सीएम नीतीश ने 4954 ANM को नियुक्ति पत्र सौंपा:पटना में एएनएम बोलीं- नीतीश जी यहीं रहें, बिहार को नई ऊंचाई तक पहुंचाएं
पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का उद्घाटन नीतीश कुमार ने किया। मुख्यमंत्री नीतीश ने चार एएनएम को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपा। आज बिहार के 4954 एएनएम (ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ) को नियुक्ति पत्र बांटा गया है। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के साथ स्वास्थ्य विभाग के सचिव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। यह कदम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर नर्सिंग स्टाफ की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई वर्षों से इंतज़ार था, आज नियुक्ति पत्र मिला- सोनी कुमारी गया कि रहने वाली लवली ने बताया कि, काफी खुशी हैं, नियुक्ति पत्र का कई वर्षों से इंतज़ार कर रही थी। कई बार एग्जाम भी दी, लेकिन आज नियुक्ति पत्र मिला और इससे भी ज्यादा इस बात की खुशी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सामने से देखने का मिला।' गयाजी जिले की ANM रंकी कुमारी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने से काफी खुश दिखीं। नीतीश कुमार बिहार में ही सत्ता पर रहें- लवली कुमारी लवली कुमारी ने कहा कि, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार छोड़ कर जा रहे हैं, इससे महिलाओं में काफी मायूसी है। जिस तरह से नीतीश जी ने बिहार को एक बड़ी उपलब्धि दी, बिहार को नई रफ़्तार दी। राज्य के स्वास्थ ढांचे को मिलेगी मजबूती स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ये नियुक्तियां लंबे समय से लंबित प्रक्रिया का हिस्सा थीं, जिन्हें अब अंतिम रूप दिया गया है। सरकार का उद्देश्य राज्य के हर क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना है। प्राथमिक चिकित्सा में है ANM की अहम भूमिका एएनएम स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं, जो टीकाकरण, प्रसव सेवाओं और प्राथमिक चिकित्सा में अहम भूमिका निभाती हैं। इतनी बड़ी संख्या में एएनएम की नियुक्ति को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। इस पहल से सरकार न केवल रोजगार सृजित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने की दिशा में भी मजबूत कदम उठा रही है। इस मौके पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आज का दिन राज्य के स्वास्थ्य विभाग के लिए ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं, जिससे आम लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल पा रहा है। स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी मंगल पांडेय ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा 4954 एएनएम की बड़ी नियुक्ति की गई है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इनमें से 4197 एएनएम को स्वास्थ्य उपकेंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में, 458 को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) में और 299 को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किया गया है। इस नियुक्ति के बाद राज्य में 2250 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र सक्रिय हो जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार के 14,600 से अधिक गांवों और पंचायतों में स्वास्थ्य उपकेंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं। पहले जहां अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम रहती थी, वहीं अब हर महीने हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ते जन विश्वास को दर्शाता है। एक वर्ष में विभाग ने कुल 20,413 नियुक्तियां की हैं स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में विभाग ने कुल 20,413 नियुक्तियां की हैं। इनमें से 11,251 नियुक्तियां राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से एनएचएम के तहत हुई हैं, जबकि 9162 अन्य नियुक्तियां भी की गई हैं। इन पदों में एएनएम, विशेषज्ञ डॉक्टर, जनरल मेडिकल ऑफिसर, आयुष चिकित्सक और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर जहां स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर तेजी से मानव संसाधन की कमी भी दूर कर रही है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने नव नियुक्त एएनएम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं और मरीजों के इलाज में उनकी भूमिका बेहद अहम है। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, संयुक्त सचिव डॉ. अनुपमा सिंह, प्रशासी पदाधिकारी राजेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव अमिताभ सिंह समेत बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
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