आज सुबह का मुख्य समाचार पत्र जारी किया और राशिफल पंचांग मेष राशिफल पंचांग मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन टैग रिज़ल्ट है

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Jun 21, 2026 - 06:20
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आज सुबह का मुख्य समाचार पत्र जारी किया और राशिफल पंचांग मेष राशिफल पंचांग मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन टैग रिज़ल्ट है
Jitendra Kumar
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झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय शर्मा को मातृ शोक, पर शोक संवेदना व भावभीनी श्रद्धांजलि*

जसीडीह, (देवघर)। स्थानीय मानिकपुर स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्री संजय शर्मा के पूज्यनीया माताजी श्रीमती कमला देवी के असामयिक निधन पर राष्ट्र जागृति मंच के जिला अध्यक्ष श्री प्रभाष गुप्ता , ,ने गहरा दु:ख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त किया है।और इसे अपूरणीय क्षति बताया है ।और कहा कि दुःख कि इस घड़ी में ईश्वर परिजनों को धैर्य धारण करने की असीम शक्ति प्रदान करें। और मृतात्मा को ईश्वर अपने श्री चरणों में स्थान दें। उन्होंने कहा की मृत्यु सत्य है ,और शरीर नश्वर है, यह जानते हुए भी अपनों के जाने का दुःख होता है। हमें ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि दिवंगत आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें।

: आज का राशिफल व पंचांग

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21 जून, 2026, रविवार

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आज और कल का दिन खास

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21 जून 2026 : विश्व योग दिवस आज।

21 जून 2026 : भानु सप्तमी आज।

21 जून 2026 : आज से होगी वर्षा ऋतु प्रारम्भ।

21 जून 2026 : सूर्य दक्षिणायण आज से होगा प्रारम्भ।

21 जून 2026 : विश्व संगीत दिवस आज।

21 जून 2026 : फादर्स डे आज।

22 जून 2026 : मां धूमावती जयंती कल।

22 जून 2026 : कश्मीर में क्षीर भवानी मेला कल।

22 जून 2026 : मासिक दुर्गाष्टमी कल।

राजेन्द्र गुप्ता,

ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

मो. J

नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

आज का राशिफल

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21 जून, 2026, रविवार

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मेष राशि : आप एक नई साझेदारी में प्रवेश कर सकते हैं। आप व्यावसायिक परियोजनाओं के प्रति उत्साही और आश्वस्त हैं, अत: आप भविष्य में पूर्ण सफलता प्राप्त कर पायेंगे। यदि कोई कानूनी मामला लंबित है, तो अदालती मामलों में सफलता का संकेत मिलता है। परिवार और दोस्त खुशी के समय और यादगार अवसरों को मनाने के लिए एकत्र होंगे।

वृष राशि : आज आप में से कुछ की रचनात्मकता चरम पर होगी, लेकिन वित्तीय दबाव हो सकता है। धन संबंधी मामलों को समझदारी से निपटाया जाना चाहिए। व्यावसायिक सन्दर्भ में आप अपने लाभ के लिए संपत्ति का उपयोग किसी रचनात्मक कार्य के लिए कर सकते हैं। आप विचारों को विकसित करने के लिए अवसरों की खोज में समय लगा सकते हैं।

मिथुन राशि : अच्छे व्यावसायिक अवसर आपके व्यवसाय को बढ़ाने और विस्तृत करने में अति सहायक सिद्ध होंगे। आप नए क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार होंगे। उद्यमी अच्छा करेंगे। आर्थिक रूप से आप सुरक्षित रहेंगे और संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। बच्चे अपने-अपने क्षेत्र में अच्छा करेंगे और आप उनपर गर्व करेंगे।

कर्क राशि : आज का दिन भाग-दौड़ वाला हो सकता है। आप सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होंगे और आपका उत्साह आपको साहस एव बल प्रदान करेगा जिसके फलस्वरूप आप व्यावसायिक स्थितियों को अपने पक्ष में मोड़ पाएंगे। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। यात्रा फलदायी साबित होगी।

सिंह राशि : आर्थिक रूप से आप अच्छा करेंगे और कुछ महंगी वस्तुओं की खरीदारी भी कर सकते हैं। भूमि में निवेश भी संभव है। व्यावसायिक रूप से दिन शुभ है। जिस प्रोजेक्ट और असाइनमेंट पर आप वर्तमान में काम कर रहे हैं, वह भविष्य में नई संभावनाओं को खोल सकता है। बहनों से मनमुटाव होने के कारण पारिवारिक माहौल तनावग्रस्त रह सकता है।

कन्या राशि : विदेशी संपर्क वाले लोग आज व्यावसायिक गतिविधि में उतार-चढ़ाव अनुभव कर सकते हैं। यदि आप प्रतियोगिता के माध्यम से नौकरी तलाश कर रहें है, तो कफी मेहनत कीजिए क्योंकि सफलता आपसे बस एक हाथ दूर है। आय यथावत रहेगी। धन में वृद्धि के अवसर के रूप में आप में से कुछ नया व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

तुला राशि : व्यवसाय में उन लोगों के लिए यह एक अनुकूल अवधि है और आप एक नयी साझेदारी में प्रवेश कर रहें हैं। व्यावसायिक और आर्थिक परियोजनाएं उचित विचार और परिश्रम के बाद ही पूर्ण और संपन्न होंगीं। वित्तीय रूप से दिन अच्छा है, लेकिन आपको अपने खर्च को नियंत्रित करने की अति आवश्यकता है।

वृश्चिक राशि : आय अच्छी रहेगी, किन्तु बेकार की गतिविधियों पर अंकुश लगाना श्रेयकर रहेगा। आपको अपने करियर में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अथक परिश्रम उपरांत आप स्थितियों पर काबू पा पाएंगे। भावनाओं को अपने निर्णयों को निर्धारित न करने दें, निष्पक्षता बनाये रखें।

धनु राशि : व्यावसायिक रूप से आज का दिन शुभ रहेगा। पदोन्नति या व्यावसायिक बेहतरी का प्रबल संकेत है। आपको लंबे समय से पोषित सपने एव परियोजना पर काम करने का अवसर मिल सकता है। व्यावसायिक गतिविधि में तेजी संभव है। आर्थिक रूप से आप बहुत अच्छा करेंगे और एक पुराना ऋण भी वसूल किया जा सकता है।

मकर राशि : किस्मत आपका साथ देगी और महत्वाकांक्षी परियोजनाएं गतिशील हो सकती हैं। नए क्षेत्र में उद्यम करते समय अथवा नए सहयोगियों के साथ बातचीत करते हुए अपने शब्दों एवं विचारों का चयन खूब सोच—समझ कर कीजिए। किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात होगी, जिसके साथ आपका तारतम्य बैठ सकता है।

कुम्भ राशि : वित्तीय रूप से दिन शुभ है और कुछ महत्वपूर्ण लाभ प्राप्ति भी संभव है। उद्यमी और व्यवसायी एक नए संघ या साझेदारी में प्रवेश कर सकते हैं। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी। पेशेवर रूप से आप लोकप्रियता और प्रशंसा हासिल करेंगे। आप अपने दृष्टिकोण से वित्तीय लाभ अर्जित करने के नवीन स्रोत ढूढ़ पाएंगे।

मीन राशि : आज का दिन आपके लिए बहुत उत्साहजनक नहीं है। आज कार्यों में देरी और बाधाएं प्रबल होंगी। हालांकि पारिवारिक सहयोग रहेगा और आर्थिक रूप से आप ठीक करेंगे। अपने विचारों और कार्यों को फिर से व्यवस्थित करने पर ध्यान दें, क्योंकि आपको अधिक अनुशासित और व्यवस्थित होने की आवश्यकता है। यात्रा स्थगित करनी पड़ सकती है।

राजेन्द्र गुप्ता,

ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

मो. H

आज का पंचांग

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21 जून 2026, रविवार 

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तिथि सप्तमी 03:23 PM

नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी 09:32 AM

करण वणिज, 03:23 PM,

                   अगले दिन 

          विष्टि 03:27 AM 

पक्ष शुक्ल 

योग सिद्धि 11:20 AM

वार रविवार   

सूर्योदय 05:23 AM 

सूर्यास्त 07:21 PM

चन्द्रमा सिंह 03:40 PM

राहुकाल 05:37 - 07:21 PM 

विक्रमी संवत्  2083

शक सम्वत 1948 ( पराभव )

मास अमांत ज्येष्ठ 

मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ 

शुभ मुहूर्त 

अभीजित 11:54 - 12:50 PM

राजेन्द्र गुप्ता,

ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

मो. J

नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

Tej raftar News: *फ्रांस में कुल जितने घर हैं उनसे अधिक पक्के घर पिछले 12 वर्षों में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं- आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी*

* *पक्के मकानों का निर्माण:* भारत ने पिछले 12 वर्षों में जरूरतमंदों के लिए जितने पक्के घर बनाए हैं, उनकी संख्या पूरे फ्रांस में मौजूद कुल घरों की संख्या से भी कहीं अधिक है।

* *गरीबी से मुक्ति:* इस योजना और अन्य विकासात्मक कदमों के परिणामस्वरूप 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

* *सम्मान और सुरक्षा:* इस उपलब्धि को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखकर, इसे करोड़ों गरीबों को मिला सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की गारंटी बताया गया है।

*यह विशाल आवास निर्माण मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत संभव हो सका है, जिसका लक्ष्य देश के हर गरीब को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का घर प्रदान करना है।*

*यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेरिस (फ्रांस) में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दिया गया था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के माध्यम से उन्होंने भारत में गरीबों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास को रेखांकित किया।*

Jitendra Kumar: दलित, मुशहर,यादव,पासी समाज की लड़ाई लड़ते लड़ते मरा भरत तिवारी

कितने सारे वीडियो देखे, गाँव का एक भी आदमी ये न कहा कि भरत बुरा आदमी था। बल्कि हर जाति का उसे हीरो बता रहा है। ब्राह्मणों से ज्यादा तो चमार, मुशहर, यादव लोग भरत के लिए आवाज़ उठा रहा। एक वीडियो में तो पासवान जाति का बूढ़ा भरत को याद करते रो रहा। न जाने ऐसे कितने वीडियो हैं। लोग कह रहे हैं कि भरत का जिस सड़क पर इनकाउंटर हुआ वो सड़क भी उसने सरकार से लड़कर बनावाया, गाँव में बिजली लाया, नल लगवाया। इसके हाथ में पिस्टल कैसे आई इसका जवाब तो प्रशासन को ही देना है कि आखिर भरत को असलहा (बंदूक) उठाने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या कारण थे?

बेहतर होगा मुख्यमंत्री भाषणबाजी बन्द कर जमनिया जाएँ, अपनी असभ्य और अप्रशिक्षित पुलिस फोर्स के लिए क्षमा माँगें, भरत तिवारी के नाम का स्मारक बनवाएँ, बाढ़ नियंत्रण और तटबंधीकरण की योजना का कार्यान्वयन अपने कार्यकाल के भीतर पूरा करें और पुनः उसे श्रद्धांजलि देने हेतु चार साल बाद वहाँ पहुँचने का संकल्प लें। नीतीश कुमार ने सड़क और बिजली को लेकर अपनी लेगेसी बनाई, वैसा ही बनाने का प्रयास करें।

भरत तिवारी अपने गांव की लड़ाई लड़ते हुए मरा है लेकिन बिहार में ऐसे हजारों गांव है। उसकी मृत्यु से बड़ा है उसके मृत्यु का कारण। उसके गांव से उस कारण को मिटाने का शुरुआत कीजिए। भरत की सनक की पृष्ठभूमि है उसमे है, ना कि पिस्तौल लेकर लड़ते हुए लड़के में।

tejraftarnews.in: *#भारतविमर्श*

*नेहरू चाचा ने इतना सशक्त भारत बनाया कि 𝟏𝟗𝟖𝟒 में जब इंदिरा जी की मृत्यु हुई और राजीव गाँधी जी प्रधान मंत्री बने, तो देश मे आम नागरिक को दो बोरी सीमेन्ट लेने के लिये भी तहसीलदार से परमिट लेना पड़ता था। ऐसा लम्बे समय तक चला रहा!*

*01 एक किलो चीनी खरीदने तक के लिये भी परमिट लगता था। शादी विवाह में एक क्विंटल चीनी लेने के लिये,तो लोग महीनों पहले से सोर्स सिफारिश खोजते फिरते थे। ऐसा वृद्ध लोगों ने देखा है!*

*तब भारत में एलपीजी के कनेक्शन के लिये 0𝟐 दो से 0𝟑 तीन साल से लेकर 05/10 साल तक का समय लगता था। यकीन मानिए, घर में एलपीजी होते हुए, भी गृहणियां स्टोव जलाती थीं, क्योंकि उन्हें डर रहता था कि, अगर गैस खत्म हो गयी, तो ब्लैक और लम्बी लम्बी लाइनों में रात भर लगने के बाद अगला पूरा दिन खड़े रह, गैस सिलेंडर भरवाना बहुत बड़ा काम था। एजेंसी के सामने बहुत लम्बी लाइन होती थी!*

*ये वो ज़माना था, जब देश मे बजाज स्कूटर प्रीमियम पर बिकते थे, मतलब 𝟓𝟎𝟎𝟎 का स्कूटर और 𝟔𝟎𝟎𝟎 ब्लैक! तब 𝟏𝟏,𝟎𝟎𝟎 में स्कूटर मिलेगा। तब टेलीफोन के कनेक्शन मिलने में 0𝟕 से 𝟏𝟎 साल लग जाते थे और बहुत जबरदस्त ब्लैक होती थी।*

*इसी तरह सन 1970 के आसपास ट्रैक्टर खरीदना के लिए नंबर लगाना पडता था और उस समय में मैसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर की कीमत लगभग 18 हजार रुपए थी और उसका नंबर आने में 10 से 15 साल लगते थे, तथा तत्काल लेने पर करीब 15 हजार के अधिक देना पडता था! यह राशि उस वक्त बहुत अधिक थी!*

*उस नेहरु खानदान के शासनकाल के जमाने में हर किसी वस्तु का ब्लैक मार्केटिंग होता था। साथ ही हर तरह के खाद्य पदार्थ और सीमेंट जैसी अनेक प्रकार की वस्तुओं में बहुत मिलावट होती थीं।*

*आधुनिक भारत के निर्माता नेहरू चाचा कितने बड़े युगद्रष्टा थे, इसका एक और क़िस्सा सुनिये। नेहरू चचा ने 𝟏𝟗𝟓𝟕 में राजधानी दिल्ली के विकास के लिए 𝐃𝐃𝐀 की स्थापना की।*

*ऐसी एजेंसी जो मास्टर प्लान बनाती थी,उसमें अगले 𝟓𝟎 वर्षों की ही प्लानिंग करती थी कि, 𝟓𝟎 साल बाद ये शहर कैसा होगा। इसकी प्लानिंग करके ही शहर बसाया जाता है। उसकी सड़कें, पुल, सार्वजनिक परिवहन, रेलवे स्टेशन, बिजली पानी की व्यवस्था सब 𝟓𝟎 साल का सोच कर की जाती है।*

*नेहरू चाचा कहते थे, "मेरे सपनों का भारत" चाचा ने सपने में भी कभी नही सोचा था कि, दिल्ली वाले जिंदगी में कभी कार तो क्या, स्कूटर भी खरीद पाएंगे इसलिये 𝟔𝟎 और 𝟕𝟎 के दशक में बनाये गए, दिल्ली के 𝐃𝐃𝐀 फ्लैट्स देख लीजिये। किसी फ्लैट में कार, तो छोड़ो स्कूटर खड़ा करने तक की जगह नहीं है।*

*नेहरू चाचा कितने बड़े युगद्रष्टा थे, इसकी एक और मिसाल '𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐔𝐧𝐛𝐨𝐮𝐧𝐝𝐬' नामक किताब के लेखक गुरुचरण दास ने दी है। आप 𝟔𝟎 और 𝟕𝟎 के दशक में 𝐏&𝐆 के 𝐂𝐄𝐎 रहे हैं। नेहरू जी एवं इंदिरा जी के भारत में किसी कंपनी को टूथपेस्ट की ज़्यादा ट्यूब बनाने के लिए भी भारत सरकार से आज्ञा लेनी पड़ती थी और वो आज्ञा बहुत देरी में मिलती थी!*

*𝟕𝟎 के दशक में एक बार तमिलनाडु में फ्लू फैल गया 𝐏&𝐆 का मशहूर विक्स इन्हेलर और विक्स वेपोरब तब भी बनता था। फ्लू फैला, तो विक्स बाजार से गायब हो गई। कंपनी ने भारत सरकार से 0𝟓 लाख अतिरिक्त विक्स इन्हेलर बनाने की इजाजत मांगी। वो इजाजत डेढ़ महीने में आयी, तब तक फ्लू ठीक हो चुका था। हमेशा ऐसा ही होता था!*

*बजाज के पास तब भी यह क्षमता थी कि, वे लाखों स्कूटर बना देते, पर नेहरू जी और इंदिरा जी ने उनको कभी भी बड़ी संख्या में स्कूटर बनाने नहीं दिए, जिससे ब्लैक मार्केटिंग बंद हो सके।*

*गुरुचरण दास लिखते हैं कि, बिड़ला जी के एक बेटे आदित्य बिड़ला ने भारत मे जब हिंडाल्को खड़ी की, तो नेहरू इंदिरा ने उनको इतना परेशान किया कि, उन्होंने फिर कभी देश में लम्बे समय तक कोई फैक्ट्री नहीं लगाई। जबकि उन्होंने अपने जीवन मे देश के बाहर 𝟑𝟐 बहुत बड़ी बड़ी फैक्टरी लगाई।*

**साभार-संकलित-आंशिक-सम्पादित-नरेन्द्र**

जीतू देहाती: *जापान में ऐसा कोई भी जन कल्याणकारी कार्यक्रम नही है, जैसे मुफ़्त रसोई गैस; बिजली; राशन आदी ।*

     *उनका आदर्श वाक्य :- जो आपको चाहिए उसके लिए लिए काम करो या उसके बिना रहो।*

*संभवतः ये 5 सबसे अच्छे वाक्य हैं जो आपने कभी पढ़े होंगे और ये सभी भारत में भी लागू होने चाहिए।*

1. आप अमीरों को गरीब बनाकर गरीबों को अमीर नहीं बना सकते।

2. एक व्यक्ति को बिना काम किए जो मिलता है, दूसरे व्यक्ति को उसके लिए काम करना पड़ता है और उसे अपने इस किए गए काम के लिए मुफ्त में कुछ नहीं मिलता।

3. दुनिया की कोई भी सरकार मुफ्त में अपने किसी नागरिक को ऐसा कुछ भी नहीं दे सकती जो सरकार पहले किसी और नागरिक से ले न ले।

4. आप धन को विभाजित करके उसे गुणा नहीं कर सकते ।

5. जब आधे लोगों को कुछ भी मुफ्त में मिलेगा तो वह उसके लिए कभी भी काम नहीं करेंगें और उस मुफ्त के माल को देने के लिए जो अन्य नागरिक काम कर रहे हैं वह भी हतोत्साहित होंगे कि उनके द्वारा काम किए जाने पर उसका फल उन्हें न मिलकर उन बेकार के निठ्ठलों को मिल रहा है जो काम कर ही नहीं रहे और सरकारी योजनाओं से मुफ्त में माल प्राप्त करने की चाह रखते हैं।  

यह किसी भी समृद्ध राष्ट्र के अंत की शुरुआत है। क्यों कि, जब मुफ्त के माल से जिंदगी चल रही है तो, काम क्यों करें, आदमी आलसी हो जाता है। यह राष्ट्र के लिए घातक है ।

अच्छे नागरिकों को इस उन्माद को रोकना चाहिए। 

   आज इस होड़ में सभी राजनीतिक पार्टियों लगी हुई है। 

     आइये प्रण करें कि भविष्य में इसका अंत करने में अपना पूरा सहयोग देंगे। 

        इसके लिए संविधान में कानून बनाए बगैर आपके सभी प्रयास विफल होंगे। किंतु राजनीतिक पार्टियां आपके इस प्रयास को अपने वोट बैंक की लालच में सफल नहीं होने देंगी ।

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जितेंद्र कुमार: विश्व योग दिवस आज 

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इस वर्ष 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 को मनाया जाएगा । आयुष मंत्रालय द्वारा घोषित विषय ' स्वास्थ्य, ज्ञान और विश्व शांति के लिए योग ' वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर केंद्रित है। इस वर्ष की मुख्य विशेषता 10 विशेष रूप से विकसित योग विधियाँ हैं जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापा जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों से लड़ने में सहायक हैं ।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बारे में

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) या विश्व योग दिवस, योग के अभ्यास और इसके लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला एक वैश्विक आयोजन है । यह दिन योग के अभ्यास के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।

योग क्या है?

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• योग एक समग्र अभ्यास है जिसमें शारीरिक मुद्राएं (आसन), श्वास व्यायाम (प्राणायाम), ध्यान (ध्यान) और नैतिक सिद्धांत (यम और नियम) शामिल हैं, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण को बढ़ावा देते हैं।

• "योग" शब्द संस्कृत शब्द "युज" से आया है, जिसका अर्थ है "जोड़ना" या "एकजुट करना", जो मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य की भावना को विकसित करने का प्रतीक है।

• ऐसा कहा जाता है कि योग की उत्पत्ति प्राचीन भारत में हुई थी, जिसकी जड़ें 5,000 वर्ष से भी अधिक पुरानी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास वर्ष 2014 से शुरू होता है। इस दिवस की उत्पत्ति और विकास का कालक्रम नीचे दिया गया है।

• सितंबर 2014 : भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का विचार प्रस्तावित किया।

• दिसंबर 2014 : 11 दिसंबर 2014 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया।

• जून 2015 : संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के बाद, पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को विश्व स्तर पर मनाया गया।

• वर्तमान में : वर्तमान में, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक आंदोलन बन गया है, जिसमें दुनिया भर से भागीदारी होती है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक समारोहों में से एक बन गया है।

अंतर्राष्ट्रीय नववर्ष के रूप में 21 जून को चुनने के कारण

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21 जून को इस दिवस के रूप में चुनने के दो मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

• 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति या उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है।

• यह इस बात का प्रतीक है कि योग का अभ्यास प्रकाश और जीवन शक्ति लाता है।

• 21 जून का दिन विश्व भर की कई संस्कृतियों में विशेष महत्व रखता है।

उद्देश्य एवं लक्ष्य

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) के कुछ प्रमुख लक्ष्य और उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

• योग के अभ्यास के लाभों के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाना।

• अच्छी सेहत की ओर ले जाने वाली जीवनशैली और विकल्पों को अपनाने को प्रोत्साहित करना।

• शारीरिक निष्क्रियता को कम करने के लिए, जो विश्व स्तर पर मृत्यु का एक प्रमुख कारण है और हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है।

राजेन्द्र गुप्ता,

ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

मो. है

नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

Jeetu dehati: 👉 *अक्सर जब हमारे साथ कुछ बुरा होता है, तो हम निराश हो जाते हैं, दुखी होते हैं और उस परिस्थिति को कोसने लगते हैं। लेकिन यही मुश्किल समय असल में हमारे जीवन के सबसे बड़े शिक्षक होते हैं। वे हमारे भीतर एक गहरी समझ और जागरूकता पैदा करते हैं, जिसे यहाँ 'आँखें खोलना' कहा गया है। जब तक सब कुछ आसानी से चलता रहता है, हम अक्सर अपने आस-पास मौजूद खुशियों, अच्छे लोगों और छोटी-छोटी नियामतों को सामान्य मानकर उनकी कद्र करना भूल जाते हैं।*

*जब हम किसी संकट या बुरे दौर से गुजरते हैं, तो वह हमारी सुख-सुविधाओं के उस भ्रम को तोड़ देता है जिसमें हम जी रहे होते हैं। यह ठहराव हमें यह अहसास कराता है कि जो चीजें हमारे पास थीं, वे कितनी अनमोल थीं। उदाहरण के लिए, बीमारी हमें स्वास्थ्य की कीमत सिखाती है और किसी अपने से मिला धोखा हमें सच्चे रिश्तों की पहचान कराता है। इस तरह, बुरे अनुभव हमारे दृष्टिकोण को साफ करते हैं। वे हमारे भीतर एक ऐसी कृतज्ञता (gratitude) का भाव जगाते हैं, जिससे हम उन अच्छी चीजों और सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देना शुरू कर देते हैं, जिन्हें हम पहले अनदेखा कर रहे थे। अंततः, यह विचार हमें यह समझाता है कि हर विपरीत परिस्थिति अपने साथ सुधार और आत्म-साक्षात्कार का एक छिपा हुआ अवसर लेकर आती है, इसलिए हमें उन अनुभवों के प्रति भी आभार व्यक्त करना चाहिए क्योंकि वे ही हमें मानसिक और आत्मिक रूप से परिपक्व बनाते हैं।*

🌞आपका दिन मंगलमय हो।

जितेंद्र कुमार: *#भारतविमर्श*

*नेहरू चाचा ने इतना सशक्त भारत बनाया कि 𝟏𝟗𝟖𝟒 में जब इंदिरा जी की मृत्यु हुई और राजीव गाँधी जी प्रधान मंत्री बने, तो देश मे आम नागरिक को दो बोरी सीमेन्ट लेने के लिये भी तहसीलदार से परमिट लेना पड़ता था। ऐसा लम्बे समय तक चला रहा!*

*01 एक किलो चीनी खरीदने तक के लिये भी परमिट लगता था। शादी विवाह में एक क्विंटल चीनी लेने के लिये,तो लोग महीनों पहले से सोर्स सिफारिश खोजते फिरते थे। ऐसा वृद्ध लोगों ने देखा है!*

*तब भारत में एलपीजी के कनेक्शन के लिये 0𝟐 दो से 0𝟑 तीन साल से लेकर 05/10 साल तक का समय लगता था। यकीन मानिए, घर में एलपीजी होते हुए, भी गृहणियां स्टोव जलाती थीं, क्योंकि उन्हें डर रहता था कि, अगर गैस खत्म हो गयी, तो ब्लैक और लम्बी लम्बी लाइनों में रात भर लगने के बाद अगला पूरा दिन खड़े रह, गैस सिलेंडर भरवाना बहुत बड़ा काम था। एजेंसी के सामने बहुत लम्बी लाइन होती थी!*

*ये वो ज़माना था, जब देश मे बजाज स्कूटर प्रीमियम पर बिकते थे, मतलब 𝟓𝟎𝟎𝟎 का स्कूटर और 𝟔𝟎𝟎𝟎 ब्लैक! तब 𝟏𝟏,𝟎𝟎𝟎 में स्कूटर मिलेगा। तब टेलीफोन के कनेक्शन मिलने में 0𝟕 से 𝟏𝟎 साल लग जाते थे और बहुत जबरदस्त ब्लैक होती थी।*

*इसी तरह सन 1970 के आसपास ट्रैक्टर खरीदना के लिए नंबर लगाना पडता था और उस समय में मैसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर की कीमत लगभग 18 हजार रुपए थी और उसका नंबर आने में 10 से 15 साल लगते थे, तथा तत्काल लेने पर करीब 15 हजार के अधिक देना पडता था! यह राशि उस वक्त बहुत अधिक थी!*

*उस नेहरु खानदान के शासनकाल के जमाने में हर किसी वस्तु का ब्लैक मार्केटिंग होता था। साथ ही हर तरह के खाद्य पदार्थ और सीमेंट जैसी अनेक प्रकार की वस्तुओं में बहुत मिलावट होती थीं।*

*आधुनिक भारत के निर्माता नेहरू चाचा कितने बड़े युगद्रष्टा थे, इसका एक और क़िस्सा सुनिये। नेहरू चचा ने 𝟏𝟗𝟓𝟕 में राजधानी दिल्ली के विकास के लिए 𝐃𝐃𝐀 की स्थापना की।*

*ऐसी एजेंसी जो मास्टर प्लान बनाती थी,उसमें अगले 𝟓𝟎 वर्षों की ही प्लानिंग करती थी कि, 𝟓𝟎 साल बाद ये शहर कैसा होगा। इसकी प्लानिंग करके ही शहर बसाया जाता है। उसकी सड़कें, पुल, सार्वजनिक परिवहन, रेलवे स्टेशन, बिजली पानी की व्यवस्था सब 𝟓𝟎 साल का सोच कर की जाती है।*

*नेहरू चाचा कहते थे, "मेरे सपनों का भारत" चाचा ने सपने में भी कभी नही सोचा था कि, दिल्ली वाले जिंदगी में कभी कार तो क्या, स्कूटर भी खरीद पाएंगे इसलिये 𝟔𝟎 और 𝟕𝟎 के दशक में बनाये गए, दिल्ली के 𝐃𝐃𝐀 फ्लैट्स देख लीजिये। किसी फ्लैट में कार, तो छोड़ो स्कूटर खड़ा करने तक की जगह नहीं है।*

*नेहरू चाचा कितने बड़े युगद्रष्टा थे, इसकी एक और मिसाल '𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐔𝐧𝐛𝐨𝐮𝐧𝐝𝐬' नामक किताब के लेखक गुरुचरण दास ने दी है। आप 𝟔𝟎 और 𝟕𝟎 के दशक में 𝐏&𝐆 के 𝐂𝐄𝐎 रहे हैं। नेहरू जी एवं इंदिरा जी के भारत में किसी कंपनी को टूथपेस्ट की ज़्यादा ट्यूब बनाने के लिए भी भारत सरकार से आज्ञा लेनी पड़ती थी और वो आज्ञा बहुत देरी में मिलती थी!*

*𝟕𝟎 के दशक में एक बार तमिलनाडु में फ्लू फैल गया 𝐏&𝐆 का मशहूर विक्स इन्हेलर और विक्स वेपोरब तब भी बनता था। फ्लू फैला, तो विक्स बाजार से गायब हो गई। कंपनी ने भारत सरकार से 0𝟓 लाख अतिरिक्त विक्स इन्हेलर बनाने की इजाजत मांगी। वो इजाजत डेढ़ महीने में आयी, तब तक फ्लू ठीक हो चुका था। हमेशा ऐसा ही होता था!*

*बजाज के पास तब भी यह क्षमता थी कि, वे लाखों स्कूटर बना देते, पर नेहरू जी और इंदिरा जी ने उनको कभी भी बड़ी संख्या में स्कूटर बनाने नहीं दिए, जिससे ब्लैक मार्केटिंग बंद हो सके।*

*गुरुचरण दास लिखते हैं कि, बिड़ला जी के एक बेटे आदित्य बिड़ला ने भारत मे जब हिंडाल्को खड़ी की, तो नेहरू इंदिरा ने उनको इतना परेशान

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Jeetu dehati

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