आयोजन . पांच दिवसीय अनुष्ठान के दौरान भक्तिमय रहा माहौल:चूनापुर मंदिर में शिव परिवार की प्राण-प्रतिष्ठा पूरी
भास्कर न्यूज| पूर्णिया मुंबई स्थित होटल में शनिवार को को आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडो-सर्जन्स (आईएजीईएस) एवं एंडोस्कोपिक एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जन्स ऑफ एशिया( एलसा )के संयुक्त राष्ट्रीय सम्मेलन में पूर्णिया के डॉ. तारकेश्वर कुमार को एक साथ तीन प्रतिष्ठित फैलोशिप से सम्मानित किया गया हैं। यह सम्मान आईएजीईएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रदान किया गया। डॉ. तारकेश्वर कुमार वर्तमान में जीएमसीएच में सीनियर रेजिडेंट सह सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। सम्मेलन के दौरान उन्हें फ्लेक्सिबल एंडोस्कोपी में उन्नत प्रशिक्षण, एडवांस लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी एवं एडवांस लैप्रोस्कोपिक कोलोरेक्टल सर्जरी में बेहतर कार्य करने को लेकर सम्मानित किया गया। डॉ. तारकेश्वर कुमार ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने मार्गदर्शकों, सहकर्मियों एवं जीएमसीएच पूर्णिया को दिया तथा भविष्य में भी आधुनिक, सुरक्षित एवं उच्च गुणवत्ता वाली सर्जिकल सेवा प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। डॉ. तारकेश्वर को एक साथ तीन सम्मान मिलने पर जीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार, उपाधीक्षक डॉ. भरत कुमार व डॉ. दीनबंधु प्रसाद, डॉ. कनिष्क कुणाल, आईएमए अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार एवं अन्य चिकित्सकों ने बधाई दी है। भास्कर न्यूज| पूर्णिया महाशिवरात्रि के अवसर पर चूनापुर गांव स्थित श्री श्री 108 सत्यनारायण सुभद्राधाम सार्वजनिक शिव परिवार मंदिर में पांच दिवसीय महानुष्ठान के साथ विधिवत प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुआ। विद्वान आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग सहित समस्त देवी-देवताओं की प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बुधवार को अंग प्रायश्चित हवन के साथ अनुष्ठान प्रारंभ किया गया। गुरुवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई थी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर वातावरण को शिवमय बना दिया। शुक्रवार को गंधाधिवास तथा शनिवार को शिवलिंग सहित माता पार्वती, गणेश भगवान, कार्तिकेय महाराज, संतोषी माता, सरस्वती माता, हनुमान जी एवं परशुराम भगवान सहित सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण कराया गया। रविवार को विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक अनुष्ठान के उपरांत अचल प्राण प्रतिष्ठा एवं अमृत स्नान का कार्यक्रम संपन्न हुआ। ज्ञात हो कि चूनापुर गांव में लाखों की लागत से इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है। आकर्षक स्थापत्य एवं मनोहारी सजावट के कारण मंदिर राहगीरों का भी ध्यान आकर्षित कर रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। पांच दिवसीय अनुष्ठान के दौरान आसपास का वातावरण पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत रहा। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि 11 फरवरी को अंग प्रायश्चित हवन के साथ अनुष्ठान की शुरुआत हुई थी। 12 फरवरी को कलश यात्रा, पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश एवं पूजन, 13 फरवरी को देव स्नान एवं जलाधिवास, 14 फरवरी को गंधाधिवास, शय्याधिवास, चक्षु दान एवं नगर भ्रमण तथा 15 फरवरी यानी महाशिवरात्रि के दिन अचल प्राण प्रतिष्ठा एवं अमृत स्नान का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। महायज्ञ में वैदिक आचार्य पं. चन्द्रनाथ मिश्र ‘लड्डू बाबू’ एवं पं. ताराकांत झा बनगांव के दिशा-निर्देशन में समस्त वैदिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न कराए गए। आयोजन के दौरान प्रतिदिन रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भंडारा का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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