शिया धर्म गुरु के बेटे-बहन और भतीजे ईरान में फंसे:लखनऊ के सवा लाख लोग खाड़ी देशों में, फोन पर सुनाई देती है धमाकों की आवाज
लखनऊ में शिया समुदाय के सबसे बड़े धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद का बेटा, बहन और परिवार के दूसरे सदस्य ईरान में फंसे हैं। शहर के सवा लाख से ज्यादा अन्य लोग भी ईरान, ओमान, बहरीन, मस्कट, रियाद, दुबई, रसअलखेमा और शारजाह जैसे खाड़ी देशों में फंसे हैं। सभी वतन वापसी की राह देख रहे हैं। लखनऊ से जब परिजन उनकी सलामती जानने के लिए फोन पर बात करते है तो उनको बम के धमाकों की आवाज बैकग्राउंड में सुनाई देती है। इससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। शहर में संचालित ट्रैवल एजेंसी के संचालकों की मानें तो इस वक्त खाड़ी देशों में लखनऊ के सवा लाख से ज्यादा लोग हैं। लखनऊ एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए हर हफ्ते 115 उड़ानें जाती हैं। इन फ्लाइटों के रद्द होने से वहां लोग परेशान हैं। अब पढ़िए ईरान के हालात को लेकर लखनऊ के लोगों ने क्या कहा… बेटा-भांजा ईरान में फंसे हैं शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने बताया- हमारी सगी बहन, भतीजा और छोटा बेटा ईरान में हैं। परिवार के कई लोग वहां रहते हैं। बेटा कल्बे अहमद लंबे समय से ईरान में रहकर पढ़ाई कर रहा है। कुम शहर जहां वह रहता है। उस जगह मिसाइल से हमले हुए हैं। मगर रब का शुक्र है वो बिल्कुल ठीक है। लगभग 6 साल से हमारा बेटा ईरान में है। भांजे को रहते हुए 16 साल हो गए हैं। मौलाना बोले- अमेरिका के कहने पर चल रहा भारत मौलाना ने कहा- UNO के जरिए इजराइल और अमेरिका पर कार्रवाई होनी चाहिए। जिन लोगों ने स्कूल पर हमला करके 100 से अधिक बच्चों को मार दिया। इतने लोगों की हत्या हो गई। हमारी भारतीय हुकूमत ढोंग करती है कि हम आतंकवाद के खिलाफ है। उसे यह कहना चाहिए कि हम अमेरिका के गुलाम हैं। वो जो कहेगा करेंगे। अमेरिका जिसे आतंकी कहेगा। हम भी उसे आतंकी कहने लगेंगे। हमारा अपना कोई नजरिया नहीं है। मौलाना जवाद- पहले अंग्रेजों के गुलाम थे, अब अमेरिका के है मौलाना जवाद ने कहा- हमारी हुकूमत ने ट्रंप को अपना आका मान लिया है। ट्रंप ने कहा कि रशिया से तेल लेना बंद कर दो। इन्होंने कहा- जी हुजूर, जैसा आप कहें। इसका मतलब है कि हम अंग्रेजों की गुलामी से निकल कर ट्रंप की गुलामी में आ गए हैं। ट्रंप के ट्रंक के अंदर हमको बंद कर दिया गया है। नेता अपना ढोंग बंद करें। कह दें कि पहले अंग्रेजों के गुलाम थे। अब अमेरिका के हैं। एक आतंकी हमले में हमारे रहबर को शहीद किया गया है। एक तरफ शांति के लिए चर्चा करवा रहे थे। दूसरी तरफ हमले में खामेनाई को खत्म करवा दिया। हम इसका हमेशा विरोध करेंगे। 100 मीटर की दूरी पर गिरे बम लखनऊ के रविश जैदी तेहरान में ईरानी सरकारी टीवी चैनल में रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं। उनके पिता अमीर अब्बास जैदी ने ईरान के हालात को लेकर चिंता जताई। बताया- बेटा लगभग 17 सालों से ईरान में है। 15 दिन पहले बेटे को हार्ट अटैक हुआ था, जिसके बाद उसकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई है। 3 दिन हुआ है। उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर घर आए हुए। अब वहां अचानक वार शुरू हो गई, जिसके बाद चिंता बढ़ गई है। बेटे ने जहां हमला हुआ वहां की तस्वीरें भेजी हैं। हमारा बेटा जहां है, वहां से 100 मीटर पर हमाल हुआ है। लगभग 30 बम गिराए गए हैं। पिछले साल बाल-बाल बची थी जान हमने उसे लखनऊ बुलाने की कोशिश की मगर वो नहीं आया। जब भी वार शुरू होती है तो दिल बहुत घबराता है। चिंता होने लग जाती है। पिछले साल भी जब इजरायली बम एक ईरान की एक इमारत पर गिरा, जिसे लाइव देखा गया। हमारा बेटा उस जगह से 15 सेकेंड पहले रिपोर्टिंग करके हटा था। जिस वजह से उसकी जान बची थी। फोन पर धमाके की आवाज सुनी पिता होने के नाते चिंता तो बहुत है। बेटा ईरान में अकेला रहता है। साल भर पहले उसकी पत्नी की भी मृत्यु हो गई थी। 12 जून 2025 को जब इजराइल ने ईरान पर हमला किया था। उसी दिन हमारी पत्नी की यहां ( लखनऊ) में डेथ हो गई थी। बेटा अपनी मां के जनाजे में भी शामिल नहीं हो पाया था। फोन पर बात होती है। धमाके की आवाज हमने फोन पर सुनी है। हमने काफी कोशिश की, मगर बेटा ईरान छोड़ना नहीं चाहता है। --------------- यह खबर भी पढ़िए… लखनऊ में 27 ब्लैक स्पॉट:826 सड़क हादसों में 171 मौत; 350 घायल; इन रास्तों पर संभलकर चलें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लखनऊ में 27 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। इन 27 लोकेशन पर 3 साल में 826 हादसे हुए हैं। उनमें 171 लोगों की जान गई। 350 लोग घायल हुए। पूरी खबर पढ़ें
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