बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी शुरू:पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल, 27 अप्रैल से जारी होगा प्रपत्र-1; राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किए निर्देश

Apr 23, 2026 - 16:04
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बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी शुरू:पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल, 27 अप्रैल से जारी होगा प्रपत्र-1; राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किए निर्देश
बिहार में पंचायत आम निर्वाचन 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में सभी जिला पदाधिकारियों को विशेष आदेश जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इस बार पंचायत चुनाव से जुड़ी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से पूरा किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और कामकाज अधिक व्यवस्थित तरीके से संपन्न होगा। सूचना जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए “प्रपत्र-1” का फिर प्रकाशन करने का निर्णय लिया है। पंचायत स्तरीय पदों के लिए होगा आंकड़ों का संकलन जिला पदाधिकारियों को दिए गए निर्देश के अनुसार विभिन्न पंचायत स्तरीय पदों के लिए आवश्यक आंकड़ों का संकलन और प्रकाशन किया जाएगा। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों के निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े आंकड़े शामिल रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया चुनाव की प्रारंभिक और महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके आधार पर आगे की तैयारियां तय होंगी। जहां बदलाव नहीं, वहां पुराने आंकड़े होंगे लागू निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में वर्ष 2015 के बाद कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, वहां पहले से प्रकाशित आंकड़ों का ही उपयोग किया जाएगा। इससे अनावश्यक दोहराव से बचा जा सकेगा और प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। बदले क्षेत्रों में नए सिरे से बनेगा डेटा जिन पंचायतों, वार्डों या क्षेत्रों में सीमा, जनसंख्या या अन्य प्रशासनिक बदलाव हुए हैं, वहां नए सिरे से डेटा एकत्र किया जाएगा। ऐसे क्षेत्रों के लिए अलग से प्रपत्र तैयार कर अद्यतन जानकारी दर्ज की जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की त्रुटि न रहे। 27 अप्रैल को जारी होगा प्रारूप “प्रपत्र-1” का प्रारूप 27 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद आम जनता को इसे देखने और अपनी आपत्ति या सुझाव देने का अवसर मिलेगा। यह कदम लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है, क्योंकि स्थानीय लोग भी अपने क्षेत्र से जुड़ी जानकारी पर प्रतिक्रिया दे सकेंगे। 11 मई तक दर्ज कर सकेंगे आपत्ति और सुझाव राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक संबंधित प्राधिकृत पदाधिकारी के कार्यालय में आपत्तियां और सुझाव जमा किए जा सकेंगे। लोग लिखित रूप में अपनी आपत्ति, संशोधन सुझाव या अन्य संबंधित मांग प्रस्तुत कर सकेंगे। 14 मई तक होगा निपटारा प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का निपटारा 14 मई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हर आपत्ति का समयबद्ध तरीके से परीक्षण कर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। असंतुष्ट होने पर अपील का मौका यदि कोई व्यक्ति आपत्ति के निपटारे से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे अपील करने का अवसर भी दिया जाएगा। अपील से जुड़े मामलों का निपटारा 18 मई से 22 मई 2026 के बीच किया जाएगा। इससे लोगों को दूसरी स्तर की सुनवाई का मौका मिलेगा। 25 मई को अंतिम प्रकाशन सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद “प्रपत्र-1” का अंतिम प्रकाशन 25 मई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 29 मई 2026 को इसे जिला गजट में आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दिया जाएगा। इसके साथ पंचायत चुनाव की आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया को गति मिलेगी। अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण पूरी डिजिटल प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। तकनीकी प्रणाली, डेटा अपलोडिंग और प्रक्रिया संचालन को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रशासन का कहना है कि डिजिटल सिस्टम से त्रुटियों में कमी आएगी और काम तेजी से पूरा होगा। निष्पक्ष और विवादमुक्त चुनाव पर जोर जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उद्देश्य यह है कि पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया बिना किसी विवाद के सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके और ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत आधार मिले।

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