30 पैसे की टेबलेट दिल के दौरे में बचाएगी जान:कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर बोले गोल्डन आवर को बढ़ाती है यह दवा
यदि आपके जान पहचान या घर में किसी को हार्ट अटैक आता है तो महज 30 पैसे की टेबलेट आपकी जान बचा सकती है। इसके सेवन मात्र से आप अस्पताल तक पहुंच जाएगा। दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में डिस्प्रिन नाम की एक सामान्य दवा जीवन रक्षक साबित हो सकती है। कानपुर में हृदय रोग संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश वर्मा के मुताबिक, हार्ट अटैक के दौरान मिलने वाला ‘गोल्डन आवर’ सबसे अहम होता है और इसी समय सही कदम उठाने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। क्या होता है गोल्डन आवर
डॉ. वर्मा ने बताया कि हार्ट अटैक के बाद का पहला एक घंटा ‘गोल्डन आवर’ कहलाता है। इस दौरान यदि मरीज को सही प्राथमिक उपचार मिल जाए तो जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस समय डिस्प्रिन जैसी साधारण दवा बेहद असरदार भूमिका निभाती है। डिस्प्रिन लेने का सही तरीका
डॉ. राकेश वर्मा के अनुसार, डिस्प्रिन को केवल निगलना पर्याप्त नहीं होता। हार्ट अटैक की आशंका होने पर मरीज को डिस्प्रिन की दो गोलियां मुंह में डालकर अच्छी तरह चबानी चाहिए, इसके बाद पानी पीना चाहिए। चबाकर लेने से दवा तेजी से असर करती है। कैसे करती है काम
डिस्प्रिन को चबाने पर यह जल्दी खून में घुल जाती है और रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है। यही वजह है कि ‘गोल्डन आवर’ में यह दवा जान बचाने में मददगार साबित होती है। यह दवा लगभग हर घर और मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध है, लेकिन इसके सही उपयोग की जानकारी कम लोगों को होती है। अस्पताल पहुंचने का मिलता है समय
डॉ. वर्मा ने बताया कि डिस्प्रिन लेने से मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने और आगे के इलाज के लिए जरूरी समय मिल जाता है। महज 30 से 40 पैसे की यह दवा कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय कर देती है। दवा लेने के बाद मरीज लगभग चार घंटे तक अपेक्षाकृत सुरक्षित रह सकता है, जिससे उसे समय पर अस्पताल ले जाकर उपचार कराया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, डिस्प्रिन प्लेटलेट्स को आपस में चिपकने से रोकती है, जिससे खून का थक्का बनने की रफ्तार धीमी पड़ती है। सीने में दर्द शुरू होने के बाद पहले 4 घंटे के भीतर डिस्प्रिन लेने से हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में कमी आ सकती है। भारत में हुए कई शोध बताते हैं कि समय पर डिस्प्रिन लेने से 20 से 30% तक मृत्यु का खतरा घट सकता है। क्या होता है गोल्डन ऑवर विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण—जैसे सीने में तेज दर्द, बाएं हाथ या जबड़े में दर्द, पसीना आना और सांस लेने में दिक्कत दिखते ही गोल्डन ऑवर शुरू हो जाता है। इस दौरान किसी दूसरी दवा से पहले 160–325 mg की प्लेन डिस्प्रिन को चबाकर निगलना चाहिए और थोड़ा पानी पीना चाहिए, ताकि दवा तेजी से असर करे। इससे ब्लड क्लॉट बढ़ने से रुकते हैं और जान का खतरा कम हो सकता है। कैसे करती है डिस्प्रिन काम डिस्प्रिन खून को पतला करने का काम करती है। चबाकर लेने पर यह जल्दी खून में घुल जाती है और थक्के बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है, जिससे मरीज को अस्पताल पहुंचने के लिए जरूरी समय मिल जाता है। इन लोगों को नहीं लेनी चाहिए डिस्प्रिन जल्दी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे
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