आज सुबह मुख्य समाचार पत्र लिखकर दुनियाभर में प्रसिद्ध मंदिर का निर्माण किया गया है

इन मूर्खों पर हंसी भी जाया करने का मन नहीं करता। एक से एक जोकर अनपढ़ भरे हैं इस पार्टी में और जो सामने बैठे हैं उनके लिए गुलगुले ही फिट बैठता है

Jun 22, 2026 - 08:58
Updated: 15 hours ago
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आज सुबह मुख्य समाचार पत्र लिखकर दुनियाभर में प्रसिद्ध मंदिर का निर्माण किया गया है
जितेन्द्र कुमार

M: *लखनऊ*

*मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने जारी किया आदेश*

*संपत्ति का ब्योरा न देने वाले कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा*

*जनवरी, फरवरी 2026 का रुका हुआ वेतन मिलेगा*

*वर्तमान चयन वर्ष में एसीपी का लाभ भी नहीं मिलेगा*

*विभागीय कार्रवाई के निर्देश पहले की तरह लागू रहेंगे*

तेज रफ्तार news : *फिरोजाबाद*

*नहर में युवक, महिला के शव मिलने से सनसनी*

*एक ही दुपट्टे से बंधे थे दोनों के हाथ, जांच जारी*

*एटा के जितेंद्र लोधी, जसराना की फूलनदेवी का शव*

*महिला शादीशुदा थी, प्रेम प्रसंग के एंगल पर जांच*

*जितेंद्र नागपुर जाने की बात कहकर घर से गया था*

*हत्या/आत्महत्या एंगल पर पुलिस पड़ताल में जुटी*

*शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की नहर में मिली दोनों लाशें*

Jeetu dehati : *रविवार, 21 जून 2026 के मुख्य समाचार*

🔶ट्रंप ने फिर किया इटली PM का अपमानः बोले- G7 में मेलोनी ‘फोटो के लिए गिड़गिड़ाईं, लोकप्रियता बढ़ाने के लिए चाहती हैं दोस्ती 

🔶अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दो, मेरे पर नहीं; ट्रंप पर भड़कीं इटली की PM मेलोनी

🔶अमेरिका-ईरान डील खतरे में: लेबनान पर इजरायली हमलों से भड़का तेहरान, होर्मुज फिर कर दिया बंद

🔶मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इजराइल का बड़ा फैसला: दक्षिणी लेबनान में हमले रोकने का दिया आदेश 

🔶महाराष्ट्र के परभणी में बड़ा हादसा, मारुति मंदिर में सभा मंडप की छत ढही, 5 की मौत और 40 घायल

🔶पाकिस्तान में दो बम धमाके, वैन के बाद रेस्क्यू टीम को बनाया निशाना; 7 लोगों की मौत और 3 घायल

🔶बाबा तारकेश्वर की धरती से पीएम मोदी का ममता ब्रिगेड पर बड़ा प्रहार, बंगाल को लूटने वाले लौटा रहे पैसे, जा रहे जेल

🔶पश्चिम बंगाल दिवस पर पीएम मोदी का बड़ा तोहफा, 820 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

 🔶TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी गिरफ्तार:समर्थकों के साथ फालता थाने पर हमले का आरोप; पुलिस ने पति से कान पकड़कर परेड कराई थी

🔶खेड़ा बोले- मोदी जो बोलते नहीं, थरूर सुन लेते हैं:कांग्रेस सांसद ने G7 समिट में भारतीय नाविकों का मुद्दा उठाने पर पीएम की तारीफ की थी

🔶12 दिन से अटका मानसून 23 जून से आगे बढ़ेगा:एमपी, छत्तीसगढ़, ओडिशा के ऊपर चक्रवाती सिस्टम एक्टिव; बिहार-झारखंड में बिजली गिरने से 14 मौतें

🔶भरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच होगी:CM सम्राट ने दिए आदेश; एनकाउंटर या मर्डर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे जांच

🔶साढ़े 5 हजार सेंटर्स, 1.38 लाख CCTV; 22 लाख स्टूडेंट्स आज देंगे NEET री-एग्जाम

🔶अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड के लिए रवाना, ईरान और लेबनान संकट पर होगी बैठक

🔶Ram Mandir: चढ़ावे में चोरी के मिले साक्ष्य, गोपाल राव-अनिल की भूमिका संदिग्ध; SIT कल सौंपेगी CM को रिपोर्ट

🔶बिहार-यूपी और राजस्थान से जोड़ने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ आज

🔶मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने की राजस्थान के BLOs की तारीफ, बोले- देश में बनाया नंबर-1 रिकॉर्ड

🔶दिल्ली- ट्रेन में चढ़ने को लेकर यात्री की पीट-पीटकर हत्या:योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद; 8 हिरासत में

🔶हिमाचल के DIG पर ₹1.80 लाख का डैमेज चार्ज:सरकारी आवास खाली न करने पर नोटिस: संजीव गांधी बोले- छवि खराब करने की कोशिश

🔷भारत ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराया:सीरीज 3-0 से जीती; तीसरे वनडे में यशस्वी का शतक, रोहित की फिफ्टी, प्रसिद्ध को 5 विकेट

JITENDRA kumar : *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें*

    *!! अंतरराष्ट्रीय योग दिवस!!*

     *!! फ़ादर्स डे= पितृ-दिवस!!*

          *21- जून - रविवार*

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 *क्या टूट जाएगा अमेरिका-ईरान का समझौता? तेहरान ने बंद किया होर्मुज, अलर्ट पर अमेरिकी सेना,फिर होगा युद्ध? लेबनान में इजरायल के हमले से भड़का ईरान, बंद कर दिया होर्मुज*

*1* योग डे आज, पीएम मोदी कोलकाता में योग करेंगे, 35 हजार लोग जुटेंगे, हुगली नदी में 500 नावों पर योग; दुनियाभर में 2500 जगह कार्यक्रम

*2* मोदी बोले-बंगाल को PAK का हिस्सा बनाने की कोशिश हुई, मजहबी एजेंडा चलाया गया, घुसपैठियों का अड्डा बनने दिया; अब कानून का राज

*3* प्रधानमंत्री ने बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने पर खुशी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बंगाल की हवा में एक नई ताजगी है, मानो राज्य अब बेड़ियों से आजाद हो गया हो। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बंगाल के विकास के लिए बहुत तेजी से काम करना शुरू कर चुकी है।

*4* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, 'गुलामी के दौर में हमारे बंगाल ने क्या कुछ नहीं सहा, कितने बलिदान दिए, कितने त्याग सहे, 1946 में कोलकाता में हिंसा हुई थी, तब कितने निर्दोष बंगाली लोग उसकी भेंट चढ़ गए। बंगाल ने रक्तपात सहा, अपनों को खोया, अपनी मातृभूमि के टुकड़े होते देखे, लेकिन बंगाल ने अपनी अस्मिता और पहचान को नष्ट नहीं होने दिया

*5* पहले देश में एक गोली नहीं बनती थी, आज मिसाइलें बना रहा भारत', कोल्हापुर में जमकर गरजे अमित शाह

*6* केंद्रीय गृह मंत्री कहा कि जब साल 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने और भाजपा की सरकार आई, तो भारत की नीति पूरी तरह बदल गई। मोदी सरकार के दौरान भी आतंकियों ने उरी, पुलवामा और पहलगाम में बड़े हमले करने की कोशिश की, लेकिन इस बार भारत चुप नहीं बैठा। भारत ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर जवाब दिया।

*7* NEET री-एग्जाम आज, करीब 23 लाख स्टूडेंट्स शामिल होंगे, 564 शहरों में 5400 से ज्यादा सेंटर्स, पहली बार एयरफोर्स ने पेपर पहुंचाए; 2 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात

*8* पीएम मोदी आज देश को समर्पित करेंगे तीन युद्धपोत, स्वदेशी वॉरशिप से अभेद्य होगी भारत की समुद्री सीमा

*9* रुपये में हाल की गिरावट पर गोयल ने भरोसा जताया कि भारतीय मुद्रा आने वाले समय में फिर सामान्य स्थिति में लौट आएगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से विकसित होने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत ने वैश्विक व्यापार संबंधों को काफी मजबूत किया है

*10* रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिलांग में कहा कि भारतीय सशस्त्र बल राष्ट्रीय एकता, समावेशिता और अनुशासन के प्रतीक हैं। उन्होंने सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भारत के सांस्कृतिक मूल्यों और समानता की भावना का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल देश की सुरक्षा और एकता को मजबूत कर रहे हैं

*11* महाराष्ट्र के परभणी में हनुमान मंदिर की छत गिरी, 7 की मौत, 25 घायल; शनिवार को प्रसाद लेने के लिए भीड़ जुटी थी

*12* सुप्रिया सुले की बेटी रेवती और उद्योगपति सारंग लखानी की मुंबई में शादी हुई। इस समारोह में राहुल गांधी, मोहन भागवत और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं

*13* सरकार ने 16 दवा कॉम्बिनेशन पर रोक लगाई, स्किन और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट भी शामिल, कहा- इनसे इलाज में फायदे से ज्यादा जोखिम

*14* ईरान ने होर्मुज का जलमार्ग फिर से बंद करने का एलान किया है। ईरानी सेना के इस कदम से पश्चिम एशिया में तनाव फिर से भड़कने की आशंका है। ईरान ने लेबनान में इस्राइली सेना के हमलों को लेकर नाराजगी जताई है

*15* स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अब कोई टोल नहीं वसूला जाएगा; डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेताया

*16* भारत ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराया, सीरीज 3-0 से जीती; तीसरे वनडे में यशस्वी का शतक, रोहित की फिफ्टी, प्रसिद्ध को 5 विकेट

*17* फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-ई मुकाबले में जर्मनी ने शानदार वापसी करते हुए आइवरी कोस्ट को 2-1 से हरा दिया। टोरंटो स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में एक समय जर्मन टीम पिछड़ रही थी, लेकिन डेनिज उन्दाव के दो गोलों की बदौलत उसने जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ जर्मनी ने नॉकआउट चरण में अपनी जगह भी पक्की कर ली।

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JITENDRA kumar 71727: *राम मंदिर में कैसे होती रही हेराफेरी, कर्मचारियों ने खुद एसआईटी के सामने रीक्रिएट की पूरी घटना*

*अयोध्या* राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच में सबसे पहले उन कर्मचारियों से पूछताछ की गई है जिनसे पिछले दिनों नोटोंं की बरामदगी हुई थी। एसआईटी ने हेराफेरी समझने केलिए इन कर्मचारियों के सामने घटना को रीक्रिएट भी किया।

*राम मंदिर में कैसे होती रही हेराफेरी, कर्मचारियों ने खुद एसआईटी के सामने रीक्रिएट की पूरी घटना*

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा में चोरी की जांच तेज हो गई। एसआईटी ने उन कर्मचारियों को सबसे पहले निशाने पर लिया है जिनके कबूलनामे के बाद नोटों की बरामदगी हुई थी। इन कर्मचारियों से पूछताछ के बाद एसआईटी ने पूरे घटनाक्रम को रीक्रिएट किया, जिससे पता लगाया जा सके कि गिनती के दौरान किस तरह हेराफेरी हुई और चढ़ावा में चोरी करके धनराशि को बाहर ले जाया जाता रहा है । कुल चार कर्मचारियों से पहले अलग-अलग फिर एक साथ बैठाकर पूछताछ की गई है।

> समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले राम मंदिर के चढ़ावा में चोरी का आरोप लगाया था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा तो शनिवार को योगी सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। सोमवार को एसआईटी की टीम अयोध्या पहुंची और उसने जांच शुरू की। एसआईटी को एक हफ्ते के अंतराल पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट देनी है। सम्पूर्ण जांच पूरी करने के लिए फिलहाल 15 दिनों का समय दिया गया है। पहले दिन करीब नौ घंटे तक एसआईटी राम मन्दिर मे रही और उसने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूरी प्रक्रिया की जानकारी हासिल की थी।

*एसबीआई के दो कर्मचारियों से भी पूछताछ*

एसबीआई के भी दो कर्मचारियों से एसआईटी ने पूछताछ की है। बैंक की तरफ से गणना कराने और इसमें शामिल लोगों की सूची दी गई थी। इन लोगों से गणना के बाद बैंक तक धनराशि पहुंचाने के बारे में जानकारी ली गई। पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने जिन बैंक कर्मचारियों का नाम लिया था, उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलवाया गया था। एक का अयोध्या बैंक शाखा से अन्यत्र स्थानान्तरण हो चुका है, जबकि दूसरे कर्मचारी का पटल परिवर्तन हो चुका है। इस तरह फिलहाल कुल छह लोगों से पूछताछ की गई है।

*ट्रस्ट के लोगों का भी दर्ज होगा बयान*

एसआईटी के अफसर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के यहां सक्रिय पदाधिकारियों के अलावा सभी व्यवस्थाओं के जिम्मेदारों का भी बयान रिकार्ड करेंगे। इसके अतिरिक्त अलग-अलग कार्यों के लिए अनुबंधित आउट सोर्सिंग कंपनी की कार्यप्रणाली व उनके द्वारा चयनित व्यक्तियों के चारित्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को भी समझेंगे।

*गलत लोगों का बेरोकटोक प्रवेश बड़ा खतरा*

सूत्रों का कहना है राम मंदिर में चोरी की घटना उतनी महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील परिसर में गलत व्यक्तियों के बेरोकटोक प्रवेश को भविष्य के बड़े खतरे के रूप में भी। देख रहा है। चंद सिक्कों पर बहकने वाले जब ऐसे संवेदनशील स्थान पर महत्वपूर्ण भूमिका में रहेंगे तो फिर उनका दुरुपयोग कभी भी बाहरी अराजक तत्व कर सकते हैं और उनके माध्यम से बड़ी घटना को भी अंजाम दे सकते हैं। यही वजह है कि जांच की प्रक्रिया महज चढ़ावे की हेराफेरी तक सीमित नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था और उसकी खामियों को लेकर भी की जा रही है।

*एसआईटी ने मंदिर को बनाया अस्थाई ठिकाना*

एसआईटी को राम मंदिर परिसर में नया अस्थाई ठौर मिल गया है। ग्रीनहाउस को अस्थाई कार्यालय बनाया गया है। इसे फिलहाल व्यवस्थित किया जा रहा है और फर्नीचर आदि की व्यवस्था की जा रही है। यही पर अधिकारी गण बैठकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। इस कैंप कार्यालय में टेक्निकल स्टाफ का भी प्रबंध किया जाना है। गोपनीयता की दृष्टि से ऐसे स्टाफ की नियुक्ति भी चुनौती है जिससे गोपनीयता भंग न होने पाएं। इसके अलावा सम्बन्धित लोगों के बयान दर्ज करने के लिए वीडियोग्राफर व कम्प्यूटर आपरेटर की भी आवश्यकता है। इन सबका भी प्रबंध किया जा रहा है।

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JITENDRA kumar : *आपले संविधान... राज्यपद्धतीच नव्हे, तर जीवनपद्धती.* 🇮🇳

*हमारा अभियान.. घर घर संविधान..* ✊

              🌼 *भाग - ७* 🌼

👉🏿 *संविधान सभेतील महिला सदस्यांचे योगदान : समानतेच्या भारतासाठीचा संघर्ष.*

    

    आपण मागील भागात भारतीय संविधान निर्मितीच्या प्रक्रियेविषयी आणि मसुदा समितीच्या कार्याविषयी जाणून घेतले. संविधान सभेतील विविध सदस्यांच्या चर्चा, विचारमंथन आणि योगदानातून भारतीय संविधान आकाराला आले. परंतु या संदर्भात एक महत्त्वाचा प्रश्न विचारला पाहिजे - ज्या भारतीय स्त्रियांना शतकानुशतके शिक्षण, संपत्ती, निर्णयस्वातंत्र्य आणि सार्वजनिक जीवनातील सहभागापासून वंचित ठेवून 'चूल आणि मूल' या क्षेत्रांपुरतेच मर्यादित ठेवण्यात आले होते, त्या स्वतंत्र भारताचे संविधान तयार करणाऱ्या संविधान सभेपर्यंत कशा पोहोचल्या?

    या प्रश्नाचे उत्तर भारतीय समाजातील सामाजिक परिवर्तनाच्या इतिहासात दडलेले आहे. स्त्री-शिक्षण, स्त्री-समानता आणि स्त्री-मुक्तीसाठी अनेक समाजसुधारकांनी दीर्घकाळ संघर्ष केला. महात्मा ज्योतिराव फुले आणि क्रांतिज्योती सावित्रीमाई फुले यांनी स्त्री-शिक्षणाची मुहूर्तमेढ रोवली. पंडिता रमाबाई, ताराबाई शिंदे, राजर्षी शाहू महाराज आणि विश्वरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांनी स्त्रियांना सामाजिक, शैक्षणिक आणि राजकीय क्षेत्रात समान स्थान मिळावे यासाठी सातत्याने कार्य केले. "मी कोणत्याही समाजाची प्रगती त्या समाजातील स्त्रियांनी केलेल्या प्रगतीच्या प्रमाणावर मोजतो," असे बाबासाहेब नेहमी म्हणत असत. या सामाजिक स्वातंत्र्यलढ्याच्याच परिणामी भारतीय स्त्रियांना सार्वजनिक जीवनात सहभागी होण्याची संधी प्राप्त झाली.

    याच परिवर्तनाचे प्रतिबिंब संविधान सभेतही दिसून आले. संविधान सभेतील एकूण सदस्यसंख्येच्या तुलनेत महिला सदस्यांची संख्या कमी असली, तरी त्यांचे योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण आणि प्रभावी होते. संविधान सभेतील महिला सदस्यांमध्ये हंसा मेहता, दुर्गाबाई देशमुख, राजकुमारी अमृत कौर, रेणुका राय, अम्मू स्वामीनाथन, सुचेता कृपलानी, दाक्षायणी वेलायुधन, बेगम ऐजाज रसूल, पूर्णिमा बॅनर्जी, विजयालक्ष्मी पंडित, कमला चौधरी, लीला रॉय, मालती चौधरी, सरोजिनी नायडू आणि अ‍ॅनी मस्करीन अशा एकूण १५ महिला सदस्य होत्या. परंतु तरीही त्यांनी केवळ महिलांच्या प्रश्नांपुरतेच स्वतःला मर्यादित ठेवले नाही, तर स्वतंत्र भारताची लोकशाही, समानता, सामाजिक न्याय आणि मानवी प्रतिष्ठा यांविषयीही महत्त्वपूर्ण विचार मांडले.

    संविधान सभेतील हंसा मेहता, दुर्गाबाई देशमुख, राजकुमारी अमृत कौर, रेणुका राय, अम्मू स्वामीनाथन, सुचेता कृपलानी, बेगम ऐजाज रसूल आणि दाक्षायणी वेलायुधन यांसारख्या महिला सदस्यांनी संविधान निर्मितीच्या प्रक्रियेत सक्रिय सहभाग घेतला. यापैकी दाक्षायणी वेलायुधन या संविधान सभेतील एकमेव दलित महिला सदस्य होत्या. त्यांनी अस्पृश्यता आणि सामाजिक भेदभावाविरुद्ध ठाम आवाज उठविला. अस्पृश्यतेविरुद्ध कायदेशीर बंदी घालण्याबरोबरच समाजमनातील भेदभाव नष्ट करण्याची गरज त्यांनी संविधान सभेत अधोरेखित केली. हंसा मेहता यांनी स्त्री-पुरुष समानतेचा पुरस्कार करत पुढे संयुक्त राष्ट्रसंघाच्या (U.N.) मानवाधिकार जाहीरनाम्यात "All men are born free" ऐवजी "All human beings..." असा अधिक समावेशक शब्दप्रयोग स्वीकारला जावा यासाठी महत्त्वपूर्ण योगदान दिले. दुर्गाबाई देशमुख यांनी शिक्षण, सामाजिक विकास आणि महिलांच्या कायदेशीर हक्कांशी संबंधित प्रश्नांवर प्रभावी मते मांडली. राजकुमारी अमृत कौर यांनी पुढे स्वतंत्र भारताच्या पहिल्या आरोग्यमंत्रिपदाची जबाबदारी सांभाळत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थेसारख्या (AIIMS) महत्त्वाच्या संस्थेच्या स्थापनेत योगदान दिले. बेगम ऐजाज रसूल यांनी अल्पसंख्याकांसाठी स्वतंत्र मतदारसंघांच्या संकल्पनेला विरोध करून राष्ट्रीय एकात्मतेला प्राधान्य दिले, तर सुचेता कृपलानी पुढे स्वतंत्र भारतातील पहिल्या महिला मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश) बनल्या. या सर्व महिला सदस्यांच्या कार्यातून भारतीय लोकशाही अधिक व्यापक, समताधिष्ठित आणि सर्वसमावेशक बनण्यास मदत झाली.

    या महिला सदस्यांची एक समान भूमिका होती - स्वतंत्र भारतात प्रत्येक व्यक्तीला समान नागरिक म्हणून सन्मान मिळाला पाहिजे. स्त्री असो वा पुरुष, कोणत्याही व्यक्तीला जन्म, लिंग, जात, धर्म किंवा इतर कोणत्याही कारणावरून दुय्यम वागणूक मिळता कामा नये. संविधानातील समानता, सामाजिक न्याय आणि लोकशाही मूल्यांना अधिक बळकटी देण्यासाठी त्यांनी महत्त्वपूर्ण योगदान दिले. याचेच प्रतिबिंब आपल्या संविधानाच्या अनुच्छेद-१४, १५, १६, ३९, ४२, ४४ अशा विविध अनुच्छेदांमध्ये उमटले. 

    विशेष बाब म्हणजे, ज्या काळात जगातील अनेक देशांमध्ये महिलांना मतदानाचा अधिकार मिळविण्यासाठी स्वतंत्र चळवळी कराव्या लागत होत्या, त्या काळात भारताने स्वातंत्र्यानंतर सुरुवातीपासूनच स्त्री-पुरुष सर्वांना समान मतदानाचा अधिकार दिला आणि तोही 'एक व्यक्ती - एक मत - एक मूल्य' ह्या तत्वावर! ही केवळ राजकीय व्यवस्था नव्हती, तर स्त्री-पुरुष समानतेवरील भारतीय संविधानाची स्पष्ट आणि प्रगतिशील भूमिका होती. या लोकशाही दृष्टिकोनामागे संविधान सभेतील महिला सदस्यांच्या विचारांचाही महत्त्वपूर्ण वाटा होता.

    आज भारतातील प्रत्येक स्त्रीला मतदानाचा अधिकार आहे, शिक्षणाचा अधिकार आहे, सार्वजनिक पदांवर कार्य करण्याची संधी आहे आणि कायद्यापुढे समान नागरिक म्हणून स्थान आहे. जी स्त्री संविधान लागू होण्याअगोदर स्वतःच्या कुटुंबाची प्रमुख (काही अपवाद वगळता) होऊ शकत नव्हती, ती आज राष्ट्रप्रमुख होऊ शकते. या अधिकारांच्या पायाभरणीत संविधान सभेतील महिला सदस्यांचे योगदानही तितकेच महत्त्वाचे आहे. त्यांनी केवळ स्वतःसाठी नव्हे, तर भारतातील भावी पिढ्यांतील लाखो-कोट्यवधी महिलांसाठी समानतेचे दार खुले करण्याचे कार्य केले.

    भारतीय संविधानाच्या निर्मितीचा इतिहास हा केवळ पुरुष नेत्यांचा इतिहास नाही. तो स्त्रियांच्या संघर्षाचा, जिद्दीचा आणि सामाजिक परिवर्तनाच्या प्रवासाचाही इतिहास आहे. ज्या स्त्रियांना एकेकाळी समाजजीवनात विविध क्षेत्रांमध्ये व्यवस्थेने पारतंत्र्यात अडकवलेले होते, त्याच स्त्रिया स्वतंत्र भारताच्या संविधान निर्मितीच्या केंद्रस्थानी सहभागी झाल्या. त्यामुळे संविधान सभेतील महिला सदस्यांचे योगदान हे भारतीय लोकशाहीच्या इतिहासातील एक अभिमानास्पद आणि प्रेरणादायी पर्व आहे.

    म्हणूनच भारतीय संविधानाकडे पाहताना आपण केवळ त्याच्या अनुच्छेदांकडे पाहू नये, तर त्यामागे उभ्या असलेल्या त्या स्त्रियांच्या संघर्षालाही स्मरण केले पाहिजे, ज्यांनी समानतेच्या भारताचे स्वप्न साकार करण्यासाठी मोलाचे योगदान दिले.

    कारण भारतीय संविधान हे केवळ राज्यकारभार कसा असावा एवढेच सांगणारे कायद्याचं पुस्तक नसून एक आदर्श वैयक्तिक, कौटुंबिक, सामाजिक व राजकीय जीवनपद्धती कशी असावी, हे सांगणारे एक महान तत्त्वज्ञान देखील आहे. या जीवनपद्धतीच्या निर्मितीत संविधान सभेतील महिला सदस्यांचे योगदान देखील सदैव स्मरणात राहिले पाहिजे.

    संविधानाने महिलांना अधिकार दिले; आता त्या अधिकारांचे संरक्षण आणि संवर्धन करणे ही प्रत्येक नागरिकाची जबाबदारी आहे.

    👉🏿 *आजचा संविधान विचार :-* स्त्री-पुरुष समानता ही केवळ सामाजिक अपेक्षा नाही; ती भारतीय संविधानाची मूलभूत बांधिलकी आहे. महिलांच्या समानतेचा संघर्ष हा इतिहासाचा विषय नसून आजही संविधानिक मूल्ये जपण्याची सातत्याने चालणारी प्रक्रिया आहे.

    *क्रमशः*

    👉 *पुढील भागात आपण पाहणार आहोत - "भारतीय संविधानाची वैशिष्ट्ये : जगातील सर्वात व्यापक लोकशाही राज्यघटना."*   

📝 *आजची प्रश्नमंजुषा-*

    *रिकाम्या जागा भरा.*

१) संविधान सभेत एकूण ..... महिला सदस्य होत्या .

२) "मी कोणत्याही समाजाची प्रगती त्या समाजातील स्त्रियांनी केलेल्या प्रगतीच्या प्रमाणावर मोजतो," असे ....... नेहमी म्हणत असत.

३) .......... यांनी अल्पसंख्याकांसाठी स्वतंत्र मतदारसंघांच्या संकल्पनेला विरोध करून राष्ट्रीय एकात्मतेला प्राधान्य दिले.

👆 वरील प्रश्नांची उत्तरे आपले संपूर्ण नाव, गाव व जिल्हा नमूद करून उद्या दि.२०/६/२६ संध्याकाळी ७:०० पर्यंत खालील पैकी कोणत्याही *एकाच* नंबरवर पाठवा. 

*१) माला ताई मेश्राम - 

*३) सरस्वतीताई गायकवाड - .*

   🏅 या उपक्रमात सलग *दोन महिने* सातत्याने सहभागी होणाऱ्या जागरूक बांधवांना ऑनलाईन स्वरूपात विशेष *'संविधान अभ्यास सहभाग प्रमाणपत्र'* देऊन गौरविण्यात येईल.

   ✊ *चला… संविधान जाणून घेऊया, समजून घेऊया, जगूया तसेच ही चळवळ घराघरात पोहोचवूया!*

       ✍️ *नुरखॉं पठाण*

          *सुजाण नागरिक मंच* 

           

आज सुबह से नहीं ---::: धर्मयुद्ध:::---

भारत के लोगो! 

यह देखो सालों ने ऊंच नीच का जन्मजात कलंक "वर्ण" कहाँ से पैदा किया और कहते हैं कर्म से होता है वर्ण! 

अरे वर्नभेदबादियो!अक्ल नहीं है तो बकते क्यों हो, दम है तो हरामियों की हगी झूठी गंदी वर्णभेदी कागजी गंद जलाओ जूता मार के फिर बताओ कोन ऊंच है और कोन नीच! 

मनुस्मृति प्रकरण 1, श्लोक नम्बर 33.

भावार्थ:::---जन जन के कल्याण को उत्कृष्ट अभिलाषा के कारण ब्रह्मा ने अपने मुख से ब्राह्मण, भुजाओं से क्षत्रिय घुटनों से वैश्य और पैरों से शुद्र पैदा किए?

श्लोक नम्बर 34,

भावार्थ:::--- श्रष्टि का चक्र चलायमान रहे, इस उद्देश्य से ब्रह्मा ने अपने शरीर को दो भागों में विभाजित किया। आधे भाग से पुरुष की श्रष्टि की और दुसरे आधे भाग से नारी की। दोनों भागों के रति कर्म से श्रष्टि का क्रम बना रहे और विराट जगत की उत्पत्ति हुई।

टिप्पणी:::--- जब ब्रह्मा ने ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र को मुंह भुजा घुटना और पैरों से पैदा कर ही दिया तो अपने शरीर के दो हिस्से पुरुष नारी पैदा क्यों किए और कर ही दिए तो उन आदमी औरत के मिलन से जो बच्चे बच्चियां पैदा हुए वो क्या थे/हैं?

वैसे तो यह सब हरामियों का हगा वर्णभेदी झूठा गन्दा गटर है फिर भी यह डुप्लीकेसी क्यों की ससुरों ने?

ये हरामी इतने पर ही नहीं रुके सालों ने ब्राह्मणों से बलात्कार करवाया और वर्णशंकर/नाजायज नीच पैदा कर दिए। 

अगर मुँह से पैदा हुआ है ब्राह्मण और पैरों से पैदा है शुद्र तो आज भी यही हो रहा होता लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि सारी जातियाँ एक ही जगह से पैदा होती हैं वो है मां का गर्भ.

अर्थात मुँह से ब्राह्मण पैरों से शुद्र पैदा कर ऊंच नीच की गन्दगी फेलाने बाली हरामियों की हगी वर्णभेदी कागजी गटर सनातन का हिस्सा नहीं है.

फिर क्यों झेल रहे हो सालो की हगी गंदगी क्यों नहीं जलाते हरामियों की हगी झूठी गन्दी कागजी गटर वेद पुराण रामायण महाभारत गीता भागवत मनुस्मृति रामचरितमानस उपनिषद आदि को जिनमें भगवान और इन्सान सबकी मां बहन कर दी केवल ब्राह्मणों को ऊंच बनाने के लिए और आप पूज रहे हो शास्त्र ग्रन्थ बना के, क्यों?

क्यों नहीं जलाते गंदगी को? कब तक नीच नजाइज् का ठप्पा लिए जीते रहोगे? 

"मनुविधान जलाओ जूता मार के, 

संविधान बचाओ सीना तान के".

नीच नजाइज् का कलंक तभी मिटेगा जब गन्दा झूठ वर्णभेदी कागजी गंद जलाया जायेगा जूता मार के! 

जय भीम।

जय संविधान।

जय भारत!

JITENDRA kumar : *_👉दुनिया में जितने भी संशोधन हुए वो नास्तिकों ने किए। ओर दुनिया में जितने भी युद्ध हुवे ओ धार्मिक आस्तिकों ने किए। आप के लिए जो धर्म है वो कुछ लोगो का सिर्फ धंधा है। ओर कुछ नहीं धर्मवाद कॉमवाद जातीवाद ज्ञातीवाद प्रांतवाद संप्रदायवाद राष्ट्रवाद ने मानवों को अलग अलग दुश्मन कर दिया है। ओर इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।_*

*मंदिरों में दान देना अपराध को बढ़ावा देना है,* 

क्योंकि मंदिरों का पैसा ब्राह्मण खाते हैं दान के पैसों के लिए ब्राह्मण चोरी भी करते हैं जैसे कि अभी अयोध्या के राम मंदिर में और मथुरा के मंदिर में ब्राह्मणों ने चोरी किया है और भी मंदिरों में ब्राह्मण चोरी करते आये हैं चोरी और दान के पैसो से ब्राह्मणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है जिसके कारण ब्राह्मण बलात्कार और हत्या करते हैं अंधविश्वास और पाखंड फैलाते जिससे देश बर्बाद हो रहा है। 

दान सिर्फ जरूरतमंदों को दे 

👉 भूखे को भोजन

👉 प्यासे को पानी 

👉 निर्वस्त्र को वस्त्र 

👉 रोगी को इलाज 

👉 निर्धन को धन 

👉 अशिक्षित को शिक्षा 

👉 गरीबों को घर 

ब्राह्मण हिन्दू धर्म में एक वर्ण एक जाति है जो कि धर्म और भगवान और देवी देवताओं के नाम पर ऊंच नीच जातिगत भेदभाव और अंधविश्वास पाखंड फैलाते है और भगवान के नाम पर पूजा पाठ पाखंड आडंबर हवन के नाम पर चंदा दान दक्षिणा खाकर मौज मस्ती करते हैं अपने बच्चों को बिदेशों में अंग्रेजी माध्यम से पढाते है और दूसरों के बच्चों को पूजा पाठ पाखंड आडंबर हवन व्रत त्योहारों में फंसाकर आर्थिक रूप से कमजोर करते हैं दूसरों से ठगी करते हैं दूसरों को धर्म जाति और पूजा पाठ पाखंड आडंबर हवन व्रत त्योहारों के नाम पर बर्बाद करते हैं। 

मंदिर में दान देना अपराध है 

मंदिर में दान देने वाले भी अपराधी है।

NATIONAL AND INTERNATIONAL BUDDHIST SOCIETY का app आ गया है ।

सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App

https://primetrace.com/group/?ref=JR4RG

👉 गॉड्स डिबेट। https://youtu.be/qSLW0N-ji: ---:::धर्मयुद्ध:::---

भारत के लोगो! 

एक बात बताओ! 

जब स्कैम/घोटला हो जाता है तब चीखने लगते हो लेकिन हरामियों की हगी झूठी गन्दी वर्णभेदी कागजी गटर वेद पुराण रामायण महाभारत गीता भागवत मनुस्मृति रामचरितमानस उपनिषद आदि को जूता मार कर जलाने की जगह पूजते हो! 

इन्ही कागजों में वर्णभेदबादियौं द्वारा शुद्र/शुद्रा वर्णशंकर का शोषण अत्याचार कुकर्म करना मान सम्मान हक अधिकार छीनना ही धर्म लिखा है जिसे आप भी धर्म मानने लगे हो तो वही तो किया जा रहा है तो चीख क्यों रहे हो? 

अगर शिकायत है सिस्टम से तो शुरू करो हरामियों की हगी उपरोक्त वर्णभेदी कागजी गटर का जुतामार् दाहसंस्कार और स्थापित करो संविधान का राज। 

मठ मंदिरों में जो चढ़ावा चढ़ता है वो कहाँ जाता है? 

बैंकों में जो घोटाले होते हैं वो धन कहाँ जाता है? 

विदेशों से सैकड़ों लाख करोड़ कर्जा लिया जा चुका है वो कहाँ गया? 

आप से अनाप सनाप टैक्स बसुला जा रहा है वो कहाँ गया? 

आपको कुछ पता ही नहीं क्योंकि आप तो पैर से पैदा हुए नीच हो कथा भागवत अखँड का भंडारा खाओ पाप कमाओ और आपके खून पसीने की कमाई वो खाते रहेंगे जो अब तक खाते रहे हैं! 

जब तक पैदाइशी नीच नजाइज् बनाने बाले कागजी दुश्मन को नहीं जूता मार के जलाओगे, पूजा करते रहोगे तो आपका यही हाल नहीं और बुरा हाल होगा क्योंकि शोषण अत्याचार कुकर्म करने बाली वर्णभेदबादीयॉं की आपको नौचती रहेगी! 

कुछ नहीं कर सकती संविधान की किताब क्योंकि वो उनकी ही कैद में है! 

जय भीम। 

जय संविधान।

जय भारत!

तेज रफ्तार news : ✍️

📺 टीवी डिबेट विश्वविद्यालय

जहां एंकर ही कुलपति, परीक्षक, न्यायाधीश और अंतिम सत्य होता है!

कृपया पूरा पढ़िए...

क्योंकि यह लेख देखने के बाद अगली बार टीवी डिबेट देखते समय आपको रिमोट से ज्यादा हंसी आएगी।

साथियों,

भारत विश्वगुरु बने या न बने, लेकिन एक क्षेत्र में हमने पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है।

और वह है—

"टीवी डिबेट विश्वविद्यालय"।

यह एक ऐसा विश्वविद्यालय है जहां प्रवेश परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती।

बस एक माइक, एक एंकर, छह खिड़कियां, आठ मेहमान और दस बार "मैंने आपको समय दिया था!" बोलने की कला आनी चाहिए।

इस विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा नियम है—

तथ्य बाद में, आवाज पहले।

जो सबसे ज्यादा चिल्लाएगा, वही सबसे बड़ा विद्वान माना जाएगा।

जो सबसे कम बोलेगा, उसे देशद्रोही घोषित होने का खतरा रहेगा।

और जो आंकड़े लेकर आ जाएगा, उसे तुरंत बीच में रोक दिया जाएगा क्योंकि आंकड़े बहस का माहौल खराब कर देते हैं।

यहां एंकर केवल एंकर नहीं होता।

वह एक साथ—

न्यायाधीश भी होता है।

वकील भी होता है।

जूरी भी होता है।

जांच एजेंसी भी होता है।

और कई बार तो ऐसा लगता है कि वही चुनाव आयोग भी है।

डिबेट शुरू होते ही पहला प्रश्न आता है—

"बताइए, क्या आप राष्ट्र के साथ हैं या राष्ट्र के खिलाफ?"

अब बेचारा मेहमान सोचता रह जाता है कि वह रोजगार पर बोलने आया था, लेकिन यहां तो उसे पहले अपनी देशभक्ति साबित करनी पड़ रही है।

यदि कोई बेरोजगारी की बात करे—

तो विषय बदल जाता है।

यदि कोई शिक्षा की बात करे—

तो इतिहास खुल जाता है।

यदि कोई स्वास्थ्य की बात करे—

तो पाकिस्तान आ जाता है।

यदि कोई महंगाई की बात करे—

तो 500 साल पुरानी घटना पर चर्चा शुरू हो जाती है।

मुझे कभी-कभी लगता है कि टीवी डिबेट में सबसे ज्यादा बेरोजगार "मुद्दे" हैं।

रोजगार बेरोजगार है।

शिक्षा बेरोजगार है।

स्वास्थ्य बेरोजगार है।

किसान बेरोजगार है।

लेकिन टीवी स्टूडियो में भावनाएं फुल-टाइम नौकरी पर हैं।

सबसे मजेदार दृश्य तब होता है जब कोई अतिथि तथ्य लेकर आ जाता है।

जैसे ही वह कागज निकालता है—

एंकर कहता है,

"सर, सर, सर... मैं आपको रोक रहा हूं।"

फिर वह 5 मिनट तक खुद बोलता है।

फिर कहता है—

"आपको पूरा समय दिया गया।"

इस विश्वविद्यालय की डिग्री भी बहुत शानदार है।

बी.ए. का मतलब है—

बैचलर ऑफ एंकरोलॉजी।

एम.ए. का मतलब—

मास्टर ऑफ आरोप विज्ञान।

और पीएचडी का मतलब—

पक्का हंगामा डिग्री।

एक समय था जब पत्रकार सत्ता से सवाल पूछते थे।

आज कई चैनलों पर ऐसा लगता है कि पत्रकार विपक्ष से सवाल पूछ रहे हैं और सत्ता को आराम दे रहे हैं।

सवाल पूछना लोकतंत्र का काम है।

लेकिन सवाल किससे पूछा जाए, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

देश में यदि किसी मंदिर, मस्जिद, संस्था, विभाग, योजना या परियोजना से जुड़ा कोई विवाद सामने आए तो लोकतंत्र की मांग है कि उस पर तथ्यात्मक चर्चा हो।

लेकिन टीवी डिबेट विश्वविद्यालय का नियम अलग है।

वहां कई बार मुद्दे नहीं चलते, मुद्दों के आसपास घूमती हुई भावनाएं चलती हैं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि टीवी पर हर रात देश बच जाता है।

हर रात राष्ट्र संकट से निकल आता है।

हर रात एक नया दुश्मन मिल जाता है।

और हर रात अगले दिन के असली मुद्दे फिर पीछे छूट जाते हैं।

अब आइए एक लोकप्रिय नारे पर।

कई नेता कहते हैं—

"बंटोगे तो कटोगे।"

लेकिन लोकतंत्र का दूसरा पक्ष भी है।

यदि समाज में ऐतिहासिक रूप से वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को अवसर देने के लिए आरक्षण जैसी व्यवस्था बनाई गई है, तो उसका उद्देश्य समाज को तोड़ना नहीं बल्कि बराबरी तक पहुंचाना है।

आरक्षण कोई दान नहीं है।

यह प्रतिनिधित्व और अवसर की व्यवस्था है।

जब तक मैदान बराबर नहीं होगा, तब तक विशेष उपायों की आवश्यकता रहेगी।

इस विषय पर गंभीर बहस हो सकती है, लेकिन टीवी डिबेट विश्वविद्यालय को गंभीर बहस से एलर्जी है।

उसे नारा ज्यादा पसंद है।

साथियों,

इस लेख का उद्देश्य किसी दल, किसी धर्म या किसी व्यक्ति का अपमान करना नहीं है।

सवाल केवल इतना है—

क्या टीवी बहस जनता के प्रश्नों को आगे बढ़ा रही है?

या जनता का ध्यान असली प्रश्नों से भटका रही है?

क्या एंकर लोकतंत्र का प्रहरी है?

या लोकतंत्र का निर्देशक?

क्या नागरिक दर्शक बना रहेगा?

या सवाल पूछने वाला नागरिक बनेगा?

अंत में मैं टीवी डिबेट विश्वविद्यालय के छात्रों को शुभकामनाएं देना चाहता हूं।

आप चिल्लाते रहिए।

आप एक-दूसरे की बात काटते रहिए।

आप हर रात देश बचाते रहिए।

लेकिन कभी-कभी 10 मिनट रोजगार पर भी चर्चा कर लीजिए।

5 मिनट शिक्षा पर भी दे दीजिए।

कुछ समय किसानों को भी दे दीजिए।

और थोड़ा समय अस्पतालों और युवाओं के भविष्य को भी मिल जाना चाहिए।

क्योंकि राष्ट्र केवल बहस से नहीं बनता।

राष्ट्र काम से बनता है।

और लोकतंत्र केवल शोर से नहीं चलता।

लोकतंत्र सवालों, जवाबों और जवाबदेही से चलता है।

🙏

(यदि यहां तक पढ़ लिया है तो अगली बार टीवी डिबेट देखते समय एक कागज पर लिखिए—आज रोजगार पर कितने मिनट चर्चा हुई? उत्तर देखकर शायद आपको इस लेख की याद आ जाए।)

तेज रफ्तार news : साथियों, नमो बुद्धाय! जय भीम! जय संविधान! जय सम्राट अशोक!

आज उत्तर प्रदेश की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ केवल एक मंदिर या एक जांच का सवाल नहीं है, बल्कि यह सवाल है कि इस देश में कानून बड़ा है या प्रभावशाली लोगों का सामाजिक व राजनीतिक प्रभाव?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी कहते हैं कि 15 दिनों में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। हम भी यही चाहते हैं। हम भी चाहते हैं कि सच सामने आए। लेकिन सच केवल तब सामने आएगा जब जांच निष्पक्ष होगी, न कि चयनात्मक।

योगी जी,

हम भगवान राम पर सवाल नहीं उठा रहे।

हम राम के नाम पर आने वाले धन के उपयोग पर सवाल उठा रहे हैं।

हम राम को बदनाम नहीं कर रहे।

हम यह पूछ रहे हैं कि राम के नाम पर आने वाले करोड़ों-अरबों रुपये का हिसाब कौन देगा?

यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो एसआईटी की आवश्यकता ही क्यों पड़ी?

यदि कोई अनियमितता नहीं हुई, तो जांच का आदेश क्यों दिया गया?

और यदि जांच का आदेश दिया गया है, तो इसका मतलब है कि सवाल उठाना अपराध नहीं था।

आज हमें यह भी जानना है कि जिन समितियों और ट्रस्टों के हाथों में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और अरबों रुपये का प्रबंधन है, उनमें एससी, एसटी, ओबीसी, ईबीसी और अन्य वंचित समाजों की भागीदारी कितनी है?

जो समाज मंदिर बनाता है, पत्थर ढोता है, श्रम देता है, चंदा देता है, क्या उसे प्रबंधन में भी बराबरी का स्थान मिला है?

या फिर निर्णय लेने वाली कुर्सियाँ आज भी कुछ सीमित वर्गों तक ही सीमित हैं?

हम किसी जाति विशेष को दोषी नहीं ठहरा रहे।

हम केवल यह पूछ रहे हैं कि यदि जांच में कोई प्रभावशाली व्यक्ति, कोई बड़ा पदाधिकारी, कोई ऊँचे सामाजिक या राजनीतिक प्रभाव वाला व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो क्या उसे भी वही सजा मिलेगी जो एक सामान्य नागरिक को मिलती है?

यही इस जांच की असली परीक्षा होगी।

आज बहुजन समाज, अर्जक परिवार और संविधान में विश्वास रखने वाले लोग इस जांच को ध्यान से देख रहे हैं।

हम यह नहीं देख रहे कि आरोपी कौन है।

हम यह देख रहे हैं कि कानून सबके लिए समान है या नहीं।

हम यह नहीं देख रहे कि नाम क्या है।

हम यह देख रहे हैं कि न्याय का तराजू बराबर है या नहीं।

हम यह नहीं देख रहे कि दोषी किस जाति का है।

हम यह देख रहे हैं कि क्या सत्ता अपने प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास करती है या संविधान के अनुसार कार्रवाई करती है।

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान इसलिए नहीं बनाया था कि कानून गरीबों पर लागू हो और प्रभावशाली लोगों पर नहीं।

सम्राट अशोक के शासन की सबसे बड़ी पहचान न्याय और जवाबदेही थी।

चन्द्रगुप्त मौर्य की प्रशासनिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत उत्तरदायित्व थी।

ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, पेरियार, रामस्वरूप वर्मा और जगदेव बाबू ने समाज को यही सिखाया कि किसी भी व्यवस्था को आँख बंद करके मत मानो, बल्कि सवाल पूछो।

सवाल पूछना लोकतंत्र का अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है।

आज उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरा देश देख रहा है।

यदि दोषी बड़ा आदमी हुआ तो क्या कार्रवाई होगी?

यदि दोषी प्रभावशाली वर्ग से हुआ तो क्या कार्रवाई होगी?

यदि दोषी सत्ता से जुड़ा हुआ निकला तो क्या कार्रवाई होगी?

यही वह क्षण है जहाँ तय होगा कि शासन संविधान से चलता है या सामाजिक प्रभाव से।

हम पुनः स्पष्ट करना चाहते हैं—

राम किसी दल की निजी संपत्ति नहीं हैं।

आस्था किसी पार्टी का चुनाव चिन्ह नहीं है।

धर्म भ्रष्टाचार का सुरक्षा कवच नहीं बन सकता।

और संविधान से बड़ा इस देश में कोई नहीं है।

इसलिए योगी जी,

हम आपकी बात से सहमत हैं।

दूध का दूध और पानी का पानी होना ही चाहिए।

लेकिन यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि दूध और पानी अलग करते समय न्याय की आँखों पर जाति, पद, प्रभाव और सत्ता की पट्टी न बंधी हो।

देश देख रहा है।

उत्तर प्रदेश देख रहा है।

बहुजन समाज देख रहा है।

और इतिहास भी देखेगा कि यह जांच संविधान की भावना से हुई या सत्ता के प्रभाव से।

जय भीम! जय संविधान! जय समता!

Jeetu dehati : ✍️

साथियों, नमो बुद्धाय! जय सम्राट अशोक! जय भीम!

आज मैं किसी दल, नेता या सरकार के विरोध के लिए नहीं, बल्कि उस गरीब मरीज की पीड़ा को आवाज देने के लिए बोल रहा हूँ, जो बीमारी से लड़ते-लड़ते व्यवस्था से भी लड़ने को मजबूर हो जाता है।

सरकार कहती है— इलाज मुफ्त है।

कागज कहते हैं— इलाज मुफ्त है।

विज्ञापन कहते हैं— इलाज मुफ्त है।

लेकिन सवाल यह है कि क्या गरीब मरीज भी यही कहता है?

क्या वह किसान, मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला चालक, दिहाड़ी मजदूर, वृद्ध माता-पिता और उनकी संताने भी यही कहती हैं?

साथियों,

सरकारी अस्पताल में प्रवेश करते ही एक अलग दुनिया दिखाई देती है।

स्ट्रेचर चाहिए तो "चाय-पानी" की उम्मीद।

वार्ड में भर्ती होना है तो "व्यवस्था" की उम्मीद।

नर्स की सेवा के बाद "खुशी" की उम्मीद।

सफाईकर्मी की मदद के बाद "इनाम" की उम्मीद।

फाइल आगे बढ़ाने के लिए अलग उम्मीद।

डिस्चार्ज के समय अलग उम्मीद।

और यदि कोई गरीब परिवार इन सबको पूरा नहीं कर पाए, तो उसे ऐसा महसूस कराया जाता है जैसे वह कोई अपराध कर रहा हो।

यह बात हर कर्मचारी पर लागू नहीं होती। हजारों डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी पूरी ईमानदारी से सेवा करते हैं।

लेकिन कुछ लोगों की वजह से पूरी व्यवस्था बदनाम होती है।

और सबसे अधिक नुकसान उस गरीब मरीज को होता है जिसके पास इलाज के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होता।

सवाल यह है कि—

यदि अस्पताल में दवा मुफ्त है तो मरीज को बाहर मेडिकल स्टोर क्यों भेजा जाता है?

यदि जांच सुविधा उपलब्ध है तो मरीज को निजी लैब में क्यों भेजा जाता है?

यदि मशीनें खरीदी गई हैं तो वे अक्सर खराब क्यों मिलती हैं?

यदि स्वास्थ्य बजट हर वर्ष बढ़ रहा है तो मरीज की जेब का खर्च कम क्यों नहीं हो रहा?

साथियों,

कई बार मरीज का परिवार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज नहीं उठाता।

क्यों?

क्योंकि उसके सामने अपने प्रियजन की जान बचाने का सवाल होता है।

उसे डर होता है कि कहीं शिकायत करने पर डॉक्टर नाराज न हो जाए।

कहीं इलाज प्रभावित न हो जाए।

कहीं मरीज की देखभाल कम न हो जाए।

यही डर इस अनौपचारिक वसूली की सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।

गरीब आदमी सोचता है—

"अभी मरीज बच जाए, बाकी लड़ाई बाद में लड़ लेंगे।"

लेकिन यही "बाद में" कभी नहीं आता।

और व्यवस्था जस की तस बनी रहती है।

आज जरूरत केवल नए अस्पताल बनाने की नहीं है।

जरूरत है अस्पतालों को जवाबदेह बनाने की।

मैं बिहार सरकार, सभी राज्य सरकारों और भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय का ध्यान कुछ महत्वपूर्ण सुझावों की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ—

1. प्रत्येक वार्ड में सीसीटीवी निगरानी

वार्ड, दवा वितरण केंद्र, जांच केंद्र और सार्वजनिक सेवा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ।

2. शिकायत की सरल व्यवस्था

हर अस्पताल में टोल-फ्री नंबर, व्हाट्सऐप नंबर और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल अनिवार्य हो।

3. दवा उपलब्धता का सार्वजनिक प्रदर्शन

कौन सी दवा उपलब्ध है और कौन सी नहीं, इसकी सूची डिजिटल बोर्ड पर प्रतिदिन प्रदर्शित की जाए।

4. जांच मशीनों की जवाबदेही

यदि मशीन खराब है तो कितने दिन से खराब है और कब तक ठीक होगी, यह सार्वजनिक सूचना पट्ट पर लिखा जाए।

5. रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन

यदि कोई कर्मचारी किसी भी रूप में पैसे की मांग करता है तो मरीज तत्काल शिकायत दर्ज करा सके।

6. सामाजिक निगरानी समिति

अस्पतालों में नागरिक प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मरीज कल्याण समितियों की भागीदारी बढ़ाई जाए।

7. जनरेटर और बिजली की अनिवार्य व्यवस्था

किसी भी मरीज की जान बिजली कटने से खतरे में नहीं पड़नी चाहिए।

8. दवा की कमी पर जवाबदेही

यदि डॉक्टर द्वारा लिखी गई आवश्यक दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो।

साथियों,

महात्मा ज्योतिबा फुले ने कहा था कि समाज की उन्नति का रास्ता शिक्षा और जागरूकता से होकर जाता है।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने कहा था कि लोकतंत्र केवल मतदान का अधिकार नहीं, बल्कि जवाबदेही की व्यवस्था भी है।

सम्राट अशोक ने शासन को जनता की सेवा का माध्यम बनाया था।

आज हमें उसी भावना को स्वास्थ्य व्यवस्था में उतारना होगा।

हम डॉक्टरों के विरोधी नहीं हैं।

हम नर्सों के विरोधी नहीं हैं।

हम स्वास्थ्यकर्मियों के विरोधी नहीं हैं।

हम उस भ्रष्ट व्यवस्था के विरोधी हैं जो मरीज की मजबूरी को अवसर समझती है।

हमारी मांग सरल है—

सरकारी अस्पताल में इलाज केवल कागजों में नहीं, जमीन पर भी मुफ्त और सम्मानजनक होना चाहिए।

गरीब मरीज इलाज कराने जाए, अपमान सहने नहीं।

मरीज का परिवार अस्पताल जाए, डरने नहीं।

स्वास्थ्य सेवा अधिकार बने, एहसान नहीं।

यही जनता की आवाज है।

यही गरीब की पीड़ा है।

यही व्यवस्था के लिए चेतावनी भी है और सुधार का अवसर भी।

जय जगदेव! जय अर्जक! जय बहुजन!

निखिलेश कुमार

सर्वजन अर्जक मिशन, भागलपुर, बिहार

जय जगदेव, जय अर्जक, जय बहुजन

Jeetu dehati : महाराष्ट्र के परभणी जिले में यशवाड़ी देवस्थान के हनुमान मंदिर के हॉल की निर्माणाधीन छत शनिवार दोपहर अचानक ढह गई मलबे के नीचे दबकर 7 अंधभक्तों की मौत हो गई जबकि 25 अंधभक्त घायल हो गए उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया है हनुमान की कृपा पाने आए ये अंधभक्त जिन्हें विश्वास था कि भगवान उन्हें हर मुसीबत से बचाएंगे उसी मंदिर की छत के नीचे कुचल गए न तो हनुमान ने छत को थामा न ही किसी चमत्कार ने मलबे को हटाया ये घटना फिर याद दिलाती है कि मंदिरों मूर्तियों और अंधविश्वास पर भरोसा करने वाले लोगों को अंत में वही सच्चाई झेलनी पड़ती है वास्तविकता कोई देवता नहीं आता बचाने।🤔

Jeetu bhai : ---:::धर्मयुद्ध:::---

हे भारत के लोगो! 

भारत की सरकार! 

जब तक भारतवासी नीच रहेगा तो देश ऊंच कैसे बनेगा?

हरामियों की हगी मुँह से ब्राह्मण पैर से शुद्र पैदा करने बाली कागजी गटर वेद पुराण रामायण महाभारत गीता भागवत मनुस्मृति रामचरितमानस उपनिषद जैसी गीता प्रेस की किताबों को दफनाओ जूता मार के वर्णभेदी ऊंच नीच का गंद घृणा भेदभाव द्वेष मिटाओ देश को महान बनाओ संविधान/विज्ञान को अपनाओ अन्यथा हमेशा की तरह नीच नजाइज् के कलंक घृणा शोषण अत्याचार कुकर्म से बच नहीं पाओगे!आखिर कब तक झेलेगा देशवासी?

हे भारत के लोगो! 

हरामियों की हगी वर्णभेदी कागजी गन्दगी से कथा कराओगे, भंडारा/प्रसाद/पैरों का धोवन/चरणाम्रत खाओगे तो पापी विमार् दुखी दरिद्र नीच नजाइज् घृणित ही रहोगे! 

इन कथा भागवत अखँड पाठों में हराम के पिल्ले कथावाचक इसी कागजी गटर में भरी ऊंच नीच की वर्णभेदी गन्दगी उगलते है आप से ही चढ़ावा/चंदा लेकर मोटा माल कमाते हैं और आपको आपके बच्चों औरतों रिश्तेदारों को पापियों के पापों सना हुआ गंदा/स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाना/प्रसाद खिलाते है, खुद तो माल कामकर निकल जाते हैं बाद में आप दुख दरिद्रता विमारी पापों को झेलते हैं! 

क्यों करते हो ऐसा मुर्खो बाला काम? 

जो पैसा और समय आप इन भंडारों चढ़ावे में बर्बाद करते हो उस पैसे को अपने बच्चों के खाने कपड़े पढाई में क्यों नहीं लगाते? याद रखो जब तक आप यह घटिया पाप करते रहोगे तब आप ही नहीं आपके आगे पीछे की पीढियाँ भी नीच नजाइज् पापी बनी रहेंगी आपका दुख दर्द दरिद्रता शोषण अत्याचार कुकर्म पाप कभी कम नहीं होगा! थोड़ी सी बुद्धि लगाओ हरामियों की हगी उपरोक्त वर्णभेदी कागजी गंद की पूजा बंद करो, जूता मार के जलाओ, नीच नजाइज् के कलंक से मुक्ति पाओ! 

यह अधर्म को जूता मार के भगाओ इंसानियत का धर्म आपनाओ! 

संविधान/विज्ञान को आपनाओ जो आपको सब कुछ देगा हक अधिकार मान सम्मान सुख सम्रद्धि आदि! 

यह शुभ/पुण्य कर्म आपको ही करना है अब न कोई अंग्रेज आयेगा न बाबा साहेब इस वर्णभेदी कागजी गंद को जलाने आयेंगे! 

जय भीम।

जय संविधान।

जय भारत!

Jeetu dehati : ✍️

विश्व गुरु बनने की तैयारी

(एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी)

कृपया पूरा पढ़िए, तभी मुस्कुराइएगा… और फिर सोचिएगा कि हम आखिर किस दिशा में जा रहे हैं।

एक समय था जब विद्यालयों में बच्चे पूछा करते थे—

"सर, विश्व गुरु कैसे बनेंगे?"

शिक्षक कहते थे—

"पढ़ाई से, शोध से, विज्ञान से, तकनीक से, उद्योग से, रोजगार से, समानता से और संविधान के आदर्शों से।"

लेकिन अब समय बदल गया है।

अब प्रश्न वही है, उत्तर बदल गया है।

अब कहा जाता है—

"विश्व गुरु बनने के लिए सबसे पहले टीवी डिबेट देखो, फिर व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से डिग्री लो, उसके बाद हर समस्या का दोष विपक्ष पर डालो, और अंत में खुद को विश्व गुरु घोषित कर दो।"

विश्व गुरु बनने की तैयारी जोरों पर है।

दुनिया के कुछ देश आज भी पुरानी सोच में फंसे हुए हैं।

कोई नई तकनीक बना रहा है।

कोई अंतरिक्ष में मिशन भेज रहा है।

कोई नई दवाइयाँ खोज रहा है।

कोई विश्वविद्यालयों को मजबूत कर रहा है।

कोई अपने युवाओं को रोजगार दे रहा है।

बेचारे अभी तक समझ नहीं पाए कि विश्व गुरु बनने का असली रास्ता क्या है।

उन्हें कौन समझाए कि विश्व गुरु बनने के लिए पहले यह साबित करना जरूरी है कि देश में कोई समस्या है ही नहीं।

अगर बेरोजगारी की बात हो तो कह दो—

"नकारात्मकता मत फैलाइए।"

अगर महंगाई की बात हो तो कह दो—

"देशहित में सहन कीजिए।"

अगर शिक्षा की बात हो तो कह दो—

"राष्ट्रवाद पढ़िए।"

अगर रोजगार की बात हो तो कह दो—

"पकौड़ा भी एक रोजगार है।"

विश्व गुरु बनने की तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण चरण है—

वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाना।

जनता पूछे—

"नौकरी कहाँ है?"

उत्तर दीजिए—

"मंदिर देखिए।"

जनता पूछे—

"स्कूल में शिक्षक क्यों नहीं हैं?"

उत्तर दीजिए—

"इतिहास बदल दिया गया है।"

जनता पूछे—

"अस्पताल में डॉक्टर क्यों नहीं हैं?"

उत्तर दीजिए—

"हमारी संस्कृति महान है।"

और यदि फिर भी जनता सवाल पूछती रहे तो उसे राष्ट्रहित का पाठ पढ़ा दीजिए।

अब आइए अयोध्या की चर्चा कर लें।

हाल के दिनों में दान और चढ़ावे से जुड़े आरोपों पर खूब बहस हुई।

सरकार की ओर से कहा गया—

"दूध का दूध और पानी का पानी होगा।"

यह सुनकर जनता खुश हुई।

लेकिन कुछ लोगों ने मासूमियत में पूछ लिया—

"अच्छा, जांच की प्रक्रिया क्या होगी?"

बस यहीं गलती हो गई।

लोकतंत्र में सबसे खतरनाक प्रश्न कभी-कभी "कैसे?" होता है।

"जांच होगी" सुनना आसान है।

"जांच कैसे होगी?" पूछना कठिन है।

व्यंग्य यही कहता है कि किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच, तथ्यों, साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए।

लोकतंत्र में न आरोप ही अंतिम सत्य होते हैं और न सफाई ही अंतिम सत्य होती है।

सत्य तक पहुंचने का रास्ता पारदर्शी जांच से होकर जाता है।

लेकिन विश्व गुरु बनने की तैयारी में एक नई कला भी विकसित हुई है—

सवाल पूछने वाले को ही कटघरे में खड़ा कर दो।

यदि कोई पूछे—

"यह हुआ कैसे?"

तो जवाब दीजिए—

"तुम्हारी नीयत क्या है?"

यदि कोई कहे—

"जांच होनी चाहिए।"

तो पूछिए—

"तुम किसके एजेंट हो?"

यदि कोई कहे—

"साक्ष्य सार्वजनिक कीजिए।"

तो कहिए—

"देश बदनाम हो जाएगा।"

विश्व गुरु बनने की तैयारी का अगला अध्याय है—

डेटा से डरना।

पहले लोग रिपोर्ट पढ़ते थे।

अब लोग रिपोर्ट पढ़ने वालों पर ही रिपोर्ट लिख देते हैं।

बेरोजगारी का आंकड़ा आया?

उस पर बहस मत करिए।

जो आंकड़ा दिखा रहा है, उसी पर बहस कर लीजिए।

गरीबी की रिपोर्ट आई?

रिपोर्ट पर बात मत कीजिए।

रिपोर्ट बनाने वाले की देशभक्ति नाप लीजिए।

और हाँ, विश्व गुरु बनने की तैयारी में शिक्षा का भी बड़ा योगदान है।

लेकिन यह शिक्षा विद्यालयों वाली नहीं।

यह वही शिक्षा है जो सोशल मीडिया पर मिलती है।

जहाँ इतिहास पाँच मिनट में बदल जाता है।

अर्थशास्त्र दस मिनट में समझाया जाता है।

और संविधान पर टिप्पणी करने वाले ने संविधान कभी खोला भी नहीं होता।

विश्व गुरु बनने के लिए एक और महत्वपूर्ण योग्यता है—

हर आलोचना को साजिश घोषित करना।

सड़क टूटी?

साजिश।

पुल गिरा?

साजिश।

पेपर लीक हुआ?

साजिश।

प्रश्न पूछ लिया?

महासाजिश।

लगता है आने वाले दिनों में यदि बारिश भी अधिक हो गई तो बादलों पर भी विपक्ष से संबंध होने का आरोप लग सकता है।

लेकिन मजाक से अलग एक गंभीर बात भी है।

कोई भी राष्ट्र केवल नारों से विश्व गुरु नहीं बनता।

विश्व गुरु बनने के लिए विश्वविद्यालय चाहिए।

वैज्ञानिक चाहिए।

शोध चाहिए।

रोजगार चाहिए।

अच्छी शिक्षा चाहिए।

बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए।

कानून का समान शासन चाहिए।

और सबसे बढ़कर—

संविधान में विश्वास चाहिए।

बुद्ध ने ज्ञान की बात की।

सम्राट अशोक ने धम्म और जनकल्याण की बात की।

ज्योतिबा फुले ने शिक्षा की बात की।

सावित्रीबाई फुले ने विद्यालय खोले।

डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान दिया।

इनमें से किसी ने भी विश्व गुरु बनने का शॉर्टकट नहीं बताया।

सबने एक ही रास्ता बताया—

शिक्षा, तर्क, समानता और न्याय।

इसलिए जब अगली बार कोई कहे—

"हम विश्व गुरु बनने वाले हैं"

तो मुस्कुराइए और विनम्रता से पूछिए—

"बहुत अच्छी बात है, लेकिन तैयारी कहाँ चल रही है—

विश्वविद्यालय में या टीवी स्टूडियो में?"

यदि उत्तर मिल जाए तो मुझे भी बताइएगा।

क्योंकि मैं भी जानना चाहता हूँ कि आखिर यह "विश्व गुरु बनने की तैयारी" चल कहाँ रही है।

जय संविधान।

जय लोकतंत्र।

जय शिक्षा

आज सुबह : सार्वजनिक पुस्तकालयों को मिलेगा सरकारी अनुदान, 20 जुलाई तक करें आवेदन

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दिनांक 17 जून 2026 प्रतापगढ़। राजकीय जिला पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष नसरत अली ने बताया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की सार्वजनिक पुस्तकालयों को अनुदान योजना तथा राजा राममोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान, कोलकाता की अनुदान योजनाओं के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये प्रदेश में नगरीय, ग्रामीण, अल्पसंख्यक बाहुल्य एवं अनुसूचित जाति, जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में संचालित सार्वजनिक पुस्तकालयों को पुस्तकीय सहायता, फर्नीचर एवं संग्रहण सामग्री आदि की सहायता के रूप में अनावर्तक अनुदान हेतु निर्धारित प्रारूप पर आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते हैं। संबंधित जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय/राजकीय जिला पुस्तकालय में आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 है। आवेदन पत्र का प्रारूप संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय/राजकीय जिला पुस्तकालय से प्राप्त किया जा सकता है। प्रतिष्ठान की योजनाओं हेतु आवेदन प्रतिष्ठान की वेबसाइट www.online.rrrlf.gov.in माध्यम से आन-लाईन किया जाना होगा। अंतिम तिथि तक प्राप्त समस्त आवेदन पत्र सम्यक जाँचोपरान्त संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अन्तिम तिथि तक प्राप्त समस्त आवेदन पत्र संलग्न अभिलेखों सहित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय पुस्तकालय समिति की संस्तुति सहित दिनांक 20 अगस्त 2026 तक पुस्तकालय अनुभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को उपलब्ध कराये जायेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुस्तकालय समिति गठित है, अतः सभी आवेदन पत्रों को जिला विद्यालय निरीक्षक अंतिम निर्णय हेतु इस अपनी संस्तुति सहित शासन को उपलब्ध करायेंगे। अंतिम तिथि के उपरांत प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा।

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जिला सूचना कार्यालय प्रतापगढ़ द्वारा प्रसारित

Jeetu dehati : किसान दिवस में गूंजीं किसानों की समस्याएं, डीएम ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश

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किसानों की समस्याओं पर डीएम गंभीर, 30 जून को फिर आयोजित होगा किसान दिवस

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दिनांक 17 जून 2026 प्रतापगढ़। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव खुलकर रखे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि किसानों एवं आमजन की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में भारतीय किसान यूनियन (महिला प्रकोष्ठ) की जिलाध्यक्ष पम्मी सिंह ने किसान दिवस की सूचना समय पर किसानों तक न पहुंचने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त जानकारी के अभाव में किसानों की भागीदारी कम रहती है, जिससे कार्यक्रम का उद्देश्य प्रभावित होता है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उप कृषि निदेशक को आगामी किसान दिवस का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा सभी विकास खंडों के किसानों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राममोहन मीना को निर्देशित किया कि 30 जून को पुनः किसान दिवस आयोजित किया जाए। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में डुग्गी और मुनादी के माध्यम से किसानों को सूचना दी जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन तक पहुंचा सकें। मुख्य विकास अधिकारी ने कृषको से अनुरोध किया कि किसान दिवस में अपनी समस्याये एवं सुझाव लिखित रूप से उपलब्ध कराये जिससे उनका निस्तारण सम्बन्धित विभाग से समय से कराया जा सके। किसान दिवस में जेठवारा के अनंत सिंह तोमर ने भूलेख नक्शा उपलब्ध कराने और चकमार्ग पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग उठाई। वहीं पम्मी सिंह ने उसरी गांव में स्वीकृत पशु चिकित्सालय का निर्माण शुरू न होने और गोबरी-जगेसरगंज में दो वर्षों से बंद धान एवं गेहूं क्रय केंद्र को पुनः संचालित कराने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। दिलीपपुर की शीला पाल ने भैंस पालन के लिए टीन शेड निर्माण की मांग की, जिस पर डीएम ने मनरेगा के तहत कार्य कराने के निर्देश दिए। सहेरूआ गांव के रजनीकांत ने चकबंदी के बाद भूमि कब्जा एवं अंश निर्धारण की लंबित कार्रवाई का मामला उठाया, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने किसानों को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 20 जून को प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में जनपद में एक वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की तथा अधिकारियों को ऐसे किसानों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिन्हें अभी तक किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राममोहन मीना, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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जिला सूचना कार्यालय प्रतापगढ़ द्वारा प्रसारित

Jeetu dehati : विकसित कृषि संकल्प व खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को किया गया जागरूक,

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अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी उन्नत खेती की जानकारी

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दिनांक 17 जून 2026 प्रतापगढ़। किसानों को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से संचालित विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं खेत बचाओ अभियान-2026 के तहत बुधवार को जनपद के विभिन्न विकास खण्डों में कृषि संगोष्ठियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को नई तकनीकों, प्राकृतिक खेती तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित किया। अभियान के अंतर्गत विकास खण्ड मान्धाता की ग्राम सभाओं धेम और सराय भीमसेन, विकास खण्ड सदर की ग्राम सभाओं सरायमहिमा और बरिया समुद्र तथा विकास खण्ड लालगंज की ग्राम सभाओं गारापुर और रघौली में कृषि जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

  कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. प्रसेनजीत देबनाथ, एम.पी. सिंह, यतेंद्र कुमार, डॉ. एन.के. सिंह एवं पी.के. सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने, उत्पादन लागत कम करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। विशेषज्ञों ने बीज शोधन, भूमि परीक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, संतुलित उर्वरक प्रयोग, हरी खाद के उपयोग तथा जैव उर्वरकों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही फसलों को रोगों एवं कीटों से बचाने, मृदा स्वास्थ्य सुधारने तथा पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने के उपायों की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान किसानों का फार्मर रजिस्ट्रीकरण भी कराया गया तथा उन्हें कृषि विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।

  उप कृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के तहत 18 जून को विकास खण्ड लक्ष्मणपुर की ग्राम सभाओं चंदाव सोम बनियान एवं छेमर सराय, विकास खण्ड लालगंज की ग्राम सभाओं समापुर एवं काजीपुर तथा विकास खण्ड मान्धाता की ग्राम सभाओं बेलखारी एवं पूरे लाल में भी कृषि संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिकाधिक संख्या में इन कार्यक्रमों में भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक खेती के नवीन तरीकों तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें, जिससे खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाया जा सके।

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जिला सूचना कार्यालय प्रतापगढ़ द्वारा प्रसारित

Jeetu dehati : *ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ*

*भारत नेशन न्यूज़ | लखनऊ से राज बहादुर*

*पारा थाना क्षेत्र की शारदा नहर में मिला नवजात शिशु का शव, इलाके में सनसनी*

*लखनऊ। राजधानी के पारा थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मोहान रोड चौकी क्षेत्र स्थित शारदा नहर में एक नवजात शिशु का शव पानी में तैरता हुआ मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव को देखकर स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही पारा थाना पुलिस और मोहान रोड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची तथा शव को नहर से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में ले लिया। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।*

Jeetu dehati : *BREAKING Update NEWS*

UMESH PANDEY United Bharat Dainik(Disst Correspondent)

सपा विधायक डा आर के वर्मा ने कथित रिपोर्ट को राजनैतिक बताया राजनीतिक साजिश 

*प्रतापगढ़ में सपा विधायक डॉक्टर आर के वर्मा ने कहा विधानसभा में सरकार को जन हित के मुद्दों पर घेरने पर सरकार की साजिश है केस।*

सांसद कंगना रनौत और प्रधानमंत्री पर राजनैतिक टिप्पणी को तोड़ मरोड़ कर दी गई तहरीर, तो साइबर थाने में दर्ज हुई एफ आई आर।

*बीजेपी युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अंशुमान सिंह हैं केस दर्ज कराने वाले ।*

समाजवादी पार्टी एवं सपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी हैं 3 टर्म के विधायक डॉक्टर आरके वर्मा उत्तर प्रदेश विधानसभा में उप मुख्य सचेतक 3 टर्म से लगातार सपा विधायक हैं डॉक्टर आर के वर्मा।

*विधायक पर केस होने पर विधायक डॉक्टर आर के वर्मा ने कहा मैं डरने वाला नहीं, जांच में दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा ,बढ़ी सियासी सरगर्मी!*

Jeetu dehati : Top News

*1* भारत में ईंधन की कमी नहीं': सरकार बोली- होर्मुज के रास्ते जहाजों की हो रही वापसी; जमाखोरों को भी चेताया

*2* 21 जून की नीट परीक्षा से पहले धर्मेंद्र प्रधान की हाई लेवल मीटिंग, अधिकारियों से कहा- कोई गड़बड़ी ना हो

*3* शिक्षा-रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का नया अभियान, राहुल गांधी की अपील- एकजुट हों युवा

*4* कांग्रेस केंद्र पर हमलावर: जयराम रमेश बोले- NDA बना ‘नेशनल डिफेक्टर अलायंस’, लगाए पार्टियों को तोड़ने का आरोप

*5* प्रियंका का आरोप- NEET स्टूडेंट्स से ₹1.32 लाख करोड़ वसूले, यह रकम शिक्षा बजट के लगभग बराबर, पसंदीदा कारोबारियों का 16 लाख करोड़ लोन माफ

*6* अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) के दाम घटकर 75 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास आ चुके हैं, लेकिन आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के दामों में तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि अभी भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ते नहीं होंगे

*7* मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि वैश्विक बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद भारत में इसके दाम तुरंत कम नहीं किए जा सकते. उन्होंने मुख्य वजह बताते हुए कहा कि सस्ता कच्चा तेल भारत पहुंचने में काफी समय लगता है. यह तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है, जहां अभी जहाजों की बहुत ज्यादा आवाजाही नहीं है. इसलिए पहले स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना पड़ेगा

*8* उद्धव की शिवसेना की बैठक, सिर्फ 3 सांसद पहुंचे, बाकी 6 को नोटिस जारी; बागियों को Y+ सिक्योरिटी मिली, संजय राउत ने लगातार दूसरे दिन गाली दी

*9* शिवसेना (यूबीटी) के लिए स्थिति और भी खराब होती दिख रही है। क्योंकि उसके नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने गुरुवार को यहां संसदीय दल की बैठक में भाग नहीं लिया। जिससे यह संकेत मिलता है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में औपचारिक रूप से शामिल होना केवल समय की बात हो सकती है।

*10* लोकतंत्र की धज्जियां उड़ रहीं, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग सबसे पहले गुनहगार: संजय राउत

*11* पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। तृणमूल कांग्रेस में फूट के बाद ऋतब्रत बनर्जी को राज्य विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाए जाने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा है कि स्पीकर के फैसले में अदालत हस्तक्षेप नहीं करेगी।

*12* इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस में धुआं निकलने से हड़कंप, इमरजेंसी ब्रेक लगाकर बचाई गई यात्रियों की जान

*13* 2 दिन में 4 NEET स्टूडेंट ने सुसाइड किया, गुजरात का छात्र छठी मंजिल से कूदा; तमिलनाडु की छात्रा ने लिखा- दोबारा एग्जाम से डर

*14* ईरान के सामने ट्रम्प का ‘सरेंडर’, न सत्ता बदली, न परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म; 122 लाख करोड़ रुपए बर्बाद, आखिर जंग से मिला क्या

*15* अमेरिका-ईरान जंग खत्म, तय तारीख से एक दिन पहले समझौता, दोनों प्रेसिडेंट ने दस्तखत किए, ट्रम्प चिल्लाकर बोले- डील साइन

*16* अमेरिका-ईरान समझौते के 14 पॉइंट की पूरी डिटेल, होर्मुज सिर्फ 60 दिन फ्री, ईरान को ₹28 लाख करोड़ हर्जाना मिलेगा, बदले में परमाणु हथियार नहीं बनाएगा

*17* राजस्थान, MP-UP में अभी नहीं पहुंचेगा मानसून, 8 राज्यों में तापमान 40°C पार; देश में अब तक 42% कम बारिश

*18* भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाओं के कमजोर पड़ने, क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो में कमी और मौसम के पैटर्न में बदलाव के कारण महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की चाल फिलहाल रुक हुई है। हालांकि, 24-25 जून के आसपास कोंकण क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है।

*19* शुरुआती कमजोरी पीछे छोड़ हरे निशान पर बाजार बंद, सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा, निफ्टी 24160 के ऊपर बंद

Jeetu dehati : *प्रतापगढ़*,

*जनता के दिलों पर राज करने वाले नेता हैं राजा भैया*,

*जनसुनवाई नहीं, जनसेवा उनकी पहचान है*,

*जहां फरियाद पहुंचती है, वहां समाधान भी मिलता है*,

*बेती राज भवन का दरबार आमजन के लिए हमेशा खुला रहता है*,

*गरीब, असहाय और पीड़ितों की आवाज बनते हैं राजा भैया*,

*जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है*,

*कुंडा की राजनीति में राजा भैया एक विश्वास का नाम हैं*,

*विकास और जनसेवा का संगम है कुंडा-बाबागंज*,

*राजा भैया की लोकप्रियता का आधार जनता से सीधा जुड़ाव है*,

*उनकी एक झलक पाने को लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है*,

*जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा रहने वाला परिवार है जनसत्ता परिवार*,

*बड़े राजा शिवराज प्रताप सिंह और छोटे राजा ब्रजराज प्रताप सिंह भी जनसेवा की परंपरा निभा रहे हैं*,

*सत्ता से अधिक सेवा को प्राथमिकता देता है यह परिवार*,

*चुनाव बाद भी जनता से जुड़े रहने की मिसाल हैं राजा भैया*,

*कुंडा-बाबागंज में विकास कार्यों की निरंतर धारा बह रही है*,

*जनता का भरोसा ही राजा भैया की सबसे बड़ी ताकत है*,

*1993 से लगातार जीत जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है*,

*विधायक विनोद सरोज की सादगी लोगों का दिल जीत लेती है*,

*भीषण गर्मी में पेड़ के नीचे बैठकर जनसमस्याएं सुनना जनप्रतिनिधि होने का वास्तविक अर्थ है*,

*जनसत्ता दल का हर कार्यकर्ता सेवा को अपना धर्म मानता है*,

*राजनीति नहीं, जनहित यहां सर्वोपरि है*,

*कुंडा-बाबागंज की पहचान विकास, विश्वास और जनसेवा है*,

*जनता का प्यार ही राजा भैया परिवार की सबसे बड़ी पूंजी है*,

*सेवा, समर्पण और संघर्ष की मिसाल है जनसत्ता परिवार*,

*जनसेवा के प्रति यही समर्पण राजा भैया को अन्य नेताओं से अलग बनाता है*,

*रत्नेश कुमार शुक्ल/ पत्रकार तेज इंडिया लाइव न्यूज़*,

Jeetu dehati : *ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ*

*भारत नेशन न्यूज़ लखनऊ से राज बहादुर*

*मोहर्रम को लेकर अलर्ट मोड में लखनऊ पुलिस, एसीपी मध्य के नेतृत्व में मदेयगंज क्षेत्र में पैदल गश्त*

*मोहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए लखनऊ पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। एसीपी मध्य अंकित कुमार के नेतृत्व में थाना मदेयगंज प्रभारी अंजनी कुमार सिंह एवं पुलिस टीम ने खदरा क्षेत्र में व्यापक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों ने प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थलों और गार वाली करबला का निरीक्षण किया तथा मोहर्रम के आयोजनों को लेकर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। अधिकारियों ने आयोजकों एवं स्थानीय लोगों से संवाद कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।*

Jeetu dehati : कमेंटेटर प्रेम कुमार की रिपोर्ट,,,, वैभव सूर्यवंशी नें बनाया वर्ल्ड रिकार्ड🌹🌹🌹🌹, भारत के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने लिस्ट-ए (List-A) क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी (अर्धशतक) बनाने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। उन्होंने श्रीलंका में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए श्रीलंका-ए के खिलाफ यह कारनामा किया है। 

वैभव सूर्यवंशी की इस ऐतिहासिक पारी के मुख्य आकर्षण और रिकॉर्ड्स निम्नलिखित हैं:

गेंदों का रिकॉर्ड: वैभव ने मात्र 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने अपनी इस पारी में एक भी सिंगल नहीं लिया और फिफ्टी तक पहुँचने के लिए सीधे बाउंड्रीज (चौकों और छक्कों) का इस्तेमाल किया। 

तोड़ा गया रिकॉर्ड: इस पारी के साथ उन्होंने श्रीलंका के कौशल्या वीरारत्ने द्वारा 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने के लगभग 20 साल पुराने वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ दिया। 

कुल स्कोर: वह अपने शतक से महज 6 रन दूर रह गए और उन्होंने 29 गेंदों में 94 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल थे। 

मैच का नतीजा: उनकी और अनुकूल राय की शानदार बल्लेबाजी की मदद से भारत-ए ने 50 ओवर में 377 रन बनाए और श्रीलंका-ए को 66 रनों से हराकर ट्राई-सीरीज जीत ली।,,

Jeetu dehati : Top News 

1. कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता स्विट्जरलैंड के जिनेवा में जारी है इसी बीच ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है है कि वह लेबनान में अपने प्रोक्सी को इसराइल पर हमले करने से तुरंत रोके नहीं तो हम उसे पर फिर से वैसे ही हमला करेंगे जैसा पिछले हफ्ते किया था IRGC कमांडर्स का कहना है कि लेबनान पर बात किए बिना कोई समझौता नहीं होगा जबकि जिनेवा में ईरानी नेता कतर में फंसे पड़े अपने 6 बिलीयन डॉलर्स को रिलीज करना चाहते है जल्द से जल्द इसलिए वह शांति वार्ता को पटरी से हटाना नहीं चाहता इस शांति दस्तावेज पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance के दस्तखत हो जाने के बाद 60 दिनों तक नेगोशिएशंस चलेंगे उसके बाद फाइनल ड्राफ्ट बनाकर सामने आएगा और शांति की 14 शर्तें जिन पर बात होनी है उनके अलग अलग एग्रीमेंट पर सहमति बनेगी।

2. आज शांति वार्ता के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जी एडवांस में कहा कि आई लव पाकिस्तान उनकी भूमिका इस समझौता में बड़ी है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ भी जिनेवा में है और भारत के महा धुरंधर विदेश मंत्री प्रधानमंत्री सहित बड़का नेता लोग सिर्फ देख रहे हैं 

3. आज भारत में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सरकारी धूमधाम के साथ पूरे देश भर में मनाया गया विदेश में भी कई जगह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने की खबरें हैं नरेंद्र मोदी ने बंगाल में योग किया और कहा की 75 की उम्र में 50 जैसा देखना है तो योग ही वह रास्ता है 

4. देश में नेता आपका वोट किसी भी पार्टी को बेंच देता है बंगाल के बाद अब दूसरा मामला महाराष्ट्र का है जहां शिव सेना UBT के 6 सांसद अब औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अपना पत्र सौंप दिया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि यह प्रक्रिया अब मात्र औपचारिकता रह गई है और अगले सप्ताह के अंदर ही पूरी हो सकती है। इस दल-बदल के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की ताकत बढ़कर 13 हो जाएगी। महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में यह बदलाव कई समीकरणों को उलट-पुलट कर देगा। शिंदे की शिवसेना की संख्या कांग्रेस के बराबर (13) पहुंच जाएगी, जबकि भाजपा की सीटें घटकर मात्र 9 रह जाएंगी और वह राज्य में तीसरे स्थान पर खिसक जाएगी राजनीतिक पंडितों का मानना है कि शिंदे जल्द ही केंद्र में एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री की पद की मांग करेंगे

5. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान को यह महसूस हुआ कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा। पाकिस्तानी समाचार चैनल से बातचीत में आसिफ ने कहा कि पानी पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है। यदि भारत की ओर से सिंधु नदी प्रणाली के जल प्रवाह को रोकने या बदलने की कोशिश की गई तो इसे गंभीर खतरे के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस क्षण हमें लगेगा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है और पानी भी उसका हिस्सा है, हम भारत के खिलाफ युद्ध करने से नहीं हिचकेंगे।

6. अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में SIT ने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को जांच पूरी होने तक अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए। ये निर्देश एसआईटी ने लखनऊ रवाना होने से पहले दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों और जांच से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ सहित रोजाना की जांच रिपोर्ट डिजिटल रूप में सुरक्षित की जा रही हैं। रिपोर्ट को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने से पहले अंतिम रूप दिया जाएगा। एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट रोजाना मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज रही है, वहीं विपक्ष FIR दर्ज नहीं होने को लेकर हमलावर है और इस मामले में लीपापोती का आरोप लगा रहा है 

7. पहलगाम में पिछले साल हुए दुस्साहसिक आतंकी हमले की जांच में NIA की ओर से दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि सीमा पार से आए ड्रोन पकड़ में आए बिना कश्मीर के बारामूला जिले तक हथियार और गोला-बारूद गिराने में कामयाब रहे। NIA की विस्तृत जांच में उन आतंकवादियों की हमले से पहले की गतिविधियों का पता चला है, जिन्होंने पिछले साल अप्रैल में पहलगाम के मशहूर बैसरन घास के मैदानों में हमला किया था। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी , NIA ने मैनुअल इंटेलिजेंस की कमी, सुरक्षा में चूक और तैयारियों की कमी का भी हवाला दिया।

8. 22 जून को देश के कई हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा प्रेस रिलीज में यह जानकारी सामने आई है। पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत, पश्चिमी तट और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी भी जारी की गई है। इसे लेकर लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

9. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत-नेपाल सीमा विवाद को लेकर अपने पहले दिए गए बयान पर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नेपाल सीमा विवाद सुलझाने के लिए ब्रिटेन की मध्यस्थता नहीं चाहता और यह मामला भारत के साथ सीधे बातचीत के जरिए हल किया जाएगा।

10. अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के आरोपों वाले मामले में दाखिल जनहित याचिका (पीआईएल) पर सोमवार (22 जून) को सुनवाई संभावित है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से कराने की मांग की गई

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Jeetu dehati

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