जानलेवा सर्दी, हार्टअटैक-ब्रेन स्ट्रोक से 12 दिन में 23 मौतें:ग्वालियर में 400 मरीज पहुंचे, अस्पताल में बेड कम पड़े; जमीन पर लिटाना पड़ा

Jan 10, 2026 - 18:26
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जानलेवा सर्दी, हार्टअटैक-ब्रेन स्ट्रोक से 12 दिन में 23 मौतें:ग्वालियर में 400 मरीज पहुंचे, अस्पताल में बेड कम पड़े; जमीन पर लिटाना पड़ा
ग्वालियर में पड़ रही कड़ाके की सर्दी अब जान पर भारी पड़ रही है। बीते 12 दिनों में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से 23 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि जयारोग्य अस्पताल (JAH) में बेड कम पड़ गए हैं और कई मरीजों को जमीन पर लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है। जयारोग्य अस्पताल समूह (JAH) में बीते 15 दिन में हार्ट अटैक के 308 और ब्रेन स्ट्रोक के 123 मरीज पहुंचे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक सर्दी के कारण नसें सिकुड़ जाती हैं और खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कई मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले या इलाज शुरू होते ही दम तोड़ रहे हैं। युवाओं में ज्यादा खतरा, मल्टीपल ब्लॉकेज इस साल अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों में 30 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लोग ज्यादा हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कई युवाओं में एक से अधिक ब्लॉकेज पाए जा रहे हैं, जो पहले कम देखने को मिलते थे। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान, शराब और डायबिटीज सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक के खतरे को और बढ़ा देते हैं। किसी भी दर्द को न करें नजरअंदाज कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव कवि साय के मुताबिक इस बार कम उम्र के युवाओं में भी कार्डियक अरेस्ट के केस सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दांत, छाती या पेट में असामान्य दर्द को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। सुबह जल्दी ठंड में टहलना खतरनाक वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राम रावत ने चेतावनी दी है कि खासकर हार्ट मरीजों को अत्यधिक ठंड में सुबह टहलने से बचना चाहिए। अचानक ठंड में बाहर निकलना जानलेवा हो सकता है। डॉक्टरों ने लोगों से सर्दी के मौसम में सतर्क रहने, शरीर को ढककर रखने, नियमित जांच कराने और अचानक किसी भी तरह की तकलीफ होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है। सर्दी में नसों में थक्के बनने की संभावना ज्यादा न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश उनियाल ने बताया कि सर्दी के मौसम में खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे नसों में थक्के (क्लॉट) बनने की संभावना बढ़ जाती है। जब ये क्लॉट दिमाग तक खून की सप्लाई को रोक देते हैं, तो ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ब्रेन स्ट्रोक क्या है? ब्रेन स्ट्रोक का मतलब है कि हमारे ब्रेन की आर्टरीज के फटने से या ब्लॉकेज के कारण ब्रेन सेल्स तक पहुंचने वाला ब्लड फ्लो रुक गया है। इससे ब्रेन तक ऑक्सीजन सप्लाई रुक जाती है और ब्रेन सेल्स मरने लगती हैं। इसके लक्षण बहुत तेजी से और बिना किसी चेतावनी के सामने आते हैं। इसे पहचानने के लिए अमेरिकन स्ट्रोक एसोसिएशन ने FAST ट्रिक बनाई है। ग्राफिक में देखिए:

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला