रूस-यूक्रेन जंग खत्म! ट्रंप ने कहा कि युद्ध रोकने वाला समझौता बहुत करीब, इसके मायने क्या?
15 दिसंबर को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि हम अब जंग रोकने के पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं. उन्होंने बताया कि जेलेंस्की के साथ-साथ ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और नाटो (NATO) के नेताओं से उनकी बहुत लंबी और बहुत अच्छी बातचीत हुई है. यह बयान उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की और कई यूरोपीय नेताओं के साथ हुई मीटिंग के बाद दिया.
यूक्रेन को नाटो के आर्टिकल 5 जैसी सुरक्षा
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप के स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर से लगातार दूसरे दिन बात की. यह बातचीत ट्रंप की शुरुआती प्रस्ताव पर आधारित थी, जिसका मकसद युद्ध खत्म करना है. यूरोपीय नेताओं ने प्रस्ताव दिया है कि शांति समझौते को लागू करने के लिए एक बहुराष्ट्रीय फोर्स तैनात की जाए.
यह अमेरिका समर्थित मजबूत सुरक्षा गारंटी का हिस्सा होगा. अमेरिका की तरफ से यूक्रेन को नाटो के आर्टिकल 5 जैसी सुरक्षा दी जा सकती है, यानी एक पर हमला सब पर हमला माना जाएगा.
अमेरिका सीजफायर मॉनिटरिंग सिस्टम बनाएगा
यह सिस्टम युद्धविराम के उल्लंघन की निगरानी करेगा और भविष्य के हमलों की चेतावनी देगा. यूक्रेन की सेना शांति काल में 8 लाख सैनिकों की हो सकती है और उसे बड़ा सैन्य समर्थन मिलता रहेगा. जेलेंस्की ने अमेरिका की नई सुरक्षा गारंटी की तारीफ की, लेकिन कहा कि इलाकों को छोड़ने के सवाल पर अभी मतभेद हैं.
ट्रंप का मानना है कि यूक्रेन को रूस को कुछ इलाके देने पड़ेंगे, लेकिन जेलेंस्की इसे मानने को तैयार नहीं हैं.
पुतिन को यूक्रेन के इलाकों पर कब्जा चाहिए
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के इन इलाकों पर कब्जा चाहते हैं. अमेरिका चाहता है कि यूक्रेन डोनबास इलाके (डोनेट्स्क और लुगांस्क) से पीछे हटे, लेकिन यूक्रेन मना कर रहा है. रूस अभी लुगांस्क का लगभग पूरा इलाका और डोनेट्स्क के 80 फीसदी हिस्से पर कंट्रोल किया हुआ है.
अभी यूक्रेन के इलाकों पर कोई समझौता नहीं हुआ है और रूस की तरफ से नई प्रस्तावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. बातचीत जारी है और अमेरिकी अधिकारी कह रहे हैं कि सुरक्षा गारंटी की पेशकश हमेशा नहीं रहेगी.
यूक्रेन नाटो का हिस्सा नहीं बनेगा
ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि यूक्रेन का नाटो में शामिल होना नहीं होगा. ट्रंप ने कीव की नाटो महत्वाकांक्षा को रूस के हमले की वजह बताया था. जर्मन चांसलर फ्रीडरिच मर्ज ने ट्रंप की हालिया बातचीत को 'असली शांति प्रक्रिया की संभावना' बताया और अमेरिकी सुरक्षा गारंटी को 'महत्वपूर्ण' कहा है.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

