आज दोपहर 🕛 और अन्य भारतीय टीम कारण बन गए एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार किए

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Dec 7, 2025 - 13:59
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आज दोपहर 🕛 और अन्य भारतीय टीम कारण बन गए एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार किए

TRN: *बिलों में गड़बड़ी: जो अधिकृत नहीं थे, उन अफसरों ने पास कर दिए 59,564 बिल; कैग की रिपोर्ट में खुलासा*

*हिमाचल प्रदेश के कोषागारों में अप्रैल 2017 से मार्च 2022 के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। ये खुलासा कैग की रिपोर्ट में हुआ है।*

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षा (कैग) की रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश में कई वित्तीय अनियमितताओं और कुप्रबंधन का खुलासा हुआ है। इसमें राजस्व को करोड़ों का नुकसान हुआ है। प्रदेश के कोषागारों में अप्रैल 2017 से मार्च 2022 के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन के पटल पर रखी। लेखा परीक्षा ने ई-सैलरी डाटाबेस की तालिकाओं के साथ एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली डाटाबेस की तालिकाओं की जांच की और पाया कि अप्रैल 2017 व मार्च 2022 के मध्य 59,564 बिल उन अधिकारियों ने पास कर दिए, जो अधिकृत नहीं थे।

14 मामलों में दो बार समान राशि के अवकाश नकदीकरण भुगतान एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली डाटाबेस के माध्यम से पास किया गया, जो सितंबर 2016 से अक्तूबर 2021 तक दावेदारों को 67.33 लाख के अनधिकृत भुगतान में परिणत हुआ। अप्रैल 2017 से मार्च 2022 के दौरान के 537 मामलों में 38 में चेक जारी करने की तिथि चेक बुक प्राप्ति की तिथि से पूर्व की थी। वर्ष 2017-22 से संबंधित कोषागार की टोकन तिथि और पास करने की तिथि के मध्य 45,470 बिलों में 15 से 90 दिन, 1,405 बिलों में 91 से 180 दिन तथा 

272 बिलों में 180 दिन से अधिक का विलंब हुआ।

हिमाचल प्रदेश कोषागार नियमों में कहा गया है कि कोषागार अधिकारी या अधीक्षक सामान्य रूप से उप कोषागार के प्रभारी होंगे और जब भी दौरे पर हों या अन्यत्र हों। उस स्थिति में अधीक्षक व वरिष्ठ सहायक उसी उप कोषागार या जिला कोषागार के अधीक्षक या इस क्रम में कोई वरिष्ठ सहायक या जिला कोषाध्यक्ष जैसा भी मामला हो उप कोषागार का प्रभार संभालेगा। उप कोषागार में सूचीबद्ध विभिन्न आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को कोषागार अधिकारी की ओर सभी प्रकार के भुगतान के लिए अधिकृत किया जाएगा। कोषागार अधिकारी की अनुपस्थिति में अधीक्षक या वरिष्ठ सहायक प्रभारी हो सकते हैं।

पेंशनभोगियों से जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना पेंशन जारी रखी

हिमाचल प्रदेश कोषागार नियमावली में कहा गया है कि पेंशनभोगी को हर वर्ष जुलाई-अगस्त में जीवन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है। लेखा परीक्षा में पाया गया कि कोषागारों व उप-कोषागारों ने निर्धारित महीनों के भीतर पेंशनभोगियों से जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना ही पेंशन स्वीकृत कर दी।

गैर पेंशनभोगियों के पक्ष में 19 बिल बनाकर 68,11,05 रुपये का गबन

गैर पेंशनभोगियों के पक्ष में 19 बिल उत्पन्न कर 68,11,052 रुपये का गबन किया गया, जिसमें कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल था। गैर पेंशनभोगियों के लिए आहरित सारी राशि 11,38,930 अंततः कंप्यूटर ऑपरेटर के बैंक खाते में स्थानांतरित की गई। विभागीय जांच के परिणाम में कंप्यूटर ऑपरेटर से 11,38,930 और विभिन्न पेंशनभोगियों से 27,10,286 रुपये की वसूली की गई पर 29,61,836 की शेष राशि की वसूली करनी शेष थी।

TRN: गांव नेरा (तहसील चुराह, जिला चम्बा) में रमजान पुत्र श्री नूर मुहम्मद जी के घर में लगी आग की सूचना मिलते ही मैं प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुँचा।

आग से हुए नुकसान के बाद राहत प्रदान करते हुए प्रशासन द्वारा तुरंत ₹15,000, 2 कंबल, 1 राशन किट और 2 तिरपाल दिए गए।

इसके साथ ही, मैंने अपनी ओर से ₹10,000 की सहायता राशि दी।

मैं यह भी सुनिश्चित कर रहा हूँ कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से ₹1,45,000 की संपूर्ण राहत राशि जल्द उपलब्ध करवा दी जाए।

कठिन परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए आगे आए l 

 अल्लाह सभी को सुरक्षित रखे। 

वापसी के दौरान मैंने गवर्नमेंट प्राइमरी मिडिल स्कूल नेरा का निरीक्षण भी किया।

स्कूल प्रबंधन एवं SMC अध्यक्ष ने मुझे विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिनके समाधान के लिए मैंने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 इस अवसर पर चुराह विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी भाई यशवंत खन्ना भी मौजूद रहे l

Sukhvinder Singh Sukhu

TRN: कुनिहार सिविल हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा ।

चिकित्सकों की कमी सहित अन्य सुविधाओं में भी भारी खामियां ।

कुनिहार से नेशन नियुज के लिए हरजिन्दर ठाकुर की रिपोर्ट:-

     कुनिहार जनपद सहित आस पास की पंचायतो के हजारों लोगो को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाला कुनिहार सिविल हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा है ।हॉस्पिटल में चिकित्सकों की कमी तो है ही , साथ ही इमरजेंसी में अगर किसी मरीज को हॉस्पिटल से रेफ़र किया जाता है ,तो एम्बुलेंस सुविधा भी सिर्फ़ दिखावे की ही है ।ऐसा ही एक मामला शनिवार को देखने को आया ,जब हाटकोट पंचायत का एक व्यक्ति राजेन्द्र अरोड़ा की घर पर गिरने से टांग टूट गई ।परिजन सुबह करीब 8 बजे मरीज को हॉस्पिटल ले गए ,जंहा प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को शिमला आईजीएमसी के लिए रेफ़र कर दिया गया ।सिविल हॉस्पिटल की एम्बुलेंस के टायर गंजे होने के साथ ही पंक्चर थे ।इमरजेंसी में एम्बुलेंस चण्डी हॉस्पिटल से मंगवाई गई ,जोकि करीब दो घंटे बाद दस बजे पहुंची ।परिजनों में रोष देखा जा सकता था ।मरीज के भाई अमित अरोड़ा ने हॉस्पिटल की खामियों के बारे में कहा ,कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जिला सोलन से होते हुए भी कुनिहार हॉस्पिटल की अनदेखी कर रहे है ।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कुनिहार सिविल हॉस्पिटल की हर एक खामी को जल्द दूर करे,ताकि लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके ।

TRN: संख्याः 1377/2025 शिमला 6 दिसम्बर, 2025

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय छात्र संघ आईजीएमसी के वार्षिक समारोह ‘स्टीमुल्स’ की अध्यक्षता की

चिकित्सकों के लिए इन्सेंटिव पॉलिसी लाने की घोषणा 

प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालय होंगे विश्व स्तरीय चिकित्सा तकनीक से लैस 

आईजीएमसी में लेप्रोस्कोप के लिए पांच करोड़ तथा एनेस्थीसिया विभाग के लिए छह करोड़ रुपये की घोषणा 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला (आईजीएमसी) के सभागार में केन्द्रीय छात्र संघ आईजीएमसी द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह स्टीमुल्स-2025-26 की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री ने आकर्षक एवं भावपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि आईजीएमसी के छात्र हर क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन करते हैं। इस चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों ने देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन किया है। राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र का विकास इस तरह कर रही है कि प्रदेश के युवा हर वैश्विक चुनौती और प्रतिस्पर्धा का सामना कर सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों के लिए इन्सेंटिव पॉलिसी लाने की घोषणा की। यह इन्संेटिव विभिन्न मानकों पर आधारित होंगे। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में पीजी रेजिडेंट छात्रों को प्रथम वर्ष में 50 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष में 60 हजार रुपये और तृतीय वर्ष में 65 हजार रुपये प्रतिमाह करने का प्रावधान किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी में लेप्रोस्कोप के लिए पांच करोड़ रुपये प्रदान करने और एनेस्थीसिया विभाग के लिए छह करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने आईजीएमसी के छात्रावास निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीएमसी प्रधानाचार्य को केएनएच से स्त्री रोग विभाग को आईजीएमसी स्थानांतरित करने के लिए प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को भी कहा। 

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी, एआईएमएसएस चमियाणा, आरपीजीएमसी टांडा, नेरचौक और हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट अधोसंरचना विकास के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार डायग्नोस्टिक सेवाओं में विश्वस्तरीय गुणवत्ता लाना चाहती है ताकि मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके। उन्होंने प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालयों को विश्व स्तरीय चिकित्सा तकनीक से लैस करने की घोषणा की। 

उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए केन्द्रीय छात्र संघ को पांच लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि चमियाणा संस्थान, आईजीएमसी और टांडा चिकित्सा महाविद्याल में स्मार्ट लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 

प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ तथा आधुनिक बनाने के लिए विशेष रूप से प्रयास कर रही है। हिमाचल के इतिहास में महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा आरम्भ की है। हाल ही में जिला शिमला के चमियाणा स्थित अटल इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज और जिला कांगड़ा के टांडा अस्पताल में रोबोटिक मशीनें स्थापित कर इस सुविधा की शुरूआत की गई है। यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में एक नए युग का आगाज़ है। 

राज्य सरकार ने प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और विस्तार पर तीन हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि व्यय करने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में दो दशकों से इस्तेमाल हो रहे पुराने चिकित्सा उपकरणों को नए और अत्याधुनिक उपकरणों से बदलने का निर्णय लिया है। राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सा उपकरण गुणवत्ता और आधुनिकता के मानकों में एम्ज दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ के समान होंगे। प्रदेश सरकार ने बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी, रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग तथा एनेस्थीसिया एवं ओटी तकनीक में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आईजीएमसी शिमला में सीटों की संख्या 10 से बढ़ाकर 50 की हैं तथा मेडिकल कॉलेज टांडा में सीटों की संख्या 18 से बढ़ाकर 50 की हैं। 

प्रदेश सरकार ने रेजिडेंट डाक्टरों के कार्य समय रेगुलेट किए, पहले इन्हें 36 घंटे ड्यूटी देनी पड़ती थी, अब सिर्फ 12 घंटे अधिकतम लगातार ड्यूटी निर्धारित की गई है। हम मानवीय मूल्यों को विशेष अधिमान दे रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीनियर रेजिडेंट का स्टाइफंड 60 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया है। सुपर स्पेशियलिटी में स्टाइफंड को एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख तीस हजार रुपये किया है। पिछले तीन वर्षों में वर्तमान सरकार ने मेडिकल एजुकेशन में आधारभूत संरचना और आधुनिक उपकरणों पर 1,207 करोड़ रुपये व्यय किए हैं, यह भी प्रदेश सरकार की पहल है। चम्बा, हमीरपुर, नेरचौक मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम आरम्भ करवाए गए हैं।

इसके साथ-साथ सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में डिपार्टमेंट ऑफ एमरजेंसी मेडिसिन आरम्भ किया है। प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा में निरंतर गुणवत्ता ला रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों में 57 कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न महाविद्यालयों में आपात सेवाओं के लिए विशेषज्ञों के 32 पद सृजित किए गए हैं, यह देश भर में पहली बार हुआ है। यह भी प्रदेश सरकार की अनूठी पहल है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा तथा आईजीएमसी में ट्रॉमा और नया ओपीडी ब्लॉक आरम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को न केवल सुदृढ़ कर रही है, बल्कि इस क्षेत्र में आदर्श राज्य बनने के लिए कार्य कर रही है। 

प्रदेश सरकार सकारात्मक सोच के साथ व्यवस्था को बदल रही है ताकि आने वाले समय में प्रदेश आत्मनिर्भर बन सके। हम हर क्षेत्र में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहे छात्रों और चिकित्सकों को सम्मानित किया।  

इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्रों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। 

प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने मुख्यमंत्री को चिकित्सा महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों, सुविधाओं और मांगों के बारे अवगत करवाया। 

केंद्रीय छात्र संघ के मुख्य सलाहकार डॉ. पुनीत महाजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विविध गतिविधियों से अवगत करवाया। 

फॉेेरेंसिक चिकित्सा विभाग के प्रो. पीयूष कपिला ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 

कार्यक्रम में नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, पार्षदगण, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव, प्रधानाचार्य और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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TRN: *गाजियाबाद रहा देश का सबसे प्रदूषित शहर; जानें दिल्ली किस नंबर पर रही, यह सबसे स्वच्छ* 

Pollution India Ghaziabad Most Polluted

केंद्र सरकार ने ताजा रिपोर्ट जारी की बताया देश का हाल, शिलॉन्ग सबसे स्वच्छ

केंद्र द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट में नवंबर, 2025 में गाजियाबाद को देश का सबसे प्रदूषित शहर बताया गया है। यहां मासिक औसत पीएम2.5 का स्तर 224 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा और पूरे महीने हवा की गुणवत्ता राष्ट्रीय मानकों से ऊपर रही। रिपोर्ट के अनुसार नोएडा, बहादुरगढ़, दिल्ली, हापुड़, ग्रेटर नोएडा, बागपत, सोनीपत, मेरठ और रोहतक गाजियाबाद के साथ देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में शामिल रहे। इनमें से छह शहर उत्तर प्रदेश, तीन हरियाणा और एक दिल्ली में हैं। गाजियाबाद को छोडक़र बाकी सभी शहरों ने पिछले साल की तुलना में अधिक प्रदूषण दर्ज किया। दिल्ली चौथी सबसे प्रदूषित शहर रही, जहां मासिक औसत पीएम 2.5 का स्तर 215 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो अक्तूबर में 107 माइक्रोग्राम था। शहर में नवंबर में 23 बहुत खराब दिन, 6 गंभीर दिन और 1 खराब दिन दर्ज किया गया।

पिछले साल की तुलना में पराली जलाने का प्रभाव कम रहा, इस वर्ष यह केवल सात फीसदी रहा, जबकि पिछले साल 20 फीसदी था। बहादुरगढ़ को छोडक़र टॉप 10 शहरों में से कोई भी शहर राष्ट्रीय मानक के सुरक्षित स्तर पर नहीं रहा। इसके अलावा चारखी दादरी, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, गुरुग्राम, खुर्जा, भिवानी, करनाल, यमुनानगर और फरीदाबाद में भी पीएम 2.5 का स्तर हर दिन सीमा से ऊपर रहा। सीआरईए के विश्लेषक के अनुसार, साल भर प्रदूषण के मुख्य स्रोत परिवहन, उद्योग, पावर प्लांट और अन्य जलने वाले स्रोत हैं। मेघालय का शिलॉन्ग सबसे स्वच्छ शहर रहा, जहां मासिक औसत पीएम2.5 केवल 7 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा। शीर्ष 10 स्वच्छ शहरों में छह कर्नाटक के, और एक-एक मेघालय, सिक्किम, तमिलनाडु और केरल के थे।

राज्यवार प्रदूषण की स्थिति

राजस्थान में 34 शहरों में से 23, हरियाणा में 25 में से 22 और उत्तर प्रदेश में 20 में से 14 शहर राष्ट्रीय सीमा से ऊपर रहे। मध्य प्रदेश के 12 में 9, ओडिशा के 14 में 9 और पंजाब के 8 में 7 शहर भी उच्च प्रदूषण में शामिल थे।

TRN: *भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का बन रहा मुख्य विकास इंजन…, PM मोदी ने विश्व को दिया बड़ा संदेश* 

India is becoming the main growth engine of the global

पीएम का पिछली सरकारों पर हमला; बोले, धीमी अर्थव्यवस्था को ‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ कहने वाले खामोश

कहा, गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलें लोग

अब लक्ष्य के साथ हर सेक्टर में हो रहे सुधार

निजी कंपनियों के लिए खोला अंतरिक्ष क्षेत्र

पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर एक बार फिर धावा बोला है। उन्होंने कहा कि गुजरे जमाने में जब देश संकट में था तो ‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ कहकर मजाक उड़ाया जाता है। आज जब देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, तो इस शब्द का इस्तेमाल क्यों नहीं होता। पीएम मोदी ने सुधारों, आत्मनिर्भरता और ‘विकसित भारत’ के विजन पर एक बार फिर अपना नजरिया पेश किया है। दिल्ली में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं, तब भारत तेज़ी से विकास की नई कहानी लिख रहा है।

कभी 2.3 प्रतिशत की कमजोर विकास दर के लिए पहचाना जाने वाला भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। देश की बढ़ती ताकत की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत को दुनिया ‘ग्लोबल ग्रोथ इंजन’ और ‘ग्लोबल पावरहाउस’ कह रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर सेक्टर में सुधार दिख रहा है। पीएम मोदी ने भारत के स्पेस सेक्टर में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले यह क्षेत्र पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में था, लेकिन अब निजी कंपनियों के लिए इसे खोल दिया गया है। उन्होंने हाल ही में हैदराबाद में स्पेस सेक्टर की प्राइवेट कंपनी स्काईरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ का उद्घाटन करने का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक भारत गुलामी की मानसिकता से ग्रस्त रहा। इसकी वजह से देश का आत्मविश्वास कमजोर हुआ। विकसित भारत के रास्ते की यह सबसे बड़ी बाधा है, जिसे हमें छोडऩा होगा।

जीडीपी के आंकड़े देश की नई ताकत

पीएम मोदी ने बताया कि हाल ही में जारी दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में 8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ये केवल आंकड़े नहीं, बल्कि दुनिया को यह संदेश देने वाले संकेत हैं कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का भारत सिर्फ खुद को नहीं बदल रहा, बल्कि भविष्य को भी आकार दे रहा है।

TRN: *वित्तीय वर्ष 2025-2026 में हिमाचल की करों से आय 1726 करोड़ तक गिरेगी, ये रहेगा कारण* 

Financial Year 2025-2026

राज्य का राजकोषीय घाटा बढक़र 12,114 करोड़ होने का अनुमान

हिमाचल प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2025-2026 में एक महत्त्वपूर्ण वित्तीय चुनौती का सामना करना पड़ रहा है और इसके पीछे कई बड़े कारण सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ा एक कारण करों से प्राप्त होने वाली आय के घटने की आशंका जताई गई है। राज्य का राजकोषीय घाटा बढक़र 12,114 करोड़ होने का अनुमान है, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 4.74 प्रतिशत है।

यह वृद्धि मुख्य रूप से कम कर प्राप्तियों, मूल्यांकन में प्रक्रियात्मक देरी, और सबसिडी तथा केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर बढ़े हुए व्यय के कारण हुई है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए यह अनुमान बजट अनुमानों में उल्लेखित 10,337.97 करोड़ से 1,776.03 करोड़ अधिक है। राज्य के राजस्व पक्ष में भारी गिरावट का अनुमान है। कर राजस्व में 1,726.55 करोड़ की कमी आने की संभावना है। यह गिरावट मुख्य रूप से राज्य जीएसटी, भू-राजस्व और राज्य उत्पाद शुल्क से कम प्राप्तियों के कारण है। जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक के बाद सिन गुड्स पर 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत स्लैब हिमाचल की करों : पृष्ठ छह पर

TRN: *Delhi groom 8th vow: शादी का आठवां वचन, मंडप से बेडरूम तक जा पहुंची बात, दूल्हे ने दुल्हन से लिया अनोखा वचन* 

Delhi Groom Viral 8th Wedding Vow Story

शादियों का सीजन चला हुआ है और हर गांव व शहर में शहनाइयों की आवाज सुनाई दे रही है। खुशियों का माहौल है, बैंड-बाजा-बारात और नाच गाना चल रहा है। हिंदू धर्म में शादी एक पवित्र बंधन है, जिसमें सिर्फ सिर्फ लडक़ा-लडक़ी का मिलन ही नहीं होता, बल्कि दो परिवार भी नए रिश्ते में बंध जाते हैं। शादी के मंडप में दूल्हा-दुल्हन पवित्र अग्रिन के समक्ष सात फेरों के साथ सात वचन लेते हैं, लेकिन दिल्ली में एक ऐसी शादी हुई, जिसमें सात के बजाय आठ वचन लिए गए। यह वचन ऐसा था कि पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है।

जानकारी के अनुसार दिल्ली में मयंक और दीया की शादी हो रही थी, अग्रि के समक्ष सात वचन लिए जा रहे थे। इसी बीच जब सातवां वचन पूरा हुआ, तो दूल्हे मयंक ने माइक में अनाउंसमेंट की और कहा कि मैं दुल्हन से आठवां वचन लेना चाहता हूं। यह सुन शादी में मौजूद सभी लोग चौंक गए और सोचने लगे कि वचन तो सात होते हैं, लेकिन अब आठवां वचन कहां से आ गया। यह वचन काफी दिलचस्प और रोचक था।

क्या था आठवां वचन

दूल्हे मयंक की मंशा बिलकुल साफ थी और मजाकिया भी। मयंक ने सातवें वचन होने के बाद माइक उठाया और दुल्हन से कहा ‘मैं दुल्हन से एक वचन और लेनार चाहता हूं, ताकि दुल्हन शादी के बाद में इस बात से पलट न जाए’। दूल्हे ने कहा ‘आज से कमरे में एसी का टेंपरेचर मैं ही सेट करूंगा’। इस पर शादी में मौजूद मेहमान ठहाके लगाने लगे। दुल्हन ने भी शरमाते धीरे से कहा ‘स्वीकार है’, और कसम स्वीकार कर ली। शादी के इस आठवें वचन की देश भर मे ंचर्चा हो रही है।

TRN: *IndiGo flight cancellations: नहीं थमा इंडिगो का संकट, दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में उड़ानें कैंसिल* 

Delhi Groom Viral 8th Wedding Vow Story

निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो की कई उड़ानें शनिवार को भी रद्द रहीं। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली हवाई अड्डे पर आज एयरलाइंस ने अब तक अपनी 106 उड़ानें रद्द की हैं। इनमें 54 प्रस्थान और 52 आगमन उड़ानें हैं। अहमदाबाद हवाई अड्डे पर रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक 19 उड़ानें रद्द रही हैं। इनमें 12 प्रस्थान की और सात आगमन की उड़ानें हैं। इससे पहले शुक्रवार को इंडिगो की देश भर में एक हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द रही थीं, जबकि 4 दिसंबर को 400 के करीब उड़ानें रद्द हुई थीं।

गत 1 नवंबर को पायलटों के अनिवार्य विश्राम और नाइट ड्यूटी से संबंधित नए नियम लागू होने के बाद से ही इंडिगो की उड़ानों में देरी बढ़ती गई और दिसंबर आते-आते बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने लगीं। एयरलाइंस ने कहा है कि फ्लाइट शेड्यूल को पुनव्र्यवस्थित करने के लिए दो-तीन दिन बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द कर रही हैं। इस बीच डीजीसीए ने नए नियम कुछ समय के लिए आंशिक रियायत भी दी है। यात्रियों को हुई भारी परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक चार सदस्यीय समिति गठित की है जो इसके कारणों का पता लगाएगी और भविष्य ऐसी स्थिति से बचने के लिए उपाय सुझाएगी।

TRN: *Shimla News : शिमला में हुक्का बार; ई-सिगरेट अवैध, पुलिस-स्वास्थ्य विभाग कसेगा शिकंजा* 

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45 मिनट का हुक्का सत्र 100 सिगरेट के धुएं के बराबर

फ्लाइंग स्क्वायड की नजर में कुल्लू; मनाली, शिमला, धर्मशाला जैसे शहर, कैफे-रेस्तरां पर सख्ती

तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत राज्य फ्लाइंग स्क्वायड ने शिमला के प्रमुख कैफे और रेस्तरां में अवैध हुक्का परोसने के खिलाफ संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाया। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, आबकारी एवं कराधान तथा पुलिस विभाग की टीमें शामिल थीं। इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 13 अक्तूबर, 2025 को किया था। निरीक्षणों के दौरान पाया गया कि कई प्रतिष्ठान फ्लेवर, हर्बल या नो-निकोटीन के नाम पर हुक्का परोस रहे थे। बड़ी संख्या में जब्त किए गए पैकेटों पर तंबाकू और निकोटीन स्पष्ट रूप से अंकित था, लेकिन इसके बावजूद कई पैकेटों पर अनिवार्य वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनियां नहीं लिखी थीं, जो सीओटीपीए 2003 की धारा 7 का गंभीर उल्लंघन है। संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा जब्त की गई सामग्री न्यायालय में प्रस्तुत कर दी गई है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डा. रविंदर कुमार ने बताया कि राज्य के विभिन्न शहरों में हुक्का बारों का विशेषकर युवाओं एवं नाबालिगों में प्रचलन तेज़ी से बढ़ रहा है। 45 मिनट का हुक्का सत्र, 100 सिगरेट के धुएं के बराबर हो सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन हुक्के को एक अत्यधिक लत लगाने वाला पदार्थ मानता है, जिसमें निकोटीन या मोलासेस और विभिन्न फ्लेवरिंग पदार्थ होते हैं, जो बड़ी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड उत्पन्न करते हैं और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। उपयोगकर्ता अधिक गहराई से और लंबे समय तक धुआं खींचते हैं, जिससे कैंसरजनक धुएं के संपर्क में वृद्धि होती है। हुक्का पाइप साझा करने से टीबी, हेपेटाइटिस तथा हर्पीज़ जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर ने कहा कि कुल्लू विशेष रूप से कसोल और मनाली, शिमला, धर्मशाला और सोलन जिलों में अवैध हुक्का परोसने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर तीन-स्तरीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रणाली के माध्यम से निगरानी और प्रवर्तन को और अधिक मज़बूत किया जाएगा।

TRN: *मोरेल मशरूम बदलेगा किसानों की तकदीर, प्रदेश में अब ग्रीन हाउस में उगेगी दुर्लभ गुच्छी* 

solan Mushroom Research

खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन ने तैयार किया बीज

हिमाचल सांस्कृतिक कार्यक्रम

प्रदेश में अब जल्द ही किसान ग्रीन हाउस में दुर्लभ गुच्छी (मोरेल) मशरूम उगाते नजऱ आएंगे। बता दें कि यह वही गुच्छी है, जो वर्षों से सिर्फ भाग्य और मौसम पर निर्भर रहकर सीमित मात्रा में जंगलों से मिलती थी, लेकिन अब सोलन के वैज्ञानिकों ने इसकी किस्मत बदल दी है। खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन (डीएमआर) के वैज्ञानिकों ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार गुच्छी का कृत्रिम बीज विकसित कर लिया है, जो अब तक असंभव माना जाता था। खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन ने जंगलों में पाई जाने वाली दुर्लभ गुच्छी मशरूम का बीज तैयार करने में सफलता हासिल कर देश का नाम अमरीका, कनेडा, फ्रांस सहित अन्य देशों मेंं शामिल कर लिया है। अब इस बीज को देश के तीन राज्यों के उत्पादकों को ट्रायल के तौर पर दिया गया है। इसमें जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल के चयनित उत्पादकों के साथ एमओयू भी किया गया है।

डीएमआर के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर किसानों ने इस पर कार्य शुरू कर दिया है। गौर रहे कि डीएमआर की इस उपलब्धि से न सिर्फ किसानों को नई आय के अवसर मिलेंगे, बल्कि गुच्छी की लगातार कम होती उपलब्धता को भी संभाला जा सकेगा। सबसे खास बात यह है कि प्रयोगशाला और ग्रीन हाउस में तैयार गुच्छी की गुणवत्ता प्राकृतिक गुच्छी के समान पाई गई है। 2020 से 2024 के बीच हुए शोधों में ग्रीन हाउस में गुच्छी की बंपर पैदावार भी दर्ज की गई। इसके बाद आकार, गुणवत्ता और बीज को और बेहतर बनाने के लिए किए गए नए शोध भी सफल रहे हैं। खुंब अनुसंधान निदेशालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. अनिल कुमार के अनुसार गुच्छी सामान्यत साढ़े छह हजार फुट से अधिक ऊंचाई वाले देवदार व कायल के घने जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगती है, इसलिए खेती में इसे उगाना लगभग असंभव माना जाता था, अब डीएमआर की उपलब्धि ने इस मान्यता को बदल दिया है। यह मशरूम में विटामिन डी, सी, के और आयरन, कॉपर, जिंक व फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों से भरपूर गुच्छी गठिया, थायराइड, हड्डियों की मजबूती, हृदय स्वास्थ्य और मानसिक तनाव कम करने में लाभकारी मानी जाती है।

TRN: *हिमाचल कांग्रेस कार्यकारिणी का 3 महीने में होगा गठन* 

Congress State President Vinay Kumar

 पहले जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की करेंगे नियुक्ति

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-शिमला

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने कांग्रेस ऑफिस राजीव भवन में मीडिया से बातचीत में कहा कि आज देश के संविधान को बचाने के लिए आगे आना होगा। आज जिस प्रकार से केंद्र में भाजपा नेतृत्व एनडीए सरकार संविधान की धज्जियां उड़ा रही है, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। विनय कुमार ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने दलित वर्ग से आने वाले पार्टी कार्यकर्ता को प्रदेश कांग्रेस की महत्त्वपूर्ण बागडोर सौंपी हैं। जल्द ही प्रदेश में जिला और ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त कर दिए जाएंगे, उसके बाद प्रदेश में कार्यकारणी का गठन कर दिया जाएगा। तीन महीने के भीतर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूरी तरह बन जाएगी।

उन्होंने कहा कार्यकारणी में महिलाओं सहित युवाओं को भी पूरी तरजीह दी जाएगी और यह प्रदेश में होने वाले वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को देख कर ही बनाई जाएगी। सरकार जब भी पंचायत चुनाव करवाने का फैसला करेगी, कांग्रेस मजबूती के साथ इन चुनावों में उतरेगी। धर्मशाला रैली में भाजपा के कई गुट मिलकर 5000 लोग भी नहीं जुटा पाये। हम मंडी रैली में 25 हजार लोगों को अपने साथ जोड़ेंगे।

संविधान निर्माता को दी श्रद्धांजलि

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शनिवार को संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को श्रद्धाजंलि दी गई। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि आज का यह दिन केवल एक महापुरुष को स्मरण करने का दिन नहीं, बल्कि उन आदर्शों, उन संघर्षों और उस दृष्टि को याद करने का दिन है। पार्टी मुख्यालय में एमसी मेयर सुरेंद्र चौहान, डिप्टी मेयर उमा कौशल, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, एससी विभाग के प्रदेशाध्यक्ष अमित नंदा, शिमला नगर निगम के पार्षद, पूर्व पार्षद, पीसीसी के पूर्व पदाधिकारी, सेवादल, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

TRN: *Earthquake Chamba : चंबा में भूकंप के झटके; सहम उठे लोग, 3.6 मापी गई तीव्रता* 

Earthquake Chamba

चंबा। जिला चंबा में शुक्रवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। इसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.6 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलजी के अनुसार भूकंप जमीन के भीतर 10 किलोमीटर गहराई पर आया।

इन झटकों को तीन से चार बार महसूस किया गया। एनसीएस के अनुसार भूकंप रात 11 बजकर 36 मिनट पर आया। फिलहाल भूकंप के झटकों से जिला में अभी तक किसी प्रकार के जान व माल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि भूकंप के झटकों की तीव्रता कम होने की वजह से ज्यादातर लोग इनको महसूस नहीं कर पाए। डीसी चंबा मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।

TRN: *S. Jaishankar: ‘भारत की कई समस्याओं की जड़ है पाक सेना’, विदेश मंत्री का बड़ा बयान* 

Foreign Minister S Jaishankar

विदेश मंत्री जयशंकर ने पाक सेना प्रमुख को जमकर धोया, खोली मुनीर की पोल

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत की कई पुरानी और मौजूदा समस्याओं की मुख्य जड़ पाकिस्तान की सेना है। जयशंकर ने पाकिस्तानी सेना को नई दिल्ली के प्रति वैचारिक दुश्मनी और आतंकवाद का स्रोत बताया। विदेश मंत्री ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जब आप आतंकवाद, प्रशिक्षण शिविरों और भारत के प्रति वैचारिक शत्रुता को देखते हैं, तो यह सब कहां से आता है? जयशंकर के अनुसार, यह वैचारिक शत्रुता पूरी तरह से पाकिस्तानी सेना से आती है। उन्होंने कहा कि भारत को दोनों पड़ोसी देशों की क्षमताओं और वैश्विक प्रतिष्ठा में स्पष्ट अंतर को देखते हुए पाकिस्तान से अपनी तुलना करने की सनक से बचना चाहिए। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर टिप्पणी करते हुए जयशंकर ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जैसे अच्छे आतंकवादी और बुरे आतंकवादी होते हैं, वैसे ही अच्छे सैन्य नेता और कम-अच्छे सैन्य नेता होते हैं। यह टिप्पणी सीधे तौर पर पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक संरचना के दोहरे मानदंडों पर की गई है।

वहीं विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत और चीन के बीच रिश्तों को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत हों इसके लिए बॉर्डर पर शांति बहुत जरूरी है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत-चीन के बीच सीमा पर हालात अब काफी हद तक स्थिर हैं। वहीं विदेश मंत्री ने पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में ठहरने को उनकी निजी पसंद बताया। उन्होंने कहा कि इसका निर्णय उन परिस्थितियों से प्रभावित है, जिनके चलते वह भारत आईं। विदेश मंत्री ने शेख हसीना के भारत में लंबे समय तक रहने और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शेख हसीना का भारत में रहना मूलत: उनका व्यक्तिगत फैसला है, लेकिन जिन परिस्थितियों में वह सत्ता छोडक़र भारत आईं वे इस फैसले के पीछे महत्त्वपूर्ण कारक हैं। विदेश मंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत ने शेख हसीना को आश्वासन दिया है कि वह जब तक चाहें, भारत में रह सकती हैं।

TRN: *3rd ODI-भारत ने साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराया, 2-1 से जीती सीरीज* 

India South Africa 3rd match

विशाखापट्टनम में तीसरे वनडे मैच में नौ विकेट से रौंद कब्जाई सीरीज

यशस्वी जायसवाल प्लेयर ऑफ द मैच

विराट कोहली प्लेयर ऑफ द सीरीज

विशाखापट्टनम में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को तीसरे वनडे में नौ विकेट से हराकर वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। विशाखापट्टनम में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना चुना। पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका 270 रन ही बना सका। 271 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत ने 40वें ओवर में महज एक विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। विराट कोहली ने लुंगी एनगिडी की गेंद पर लगातार दो चौके मारकर टीम इंडिया को जीत दिला दी। इससे पहले मेहमान टीम के लिए क्विंटन डी कॉक ने शतक लगाया।

कप्तान तेंबा बावुमा ने 48, डेवाल्ड ब्रेविस ने 29 और मैथ्यू ब्रीट्जके ने 24 रन बनाकर टीम को 270 तक पहुंचाया। भारत से कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने 4-4 विकेट लिए। 271 रन के टारगेट के सामने यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा ने भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों ने 155 रन की पार्टनरशिप की। रोहित 75 रन बनाकर आउट हुए, यह सीरीज में उनकी दूसरी फिफ्टी रही। यशस्वी ने फिर 111 गेंद पर अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाया। विराट कोहली ने महज 40 गेंद पर फिफ्टी लगा दी। यशस्वी 116 और विराट 65 रन बनाकर नाबाद लौटे।

TRN: *पटवारी-असिस्टेंट स्टाफ नर्स की निकली भर्ती, इस डेट तक करें आनलाइन आवेदन* 

Himachal Pradesh State Selection Commission

राज्य चयन आयोग हमीरपुर भरेगा 842 पद, 12 दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

नवीनतम हिमाचल अपडेट

हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने एक बार फिर से नौकरियों का पिटारा खोल दिया है। प्रदेश के युवा पटवारी और असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 842 पदों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। राज्य चयन आयोग की वेबसाइट 12 दिसंबर से ओपन की जाएगी। ऐसे में युवा आगामी 16 जनवरी, 2026 को रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। उसके बाद बेवसाइट का लिंक बंद कर दिया जाएगा। पटवारी भर्ती के लिए 12वीं पास युवा आवेदन कर सकते हैं। राजस्व विभाग में पटवारी (जॉब ट्रेनी) के 530 पदों को भरा जाएगा। इन पदों के लिए आयुसीमा 18 से 45 वर्ष रखी गई है। इसके अलावा प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग श्रेणी के युवाओं, प्रदेश सरकार के कर्मचारियों और एक्स सर्विसमैन के लिए अधिकतम उम्र की सीमा में पांच वर्ष की छूट दी जाएगी।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग में असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 312 पदों को भरा जाएगा। इसकी योग्यता बीएससी नर्सिंग 50 फीसदी अंकों के साथ/ जीएनएम (ए ग्रेड नर्सिंग डिप्लोमा) 50 फीसदी अंको के साथ मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से होनी चाहिए। इन पदों के लिए आयुसीमा 21 से 32 वर्ष रखी गई है। सभी श्रेणी के युवाओं को परीक्षा शुल्क के तौर पर 100 रुपए और प्रोसेसिंग फीस के तौर पर 700 रुपए देने होंगे। युवा क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करके ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जरूरी फीस जमा कर सकते हैं। युवाओं को ऑनलाइन भर्ती आवेदन (ओआरए) भरने से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढऩे की सलाह दी गई है। फीस जमा होने पर ओआरए जमा करने की आखिरी तारीख से तीन कार्य दिवसों के बाद सात दिनों के लिए सुधार विंडो खोली जाएगी। ऐसे में युवा हो सके, तो खुद ही अपने हाथों से ऑनलाइन फार्म भरना सुनिश्चित करें, ताकि किसी तरह की कोई गलती की गुंजाइश न रह सके।

राज्य चयन आयोग हमीरपुर पटवारी और असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 842 पदों को भरने जा रहा है। इसके लिए युवाओं से ऑनलाइन फार्म 12 दिसंबर से आमंत्रित किए जाएंगे। फॉर्म भरने की आखिरी तिथि 16 जनवरी, 2026 रखी गई है। भर्ती के लिए कोई भी ऑफलाइन फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। युवा दो श्रेणियों के पदों की विस्तृत जानकारी के लिए आयोग की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

डा. विक्रम महाजन सचिव, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर

पटवारी के 530 पद

राज्य चयन आयोग हमीरपुर में पटवारी (पोस्ट कोड 25027) के 530 पद भरे जाएंगे। सामान्य वर्ग के 210, ईडब्ल्यूएस के 64, डब्ल्यूएफएफ के छह पद, एससी (सामान्य) के 100, बीपीएल के19, डब्ल्यूएफएफ के तीन पद, एसटी (सामान्य) के 19 व बीपीएल के छह पद और ओबीसी (सामान्य) के 81, बीपीएल के 19 और डब्ल्यूएफएफ के तीन पद भरे जाएंगे।

स्टाफ नर्स की 312 वैकेंसी

राज्य चयन आयोग हमीरपुर में असिस्टेंट स्टाफ नर्स (पोस्ट कोड 25026) के 312 पद भरे जाएंगे। इनमें सामान्य वर्ग के 112 पद, ईडब्ल्यूएस के 40, डब्ल्यूएफएफ के चार पद, एससी (सामान्य) के 62, बीपीएल के 12, डब्ल्यूएफएफ के दो पद, एसटी (सामान्य) के 12 व बीपीएल के चार और ओबीसी (सामान्य) के 50, बीपीएल के 12 और डब्ल्यूएफएफ के दो पद भरे जाएंगे।

TRN: *Himachal Weather: हिमाचल के इन जिलों में कल बारिश-बर्फबारी की आशंका, तापमान गिरा* 

 हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के ऊपरी इलाकों में शनिवार को भी कड़ाके की ठंड जारी रहने से पानी के स्रोत जमने लगे, जबकि पूरे हिमाचल में न्यूनतम तापमान माइनस छह से दस डिग्री के बीच बना रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, चल रही शीतलहर के बीच मुख्य स्टेशनों पर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कुकुमसेरी में माइनस 5.6 डिग्री, केलांग में माइनस चार डिग्री, कल्पा में माइनस 1.4, मनाली में 0.6, शिमला में सात, मंडी में 5.5 डिग्री, ऊना में छह और धर्मशाला में 7.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यह ऊंची पहाड़ियों से लेकर निचले इलाकों तक कड़ाके की ठंड का संकेत देता है। कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटक आदिवासी बहुल इलाकों में ताज़ी बर्फबारी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।

मौसम विभाग ने सात दिसंबर को लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा और ऊपरी कुल्लू में हल्की बर्फबारी या बारिश होने का अनुमान लगाया है। इससे आने वाले दिनों में शीतकालीन पर्यटन को और बढ़ावा मिल सकता है। शिमला और मनाली के होटल मालिकों का मानना है कि तेज़ धूप, साफ़ हवा और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी की उम्मीद में सप्ताह के अंत में ज़्यादा पर्यटक आ सकते हैं। मनाली के एक होटल मालिक ने कहा, “यह मौसम का सबसे अच्छा समय है। साफ दिन और सुहावना तापमान।” इस बीच, राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में सूखे मौसम के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ गयी हैं। अधिकारियों ने जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। लाहौल-स्पीति के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, कई ऊंचे इलाकों में ठंड की वजह से हालात खराब हैं। ग्राम्फू-बटाल (एनएच-505) रोड बंद है, जबकि ग्राम्फू-एटीआर नॉर्थ पोर्टल-सरचू रूट खुला है।

TRN: *हिमाचल में जल्द होगी होमगार्ड की भर्ती, अग्निशमन सेवाओं में महिलाएं भी होंगी शामिल: CM* 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला स्थित सरघीण में हिमाचल प्रदेश गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा के 63वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश गृह रक्षा, नागरिक सुरक्षा अग्निशमन सेवा तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि विभाग के कर्मचारियों का प्रदेश की सुरक्षा और निर्माण में उल्लेखनीय योगदान है। उन्होंने कहा कि गृह रक्षा एवं अग्निशमन सेवाओं ने वर्षभर में 708 खोज एवं बचाव अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इन अभियानों में 448 लोगों की जान बचाई गई। यह विभाग की कार्यकुशलता का परिणाम है। विभाग की पेशेवर क्षमता व दक्षता से प्रदेश में दो हजार करोड़ की संपत्ति को नुकसान से बचाया गया है। गृह रक्षा विभाग ने एक हजार 35 स्थलों पर जल स्रोतों एवं जल निकायों का जीर्णोद्धार किया है, जो अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को विशेष अधिमान दे रही है। सरकार व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय से सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग में महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा, इसके दृष्टिगत भर्ती नियमों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। प्रदेश में होम गार्ड की भर्ती भी शीघ्र ही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा विभाग को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अग्निशमन विभाग में चार नई अग्निशमन इकाइयां स्थापित की गई है, जिनमें देहा, उबादेश, नेरवा तथा इंदौरा शामिल हैं। इस वर्ष 27 अग्निशमन वाहनों की खरीद की गई है। इन इकाइयों के लिए 150 पद स्वीकृत किए गए हैं।

TRN: चंबा 6 दिसंबर 2025,

___नशे की रोकथाम के लिए सभी का सहयोग आवश्यक -मुकेश रेपसवाल

हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया जा रहा है इस कड़ी में न केवल नशा तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है बल्कि नशे के दुशप्रभावों वारे आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए भी अनेक सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। यह जानकारी उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 1 दिसंबर 2025 को धर्मशाला में इस संबंध में आयोजित विशाल रैली के माध्यम से इसे जन आंदोलन का रूप दिया। इस प्रयास को निरंतर जारी रखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश की 234 ग्राम पंचायतों व स्थानीय निकायों में नशे के खिलाफ एक विशेष मुहिम चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें जिला चंबा की 13 ग्राम पंचायतें व स्थानीय निकाय शामिल हैं। जिला चंबा में डलहौजी उपमंडल के अंतर्गत नगर पंचायत बनीखेत, सलूनी उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत सनोह व किहार, चंबा उप मंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत उदयपुर, मंगला, करियां, साहू तथा नगर परिषद चंबा शामिल है, चुराह उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत टिकरीगढ़, लेसुईं तथा भरडा शामिल है, जबकि भटियात उपमंडल के अंतर्गत नगर पंचायत चुवाड़ी तथा ग्राम पंचायत हटली शामिल है। उपायुक्त चंबा ने बताया कि इन ग्राम पंचायतों व स्थानीय निकायों में नशा निवारण समितियों का गठन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर को नगर पंचायत चुवाड़ी तथा बनीखेत के अलावा ग्राम पंचायत भरडा, लेसुईं तथा टिकरीगढ़ में संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित की गई हैं जबकि शेष क्षेत्रों में आगामी 10 दिसंबर से पूर्व इस संबंध में बैठकें आयोजित करने बारे अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इन बैठकों में नशे के बढ़ते प्रचलन की रोकथाम के लिए किए जाने वाले प्रयासों तथा नशे के दुष्प्रभावों वाले लोगों को जागरूक करने के लिए रणनीति तय की जा रही है। मुकेश रेपसवाल ने कहा कि समाज में नशे का बढ़ता प्रचलन समाज व युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती है तथा इससे निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों को सरकार व प्रशासन के साथ मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं के अलावा युवक मंडलों तथा महिला मंडलों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्रों में नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखें तथा नशे के दुष्प्रभावों वारे अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशन व मार्गदर्शन में जिला प्रशासन चंबा समूचे जिला में नशे को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रयत्नशील है।

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TRN: चंबा में भूकंप के झटके; सहम उठे लोग, 3.6 मापी गई तीव्रता

चंबा। जिला चंबा में शुक्रवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। इसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.6 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलजी के अनुसार भूकंप जमीन के भीतर 10 किलोमीटर गहराई पर आया।

इन झटकों को तीन से चार बार महसूस किया गया। एनसीएस के अनुसार भूकंप रात 11 बजकर 36 मिनट पर आया। फिलहाल भूकंप के झटकों से जिला में अभी तक किसी प्रकार के जान व माल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि भूकंप के झटकों की तीव्रता कम होने की वजह से ज्यादातर लोग इनको महसूस नहीं कर पाए। डीसी चंबा मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।

TRN: मोरेल मशरूम बदलेगा किसानों की तकदीर, प्रदेश में अब ग्रीन हाउस में उगेगी दुर्लभ गुच्छी

खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन ने तैयार किया बीज

प्रदेश में अब जल्द ही किसान ग्रीन हाउस में दुर्लभ गुच्छी (मोरेल) मशरूम उगाते नजऱ आएंगे। बता दें कि यह वही गुच्छी है, जो वर्षों से सिर्फ भाग्य और मौसम पर निर्भर रहकर सीमित मात्रा में जंगलों से मिलती थी, लेकिन अब सोलन के वैज्ञानिकों ने इसकी किस्मत बदल दी है। खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन (डीएमआर) के वैज्ञानिकों ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार गुच्छी का कृत्रिम बीज विकसित कर लिया है, जो अब तक असंभव माना जाता था। खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन ने जंगलों में पाई जाने वाली दुर्लभ गुच्छी मशरूम का बीज तैयार करने में सफलता हासिल कर देश का नाम अमरीका, कनेडा, फ्रांस सहित अन्य देशों मेंं शामिल कर लिया है। अब इस बीज को देश के तीन राज्यों के उत्पादकों को ट्रायल के तौर पर दिया गया है। इसमें जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल के चयनित उत्पादकों के साथ एमओयू भी किया गया है।

डीएमआर के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर किसानों ने इस पर कार्य शुरू कर दिया है। गौर रहे कि डीएमआर की इस उपलब्धि से न सिर्फ किसानों को नई आय के अवसर मिलेंगे, बल्कि गुच्छी की लगातार कम होती उपलब्धता को भी संभाला जा सकेगा। सबसे खास बात यह है कि प्रयोगशाला और ग्रीन हाउस में तैयार गुच्छी की गुणवत्ता प्राकृतिक गुच्छी के समान पाई गई है। 2020 से 2024 के बीच हुए शोधों में ग्रीन हाउस में गुच्छी की बंपर पैदावार भी दर्ज की गई। इसके बाद आकार, गुणवत्ता और बीज को और बेहतर बनाने के लिए किए गए नए शोध भी सफल रहे हैं। खुंब अनुसंधान निदेशालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. अनिल कुमार के अनुसार गुच्छी सामान्यत साढ़े छह हजार फुट से अधिक ऊंचाई वाले देवदार व कायल के घने जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगती है, इसलिए खेती में इसे उगाना लगभग असंभव माना जाता था, अब डीएमआर की उपलब्धि ने इस मान्यता को बदल दिया है। यह मशरूम में विटामिन डी, सी, के और आयरन, कॉपर, जिंक व फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों से भरपूर गुच्छी गठिया, थायराइड, हड्डियों की मजबूती, हृदय स्वास्थ्य और मानसिक तनाव कम करने में लाभकारी मानी जाती है। #BreakingNews

TRN: शिमला में हुक्का बार; ई-सिगरेट अवैध, पुलिस-स्वास्थ्य विभाग कसेगा शिकंजा

45 मिनट का हुक्का सत्र 100 सिगरेट के धुएं के बराबर

तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत राज्य फ्लाइंग स्क्वायड ने शिमला के प्रमुख कैफे और रेस्तरां में अवैध हुक्का परोसने के खिलाफ संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाया। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, आबकारी एवं कराधान तथा पुलिस विभाग की टीमें शामिल थीं। इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 13 अक्तूबर, 2025 को किया था। निरीक्षणों के दौरान पाया गया कि कई प्रतिष्ठान फ्लेवर, हर्बल या नो-निकोटीन के नाम पर हुक्का परोस रहे थे। बड़ी संख्या में जब्त किए गए पैकेटों पर तंबाकू और निकोटीन स्पष्ट रूप से अंकित था, लेकिन इसके बावजूद कई पैकेटों पर अनिवार्य वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनियां नहीं लिखी थीं, जो सीओटीपीए 2003 की धारा 7 का गंभीर उल्लंघन है। संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा जब्त की गई सामग्री न्यायालय में प्रस्तुत कर दी गई है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डा. रविंदर कुमार ने बताया कि राज्य के विभिन्न शहरों में हुक्का बारों का विशेषकर युवाओं एवं नाबालिगों में प्रचलन तेज़ी से बढ़ रहा है। 45 मिनट का हुक्का सत्र, 100 सिगरेट के धुएं के बराबर हो सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन हुक्के को एक अत्यधिक लत लगाने वाला पदार्थ मानता है, जिसमें निकोटीन या मोलासेस और विभिन्न फ्लेवरिंग पदार्थ होते हैं, जो बड़ी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड उत्पन्न करते हैं और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। उपयोगकर्ता अधिक गहराई से और लंबे समय तक धुआं खींचते हैं, जिससे कैंसरजनक धुएं के संपर्क में वृद्धि होती है। हुक्का पाइप साझा करने से टीबी, हेपेटाइटिस तथा हर्पीज़ जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर ने कहा कि कुल्लू विशेष रूप से कसोल और मनाली, शिमला, धर्मशाला और सोलन जिलों में अवैध हुक्का परोसने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर तीन-स्तरीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रणाली के माध्यम से निगरानी और प्रवर्तन को और अधिक मज़बूत किया जाएगा।

TRN: हिला मतदाता लिंग अनुपात 981 से बढ़कर 983 पहुंचा, विशेष अभियान के सामने आए सार्थक परिणाम

महिला मतदाता लिंग अनुपात बढ़ा है। यह अनुपात 981 से बढ़कर 983 पहुंच गया है। निर्वाचन विभाग की तरफ से औसत से कम मतदाता लिंग अनुपात वाले क्षेत्रों में अभियान चलाया गया।

हिमाचल प्रदेश में महिला मतदाता लिंग अनुपात बढ़ा है। यह अनुपात 981 से बढ़कर 983 पहुंच गया है। निर्वाचन विभाग की तरफ से औसत से कम मतदाता लिंग अनुपात वाले क्षेत्रों में अभियान चलाया गया। इसके बाद कारगर परिणाम सामने आए हैं। प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने बताया कि किसी भी राष्ट्र में में गणतंत्र के स्तर को महिलाओं की सहभागिता से तय किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 10 जिलों के ऐसे क्षेत्रों जहां औसत से कम महिला मतदाता लिंग अनुपात है, में विशेष अभियान चलाया गया।

महिला का लिंगानुपात अब तक के छह महीनों में काफी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि भरमौर विधानसभा क्षेत्र का महिला लिंग अनुपात 930 से बढ़कर 948, इंदाैरा का 939 से बढ़कर 952, फतेहपुर का 972 से 976, बंजार 967 से 968 हुआ है। वहीं, करसोग विधानसभा क्षेत्र का 972 से 977, सिराज का 935 से बढ़कर 939, द्रंग का 970 से 972, चिंतपूर्णी का 959 से 961, श्री नयना देवी का 962 से 966 हुआ है। नालागढ़ विधानसभा का 956 से 959, दून का 922 से 925, कसौली का 949 से 951, शिलाई का 820 से 833, शिमला का 934 से 936, रामपुर का 946 से 950 और रोहडू का 955 से 967 हो गया है।

TRN: HPRCA Patwari Notification 2025: हिमाचल प्रदेश में पटवारी की बंपर भर्ती निकली है। इस भर्ती के माध्यम से 530 पदों को भरा जाएगा। 12वीं पास उम्मीदवार इस निर्धारित तारीख से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

HPRCA Patwari Recruitment 2025: हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA) ने 6 दिसंबर 2025 को आधिकारिक तौर पर एचपीआरसीए पटवारी भर्ती अधिसूचना 2025 जारी की है। आयोग पटवारी (नौकरी-प्रशिक्षु) के 530 रिक्तियों को भरेगा। इच्छुक उम्मीदवार 12 दिसंबर, 2025 से 16 जनवरी, 2026 तक एचपीआरसीए की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं

देखें श्रेणीवार रिक्तियां

श्रेणी पदों की संख्या

सामान्य (अनारक्षित) 210

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) 64

सामान्य (WFF) 6

एससी (UR) 100

एससी (BPL) 19

एससी (WFF) 3

एसटी (UR) 19

एसटी (BPL) 6

ओबीसी (अनारक्षित) 81

ओबीसी (BPL) 19

ओबीसी (WFF) 3

कुल 530

आवेदन के लिए जरूरी योग्यता  

हिमाचल प्रदेश पटवारी भर्ती के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से 10+2 या समकक्ष उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश की रीति-रिवाज, स्थानीय बोलियां और कंप्यूटर का थोड़ा ज्ञान होना लाभदायक होगा।

आयु सीमा: उम्मीदवार की आयु 1 जनवरी 2025 तक 18 से 45 साल के बीच होनी चाहिए। कुछ विशेष वर्गों को आयु में छूट दी गई है, जैसे अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/दिव्यांग/हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी और भूतपूर्व सैनिक - इनके लिए अधिकतम आयु 50 साल है।

कितना लगेगा आवेदन शुल्क?

सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए हिमाचल प्रदेश पटवारी भर्ती में आवेदन शुल्क 800 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसमें 100 रुपये परीक्षा शुल्क और 700 रुपये प्रसंस्करण शुल्क शामिल है। यदि कोई सुधार करना हो तो इसके लिए अलग से 100 रुपये का सुधार शुल्क देना होगा।

चयन प्रक्रिया और स्टाइपेंड

उम्मीदवारों का चयन 120 अंकों की कंप्यूटर आधारित परीक्षा/लिखित स्क्रीनिंग परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसकी अवधि डेढ़ घंटे होगी और अन्य विवरण आयोग द्वारा निर्धारित किए जाएंगे। इस पद के लिए उम्मीदवारों को 12,500 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा।

ऐसे करें आवेदन

सबसे पहले हिमाचल प्रदेश सरकारी भर्ती की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

अब “Patwari Recruitment 2025” लिंक पर क्लिक करें।

अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करके रजिस्ट्रेशन करें।

रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन क्रेडेंशियल्स प्राप्त होंगे।

लॉगिन करने के बाद व्यक्तिगत, शैक्षणिक और पता संबंधी जानकारी भरें।

ऑनलाइन माध्यम से फीस का भुगतान करें।

सभी विवरणों की जांच करने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट करें।

सबमिट करने के बाद आवेदन की कॉपी और पेमेंट रसीद डाउनलोड करके अपने पास रख लें।

TRN: गांव में शादी समारोह के दाैरान अचानक टूटी कच्चे मकान की छत, कई लोग घायल, वीडियो वायरल

चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत जुंगरा के गांव शहवा में शादी समारोह के दाैरान हादसा हो गया। 

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत जुंगरा के गांव शहवा में शादी समारोह के दाैरान हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार शादी समारोह के दौरान कच्चे मकान की छत अचानक गिरने से कई लोग घायल हो गए हैं।

मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने घायलों को उठाकर निजी वाहनों के जरिये तीसा अस्पताल पहुंचाया। जहां पर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। मकान की छत गिरने के बाद माैके पर चीख-पुकार मच गई। शादी की खुशी का माहाैल दुख में बदल गया।  

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शादी समारोह के दाैरान नाटियों का दाैर चला हुआ था और माैके पर बड़ी संख्या में कच्चे मकानों की छतों पर लोग माैजूद थे। इसी दाैरान अचानक एक कच्चे मकान की टूटकर लोगों सहित नीचे गिर गई। लकड़ी और मिट्टी के बने इस मकान की छत पर आवश्यकता से अधिक भार पड़ने के कारण यह घटना घटित हुई है। इस हादसे में जहां लोगों को चोटें आई हैं। वहीं मकान मालिक को भी काफी नुकसान हुआ है।

TRN LIVE: नौकरी नहीं, तो टेंशन क्यों? जबरदस्त है यह योजना, ऐसे करें अप्लाई

हिमाचल में बेरोजगारी का आंकड़ा 10 लाख के पार है। सरकार हर किसी को सरकारी नौकरी नहीं दे सकती, इसलिए सरकार ने एक ऐसी योजना चलाई है, जिसके जरिए बेरोजगार अपना रोजगार चला सकते हैं। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना ऐसे लोगों के लिए है, जो खुद का रोजगार चला सकते हैं। योजना की घोषणा 25 मई, 2018 को हुई थी। इसका मकसद यही है कि बेरोजगार स्वरोजगार अपना सकें। इसके लिए सरकार मदद करती है।

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत अपना रोजगार शुरू करने के लिए करीब 74 व्यवसायों को दर्ज किया है, जिसमें युवा अपनी रूचि के अनुसार अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। इसमें लोग जिम, ब्यूटी पार्लर, करियाने की दुकान, फ्लोर मिल, उत्पादन प्लांट आदि लगा सकते हैं। इसमें पुरुषों को 25 प्रतिशत तथा महिलाओं को 30 और विधवाओं को 35 प्रतिशत सबसिडी सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। बिजनेस शुरू करने के लिए यदि कोई सरकारी जमीन को किराए पर लेना चाहे, तो सरकार उस जमीन के वास्तविक रेट का केवल 1 फीसदी तक ही चार्ज करेगी। यही नहीं, युवाओं को स्व-रोजगार स्कीम में ज्यादा से ज्यादा भाग लेने के लिए प्रेरित करने के लिए सरकार उनके द्वारा भरी जाने वाली स्टाम्प के राशि को भी कम करती। यदि कोई जमीन खरीदना चाहे तो 6 की जगह 3 प्रतिशत तक की स्टाम्प ड्यूटी ही देनी होगी।

क्या है योजना का लाभ लेने की योग्यता

हिमाचल प्रदेश का कोई भी मूल निवासी जिसकी उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच है वो इस रोजगार योजना में आवेदन कर सकता है। यदि कोई पुरुष एंटरप्रेन्योर अपना बिजनसे शुरू करना चाहता हैं और इसके लिए वो 40 लाख तक का इन्वेस्टमेंट करना चाहता हैं तो उसे सरकार की तरफ से मशीनरी कॉस्ट पर विशेष सब्सिडी दी जायेगी ये सब्सिडी 25 प्रतिशत तक उपलब्ध होगी। महिला आवेदक को बिजनसे शुरू करने के लिए मशीनरी पर 30 फीसदी तक सबसिडी प्रदान करती है, हालांकि उसका इन्वेस्टमेंट 40 लाख से कम नहीं होना चाहिए।

लोन के ब्याज पर सबसिडी

जो भी आवेदक बिजनेस सेट करना चाहते हैं, उनके लिए भी लोन उपलब्ध होगा। यदि कोई अभ्यर्थी 40 लाख के मार्जिन तक का लोन लेता है, तो उसे लोन के इंटरेस्ट पर 5 प्रतिशत तक की सबसिडी भी मिलेगी, जो 5 वर्ष तक के लिए दी जाएगी।

योजना के लिए पात्रता

आवेदक हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए

आवेदक की आयु 18-45 वर्ष के बीच होनी चाहिए

बेरोजगार युवाओं को उद्योग में 40 लाख रुपए तक के निवेश वाली मशीनरी पर 25 प्रतिशत सबसिडी मिलेगी।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

पंजीकरण के लिए emerginghimachal.hp.gov.in पर जाएं

आवेदन पत्र भरें

फॉर्म जमा करने के बाद वेल आइकन दिखाई देगा, जिसके माध्यम से आप अपने आवेदन की स्थिति जान सकते हैं।

आवश्यक दस्तावेज

आधार कार्ड

आवास प्रमाण पत्र

पैन कार्ड

पासपोर्ट आकार का फोटो

बैंक पासबुक

मोबाइल नंबर

TRN: हिमाचल में जल्द होगी होमगार्ड की भर्ती, अग्निशमन सेवाओं में महिलाएं भी होंगी शामिल: CM

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला स्थित सरघीण में हिमाचल प्रदेश गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा के 63वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश गृह रक्षा, नागरिक सुरक्षा अग्निशमन सेवा तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि विभाग के कर्मचारियों का प्रदेश की सुरक्षा और निर्माण में उल्लेखनीय योगदान है। उन्होंने कहा कि गृह रक्षा एवं अग्निशमन सेवाओं ने वर्षभर में 708 खोज एवं बचाव अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इन अभियानों में 448 लोगों की जान बचाई गई। यह विभाग की कार्यकुशलता का परिणाम है। विभाग की पेशेवर क्षमता व दक्षता से प्रदेश में दो हजार करोड़ की संपत्ति को नुकसान से बचाया गया है। गृह रक्षा विभाग ने एक हजार 35 स्थलों पर जल स्रोतों एवं जल निकायों का जीर्णोद्धार किया है, जो अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को विशेष अधिमान दे रही है। सरकार व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय से सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग में महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा, इसके दृष्टिगत भर्ती नियमों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। प्रदेश में होम गार्ड की भर्ती भी शीघ्र ही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा विभाग को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अग्निशमन विभाग में चार नई अग्निशमन इकाइयां स्थापित की गई है, जिनमें देहा, उबादेश, नेरवा तथा इंदौरा शामिल हैं। इस वर्ष 27 अग्निशमन वाहनों की खरीद की गई है। इन इकाइयों के लिए 150 पद स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि अग्निशमन आधुनिकीकरण योजना के तहत 55 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। एसडीआरएफ की संचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए छह करोड़ रुपये के उन्नत उपकरणों की खरीद की गई है, जिनमें हवाई सर्वेक्षण, खोज और आपदा सम्भावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन शामिल हैं, इससे प्रतिक्रिया तैयारी और प्रयासों में सुधार हुआ है। प्रदेश सरकार द्वारा होम गार्ड महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश प्रदान किया गया है। इस निर्णय से न केवल उन्हें मातृत्व के समय आवश्यक सहयोग मिला है बल्कि उनके कार्यस्थल पर जॉब सेक्योरिटी भी सुनिश्चित हुई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशा निवारण पर आधारित ‘‘मिरेकल ऑफ मांइड एप’’ भी लॉंच किया। इसे इशा फांउडेशन के सहयोग से विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाली वाहनियों और कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया। हिमाचल प्रदेश गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा द्वारा ‘सुरक्षित हिमाचल’ प्रदर्शन भी किया गया। इसमें अग्निशमन तथा खोज एवं बचाव मॉकड्रिल मुख्य आकर्षण रहे। अतिरिक्त महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विभाग की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गृह रक्षा एवं अग्निशमन द्वारा लगभग 11 हजार मॉक ड्रिल एवं तीन हजार जागरूकता शिविर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और दो लाख नागरिकों को प्रशिक्षित किया गया है।

TRN LIVE: हिमाचल के इन जिलों में कल बारिश-बर्फबारी की आशंका, तापमान गिरा

शिमला। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के ऊपरी इलाकों में शनिवार को भी कड़ाके की ठंड जारी रहने से पानी के स्रोत जमने लगे, जबकि पूरे हिमाचल में न्यूनतम तापमान माइनस छह से दस डिग्री के बीच बना रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, चल रही शीतलहर के बीच मुख्य स्टेशनों पर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कुकुमसेरी में माइनस 5.6 डिग्री, केलांग में माइनस चार डिग्री, कल्पा में माइनस 1.4, मनाली में 0.6, शिमला में सात, मंडी में 5.5 डिग्री, ऊना में छह और धर्मशाला में 7.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यह ऊंची पहाड़ियों से लेकर निचले इलाकों तक कड़ाके की ठंड का संकेत देता है। कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटक आदिवासी बहुल इलाकों में ताज़ी बर्फबारी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।

मौसम विभाग ने सात दिसंबर को लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा और ऊपरी कुल्लू में हल्की बर्फबारी या बारिश होने का अनुमान लगाया है। इससे आने वाले दिनों में शीतकालीन पर्यटन को और बढ़ावा मिल सकता है। शिमला और मनाली के होटल मालिकों का मानना है कि तेज़ धूप, साफ़ हवा और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी की उम्मीद में सप्ताह के अंत में ज़्यादा पर्यटक आ सकते हैं। मनाली के एक होटल मालिक ने कहा, “यह मौसम का सबसे अच्छा समय है। साफ दिन और सुहावना तापमान।” इस बीच, राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में सूखे मौसम के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ गयी हैं। अधिकारियों ने जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। लाहौल-स्पीति के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, कई ऊंचे इलाकों में ठंड की वजह से हालात खराब हैं। ग्राम्फू-बटाल (एनएच-505) रोड बंद है, जबकि ग्राम्फू-एटीआर नॉर्थ पोर्टल-सरचू रूट खुला है।

दारचा-शिंकुला और सुमदो-काज़ा-ग्राम्फू (एनएच-505) लोसार पर्व (तिब्बती नव वर्ष) तक खुले हैं, हालांकि लोसार से आगे बाटल की तरफ आवाजाही अभी भी बंद है। प्रशासन ने घोषणा की है कि मनाली-लेह हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही 10 दिसंबर तक मौसम ठीक रहने पर खुली रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार एक और पश्चिमी विक्षोभ आने वाला है। यह इलाका ताज़ी बर्फबारी के लिये तैयार है, जिससे आखिरकार उन पर्यटकों की उम्मीदें पूरी हो सकती हैं जो सर्दियों की पहली बड़ी बर्फबारी का इंतज़ार कर रहे हैं।

TRN: *टांडा मेडिकल कॉलेज: मृत घोषित कर भेज दिया शव, घर पहुंचते ही चल पड़ीं सांसें; डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल*

*हिमाचल प्रदेश के मशहूर टांडा मेडिकल कॉलेज में एक व्यक्ति को मृत घोषित करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया लेकिन घर पहुंचते ही मृत घोषित व्यक्ति पलकें झपकने लगा। उसकी सांसें भी चल पड़ीं।*

पालमपुर में शनिवार को एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। *टांडा मेडिकल कॉलेज में एक व्यक्ति को मृत घोषित करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया लेकिन घर पहुंचते ही मृत घोषित व्यक्ति पलकें झपकने लगा। उसकी सांसें भी चल पड़ीं। परिजनों के बात करने पर व्यक्ति इशारे में जवाब देने लगा। हालांकि, इसके करीब पांच घंटे बाद उसकी मौत हो गई।* घटना ने टांडा मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

नगर निगम पालमपुर के बिंद्राबन वार्ड के लोहरल निवासी 52 वर्षीय मिलाप चंद को शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर टांडा ले जाया गया। शनिवार दोपहर करीब एक बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव परिजनों को सौंप दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम पसर गया। रिश्तेदारों को सूचना दे दी गई। रविवार को उनका संस्कार किया जाना था। इस बीच, परिजन जब उनके शव को घर पर लिटा रहे थे, तभी उनकी आंखें खुल गईं। पलकें झपकने लगीं। पहले तो परिवार को विश्वास नहीं हुआ, पर जब उन्होंने पानी पिलाने की कोशिश की तो उन्होंने पानी पी लिया और इशारों में जवाब देने लगे। यह देखकर मौके पर मौजूद सभी लोग सन्न रह गए।

परिजन अरविंद कुमार ने बताया कि एक जिंदा व्यक्ति को मृत बताकर घर भेज दिया जाना कैसे संभव है। यह बड़ी लापरवाही है। टांडा मेडिकल कॉलेज में दोपहर करीब 1:30 बजे मृत घोषित किया था। दोपहर बाद 4:00 बजे तक शव लेकर घर पहुंचे तो सांसें चलने लग पड़ीं। रात 9 बजे के बाद उन्होंने प्राण त्याग दिए। उधर, टांडा मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक बन्याल ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद सोमवार तक इस पूरे मामले की सच्चाई सबके सामने रखी जाएगी।

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