त
26, 27, 29
🔅 कर्णवेध मुहूर्त
24, 29
🔅 विद्यारम्भ मुहूर्त
24, 29
🔅 उपनयन/जनेऊ मुहूर्त
नहीं है।
🔅 वाहन खरीद मुहूर्त
24, 29
🔅 प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त
25, 26, 27
🔅 सर्वार्थ सिद्धि योग
29
🔅 अमृत सिद्धि योग
नहीं है।
🔅 पंचक
नहीं है।
🔅 भद्रा
24, 27,
*_⚜️लगन👇तालिका⚜️_*
सूर्योदय का समय: 05:47:12
सूर्योदय के समय लग्न मेष चर
08°46′29″
🔅 मेष चर
शुरू: 05:17 AM समाप्त: 06:56 AM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:56 AM समाप्त: 08:52 AM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:52 AM समाप्त: 11:07 AM
🔅 कर्क चर
शुरू: 11:07 AM समाप्त: 01:28 PM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 01:28 PM समाप्त: 03:45 PM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 03:45 PM समाप्त: 06:02 PM
🔅 तुला चर
शुरू: 06:02 PM समाप्त: 08:22 PM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:22 PM समाप्त: 10:41 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:41 PM समाप्त: अगले दिन 00:45 AM
🔅 मकर चर
शुरू: अगले दिन 00:45 AM समाप्त: अगले दिन 02:28 AM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: अगले दिन 02:28 AM समाप्त: अगले दिन 03:55 AM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:55 AM समाप्त: अगले दिन 05:17 AM
*_⚜️6 बजे प्रातः👇 ग्रह स्पष्ट🪷_*
निरायण, Sidereal
ग्रह राशि
निरायण नक्षत्र, पद
निरायण
लग्न मेष 12°52' अश्विनी4 ला
सूर्य मेष9°38' अश्विनी3 चो
चन्द्र कर्क8°34' पुष्य2 हे
बुध मीन19°27' रेवती1 दे
शुक्र वृषभ5°37' कृत्तिका3 उ
मंगल मीन16°47' रेवती1 दे
बृहस्पति मिथुन23°47' पुनर्वसु2 को
शनि मीन14°12' उत्तरभाद्रपदा4 ञ
राहू * कुम्भ12°2' शतभिष2 सा
केतु * सिंह12°2' मघा4 मे
यूरेनस वृषभ5°41' कृत्तिका3 उ
नेपच्यून मीन8°49' उत्तरभाद्रपदा2 थ
प्लूटो मकर11°15' श्रवण1 खी
सायन, Tropical
ग्रह Tropical Position
सायन
लग्न 37°5'
सूर्य 33°51'
चन्द्र 122°47'
बुध 13°40'
शुक्र 59°50'
मंगल 11°1'
बृहस्पति 108°0'
शनि 8°26'
राहू * 336°16'
केतु * 156°16'
यूरेनस 59°54'
नेपच्यून 3°2'
प्लूटो 305°28'
अयनांश लाहिरी / चित्रपक्ष = 24°14'
*_आज के लिए खास_*
*_यहां जो लेख दिये जा रहे हैं यह पूरी तरह जानकारी और अनुभव आधारित है, इसके प्रयोग के लाभ हानि के जिम्मेदार आप स्वयं होंगे इसमें लेखक एवं प्रसारणकर्ता की किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं होगी_*
#मकरलग्न के अनकहे कोड: स्वराशि #सूर्य_शनि की दृष्टियों का तांत्रिक-खगोलीय रहस्य!
क्या आपने कभी सोचा है कि मकर लग्न की कुंडली में #सूर्य और #शनि की स्वराशि स्थिति मात्र संयोग नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की एक गुप्त कोड है—जो आत्मा की कठोर परीक्षा से होकर गुजरती है? कल्पना कीजिए: शनि, मकर का स्वामी, लग्न में विराजमान, जैसे एक कठोर गुरु जो जीवन की नींव को पत्थर की तरह मजबूत बनाता है, जबकि सूर्य, #सिंह राशि में (अष्टम भाव में) चमकता हुआ, मृत्यु-जन्म के द्वार पर खड़ा आत्म-प्रकाश का प्रतीक। लेकिन इनकी दृष्टियाँ—पूर्ण (सप्तम), अर्ध (चतुर्थांशीय कोणीय), एक तिहाई (त्रिकोणीय विक्षेप), एक चौथाई (चतुर्युगीय विभाजन)—ये मात्र ज्योतिषीय नियम नहीं, अपितु उपनिषदों की गहन ऊर्जा-संनादना हैं! आज हम इस रहस्य को खोलेंगे, एक ऐसा शोध जो पारंपरिक ग्रंथों को पार कर, खगोलीय गणित की गहराइयों में उतरकर, प्रत्येक राशि-भाव पर अनछुए प्रभाव उजागर करेगा। और हाँ, यदि ये दृष्टियाँ कष्ट दें, तो #तांत्रिक उपाय भी बताएंगे—जो न केवल समस्या निवारण करेंगे, बल्कि जीवन को एक तांत्रिक मंत्र की तरह परिवर्तित कर देंगे।
#स्वराशि सूर्य-शनि का मूल रहस्य: लग्न की नींव पर खगोलीय संनादना
मकर लग्न में शनि की स्वराशि स्थिति (प्रथम भाव, मकर राशि) एक खगोलीय चमत्कार है—शनि, सूर्य से 9.5 खगोलीय इकाइयों दूर, अपनी कक्षा में 29.5 वर्ष का चक्र पूरा करता हुआ, लग्न को '#मूलाधार_चक्र' की ऊर्जा से भर देता है। गणितीय रूप से, यदि लग्न डिग्री θ हो, तो शनि की स्थिति θ से 0° पर होने से उसकी गुरुत्वाकर्षण ऊर्जा लग्न को 1.2 गुना मजबूत बनाती है (जैसा कि नासा के ग्रहीय मॉडल से प्रेरित Jyotisha गणना में), जिससे जातक कठोर परिश्रम से धनवान होता है, लेकिन भावनात्मक रूप से एकाकी। अब सूर्य, सिंह में (अष्टम भाव, 150° से 180° कोण पर), स्वराशि में होने से अपनी किरणों की तीव्रता को 100% विकीर्ण करता है—खगोलीय रूप से, सूर्य की कोणीय गति 1°/दिन से, अष्टम भाव में यह मंगलिक ऊर्जा को संतुलित करता है, मृत्यु-भय को आत्म-जागरण में बदल देता। लेकिन रहस्य यह: इन दोनों की स्वराशि युति (हालांकि वे अलग भावों में) एक '#विरोधाभासी संनादना' पैदा करती है—सूर्य की अग्नि शनि की मिट्टी को पिघलाती है, जिससे जातक में 'कर्म-फल की तीव्रता' बढ़ जाती है। पारंपरिक ज्योतिष में यह '#पिता_पुत्र_द्वंद्व' का प्रतीक है, किंतु हमारा शोध दर्शाता है कि यह वास्तव में 'आत्मा का क्रूसिबल' है—जहाँ शनि की धीमी कक्षा (2.4°/वर्ष) सूर्य की तीव्रता (360°/वर्ष) को 'फ्रैक्शनल हार्मोनिक्स' से बांधती है, प्रत्येक राशि पर अनोखा प्रभाव डालती।
उपनिषद ज्योतिष शास्त्र के एक गहन श्लोक से प्रकाश डालें: बृहदारण्यक उपनिषद (3.8.11) में कहा गया है, "सूर्यं चन्द्रमसौ विद्यात् शनि: कृष्णत्वमाप्नुयात्"—अर्थात्, सूर्य और चन्द्र की भाँति शनि अंधकार को प्रकाशित करता है। लेकिन Jyotisha संदर्भ में, बृहत् पराशर होरा शास्त्र (अध्याय 27, श्लोक 12) में वर्णित: "#सूर्य_शनि दृष्टौ द्वेषं जनयति, किंतु स्वराशौ संयोगे वीर्यं वर्धते"—यानी, सामान्य दृष्टि में ये द्वेष पैदा करते हैं, किंतु स्वराशि में वीर्य (शक्ति) बढ़ाते हैं। हमारा शोध यह अनकहा जोड़ता है: मकर लग्न में यह संयोग '#क्वांटम_ज्योतिषीय_ओवरलैप' पैदा करता है, जहाँ शनि की 3rd aspect (120° कोण) सूर्य की 7th aspect (180°) से टकराकर, अष्टम भाव को 'रिन्यूअल एनर्जी' से भर देती है—जैसे #ब्लैक_होल की घटना क्षितिज पर प्रकाश का मोड़ना!
प्रत्येक राशि पर दृष्टियों का गहन प्रभाव: खगोलीय गणित से अनावृत कोड
अब गहराई में उतरें—पूर्ण दृष्टि (7th, 180° पूर्ण विपरीत कोण) से शुरू करें। शनि की 7th दृष्टि (लग्न से सप्तम भाव, #कर्क राशि पर) जातक के वैवाहिक जीवन को 'कर्मिक मिरर' बनाती है: खगोलीय रूप से, यदि शनि की लॉन्गिट्यूड λ_s = 270° (मकर), तो 7th aspect पर λ = 90°, जो चंद्र की कक्षा से 0.5° विक्षेप पैदा करता है, भावनात्मक अस्थिरता लाता है। लेकिन सूर्य की 7th दृष्टि (अष्टम से द्वितीय, #वृषभ पर) धन को 'आत्म-प्रकाशित' बनाती—गणना: सूर्य की declination δ ≈ +23° से, यह aspect 0.75 AU की दूरी पर ऊर्जा संतुलन करता है, जिससे जातक धनवान लेकिन किफायती होता। रहस्य? ये दोनों दृष्टियाँ मिलकर '180° फेज शिफ्ट' पैदा करती हैं, जो मकर लग्न को 'ड्यूल एनर्जी फील्ड' देती—कोई आज तक न जानता, लेकिन हमारा विश्लेषण दर्शाता कि यह सिंह राशि (सूर्य) को शनि की 10th aspect (90° आगे, तुला पर) से जोड़कर, करियर में 'अदृश्य सहायता' लाती है!
अर्ध दृष्टि (लगभग 90° चतुर्थांशीय, Saturn की special 4th? लेकिन Vedic में partial as per degrees)—यदि separation 45°-90° हो, तो #शनि की अर्ध दृष्टि मीन राशि (चतुर्थ भाव) पर पड़ती, माता को कष्ट लेकिन बौद्धिक गहराई। गणित: cos(θ) = 0.707 (45°), ऊर्जा का 50% हस्तांतरण, जो मकर जातक को '#इंट्रोस्पेक्टिव जीनियस' बनाता। एक तिहाई दृष्टि (120° त्रिकोणीय, Saturn की 3rd)—यह धनु (12वें भाव) पर, व्यय को 'कर्म-शुद्धि' में बदलती: λ_s से 120° पर sin(120°) = √3/2 ≈ 0.866, 86.6% ऊर्जा प्रवाह, जो मोक्ष की ओर ले जाती। एक चौथाई (90° चतुर्युगीय)—#सूर्य से मेष (दसवें) पर, महत्वाकांक्षा को 'विभाजित' करती: 1/4 orb (7.5°) में, यदि सूर्य 15° सिंह में, तो aspect strength = 1 - (Δ/30) = 0.75, करियर में देरी लेकिन स्थिरता।
प्रत्येक भाव पर: प्रथम (लग्न)—शनि स्वराशि से '#आयरन_विल'। द्वितीय (वृष)—सूर्य दृष्टि से धन, लेकिन शनि 10th से कठोर वाणी। तृतीय (मिथुन)—शनि 3rd से साहस, सूर्य indirect से बुद्धि। चतुर्थ (कर्क)—अर्ध दृष्टि से माता-भूमि संघर्ष। पंचम (सिंह)—सूर्य स्वराशि, संतान सुख लेकिन शनि दृष्टि से विलंब। षष्ठ (कन्या)—विजय लेकिन स्वास्थ्य चिंता। सप्तम (#तुला)—पूर्ण दृष्टि से वैवाहिक परीक्षा। अष्टम (#वृश्चिक)—सूर्य से रहस्य ज्ञान। नवम (धनु)—एक तिहाई से भाग्य। दशम (मकर)—शनि से शीर्ष। एकादश (#कुंभ)—लाभ। द्वादश (मीन)—मोक्ष। यह शोध दर्शाता: ये दृष्टियाँ राशि-चक्र को 'फ्रैक्शनल हार्मोनिक ग्रिड' में बदलतीं, जहाँ मकर लग्न 'ब्रह्मांडीय इंजीनियर' बन जाता!
उपनिषद श्लोकों से शोधात्मक प्रकाश: अनकहा संनादन
उपनिषदों में ज्योतिष का गूढ़ स्वरूप छिपा है—मुण्डक उपनिषद (1.1.5) कहता: "द्वे एव ब्रह्मणो रूपे—सूर्यं प्रकाशं, शनि: तमः"—सूर्य प्रकाश, शनि अंधकार के दो रूप। लेकिन बृहत् संहिता (अध्याय 4, श्लोक 18) में वराहमिहिर: "शनेः दृष्टिर् त्रितीय सप्तम दशमे पूर्णा भवति, सूर्यस्य सप्तमेव"—ये दृष्टियाँ पूर्ण। हमारा अनोखा विश्लेषण: मकर में ये '#तामस_राजस_संनाद' पैदा करतीं, जहाँ सूर्य की 180° aspect शनि की 120° से 'त्रिकोणीय रेजोनेंस' (cos(60°)=0.5) बनाती, आत्म-संघर्ष को शक्ति में बदलती। चाण्डोग्य उपनिषद (3.12.7) से: "सूर्यं शिरः, शनि: पादौ"—ये सिर-पैर का संतुलन। कोई न जानता: यह Capricorn में 'वर्टिकल एनर्जी फ्लो' पैदा करता, कुंडलिनी जागरण का ज्योतिषीय द्वार!
समस्या निवारण: तांत्रिक उपाय जो जीवन को मंत्रमय बनाएं
यदि ये दृष्टियाँ कष्ट दें—जैसे वैवाहिक कलह या करियर विलंब—तो तांत्रिक उपाय अपनाएं। प्रथम, '#सूर्य_शनि_होम': रविवार-शनिवार संध्या में गुग्गुल धूप जलाएं, 'ओम ह्रां ह्रीं सूर्य-शनये नमः' 108 बार जपें—यह खगोलीय ऊर्जा को 30° orb में संतुलित करता। द्वितीय, 'कालभैरव तांत्रिक': शनि की अर्ध दृष्टि से माता-कष्ट हो तो, काले तिल से #भैरव_यंत्र बनाएं, सरसों तेल दीपक जलाएं—उपनिषदिक ऊर्जा से 'तमस् को प्रकाश'। तृतीय, 'अष्टम सूर्य तंत्र': सिंह में सूर्य से भय हो तो, रुद्राक्ष माला पर 'ओम घृणि घौर शनि-रिपु नाशाय फट् स्वाहा' जपें, पीपल वृक्ष को जल अर्पित—यह एक तिहाई दृष्टि को 'शुद्धि' देता। चौथाई दृष्टि के लिए: '#काली_कवच': काली मंगलवार को काले वस्त्र दान, 'ओम क्रीं कालिकायै नमः'—करियर को स्थिर। ये उपाय न केवल निवारण, बल्कि तांत्रिक जागरण हैं—जातक को 'मकर योद्धा' बनाते!
इस गहन यात्रा के अंत में, याद रखें: मकर लग्न का यह रहस्य ब्रह्मांड का एक कोड है—जो कष्ट से शक्ति रचता। क्या आप तैयार हैं इसे जीने को? #ज्योतिष मात्र नहीं, जीवन का तंत्र है!
*_हर हर महादेव🙏_*
👉 *मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता आप है।।*
🪷🪴 *विशेष आग्रह* 🪴🪷
👉 *अपने घर में बच्चों के साथ दैनिक पूजन ,भगवान की आरती, माता, पिता व गुरुजनों को प्रणाम करना व मस्तक पर तिलक एवं शिखा (चोटी) अवश्य धारण करायें व हिन्दू धर्म के संस्कार बच्चों को दें एवं शंखनाद करें और अपने पडोसी को व मित्रों को उपरोक्त संस्कार करने के लिए प्रेरित करें इसके दूरगामी लाभ मिलेंगे ।*
🙏🪴 *आज का दिन आपके लिए मंगलमय हो।*🪴🙏
*_अस्वीकरण(Disclaimer)दैनिक पंचांग, धर्म, ज्योतिष,राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर यहाँ प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं।ज्योतिष एक अत्यंत जटिल विषय है, यहां पूरी सतर्कता के उपरांत भी मानवीय त्रुटि संभव है, अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले अपने स्वविवेक के साथ किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें..._*
*_🪴🪷💫 दैनिक राशिफल💫🪷🪴_*
🐑 *_मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।आस-पास के लोगों का सहयोग आपको सुखद अनुभूति देगा। आप जीवन में पैसे की अहमियत को नहीं समझते लेकिन आज आपको पैसे की अहमियत समझ में आ सकती है क्योंकि आज आपको पैसे की बहुत आवश्यकता होगी लेकिन आपके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। जो लोग अपनेे प्रेमी से दूर रहते हैं उन्हें आज अपने प्रेमी की याद सता सकती है। रात के वक्त प्रेमी से घंटों फोन पर बात कर सकते हैं। अगर आप अनुभवी लोगों की राय लेंगे और अपने काम में नई सोच इस्तेमाल करेंगे, तो लाभ मिलेगा। दूसरों को यह बताने के लिए ज़्यादा उतावले न हों कि आज आप कैसा महसूस कर रहे हैं। वैवाहिक जीवन में निजता का ध्यान रखना भी आवश्यक है। लेकिन आज के दिन आप दोनों ज़्यादा-से-ज़्यादा एक-दूसरे के क़रीब जाना चाहेंगे।_*
*_उपाय :- चटाई का प्रयोग सोने के लिए करने से आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।_*
🐂 *_वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।आप आज ऊर्जा से भरपूर होंगे और कुछ असाधारण करेंगे। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। ऐसी जानकारी ज़ाहिर न करें, जो व्यक्तिगत और गोपनीय हो। आपकी आँखें चमकने लगेंगी और धड़कनें तेज़ हो जाएंगी, आज जब आप अपनी सपनों की राजकुमारी से मिलेंगे। ख़ुद को अभिव्यक्त करने के लिए अच्छा समय है- और ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कीजिए, जो रचनात्मक हों। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत उम्दा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। अपने जीवनसाथी के चलते आप महसूस करेंगे कि स्वर्ग धरती पर ही है।_*
*_उपाय :- खटाई वाली चीजें नींबू , इमली या गोल-गप्पे छोटी कन्याओं में बाँटने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।_*
👩❤️👨 *_मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।बहुत ज़्यादा खाने से बचें और अपने वज़न पर नज़र रखें। आज आपको अपना धन खर्च करने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्योंकि घर का कोई बड़ा आज आपको धन दे सकता है। घर को सजाने-संवारने के लिए अपने खाली समय का उपयोग करें। इसके लिए आप परिवार से सराहना पाएंगे। आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। अपने चारों ओर होने वाली गतिविधियों का ध्यान रखें, क्योंकि आपके काम का श्रेय कोई दूसरा ले सकता है। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत उम्दा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। अपने जीवनसाथी के किसी छोटी बात को लेकर बोेले गए झूठ से आप आहत महसूस कर सकते हैं।_*
*_उपाय :- दिन के किसी एक भोजन में नमक न खाएं इससे प्रेम सम्बन्ध अच्छे रहेंगे।_*
🦀 *_कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।दिन की शुरुआत आप योग ध्यान से कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और सारे दिन आपमें ऊर्जा रहेगी। अगर सफर कर रहे हैं तो अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें अगर आप ऐसा नहीं करते तो सामान के चोरी होने की संभावना है। किसी पारिवारिक भेद का खुलना आपको चकित कर सकता है। कोई पौधा लगाएँ। आज के दिन आप कार्यक्षेत्र में कुछ बढ़िया कर सकते हैं। सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन दिन है। अगर आपके जीवनसाथी का मन खिन्न है और चाहते हैं की दिन अच्छा गुज़रे, तो चुप्पी साधे रहें।_*
*_उपाय :- अपने घर में अपने इष्टदेव की चाँदी की मूर्ति स्थापित करके उनकी नियमित पूजा करने से धन वृद्धि होगी।_*
🦁 *_सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।आज आप ऊर्जा से लबरेज़ होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। जो लोग काफी वक्त से आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे उन्हें आज कहीं से धन प्राप्त हो सकता है जिससे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। ग़ैर-ज़रूरी चीज़ों पर रुपये ख़र्च कर आप अपने जीवन-साथी को नाराज़ कर सकते हैं। बहुत ख़ूबसूरत और प्यारे इंसान से मिलने की प्रबल संभावना है। काम में पेशेवर रवैया आपको सराहना दिलाएगा। इस राशि के जातक खाली वक्त में आज किसी समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर सकते हैं। आप अपने जीवन की कुछ यादगार शामों में से एक आज अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैंं।_*
*_उपाय :- अपने इष्टदेव की सोने या कांसे की मूर्ति बनाकर किसी भी धर्मस्थान में देने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।_*
👰🏻♀ *_कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।दोस्त आपका परिचय किसी ख़ास इंसान से कराएंगे, जो आपकी सोच पर गहरा प्रभाव डालेगा। तंग आर्थिक हालात के चलते कोई अहम काम बीच में अटक सकता है। बहन का स्नेह आपको प्रोत्साहन देगा। लेकिन छोटी-मोटी बातों पर आपा खोने से बचें, क्योंकि इससे आपके हितों को नुक़सान पहुँचेगा। आपको अपने प्रिय के साथ समय बिताने की ज़रूरत है, ताकि आप दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह से जान व समझ सकें। अपने बॉस/वरिष्ठों को घर पर बुलाने के लिए अच्छा दिन नहीं है। कोई आध्यात्मिक गुरू या बड़ा आपकी सहायता कर सकता है। वैवाहिक जीवन में सूखे-सर्दीले दौर के बाद आपको धूप नसीब हो सकती है।_*
*_उपाय :- किसी साधु या अपंग व्यक्ति को चारपाई का दान करने से आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।_*
⚖️ *_तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।सेहत से जुड़े कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। इस राशि के कारोबारियों को आज अपने घर के उन सदस्यों से दूर रहना चाहिए जो आपसे पैसा मांगते हैं और फिर लौटाते नहीं हैं। परिवार के सदस्य आपके नज़रिए का समर्थन करेंगे। मुमकिन है कि आज आपकी आँखें किसी से चार हो जाएँ- अगर आप अपने सामाजिक दायरे में उठेंगे-बैठेंगे तो। इस राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में आवश्यकता से अधिक बोलने से बचना चाहिए नहीं तो आपकी छवि पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इस राशि के कारोबारियों को किसी पुराने निवेश की वजह से आज घाटा होने की संभावना है। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत उम्दा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। समय की कमी की वजह से आप दोनो के बीच निराशा या कुंठा के भाव पनप सकते हैं।_*
*_उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में तरक्की हेतु कभी घमंड न करें और सब कुछ ईश्वर की कृपा मानें।_*
🦂 *_वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।अपना मूड बदलने के लिए सामाजिक मेलजोल का सहारा लें। अनचाहा कोई महमान आज आपके घर आ सकता है जिसके आने से आपको घर के उन समानों पर भी खर्चा करना पड़ सकता है जिनको आपने अगले महीने पर टाला हुआ था। प्रभावशाली और महत्वपूर्ण लोगों से परिचय बढ़ाने के लिए सामाजिक गतिविधियाँ अच्छा मौक़ा साबित होंगी। सच्चे और पवित्र प्रेम का अनुभव करें। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। कुछ लोगों के लिए आकस्मिक यात्रा दौड़-भाग भरी और तनावपूर्ण रहेगी। यह समय जीवन में आपको वैवाहिक जीवन का भरपूर आनन्द देगा।_*
*_उपाय :- जेब में हरे रंग का रुमाल रखना आर्थिक स्थिति के लिए शुभ है।_*
🏹 *_धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।उन भावनाओं को पहचानें, जो आपको प्रेरित करती हैं। डर, शंका और लालच जैसी नकारात्मक भावनाओं को छोड़ें, क्योंकि ये विचार उन चीज़ों को आकर्षित करते हैं, जो आप नहीं चाहते हैं। करीबी रिश्तेदारों के घर जाना आज आपकी आर्थिक स्थिति को बिगाड़ सकता है। रिश्तेदारों के यहाँ जाना उससे काफ़ी बेहतर रहेगा, जितना आप सोच सकते हैं। भावनात्मक उथल-पुथल आपको परेशान कर सकती है। व्यवसायियों के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि उन्हें अचानक बड़ा फ़ायदा हो सकता है। जो लोग बीते कुछ दिनों से काफी व्यस्त थे उन्हें आज अपने लिए फुर्सत के पल मिल सकते हैं। ज़रूरत के वक़्त आपका जीवनसाथी आपके परिवार की अपेक्षा अपने परिवार को ज़्यादा तरजीह देता हुआ नज़र आ सकता है।_*
*_उपाय :- बुध विष्णु रूप होने से इसकी प्रसन्नता के लिए हो सके तो मांस, मदिरा का सेवन बिलकुल न करें। इससे आर्थिक उन्नति होगी।_*
🐊 *_मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।अनचाहे ख़यालों को दिमाग़ पर कब्ज़ा न करने दें। शांत और तनाव-रहित रहने की कोशिश करें, इससे आपकी मानसिक दृढ़ता बढ़ेगी। आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा पैसा होगी। परिवार के लोगों के बीच पैसे को लेकर आज कहासुनी हो सकती है। पैसों के मामलों में आपको परिवार के सभी लोगों को स्पष्ट होने की सलाह देनी चाहिए। अपने प्रिय की ईमानदारी पर शक न करें। दफ़्तर में आपको कुछ ऐसा काम मिल सकता है, जिसे आप हमेशा से करना चाहते थे। आज आपको महत्वपूर्ण मामलों पर ध्यान लगाने की ज़रूरत है। आज के दिन आप वैवाहिक जीवन का असली स्वाद चख सकते हैं।_*
*_उपाय :- सफेद कपड़ों को ज्यादा से ज्यादा पहने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।_*
⚱️ *_कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।आज के मनोरंजन में बाहर की गतिविधियों और खेल-कूद को शामिल किया जाना चाहिए। आर्थिक तौर पर बेहतरी के चलते आपके लिए ज़रूरी चीज़ें ख़रीदना आसान होगा। पारिवारिक समारोह और महत्वपूर्ण अवसरों के लिए अच्छा दिन है। कुछ लोगों के लिए जल्द ही शादी की शहनाई बज सकती है, जबकि दूसरे ज़िन्दगी में नए रोमांस का अनुभव करेंगे। अगर आप अपने लक्ष्यों को पाने के लिए एकाग्रता सए ध्यान केंद्रित करेंगे तो आपकी उपलब्धियाँ आपकी उम्मीदों से ज़्यादा होंगी। खेलकूद जीवन का जरुरी हिस्सा है लेकिन खेलकूद में इतने भी व्यस्त न हो जाएं कि आपकी पढ़ाई में कमी आ जाए। अगर आप वैवाहिक तौर पर लंबे समय से कुछ नाख़ुश हैं, तो आज के दिन आप हालात बेहतर होते हुए महसूस कर सकते हैं।_*
*_उपाय :- आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए जलन, डाह और ईर्ष्या से बचें।_*
🐬 *_मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।अपने शरीर की थकान मिटाने और ऊर्जा-स्तर को बढ़ाने के लिए आपको पूरे आराम की ज़रूरत है, नहीं तो शरीर की थकावट आपके मन में निराशावादिता को जन्म दे सकती है। आज सफलता का मंत्र यह है कि उन लोगों की सलाह पर पैसे लग
विक्की प्रजापत की रिपोर्ट..?
T: *🕉️🟢 ॐ गं 🟢🕉️*
*🌞पञ्चाङ्ग 24 _ अप्रैल _ 2026 🌞*
⛅ *दिन _ शुक्रवार*
⛅ *विक्रम संवत _ 2083 रौद्र*
⛅ *शाक संवत _ 1948*
⛅ *सूर्यायन _ उत्तरायण*
⛅ *ऋतु _ ग्रीष्म*
⛅ *मास _ वैशाख*
🌕 *पक्ष _ शुक्ल*
⛅ *तिथि _ अष्टमी शाम 07:22 तक तत्पश्चात नवमी*
🌟 *नक्षत्र _ पुष्य रात्रि 08:14 तक तत्पश्चात अश्लेषा*
⛅ *योग _ शूल रात्रि 01:24 तक तत्पश्चात गण्ड*
⛅ *करण _ विष्टि 08:01 तक तत्पश्चात बव*
🌑 *राहुकाल _ सुबह 10:42 से 12:19:30 तक*
🌞 *सूर्योदय _ 06:00*
🌒 *सूर्यास्त _ 06:49*
🌞 *सूर्य राशि _ मेष*
🌜 *चन्द्र राशि _ कर्क*
💫 *दिशाशूल _पश्चिम दिशा में*
🦜 *व्रत_पर्व_विवरण _ दुर्गाष्टमी ,माँ देवी बगलामुखी जयंती,भद्रा 8:06तक ,रवियोग*
🧭 *पं. तपेश_अवस्थी* 📱#9549999840
1️⃣ *शुक्रवार 🔺के #शुभाशुभ_मुहूर्त*
राहुकाल 10:42 -12:19
यमगण्ड 15:33 - 17:10
गुलीक काल 07:27 - 09:05
*अभिजित 11:59 -12:50*
दूर मुहूर्त 02:37 - 02:39
दूर मुहूर्त 02:48 - 02:50
2️⃣🌞 *दिन_का_चौघड़िया*
*चर 06:00 - 07:27 शुभ*
*लाभ 07:27 - 09:04 शुभ*
*अमृत 09:04 - 10:41 शुभ*
काल 10:41 - 12:18 अशुभ
*शुभ 12:18 - 01:55 शुभ*
रोग 01:55 - 03:32 अशुभ
उद्वेग 03:32 - 05:10 अशुभ
*चर 05:10 - 06:47 शुभ*
3️⃣🌒 *रात_का_चौघड़िया*
रोग 06:47 - 08:09 अशुभ
काल 08:09 - 09:32 अशुभ
*लाभ 09:32 - 10:55 शुभ*
उद्वेग 10:55 - 12:18 अशुभ
*शुभ 12:18 - 01:40 शुभ*
*अमृत 01:40 - 03:03 शुभ*
*चर 03:03 - 04:26 शुभ*
रोग 04:26 - 05:59 अशुभ
4️⃣🌞 *दिन_का_होरा*
शुक्र 06:00 - 07:00
बुध 07:00 - 08:00
चन्द्र 08:00 - 09:00
शनि 09:00 - 10:00
गुरु 10:00 - 11:00
मंगल 11:00 - 12:00
सूर्य 12:00 - 13:00
शुक्र 13:00 - 14:00
बुध 14:00 - 15:00
चन्द्र 15:00 - 16:00
शनि 16:00 - 17:00
गुरु 17:00 -18:00
5️⃣🌒 *रात_का_होरा*
मंगल 18:00 -19:00
सूर्य 19:00 - 20:00
शुक्र 20:00 - 21:00
बुध 21:00 - 22:00
चन्द्र 22:00 - 23:00
शनि 23:00 - 24:00
गुरु 24:00 - 01:00
मंगल 01:00 - 02:00
सूर्य 02:00 - 03:00
शुक्र 03:00 - 04:00
बुध 04:00 - 05:00
चन्द्र 05:00 - 05:59
🕉️ *#माँ_पीताम्बरा_ज्योतिष_केंद्र*🕉️
*#ज्योतिष_CUSTOMIZED #VEDIK_VAASTU#वास्तु(नक़्शे)-#PDF_KUNDLI_वैदिक_कर्मकांड*
🔻 *पं.#तपेश_अवस्थी*🔻
*📱#9549999840*
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