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विपिन राठौर रामराज मुज़फ्फरनगर के रामराज थाना मे एक माह से चल रहें अखण्ड यज्ञानुष्ठान का पूर्णाहुति व भंडारे के साथ समापन नंदनी गऊ धाम में आयोजित यज्ञानुष्ठान में सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति दी फोटो-1 से 3 मीरापुर।संवाददाता-क्षेत्र के नंदनी गऊ धाम में एक माह से चल रहे अखण्ड यज्ञानुष्ठान का पूर्णाहुति व भंडारे के साथ समापन हो गया।इस दौरान ब्रह्मनिष्ठ आचार्य सत्यवीर जी महाराज ने यज्ञ का महत्व बताते हुए कहा कि यज्ञ की एक आहुति मनुष्य के कई पीढ़ियों के पापों का विनाश करती है। क्षेत्र के नंदनी गऊ धाम आश्रम में प्रत्येक वर्ष की भांति पिछले एक माह से विशाल अखण्ड यज्ञानुष्ठान चल रहा था।बुधवार को इस अखण्ड यज्ञानुष्ठान का पूर्णाहुति व पूजा अर्चना व भंडारे के साथ विधिवत समापन हुआ।इस दौरान सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु यज्ञानुष्ठान में सम्मलित हुए और पूर्णाहुति दी।इस दौरान ब्रह्मनिष्ठ आचार्य सत्यवीर जी महाराज व आचार्य वरुण ने मंत्रोचारण से वातावरण को भक्तिमय बनाएं रखा। इस दौरान नंदनी गऊ धाम के संस्थापक ब्रह्मनिष्ठ आचार्य सत्यवीर जी महाराज ने कहा कि यज्ञ के दौरान मनुष्य के मुख पर जो भाव होता है।उसे उसी भाव के अनुरूप फल मिलता है।उन्होंने कहा कि यज्ञ की एक आहुति मनुष्य जीवन के समस्त पापों का विनाश करती है।यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद भजन व आरती हुई तथा बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।इस दौरान मुख्यरूप से आचार्य वरुण,चौ.अजीत सिंह,सुशील शर्मा,अभिषेक गर्ग,कमल प्रकाश आर्य,आकाश चौधरी,अचल गोयल एडवोकेट,शुभम त्यागी,जनेश्वर शर्मा,विक्रम सिंह,विपेन्द्र सुधा,रोहित बंसल,विधिचन्द शर्मा,नीलम त्यागी,सीमा चौधरी,शिवांगी शर्मा,बबीता शर्मा आदि मौजूद रहें। फोटो कैप्शन-1 से 4-मीरापुर की नंदनी गऊ धाम में आयोजित अखण्ड यज्ञ में आहुति देते श्रद्धालु
विपिन राठौर रामराज मुज़फ्फरनगर के रामराज थाना मे एक माह से चल रहें अखण्ड यज्ञानुष्ठान का पूर्णाहुति व भंडारे के साथ समापन
नंदनी गऊ धाम में आयोजित यज्ञानुष्ठान में सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति दी
फोटो-1 से 3
मीरापुर।संवाददाता-क्षेत्र के नंदनी गऊ धाम में एक माह से चल रहे अखण्ड यज्ञानुष्ठान का पूर्णाहुति व भंडारे के साथ समापन हो गया।इस दौरान ब्रह्मनिष्ठ आचार्य सत्यवीर जी महाराज ने यज्ञ का महत्व बताते हुए कहा कि यज्ञ की एक आहुति मनुष्य के कई पीढ़ियों के पापों का विनाश करती है।
क्षेत्र के नंदनी गऊ धाम आश्रम में प्रत्येक वर्ष की भांति पिछले एक माह से विशाल अखण्ड यज्ञानुष्ठान चल रहा था।बुधवार को इस अखण्ड यज्ञानुष्ठान का पूर्णाहुति व पूजा अर्चना व भंडारे के साथ विधिवत समापन हुआ।इस दौरान सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु यज्ञानुष्ठान में सम्मलित हुए और पूर्णाहुति दी।इस दौरान
ब्रह्मनिष्ठ आचार्य सत्यवीर जी महाराज व आचार्य वरुण ने मंत्रोचारण से वातावरण को भक्तिमय बनाएं रखा। इस दौरान नंदनी गऊ धाम के संस्थापक ब्रह्मनिष्ठ आचार्य सत्यवीर जी महाराज ने कहा कि यज्ञ के दौरान मनुष्य के मुख पर जो भाव होता है।उसे उसी भाव के अनुरूप फल मिलता है।उन्होंने कहा कि यज्ञ की एक आहुति मनुष्य जीवन के समस्त पापों का विनाश करती है।यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद भजन व आरती हुई तथा बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।इस दौरान मुख्यरूप से आचार्य वरुण,चौ.अजीत सिंह,सुशील शर्मा,अभिषेक गर्ग,कमल प्रकाश आर्य,आकाश चौधरी,अचल गोयल एडवोकेट,शुभम त्यागी,जनेश्वर शर्मा,विक्रम सिंह,विपेन्द्र सुधा,रोहित बंसल,विधिचन्द शर्मा,नीलम त्यागी,सीमा चौधरी,शिवांगी शर्मा,बबीता शर्मा आदि मौजूद रहें।
फोटो कैप्शन-1 से 4-मीरापुर की नंदनी गऊ धाम में आयोजित अखण्ड यज्ञ में आहुति देते श्रद्धालु
TRN LIVE: *थाईलैंड में क्रेन गिरने के कारण पटरी से उतरी ट्रेन, 22 लोगों की मौत 30 घायल*
थाईलैंड में एक बड़ा रेल हादसा हुआ है। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब बैंकॉक से ट्रेन उत्तर पश्चिमी प्रांत जा रही थी, उसी दौरान एक निर्माणाधीन क्रेन, ट्रेन पर गिर गई, जिससे ट्रेन बेपटरी हो गई।
थाईलैंड में एक बड़ा रेल हादसा हुआ है। दरअसल राजधानी बैंकॉक से थाईलैंड के उत्तर पश्चिमी प्रांत जा रही एक ट्रेन पर निर्माणाधीन साइट की क्रेन गिर गई। इसके बाद ट्रेन भी पटरी से उतर गई। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई है और करीब 30 लोग घायल हैं। ये दुर्घटना बुधवार सुबह थाईलैंड के सिखियो जिले में हुई। यह क्षेत्र राजधानी बैंकॉक से करीब 230 किलोमीटर दूर है।
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TRN LIVE: *नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान में टेंशन फिर बढ़ी आतंकिस्तान ने गुजरात से लगे ‘सरक्रीक’ में तैनात की मिसाइलें और एयर डिफेंस सिस्टम, नौसेना भी एक्टिव, आखिर मुनीर में मन में क्या है?*
*15 Jan 2026, 11:28 AM*
*नई दिल्ली:* पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के 8 महीने बाद भारत-पाकिस्तान में टेंशन एक बार फिर से बढ़ गई है। आतंकियों के आका पाकिस्तान ने इस बार अपनी नापाक चाल गुजरात से लगे सरक्रीक में चली है। पाक ने सर क्रीक क्षेत्र में सैन्य तैयारी तेज कर दी है। पड़ोसी मुल्क रडार नेटवर्क, मरीन ब्रिगेड, ड्रोन और नौसेना का लगातार विस्तार कर रहा है। पाकिस्तान ने सरक्रीक में मिसाइलें और एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती की है।
यह क्षेत्र सिंधु नदी के मुहाने पर स्थित एक दलदली इलाका है, जिस पर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। इस सैन्य जमावड़े में वायु रक्षा, निगरानी रडार, मरीन ब्रिगेड, ड्रोन गतिविधियां और तेज़ी से बढ़ती नौसैनिक शक्ति शामिल हैं। उच्च-स्तरीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार यह कदम सामान्य सैन्य गतिविधि नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है, जो पाकिस्तान की असामरिक युद्ध नीति को दर्शाता है।
*पाकिस्तान की सैन्य तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है:*
मकरान तट के साथ-साथ स्थापित घना और बहु-स्तरीय रडार नेटवर्क। सूत्रों के अनुसार इसमें शॉर्ट-रेंज, मीडियम-रेंज और लॉन्ग-रेंज रडार शामिल हैं, जिनकी निगरानी क्षमता 1,000 किलोमीटर तक बताई जा रही है। इस नेटवर्क की खास बात यह है कि इसमें अमेरिकी और चीनी दोनों तकनीक के रडार शामिल हैं। इससे पाकिस्तान को हवाई क्षेत्र की समय रहते निगरानी, समुद्री गश्ती विमानों पर नजर, मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की पहचान करने की बेहतर सुविधा मिलती है। माना जा रहा है कि इन रडारों के साथ-साथ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAMs) भी तैनात की जाएगी, जिससे यह क्षेत्र एक तरह का एरिया-डिनायल ज़ोन बन सकता है।
*पनडुब्बी शक्ति में इजाफा:*
पाकिस्तान अपनी नौसेना को भी तेजी से मजबूत कर रहा है। साल 2026 में ही दो या तीन हैंगर-क्लास पनडुब्बियां नौसेना में शामिल की जा सकती हैं। ये कुल 8 पनडुब्बियों की परियोजना का हिस्सा हैं, जिनमें से कुछ चीन में और कुछ कराची में बन रही हैं। इन पनडुब्बियों की प्रमुख विशेषताएं ये है कि इसमें एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक है। इसका वजन 2,800 टन है, जो अधिक समय तक पानी के भीतर रहने की क्षमता रखता है।
*3,000 सैनिकों वाली एक नई मरीन ब्रिगेड भी तैयार की:*
पाकिस्तान ने इस क्षेत्र में करीब 3,000 सैनिकों वाली एक नई मरीन ब्रिगेड भी तैयार कर ली है। सर क्रीक का दलदली, नदी-नालों वाला हिस्सा परंपरागत युद्ध से अधिक असामरिक और हाइब्रिड युद्ध के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके साथ ही इलाके में ड्रोन देखे गए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में निरंतर निगरानी रख रहा है।
TRN LIVE: बोर्ड परीक्षाओं के लिए अलग बैंक अकाउंट जरूरी, 15 दिन के भीतर खाता खोल कर जानकारी साझा करने के निर्देश
स्कूलों को 15 दिन के भीतर खाता खोल कर जानकारी बोर्ड के साथ साझा करने के निर्देश
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े वित्तीय लेनदेन को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से राज्य के सभी संबद्ध सरकारी एवं निजी विद्यालयों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय को बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित कार्यों के लिए अलग से एक समर्पित बैंक खाता खोलना अनिवार्य होगा। यह खाता राष्ट्रीयकृत अथवा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में खोला जाएगा और इसे विशेष रूप से बोर्ड परीक्षा से जुड़े कार्यों तक ही सीमित रखा जाएगा। बोर्ड ने यह भी निर्देश दिए हैं कि परीक्षा खाते से होने वाले प्रत्येक वित्तीय लेनदेन का अलग से कैश बुक एवं रिकॉर्ड रखा जाएगा। विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा खाते से किया गया कोई भी भुगतान केवल अधिकृत प्रयोजन के लिए हो और आवश्यकता पडऩे पर उसका विवरण ऑडिट अथवा सत्यापन के लिए प्रस्तुत किया जा सके।
आदेश
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बैंक खाता अनिवार्य रूप से प्रिंसीपल/ हेडमास्टर, (स्कूल का नाम) – एचपीबीओएसई एग्ज़ैम हेड/ अकाउंट के नाम से होगा व इस समर्पित खाते का उपयोग केवल परीक्षा शुल्क की प्राप्ति, प्रायोगिक परीक्षाओं के संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन तथा बोर्ड द्वारा समय-समय पर निर्धारित अन्य परीक्षा संबंधी मदों के लिए ही किया जाएगा। किसी भी स्थिति में विद्यालय की सामान्य निधि, विकास शुल्क, खेलकूद, पुस्तकालय, निजी दान अथवा अन्य गैर-परीक्षा मदों की राशि इस खाते में जमा नहीं की जाएगी।
प्रधानाचार्यों को निर्देश
सभी प्रधानाचार्यों- मुख्याध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पत्र जारी होने के 15 दिन के भीतर समर्पित परीक्षा बैंक खाता खोलकर उसका पूर्ण विवरण—खाता संख्या, बैंक का नाम, शाखा तथा आईएफएससी कोड—बोर्ड कार्यालय/ वित्त शाखा को
उपलब्ध करवाएं।
एसओएस केंद्र की फीस बढ़ाई, नियमों में संशोधन
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने हिमाचल प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) के अध्ययन केंद्रों की स्थापना, उन्नयन और नवीनीकरण से संबंधित नियमों में महत्त्वपूर्ण संशोधन अधिसूचित किए हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1968 की धारा 19(3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बोर्ड अध्यक्ष ने पूर्व में जारी अधिसूचना दिनांक आठ दिसंबर 2023 में संशोधन किया है। अधिसूचना के अनुसार, निजी और सरकारी दोनों विद्यालय को एसओएस के अध्ययन केंद्र सृजन हेतु निर्धारित शुल्क 36 हजार रुपए बोर्ड कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा, जो केवल दो वर्षों के लिए मान्य रहेगा। इसके पश्चात प्रत्येक वर्ष निजी विद्यालयों को अध्ययन केंद्र नवीनीकरण शुल्क के रूप में छह हजार बोर्ड कार्यालय में जमा करवाना होगा। इसके अतिरिक्त, जो निजी अथवा सरकारी विद्यालय पहले से ही कक्षा आठवीं या दसवीं तक एसओएस अध्ययन केंद्र संचालित कर रहे हैं और जमा दो में अपग्रेड करना चाहते हैं, उनके लिए अपग्रेडेशन कम एसओएस स्टडी सेंटर क्रिएशन फीस के रूप में भी 36 हजार रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है।
TRN LIVE: *Cabinet Meeting : 19 को बुलाई कैबिनेट मीटिंग, बैठक में पंचायत चुनाव पर बड़ा फैसला ले सकती है सरकार*
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कैबिनेट की बैठक 19 जनवरी सोमवार को बुलाई है। यह बैठक सुबह 11 बजे बजे राज्य सचिवालय में शिखर सम्मेलन हाल में होगी। इस बैठक के लिए संबंधित सचिवों को एजेंडा तैयार करने के निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग ने दे दिए हैं। इस बैठक में राज्य सरकार पंचायत चुनाव को लेकर फैसला ले सकती है। हाई कोर्ट ने 30 अप्रैल से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है, जबकि वर्तमान परिसीमन प्रक्रिया के अनुसार इस डेडलाइन को फॉलो करना संभव नहीं है। इसलिए इस फैसले के खिलाफ अपील का निर्णय भी हो सकता है। 19 जनवरी की कैबिनेट के बाद 20 जनवरी को राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज चुनाव पर ही फैसला लेने के लिए मुख्य सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई है। कैबिनेट में हुए फैसले की जानकारी राज्य चुनाव आयोग को अगले दिन दी जा सकती है।
राज्य सरकार ने नए बजट पर फरवरी में काम शुरू करना है। इसके लिए पहले सप्ताह में विधायक प्राथमिकता बैठकें बुुलाई गई हैं। केंद्र सरकार का बजट पहली फरवरी को आ जाएगा। रेल बजट भी इसी का हिस्सा होगा। इस बार संसद सत्र में 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें भी रखी जानी हैं। हिमाचल को यह पता करना है कि राज्य के लिए 16वें वित्त आयोग ने क्या सिफारिश की है? अगले पांच साल कैसे चलेंगे, यह वित्त आयोग की इसी रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
दिल्ली जा सकते हैं सीएम
कैबिनेट से पहले सीएम बुधवार को दिल्ली भी जा सकते हैं। उनका केंद्रीय मंत्रियों में मिलने का प्रोग्राम है। सेब बागबानों के साथ मंगलवार को हुई बैठक मेंं भी उन्होंने आयात शुल्क का मामला दिल्ली में वित्त मंत्री और वाणिज्य मंत्री से उठाने का आश्वासन दिया है।
TRN LIVE: *21 और 22 जनवरी को हिमाचल की हर पंचायत में होगा ये बड़ा काम, CM सुक्खू ने जारी किए सख्त निर्देश*
प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 21 व 22 जनवरी को एंटी चिट्टा ग्राम सभा आयोजित की जाएंगी। इन ग्राम सभाओं में चिट्टा से संबंधित विभिन्न सूचनाओं की समीक्षा, चिट्टा की लत में फंसे स्थानीय युवाओं के पुनर्वास सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा और कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सचिवालय में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि एंटी चिट्टा ग्राम सभाओं में अन्य विभागों के अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किए जाएंगे। ग्राम सभा में चिट्टा से संबंधित पंचायत की संपूर्ण मैपिंग की जाएगी।
प्रीमियर लीग की तर्ज पर आयोजित होंगे एंटी चिट्टा अवेयरनैस स्पोर्ट्स टूर्नामैंट
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा के दुष्प्रभावों से लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेश व्यापी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेशभर में प्रीमियर लीग की तर्ज पर एंटी चिट्टा अवेयरनैस स्पोर्ट्स टूर्नामैंट आयोजित किए जाएंगे। इन टूर्नामैंट में कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबॉल की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। ये टूर्नामैंट ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। विजेता टीमों को मुख्यमंत्री द्वारा ईनाम राशि भी प्रदान की जाएगी।
TRN LIVE: *नई गाडिय़ां आने के बाद हटाई जाएंगी पुरानी बसें, अग्निहोत्री बोले, पैसा कमाना नहीं, जनसेवा है निगम का उद्देश्य*
उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि एचआरटीसी के पास वर्तमान में लगभग 3200 बसें हैं, जिनमें से करीब 500 बसें हटाना अनिवार्य हो गया है। औसतन 15 वर्ष या नौ लाख किलोमीटर चल चुकी बसों को हटाया जाता है। जब तक 297 इलेक्ट्रिक बसें और 250 मिनी बसें और 100 टैम्पो ट्रैवलर शामिल नहीं होती, तब तक पुरानी बसों को पूरी तरह हटाना संभव नहीं है। इसके लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हिमाचल पथ परिवहन निगम को केवल घाटे-मुनाफे के पैमाने पर आंकना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी एक व्यावसायिक संस्था नहीं, बल्कि जनसेवा का उपक्रम है, जिसने प्रदेश में पिछले 50 वर्षों से लोगों की जीवनरेखा के रूप में काम किया है।
शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि एचआरटीसी को लोगों की सुविधा के लिए 28 तरह की विभिन्न श्रेणियों किराए में छूट देनी पड़ती हैं। कई दुर्गम और घाटे वाले क्षेत्रों में निजी ऑपरेटर बसें नहीं चलाते, लेकिन वहां भी निगम अपनी सेवाएं जारी रखता है। कोरोना काल हो या प्राकृतिक आपदाएं एचआरटीसी ने हर परिस्थिति में लोगों की सेवा की है। ऐसे में मुनाफा कमाना स्वाभाविक रूप से कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी को मिलने वाली आर्थिक सहायता पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा दी जाती है
TRN LIVE: *हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शोध में खुलासा, 75% ग्राम पंचायतें विकास की मुख्यधारा से पीछे*
*हिमाचल प्रदेश की 75 प्रतिशत पंचायतें ‘एस्पिरेंट यानी सी श्रेणी में दर्ज की गई हैं। ये खुलासा एचपीयू शिमला के शोध में हुआ है।*
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शोध ने ग्राम पंचायत व्यवस्था की कमजोरियों का खुलासा किया है। पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स पर आधारित इस अध्ययन के अनुसार प्रदेश की अधिकांश ग्राम पंचायतें प्रभावी शासन, योजना निर्माण और संसाधन प्रबंधन के बुनियादी मानकों पर कमजोर बनी हुई हैं। 75 फीसदी ग्राम पंचायतें विकास की मुख्यधारा से पीछे हैं। अध्ययन में कुल 3,615 ग्राम पंचायतों में से 3,328 के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया। शोध के अनुसार लगभग 75 प्रतिशत पंचायतें ‘एस्पिरेंट यानी सी श्रेणी में दर्ज की गई हैं, जबकि राज्य की एक भी ग्राम पंचायत सर्वोच्च अचीवर यानी ए प्लस श्रेणी में स्थान नहीं बना सकीं।
ग्राम पंचायतें अब भी स्वतंत्र योजना निर्माण की स्थिति में नहीं हैं। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकताएं तय करने और दीर्घकालिक विकास रणनीति बनाने की क्षमता पंचायत स्तर पर कमजोर पाई गई। पंचायतों के पास प्रशिक्षित मानव संसाधनों की कमी है। वित्तीय सीमाएं भी पंचायतों के कमजोर प्रदर्शन का बड़ा कारण बताई गई हैं। अध्ययन के अनुसार पंचायतों की आय के स्रोत सीमित हैं और वे अनुदानों पर अत्यधिक निर्भर हैं। स्थानीय राजस्व सृजन की कमजोर क्षमता के कारण जल प्रबंधन, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में आवश्यक निवेश नहीं हो पा रहा है।
शोध में पर्वतीय भूगोल और दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को भी महत्वपूर्ण कारण माना गया है। शोध हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी जर्नल के जून 2025 अंक में प्रकाशित हुआ है। यह शोध विवि के अंतरविषयक अध्ययन विभाग के डॉ. बलदेव सिंह नेगी ने किया है।
स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण में पंचायतों का प्रदर्शन संतोषजनक
शोध में यह भी पाया गया है कि स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु कल्याण और पोषण से जुड़े मानकों पर हिमाचल की पंचायतों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत संतोषजनक रहा है। टीकाकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका प्रभावी पाई गई।
शोधकर्ता डॉ. बलदेव सिंह नेगी ने बताया कि यह रेटिंग प्रणाली पंचायती राज मंत्रालय की पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स पर आधारित है, इसमें ग्राम पंचायतों के कामकाज का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जाता है। इसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को ग्राम स्तर पर लागू करने की प्रगति को मापना और कमजोर क्षेत्रों की पहचान करना है। इस प्रणाली में 16 प्रमुख मापदंडों पर पंचायतों का आकलन किया जाता है।
TRN LIVE: *ग्रीनलैंड पर बंध गए ट्रंप के हाथ, अपनों ने ही कुतर दिए पर*
अमरीका के सांसदों (सीनेटर) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ग्रीनलैंड सहित किसी भी नाटो सदस्य देश या क्षेत्र पर हमला करने या कब्जा करने से रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया है। मंगलवार को पेश किया गया नाटो यूनिटी प्रोटेक्शन एक्ट विधेयक रक्षा विभाग और विदेश विभाग को किसी भी नाटो सदस्य देश के क्षेत्र की ‘नाकेबंदी करने, कब्जा करने, विलय करने या नियंत्रण स्थापित करने के लिए धन के उपयोग पर रोक लगाने का प्रावधान करता है। इसके अलावा, रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर डॉन बेकन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के साथ मिलकर एक ऐसा विधेयक पेश किया है, जो राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य बल का उपयोग करने से पहले ही रोकने का प्रयास करता है
श्री बेकन ने एक बयान में लिखा कि सोमवार को पेश किया गया नो फंड्स फॉर नाटो इन्वेजऩ एक्ट विधेयक किसी भी नाटो सदस्य देश या नाटो-संरक्षित क्षेत्र पर आक्रमण के लिए संघीय धन के उपयोग को प्रतिबंधित करेगा। सांसदों ने 80 साल पुराने नाटो गठबंधन को अमरीका और यूरोपीय सहयोगियों के बीच शांति और सहयोग की नींव बताया और कहा कि इससे आर्थिक अवसर बढ़े हैं, सुरक्षा बेहतर हुई है और सहयोगियों के साथ शांति स्थापित हुई है। सांसदों ने एक बयान में कहा कि हमें भडक़ाऊ बयानबाजी बंद करनी चाहिए,
TRN LIVE *ईरान में 12000 प्रदर्शनकारियों की हत्या, ब्रिटिश वेबसाइट का दावा, खामेनेई के खिलाफ आवाज उठाने पर मिली मौत*
ब्रिटिश वेबसाइट का दावा; खामेनेई के खिलाफ आवाज उठाने पर मिली मौत, सडक़ों पर बिछी लाशें
ईरान में बगावत की आग धधक रही है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ सडक़ों पर उबाल जारी है। 28 दिसंबर को शुरू हुआ जनआंदोलन अब देश के शहर-शहर फैल चुका है। इसी बीच ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने ईरान में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या का दावा किया है और ये हत्याएं पिछले 17 दिनों में हुई हैं। वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा हत्याकांड बताया है। कहा जा रहा है कि सडक़ों पर लाशें बिछी हैं, भयावह मंजर दिख रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आदेश दिए हैं। वहीं ईरानी अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या 2000 बताई है।
वेबसाइट का कहना है कि यह जानकारी कई सोर्सज पर आधारित है। इस डाटा की कई लेवल पर जांच की गई और सख्त प्रोफेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक पुष्टि के बाद ही इसे जारी किया गया। ज्यादातर मारे गए लोग 30 साल से कम उम्र के थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्यादातर हत्याएं रिवोल्यूशनरी गाड्र्स और बसीज फोर्स ने गोली मारकर की है और ये सब सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुआ। दावा किया गया है
TRN LIVE: *सभी ग्रुप के सदस्य कृपया ध्यान दें..*
*मेंम्बर लेटेस्ट न्यूज, पेपर, का आनंद ले रहे है बदले में कम से कम इतना जरूर करें कि न्यूज़, या पेपर, पर* *`Reaction`* *जरूर दे , पता चले न्यूज़ पेपर मैं कितने दिलचस्पी है...*
*तालियों से* (👏)
*पसंद से* (👍)
*नापसंद से* (👎)
*बेहतरीन से* (👌🏻)
*सम्मान से* (🙏🏻)
*मुस्कुराकर* (😊)
*प्यार से* (❤️)
*गुस्से से* (😡)
*हाथ मिलाकर* (🤝)
*आदि जो आपका दिल कहे*
🪷Reaction जरूर दें आप सभी के सहयोग से पता चलेगा कि कितने लोग एक्टिव है और एडमिन का जोश भी बरकरार रहेगा। ✍️
TRN
: *स्वदेशी जागरण मंच ,देवघर ने राष्ट्रीय युवा दिवस - विवेकानंद जयंती पर स्वामी जी को किया स्मरण
आज दिनांक 12 जनवरी 2026 को बैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन रोड स्थित स्वदेशी जागरण मंच जिला कार्यालय में स्वामी विवेकानंद जी पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी की तस्वीर पर लोगों ने पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण किया। तत्पश्चात, उपस्थित लोगों ने स्वामी जी के जीवन पर अपने - अपने विचार व्यक्त किए। *स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने सन् 1193 में संपन्न हुए शिकागो धर्म सम्मेलन में अपने बौद्धिक के दरमियान सार्वभौमिक सहीष्णुता और मानवता की एकता का संदेश देकर भारतीय संस्कृति और सभ्यता को विश्व पटल पर जो प्रतिष्ठा दिलाए वह अनंत काल तक अविस्मरणीय रहेगा। स्वामी जी ने बताया था कि दरिद्र और नि:शक्त मानव में ही ईश्वर का वास स्थान हुआ करता है।इन प्राणियों की सेवा करना ही वास्तव में धर्म है। अतः हमें उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए नि:शक्त और असहाय मानव की सेवा करनी चाहिए।*
*राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक गौरीशंकर शर्मा जी ने कहा कि जिस प्रकार स्वामी जी ने एक छोटे से जीवन काल में भारतवर्ष को विश्व सभ्यता के शिखर पर प्रतिष्ठा दिलाने का कार्य किया, उसी प्रकार हम सभी को उनसे प्रेरणा लेते हुए मिल-जुल कर तब तक कार्य करते रहना चाहिए जब तक भारत आर्थिक, सांस्कृतिक एवं सामरिक रूप से विश्व पटल पर मजबूती के साथ धमक देने में सफल न हो जाए।*इस हेतु शर्मा जी ने लोगों से इच्छा से स्वदेशी विचारधारा को अपनाते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी एवं उपयोग का आग्रह किया।*
*स्वदेशी जागरण मंच के देवघर जिला संयोजक संजय कुमार सिंह जी ने स्वामी जी द्वारा दिए गए प्रवचन के अनुसार मनुष्य को अपने जीवन में शांति, अपने अंतर्निहित शक्ति के द्वारा, स्वयं ढूंढने और आत्मविश्वास के साथ तब तक कार्य करने का आवाहन किया जब तक की लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।*
आज के इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौरी शंकर शर्मा, स्वदेशी जागरण मंच के मनोज कुमार सिंह, श्री प्रभाष गुप्ता, अरुण कुमार, आशा कुमारी झा, अमर कुमार सिन्हा ,संजय कुमार सिंह, सुनील कुमार गुप्ता, जीवेश कुमार, राजीव झा, महेश दुबे जी, निलेश कुमार सिंह, बबलू मित्रा सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
सधन्यवाद
भवदीय
संजय कुमार सिंह
स्वदेशी जागरण मंच, देवघर
झारखंड
TRN LIVE: स्वदेशी जागरण मंच,देवघर ,ने विकसित-भारत-2047' पर आयोजित की विशेष-परिचर्चा
वेवघर ।स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्थानीय स्टेशन रोड स्थित होटल न्यू ग्रेन्ड के भव्य सभागार में भारतवर्ष के विश्व्यात अर्थशास्त्री श्री मान सिद्धार्थ रस्तोगी द्वारा विकसित भारत-2047 पर विस्तार से विशेष परिचर्चा की गई। इस परिचर्चा में उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने हेतू हर भारतीय को निवेश व संचय करना चाहिए। साथ ही, सनातन की रक्षा के लिए अपने दशांस को सनातन के लिए खर्च करना चाहिए। घर-घर गीता, हर-हर गीता पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा व श्री मद्भागवत गीता की पाँच-पाँच पुस्तकें लोगों को बॉटनी चाहिए ,ताकि सनातन के प्रति लोग जागरूक हो सके। परिचचर्चा के अन्त में श्री रस्तोगी ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम झाररखण्ड के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। आज झारखण्ड के बदलाव की शिला रख दी गई है। आज के कार्यक्रम में सभी महानुभावों ने सनातन विस्तार का संकल्प लिया। मौके पर स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत समन्वयक, मनोज सिंह ,जिला संयोजक संजय सिंह, प्रभाष गुप्ता, बाबू सोना श्रृंगारी, अमर सिन्हा, पंकज सिंह भदोरिया, राजीव झा, प्रदीप बाजला, राम सेवक सिंह गुंजन, शशि शेखर सिंह, प्रकाश चन्द्र सिंह, सुनील कुमार गुप्ता ,राम नरेश, गौरी शंकर सिंह, नीलेश सिंह, अनुज त्यागी ,बमशंकर दूवे, शत्रुध्दन, प्रसाद, स्नेह कुमार, बबलू मित्रा इत्यादि मौजूद थे।
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*बुधवार, 15 जनवरी 2026 के मुख्य समाचार*
🔶'हम बिकाऊ नहीं हैं, अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेंगे' – ग्रीनलैंड के PM ने ट्रंप को दिया करारा जवाब
🔶ईरान का कत्लेआम पर कबूलनामा ! सरकार ने प्रदर्शनों में 2000 मौतों की पुष्टि की
🔶'मदद आ रही है, प्रोटेस्ट जारी रखो', ईरान के प्रदर्शनकारियों को ट्रंप का खुला समर्थन
🔶गुजरात हाइकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज की:पीएम मोदी की डिग्री से जुड़ा मामला, संजय सिंह से अलग ट्रायल की मांग की थी
🔶राजौरी में फिर दिखे संदिग्ध ड्रोन... सेना प्रमुख की चेतावनी के बावजूद बाज नहीं आया PAK
🔶भारत की अध्यक्षता में होने वाले 'ब्रिक्स 2026' की वेबसाइट, थीम और लोगो लॉन्च, जयशंकर ने सामने रखे चार संकल्प
🔶बंगाल में तेजी से फैल रहा निपाह वायरस का संक्रमण, 2 नर्स वेंटिलेटर पर, 102 लोगों को किया गया कोरेंटिन
🔶महाराष्ट्र: चुनाव आयोग ने निकाय चुनावों से पहले ‘लाडकी-बहिन’ योजना की क़िस्त देने पर रोक लगाई
🔶भारत के विरोध के बावजूद शक्सगाम पर चीन अड़ा, कश्मीर में निर्माण को बताया जायज
🔶'क्या आपकी भावनाएं केवल कुत्तों के लिए हैं?', डॉग लवर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट
🔶सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X हुआ डाउन, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों में यूजर्स परेशान
🔶राष्ट्रपति का जालंधर दौरा: 14 से 16 जनवरी तक शहर में लगी सख्त पाबंदी
🔶फ्रांस में EU-मर्कोसुर डील पर भड़के किसान, संसद तक सैंकड़ों ट्रैक्टरों से लगा दिया जाम (Video)
🔶अब नहीं मिलेगी 10 मिनट में डिलीवरी : ब्लिंकिट ने हटाया दावा, वर्कर्स की सुरक्षा पर दिया ध्यान
🔶अमेरिका ने एक साल में रद्द किए एक लाख से अधिक वीजा, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
🔶करूर भगदड़ मामला: सीबीआई की पूछताछ के बाद टीवीके प्रमुख विजय चेन्नई के लिए रवाना
🔶सिंगापुर कोर्ट में आज शुरू होगी सिंगर जुबीन गर्ग की मौत की जांच
🔶इजराइल ने UN एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तोड़े सभी रिश्ते
🔶टी20 विश्व कप : बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपनी बात पर अड़ा, टीम को भारत भेजने से किया इनकार
🔷193 के चेज में चमकीं हरमनप्रीत, रोमांचक मुकाबले में अंतिम ओवर में MI को दिलाई जीत
*आप सभी का दिन शुभ सुखद और मंगलमय हो.. सुप्रभातम्....!*
*जय हो🙏🚩🚩*
TRN LIVE: *ब्रेकिंग न्यूज़*
*लखनऊ में किरायेदार सत्यापन को लेकर पुलिस सख्त*
*भारत नेशन न्यूज़ लखनऊ से राज बहादुर रिपोर्ट*
*लखनऊ में किरायेदार सत्यापन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। जॉइंट कमिश्नर बबलू कुमार के निर्देश पर DCP पश्चिमी के निर्देशन में पारा कोतवाली पुलिस ने हंसखेड़ा, मुन्नू खेड़ा व आवास विकास कॉलोनी में लाउडस्पीकर से जागरूकता अभियान चलाया।पुलिस ने मकान मालिकों को चेतावनी दी है कि किरायेदार सत्यापन न कराने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस का स्पष्ट संदेश।सत्यापन कराएं, सुरक्षा बढ़ाएं*
TRN LIVE: सभी देशवासियों को मकर संक्रांति की असीम शुभकामनाएं। तिल और गुड़ की मिठास से भरा भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का यह दिव्य अवसर हर किसी के जीवन में प्रसन्नता, संपन्नता और सफलता लेकर आए। सूर्यदेव सबका कल्याण करें।
*प्रकाश सेठ पत्रकार*
TRN LIVE: सभी देशवासियों को मकर संक्रांति की असीम शुभकामनाएं। तिल और गुड़ की मिठास से भरा भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का यह दिव्य अवसर हर किसी के जीवन में प्रसन्नता, संपन्नता और सफलता लेकर आए। सूर्यदेव सबका कल्याण करें।
*प्रकाश सेठ पत्रकार*
TRN LIVE: *ब्रेकिंग न्यूज़*
*भारत नेशन न्यूज़ लखनऊ रिपोर्ट राज बहादुर*
लखनऊ में बैंक ऑफ बड़ौदा से करोड़ों की हेराफेरी का आरोप, शाखा के बाहर जमकर हंगामा
लखनऊ के पारा क्षेत्र स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से ग्राहकों के खातों से करोड़ों रुपये गायब होने का आरोप सामने आया है। आक्रोशित खाताधारकों ने बैंक मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए बैंक शाखा के बाहर जमकर हंगामा किया।सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
TRN LIVE: *जनपद बाराबंकी*
*थाना- जैदपुर*
*दिनांक-14.01.2025*
*थाना जैदपुर पुलिस टीम द्वारा पुलिस मुठभेड़ में 15 हजार रुपये के इनामिया अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार-*
आज दिनांक- 14.01.2025 की रात्रि को थाना जैदपुर पुलिस टीम द्वारा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं आपराधिक घटनाओं की रोकथाम हेतु गश्त/चेकिंग की जा रही थी कि भनौली नहर पुलिया के पास एक संदिग्ध आपराधिक व्यक्ति के होने की सूचना प्राप्त हुई। प्राप्त सूचना के आधार पर थाना जैदपुर पुलिस टीम द्वारा चेकिंग/गाड़ाबन्दी की कार्यवाही की गई। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस टीम द्वारा रुकने का इशारा किया गया तो संदिग्ध व्यक्ति पुलिस टीम को देख कर भागने लगा तथा गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई। पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षार्थ फायरिंग में संदिग्ध अभियुक्त के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसे उपचार हेतु तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। घायल/गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहम्मद वसीम पुत्र मुन्ना निवासी ग्राम जमलापुर थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी के रूप में हुई। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से एक अदद अवैध तमंचा .315 बोर मय 01 अदद जिंदा व 01 अदद खोखा कारतूस .315 बोर बरामद किया गया। *अभियुक्त मोहम्मद वसीम पुत्र मुन्ना निवासी ग्राम जमलापुर थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी थाना जैदपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0 278/2025 धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट में वांछित था, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक बाराबंकी द्वारा 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।*
अभियुक्त के विरुद्ध जनपद बाराबंकी, लखनऊ, अमेठी, बहराइच में चोरी/अवैध शस्त्र बरामदगी/ हत्या के प्रयास, अवैध मादक पदार्थ तस्करी आदि से सम्बन्धित कुल 25 अभियोग पंजीकृत हैं।
*नाम पता घायल/गिरफ्तार अभियुक्त-*
अभियुक्त मोहम्मद वसीम पुत्र मुन्ना निवासी ग्राम जमलापुर थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी
*बरामदगी*
1. 01 अदद अवैध तमंचा .315 बोर
2. 01 अदद जिंदा व 01 अदद खोखा कारतूस .315 बोर
*आपराधिक इतिहास-*
*अभियुक्त मोहम्मद वसीम पुत्र मुन्ना निवासी ग्राम जमलापुर थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी*
1. मु0अ0सं0 323/2021 धारा 379/441 भादवि0 थाना कोठी जनपद बाराबंकी
2. मु0अ0सं0 318/2021 धारा 379/441/413/429 भादवि0 थाना कोठी जनपद बाराबंकी
3. मु0अ0सं0 320/2021 धारा 379 भादवि0 थाना कोठी जनपद बाराबंकी
4. मु0अ0सं0 322/2021 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना कोठी जनपद बाराबंकी
5. मु0अ0सं0 18/2016 धारा 379/441 भादवि0 थाना कोठी जनपद बाराबंकी
6. मु0अ0सं0 524/2022 धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट थाना कोठी जनपद बाराबंकी
7. मु0अ0सं0 61/2016 धारा 379 भादवि0 थाना जहांगीराबाद जनपद बाराबंकी
8. मु0अ0सं0 131/2016 धारा 379/441 भादवि0 थाना देवा जनपद बाराबंकी
9. मु0अ0सं0 89/2021 धारा 401 भादवि0 थाना बड्डूपुर जनपद बाराबंकी
10. मु0अ0सं0 91/2021 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना बड्डूपुर जनपद बाराबंकी
11. मु0अ0सं0 192/2020 धारा 380 भादवि0 थाना बड्डूपुर जनपद बाराबंकी
12. मु0अ0सं0 305/2024 धारा 380/457 भादवि0 थाना रामसनेहीघाट जनपद बाराबंकी
13. मु0अ0सं0 343/2024 धारा 379 भादवि0 थाना रामसनेहीघाट जनपद बाराबंकी
14. मु0अ0सं0 354/2024 धारा 380/411 भादवि0 थाना रामसनेहीघाट जनपद बाराबंकी
15. मु0अ0सं0 12/2021 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना सतरिख जनपद बाराबंकी
16. मु0अ0सं0 136/2025 धारा 303(2) बीएनएस थाना जैदपुर जनपद बाराबंकी
17. मु0अ0सं0 137/2025 धारा 303(2) बीएनएस थाना जैदपुर जनपद बाराबंकी
18. मु0अ0सं0 139/2025 धारा 303(2) बीएनएस थाना जैदपुर जनपद बाराबंकी
19. मु0अ0सं0 221/2025 धारा 303(2) बीएनएस थाना सफदरगंज जनपद बाराबंकी
20. मु0अ0सं0 188/2016 धारा 379/411 भादवि0 थाना गुडम्बा जनपद लखनऊ
21. मु0अ0सं0 147/2024 धारा 307/379/427/504/506/511 भादवि0 थाना शुकुल बाजार जनपद अमेठी
22. मु0अ0सं0 80/2024 धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम व 379/411 भादवि0 थाना भाले सुल्तान शहीद स्मारक जनपद अमेठी
23. मु0अ0सं0 138/2018 धारा 8/20 एनडीपीएस थाना नवाबगंज जनपद बहराइच
24. मु0अ0सं0 585/2022 धारा 8/21 एनडीपीएस थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी
25. मु0अ0सं0 278/2025 धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट थाना जैदपुर जनपद बाराबंकी
TRN LIVE: *जनपद-बाराबंकी*
*दिनांक- 14.01.2026*
*धोखाधड़ी कर पीड़ित के साथ फ्रॉड किए जाने के पर साइबर सेल, बाराबंकी द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए पीड़ित के 01,14,902 /- रूपये को वापस कराया गया-*
साइबर सेल, जनपद बाराबंकी को एक ऑनलाइन शिकायती प्रार्थना पत्र हुआ, जिसमें धोखाधड़ी से ट्रांसफर करा लेने के सम्बन्ध में आवेदक मो. फैसल पुत्र मसूद अहमद निवासी ग्राम बेलखरा थाना टिकैतनगर जनपद बाराबंकी से 01,14,902/- रूपये का फ्रॉड होने का उल्लेख किया गया।
संदर्भित प्रकरण में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी श्री संगम कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम सेल द्वारा साइबर तकनीकी का प्रयोग कर संबंधित से पत्राचार कर 01,14,902 /- रूपये पीड़ित के खाते में वापस कराया गया।
*पुलिस टीम-*
1. निरीक्षक श्री बृजेश कुमार यादव प्रभारी साइबर सेल बाराबंकी
2. निरीक्षक श्री संजीव कुमार यादव प्रभारी साइबर थाना बाराबंकी
3. उ0नि0 इफ़लाक अहमद
4. हे0का0 नीरज यादव, हे0का0 जितेंद्र साइबर थाना
5. आरक्षी सुधाकर सिंह भदौरिया, पंकज सिंह यादव
6. आरक्षी राजन यादव, आरक्षी अभिषेक चपराना,आरक्षी अंकुश चौधरी
7. आरक्षी कपिल कुमार, आरक्षी मनोज कुमार मय समस्त साइबर टीम
TRN LIVE: *रात 10 बजे की बड़ी खबरें...................*
➡लखनऊ- अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई , नगर निगम ने अवैध कब्जे पर कार्रवाई की, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई , ग्राम बिजनौर, सरोजनी नगर में भूमि पर कब्जा था, अवैध प्लाटिंग, बाउंड्रीवाल, टीन शेड युक्त मकान बने थे, नगर आयुक्त के निर्देश पर अभियान चलाया गया, जेसीबी से अवैध निर्माण ध्वस्त कर मुक्त कराई जमीन,, मुक्त भूमि की कीमत क 2 करोड़ रुपये बताई गई
➡लखनऊ- दस्तरखान,ओपन एयर रेस्टोरेंट पर कार्रवाई, दस्तरखान रेस्टोरेंट का 15,000 का चालान, गंदगी फैलाने पर 15,000 रुपये का चालान, ओपन एयर रेस्टोरेंट पर 5,000 का जुर्माना , 6 अन्य दुकानों पर कचरा फैलाने पर चालान, 33,500 रुपये का संयुक्त चालान काटा गया
सिंगल यूज प्लास्टिक के अवैध प्रयोग पर चालान, प्रतिष्ठानों पर 15,000 रुपये का चालान किया गया, अवैध ठेलों की जब्ती के साथ 48,500 का चालान , तुलसी सिनेमा के पास है दस्तरखान रेस्टोरेंट
➡मुरादाबाद - सीनियर लेखा परीक्षा अधिकारी गिरफ्तार, विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ किया अरेस्ट, 50 हजार रिश्वत लेते हुए टीम ने पकड़ा, अनिरुद्ध द्विवेदी को किया गया गिरफ्तार, ऑडिट कराने के एवज में मांगे थे 3 लाख, पंचायत ऑडिट विभाग कार्यालय से अरेस्ट, पहली किश्त के तौर पर ले रहा था 50 हजार
➡कन्नौज - इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने किया हंगामा, खाने की खराब गुणवत्ता को लेकर हुआ हंगामा, कॉलेज के अंदर प्रदर्शन कर जताया विरोध, छात्रों ने हाथों में थाली उठाकर दिखाया खाना, मेस संचालक पर गाली गलौज का भी आरोप, तिर्वा राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का मामला
➡आजमगढ़ - दबंगों ने पूर्व सैनिक की दीवार गिराई, 13 नामजद, एक अज्ञात पर केस दर्ज, केस के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप, सिधारी थाना क्षेत्र के परमेश्वरपुर का मामला
➡मुजफ्फरनगर - सोनू कश्यप के घर पहुंचे संजीव बालियान,, लोगों को न्याय की उम्मीद- संजीव बालियान, उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए- संजीव बालियान, ‘न्याय दिलाने के लिए लखनऊ बात की जाएगी’, बालियान ने आर्थिक मदद की सरकार से मांग की
➡उन्नाव: हसनगंज क्षेत्र में नवजात बच्ची का शव मिला, अजगैन-मोहान मार्ग पर झाड़ियों में मिला शव , झाड़ियों से उठाकर कुत्ते ने सड़क किनारे रखा, पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी , लालपुर गांव के पास मिला नवजात का शव
➡सीतापुर- अवैध अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, कस्बे की मुख्य सड़कों से हटाए अस्थाई निर्माण, सकड़ किनारे से टीन शेड, चबूतरों को किया ध्वस्त, महोली तहसील प्रशासन का पिसावां में अभियान
➡इटावा- रैन बसेरा के बाहर बुजुर्ग की संदिग्ध मौत, बुझे अलाव के पास मिली लाश, मचा हड़कंप, सर्दी से मौत की आशंका, जांच पड़ताल जारी, जेब में मिली दवाईयां, अस्थमा से पीड़ित था , आरपीएफ-जीआरपी ने शव को कब्जे में लिया, रेलवे परिसर में रैन बेसेरे के पास की घटना
➡मैनपुरी - तहसील में ITBP जवान से लूट, मारपीट की , ढाई लाख रुपए, कई जरूरी दस्तावेज भी लूटे, दो नामजद,4 अन्य लोगों पर लूट का आरोप, ड्यूटी से छुट्टी पर आया हुआ था जवान, परिवार के लोगों ने ही मारपीट की- सीओ, शहर कोतवाली क्षेत्र सदर तहसील की घटना
➡मुरादाबाद - फरवरी में होगा त्रिशूल रक्षा संग्रहालय का उद्घाटन, प्रदेश के पहले रक्षा संग्रहालय का उद्घाटन होगा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी करेंगे शुभारंभ, PM मोदी की कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना, सेना द्वारा दिए गए हैं फाइटर जेट, आधुनिक हथियार
नगर आयुक्त,कमिश्नर ने रक्षा मंत्री को किया इनवाइट
➡मैनपुरी - लापरवाह लेखपालों को SDM ने किया निलंबित , अभद्रता और कार्य में लापरवाही करने का आरोप , कुरावली तहसील में तैनात 2 लेखपाल निलंबित, लेखपाल राकेश यादव, कुलदीप यादव निलंबित
➡हमीरपुर : -- NH 34 पर वाहन ने स्कूटी को मारी टक्कर, एक स्कूटी सवार की मौत, दूसरा घायल, घायल का जिला अस्पताल में इलाज जारी, थाना सुमेरपुर के कुंडौरा गांव की घटना
➡आजमगढ़ - संपत्ति विवाद में परिजनों पर आरोप, परिजनों पर लगा हत्या का आरोप , 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, 5 को पुलिस ने हिरासत में लिया , बेटे ने की थी प्रेम-प्रसंग से शादी, मृतक की पत्नी ने लगाया आरोप, मुबारकपुर थाना क्षेत्र की घटना
➡प्रयागराज- इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी खबर, झूठा केस कराने वालों पर कार्रवाई के संकेत, झूठी FIR दर्ज कराने वालों को चेतावनी, पुलिस तंत्र के दुरुपयोग पर कोर्ट नाराज़, झूठी सूचना पर FIR दर्ज कराना पड़ेगा भारी, जांच में FIR झूठी पाई गई तो कार्रवाई तय-HC
सूचना देने वाले के खिलाफ दर्ज होगी शिकायत, लिखित परिवाद दर्ज कराना होगा जरूरी-कोर्ट, कानून का गलत इस्तेमाल नहीं होगा बर्दाश्त-HC
➡आगरा - आगरा की बेटी ओमांशी दुबे का चयन, ओमांशी का आर्मी डे परेड के लिए चयन, कल जयपुर में दिखेगा आगरा का गौरव, जयपुर में होगा भव्य आर्मी डे समारोह, कागारौल निवासी ओमांशी दुबे करेंगी मार्च पास्ट, पिलानी बैंड के साथ सौजाफोन बजाएंगी ओमांशी
➡सीतापुर- सीजर के बाद CHC में प्रसूता की मौत, परिजनों ने चिकित्सकों पर लगाया आरोप, चिकित्सकों पर लापरवाही का लगाया आरोप, सर्जन,आशा बहू पर 6 हजार रुपये लेने का आरोप, मंगलवार को प्रसूता का CHC में हुआ था सीजर, बुधवार को अचानक खराब हुई तबियत, उपचार के दौरान प्रसूता ने तोड़ा दम, महमूदाबाद CHC का पूरा मामला
➡सहारनपुर- थाना गंगोह पुलिस की बदमाश से मुठभेड़, गैंगस्टर एक्ट का वांछित अभियुक्त अरेस्ट, पुलिस मुठभेड़ में बदमाश के पैर में लगी गोली, मुठभेड़ के दौरान तमंचा, खोखा, कारतूस बरामद, बदमाश के कब्जे से एक बाइक भी बरामद, गैंगस्टर एक्ट में लंबे समय से वांछित था , थाना गंगोह क्षेत्र का मामला
➡पंजाब- श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 गुम स्वरूपों की जांच, 328 गुमशुदा स्वरूपों की जांच में SIT को सफलता, एक धार्मिक स्थल पर 169 पवित्र स्वरूप बरामद , बंगा के पास धार्मिक स्थल पर पवित्र स्वरूप बरामद
TRN LIVE: *कानपुर(उत्तर प्रदेश)*
*रजत शर्मा..!*
*✍️कानपुर में ऑपरेशन 500 की बड़ी कार्रवाई—156 शिकायतें, 22 आरोपी जेल में; नशीले पदार्थों की ब्रिकी व अतिक्रमण पर पुलिस का शिकंजा*
*✍️कानपुर कमिश्नरी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन 500 के तहत शहर में अपराध और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी है। 11 दिसंबर से शुरू हुए इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस द्वारा जारी किए गए व्हाट्सऐप नंबर पर कुल 156 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 130 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है।*
*✍️संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध विनोद कुमार सिंह के अनुसार, नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी में लिप्त लोगों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। अब तक 22 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और कई अन्य पर कार्रवाई प्रगति पर है।*
*✍️शहर के 32 स्थानों पर नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें आईं—जिनमें महिलाएं, पुरुष और कई शातिर तत्व शामिल हैं। पुलिस आमजन के सहयोग से इन नेटवर्क की कड़ियों को तोड़ने में जुटी है।*
*✍️इन क्षेत्रों से आई नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें👇*
*किदवईनगर, बाबूपुरवा, काकादेव, पनकी, कल्याणपुर, सचेंडी, चमनगंज, बेकनगंज, मूलगंज, बर्रा, गोविंदनगर, बिल्हौर और घाटमपुर।*
*👉अतिक्रमण की वजह से बढ़ा शहर में जाम*
*✍️शहर के 14 प्रमुख क्षेत्रों में अतिक्रमण की शिकायतें दर्ज हुई हैं। पी रोड, बजरिया, कल्याणपुर–पनकी रोड, गुमटी नंबर पांच, गोविंदनगर, किदवईनगर, कर्रही रोड, स्वरूपनगर, चकेरी, श्यामनगर और रावतपुर सहित कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है।*
*✍️पुलिस ने नगर निगम के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है।*
✍️कमिश्नरी पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन 500 आगे भी जारी रहेगा और शहर को नशा, अवैध कब्जों व अपराध से मुक्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
TRN LIVE
TRN LIVE: *महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस का बड़ा दावा, महायुति 29 में से 27 नगर निकायों में जीत हासिल करेगी*
* 15 जनवरी को वोटिंग के बाद राज्य की 29 नगर निगमों में से 27 में महायुति के मेयर ही होंगे
* बीएमसी चुनाव मराठी लोगों की नहीं, बल्कि ठाकरे भाइयों के अस्तित्व की लड़ाई है.
* महायुति मुंबई में विकास, पारदर्शी शासन और मराठी हितों की सुरक्षा करेगी.
* इस चुनाव में मुंबई या मराठी अस्मिता खतरे में नहीं है, बल्कि उन नेताओं का भविष्य दांव पर लगा है जो अब एकजुट हुए हैं.
* मुंबई में महायुति का ही महापौर बनेगा और पारदर्शी शासन दिया जाएगा.
*महाराष्ट्र की नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में बड़ी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी का आत्मविश्वास चरम पर है. इन नतीजों के बाद पार्टी की नजर अब मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों पर टिक गई है.*
TRN LIVE: *PMO का नाम बदलकर रखा ’सेवा तीर्थ’*
*"अब गुलामी के सबसे बड़े प्रतीक ’इंडिया’ नाम को हटाकर ’भारत’ करने की तैयारी"*🇮🇳😊
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में देशभर में कई अहम नामों में बदलाव किए हैं.
पिछले कुछ सालों में भारत में कई सड़कों, सरकारी इमारतों, संस्थानों और शहरों के नाम बदले गए हैं *राजपथ* का नाम बदलकर *कर्तव्य पथ* करने से लेकर *योजना आयोग को नीति आयोग बनाने तक,* देशभर में नाम परिवर्तन की यह प्रक्रिया लगातार चर्चा का विषय रही है. अब इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बदलाव यह हुआ है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और उसके आसपास के प्रशासनिक ब्लॉक का नाम
*‘सेवा तीर्थ’* रखा गया है
यह नया परिसर पहले Executive Enclave के नाम से जाना जाता था और इसी नए भवन परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय स्थित होंगे. नया नाम *सेवा तीर्थ* इसलिए चुना गया है क्योंकि यह सरकार के कामकाज में
*'सेवा की भावना'* को प्राथमिकता देने का प्रतीक है. यानी शासन केवल सत्ता और अधिकार के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा और कल्याण के लिए है.
चर्चा में रहा नाम परिवर्तनपिछले कुछ वर्षों में भारत में कई सड़कों, सरकारी इमारतों, संस्थानों और शहरों के नाम बदले गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इन बदलावों को *गुलामी के दौर की पहचान से बाहर निकलने और भारतीय संस्कृति, लोक भावना और कर्तव्य की सोच को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है.*
पिछले कुछ वर्षों में निम्नलिखित नाम बदले गए हैं
**1. राजपथ- कर्तव्य पथ (2022)*
**2. 7 रेस कोर्स रोड - लोक कल्याण मार्ग (2016)**प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास अब लोक कल्याण मार्ग के नाम से जाना जाता है.
**3. योजना आयोग - नीति आयोग (2015)**आजादी के बाद बना योजना आयोग समाप्त कर नीति आयोग बनाया गया. इसका उद्देश्य राज्यों को साथ लेकर नीति बनाना है.
**4. प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर- सेवातीर्थ (2025–26)**पीएमओ के नए कॉम्प्लेक्स का नाम सेवातीर्थ (Seva Teerth) रखा गया. यह नाम सेवा भावना और सार्वजनिक जिम्मेदारी को दर्शाता है.
*5.केंद्रीय सचिवालय-* कर्तव्य भवनसेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत नए सचिवालय भवनों को कर्तव्य भवन कहा गया. यह बदलाव सरकारी कर्मचारियों के कर्तव्य बोध को दर्शाने के लिए किया गया.
*6.डलहौजी रोड-*
दारा शिकोह रोडब्रिटिश गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी के नाम पर बनी सड़क का नाम बदलकर मुगल राजकुमार दारा शिकोह के नाम पर रखा गया. दारा शिकोह को भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक माना जाता है.
**7. राजभवन- लोकभवन (कई राज्य)**कई राज्यों में राज्यपाल के आवास राजभवन को लोकभवन कहा जाने लगा. यह बदलाव पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम जैसे राज्यों में लागू हुआ.
*8.राज निवास-* लोक निवासलद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में राज निवास का नाम बदलकर लोक निवास किया गया.
शहरों और स्थानों के बड़े नाम परिवर्तन
**9. इलाहाबाद- प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)**ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए नाम बदला गया.
*10.फैजाबाद जिला- अयोध्या* जिलाराम जन्मभूमि से जुड़ी धार्मिक पहचान को प्रमुखता दी गई.
*11.मुगलसराय स्टेशन- पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन* एक प्रमुख रेलवे स्टेशन का नाम बदला गया.
*12.औरंगाबाद- संभाजीनगर (महाराष्ट्र)*
*छत्रपति संभाजी महाराज के सम्मान में नाम बदला गया.
**13. उस्मानाबाद- धाराशिव (महाराष्ट्र)**प्राचीन भारतीय नाम को फिर से अपनाया गया.
Indian Penal Code का भी बदला नामभारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) का नाम बदल चुका है, लेकिन यह सिर्फ नाम नहीं बदलकर पूरी तरह नई संहिता में बदल गया है. पुरानी Indian Penal Code (IPC), 1860 जिसे ब्रिटिश शासन के समय बनाया गया था और आजादी के बाद भी लागू रहा. अब 1 जुलाई 2024 से यह हटकर नई संहिता में बदल गया है.
**नया नाम क्या है?**Indian Penal Code (IPC) की जगह अब Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 लागू हो गया है. New criminal law (Bharatiya Nyaya Sanhita) 1 जुलाई 2024 से लागू हो गया है और इससे IPC पूरी तरह बदल गया है. सरकार का कहना है कि पुराने IPC को आधुनिक समय के अनुसार बदलने और भारत की पहचान के हिसाब से नया नाम देने की जरूरत थी.
*नाम बदलने का महत्त्व*
केंद्र सरकार का कहना है कि देश में सड़कों, शहरों, सरकारी इमारतों और संस्थानों के नाम बदलने का निर्णय सिर्फ एक नाम बदलने तक सीमित नहीं है. इसके पीछे तीन बड़े उद्देश्य हैं.
1.गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति कई पुरानी सड़कों, भवनों और संस्थानों के नाम ब्रिटिश शासन अधिकारी के नाम पर थे.
जैसे राजपथ, डलहौजी रोड, कुछ रेलवे स्टेशन आदि. सरकार का कहना है कि इन नामों से भारत की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय पहचान को ठीक तरह से नहीं दिखाया जाता था. नाम बदलकर अब ये स्वदेशी और भारतीय प्रतीकों से जुड़े हुए हैं. जैसे- राजपथ का नाम कर्तव्य पथ, डलहौजी रोड का नाम दारा शिकोह रोड.
2.भारतीय इतिहास और संस्कृति का सम्माननाम बदलने का दूसरा उद्देश्य यह है कि इतिहास और संस्कृति को सही सम्मान मिले. पुराने नाम अक्सर उपनिवेशिक काल या विदेशी प्रभाव को दर्शाते थे. नए नाम ऐसे चुने गए हैं जो भारतीय संस्कृति, वीरता, लोककथा और राष्ट्रीय नेताओं को समर्पित हैं. जैसे-औरंगाबाद- छत्रपति संभाजीनगर, इलाहाबाद-प्रयागराज.
3.लोककल्याण और सेवा की भावना को बढ़ावा देनासिर्फ जगह का नाम बदलना ही नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों और भवनों के नाम बदलकर कर्तव्य और सेवा का संदेश दिया गया, जैसे 7 रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग, राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन, राज निवास का नाम बदलकर लोक निवास हो गया।
TRN LIVE: *सोते रहो हिंदुओं••••!*
*एक एक करके मुसलमान हिंदुओं की जमीन पर क़ब्ज़ा कर रहे हैं!*
*वो हर हथकंडे अपना कर जमीन क़ब्ज़ा रहे है!*
*देश की राजधानी दिल्ली के अंदर मुसलमानो ने १०० साल से रह रहे हिंदुओं के घर फर्जी दस्तावेजों के सहारे कोर्ट के ज़रिए ख़ाली करवा लिया!*
*आज ये हिंदू परिवारों का सामान सड़क पर फेंक दिया गया!*
*हिन्दुओं के पास न पैसा है न वकील और मुसलमानों के साथ कांग्रेस के कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे वकीलों कि फौज है जिन्हें जमीयत उलेमा ए हिंद भुगतान करता है!!*
*आज कोई नहीं है इन परिवारों के साथ!*
*घटना दिल्ली के विक्रांत नगर,पीर बगीची,प्रताप नगर दिल्ली की है!!*
TRN LIVE: 🕉️जीव अपने कर्मों के लिए स्वयं जिम्मेदार है और परमेश्वर अपने कर्मों में स्वतंत्र है।
परमेश्वर और जीव के बीच के संबंध को समझने के लिए यह विचार बहुत ही महत्वपूर्ण है। परमेश्वर ने जीव को शरीर और सामर्थ्य दिया है, लेकिन जीव अपने कर्मों के लिए स्वयं जिम्मेदार है। यदि परमेश्वर की प्रेरणा से जीव कर्म करता होता, तो कोई जीव पाप नहीं करता, क्योंकि परमेश्वर पवित्र और धार्मिक है।
लेकिन वास्तविकता यह है कि जीव के पास जो शरीर और इंद्रियां हैं, वे उसके अधीन हैं और वह उनसे पाप या पुण्य करता है। इसलिए, जीव अपने कर्मों का भोक्ता है, न कि परमेश्वर।
एक उदाहरण के माध्यम से इसे समझने की कोशिश करते हैं। जैसे एक कारीगर ने पहाड़ से लोहा निकाला, उस लोहे से एक तलवार बनाई गई और किसी सिपाही ने उस तलवार से किसी को मार डाला। अब यहां कारीगर, लोहार या तलवार बनाने वाले को दंड नहीं दिया जाएगा, बल्कि जिसने तलवार से मारा है, वही दंड पायेगा।
इसी प्रकार, परमेश्वर ने जीव को शरीर और सामर्थ्य दिया है, लेकिन जीव अपने कर्मों के लिए स्वयं जिम्मेदार है। परमेश्वर अपने कर्मों में स्वतंत्र है, जैसे सृष्टि को बनाना, पालन करना और जीवों के कर्मों का हिसाब रखना। वह अपने स्वभाव से इन कर्मों को करता है, किसी की प्रेरणा से नहीं।
इसलिए, यह स्पष्ट है कि जीव अपने कर्मों के लिए स्वयं जिम्मेदार है और परमेश्वर अपने कर्मों में स्वतंत्र है। यह विचार हमें अपने जीवन के उद्देश्यों और जिम्मेदारियों को समझने में मदद करता है
TRN LIVE: || 🕉️श्री हरि: ||
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श्री गोपी गीत
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जयति तेअधिकं जन्मना ब्रज:श्रयत इन्दिरा शाश्वदत्र हि ।
दयित दृश्यतां दिक्षु तावकास्त्वदि धृतासवस्त्वां विचिन्वते ।।
हे कृष्ण ! आपके प्रकट होने से ब्रज बैकुण्ठ से भी अधिक भाग्यशाली हो गया है । ब्रज की शोभा अत्यन्त बढ़ गयी है । क्योंकि ब्रज में लक्ष्मीजी भी नित्य निवास कर रही हैं । हे प्रिय, आपके स्वजन हम लोग आपके लिये ही प्राणों को धारण किये बैठे हैं । क्योंकि हम आपके लिये ही जीतें हैं और जो आपकी हैं ऐसी गोपियां आपको सभी दिशाओं में खोजती हैं । उन्हें देखो और हे परम् दयालु दर्शन दो ।
गोपियां इतनी भावविभोर बन गयी की सभी में भगवान् कृष्ण को देखने लगी । वृक्ष, बेल, फूल, फल आदि में उन्हें भगवान् श्रीकृष्ण दिखायी देते हैं । उन्हें दृढ विशवास है कि हमारे कृष्ण हमे छोड़कर नही जा सकते । गोपियों की प्रेमलक्षणा भक्ति ऐसी दिव्य है कि उन्हें घर बैठे भगवान् की प्राप्ति हो गयी । घर में प्रभु से साक्षात्कार हो गया । भागवत यह कभी नही कहता कि घर छोड़ोगे तो भगवान् मिलेंगे । भागवत का यह कहना है कि भगवान् पाने के लिए घर नही, घर में स्थित आसक्ति को छोड़ने की जरूरत है ।
भागवत में बताया है कि घर में रह कर अपने व्यावहारिक कार्य करोगे तो भी परमात्मा की प्राप्ति हो सकेगी । घर में रहना पाप नही, पर घर को मन में रखना पाप है । अतः घर को न छोडें । घर को प्रभु का मन्दिर बनाकर विवेक से घर में रहना ।
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पूज्य श्री डोंगरे जी महाराज द्वारा प्रकाशित पुस्तक * श्री गोपीगीत * से |
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TRN LIVE: 🕉️श्री हितं वन्दे
ये रहस्य वृन्दावन वासी ही जानते है की जो सर्वाधार है जगदाधार है सकल लोक चूड़ामणि है उन कृष्ण का भी कोई आधार है और वो है श्री राधाजू जो स्वयं कृष्ण को भी आधार प्रदान करती है ।
जब श्री कृष्ण की सम्पूर्ण कृपा होती है किसी जिव पर तब वो प्रियाजू की शरण में जाता है और फिर प्रियाजू की किंकरी का भाव उस जिव के ह्रदय में जागृत हो जाता है और जबतक ऐसा भाव ना ए तबतक समझना चाहिए की अभी श्री कृष्ण की सम्पूर्ण कृपा हम पर नही हुई है ।
ये तो बात हुई कृष्ण की कृपा की पर एक और परम रहस्य ये है की जब प्रियाजू की कृपा होती है तब जिव श्री हरिवंश जू की शरण में आता है (बिना कृपा श्री राधारानी क्यू शरण हित जू की पावे) ।
परम तत्व प्रेम है जो श्यामा और श्याम के रूप में क्रीडा करते है (प्रेम के खिलौना दो खेलत है प्रेम खेल) ।
जैसे सबने सुना है सत्संग में की कृष्ण ही राधा है और राधा ही कृष्ण है तो जब दोनों एक होते है तब कौनसा स्वरुप बनता है । क्या एक होने पर कृष्ण बन जाते है ?? क्या एक होने पर राधा बन जाते है ?? नही ! एक होने पर वो परात्पर तत्व प्रेम बन जाते है ।
श्री हरिवंश जू के रूप में वो परात्पर प्रेम तत्व अवतरित हुए थे ।
ह अक्षर में हरी बसे , र में राधा नाम ।
व् अक्षर वृंदाविपिन , स सहचरी अभिराम ।।
परम तत्व प्रेम स्वरुप से युगल है (गौर और श्याम)
हरिवंश नाम में चार तत्व है पर वस्तुतः चार नही है दो ही है । हरी, राधा, वृन्दावन और सहचरी । इसमें वृन्दावन जो है वो राधाजू का ही प्रत्यक्ष स्वरुप है और ललिता आदि सहचरीया कृष्ण की इच्छा है (कृष्ण की इच्छा रहती है की मैं प्रियाजू की हर प्रकार की सेवा करु तो वो ही इच्छा प्रियाजू की शक्ति पाकर सहचरीयो का स्वरुप धारण कर लेती है ) इस तरह से चार नही अपितु दो ही तत्व है श्यामा और श्याम जो प्रेम के दो स्वरुप है प्रेम के दो खिलौना है ।
प्रकट प्रेम को रूप धर श्री हरिवंश उदार
श्री राधावल्लभलाल को प्रकट कियो रस सार
💙💛💙💛💙💛💙💛💙💛💙
*सफल जीवन* :~
जाके नैननिं झलकि रहे , गौर-श्याम अभिराम ।
तिनहीं ' ध्रुव ' यह देह धरि , पायौ है विश्राम ।।
- श्रीहित ध्रुवदास जी
जयति श्रीराधे श्रीहितहरिवंश
🌷🙏
_🌷🌷जय जय_
_श्रीԶเधे Զเधे🌷🌷_
_जय श्रीकृष्ण जी💐👏💖_
_जय श्रीराधेकृष्ण जी🌷🙏💕_
TRN LIVE: *🕉️दुनियादारी छोड़ दी है, तुमसे प्रीति जोड़ ली है,*
*तेरी मोरछड़ी के झाड़े से सब संकट कटते हैं*
*खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,*
*मैं घर से पहुँचा रिंगस और फिर हाथ निशान उठाया,*
*निशान उठा कर के बाबा तेरा जयकारा लाया,*
*एक लाल गुलाब लिया बाबा-तेरा ध्यान किया बाबा,*
*बड़े बड़े सब सेठ तेरा ही पानी भरते हैं*
*खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,*
*फिर तोरण द्वार आ गया जिसपर भीड़ लगी थी भारी,*
*तेरे नाम की मस्ती में सब झूम रहे नर नारी,*
*कई श्याम कुंड में नहा रहे थे-कई कढ़ी कचौड़ी खा रहे थे*
*तेरी नगरी गूँज उठती है जब जयकारे लगते हैं*
*खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,*
*फिर तेरे मंदिर के आगे बाबा खड़े हो गए जाके,*
*अमर हो गए साँवरिया हम तेरा दर्शन पाके,*
*नौकर तेरा बना ले ना-तेरे चरणों बीच बसा लेना,*
*हम आशिक़ है तेरे तेरी सूरत पे मरते हैं*
*खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,*
*‼️जय श्री श्याम ‼️*
TRN LIVE: *उत्थान-पतन का आधार, आकांक्षाओं का परिष्कार---*
*उथले प्रयासों के परिणाम भी उथले ही होते हैं।सादा जीवन उच्च विचार का सिद्धांत अक्षरशः सत्य है। महामानवों को अपनी आवश्यकताएँ घटानी और वैभवपरक महत्त्वाकांक्षाएँ दबानी पड़ती हैं। मनोयोग एवं पुरुषार्थ की इस प्रकार की गई बचत ही महानता खरीदने के काम आती है। आदतें हठीली होती हैं, पर वे भी परिस्थितियाँ बदल जाने पर छूटती और नई ढलती रहती हैं। ठीक इसी प्रकार आकांक्षा भी शाश्वत नहीं है, वे समीपवर्ती लोगों के प्रभाव तथा मन-मस्तिष्क को चिंतन की सामग्री देने से बदलती रहती हैं।*
🙏🙏
TRN: 🌷 *षटतिला एकादशी व्रत* 🌷
{14 जनवरी 2026,बुधवार}
माघ मास के कृष्ण पक्ष {गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार पौष मास के कृष्ण पक्ष*} की एकादशी को ' *षटतिला एकादशी'* कहते हैं जो इस बार *14 जनवरी 2026,बुधवार* के दिन है🙏
👉 *एकादशी तिथि प्रारम्भ👇*
आज 13 जनवरी 2026, मंगलवार दोपहर 03:17 मिनट से
👉 *एकादशी तिथि समाप्त👇*
14 जनवरी 2026, बुधवार शाम 05:57 मिनट पे
👉 *पारण का समय👇*
15 जनवरी 2026, गुरुवार प्रातः 07:15 से 09:21 तक
{ *विशेष* : *एकादशी का व्रत सूर्य उदय तिथी बुधवार के दिन ही रखें.....🙏* मंगलवार शाम को एवं परसों बुधवार व्रत के दिन खाने में चावल या चावल से बनी हुई चीज वस्तुओं का प्रयोग बिल्कुल भी ना करें 🙏अगर आपने व्रत नहीं रखा है तो भी 🙏
"*षटतिला" का अर्थ है*
" *षट" यानी 6 {छह}*
*"तिला" यानी तिल*
कुल मिलाकर *6 प्रकार से तिल के प्रयोग को "षटतिला एकादशी" कहते हैं*🙏
👉 *एकादशी व्रत पूजा विधि* 👇
👉"षट्तिला एकादशी" के दिन मनुष्य को भगवान विष्णु के निमित्त व्रत रखना चाहिए। व्रत करने वालों को गंध, पुष्प, धूप दीप, ताम्बूल सहित विष्णु भगवान का षोड्षोपचार से पूजन करना चाहिए। उड़द और तिल मिश्रित खिचड़ी बनाकर भगवान को भोग लगाना चाहिए। *रात्रि के समय तिल से 108 बार 'ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय स्वाहा' इस मंत्र से हवन करना चाहिए।*
{ *तिल की उत्पत्ति प्रभु श्री हरि विष्णु के शरीर से हुई है इसीलिए तिल को धार्मिक कार्यों में पवित्र माना जाता है}*
षटतिला एकादशी का व्रत रखने वालों को उस दिन तिल (Sesame) का प्रयोग करना होता है. इस व्रत में तिल का प्रयोग करने से सुख और सौभाग्य बढ़ता है. माघ मास में सर्दी होती है, तिल की तासीर गरम होती है और यह स्वास्थ्यवर्धक भी होता है. इस व्रत में तिल का प्रयोग करने से सेहत भी अच्छी रहती है🙏
*षटतिला एकादशी के दिन तिल का प्रयोग 6 प्रकार से करते हैं.* तिल के प्रयोग के बिना षटतिला एकादशी व्रत पूरा नहीं होता है, इसलिए आप भी यदि व्रत रखते हैं, तो इस👇 प्रकार से तिल का प्रयोग करें🙏
👉 *आइए जानते हैं कि "षटतिला एकादशी" व्रत में तिल का छह {6} प्रकार से प्रयोग कैसे करना है* ❓
*1.* यदि आप षटतिला एकादशी का व्रत रखते हैं, तो उस दिन प्रात:काल में स्नान करने से पूर्व *तिल का उबटन शरीर पर लगाएं* . उसके बाद ही स्नान करें🙏
*2* . स्नान करने के लिए तिल मिले हुए पानी का प्रयोग करें. इसके लिए आप *बाल्टी में पानी* भर लें और *उसमें तिल मिला दें. फिर स्नान करें.🙏*
*3* .षटतिला एकादशी का व्रत रहने वाले व्यक्ति को *तिल मिश्रीत जल पीना एवं शरीर में तिल के तेल से मालिश करना चाहिए.* ऐसा धार्मिक विधान है. ऐसा करना सेहत के लिए लाभदायक होता है🙏
*4.* षटतिला एकादशी व्रत के पूजा के समय *भगवान विष्णु को तिल से बने खाद्य पदार्थों का भोग लगाएं* . ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाओं को पूरा करते हैं. इस दिन व्रत रहने वालों को भी *तिल से बने खाद्य पदार्थों को फलाहार में शामिल करना चाहिए* 🙏
*5* . *भगवान विष्णु की पूजा करते समय तिल से हवन करना चाहिए* . इसके लिए आप तिल में गाय का घी मिलाकर हवन कर सकते हैं🙏
*6.* षटतिला एकादशी के दिन *तिल का दान करना उत्तम माना जाता है* .तिल का दान करने से व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होता है. उसे स्वर्ग में स्थान मिलता है🙏
👉 *माघ माह में तिल* 👇
*माघ माह में 'संकष्टी चतुर्थी, ' 'लोहड़ी", 'मकरसंक्रान्ति' षटतिला एकादशी इन सभी त्यौहारों पर तिल का सर्वाधिक महत्व है। इसके पीछे हैं तिल के विशेष गुण जिनकी बजह से माघ माह में तिल को इतना महत्व दिया जाता है।*
*1* .तिल का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। सर्दियों में तिल व उसके तेल दोनों का ही सेवन करना चाहिए। काले तिल व सफेद तिल दोनों का ही उपयोग औषधीय रूप में भी किया जाता है। *तिल का तेल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। वाइरस, एजिंग और बैक्टीरिया से शरीर की रक्षा करता है।*
*2.* ठंड में *तिल गुड़ दोनो* समान मात्रा में लेकर मिला लें। उसके लड्डू बना लें। प्रतिदिन 2 बार *1-1 लड्डू दूध के साथ खाने से मानसिक दुर्बलता एवं तनाव दूर होते है। शक्ति मिलती है।*
*3.* कठिन शारीरिक श्रम करने पर *सांस फूलना जल्दी बुढ़ापा आना बन्द हो जाता है।* इससे चुस्ती व स्फूर्ती बनी रहती है।
*4.* तिल व *तिल के तेल के सेवन से व सिर में इसकी मालिश* करने से न केवल बाल घने और चमकदार होते हैं बल्कि *बालों का गिरना भी कम हो जाता है।*
*5.* प्रतिदिन *दो चम्मच काले तिल को चबाकर खाइए* और उसके बाद ठंडा पानी पीजिए। इसका नियमित सेवन करने से *पुराना बवासीर भी ठीक हो जाता है।*
*6* .ठंड में तिल और गुड़ सर्द हवा से बचाता है। जिससे *सर्दी, खाँसी जैसे रोग भी दूर रहते हैं* ।
*7.* तिल का उपयोग चेहरे पर निखार के लिए भी किया जाता है। तिल को दूध में भिगोकर उसका पेस्ट चेहरे पर लगाने से चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है, और रंग भी निखरता है। इसके अलावा *तिल के तेल की मालिश करने से भी त्वचा क्रांतिमय हो जाती है* ।
*৪.* शरीर के किसी भी अंग की त्वचा के जल जाने पर, *तिल को पीसकर घी और कपूर के साथ* लगाने पर आराम मिलता है, और *घाव भी जल्दी ठीक हो जाता है* ।
*9.* *सूखी खाँसी होने पर तिल को मिश्री व पानी के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है।* इसके अलावा तिल के तेल को लहसुन के साथ गर्म करके, गुनगुने रूप में कान में डालने पर *कान के दर्द में आराम मिलता है* । *ओम नमो नारायणाय*🙏🙏
TRN LIVE: || 🕉️ॐ सर्वेभ्यो देवेभ्यो नमः ||
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“प्रकीर्णस्तोत्राणि”
{द्वादशपञ्जरिकास्तोत्रम्}
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नलिनीदलगतसलिलं तरलं तद्वज्जीवितमतिशय चपलम् |
विद्धि व्याध्यभिमानग्रस्तं लोकं शोकहतं च समस्तम् | भज० || १० ||
कमलपत्रपर पड़ी हुई बूँद जैसे स्थिर नहीं होती है वैसा ही अति चञ्चल यह जीवन है; इसे खूब समझ ले, व्याधि और अभिमानसे ग्रस्त हुआ यह सारा संसार अति शोकाकुल है, अतः तू सदा गोविन्दका भजन कर |
हरिःशरणम् ! हरिःशरणम् ! हरिःशरणम् ! हरिःशरणम् !
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{गीताप्रेस गोरखपुरसे प्रकाशित पुस्तक स्तोत्ररत्नावली से “प्रकीर्ण- स्तोत्राणि”}
TRN LIVE: *वनवास का समय था। पंचवटी का शांत और पावन वन—जहाँ मर्यादा, संयम और धर्म के साथ श्रीरामजी और माता सीताजी जीवन व्यतीत कर रहे थे। उसी शांत वन में एक ऐसा प्रसंग घटित हुआ, जिसने युगों के लिए यह सत्य स्थापित कर दिया कि अपराध का कोई मापदंड नहीं होता—अपराध, अपराध ही होता है।*
एक दिन माता सीताजी कुटिया के बाहर विश्राम कर रही थीं। तभी देवराज इंद्र का पुत्र जयंत, अहंकारवश कौए का रूप धारण कर वहाँ आया। उसने माता सीताजी के चरणों में चोंच मारी। रक्त बह निकला। यह केवल शरीर पर लगा घाव नहीं था, यह नारी की मर्यादा पर किया गया आघात था।
जब श्रीरामजी ने यह दृश्य देखा, तो उनका क्रोध व्यक्तिगत नहीं था—वह धर्म का क्रोध था। उन्होंने कोई शस्त्र नहीं उठाया। उन्होंने केवल एक तृण उठाकर ब्रह्मास्त्र का संकल्प किया। वही तृण ब्रह्मबाण बन गया और कौए के रूप में जयंत का पीछा करने लगा।
जयंत तीनों लोकों में भटका—देवलोक, ब्रह्मलोक, पितृलोक—पर कहीं भी उसे शरण नहीं मिली। अंततः वह थक-हारकर श्रीरामजी के चरणों में गिर पड़ा।
श्रीरामजी ने कहा—
“ब्रह्मास्त्र निष्फल नहीं जाता। दंड अवश्य मिलेगा।”
अपने प्राणों की रक्षा के लिए जयंत ने स्वयं अपनी एक आँख अर्पित कर दी। उसकी एक आँख नष्ट हुई, पर जीवन बच गया। उसी दिन से कौआ काना माना जाने लगा। यह केवल दंड नहीं था, यह स्मृति थी—कि नारी के अपमान का अपराध कभी क्षम्य नहीं होता।
पर यह कथा यहीं समाप्त नहीं होती।
जयंत के भीतर परिवर्तन आया। देवपुत्र होने का गर्व टूट गया। उसने जाना कि धर्म के सामने पद, शक्ति और कुल—सब तुच्छ हैं। श्रीरामजी ने उसे केवल दंड नहीं दिया, उसे बोध दिया। माता सीताजी ने करुणा दिखाई, पर अपराध को उचित नहीं ठहराया। पंचवटी का वन फिर शांत हो गया, पर उस शांति में एक चेतावनी स्थायी हो गई—मर्यादा भंग करने वाला चाहे कोई भी हो, दंड से नहीं बच सकता।
युग बदला। वही कौआ, वही चोंच, वही उड़ान—पर परिस्थिति भिन्न थी।
एक दिन श्रीकृष्णजी भोजन कर रहे थे। तभी एक कौआ उनके हाथ से रोटी लेकर उड़ गया। लोगों को यह दृश्य हास्यास्पद लगा, वे हँस पड़े। पर श्रीकृष्णजी की आँखों से आँसू बह निकले।
न कोई बाण, न कोई क्रोध—केवल करुणा।
लोगों ने आश्चर्य से पूछा—
“जो स्वयं माखन चुराते हैं, वे आज रोटी जाने पर क्यों रो रहे हैं?”
श्रीकृष्णजी ने कहा—
“यह चोरी आनंद से नहीं, भूख से हुई है। जहाँ भूख होती है, वहाँ पहले पीड़ा होती है, अपराध बाद में। यह कौआ दोषी नहीं—यह समाज की असफलता का संकेत है।”
कृष्णजी इसलिए रोए, क्योंकि किसी जीव को विवश होकर छीनना पड़ा।
यहीं धर्म के दो स्वरूप प्रकट होते हैं—
रामजी के सामने जो आया, वह अहंकार से जन्मा अपराध था—इसलिए दंड अनिवार्य था।
कृष्णजी के सामने जो आया, वह भूख से उपजा कृत्य था—इसलिए करुणा स्वाभाविक थी।
कौआ दोनों कथाओं में उपस्थित है—
एक स्थान पर नारी अपमान की चेतावनी बनकर,
दूसरे स्थान पर भूख और उपेक्षा का प्रतीक बनकर।
इन कथाओं का सार एक ही है—
*अपराध को तर्क से ढका नहीं जा सकता,
और पीड़ा को दंड से मिटाया नहीं जा सकता।*
*जहाँ अपराध है, वहाँ न्याय आवश्यक है।*
*जहाँ भूख है, वहाँ करुणा अनिवार्य है।*
*और समाज तभी सच्चे अर्थों में धर्मशील बनता है, जब वह दोनों में भेद करना सीख लेता है।*
*अपराध तो अपराध है—*
*पर हर कृत्य को* *समझने के लिए विवेक चाहिए।*
*यही रामजी का न्याय है,*
*और यही कृष्णजी की करुणा है.*
*हरे कृष्ण*🙏🙏
TRN LIVE: बर्बरीक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे। बर्बरीक के लिए तीन बाण ही काफी थे जिसके बल पर वे कौरवों और पांडवों की पूरी सेना को समाप्त कर सकते थे। युद्ध के मैदान में भीम पौत्र बर्बरीक दोनों खेमों के मध्य बिन्दु एक पीपल के वृक्ष के नीचे खड़े हो गए और यह घोषणा कर डाली कि मैं उस पक्ष की तरफ से लडूंगा जो हार रहा होगा। बर्बरीक की इस घोषणा से कृष्ण चिंतित हो गए।
भीम के पौत्र बर्बरीक के समक्ष जब अर्जुन तथा भगवान श्रीकृष्ण उसकी वीरता का चमत्कार देखने के लिए उपस्थित हुए तब बर्बरीक ने अपनी वीरता का छोटा-सा नमूना मात्र ही दिखाया। कृष्ण ने कहा कि यह जो वृक्ष है इसके सारे पत्तों को एक ही तीर से छेद दो तो मैं मान जाऊंगा। बर्बरीक ने आज्ञा लेकर तीर को वृक्ष की ओर छोड़ दिया।
जब तीर एक-एक कर सारे पत्तों को छेदता जा रहा था उसी दौरान एक पत्ता टूटकर नीचे गिर पड़ा। कृष्ण ने उस पत्ते पर यह सोचकर पैर रखकर उसे छुपा लिया की यह छेद होने से बच जाएगा, लेकिन सभी पत्तों को छेदता हुआ वह तीर कृष्ण के पैरों के पास आकर रुक गया। तब बर्बरीक ने कहा कि प्रभु आपके पैर के नीचे एक पत्ता दबा है कृपया पैर हटा लीजिए, क्योंकि मैंने तीर को सिर्फ पत्तों को छेदने की आज्ञा दे रखी है आपके पैर को छेदने की नहीं।
उसके इस चमत्कार को देखकर कृष्ण चिंतित हो गए। भगवान श्रीकृष्ण यह बात जानते थे कि बर्बरीक प्रतिज्ञावश हारने वाले का साथ देगा। यदि कौरव हारते हुए नजर आए तो फिर पांडवों के लिए संकट खड़ा हो जाएगा और यदि जब पांडव बर्बरीक के सामने हारते नजर आए तो फिर वह पांडवों का साथ देगा। इस तरह वह दोनों ओर की सेना को एक ही तीर से खत्म कर देगा।
तब भगवान श्रीकृष्ण ब्राह्मण का भेष बनाकर सुबह बर्बरीक के शिविर के द्वार पर पहुंच गए और दान मांगने लगे। बर्बरीक ने कहा- मांगो ब्राह्मण! क्या चाहिए? ब्राह्मणरूपी कृष्ण ने कहा कि तुम दे न सकोगे। लेकिन बर्बरीक कृष्ण के जाल में फंस गए और कृष्ण ने उससे उसका शीश मांग लिया।
बर्बरीक द्वारा अपने पितामह पांडवों की विजय हेतु स्वेच्छा के साथ शीशदान कर दिया गया। बर्बरीक के इस बलिदान को देखकर दान के पश्चात श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को कलियुग में स्वयं के नाम से पूजित होने का वर दिया। आज बर्बरीक को खाटू श्याम के नाम से पूजा जाता है। जहां कृष्ण ने उसका शीश रखा था उस स्थान का नाम खाटू है।
अनजाने रहस्य :
1. खाटू श्याम अर्थात मां सैव्यम पराजित:। अर्थात जो हारे हुए और निराश लोगों को संबल प्रदान करता है।
2. खाटू श्याम बाबा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर हैं उनसे बड़े सिर्फ श्रीराम ही माने गए हैं।
3. खाटूश्याम जी का जन्मोत्सव हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
4. खाटू का श्याम मंदिर बहुत ही प्राचीन है, लेकिन वर्तमान मंदिर की आधारशिला सन 1720 में रखी गई थी। इतिहासकार पंडित झाबरमल्ल शर्मा के मुताबिक सन 1679 में औरंगजेब की सेना ने इस मंदिर को नष्ट कर दिया था। मंदिर की रक्षा के लिए उस समय अनेक राजपूतों ने अपना प्राणोत्सर्ग किया था।
5. खाटू श्याम मंदिर परिसर में लगता है बाबा खाटू श्याम का प्रसिद्ध मेला। हिन्दू मास फाल्गुन माह शुक्ल षष्ठी से बारस तक यह मेला चलता है। ग्यारस के दिन मेले का खास दिन रहता है।
6. बर्बरीक देवी के उपासक थे। देवी के वरदान से उसे तीन दिव्य बाण मिले थे जो अपने लक्ष्य को भेदकर वापस उनके पास आ जाते थे। इसकी वजय से बर्बरिक अजेय थे।
7. बर्बरीक अपने पिता घटोत्कच से भी ज्यादा शक्तिशाली और मायावी था।
8. कहते हैं कि जब बर्बरिक से श्रीकृष्ण ने शीश मांगा तो बर्बरिक ने रातभर भजन किया और फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को स्नान करके पूजा की और अपने हाथ से अपना शीश काटकर श्रीकृष्ण को दान कर दिया।
9. शीश दान से पहले बर्बरिक ने महाभारत का युद्ध देखने की इच्छा जताई तब श्रीकृष्ण ने उनके शीश को एक ऊंचे स्थान पर स्थापित करके उन्हें अवलोकन की दृष्टि प्रदान की।
10. युद्ध समाप्ति के बाद जब पांडव विजयश्री का श्रेय देने के लिए वाद विवाद कर रहे थे तब श्रीकृष्ण कहा कि इसका निर्णय तो बर्बरिक का शीश ही कर सकता है। तब बर्बरिक ने कहा कि युद्ध में दोनों ओर श्रीकृष्ण का ही सुदर्शन चल रहा था और द्रौपदी महाकाली बन रक्तपान कर रही थी।
11. अंत में श्रीकृष्ण ने वरदान दिया की कलियुग में मेरे नाम से तुम्हें पूजा जाएगा और तुम्हारे स्मरण मात्र से ही भक्तों का कल्याण होगा।
TRN LIVE: *षटतिला एकादशी व्रत कथा---!*
एक समय नारदजी ने भगवान श्रीविष्णु से यही प्रश्न किया था और भगवान जी ने जो षटतिला एकादशी का माहात्म्य नारदजी से कहा: सो मैं तुमसे कहता हूँ। भगवान जी ने नारदजी से कहा कि हे नारद! मैं तुमसे सत्य घटना कहता हूँ। ध्यानपूर्वक सुनो।
*प्राचीनकाल में मृत्युलोक में एक ब्राह्मणी रहती थी। वह सदैव व्रत किया करती थी। एक समय वह एक मास तक व्रत करती रही। इससे उसका शरीर अत्यंत दुर्बल हो गया। यद्यपि वह अत्यंत बुद्धिमान थी तथापि उसने कभी देवताअओं या ब्राह्मणों के निमित्त अन्न या धन का दान नहीं किया था। इससे मैंने सोचा कि ब्राह्मणी ने व्रत आदि से अपना शरीर शुद्ध कर लिया है, अब इसे विष्णुलोक तो मिल ही जाएगा परंतु इसने कभी अन्न का दान नहीं किया, इससे इसकी तृप्ति होना कठिन है।*
*भगवान श्री ने आगे कहा: ऐसा सोचकर मैं भिखारी के वेश में मृत्युलोक में उस ब्राह्मणी के पास गया और उससे भिक्षा माँगी।*
*वह ब्राह्मणी बोली: महाराजजी किसलिए आए हो?*
*मैंने कहा: मुझे भिक्षा चाहिए।*
*इस पर उसने एक मिट्टी का ढेला मेरे भिक्षापात्र में डाल दिया। मैं उसे लेकर स्वर्ग में लौट आया। कुछ समय बाद ब्राह्मणी भी शरीर त्याग कर स्वर्ग में आ गई। उस ब्राह्मणी को मिट्टी का दान करने से स्वर्ग में सुंदर महल मिला, परंतु उसने अपने घर को अन्नादि सब सामग्रियों से शून्य पाया।*
*घबराकर वह मेरे पास आई और कहने लगी कि भगवन् मैंने अनेक व्रत आदि से आपकी पूजा की परंतु फिर भी मेरा घर अन्नादि सब वस्तुओं से शून्य है। इसका क्या कारण है?*
*इस पर मैंने कहा:* *पहले तुम अपने घर जाओ। देवस्त्रियाँ आएँगी तुम्हें देखने के लिए। पहले उनसे षटतिला एकादशी का पुण्य और विधि सुन लो, तब द्वार खोलना। मेरे ऐसे वचन सुनकर वह अपने घर गई। जब देवस्त्रियाँ आईं और द्वार खोलने को कहा तो ब्राह्मणी बोली: आप मुझे देखने आई हैं तो षटतिला एकादशी का माहात्म्य मुझसे कहो तभी द्वार खोलुगीं।*
*उनमें से एक देवस्त्री कहने लगी कि मैं कहती हूँ। जब ब्राह्मणी ने षटतिला एकादशी का माहात्म्य सुना तब द्वार खोल दिया। देवांगनाओं ने उसको देखा कि न तो वह गांधर्वी है और न आसुरी है वरन् पहले जैसी मानुषी है। उस ब्राह्मणी ने उनके कथनानुसार षटतिला एकादशी का व्रत किया। इसके प्रभाव से वह सुंदर और रूपवती हो गई तथा उसका घर अन्नादि समस्त सामग्रियों से युक्त हो गया।*
*अत: मनुष्यों को मूर्खता त्यागकर षटतिला एकादशी का व्रत और लोभ न करके तिलादि का दान करना चाहिए। इससे दुर्भाग्य, दरिद्रता तथा अनेक प्रकार के कष्ट दूर होकर मोक्ष की प्राप्ति होती है।*
*इस प्रकार षटतिला एकादशी व्रत कथा समाप्त हुई।*
*जय श्री हरि !*🙏🙏
TRN LIVE: मकर संक्रांति पर पढ़िए ये पौराणिक कथा
मकर संक्रांति का पर्व हर साल १४ जनवरी को मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार इस दिन पौष मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस दिन सूर्य का राशि परिवर्तन होगा और धनु राशि से सूर्य देव निकल कर मकर राशि में आ जाएंगे। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य देव की आराधना की जाती है। इसके साथ ही मकर संक्रांति के दिन, दान- पुण्य भी किया जाता है। आज से ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है। चलिए जानते हैं मकर संक्रांति की पौराणिक कथा...
पौराणिक कथा
-मकर संक्रांति की पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान सूर्यदेव धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं, इसलिये यह कहा जाता है कि मकर में प्रवेश कर सूर्यदेव अपने पुत्र से मिलने जाते हैं।
राजा सगर ने अश्वमेघ यज्ञ का अनुष्ठान किया और अपने अश्व को विश्व –विजय के लिये छोड़ दिया। इंद्र देव ने उस अश्व को छल से कपिल मुनि के आश्रम में बांध दिया। जब कपिल मुनि के आश्रम में राजा सगर के साठ हज़ार पुत्र युद्ध के लिये पहुंचे और उनको अपशब्द कहा, तब कपिल मुनि ने श्राप देकर उन सबको भस्म कर दिया। राजकुमार अंशुमान, राजा सगर के पोते, ने कपिल मुनि के आश्रम में जाकर उनकी विनती की और अपने बंधुओं के उद्धार का मार्ग पूछा। तब कपिल मुनि ने बाताया कि इनके उद्धार के लिये गंगा जी को धरती पर लाना होगा।
राजकुमार अंशुमान ने प्रतिज्ञा की, कि उनके वंश का कोई भी राजा चैन से नहीं रहेगा जब तक गंगा जी को धरती पर ना ले आये। उनकी प्रतिज्ञा सुनकर कपिल मुनि ने उन्हें आशीर्वाद दिया। राजकुमार अंशुमान ने कठिन तप किया और उसी दौरान अपनी जान दे दी। भागीरथ, राजा दिलीप के पुत्र और अंशुमान के पौत्र थे।
राजा भागीरथ ने कठिन तप करके गंगा जी को प्रसन्न किया और उन्हें धरती पर लाने के लिये मना लिया। उसके पश्चात, भागीरथ ने भगवान शिव की तपस्या की जिससे कि महादेव, माँ गंगा को अपनी जटा में रख कर, वहां से धीरे-धीरे माँ गंगा के जल को धरती पर प्रवाहित करें। भागीरथ की कठिन तपस्या से महादेव प्रसन्न हुए और उन्हें इच्छित वर दिया। इसके बाद माँ गंगा, महादेव की जटा में समाहित होकर धरती के लिये प्रवाहित हुईं। भागीरथ, माँ गंगा को रास्ता दिखाते हुए कपिल मुनि के आश्रम गये, जहां पर उनके पूर्वजों की राख उद्धार के लिये प्रतीक्षारत थी।
माँ गंगा के पावन जल से भागीरथ के पूर्वजों का उद्धार हुआ। उसके बाद माँ गंगा सागर में मिल गयीं। जिस दिन माँ गंगा, कपिल मुनि के आश्रम पहुंचीं, उस दिन मकर संक्रांति का दिन था। इस कारण से मकर संक्रांति के दिन श्रद्धालु गंगासागर में स्नान करने और कपिल मुनि की आश्रम के दर्शन करने के लिये एकत्रित होते हैं।
मकर संक्रांति के दिन ही भगवान विष्णु ने असुरों का अंत किया था एवं उन असुरों के सिरों को मंदार पर्वत में दबा दिया था। इस तरह से यह मकर संक्रांति का दिन बुराइयों और नकारात्मकता को ख़त्म करने का दिन कहा गया है।
TRN LIVE: जीवन की अंतिम परीक्षा आपका अगला जन्म कहाँ होगा?
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क्या आपने कभी सोचा है कि मृत्यु के बाद हमारी चेतना, हमारा मैं कहाँ जाता है? क्या अगला जन्म एक संयोग है या इसके पीछे कोई गणित है?
शास्त्र और संत मत कहते हैं कि जीवन एक लंबी यात्रा है, और मृत्यु उस यात्रा का अंतिम पड़ाव' नहीं, बल्कि अगली यात्रा का 'टिकट' है। मनुष्य अगली योनि में कैसे प्रवेश करता है, यह कोई ईश्वरीय दंड या पुरस्कार नहीं, बल्कि हमारे ही मन की अंतिम दशा का परिणाम है।
यह नियम बिल्कुल सरल है जीवन भर जिसका ध्यान किया, अंत में वही गति प्राप्त हुई।
संत त्रिलोचन जी, अपनी दिव्य दृष्टि से हमें सावधान करते हैं कि मृत्यु के क्षण में हमारे मन में जो चित्र सबसे गहरा होता है, हमारी आत्मा उसी ढांचे शरीर में ढल जाती है। आइए, इस रहस्य को उन उदाहरणों के माध्यम से समझते हैं जो उन्होंने दिए हैं:
१. धन का प्रहरी: सर्प योनि
> अंति कालि जो लछमी सिमरै ऐसी चिंता महि जे मरै ॥
> सरप जोनि वलि वलि अउतरै ॥१॥
कल्पना कीजिए उस व्यक्ति की जिसने पूरा जीवन केवल धन जोड़ने, उसे गिनने और उसे छिपाकर रखने में बिता दिया। उसका प्रेम नोटों की गड्डी और सोने के सिक्कों से था। जब अंतिम समय आया, तो उसे परमात्मा याद नहीं आया, उसे चिंता थी मेरे जाने के बाद मेरी तिजोरी का क्या होगा?
चूंकि उसका मन 'छिपे हुए खजाने' में अटका था, तो प्रकृति उसे ऐसा शरीर देती है जो खजाने की रक्षा के लिए ही बना हो। वह साँप बनता है। जैसे साँप कुंडली मारकर अपने बिल या खजाने पर बैठता है और किसी को पास नहीं आने देता, वही वृत्ति उस जीव को सर्प योनि में खींच ले जाती है।
२. वासना का बंधन: वेश्या योनि
> अंति कालि जो इसत्री सिमरै ऐसी चिंता महि जे मरै ॥
> बेसवा जोनि वलि वलि अउतरै ॥२॥
यह उदाहरण केवल स्त्री के लिए नहीं, बल्कि कामुकता और देह-आसक्ति के लिए है। यदि कोई पुरुष या स्त्री, जीवन भर केवल भोग-विलास, शारीरिक आकर्षण और काम-वासना के विचारों में ही डूबा रहता है, और मरते समय भी उसके मन में वासना का ही चित्र है, तो उसका अगला जन्म बहुत कष्टकारी होता है।
संत त्रिलोचन कहते हैं कि ऐसा जीव वेश्या या ऐसे जीवन जहाँ देह का व्यापार हो के रूप में जन्म लेता है। जहाँ शरीर तो मिलता है, लेकिन सम्मान नहीं; और आत्मा फिर उन्ही वासनाओं के जाल में तड़पती रहती है।
३. मोह का कीचड़: शूकर (सूअर) योनि
> अंति कालि जो लड़के सिमरै ऐसी चिंता महि जे मरै ॥
> सूकर जोनि वलि वलि अउतरै ॥
संतान से प्रेम होना स्वाभाविक है, लेकिन मोह घातक है। जो व्यक्ति परमात्मा को भूलकर, दिन-रात केवल अपने बच्चों के मोह में, उनके लिए सही-गलत तरीके से संसाधन जुटाने में और केवल 'मेरा परिवार, मेरा वंश' की रट में लगा रहता है, उसकी चेतना संकुचित हो जाती है।
सूअर एक ऐसा प्राणी है जो अपने परिवार ढेर सारे बच्चों और गंदगी कीचड़ में ही मग्न रहता है। यदि मरते समय चित्त केवल बच्चों में फंसा रह गया, तो जीव उस चेतना के स्तर पर गिर जाता है जहाँ उसे सूअर की योनि प्राप्त होती है, जहाँ केवल और केवल परिवार बढ़ाना ही जीवन का लक्ष्य रह जाता है।
४. ईंट-पत्थरों का कैद प्रेत योनि
> अंति कालि जो मंदर सिमरै ऐसी चिंता महि जे मरै ॥
> प्रेत जोनि वलि वलि अउतरै ॥
कई लोगों को अपने बनाए मकान, हवेली या महल से इतना प्यार होता है कि वे सोचते हैं, मैंने एक-एक ईंट अपनी मेहनत से लगाई है।" वे शरीर छोड़ना ही नहीं चाहते क्योंकि उनका मन उस मकान के कोनों में अटका होता है।
मृत्यु के बाद, ऐसे व्यक्ति को नया शरीर नहीं मिलता। उनकी आसक्ति उन्हें उसी घर के आस-पास प्रेत बनाकर भटकाती रहती है। वे न तो इस लोक के रहते हैं, न परलोक के। वे अपने ही बनाए महल के अदृश्य चौकीदार बन जाते हैं।
तो फिर उपाय क्या है? क्या हम अंत समय में अपने मन को नियंत्रित कर सकते हैं?
संत त्रिलोचन अंतिम पद में सटीक चाबी देते हैं..
> अंति कालि नाराइणु सिमरै ऐसी चिंता महि जे मरै ॥
> बदति तिलोचनु ते नर मुकता पीत्मबरु वा के रिदै बसै ॥
उत्तर है नारायण परमात्मा) का स्मरण।
गाय गुरु गोविन्द गीता गायत्री गंगा की शरण..
जो व्यक्ति जीवन भर अभ्यास करता है कि यह धन, यह परिवार, यह शरीर सब किराए का है, मेरा असली घर तो परमात्मा है,केवल वही अंतिम श्वास में भगवान को याद कर पाता है।
जब अंतिम विचार उस अनंत का होता है, तो आत्मा किसी सीमित शरीर साँप, सूअर, प्रेत में नहीं बंधती। वह पानी की बूंद की तरह सागर में मिल जाती है। उसके हृदय में स्वयं पीतांबरधारी श्री हरि का वास हो जाता है। वह जीवन-मुक्त हो जाता है।
मृत्यु अंत नहीं, बल्कि एक 'रिजल्ट है। हम आज, अभी जो सोच रहे हैं, जिस चीज से जुड़ रहे हैं, हम अपनी अगली योनि का निर्माण कर रहे हैं। फैसला आपके हाथ में है आपको साँप, प्रेत या सूअर बनना है, या परमात्मा में लीन होना है?
🚩नारायण 🚩
TRN LIVE: #बाघ पर सवार होकर आएगी और अश्व पर सवार होकर जाएगी मकर संक्रांति,
#सभी मित्रों और उनके परिवारों को मकर संक्रांति की बहुत-2 बधाई एवं शुभकामनाएँ !
#संक्रांति सनातन संस्कृति का एक अत्यंत पावन और शुभ पर्व है, जो प्रकृति, सूर्य उपासना और मानव जीवन के बीच संतुलन को प्रदर्शित करता है। यह त्यौहार भारत के विभिन्न प्रदेशों में भिन्न-भिन्न नामों से मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे मकर संक्रांति, गुजरात और महाराष्ट्र में उत्तरायण, तमिलनाडु में पोंगल तथा असम में माघ बिहू के नाम से जाना जाता है। नाम चाहे अलग हों, लेकिन इस पर्व का मूल भाव एक ही है, और वह है; सूर्य देव की उपासना और दान-पुण्य करना। मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही मनाया जाता है। यह वह क्षण होता है, जब सूर्य उत्तरायण हो ते हैं और खरमास के बाद शुभ काल आरंभ होता है। धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मशुद्धि और पुण्य अर्जन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।
#मकर संक्रांति का नाम, भगवान सूर्य का वाहन
इस साल की मकर संक्रांति का नाम मन्दाकिनी है. इस दिन ग्रहों के राजा सूर्य पीले रंग का वस्त्र पहने बाघ पर सवार होंगे, उनका उपवाहन घोड़ा होगा। वे ईशान दृष्टि करके पश्चिम में गमन करेंगे. मकर संक्रांति पर उनका अस्त्र गदा है और वे भोग की अवस्था में होंगे. चांदी के पात्र में उनका भोज्य पदार्थ पायस है।
#शुभ मुहूर्त
मकर संक्रांति का पुण्य काल दोपहर 03:13 बजे से आरंभ होगा। वहीं महा पुण्य काल दोपहर 03:13 बजे से शाम 04:58 बजे तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में किया गया स्नान-दान और पूजा कई गुना पुण्य फल प्रदान करती है। माना जाता है कि इस शुभ काल में दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
#विशेष : कल एकादशी भी संक्रांति के साथ पड़ रही है, ऐसे में कुछ क्षेत्रों व धार्मिक संप्रदायों में एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं किया जाता, ऐसे में वे जातक केवल दान कर सकते हैं, दान पर कोई मनाही नहीं है। एकादशी तिथि शाम 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चाहें, तो खिचड़ी का सेवन कर सकते हैं, और मकर राशि में सूर्य जनवरी को ही होगा, अतः उस दिन तो सेवन कर ही सकते हैं।
#मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व
मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व अत्यंत गहन है। यह पर्व उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है, जब सूर्य देव दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर अग्रसर होते हैं। उत्तरायण को आध्यात्मिक उन्नति का काल माना गया है। इस समय किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल शीघ्र प्राप्त होता है।
शास्त्रों में उल्लेख है कि मकर संक्रांति के दिन गंगा, यमुना, सरस्वती अथवा किसी भी पवित्र जल स्रोत में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पापों का क्षय होता है। साथ ही ब्राह्मणों, साधुओं और दीन-दुःखी, निर्धन, जरूरतमंद लोगों को दान देने से भगवान सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
#मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व
मकर संक्रांति का उल्लेख अनेक पौराणिक कथाओं में मिलता है। एक कथा के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन ही भगवान विष्णु ने पृथ्वी लोक पर असुरों का संहार कर उनके सिरों को मंदरा पर्वत के नीचे दबाया था। महाभारत के अनुसार, भीष्म पितामह ने उत्तरायण काल की प्रतीक्षा करते हुए अपने प्राण त्यागे थे। मान्यता है कि उत्तरायण में देह त्याग करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी कारण इस काल को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
#पूजा विधि
मकर संक्रांति के दिन प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करें। यदि यह संभव न हो, तो घर पर ही स्नान कर सकते हैं। स्नान करते समय निम्नलिखित मंत्र का उच्चारण करें-
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।।
ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा।
य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स: बाह्याभंतर: शुचि:।।
स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा के लिए तांबे का लोटा लें और उसमें स्वच्छ जल भरें। जल में पुष्प, तिल, गुड़ और रोली मिलाएं। पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। अर्घ्य देते समय श्रद्धा पूर्वक “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें। इसके पश्चात सूर्य देव को तिल के लड्डू, खिचड़ी और व्यंजन अर्पित करें। सूर्य चालीसा या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। अंत में भगवान सूर्य को प्रणाम कर परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करें।
।। “ॐ सूर्याय नमः” ।।
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TRN LIVE: जिसे दण्ड समझा गया, वही वरदान बन गया*
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एक नगर में देवशक्ति नाम का राजा रहता था । उसके पुत्र के पेट में एक साँप चला गया था । उस साँप ने वहीं अपना बिल बना लिया था । पेट में बैठे साँप के कारण उसके शरीर का प्रति-दिन क्षय होता जा रहा था । बहुत उपचार करने के बाद भी जब स्वास्थ्य में कोई सुधार न हुआ तो अत्यन्त निराश होकर राजपुत्र अपने राज्य से बहुत दूर दूसरे प्रदेश में चला गया । और वहाँ सामान्य भिखारी की तरह मन्दिर में रहने लगा ।
राजा की पुत्रियां
उस प्रदेश के राजा बलि की दो नौजवान लड़कियाँ थीं । वह दोनों प्रति-दिन सुबह अपने पिता को प्रणाम करने आती थीं । उनमें से एक राजा को नमस्कार करती हुई कहती थी—
“महाराज ! जय हो । आप की कृपा से ही संसार के सब सुख हैं ।” दूसरी कहती थी—-“महाराज ! ईश्वर आप के कर्मों का फल दे ।” दूसरी के वचन को सुनकर महाराज क्रोधित हो जाता था । एक दिन इसी क्रोधावेश में उसने मन्त्रि को बुलाकर आज्ञा दी—-“मन्त्रि ! इस कटु बोलने वाली लड़की को किसी गरीब परदेसी के हाथों में दे दो, जिससे यह अपने कर्मों का फल स्वयं चखे ।”
राजकुमारी से विवाह
मन्त्रियों ने राजाज्ञा से उस लड़की का विवाह मन्दिर में सामान्य भिखारी की तरह ठहरे परदेसी राजपुत्र के साथ कर दिया । राजकुमारी ने उसे ही अपना पति मानकर सेवा की । दोनों ने उस देश को छोड़ दिया ।
थोड़ी दूर जाने पर वे एक तालाब के किनारे ठहरे । वहाँ राजपुत्र को छोड़कर उसकी पत्नी पास के गाँव से घी-तेल-अन्न आदि सौदा लेने गई । सौदा लेकर जब वह वापिस आ रही थी , तब उसने देखा कि उसका पति तालाब से कुछ दूरी पर एक साँप के बिल के पास सो रहा है । उसके मुख से एक फनियल साँप बाहर निकलकर हवा खा रहा था । एक दूसरा साँप भी अपने बिल से निकल कर फन फैलाये वहीं बैठा था ।
सांपो की बातचीत
दोनों में बातचीत हो रही थी । बिल वाला साँप पेट वाले साँप से कह रहा था—-“दुष्ट ! तू इतने सर्वांग सुन्दर राजकुमार का जीवन क्यों नष्ट कर रहा है ?”
पेट वाला साँप बोला—-“तू भी तो इस बिल में पड़े स्वर्णकलश को दूषित कर रहा है ।”
बिल वाला साँप बोला—-“तो क्या तू समझता है कि तुझे पेट से निकालने की दवा किसी को भी मालूम नहीं । कोई भी व्यक्ति राजकुमार को उकाली हुई कांजी की राई पिलाकर तुझे मार सकता है ।”
पेट वाला सांप बोला, “तुझे भी तो गर्म तेल डालकर कोई भी मार सकता है । “
सांपो का अंत
इस तरह दोनों ने एक दूसरे का भेद खोल दिया । राजकन्या ने दोनों की बातें सुन ली थीं । उसने उनकी बताई विधियों से ही दोनों का नाश कर दिया । उसका पति भी निरोग हो गया; और बिल में से स्वर्ण-भरा कलश पाकर गरीबी भी दूर हो गई । तब, दोनों अपने देश को चल दिये । राजपुत्र के माता-पिता दोनों ने उनका स्वागत किया ।
ठीक है, नीचे इसी कथा के प्रवाह में जुड़ने वाला, कर्म-सिद्धांत को स्थापित करने वाला, गंभीर और संतुलित अंतिम भाग लिख रहा हूँ—जो न तो उपदेशात्मक लगे, न ही अचानक बदला हुआ, बल्कि कहानी को पूर्ण अर्थ दे:
राजपुत्र के माता–पिता ने जब अपने पुत्र को पूर्णतः स्वस्थ, तेजस्वी और समृद्ध अवस्था में देखा, तो वे भावविभोर हो उठे। उन्होंने बहू को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और समझ गए कि यह केवल संयोग नहीं, किसी गहरे कर्म का फल है। उसी समय संदेशवाहक द्वारा यह समाचार राजा बलि तक भी पहुँचा—कि जिस कन्या को उन्होंने क्रोधवश “कर्मों का फल चखाने” के लिए एक परदेसी भिखारी को सौंप दिया था, वही कन्या आज एक स्वस्थ, समृद्ध और सच्चे राजा की पत्नी बन चुकी है।
यह सुनकर राजा बलि के हृदय में गहरा परिवर्तन हुआ। पहली बार उन्होंने अपने भीतर झाँककर देखा। उन्हें स्मरण आया कि उन्होंने अपनी पुत्री के वचनों को कभी समझने का प्रयास ही नहीं किया था। वह कन्या उन्हें अपमानित नहीं कर रही थी, बल्कि सत्य का स्मरण करा रही थी—कि राजा भी कर्मों के नियम से परे नहीं होता। उसी क्षण राजा ने स्वीकार किया कि न सुख केवल कृपा से मिलता है, न दुःख केवल दण्ड से—सब कुछ कर्म के विधान से चलता है।
राजा बलि ने पश्चाताप करते हुए अपनी पुत्री को ससम्मान बुलवाया, पर पुत्री ने विनम्रता से संदेश भिजवाया—
“पिताजी, अब जो मिला है वह मेरे कर्म का फल है, और जो मिला नहीं, वह भी मेरे कर्म की ही शिक्षा थी।”
राजा बलि ने उसी दिन से अपने राज्य में यह घोषणा कर दी कि किसी भी मनुष्य को उसके शब्दों से नहीं, उसके कर्मों से आँका जाएगा। और इस प्रकार यह कथा केवल साँपों के नाश या धन-प्राप्ति की नहीं रही, बल्कि एक गहरे सत्य की साक्षी बन गई—
> जो कर्म को स्वीकार करता है, वही अंततः अपने भाग्य का स्वामी बनता है।
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*Tarot Daddu – Dr. Darshan Bangia* 7503033565 कहते हैं: "हर कहानी सिर्फ शब्दों का मेल नहीं होती, बल्कि कई गहरी अनुभव और आत्मिक सीख से भरी होती है। 👇🏻👇🏻
🌿 कथा से प्राप्त 5 जीवनोपयोगी शिक्षाएँ 🌿
1️⃣ कर्म से भागा नहीं जा सकता
राजपुत्र का रोग, राजकुमारी का अपमान और अंततः दोनों का उत्थान—सब यह दिखाता है कि
कर्म अपना परिणाम समय पर देकर ही रहता है।
न भाग्य अंधा है, न ईश्वर पक्षपाती—जो बोया जाता है, वही काटा जाता है।
2️⃣ शब्द नहीं, भाव और सत्य का महत्व होता है
राजकुमारी ने अपने पिता से जो कहा, वह कटु नहीं था—वह सत्य था।
पर अहंकार में डूबा व्यक्ति सत्य को अपमान समझ लेता है।
जो सत्य को सह नहीं सकता, वह स्वयं अधूरा होता है।
3️⃣ संकट में किया गया धर्म ही सच्चा धर्म है
राजकुमारी ने एक रोगी, दरिद्र और अनजान व्यक्ति को पति रूप में स्वीकार किया।
न शिकायत की, न पलायन किया।
सच्चा धर्म वही है जो कठिन समय में निभाया जाए।
4️⃣ धैर्य और विवेक से बड़ा कोई शस्त्र नहीं
राजकुमारी ने क्रोध में आकर कुछ नहीं किया,
बल्कि सुना, समझा और उचित समय पर सही कर्म किया।
जो धैर्य रखता है, वही संकट के रहस्य को सुलझा पाता है।
5️⃣ कर्म-सिद्धांत को स्वीकार करना ही मुक्ति है
राजा बलि ने अंततः यह समझा कि
न पुत्री का भाग्य उन्होंने तय किया था,
न उसका दण्ड उन्होंने दिया था।
कर्म को स्वीकार कर लेने से ही अहंकार टूटता है और विवेक जागता है।
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🌺 Dr. Darshan Bangia (Tarot Daddu) की सीख:
“जो व्यक्ति कर्म को दोष देता है, वह दुखी रहता है।
और जो कर्म को स्वीकार करता है—वही अंततः विजयी होता है।”
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*शुभ वंदन।*
TRN LIVE: : आपदा में अवसर और मदद*
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1998 में जब खन्ना-केहरी ट्रेन एक्सीडेंट हुआ, तो सैकड़ों पैसेंजर मारे गए। केरल का एक हिंदू आर्मी ऑफिसर उसी ट्रेन में सफर कर रहा था और उसकी जान बच गई। वह लिखता है, “मैंने सुना था कि पंजाब के लोग बहुत दयालु होते हैं, वे सबकी भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं, लेकिन आज मैंने यह अपनी आँखों से देखा।”
वह लिखता है कि जब एक्सीडेंट हुआ तो रात हो चुकी थी। आस-पास के गाँवों के लोग अपने ट्रैक्टर, ट्रॉली, गाड़ियाँ और कारों में भरकर घायल पैसेंजर को हॉस्पिटल ले गए, अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेनों के मलबे से लाशें निकालीं, और जैसे ही दिन निकला, एक्सीडेंट वाली जगह पर ही गुरु का लंगर शुरू कर दिया गया।
जिस जगह पर दो सौ से ज़्यादा लोग मारे गए थे, वहाँ लाशें निकालने वालों और उनकी पहचान करने आए लोगों के लिए प्रसाद का इंतज़ाम देखकर मैं रो पड़ा और बोला…
ये देवी-देवता इसी धरती पर रहते हैं। धन्य हैं उनके सतगुरु जिन्होंने उन पर इतनी कृपा की, उन्हें इतना बड़ा काम सौंपा जो वे सदियों बाद भी कर रहे हैं।
मैं अक्सर सोचता हूँ कि दूसरी तरफ़, इसी भारत में ऐसे लोग भी हैं जो कुदरती आफ़तों और हादसों के समय बेबस लोगों को लूटते हैं। याद कीजिए तीन साल पहले उत्तराखंड में कुदरती आफ़त और बाढ़ के समय, वहाँ के लोगों ने एक प्लेट चावल तीन सौ रुपये में, पाँच रुपये का बिस्किट का पैकेट सौ रुपये में बेचा था। घायलों के हाथों से सोने के गहने उतार लिए... उत्तराखंड जैसा दूसरे राज्यों में भी होता है. यही फ़र्क है सिक्खों में और दूसरे लोगो में...
दिल से - एक बारी गुरु का जयकारा लगा दो। 🙏🏻🙏🏻
*जो बोले - सो निहाल*
*सतश्री अकाल!*🙏🏻🙏🏻
*⚔️ वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फ़तेह! ⚔️*
*🌿 गुरु नानक नाम जहाज़ है, चढ़े सो उतरे पार — सत श्री अकाल! 🌿*
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*Tarot Daddu – Dr. Darshan Bangia* 7503033565 कहते हैं: "हर कहानी सिर्फ शब्दों का मेल नहीं होती, बल्कि कई गहरी अनुभव और आत्मिक सीख से भरी होती है। 👇🏻👇🏻
1️⃣ आपदा में असली इंसानियत प्रकट होती है
संकट के समय जो बिना पूछे मदद के लिए आगे बढ़े, वही सच्चा इंसान कहलाता है। धर्म, जाति या पहचान नहीं—केवल मानवता बोलती है।
2️⃣ सेवा सबसे बड़ा धर्म है
लंगर, सहायता और निस्वार्थ सेवा यह सिखाती है कि भूखे को भोजन देना, घायल को सहारा देना—यही ईश्वर की सच्ची पूजा है।
3️⃣ संस्कार पीढ़ियों तक जीवित रहते हैं
गुरुओं की दी हुई सीख सदियों बाद भी लोगों के कर्मों में दिखाई देती है। सही संस्कार समाज की रीढ़ होते हैं।
4️⃣ हर विपत्ति अवसर भी होती है—मानव बनने का
आपदा किसी के लिए लूट का मौका बनती है, तो किसी के लिए सेवा का। फर्क हालात में नहीं, सोच में होता है।
5️⃣ सच्ची आस्था कर्म में दिखती है, शब्दों में नहीं
प्रार्थना वही सार्थक है जो हाथों से मदद बनकर निकले। जो दुख में साथ खड़ा हो—वही वास्तव में धर्म को जीता है।
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🌺 Dr. Darshan Bangia (Tarot Daddu) की सीख:
“जहाँ सेवा है, वहीं ईश्वर है।
और जहाँ आपदा में भी करुणा जगे—वहीं सच्चा धर्म जीवित रहता है।”
🙏🏻 जो बोले सो निहाल — सत श्री अकाल! 🙏🏻
------*शुभ वंदन।*
TRN LIVE: भारतवर्ष का नववर्ष 2026 का पहला महोत्सव, सबसे पहले त्योहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ...
🏵️🌹🌺⬆️🌺🌹🏵️
परम् आदरणीय, परम् प्रिय आतमन्..
वर्ष 2026 के सम्पूर्ण भारत के पहले पर्व...
"लोहड़ी",
"मकर संक्रांति",
"पोंगल",
"भोगली बिहू",
"उत्तरायण" और
"पौष पर्व" की
आप सभी को सपरिवार बधाईयां...
😊😊😊🙏🏼😊🙏🏼😊😊😊
हमारे देश को परिभाषित करने वाली विविधता में एकता को उजागर करते हुए,
ये त्यौहार प्रकृति के साथ हमारे जैविक संबंधों को रेखांकित करते हैं...
😊😊😊😊😊😊😊
गाओ और मस्ती के साथ नाचो...
🏵️🌹🌺🙏🏻🌹🌺🏵️
ये अद्भुत त्यौहार सभी भारतवासियों के जीवन में सुख, स्वास्थ्य, निरोगी जीवन, संयुक्त पारिवारिक भावनायें, समृद्धि और खुशियाँ लाये।
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हमारे देश को परिभाषित करने वाली विविधता में एकता को उजागर करते हुए,
ये त्यौहार प्रकृति के साथ हमारे जैविक संबंधों को रेखांकित करते हैं...
सुखी रहिये, स्वस्थ रहिये, सानन्द रहिये।
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आपका एवं आपके सेवार्थ
नेचुरोपैथ कौशल
TRN LIVE: *लो ब्लड प्रेशर (Low BP):*
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अचानक चक्कर, कमजोरी या बेहोशी? जानिए 10 असरदार उपाय + सही न्यूट्रिशन सपोर्ट
लो_ब्लड_प्रेशर LowBP SuddenLowBP lowbpremedies lowbprelief RightNutrition
अगर आपको बार-बार चक्कर आना, ठंडा पसीना, धुंधला दिखना या अचानक कमजोरी महसूस होती है, तो यह *लो ब्लड प्रेशर (Hypotension)* का संकेत हो सकता है।
लोग अक्सर हाई BP से डरते हैं, लेकिन *लो BP भी उतना ही गंभीर हो सकता है*, क्योंकि इससे दिल और दिमाग तक रक्त की सप्लाई प्रभावित होती है।
👉 एक बात अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती है:
*लो BP केवल बीमारी नहीं, कई बार यह शरीर में पोषण और ऊर्जा के असंतुलन का संकेत होता है।*
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⚠️ लो ब्लड प्रेशर के सामान्य कारण
* लंबे समय तक भोजन न करना या उपवास
* डिहाइड्रेशन (पानी व इलेक्ट्रोलाइट की कमी)
* अत्यधिक थकान, तनाव या गर्मी
* एनीमिया (खून की कमी)
* थायरॉयड, हृदय या हॉर्मोन असंतुलन
* कुछ दवाओं का साइड-इफेक्ट
* बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत
👉 *ध्यान दें:*
इनमें से ज़्यादातर कारण सीधे-सीधे *गलत खान-पान, अनियमित भोजन और पोषण की कमी* से जुड़े होते हैं।
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🌿 लो BP के लिए 10 असरदार आयुर्वेदिक उपाय
*(ये उपाय उपयोगी हैं, लेकिन इनका असर तभी टिकाऊ होता है जब शरीर को रोज़ सही पोषण मिले)*
1️⃣ *किशमिश दूध*
2️⃣ *तुलसी पत्ते + शहद*
3️⃣ *नमक वाला पानी*
4️⃣ *कॉफी या काली चाय (कभी-कभी)*
5️⃣ *सौंफ और मिश्री का पानी*
6️⃣ *मुनक्का और बादाम टॉनिक*
7️⃣ *मुलेठी पाउडर*
8️⃣ *नींबू-शहद पेय*
9️⃣ *दालचीनी + अदरक काढ़ा*
🔟 *आयुर्वेदिक औषधियाँ*
* अरविंदासव
* अश्वगंधारिष्ट
* दशमूलारिष्ट
👉 ये सभी शरीर को *तात्कालिक सहारा* देते हैं।
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❗ लेकिन असली सवाल यह है:
*क्या सिर्फ घरेलू उपायों से शरीर का संतुलन लंबे समय तक ठीक रहता है?*
अक्सर जवाब होता है — *नहीं*।
क्योंकि समस्या जड़ में होती है:
* अनियमित भोजन
* प्रोटीन, मिनरल और माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी
* शरीर की ऊर्जा प्रणाली का कमजोर होना
यहीं से *सही न्यूट्रिशन सपोर्ट* की आवश्यकता शुरू होती है।
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🥗 न्यूट्रिशन का सही दृष्टिकोण
👉 *न्यूट्रिशन कोई दवा नहीं है*
👉 यह किसी बीमारी को ठीक करने का दावा नहीं करता
👉 यह सरकार द्वारा निर्धारित *फूड और हेल्थ गाइडलाइंस* के भीतर रहने वाला *पोषण सहयोग* है
*सही न्यूट्रिशन का उद्देश्य है:*
* शरीर को *नियमित, संतुलित और मापी हुई पोषण सप्लाई* देना
* ताकि:
* अचानक कमजोरी न आए
* ऊर्जा स्तर स्थिर रहे
* डिहाइड्रेशन और पोषण की कमी कम हो
* व्यक्ति लंबे समय तक खाली पेट न रहे
👉 बहुत से लोग लो BP में इसलिए परेशान रहते हैं क्योंकि
*वे ठीक से खाते नहीं, या शरीर को रोज़ एक-सा पोषण नहीं मिल पाता।*
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🧘 जीवनशैली और योग (न्यूट्रिशन के साथ)
* श्वासन, भ्रामरी, प्राणायाम
* 7–8 घंटे की नींद
* लंबे समय तक खाली पेट न रहें
* हल्की वॉक — ताकि रक्त प्रवाह बेहतर हो
👉 *जब सही जीवनशैली और सही पोषण साथ चलता है, तभी शरीर स्थिर होता है।*
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🚑 कब डॉक्टर से मिलें?
* बार-बार बेहोशी या तेज चक्कर
* BP लगातार 90/60 से नीचे
* दिल की धड़कन बहुत धीमी या अनियमित
👉 *डॉक्टर की सलाह सर्वोपरि है।*
पोषण सहयोग इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि *उपचार का सहायक* होता है।
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🔔 अगर आप सच में “ठीक होना” चाहते हैं…
तो सिर्फ उपाय पढ़कर रुकना काफी नहीं।
👉 यह समझना ज़रूरी है:
* आपके शरीर को किस चीज़ की कमी है
* आपको कैसे खाना चाहिए
* कितनी मात्रा में खाना चाहिए
* और कौन-सा पोषण आपके शरीर के अनुकूल है
📌 *अगर आप चाहते हैं कि कोई आपको सही दिशा दिखाए —*
*बिना झूठे वादों के, नियमों के भीतर रहकर —*
*तो किसी अनुभवी Nutrition / Health Coach से मार्गदर्शन लेना उपयोगी हो सकता है।*
हमसे बात करने के लिए इस नंबर पर कॉल कीजिये।
DrDarshan Bangia
7503033565
✔️ सही समझ
✔️ सही दिशा
✔️ सही समय पर सही बदलाव
👉 *क्योंकि लक्ष्य कोई प्रोडक्ट नहीं,*
*लक्ष्य है — शरीर का संतुलन और स्थायी स्वास्थ्य।*
🪷 _ 🪷 _ 🪷 _ 🕉️ _ 🪷 _ 🪷 _ 🪷
*🪷🪷।। शुभ वंदन ।।🪷🪷*
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।
सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।
मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
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TRN LIVE: *वात दोष क्या है : असंतुलित वात से होने वाले रोग, लक्षण और उपाय*
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वात दोष , लक्षण और उपाय की जानकारी
आपने अपने आस पास ऐसे कई लोगों को देखा होगा जो ज़रूरत से ज्यादा बोलते हैं, हमेशा वे बहुत तेजी में रहते हैं या फिर बहुत जल्दी कोई निर्णय ले लेते हैं। इसी तरह कुछ लोग बैठे हुए भी पैर हिलाते रहते हैं। दरअसल ये सारे लक्षण वात प्रकृति वाले लोगों के हैं। अधिकांश वात प्रकृति वाले लोग आपको ऐसे ही करते नजर आयेंगे। आयुर्वेद में गुणों और लक्षणों के आधार पर प्रकृति का निर्धारण किया गया है। आप अपनी आदतों या लक्षणों को देखकर अपनी प्रकृति का अंदाज़ा लगा सकते हैं। इस लेख में हम आपको वात प्रकृति के गुण, लक्षण और इसे संतुलित रखने के उपाय के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
Contents
1 वात
2 वात दोष क्या है
3 वात के प्रकार
4 वात के गुण
5 वात प्रकृति की विशेषताएं
6 वात बढ़ने के कारण
7 वात बढ़ जाने के लक्षण
8 वात को संतुलित करने के उपाय
9 वात को संतुलित करने के लिए क्या खाएं
10 वात प्रकृति वाले लोगों को क्या नहीं खाना चाहिए
11 जीवनशैली में बदलाव
12 वात में कमी के लक्षण और उपचार
12.1 वात में कमी के लक्षण :
12.2 उपचार :
13 साम और निराम वात
Vata Dosha
वात दोष क्या है
वात दोष “वायु” और “आकाश” इन दो तत्वों से मिलकर बना है। वात या वायु दोष को तीनों दोषों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। हमारे शरीर में गति से जुड़ी कोई भी प्रक्रिया वात के कारण ही संभव है। चरक संहिता में वायु को ही पाचक अग्नि बढ़ाने वाला, सभी इन्द्रियों का प्रेरक और उत्साह का केंद्र माना गया है। वात का मुख्य स्थान पेट और आंत में है।
वात में योगवाहिता या जोड़ने का एक ख़ास गुण होता है। इसका मतलब है कि यह अन्य दोषों के साथ मिलकर उनके गुणों को भी धारण कर लेता है। जैसे कि जब यह पित्त दोष के साथ मिलता है तो इसमें दाह, गर्मी वाले गुण आ जाते हैं और जब कफ के साथ मिलता है तो इसमें शीतलता और गीलेपन जैसे गुण आ जाते हैं।
वात के प्रकार
शरीर में इनके निवास स्थानों और अलग कामों के आधार पर वात को पांच भांगों में बांटा गया है।
प्राण
उदान
समान
व्यान
अपान
आयुर्वेद के अनुसार सिर्फ वात के प्रकोप से होने वाले रोगों की संख्या ही 80 के करीब है।
वात के गुण
रूखापन, शीतलता, लघु, सूक्ष्म, चंचलता, चिपचिपाहट से रहित और खुरदुरापन वात के गुण हैं। रूखापन वात का स्वाभाविक गुण है। जब वात संतुलित अवस्था में रहता है तो आप इसके गुणों को महसूस नहीं कर सकते हैं। लेकिन वात के बढ़ने या असंतुलित होते ही आपको इन गुणों के लक्षण नजर आने लगेंगे।
वात प्रकृति की विशेषताएं
आयुर्वेद की दृष्टि से किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य और रोगों के इलाज में उसकी प्रकृति का विशेष योगदान रहता है। इसी प्रकृति के आधार पर ही रोगी को उसके अनुकूल खानपान और औषधि की सलाह दी जाती है।
वात दोष के गुणों के आधार पर ही वात प्रकृति के लक्षण नजर आते हैं. जैस कि रूखापन गुण होने के कारण भारी आवाज, नींद में कमी, दुबलापन और त्वचा में रूखापन जैसे लक्षण होते हैं. शीतलता गुण के कारण ठंडी चीजों को सहन ना कर पाना, जाड़ों में होने वाले रोगों की चपेट में जल्दी आना, शरीर कांपना जैसे लक्षण होते हैं. शरीर में हल्कापन, तेज चलने में लड़खड़ाने जैसे लक्षण लघुता गुण के कारण होते हैं.
इसी तरह सिर के बालों, नाखूनों, दांत, मुंह और हाथों पैरों में रूखापन भी वात प्रकृति वाले लोगों के लक्षण हैं. स्वभाव की बात की जाए तो वात प्रकृति वाले लोग बहुत जल्दी कोई निर्णय लेते हैं. बहुत जल्दी गुस्सा होना या चिढ़ जाना और बातों को जल्दी समझकर फिर भूल जाना भी पित्त प्रकृति वाले लोगों के स्वभाव में होता है.
वात बढ़ने के कारण
जब आयुर्वेदिक चिकित्सक आपको बताते हैं कि आपका वात बढ़ा हुआ है तो आप समझ नहीं पाते कि आखिर ऐसा क्यों हुआ है? दरअसल हमारे खानपान, स्वभाव और आदतों की वजह से वात बिगड़ जाता है। वात के बढ़ने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं।
मल-मूत्र या छींक को रोककर रखना
खाए हुए भोजन के पचने से पहले ही कुछ और खा लेना और अधिक मात्रा में खाना
रात को देर तक जागना, तेज बोलना
अपनी क्षमता से ज्यादा मेहनत करना
सफ़र के दौरान गाड़ी में तेज झटके लगना
तीखी और कडवी चीजों का अधिक सेवन
बहुत ज्यादा ड्राई फ्रूट्स खाना
हमेशा चिंता में या मानसिक परेशानी में रहना
ज्यादा सेक्स करना
ज्यादा ठंडी चीजें खाना
व्रत रखना
ऊपर बताए गये इन सभी कारणों की वजह से वात दोष बढ़ जाता है। बरसात के मौसम में और बूढ़े लोगों में तो इन कारणों के बिना भी वात बढ़ जाता है।
वात बढ़ जाने के लक्षण
वात बढ़ जाने पर शरीर में तमाम तरह के लक्षण नजर आते हैं। आइये उनमें से कुछ प्रमुख लक्षणों पर एक नजर डालते हैं।
अंगों में रूखापन और जकड़न
सुई के चुभने जैसा दर्द
हड्डियों के जोड़ों में ढीलापन
हड्डियों का खिसकना और टूटना
अंगों में कमजोरी महसूस होना एवं अंगों में कंपकपी
अंगों का ठंडा और सुन्न होना
कब्ज़
नाख़ून, दांतों और त्वचा का फीका पड़ना
मुंह का स्वाद कडवा होना
अगर आपमें ऊपर बताए गये लक्षणों में से 2-3 या उससे ज्यादा लक्षण नजर आते हैं तो यह दर्शाता है कि आपके शरीर में वात दोष बढ़ गया है। ऐसे में नजदीकी चिकित्सक के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं।
वात को संतुलित करने के उपाय
वात को शांत या संतुलित करने के लिए आपको अपने खानपान और जीवनशैली में बदलाव लाने होंगे। आपको उन कारणों को दूर करना होगा जिनकी वजह से वात बढ़ रहा है। वात प्रकृति वाले लोगों को खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि गलत खानपान से तुरंत वात बढ़ जाता है. खानपान में किये गए बदलाव जल्दी असर दिखाते हैं।
वात को संतुलित करने के लिए क्या खाएं
घी, तेल और फैट वाली चीजों का सेवन करें।
गेंहूं, तिल, अदरक, लहसुन और गुड़ से बनी चीजों का सेवन करें।
नमकीन छाछ, मक्खन, ताजा पनीर, उबला हुआ गाय के दूध का सेवन करें।
घी में तले हुए सूखे मेवे खाएं या फिर बादाम,कद्दू के बीज, तिल के बीज, सूरजमुखी के बीजों को पानी में भिगोकर खाएं।
खीरा, गाजर, चुकंदर, पालक, शकरकंद आदि सब्जियों का नियमित सेवन करें।
मूंग दाल, राजमा, सोया दूध का सेवन करें।
वात प्रकृति वाले लोगों को क्या नहीं खाना चाहिए
अगर आप वात प्रकृति के हैं तो निम्नलिखित चीजों के सेवन से परहेज करें।
साबुत अनाज जैसे कि बाजरा, जौ, मक्का, ब्राउन राइस आदि के सेवन से परहेज करें।
किसी भी तरह की गोभी जैसे कि पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकली आदि से परहेज करें।
जाड़ों के दिनों में ठंडे पेय पदार्थों जैसे कि कोल्ड कॉफ़ी, ब्लैक टी, ग्रीन टी, फलों के जूस आदि ना पियें।
नाशपाती, कच्चे केले आदि का सेवन ना करें।
जीवनशैली में बदलाव
जिन लोगों का वात अक्सर असंतुलित रहता है उन्हें अपने जीवनशैली में ये बदलाव लाने चाहिए।
एक निश्चित दिनचर्या बनाएं और उसका पालन करें।
रोजाना कुछ देर धूप में टहलें और आराम भी करें।
किसी शांत जगह पर जाकर रोजाना ध्यान करें।
गर्म पानी से और वात को कम करने वाली औषधियों के काढ़े से नहायें। औषधियों से तैयार काढ़े को टब में डालें और उसमें कुछ देर तक बैठे रहें।
गुनगुने तेल से नियमित मसाज करें, मसाज के लिए तिल का तेल, बादाम का तेल और जैतून के तेल का इस्तेमाल करें।
मजबूती प्रदान करने वाले व्यायामों को रोजाना की दिनचर्या में ज़रूर शामिल करें।
वात में कमी के लक्षण और उपचार
वात में बढ़ोतरी होने की ही तरह वात में कमी होना भी एक समस्या है और इसकी वजह से भी कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। आइये पहले वात में कमी के प्रमुख लक्षणों के बारे में जानते हैं।
वात में कमी के लक्षण :
बोलने में दिक्कत
अंगों में ढीलापन
सोचने समझने की क्षमता और याददाश्त में कमी
वात के स्वाभाविक कार्यों में कमी
पाचन में कमजोरी
जी मिचलाना
उपचार :
वात की कमी होने पर वात को बढ़ाने वाले आहार का सेवन करना चाहिए। कडवे, तीखे, हल्के एवं ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें। इनके सेवन से वात जल्दी बढ़ता है। इसके अलावा वात बढ़ने पर जिन चीजों के सेवन की मनाही होती है उन्हें खाने से वात की कमी को दूर किया जा सकता है।
साम और निराम वात
हम जो भी खाना खाते हैं उसका कुछ भाग ठीक से पाच नहीं पता है और वह हिस्सा मल के रुप में बाहर निकलने की बजाय शरीर में ही पड़ा रहता है। भोजन के इस अधपके अंश को आयुर्वेद में “आम रस’ या ‘आम दोष’ कहा गया है।
जब वात शरीर में आम रस के साथ मिल जाता है तो उसे साम वात कहते हैं। साम वात होने पर निम्नलिखित लक्षण नजर आते हैं।
मल-मूत्र और गैस बाहर निकालने में दिक्कत
पाचन शक्ति में कमी
हमेशा सुस्ती या आलस महसूस होना
आंत में गुडगुडाहट की आवाज
कमर दर्द
यदि साम वात का इलाज ठीक समय पर नहीं किया गया तो आगे चलकर यह पूरे शरीर में फ़ैल जाता है और कई बीमारियों होने लगती हैं।
जब वात, आम रस युक्त नहीं होता है तो यह निराम वात कहलाता है। निराम वात के प्रमुख लक्षण त्वचा में रूखापन, मुंह जीभ का सूखना आदि है. इसके लिए तैलीय खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करें।
अगर आप वात प्रकृति के हैं और अक्सर वात के असंतुलित होने से परेशान रहते हैं तो ऊपर बताए गए नियमों का पालन करें। यदि समस्या ठीक ना हो रही हो या गंभीर हो तो किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करें।
🪷 _ 🪷 _ 🪷 _ 🕉️ _ 🪷 _ 🪷 _ 🪷 *🪷🪷।। शुभ वंदन ।।🪷🪷*
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।
सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।
मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
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TRN LIVE: 🚩 मकर संक्रांति: 14 या 15 जनवरी 2026? शास्त्र सम्मत निर्णय 🌞
पंचांग और शास्त्रों के अनुसार इस वर्ष भ्रम दूर करें:
संक्रांति प्रवेश: 14 जनवरी 2026, रात्रि 09:39 बजे (ऋषिकेश पंचांग अनुसार)।
शास्त्र का मत: 'प्रदोषे वार्द्धरात्रे वा स्नानं दानं परेअहनि' (भविष्य पुराण)। अर्थात यदि संक्रांति रात्रि में हो, तो स्नान-दान अगले दिन करना चाहिए।
पुण्यकाल: संक्रांति का मुख्य पुण्यकाल, स्नान और दान 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को ही मनाया जाएगा। 🌊
निष्कर्ष: इस वर्ष खिचड़ी का पर्व, दान और पुण्य कार्य 15 जनवरी को सूर्योदय के साथ करना ही शास्त्र सम्मत और श्रेष्ठ है। 🚩
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TRN LIVE: हम हज़ारों वर्षों से उत्तरायण मना रहे हैं — बिना किसी आधुनिक कैलेंडर के,
बिना किसी वैज्ञानिक लैब के,
लेकिन प्रकृति की गहरी समझ के साथ।
जब सूर्य की दिशा बदलती है, तो हमारे पर्व भी बदलते हैं।
यह कोई संयोग नहीं, यह हिंदू धर्म की वैज्ञानिक और जीवनोपयोगी सोच है।
❄️ ठंड से बचाव के लिए तिल।
तिल गरम तासीर का होता है। सर्दियों में शरीर को ऊर्जा देता है, जोड़ों को मज़बूत करता है, त्वचा और पाचन को बेहतर बनाता है। इसलिए तिल-गुड़ सिर्फ़ मिठाई नहीं, एक स्वास्थ्य सूत्र है।
🥣 अच्छे स्वास्थ्य के लिए खिचड़ी
चावल, दाल, हल्के मसाले — सरल, सुपाच्य और पोषण से भरपूर।
जब मौसम बदलता है, तब शरीर को आराम देने वाला भोजन चाहिए। खिचड़ी वही काम करती है जो आज “डिटॉक्स डाइट” कहलाती है।
☀️ उत्तरायण का संदेश
अंधकार से प्रकाश की ओर।
आलस्य से कर्म की ओर।
नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर।
हमारा धर्म सिर्फ़ पूजा-पाठ नहीं सिखाता,
वह कब खाना है, क्या खाना है, कैसे जीना है — यह भी सिखाता है।
आज जिसे दुनिया Lifestyle Science कह रही है,
उसे हम संस्कार कहते आए हैं।
यही है धर्म की महानता —
जहाँ परंपरा भी है, तर्क भी है,
और जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक बनाने की पूरी व्यवस्था भी। 🌞🙏
: *इस्लामिक जेहाद।*
जेहाद अचानक नहीं होता, यह बहुत धीरे- धीरे होने वाली प्रक्रिया है जिसमें पहले काफिरो (हिन्दुओ) की ताकत को परखा जाता है और उनकी ताकत के हिसाब से तैयारी की जाती है।
जेहाद के पहले हर स्तर पर हिंदुओं को मानसिक रूप से तोड़ा जाता है। जेहाद चरण दर चरण चलने वाली प्रक्रिया है।
*🫵🏻पहला चरण-* आपके क्षेत्र में कबाड़ी फेरीवाले आने शुरू होंगे जो आपकी आर्थिक स्थिति परखेंगे आपके घरों की महिलाओं की क्षमता परखेंगे
*🫵🏻दूसरा चरण-* आप के क्षेत्र में चादर फैला कर मांगने वाले लोभान छोड़ने वाले या सूफी गीत गा कर मांगने वाले आने लगेंगे ये दुआएं दे कर भीख मांगेंगे और तलाशेंगे कि कितने परेशान हिन्दू उनके जाल में फंस सकते है।
*🫵🏻तीसरा चरण-* वो आपके क्षेत्र में ऐसी दुकान खोलेंगे या ऐसा कार्य करेंगे जिससे महिलाओं से उनका संपर्क बढ़ सके और लव जेहाद को बढ़ाया जा सके और महिलाओं को माध्यम बनाकर उनके पिता, भाई व पति से तालमेल बनाया जा सके व उनके दिमाग को पढ़ा जा सके।
*🫵🏻चौथा चरण-* आपके क्षेत्र में रोड पर कब्जा करके दुकान खोलेंगे और कम कीमत में काम करेंगे, जिससे हिन्दुओ को छोड़ कर आप उनके पास काम करवाने जाने लगें, उनकी दुकानों पर आवारा लड़को का जमावड़ा होने लगेगा।
*🫵🏻पाचवां चरण-* हिन्दुओ की दुकानों व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर कम वेतन में नौकरी करना शुरू करेंगे।
*🫵🏻छठा चरण-* ये आपके क्षेत्र में हलाल के मांस की दुकान खोलेंगे।
*🫵🏻सातवां चरणजेड* हिन्दू बहुल क्षेत्र में महंगे दामों पर मकान खरीदेंगे या किराया पर लेंगे।
*🫵🏻आठवां चरण-* हिन्दू लड़को से दोस्ती करेंगे, जिससे वो हिन्दू लड़कियों से परिचय कर सकें और किसी न किसी बहाने आपके घर आ जा सकें।
*🫵🏻नौवां चरण-* आपके क्षेत्र में
भगवा हिन्दू राष्ट्र सेना ट्रस्ट का app आ गया है ।
सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्
TRN LIVE
[14/01, 9:49 pm] +91 83938 47676: *👮♂️🚔 पुलिस उपमहानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन में समस्त क्षेत्राधिकारीगण एवं थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने सर्किल एवं थाना क्षेत्रों में पैदल गश्त एवं चैकिंग की जा रही है....👮♂️🚔*
*➡️ जनपद सहारनपुर मे शान्ति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारीगण एंव थाना प्रभारियों द्वारा पर्याप्त पुलिस बल के साथ अपने-अपने सर्किल थाना क्षेत्रों मे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों बाज़ारों सर्राफा व भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त एवं चैकिंग की जा रही है।*
*➡️🚔 पैदल गश्त के दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों को चौकसी बढ़ाने सघन निगरानी रखने एवं संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।🚔*
*➡️ साथ ही आमजन से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे क्षेत्र में शान्ति एवं सुरक्षा का वातावरण बना रहे।*
*रिपोर्ट :- मोहम्मद अली मिर्ज़ा*
[15/01, 3:06 am] +91 79053 35493: 🟥 RTI आवेदन से जुड़ा प्रकरण पहुँचा केंद्रीय सूचना आयोग
लखनऊ | 15 जनवरी 2026
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत प्रस्तुत एक आवेदन से संबंधित प्रकरण अब केंद्रीय सूचना आयोग (CIC), नई दिल्ली के समक्ष विचाराधीन है। पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता श्री सैय्यद अली हसनैन आब्दी फ़ैज़ द्वारा इस संबंध में द्वितीय अपील दाख़िल की गई है।
उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, अपीलकर्ता ने दिनांक 11 मई 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत एक आवेदन प्रस्तुत किया था। उक्त आवेदन को बाद में अधिनियम की धारा 6(3) के अंतर्गत संबंधित मंत्रालय को स्थानांतरित किया गया।
अपीलकर्ता द्वारा इस विषय में प्रथम अपील भी दायर की गई थी, जिस पर 25 नवंबर 2025 को आदेश पारित हुआ। अपीलकर्ता का कहना है कि उन्हें अब तक मांगी गई सूचना पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हो सकी है, जिसके पश्चात उन्होंने अधिनियम की प्रक्रिया के अनुसार केंद्रीय सूचना आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत की है।
द्वितीय अपील में यह अनुरोध किया गया है कि—
मांगी गई सूचना पूर्ण एवं बिंदुवार उपलब्ध कराई जाए,
तथा यह स्पष्ट किया जाए कि सूचना उपलब्ध न होने की स्थिति किस स्तर पर उत्पन्न हुई।
अपीलकर्ता द्वारा अपने आवेदन, अपील एवं पत्राचार से संबंधित भारतीय डाक की रसीदें एवं दस्तावेज़ साक्ष्य के रूप में संलग्न किए गए हैं।
वर्तमान में यह प्रकरण केंद्रीय सूचना आयोग में विचाराधीन है और आयोग द्वारा सुनवाई/निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है।
#RTIAct2005
#CentralInformationCommission
#RightToInformation
#DueProcess
#PublicInformation
#Transparency
: कुछ दिन पूर्व जसमोर सड़क हादसे में अपनी जान गवाने वाले छोटे भाई सोनू सैनी जी के घर की बिजली विभाग द्वारा काट दिए जाने की सूचना मिलने पर तत्काल उनके घर पहुँचा जहाँ घर पर उनके छोटे छोटे बच्चे एवं उनके बुजुर्ग पिता मिले उन सबसे मिलकर घर के इकलौते ज़िम्मेदार का यू अचानक चले जाने का दर्द मैंने महसूस किया!घर में अगर कमाने वाला ही चला जाए तो पूरा परिवार ही असहाय जैसा जीवन जीने को मजबूर हो जाता है
मैंने तत्काल ही विभाग के उच्च अधिकारियों से बातचीत कर अपने सामने ही बिजली घर में चालू करवायी
ईश्वर किसी भी बच्चे के सर से माता एवं पिता का साया ना छीने ऐसी मेरी प्रार्थना है
में भविष्य में भी कोशिश करूँगा के बच्चों से मिलता जुलता रहूँ
रोहित सिंह राणा
TRN LIVE: *बाज़ार खाला पुलिस की मेहरबानी, अस्पताल के गेट पर मौतका जाम,*
*बाज़ार खाला पुलिस, रसूखदारों के आगे सलाम, मरीजों के लिए जाम!*
*रसूखदारों के आगे खाकी नतमस्तक!*
लखनऊ। राजधानी के थाना बाज़ार खाला क्षेत्र में स्थित नारिय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इन दिनों मरीजों के इलाज के लिए कम और पुलिसिया लापरवाही के नजारे के लिए ज्यादा जाना जा रहा है। आलम यह है कि अस्पताल के मुख्य द्वार पर अवैध पार्किंग और बेतरतीब गाड़ियों का ऐसा मेला सजता है कि यमराज भी अगर मरीज लेने आएं तो उन्हें भी जाम में फंसना पड़ जाए।
एक तरफ लखनऊ पुलिस कमिश्नर शहर को अतिक्रमण मुक्त करने का ढिंढोरा पीट रहे हैं, थाना प्रभारी सड़कों पर अभियान का फीता काट रहे हैं, लेकिन नारियल CHC के गेट पर पहुंचते ही पुलिस का सारा सिंघम अवतार फुस्स हो जाता है। यहाँ अवैध पार्किंग करने वाले दबंगों की ताकत के आगे बाज़ार खाला पुलिस ऐसी नतमस्तक है कि उसे एम्बुलेंस की चीखें और गर्भवती महिलाओं का दर्द सुनाई ही नहीं देता।
अस्पताल के गेट पर अवैध कब्जा जमाए खड़े वाहनों की वजह से सबसे ज्यादा फजीहत उन गर्भवती महिलाओं की होती है, जिन्हें इमरजेंसी में लाया जाता है। मिनटों का रास्ता घंटों में तब्दील हो जाता है। क्या पुलिस प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? या फिर इन अवैध पार्किंग लगाने वालों खाकी को मरीजों की जान सस्ती नजर आने लगी है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का हंटर सिर्फ उन गरीब रेहड़ी-पटरी वालों पर चलता है जो दो वक्त की रोटी के लिए सड़क किनारे खड़े होते हैं। लेकिन जहां रसूखदार पार्किंग माफियाओं की बात आती है, वहां पुलिस गांधारी बन जाती है।
अस्पताल प्रशासन कई बार लिखित शिकायत दे चुका है, लेकिन मजाल है कि बाज़ार खाला पुलिस की नींद टूट जाए।
क्या बाज़ार खाला थाना प्रभारी से ज्यादा ताकतवर ये अवैध पार्किंग लगाने वाले हैं? या फिर इस अंधे कानून के पीछे कोई गहरी साठ-गांठ है? अगर जाम की वजह से किसी मरीज की जान जाती है, तो क्या पुलिस इसकी जिम्मेदारी लेगी?
अब देखना यह है कि इस खबर के बाद कमिश्नर साहब का अभियान नारियल CHC के गेट तक पहुंचता है या बाज़ार खाला पुलिस इसी तरह रसूखदारों की सेवा में नतमस्तक बनी रहे
*JOURNALIST ALI ZAIDI*
TRN LIVE: चर्म रोग से आप कैसे करें अपना बचाव, जानकारी देता आलेख.
सोरायसिस के लक्षणों की करें पहचान, ऐसे रखें ध्यान
सोरायसिस त्वचा से जुड़ी ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें कोशिकाएं त्वचा पर तेजी से जमा होने लगती हैं. इससे त्वचा पर मोटी परत बन जाती है, जो लाल रंग के चकत्ते के रूप में नजर आती है. इसके सूखने पर कभी-कभी खुजली महसूस होती है. इस चर्म रोग से आप कैसे करें अपना बचाव,
सोरायसिस दुनिया भर में मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करता है. यह न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि सामाजिक, मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से भी प्रभावित करता है. भारत सहित 31 देशों में सोरायसिस रोगियों के सर्वेक्षण से पता चला है कि 66 प्रतिशत भारतीय सोरायसिस मरीज भेदभाव और अपमान का सामना करते हैं.
लक्षणों
गौरतलब है कि सोरायसिस नामक बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है और इसके लक्षण सभी में अलग-अलग दिखाई देते हैं. लेकिन त्वचा पर लाल रंग के सूखे चकत्ते बनना सबसे आम लक्षण है. इससे त्वचा में अक्सर खुजली महसूस होती है. कई बार क्रैक पड़ने या खुजलाने से उस जगह से खून भी निकलने लगता है.
सोरायसिस कुहनियों और घुटनों पर ज्यादा देखने को मिलता है. इस बीमारी में सिर की चमड़ी में भी रूसी (डैंड्रफ) जैसी परत जम जाती है और उसमें खुजली होती रहती है. गंभीर मामलों में हाथ व पैरों के नाखूनों में भी सोरायसिस हो सकता है.
कारण
इसके कारणों का अभी तक कुछ ज्यादा पता नहीं चला है, लेकिन विभिन्न अध्ययनों से पता चलता है कि यह बीमारी इम्यून सिस्टम से जुड़ी है. साधारण शब्दों में कहा जाए तो जो सैल्स हमारे शरीर में बाहरी तत्वों जैसे वायरस, बैक्टीरिया आदि से लड़ते हैं, वे सोरायसिस पीड़ित की त्वचा के अच्छे सैल्स पर भी अटैक कर देते हैं. इससे त्वचा पर मोटी परत बनने लगती है. सोरायसिस रोगी को त्वचा पर चोट, जख्म, संक्रमण, किसी कीड़े-मकोड़े के काटने, ठंड, सनबर्न और तनाव का ध्यान रखना चाहिए. जो लोग बहुत ज्यादा धूम्रपान व शराब का सेवन करते हैं, उन्हें विशेष रूप से सावधानी बरतनी चाहिए.
उपचार...
समय पर बीमारी की पहचान करके दवाओं से इसे बेहतर तरीके से ठीक किया जा सकता है. अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाएं तो यह बीमारी पूरे शरीर पर भी फैल सकती है. कई बार लगता है कि बीमारी ठीक हो गई, लेकिन यह भविष्य में फिर उभरकर सामने आ जाती है. इसलिए ठीक महसूस होने पर इलाज को न रोकें, बल्कि डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरी दवा लें और उनके निर्देश पर दवा बंद करें...
इसके इलाज में डॉक्टर पीड़ित को दवाओं के साथ त्वचा पर लगाने के लिए मरहम भी देते हैं. कई बार दवाओं के दुष्प्रभाव से भी यह समस्या हो सकती है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें. इलाज रोगी की स्थिति के अनुसार किया जाता है. ज्यादा गंभीर मामलों में फोटो (लाइट) थेरेपी भी दी जा सकती है और एडवांस थेरेपी यानी बॉयोलोजिक्स थेरेपी भी, जिससे रोगी बेहतर जिंदगी बिता सकते हैं.
ऐसे रखें ध्यान
1 त्वचा को खुश्क न रहने दें. समय पर मॉइस्चराइजर लगाएं.
2 खाने-पीने का खास ख्याल रखें.
3 हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें.
4 शराब का सेवन बिल्कुल बंद कर दें.
5 सकारात्मक सोच रखें.
⚫⚫⚫⚫
फीडबैक
पेशेंट दयानिधि
एड्रेस =Dayanidhi Bhatta
QR.No.C-1/1
Prasar Bharati Colony,
Near Omfed Square,
P.O.Mancheswar Rly. Colony,
Bhubaneswar -751017
Orissa
प्रॉब्लम = स्किन एलर्जी बार बार खुलजी दाद पूरी स्किन पर कही भी हो जाना..
ट्रीटमेंट = बहुत इलाज करने पर भी ठीक नहीं हुआ
आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट शिवाय आयुर्वेदिक सेंटर द्वारा रिजल्ट =
100%
ट्रीटमेंट समय =30 दिन
9/ मार्च /2024 से
10/अप्रैल /2024
पेशेंट बिलकुल ख़ुश
ट्रीटमेंट और डॉ वही अच्छा होता है जो की पेशेंट की समस्या दिक्कत परेशानी और बीमारियों को समझ कर कम से कम समय मे जल्द बीमारियों को ठीक करके अपने पेशेंट को ठीक करके दवाई से मुक्त करे..और रोगी अब निरोगी जीवन जिए..
कोई भी समस्या मे सालो महीने दवायो खाने की जरूरत तभी पड़ती है या तो आपका डॉ आपकी बीमरी को सही से नहीं पकड़ पा रहे या आपका ट्रीटमेंट सही नहीं हो पा रहा वरना 90% बीमारिया उचित ट्रीटमेंट से चंद दिनों महीने मे ठीक हो रही है हो सकती है.. पेशेंट रिजल्ट इनके खुद सबूत होते है ज़ब कहते है 5 सालो से परेशान थे पर आपकी एक महीने की दवाई से बिलकुल ठीक हो गए...
अगर आपको किसी बीमारी का इलाज करवाना हो तो आप बीमारी के बारे में बताकर या परेशानी के बारे मे बता कर आयुर्वेदिक औषधियां मंगवा सकते हैं।..
किसी भी जानकारी के लिए या ट्रीटमेंट के लिए आप पहले हमें अपनी प्रॉब्लम व्हाट्सप्प कर दीजिये समय मिलते ही आपको जवाब दिया जायेगा...
सभी सुखी और निरोगी रहे
शिवाय आयुर्वेदिक सेंटर
आयुर्वेदिक डॉ रोहित गुप्ता
7906873221
TRN LIVE: *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के कुशल मार्ग निर्देशन में शाहपुर थानाध्यक्ष गजेंद्र सिंह शातिर अपराधीयो वे बदमाशों एवं गोकशों के खिलाफ तो अभियान चलाए हुए है साथ ही ऐसे अपराधियों के चेहरो को भी कर रहे बेनकाब*
*शाहपुर थानाध्यक्ष गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सुनील कुमार वे उनकी टीम ने फर्जी बेनामा कराने के नाम पर पेसे की धोखाधडी करने वाले 02 अभियुक्तगणो से 10 लाख पचास हजार रुपये की बरामद कर भेजा जेल*
तस्लीम बेनकाब
मुज़फ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के कुशल मार्ग निर्देशन में शाहपुर थानाध्यक्ष गजेंद्र सिंह शातिर अपराधी बदमाशो वे गोकशों के खिलाफ तो अभियान चलाए हुए है साथ ही ऐसे अपराधियों के चेहरे को भी बेनकाब कर रहे हैं जो फर्जी बैनामा कराने के नाम पर पैसे की धोखाधड़ी करते हैं लेकिन ऐसे अपराधियों को यह नहीं मालूम की शाहपुर थानाध्यक्ष गजेंद्र सिंह व उनकी टीम हर अपराध करने वाले अपराधियों पर पैनी नजर रखते हैं और समय-समय पर उन्हें बेनकाब कर कानून के शिकंजे में लाकर जेल की हवा खिलाते हैं ऐसे ही एक मामले में शाहपुर थानाध्यक्ष गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सुनील कुमार वे उनकी टीम ने फर्जी बेनामा कराने के नाम पर पेसे की धोखाधडी करने वाले 02 अभियुक्तगण से 10 लाख पचास हजार रुपये की बरामदगी कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के आदेश/निर्देशों के क्रम में जनपद मुजफ्फरनगर में वांछित/ वारण्टी अपराधियो के विरुध्द चल रहे अभियान व शपुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी बुढाना के पर्यवेक्षण व थानाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह के कुशल निर्देशन मे थाना शाहपुर पुलिस द्वारा अभियुक्तगण राजवीर उर्फ राजू पुत्र जयभगवान निवासी ग्राम शाहडब्बर थाना बुढ़ाना मु0नगर वे इस्लाम उर्फ मुन्नान पुत्र मौ0 शमशाद निवासी लददावाला थाना खालापार मु0नगर सम्बंधित सम्बन्धित मु0अ0सं0 353/25 धारा 318(4),319(2),338,336(3),340(2) बीएनएस को दिनांक 14.01.2026 को सोरम गेट नम्बर -2 से गिरफ्तार कर जेल भेजा हैं।घटना का समंक्षिप्त विवरण - अभियुक्त गण द्वारा वादी सबा करीम पुत्र फेज मोहम्मद निवासी ग्राम शोरम थाना शाहपुर जनपद मु0नगर से दिनांक 07.07.2025 से 12.11.2025 तक जमीन का फर्जी कागजात तैयार करा फर्जी बैनामा कराने के नाम पर 28 लाख रुपये की धोखाधडी कर लेना के सम्बंध मे थाना हाजा पर मु0अ0स0-353/2025 धारा - 318(4), बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया था जिसमे विवेचना के क्रम मे धारा 319(2),338,336(3),340(2) बीएनएस की वृद्धि कर घटना का सफल अनावरण कर अभियुक्त गण राजवीर उर्फ राजू पुत्र जयभगवान निवासी ग्राम शाहडब्बर थाना बुढ़ाना मु0नगर से वे इस्लाम उर्फ मुन्नान पुत्र मौ0 शमशाद निवासी लददावाला थाना खालापार मु0नगर की निशादेही पर 10,50000 रुपये ( दस लाख पचास हजार रुपये )की बरामद किये है।पूछताछ का संक्षिप्त विवरण -- अभियुक्त गण से पूछताछ की गयी तो बताया की पवन कुमार पुत्र परशुराम निवासी बिराल थाना बुढ़ाना मु0नगर और हासिम पुत्र इस्लामुददीन निवासी जामिया नगर थाना खालापार मु0नगर और पुष्पेन्द्र जो कि बड़ौत का रहने वाला है को काफी समय पहले जानते थे । हम पांच लोग पवन कुमार, हासिम पुत्र इस्लामुद्दीन निवासी छप्पर वाली मस्जिद के पास जामिया नगर थाना खालापार मु0नगर और पुष्पेन्द्र मिलकर लोगो की जमीनो के फर्जी कागज व आधार कार्ड तैयार कर जमीन को बेच देते है उससे जो रूपया मिलता है उसको आपस में बाट लेते है।दि0 07.07.25 को ग्रमा बसीकलां में जो अतीक बैग और तौफीक बैग की जो जमीन थी उसके बारे में जब हम लोगो को पता चला था तो हमने सबा से उस जमीन को बेचने के लिए बुलाया था और जब सबा करीब पुत्र फैज मौहम्मद निवासी ग्राम सौरम थाना शाहपुर मु0नगर को सौदा सही लगा था तो दि0 10.07.25 को सबा और उसके पार्टनर दानिश पुत्र लियाकत अली निवासी बड़ौत बागपत और हुसैन अहमद पुत्र रागिब निवासी बागोवाली मु0नगर के नाम उस 13 बीघा खेत की जमीन का एग्रीमेन्ट 7 लाख 55 हजार रूपये प्रति बीघा के हिसाब से 08 महीने बाद रजिस्ट्री कराने को लेकर किया गया था जिसके अनुसार हम लोगो को 02 चैक दिये गये थे जिनमे से 01 आईसीआईसीआई और दूसरा एक्सिस बैक का चैक था । जिसकें हमने हासिम को तौफीक बैग पुत्र रफीक बेग निवासी बसीकला शाहपुर मु0नगर नाम का व्यक्ति बनाने के लिए उस नाम पते का जाली आधार कार्ड बनवाया था और अतीक बैग पुत्र रफीक बेग निवासी बसीकला शाहपुर मु0नगर इस्लाम को बनाया गया था तथा पवन कुमार ने ही पुष्पेन्द्र की मदद से एक फर्जी खाता भी खुलवाया था जिसमें दिये गये चैक के पैसे गये थे जब खाते में पैसे आ गये थे तो हमने मिलकर उनको धीरे धीरे निकाल लिया था और उसमें आधे से ज्यादा रूपयो को आपस में बाट लिया था ।
गिरफ्तार अभियुक्तगण का नाम राजवीर उर्फ राजू पुत्र जयभगवान निवासी ग्राम शाहडब्बर थाना बुढ़ाना मु0नगर वे इस्लाम उर्फ मुन्नान पुत्र मौ0 शमशाद निवासी लददावाला थाना खालापार मु0नगर हैं। सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली टीम में उप निरीक्षक सुनील कुमार,हेड कांस्टेबल रोहतास कुमार, हेड कांस्टेबल प्रेमचंद शर्मा, कांस्टेबल प्रशांत सिरोही,कांस्टेबल सोमवीर आदि शामिल रहे।
TRN LIVE: लखनऊ
KGMU अपडेट
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने मकर संक्रांति अवकाश को लेकर बयान जारी किया है।
मकर संक्रांति के अवसर पर शैक्षिक, गैर-शैक्षिक एवं प्रशासनिक कार्यालय बंद रहेंगे।
OPD सेवाएं अवकाश के दिन भी सामान्य रूप से चालू रहेंगी।
इमरजेंसी सेवाएं पूर्व की तरह 24×7 जारी रहेंगी।
मरीजों को इलाज में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। डॉक्टर ने आश्वासन दिया पत्रकार रिंकू
TRN LIVE: "*जब एक सच्चा क्रांतिकारी समाज सेवक, निर्भीक पत्रकार, ईमानदार पुलिस का जवान पीड़ित का केस लड़ने वाला वकील क्रिमिनल बनता है तो क़यामत आ जाती है*"
अटल बिहारी शर्मा -:
कोई भी व्यक्ति पेट से क्रिमिनल पैदा नहीं होता उसे क्रिमिनल बना दिया जाता है कुछ भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा कुछ भ्रष्ट नेताओं द्वारा कुछ भू माफियाओं अनैतिक कार्य करने वाले लोगों के द्वारा।
लेकिन जब कोई सच्चा क्रांतिकारी समाज सेवक, निर्भीक पत्रकार, ईमानदार पुलिस गरीब पीड़ित का केस लड़ने वाला वकील क्रिमिनल बनता है तो क़यामत आ ही जाती है, कारण वो उन भ्रष्ट लोगों के जीवन में आग लगाना शुरू कर देता है जो जो लोग आम नागरिक को बेवजह परेशान करते हैं ग़रीब मजदूर पीड़ित परिवार की सुनवाई न करके पैसों के लालच में आकर भू माफियाओं का गांजा स्मैक जुआ सट्टा हुक़्क़ा बार स्पा सेंटर अवैध निर्माण अवैध खनन अवैध अतिक्रमण डग्गामार वाहन संचालित करने वाले स्वामियों का
क्यों कि भ्रष्ट अधिकारियों, भ्रष्ट थाना प्रभारी, भ्रष्ट उपनिरीक्षक भ्रष्ट नेता भू माफिया भ्रष्ट बिल्डर गांजा स्मैक जुआ सट्टा हुक़्क़ा बार स्पा सेंटर का कारोबार करने वाले लोगों के मिली भगत से एक सच्चा क्रांतिकारी समाज सेवक निर्भीक पत्रकार ईमानदार पुलिस ग़रीब पीड़ित परिवार का केस लड़ने वाले वकील को फंसाने के लिए साजिश के तहत किसी न किसी केस में फर्जी फंसा दिया जाता है उसकी छवि धूमिल कर दी जाती है और सलाखों के पीछे भेज दिया जाता है।
ईमानदार होने के नाते उसके पास धन का अभाव होता है सजा काटते समय उसका परिवार भूख से तड़प तड़प कर मर जाता है य पत्नी बच्चे दर दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हो जाते हैं।
सजा काटने के बाद जब वो जेल से बाहर आता है तो लोग उसे घिनौनी नजरों से देखने लगते हैं फिर उसके पास दो रास्ते होते हैं।
आत्महत्या या फिर हथियार उठाना यदि उसने आत्महत्या करके अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली तब तो उनका बल्ले बल्ले है जिन लोगों ने साजिश के तहत फंसाया था।
और यदि हथियार उठा लिया क्राइम के दुनिया में कदम रख दिया तो सबसे पहले उन्हीं लोगों का नंबर आयेगा जिन लोगों के कारण उसका हंसता खेलता परिवार उजड़ गया अच्छी-खासी समाज सेवा छुट गया पुलिस की नौकरी चली गई नीर्भीक पत्रकार की निष्पक्ष खबरें दब गई गरीब मजदूर तबके के पीड़ित का केस लड़ने वाले वकील की वकालत खत्म हो गई।
फिर उसका सिर्फ और सिर्फ एक ही मकसद होता है भ्रष्टाचार करने वाले का खात्मा करना।
इस लिए सच्चा क्रांतिकारी समाज सेवक निर्भीक पत्रकार ईमानदार पुलिस ग़रीब मजदूर वर्ग पीड़ित का केस लड़ने वाले वकील पर साजिश के तहत फंसाया न जाये यदि इन पर आरोप लगाया जाता है तो निष्पक्ष जांच करके तह तक जाकर सही ढंग से कार्रवाई करनी चाहिए।
कुछ पुलिस को फंसाने के लिए साजिश रच कर रिश्र्वत खोरी का आरोप लगा दिया जाता है सिर्फ इस लिए कि वो अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करते हैं।
कुछ पत्रकार पर अवैध वसूली का आरोप लगाने के लिए साजिश के तहत कुछ रूपये भेज दिए जाते हैं इस लिए की निर्भीक होकर निष्पक्ष खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करने वाला पत्रकार कोई समझौता नहीं करता ग़रीब मजदूर वर्ग पीड़ित परिवार का केस लड़ने वाले वकील को इस लिए साजिश के तहत फंसाया जाता है कि भू माफियाओं, रेपिस्टो किडनैपरों को बचाया जा सके सच्चा क्रांतिकारी समाज सेवक को इस लिए फंसा दिया जाता है कि कोई बगावत न कर सके।
इस लिए शासन प्रशासन को माननीय न्यायालय तक सही जांच पड़ताल करके केस को दाखिल करना चाहिए।
अन्यथा थोड़ी सी लालच क़लम का दुरूपयोग कई जिंदगियां तबाह कर सकती हैं।
ईमानदार पुलिस जवान की खाकी दागदार हो सकती है।
निर्भीक होकर निष्पक्ष लिखने वाले पत्रकार की क़लम टूट सकती है।
एक ग़रीब मजदूर पीड़ित परिवार का केस लड़ने वाला वकील बहसबाजी नहीं कर पायेगा।
सच्चा क्रांतिकारी समाज सेवक बगावत करके देशवासियों को जागरूक नहीं कर पायेगा।
ईमानदार पुलिस निरीक्षक पत्रकार सत्य की लड़ाई लड़ने वाले वकील सच्चा क्रांतिकारी समाज सेवक की देश को जरूरत है।
पुलिस के हाथ में रूपये देखकर रिश्र्वत खोर नहीं कहा जा सकता जब तक ये पता न चले कि सच क्या है।
निर्भीक निष्पक्ष लिखने वाले पत्रकार के अकाउंट का डिटेल्स देख कर तुरंत साबित न कर दें कि डरा धमकाकर अवैध वसूली का धन है।
ग़रीब मजदूर वर्ग का केस लड़ने वाले वकील पर जब तक इल्जाम न लगायें जब तक आरोप सिद्ध न हो जाये।
सच्चा क्रांतिकारी समाज सेवक पर मुकदमा पंजीकृत तब तक नहीं होना चाहिए जब तक ये पता न चले की ये देश के विरुद्ध बगावत की है।
यदि आपको ये लेख समझ में आया हो तो अधिक से अधिक संख्या में शेयर करो।
*आवाज जन जन की अपराध भ्रष्टाचार के खिलाफ*।
*स्वतंत्र पत्रकार अटल बिहारी शर्मा लखनऊ*?
संपर्क नंबर 9984299124।
TRN LIVE: दैनिक समाचार पत्र
*मीडिया फ़ॉर यू*
जनता की आवाज़
*अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत, गांव में छाया मातम*
✍क़ाज़ी शाहिद अहमद
*गंगोह (सहारनपुर)।*
कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहड़ा में उस समय मातम छा गया, जब देर शाम दर्दनाक सड़क हादसे गांव के युवक अंकित की दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक आज देर शाम गांव के मुख्य द्वार के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक अंकित पुत्र रणवीर की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तथा अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है। वहीं अंकित की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
TRN LIVE: *उत्तर_प्रदेश_में_जगाना_है_लोजपा_रामबिलास_*
*सरकार_बनना_है_हम_सबके_बड़े_भाई_युवाओं_के*
*दिलों_की_धड़कन_श्री_चिराग_पासवान_ज़िंदाबाद*
*लोक_जनशक्ति_पार्टी_रामबिलास_ज़िंदाबाद*
*आवाज_गूंज_उठी_है_रण_में*
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TRN LIVE: ब्रेकिंग | लखनऊ (ठाकुरगंज)
ठाकुरगंज चौराहा, लिमरा हॉस्पिटल के पास स्थित शिव मंदिर के अंदर बने शिवलिंग को तोड़े जाने का मामला सामने आया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कृत्य अभिषेक गौतम उर्फ पुन्नी द्वारा किया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि—
इस घटना से धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है
आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
स्थानीय लोगों ने पुलिस से तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले को लेकर पुलिस जांच की प्रतीक्षा की जा रही है।
TRN LIVE: वेस्टर्न हॉक
खबर मुंडन की कलम से उगलता सच
खबर सूत्रों के आधार पर
सहारनपुर
क्या सत्यता से जांच होंगी कमलजीत प्रकरण पर भविष्य के गर्भ क्या यह मुद्दा राजनितिक अखाडा बनेगा सूत्र
इकरा हसन अपने कार्यकर्ताओ का साथ नहीं छोड़ती है यह सिद्ध होता है यह मुद्दा लोकसभा मे भी उठ सकता है सूत्र
शशिबाला पुंडीर और इकरा हसन दोनों ने कमलजीत के मामले में अपनी राय रखी है। शशिबाला पुंडीर ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि इकरा हसन ने इसे राजनीतिक दुर्भावना का मामला बताया है और भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
*शशिबाला पुंडीर का बयान:*
- "मैंने जिलाधिकारी से मिलकर पूरी बात बताई है। कमलजीत को राजनीति का शिकार बनाया गया है।"
- "वह एक प्रोग्रेसिव लड़का है और बहुत आगे बढ़ेगा।"
- "मैंने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।"
*इकरा हसन का बयान:*
- "यह पूरा मामला सत्ता की हठधर्मिता को दर्शाता है, जहाँ राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।"
- "विपक्षी नेताओं और🫤 जनप्रतिनिधियों को झूठे मामलों में फँसाना अब आम हो गया है।"
- "प्रधान कमलजीत को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
रिपोर्ट इरशाद खान मुंडन मुख्य सम्पाँदक वेस्टर्न हॉक
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