आज सुबह का 100 मुख्य समाचार पत्र जन राजनीतिक सलाहकार कौशिक और अन्य भारतीय बाजार पर

🔴मध्य प्रदेश के यंग कपल ऋषभ राजपूत और सोनाली चौकसे 11 साल के लंबे रिश्ते के बाद शादी के बंधन में बंधे, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरें वायरल होने के बाद दूल्हे के सांवले रंग को लेकर ट्रोलिंग शुरू हो गई कुछ लोगों ने दुल्हन की पसंद पर सवाल उठाए और बातों को सरकारी नौकरी या पैसों से जोड़ने की कोशिश की, इस रंगभेदी सोच पर ऋषभ ने बेहद शालीन और मजबूत जवाब दिया उन्होंने लिखा कि वे सरकारी नौकरी नहीं करते बल्कि अपने परिवार के बिज़नेस में काम करते हैं, सोनाली ने उनसे उस समय प्यार किया था जब उनके पास कुछ भी नहीं था, कॉलेज के दिनों से लेकर आज तक सोनाली हर अच्छे-बुरे वक्त में साथ रहीं ऋषभ ने कहा कि लोगों की नेगेटिव राय उनके लिए मायने नहीं रखती, वे रंगभेद का सामना जीवन भर करते आए हैं और उन्हें पता है कि उनका रंग सांवला है, लेकिन अपनी पत्नी की नज़र में वे सबसे अच्छा पति बनने की कोशिश कर रहे हैं उन्होंने ट्रोलिंग के बीच भी अपने रिश्ते और प्यार की परिपक्वता से सभी का दिल जीत लिया😊💞🥰🩷

Dec 3, 2025 - 07:01
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आज सुबह का 100 मुख्य समाचार पत्र जन राजनीतिक सलाहकार कौशिक और अन्य भारतीय बाजार पर
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TRN LIVE: *हिमाचल: चंद्र कुमार बोले- लावारिस पशुओं के समाधान के लिए पंचायतों में होंगे सम्मेलन*

*उन्होंने कहा कि जन भागीदारी के बिना बेसहारा गोवंश की समस्या का समाधान असंभव है। आने वाले समय में इस विषय पर सरकार दस से 15 पंचायतों का एक सम्मेलन करेगी*

पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा है कि वोट प्रधान लावारिस छोड़े जाने वाले पशुओं के मालिकों को जुर्माना नहीं लगाते हैं। इससे आज यह समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जन भागीदारी के बिना बेसहारा गोवंश की समस्या का समाधान असंभव है। आने वाले समय में इस विषय पर सरकार दस से 15 पंचायतों का एक सम्मेलन करेगी, जिसमें विश्वविद्यालय, पशु चिकित्सक और पशुपालक, टीकाकरण की सफलता और समस्याओं पर चर्चा करेंगे। शुक्रवार को सदन में प्राइवेट मेंबर्स डे पर भाजपा विधायक सुखराम चौधरी के लाए संकल्प प्रस्ताव पर भाजपा के 8 और कांग्रेस के एक विधायक इस प्रस्ताव के समर्थन में बोले। इस संकल्प को बाद में वापस ले लिया गया। इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अपने जवाब में चंद्र कुमार ने कहा कि यह समस्या लोगों की ओर से खुद खड़ी की गई है।

गोसदन बनाते रहना और जंगलों में बाड़े बनाना समस्या का समाधान नहीं हो सकता। राज्य में कुल 260 गोसदन हैं, जिनमें 15 गोसदन सरकारी क्षेत्र में तथा 245 निजी क्षेत्र में कार्यशील हैं। इनमें वर्तमान में 21,360 गोवंश को आश्रय प्रदान किया गया है। विपक्ष का यह कहना गलत है कि डेढ़ लाख गोवंश गोसदनों में है। लावारिस गोवंश की समस्या के निदान के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। पंजीकृत गोसदनों के संचालन के लिए अभी तक 71,92,18,484 रुपये व्यय किये जा चुके हैं। प्रदेश में 6 गोसदनों का निर्माण करवाया जा रहा है, जिनका निर्माण कार्य पूर्ण होते ही सड़कों पर घूम रहे गोवंश को चरणबद्ध तरीके से आश्रय प्रदान किया जाना है। पंजीकृत पशुओं को छोड़ने वाले पशुपालकों पर प्रथम अपराध के लिए 500 रुपये और द्वित्तीय और बाद के अपराध पर 700 रुपये जुर्माना का प्रावधान है।

*सरकार बनाए सख्ती नीति*

इस विषय पर भाजपा विधायक रीना कश्यप ने कहा कि लावारिस पशुओं का मामला काफी संवेदनशील है और सरकार को सख्त नीति बनानी चाहिए। भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल पशु पशुओं के इलाज की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। नाचन से भाजपा विधायक विनोद कुमार ने कहा कि सरकार को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस गोसदनों का निर्माण करना चाहिए। बिलासपुर से भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि हिमाचल में प्रवेश करने वाले वाहनों की भी चेकिंग होनी चाहिए। जोगिंद्रनगर से विधायक प्रकाश राणा, नूरपुर से विधायक रणवीर सिंह निक्का, पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी, बैजनाथ से कांग्रेस विधायक किशोरी लाल और भरमौर से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने भी लावारिश पशुओं की समस्या उठाई।

TRN LIVE: *हिमाचल स्पेशल एजुकेटर सहित 270 पद भरेगा चयन आयोग, ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित*

*राज्य चयन आयोग, हमीरपुर ने विभिन्न श्रेणियों के 270 पदों की सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।*

हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर ने विभिन्न श्रेणियों के 270 पदों की सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयन आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि अभ्यर्थी ऑनलाइन भर्ती आवेदन(ओआरए) जमा करने की आखिरी तारीखों के दौरान भीड़ से बचने के लिए काफी पहले ऑनलाइन आवेदन कर दें। चयन आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी ऑफलाइन भर्ती आवेदन फार्म स्वीकार नहीं करेगा। अभ्यर्थी पदों की विस्तृत जानकारी , योग्यता की शर्तें, चयन का तरीका सहित दूसरी शर्तें व दिशा-निर्देश चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://hprca.hp.gov.in. पर देख सकते हैं।

*यहां जानिए ऑनलाइन आवेदन भरने की तिथि*

ऑनलाइन आवेदन 4 दिसंबर, 2025 (सुबह 10:00 बजे) से 8 जनवरी, 2026 रात 11:59 बजे तक भरा जा सकता है। उसके बाद वेबसाइट लिंक डिसेबल कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को ओआरए भरने से पहले दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। फीस जमा होने पर ओआरए जमा करने की आखिरी तारीख से तीन कार्य दिवसों के बाद सात दिनों के लिए सुधार विंडो खोली जाएगी।

पदों के लिए ये रहेगी आयु सीमा

ऑनलाइन आवेदनपत्र की डाउनलोड की हुई कॉपी, जरूरी मूल प्रमाणपत्र और स्व प्रमाणित फोटोकॉपी के साथ दस्तावेज सत्यापन के समय या जब भी आयोग अभ्यर्थी की पात्रता पता करने के लिए कहे, तो जमा करने के लिए लानी होगी। इन पदों के लिए आयुसीमा से 18 और 45 साल है और इसे 1 जनवरी, 2025 के हिसाब से गिना जाएगा। प्रदेश के रहने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों और प्रदेश सरकार के कर्मचारियों और एक्स-सर्विसमैन के लिए अधिकतम उम्र की सीामा में में पांच साल तक की छूट दी जाएगी।

*इन पदों को भरा जाएगा*

राज्य स्कूल निदेशालय के तहत पोस्ट कोड(25022) में नियमित आधार पर स्पेशल एजुकेटर (प्री प्राइमरी से पांचवीं कक्षा) के 108 पद, पोस्ट कोड 25023 में स्पेशल एजुकेटर (छठी से आठवीं कक्षा) के 83 पद भरे जाएंगे। इसी तरह स्कूल निदेशालय में पोस्ट कोड 25024 के तहत जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के जॉब ट्रेनी के तौर पर 78 पद भरे जाएंगे। तकनीकी शिक्षा , वोकेशनल और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग विभाग में स्टेनो टाइपिस्ट का एक पद भरा जाएगा। इसके अलावा साइंटिफिक असिस्टेंट (डिजिटल फोरेंसिक) का एक पद सीधी भर्ती से भरा जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 3 दिसंबर 2025 (सुबह 10:00 बजे) से 7 जनवरी 2026 को रात 11:59 बजे तक भरा जा सकता है। 

*ऐसे होगा चयन*

आयोग की ओर से निर्धारित कंप्यूटर आधारित टेस्ट/ 120 नंबर का लिखित स्क्रीनिंग टेस्ट (डेढ़ घंटे) की अवधि का होगा। ऑब्जेक्टिव टाइप स्क्रीनिंग टेस्ट में 120 बहु विकल्पीय प्रश्न होंगे। हर सवाल 1 नंबर का होगा। परीक्षा के सिलेबस में विज्ञापन में बताई गई जरूरी योग्यता के लेवल तक के सब्जेक्ट/फील्ड के 85 सवाल होंगे। इसके अलावा 35 सवाल हिमाचल का सामान्य ज्ञान, समसामयिक मामले सहित 10वीं कक्षा के स्तर की रोजाना का साइंस, लॉजिकल रीजनिंग, सोशल साइंस,सामान्य इंग्लिश और हिंदी से संबंधित होंगे।

*ये रहेगा आवेदन शुल्क*

सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क के तौर पर 100 रुपये और प्रोसेसिंग फीस के तौर पर 700 रुपये देने होंगे। सुधार शुल्क जमा करने की आखिरी तारीख से तीन कार्य दिवसों के बाद सात दिनों के लिए सुधार विंडो का लिंक खोला जाएगा। उम्मीदवार क्रेडिट कार्ड,डेबिट कार्ड,नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करके ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जरूरी फीस जमा कर सकते हैं। एग्जाम और दूसरी प्रोसेसिंग फीस के भुगतान का कोई और तरीका नहीं होगा।

TRN LIVE: *नया मैप जारी, भारत का 61 फीसदी हिस्सा भूकंप के हाई रिस्क में, कभी भी डोल सकती है धरती* 

पूरा हिमालयन क्षेत्र सबसे खतरनाक जोन-6 में शामिल

भारत ने कई दशकों बाद अपना सबसे बड़ा भूकंप खतरा नक्शा बदल दिया है। नए मानचित्र में पूरा हिमालय क्षेत्र अब सबसे ऊंचे खतरे वाले जोन छह में शामिल कर दिया गया है। पहले यह इलाका जोन चार और पांच में बंटा हुआ था। इस बदलाव के बाद देश का लगभग 61 फीसदी हिस्सा मध्यम से अत्यधिक भूकंप जोखिम वाले क्षेत्रों में आता है। बता दें कि भारत एक ऐसा देश है, जहां भूकंप का खतरा हर कोने में छिपा है। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) ने देश के भूकंप जोन मैप को बदल दिया है।

यह नया मैप बीआईएस 1893 (2025) नामक भूकंप प्रतिरोधी डिजाइन कोड का हिस्सा है। पुराने मैप में भूकंपों के पुराने एपिसेंटर को देखते हुए जोन बनाए गए थे, लेकिन अब यह मैप ज्यादा वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया है। इसमें पूरे हिमालयी क्षेत्र को पहली बार सबसे खतरनाक जोन छह में डाल दिया गया है। इस बदलाव से देश के 61 फीसदी हिस्से को अब मध्यम से उच्च खतरे वाले जोन में रखा गया है। पहले यह आंकड़ा 59 फीसदी था। आसान भाषा में समझें तो सबसे ज्यादा खतरे में ये क्षेत्र हैं, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, अरुणाचल, उत्तर-पूर्व के सारे पहाड़ी राज्य। दिल्ली एनसीआर, गुजरात का कच्छ क्षेत्र, बिहार-नेपाल बॉर्डर। तुलनात्मक रूप से दक्षिण भारत का एक छोटा हिस्सा ही कम खतरे में माना जाएगा। यह खबर सिर्फ पहाड़ वालों के लिए नहीं है। नए डेटा के मुताबिक भारत का 61 फीसदी हिस्सा अब मध्यम से उच्च खतरे वाले जोन में आ गया है।

TRN LIVE: *हिमाचल के 60 स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता, कुल 100 सरकारी स्कूल होंगे अपग्रेड* 

32 सरकारी विद्यालयों का दूसरा चरण भी कंप्लीट, तीन के लिए इंतजार

नए शिक्षा सत्र से सीबीएसई होंगी राज्य की 100 सरकारी पाठशालाएं

हिमाचल में सरकारी स्कूलों को राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड से सीबीएसई में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 29 नवंबर, 2025 तक उपलब्ध डाटा के अनुसार राज्य सरकार ने सीबीएसई पोर्टल पर कुल 100 सरकारी स्कूलों को अपलोड किया है। इनमें से अब तक 60 स्कूलों को एफीलिएशन मिल गई है। इनके लिए एफीलिएशन नंबर जारी हो गया है। शिक्षा विभाग के डाटा के अनुसार 60 सरकारी स्कूल अब सीबीएसई बोर्ड में ट्रांसफर होने की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, जबकि 32 स्कूलों ने दूसरा चरण कंप्लीट कर दिया है। तीन स्कूल अभी दूसरा चरण कंप्लीट नहीं कर पाए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से सभी 100 स्कूलों को सरस 6.0 पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए यह कदम उठाया है। पहले चरण में 100 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई में कन्वर्ट किया जा रहा है।

इसका मुख्य मकसद यह है कि इन स्कूलों को बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी बनाया जा सके। राज्य सरकार इन स्कूलों के लिए अलग कैडर बनाने का विचार कर रही है। इन स्कूलों में भेजे जाने वाले शिक्षकों को फिर ट्रांसफर भी नहीं किया जाएगा। इन स्कूलों में तैनाती के लिए विकल्प लिए जाएंगे और परीक्षा के जरिए यह चयन होगा। विधानसभा का शीतकालीन सत्र पूरा होने के बाद होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस बारे में गाइडलाइन चर्चा के लिए लाई जाएगी। पहले चरण में बेशक 100 स्कूल चयनित हुए हों, लेकिन कई विधायक मुख्यमंत्री से अपने यहां और स्कूल सीबीएसई में लाने की मांग कर रहे हैं। इसलिए राज्य सरकार कुछ और स्कूल भी इसमें जोड़ सकती है। हालांकि राज्य सरकार के लिए भी मुख्य चुनौती इन स्कूलों के लिए शिक्षकों का चुनाव करना है। यह भी देखना होगा की वार्षिक रिजल्ट में स्कूल शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई में क्या अंतर रहता है?

 : *आज भारत पहुंचेगा दितवाह तूफान… दिखने लगा असर, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट* 

तमिलनाडु से हिमाचल तक के मौसम पर पड़ेगा असर, तटीय इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं

फ्लाइट्स कैंसिल, स्कूल कालेज में परीक्षाएं स्थगित

कोलंबो एयरपोर्ट पर 300 भारतीय यात्री फंसे

श्रीलंका में अभी तक 132 लोगों की मौत, 176 लापता

श्रीलंका में साइक्लोन दितवाह ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। श्रीलंका की सरकार के अधिकारियों ने शनिवार को बताया है कि दितवाह की वजह से आई भारी बाढ़ और मिट्टी धंसने से हुई घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढक़र 132 हो गई है। वहीं, 176 लोग अभी भी लापता हैं। ऐसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि अभी कई इलाकों तक राहत कर्मी नहीं पहुंच सके हैं। श्रीलंका में करीब 78,000 से ज्यादा लोग तूफान की वजह से बेघर हो गए हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने हाल ही में पूरे देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। वहीं, भारत की ओर बढ़ रहे साइक्लोन के कारण तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुड्डुचेरी के तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं शुरू हो चुकी है।

इसके चलते तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण 54 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। पुड्डुचेरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने साइक्लोन के कारण शनिवार को छुट्टी घोषित करते हुए सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। पुड्डुचेरी, कराईकल, माहे और यनम में सभी स्कूल और कालेज सोमवार तक बंद रहेंगे। करीब 28 डिजास्टर रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं। चेन्नई की फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण कोलंबो एयरपोर्ट पर लगभग 300 भारतीय यात्री पिछले तीन दिनों से फंसे हुए हैं। ये सभी दुबई से श्रीलंका के रास्ते भारत आने वाले थे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि साइक्लोन दितवाह 30 नवंबर को तमिलनाडु-पुडुचेरी के तट से टकराएगा। इसके कारण राज्यभर में भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, आंध्र और पुड्डुचेरी में बाढ़ आ सकती है। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा है। इन इलाकों में अचानक सैलाब आ सकता है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु में दो दिन के लिए रेट और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, आंध्र प्रदेश के लिए भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। केरल, पश्चिम बंगाल, हिमाचल और पंजाब के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

 : *मुरझाई जमीन को फिर मिलेंगी सांसें, खत्म होगा सूखा, राहत का पैगाम लेकर आया मौसम* 

 बरसात में पानी में तैरने के बाद हिमाचल में सर्दियां सूखी होती जा रही हैं। बारिश के इंतजार में कई किसान अभी तक गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए हैं, जबकि बागबानी भी बिना पानी मुरझा गई है। इसी बीच अब मौसम विभाग से राहत भरी खबर आई है और सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर के पहले हफ्ते ही राहत की फुहारें अंबर से बरस पड़ेंगी। जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में आगामी पांच दिसंबर से तापमान में गिरावट के साथ प्रदेश के ऊंचे इलाकों में हिमपात के आसार हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दिसंबर के पहले हफ्ते में आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीच के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश या हिमपात हो सकता है। आने वाले हफ्ते में सर्दी और ज़्यादा कड़ाके की होगी। चार दिसंबर तक हिमाचल प्रदेश में मौसम सूखा रहेगा, इसके बाद ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा है कि चार दिसंबर को ऊंचे पहाड़ों पर कुछ जगहों और पांच दिसंबर को मध्यम और ऊंचे पहाड़ों दोनों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की के आसार बन रहे हैं।

 And: *रेडिएशन का खतरा, डाटा करप्ट होने की आशंका, A320 विमानों में क्या है दिक्कत* 

भारत सहित दुनिया भर में एयरबस के ए320 परिवार के विमानों के लिए अनिवार्य हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपडेट के आदेश जारी किए गए, जिससे उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। अपडेट न होने से ए320 विमानों में रेडिएशन का खतरा है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि ए319, ए320 और ए321 विमानों के विभिन्न टाइप के विमानों पर अनिवार्य सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर मॉडिफिकेशन किए जाने हैं और बिना मॉडिफिकेशन के कोई भी व्यक्ति विमान को ऑपरेट नहीं करेगा। आदेश में उन टाइप का उल्लेख किया गया है जो इस मॉडिफिकेशन के दायरे में आते हैं। एयर इंडिया के बेड़े में ए320 परिवार के 1

समाचार बुलेटिन सदस्यता

हिमाचल पर्यटन गाइड

इंडिगो के पास 35 और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास 40 विमान ए320 परिवार के हैं। इस प्रकार देश में इस समय ए320 परिवार के कुल 179 विमान परिचालन में हैं। डीजीसीए ने विमान के कंट्रोल से संबंधित घटना के बाद यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) के निर्देश के बाद यह आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद देश में बड़ी संख्या में ए320 विमानों के परिचालन से बाहर हो जाने से उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने कहा है कि ईएएसए और एयरबस के निर्देश के आलोक में उसके इंजीनियर चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और 40 प्रतिशत प्रभावित विमानों में संबंधित मॉडिफिकेशन कर दिए गए हैं। उसने विश्वास जताया है कि इस कारण कोई भी उड़ान रद्द नहीं करनी पड़ेगी, हालांकि कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है। उसने यात्रियों को अपनी उड़ान स्थिति के बारे में वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर पर फोन करने की सलाह दी है।

क्या है विमानों में दिक्कत

ए320 विमानों में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपडेट होना। यह राडार सिस्टम से संबंधित है। यानी कि राडार सिस्टम को अपडेट किया जाएगा। क्योंकि ए320 विमानों सोलर रेडिएशन का खतरा है। रेडिएशन से विमानों का डाटा करप्ट हो सकता है। यही नहीं, इससे उड़ानों में भी दिक्कत आती है। इसी कारण इन्हें अपडेट किया जा रहा है।

क्या कहता है एयर इंडिया

एयर इंडिया समूह की किफायती विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया है कि उसके अधिकतर विमान इस निर्देश से प्रभावित नहीं हुए हैं, लेकिन दुनिया भर में एयरलाइंसों पर प्रभाव पड़ा है और उड़ानों में देरी हो रही है या उड़ानें रद्द हो रही हैं। उसने भी यात्रियों को उड़ान स्थिति जानने के लिए वेबसाइट, चैटबॉट या मोबाइल ऐप पर जाने की सलाह दी है और असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। ईएएसए ने जेटब्लू की उड़ान 1230 में 30 अक्तूबर को हुई घटना के बाद यह आदेश दिया है। कानकुन से नेवार्क जा रहे विमान में उड़ान के दौरान विमान अचानक काबू से बाहर हो गया, जिससे 15 यात्री घायल हो गए। पायलट ने बताया कि विमान के कंट्रोल उस तरह से काम नहीं कर रहे थे जैसे करने चाहिए।

TRN LIVE: *विनय कुमार आज संभालेंगे हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यभार* 

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार आज संभालेंगे कार्यभार

शिमला राजीव भवन में पदभार ग्रहण समारोह में सभी दिग्गज नेता करेंगे शिरकत

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन ने अपने नए प्रदेशाध्यक्ष के स्वागत समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 30 नवंबर रविवार को होने वाले इस समारोह में अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रदेश मामलों की प्रभारी सांसद रजनी पाटिल, मुख्यमंत्री, निवर्तमान अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, सह-प्रभारी चेतन चौहान, विदित चौधरी, मंत्री मंडल के सभी सदस्य, सभी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस के सभी विधायक, बोर्डों निगमों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता अग्रणी संगठनों के पदाधिकारी और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता इस स्वागत समारोह में शामिल होंगे।

प्रदेश के नवनियुक्त अध्यक्ष विनय कुमार रह रविवार दोपहर बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अपना नया पदभार ग्रहण करेंगे। निवर्तमान अध्यक्ष पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह सहित पार्टी के सभी नेता स्वागत समारोह में विनय कुमार को इस पद पर आसीन करेंगे। नए अध्यक्ष का कांग्रेस कार्यकर्ता परवाणू से शिमला तक स्वागत करेंगे।

डिप्टी सीएम शिमला पहुंचे

बेटी की शादी के कारण विधानसभा सत्र में नहीं आ पाए उपमुख्यमंत्री शनिवार रात को शिमला पहुंच गए हैं। वह नए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की ताजपोशी में शामिल होंगे। रविवार को वह धर्मशाला पहुंच सकते हैं।

सीएम दिल्ली जाकर शिमला पहुंचे, आज धर्मशाला जाएंगे

मुख्यमंत्री शनिवार को दिल्ली जाकर शिमला पहुंच गए हैं। पिछले एक सप्ताह में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के निगमों और बोर्डों में कई नियुक्तियां की हैं। अभी और नियुक्तियां हो सकती हैं। मुख्यमंत्री रविवार दोपहर धर्मशाला रवाना हो जाएंगे, क्योंकि सोमवार सुबह चिट्टे के खिलाफ वॉकथॉन का आयोजन धर्मशाला में है।

तैयारियों का लिया जायजा

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, कांग्रेस एससी एसटी विभाग के अध्यक्ष अमित नंदा, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष छतर सिंह, राज्य सहकारी बैंक निदेशक मंडल के सदस्य हरिकृष्ण हिमराल, परिवहन निगम के निदेशक मंडल के सदस्य धर्मेंद्र धामी, प्रदीप सूर्या, जितेंद्र चौधरी, यशपाल तनाइक, विवेक गौतम, राजेश शेकटु, वेद प्रकाश व चंद्र मोहन सहित पार्टी के कई अन्य नेताओं ने तैयारियों का जायजा लिया।

 AndBike: *हिमाचल में कुत्तों का आतंक : 3 साल में तीन लाख से ज्यादा को काटा, 11 की मौत* 

जिला कांगड़ा में सबसे ज्यादा 54649 मामले

हिमाचल में तीन साल की अवधि में कुत्तों के काटने के लाखों मामले दर्ज किए गए हैं। तीन साल की अवधि में 31 अक्तूबर तक प्रदेश में डॉग बाइट के तीन लाख, 26 हजार, 170 मामले दर्ज हुए हैं। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में डॉग बाइट के 54 हजार से अधिक केस देखने में आए। चिंता की बात है कि लाइलाज रेबीज से 11 संदिग्ध मौतों के मामले हैं। हालांकि इनमें से बहुुत सी संदिग्ध मौतें हैं। ये आंकड़े हिमाचल विधानसभा के विंटर सेशन में सामने आए हैं। गगरेट के कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने राज्य में तीन साल की अवधि में रेबीज से मौतों का ब्यौरा पूछा था। इस सवाल का जवाब स्वास्थ्य मंत्री की तरफ से दिया गया।

सरकार की तरफ से दिए गए जवाब में बताया गया कि इस अवधि में रेबीज से प्रयोगशाला प्रमाणित कोई मौत नहीं हुई है। आगे बताया गया कि यद्यपि इस दौरान रेबीज से 11 संदिग्ध डेथ हुई हैं। इनमें कांगड़ा जिला में रेबीज से संदिग्ध मौत के छह, शिमला में तीन व हमीरपुर तथा सिरमौर में एक-एक मौत दर्ज की गई। हालांकि ये प्रयोगशाला प्रमाणित रेबीज से मौतें नहीं हैं। डॉग बाइट को लेकर जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में 54,649, बिलासपुर में 15801, चंबा में 26246, हमीरपुर में 16976, किन्नौर में 5236, कुल्लू में 24522, लाहुल-स्पीति में 3608, मंडी में 25072, शिमला में 52695, सिरमौर में 26794, सोलन में 43447 व ऊना में 31124 डॉग बाइट के केस दर्ज किए गए। यहां जिक्र करना जरूरी है कि हिमाचल प्रदेश के ही महामारी विशेषज्ञ डा. ओमेश भारती ने रेबीज की रोकथाम का सबसे सस्ता उपाय खोज निकाला है। इसके लिए डा. ओमेश भारती को पदमश्री से सम्मानित किया गया है।

TRN LIVE: *पुलिस-डाक्टरों का तालमेल दूर करेगा चिट्टा, पुलिस टीम ने TMC का दौरा कर दिया सीएम का संदेश* 

पुलिस और डाक्टरों के बीच बेहतर तालमेल से ही चिट्टे की बुराई दूर होगी। यह बात डीजीपी हिमाचल प्रदेश अशोक तिवारी ने टांडा मेडिकल कालेज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताई। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, आईपीएस, डा. आकृति शर्मा, कमांडेंट फस्र्ट बटालियन तथा डा. तरुणा कमल, आईपीएस प्रोबेशर भी मौजूद थे। टीम का उद्देश्य मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का यह संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचाना था कि वे चिट्टा-मुक्त हिमाचल बनाने के लिए उनके जन-आंदोलन में सक्रिय रूप से जुड़ें। कार्यक्रम की मेजबानी कालेज के प्राचार्य डा. मिलाप शर्मा ने अतिरिक्त निदेशक, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों के साथ मिलकर की। डीजीपी ने स्नातक, स्नातकोत्तर और नर्सिंग विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें चिट्टा-नियंत्रण अभियान का हिस्सा बनने का आग्रह किया।

कम्पीटीशन रिव्यू पत्रिका

श्री तिवारी ने कहा कि चिट्टा जैसी भयावह समस्या से निपटने के लिए पुलिस और चिकित्सा समुदाय का मजबूत तालमेल बेहद आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि नशा-निवारण सिर्फ कानून लागू करने का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी एक महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है, जिसमें डाक्टरों की भूमिका अत्यंत निर्णायक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशा-ग्रस्त व्यक्तियों की पहचान, परामर्श और पुनर्वास में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। डीजीपी ने विद्यार्थियों ने पहली दिसंबर को सुबह 9:30 बजे दाड़ी ग्राउंड धर्मशाला से शुरू होने वाली एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन में बढ़-चढक़र हिस्सा लेने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिमाचल के युवाओं की संगठित आवाज है।दौरे का समापन विद्यार्थियों और फैकल्टी की इस सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि वह मुख्यमंत्री के विजऩ को आगे बढ़ाते हुए चिट्टा-मुक्त हिमाचल के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

TRN LIVE: *अंब पुलिस थाना प्रदेश भर में अव्वल-गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय सर्वे रिपोर्ट में मिली जगह* 

 उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी बेहतरीन थानों की सूची में ऊना जिला का अंब थाना प्रदेश भर में प्रथम स्थान पर रहा है। पिछले एक वर्ष में अंब थाना टीम की उत्कृष्ट कार्यशैली, त्वरित पुलिस प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता ने उसे यह राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाई है। गृह मंत्रालय द्वारा थाना अंब को पूरे प्रदेश में अव्वल की उपाधि से नवाजे जाने पर अंब मुख्यालय में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। अंब पुलिस थाना में तैनात पुलिस कर्मियों ने अपराध की रोकथाम, जांच, निस्तारण, अपराध की पहचान, सामुदायिक पुलिसिंग, कानून एवं व्यवस्था बनाई है। पुलिस कर्मियों ने समयबद्ध केसिज का निपटारा कर लोगों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका अदा की है। वहीं क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाया है। अंब पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और पिछले एक साल में कुल 23578 वाहनों के चालान काटे हैं, जिनमें बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 12384 चालान ओवर स्पीड पर 3348 चालान, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 109 चालान काटे गए हैं। इसके अलावा थाना में आने वाली अन्य शिकायतों को भी समयबद्ध निपटारा किया गया है। वहीं कई मामलों में लोगों की काउंसिलिंग कर आपसी समझौते करवाए गए, जिससे कई परिवार टूटने से बचे हैं। उधर, अंब थाना के प्रभारी रूप सिंह ने कहा कि अंब पुलिस थाना में तैनात सभी पुलिस कर्मी कानून व्यवस्था बनाने में अपनी भूमिका बढिय़ा तरीके से निभा रहे हैं।

सर्वश्रेष्ठ महिला पुलिस थाना का अवार्ड

वर्ष 2025 में ही हिमाचल दिवस के दिन महिला पुलिस थाना ऊना को प्रदेश भर में सर्वश्रेष्ठ महिला पुलिस थाना के अवार्ड से सम्मानित किया गया था। अब अंब थाना प्रदेश भर में पहले स्थान पर रहा है। एसपी ऊना अमित यादव ने अंब थाना के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए इसे मेहनत, अनुशासन और बेहतर टीम वर्क का परिणाम बताया।

TRN LIVE: *दिल्ली में ‘जहरीली’ हवा का कहर जारी, 15 दिन से नहीं टूटा दमघोंटू धुंध का सिलसिला* 

 एक्यूआई ‘बहुत खराब’

हिमाचल प्रदेश समाचार

दिल्ली में शनिवार को वायु गुणवत्ता लगातार 15वें दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार सुबह 7 बजे शहर का एक्यूआई 338 दर्ज किया गया, जो शुक्रवार के 385 की तुलना में थोड़ी बेहतर स्थिति दर्शाता है। हालांकि, नवंबर महीने में राजधानी में लंबे समय तक उच्च स्तर का प्रदूषण देखा गया है, जिससे लोगों की सांस लेने की स्थिति प्रभावित रही।

शुक्रवार को शहर का औसत एक्यूआई 369 था, जो यह दर्शाता है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार कई दिनों से गंभीर स्थिति में है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले सप्ताह भी हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं होगा और राजधानी में ‘बहुत खराब’ श्रेणी जारी रह सकती है। ऐसे हालातों में लोगों को मास्क पहनने, बाहरी गतिविधियों को कम करने और प्रदूषण से बचाव के अन्य उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।

मन की बात कार्यक्रम से जागरूक करें पीएम मोदी

पूर्व आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने एक्स पर प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि वह इस मामले में उनके हस्तक्षेप की उम्मीद कर रही हैं। उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध किया कि वे अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में दिल्ली के प्रदूषण पर बात करें और पूरे देश को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की नेतृत्व क्षमता अपने कार्यकाल में कई बार देखी है।

TRN LIVE: *राज्य चयन आयोग ने खोला नौकरियों का पिटारा, इस डेट से शुरू होंगे आवेदन* 

स्पेशल एजुकेटर सहित भरेगा 270 पद, सीधी भर्ती के लिए युवाओं से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

चार दिसंबर से चार श्रेणियों के लिए अप्लाई कर सकेंगे इच्छुक युवा

राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने एक बार फिर से नौकरियों का पिटारा खोल दिया है। प्रदेश के युवा चार श्रेणियों के 270 पदों की सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। राज्य चयन आयोग की वेबसाइट चार दिसंबर से ओपन की जाएगी। ऐसे में युवा आठ जनवरी, 2026 को रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय के तहत नियमित आधार पर स्पेशल एजुकेटर (प्री प्राइमरी से पांचवी कक्षा) के 108 पद और स्पेशल एजुकेटर (छठी से आठवीं कक्षा) के 83 पद भरे जाएंगे।

इसी तरह स्कूल शिक्षा निदेशालय के तहत जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के जॉब ट्रेनी के तौर पर 78 पद भरे जाएंगे। तकनीकि शिक्षा वोकेशनल और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग विभाग में स्टेनो टाइपिस्ट का एक पद भरा जाएगा। सभी श्रेणी के युवाओं को परीक्षा शुल्क के तौर पर 100 रुपए और प्रोसेसिंग फीस के तौर पर 700 रुपए देने होंगे। इन पदों के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष रखी गई है। इसे पहली जनवरी, 2025 के हिसाब से गिना जाएगा। इसके अलावा अन्य वर्गों के लिए अधिकतम उम्र की सीमा में पांच वर्ष की छूट दी जाएगी। ओआरए जमा करने की आखिरी तारीख से तीन कार्य दिवसों के बाद सात दिनों के लिए सुधार विंडो खोली जाएगी।

नियमित आधार पर 108, जॉब टे्रनी के भरे जाएंगे 78 पद

स्कूल शिक्षा निदेशालय के तहत नियमित आधार पर स्पेशल एजुकेटर (प्री प्राइमरी से पांचवी कक्षा) (पोस्ट कोड 25022) के 108 पद भरे जाएंगे। इसमें सामान्य वर्ग के 41 पद, ईडब्ल्यूएस के 14, डब्ल्यूएफएफ का एक, ओबीसी (सामान्य) के 17 पद, बीपीएल के चार, एससी (सामान्य) के 21, डब्ल्यूएफएफ का एक और एसटी (सामान्य) के चार व बीपीएल का एक पद भरा जाएगा। स्पेशल एजुकेटर (छठी से आठवीं कक्षा)(पोस्ट कोड 25023) के 83 पद भरे जाएंगे। इनमें सामान्य वर्ग के 31 पद, ईडब्ल्यूएस के 10, डब्ल्यूएफएफ का एक, ओबीसी (सामान्य) के 14, बीपीएल के तीन, एससी (सामान्य) के 16, बीपीएल के तीन पद, डब्ल्यूएफएफ का एक पद और एसटी (सामान्य) के तीन व बीपीएल का एक पद भरा जाएगा। वहीं, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी)(पोस्ट कोड 25024) के जॉब ट्रेनी के तौर पर 78 पद भरे जाएंगे। इनमें सामान्य वर्ग के 28, ईडब्ल्यूएस के 10 पद, डब्ल्यूएफएफ का एक पद, ओबीसी (सामान्य) के 13, बीपीएल के तीन, एससी (सामान्य) के 15 पद, बीपीएल के तीन पद, डब्ल्यूएफएफ का एक पद और एसटी (सामान्य) के तीन पद व बीपीएल का एक पद भरा जाएगा। तकनीकि शिक्षा वोकेशनल और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग विभाग में स्टेनो टाइपिस्ट (पोस्ट कोड 25025) का एक पद सामान्य श्रेणी से भरा जाएगा।

राज्य चयन आयोग हमीरपुर चार श्रेणियों के 270 पदों को सीधी भर्ती के जरिए भरने जा रहा है। इसके लिए युवाओं से ऑनलाइन फार्म आमंत्रित किए गए हैं। भर्ती के लिए कोई भी ऑफलाइन फार्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। युवा विभिन्न पदों की विस्तृत जानकारी के लिए आयोग

की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं

डा. विक्रम महाजन, सचिव, राज्य चयन आयोग हमीरपुर

TRN LIVE: *सुलझ गई कर्नाटक कांग्रेस की कलह! ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद बोले CM व डिप्टी CM-सब सही है* 

कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे नेतृत्व संकट के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ ब्रेकफास्ट पर बैठक की। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि उनके और शिवकुमार के बीच कोई मतभेद नहीं है और न ही भविष्य में होगा। हम साथ में मिलकर काम करेंगे। हम दोनों पार्टी हाईकमान के फैसले का सम्मान करेंगे। यह बैठक कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर आयोजित की गई थी, जो दोनों नेताओं के बीच बढ़ते तनाव को कम करने का प्रयास था। वहीं डीके शिवकुमार ने कहा कि हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसका पालन करेंगे और कोई ग्रुप नहीं है।

मैं मुख्यमंत्री के साथ हूं, कर्नाटक के विकास को प्राथमिकता देंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद बंगलुरु में एक ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि ब्रेकफास्ट अच्छा था। हमने वहां किसी भी बारे में बात नहीं की। हमने बस ब्रेकफास्ट किया। डीकेएस आज हमारे घर आए…डीकेएस ने मुझे अपने घर बुलाया। कर्नाटक के सीएम ने कहा कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होंगे…हमारा एजेंडा 2028 के चुनाव हैं। लोकल बॉडी चुनाव जरूरी हैं। हमने उन पर चर्चा की। हमने 2028 के चुनावों में कांग्रेस को वापस लाने पर भी चर्चा की। हमने चर्चा की कि हम साथ मिलकर चलेंगे। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि हमने तय किया है कि हाईकमान जो भी कहेगा, हम मानेंगे। कल से कोई कन्फ्यूजन नहीं होगा।

 TRN LIVE: *पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रदेश में आपदा पीडि़तों के लिए 8547 नए घर* 

हिमाचल प्रदेश में हाल ही में बारिश से बाढ़,भूस्खलन और बादल फटने जैसी आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 8,547 अतिरिक्त मकानों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर यह स्वीकृति वर्ष 2025-26 के लिए विशेष परियोजना के रूप में दी गई है। इससे पहले भारत सरकार ने कुछ समय पहले सितंबर माह में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 1,633 नए घरों के निर्माण की मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत हिमाचल प्रदेश में अब कुल 10180 मकानों के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। यह मंजूरी विशेष परियोजना के तहत दी गई है।

आवास प्लस ऐप में अपलोड करें नाम

प्रभावित परिवारों के नाम आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे, ताकि वे स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल न होने पर भी लाभ पा सकें। केंद्र ने राज्य को निर्देश दिया है कि लाभार्थियों की पहचान पीएम आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाए और आवास प्लस 2024 ऐप के जरिए उनके विवरण अपलोड किए जाएं।

एक महीने में पूरी करें कार्रवाई

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुनिश्चित करे कि लाभार्थियों की पहचान पीएमएवाई-जी के दिशा-निर्देशों के अनुसार विशेष परियोजना के लिए की जाती है और पात्र लाभार्थियों की पहचान और विवरण अपलोड करने का काम आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से पूरा किया जाता है। आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से पात्र परिवारों की प्रविष्टियां करने और प्रारंभिक समय-सीमा अर्थात लक्ष्य के आवंटन की तारीख से एक महीने के भीतर पीएमएवाई-जी के तहत घरों को मंजूरी देने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

एक महीने में पूरी करें सभी प्रविष्टियां

निर्माण कार्य प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की वित्तीय और तकनीकी प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाएगा और सभी अपडेट पोर्टल में दर्ज किए जाएंगे। केंद्र ने राज्य से कहा है कि लक्ष्य आबंटन की तिथि से एक महीने के भीतर सभी प्रविष्टियां पूरी कर ली जाएं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के आदेश के अनुसार यह मंजूरी वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दी गई है। प्रभावित परिवारों के नाम आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे।

आवास प्लस 2024 विंडो खोलने की मंजूरी

ग्रामीण विकास मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पीएमएवाई-जी की विशेष परियोजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु कुल 10180 से अधिक घरों के अतिरिक्त लक्ष्य को आबंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। राज्य को उन पात्र प्रभावित परिवारों का विवरण प्राप्त करने की अनुमति देने के लिए आवास प्लस 2024 विंडो खोलने की मंजूरी दी गई है।

TRNLIVE: *Solan News: अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी बाइक, एक युवक की मौत* 

सोलन के गंभर पुल क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। यहां एक बाइक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की आवाज सुनते ही स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया और युवक को खाई से बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

TRN LIVE: *Chitta: रोहड़ूृ में चिट्टे की ओवरडोज से युवक की मौत* 

शिमला जिला के रोहड़ू उपमंडल में चिट्टा की ओवरडोज से युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार युवक को गंभीर हालत में रोहड़ू अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक को अस्पताल पहुंचाने वाले परिजनों ने बताया कि युवक कुछ समय से नशे की चपेट में था और उसकी सेहत अचानक बिगडऩे पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके। रोहडू पुलिस ने मामले में धारा 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की है। युवक का नाम पुलिस ने गोपनीय रखा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि मौत चिट्टा ओवरडोज की वजह से हो सकती है। हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। युवक के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।

TRN LIVE: *मुख्य सचिव ने सर्दी की तैयारियों का लिया जायजा, विभागों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश* 

हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने धर्मशाला में सर्दियों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सभी प्रशासनिक सचिव, विभागीय प्रमुख और उपायुक्त शामिल हुए। उन्होंने अधिकारियों को सर्दी के मौसम में होने वाली बर्फबारी और बारिश से पहले पूरे इंतजाम करने के निर्देश दिए। संजय गुप्ता ने संबंधित विभागों को भारी बर्फबारी के दौरान लोगों को परेशानी से बचाने के लिए खास जगहों पर बर्फ हटाने वाली मशीनरी तैनात करने के लिए हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला प्रशासनों से इस दौरान असरदार समन्वय सुनिश्चित करने के लिए विभाग-वार नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा। ये अधिकारी सर्दियों से जुड़ी सभी गतिविधियों की देखरेख और प्रबंध को जिम्मेदार होंगे।

मुख्य सचिव ने तेजी से कार्रवाई करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभागों को हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) द्वारा जारी गाइडलाइंस को लागू करना होगा ताकि जान-माल को होने वाले खतरों से बचाया जा सके। उन्होंने मौसम की एडवाइजरी, चेतावनियों और पूर्वानुमान को असरदार तरीके से प्रसारित करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा, “चेतावनी के सिग्नल साफ, समय पर और आसानी से समझ में आने वाले होने चाहिए।”

TRN LIVE: *हिमाचल: 250 आबादी वाले 294 गांवों को सड़क से जोड़ने की तैयारी, पीएमजीएसवाई में होगा निर्माण*

*पहले 294 सड़कों का निर्माण होना है। प्रदेश सरकार पहले 98 गांवों को सड़क से जोड़ेगी। यह काम पूरा होने के बाद अगली सड़कों का निर्माण होगा।*

हिमाचल प्रदेश में पीएमजीएसवाई का चौथा चरण जनवरी से शुरू होगा। इसके तहत पहले 294 सड़कों का निर्माण होना है। *प्रदेश सरकार पहले 98 गांवों को सड़क से जोड़ेगी। यह काम पूरा होने के बाद अगली सड़कों का निर्माण होगा।*

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत प्रदेश की हर बस्ती को 2029 तक सड़क से जोड़ने का लक्ष्य है। इस समय प्रदेश में ढाई सौ की आबादी वाली बस्तियों को सड़क सुविधा दी जा रही है। इसके बाद कम आबादी वाली बस्तियों को सड़क से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार केंद्र सरकार से आग्रह करेगी।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने चरण चार के तहत 294 सड़कों के लिए 2271 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इन सड़कों की मॉनीटरिंग मंत्रालय करेगा। हिमाचल सरकार को निर्माण के लिए धनराशि तीन चरणों में मिलनी है। जैसे-जैसे काम बढ़ेगा, केंद्र से किस्तें जारी होंगी। प्रदेश में इस समय 280 सड़कें गिफ्ट डीड और फॉरेस्ट क्लीयरेंस के कारण अटकी हैं। सरकार ने उपायुक्तों को इन मामलों को शीघ्र सुलझाने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और चरण चार में बड़ी संख्या में बस्तियां सड़क नेटवर्क से जुड़ जाएंगी।

TRN LIVE: *5.71 लाख हिमाचलियों को अब नहीं मिलेगा सस्ता राशन, केंद्र ने NFSA मेें चयन को बनाए नए मानदंड* 

केंद्र ने एनएफएसए मेें चयन को बनाए नए मानदंड, सिर्फ पात्रों को ही मिलेगा लाभ

हिमाचल भर के डिपुओं में सस्ता राशन ले रहे अंत्योदय, बीपीएल और पीएचएच के पांच लाख 71 हजार राशन कार्ड धारक नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (एनएफएसए) की श्रेणी से बाहर हो जाएंगे। दरअसल केंद्र सरकार की ओर से एनफएसए की श्रेणी में चयन के लिए जो मानदंड तय किए गए हैं, उनमें वही लोग सस्ते राशन के हकदार होंगे, जो वास्तव में डिजर्ब करते हैं। केंद्र की ओर से प्रदेश के इन राशन कार्डों की आई डिटेल का आजकल पंचायत संचिवों द्वारा मिलान कार्य चला हुआ है। बता दें कि प्रदेश में कुल साढ़े 19 लाख के करीब राशन कार्ड धारक हैं। इनमें से साढ़े सात लाख के करीब एनएफएसए की श्रेणी में आते हैं, इनमें से पांच लाख 71 हजार राशन कार्ड धारक भी अब एपीएल की श्रेणी में आ जाएंगे। केंद्र सरकार के इस फरमान से इन 5.71 लाख राशन कार्ड धारकों को, तो झटका लगा ही है, साथ ही 5200 डिपो संचालकों की परेशानी भी बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। दरअसल एनएफएसए के इन कार्ड धारकों के बाहर होते ही डिपो संचालकों के कमीशन में भी भारी कटौती हो जाएगी।

दरअसल, एनएफएसए के राशन पर डिपो धारकों को 143 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन मिल रहा था, जबकि एपीएल व एपीएलटी के राशन कार्डों पर उन्हें मात्र चार प्रतिशत कमीशन मिलता है। पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे इन डिपो धारकों की मुसीबत और गहरा जाएगी। बता दें कि डिपो संचालक पिछले कई वर्षों से प्रदेश सरकारों से उनके लिए प्रतिमाह 20 हजार मासिक वेतन की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने से पूर्व हमीरपुर के टाउन हाल में हुए प्रदेशस्तर के एक बड़े आयोजन में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने वादा किया था कि यदि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनेगी, तो सभी डिपो धारकों की मांगें पूरी होंगी, लेकिन तीन साल में भी इस दिशा में कोई कदम नहीं बढ़ाया गया। बता दें कि बहुत से डिपो धारकों ने दुकानें किराए पर ले रखी हैं। बिजली बिल समेत तमाम खर्चे वे खुद उठाते हैं। अब केंद्र सरकार का यह फरमान उनकी मुश्किलें और बढ़ाएगा।

एनएफएसए के 85 फीसदी कार्ड की श्रेणी बदलेगी

डिपो संचालक समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि के अनुसार केंद्र ने एनएफएसए की श्रेणी में चयन के लिए जो नए मानदंड अपनाए हैं, उनके चलते प्रदेश के इस श्रेणी के करीब 85 फीसदी राशन कार्डों की श्रेणी बदल जाएगी। इससे निजी डिपो धारकों व सहकारी सभाओं के कमीशन में भारी कटौती होगी और निजी डिपो धारकों व सहकारी सभाओं को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। सरकार को चुनावों से पहले किए गए वादे पूरे करने चाहिए।

TRN LIVE: *रेरा चयन समिति से हटेंगे चीफ जस्टिस, आज आएगा संशोधन बिल, मुख्य सचिव या वरिष्ठ सचिव नॉमिनेट कर सकेगी सरकार* 

हिमाचल सरकार रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में अध्यक्ष और मेंबर्स की चयन के लिए बनाई जाने वाली सिलेक्शन कमेटी में बदलाव करने जा रही है। इसमें अब हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की जगह मुख्य सचिव को कमेटी के अध्यक्ष के रूप में रखा जा रहा है। यदि मुख्य सचिव खुद आवेदक होंगे, तो राज्य सरकार किसी सीनियर मोस्ट अधिकारी को नॉमिनेट कर सकेगी। एक और संशोधन कार्यकाल की अवधि में भी किया जा रहा है। अब अधिकतम कार्यकाल 65 वर्ष या चार साल की अवधि तक होगा। भू संपदा विनयमन और विकास अधिनियम-2016 के मुताबिक सिलेक्शन कमेटी में हिमाचल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अध्यक्ष थे, जबकि हाउसिंग के सेके्रटरी और लॉ सेक्र्रेटरी इसमें मेंबर थे। इसी कमेटी के सामने कुछ महीने पूर्व रेरा चेयरमैन को लेकर आवेदन गए थे, जिसमें पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना भी एक आवेदक थे।

दिल्ली में चल रहे एक मामले के कारण इनका नाम रिजेक्ट हो गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर काम कर रहे आरडी धीमान को रेरा में नियुक्त किया था, जिनका नाम सिलेक्शन कमेटी से आया था। अब रेरा की सिलेक्शन कमेटी में बदलाव किया जा रहा है। इस बारे में एक संशोधन विधेयक सोमवार को विधानसभा में रखा जा रहा है। इसे सदन में नगर एवं ग्राम योजना मंत्री राजेश धर्माणी रखेंगे। पारित करने के लिए इसे बाद में लगाया जाएगा। वैसे भी शीतकालीन सत्र पांच दिसंबर तक है।

कर्मचारी एक्ट में एक और बदलाव

राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तें विधायक 2025 शीतकालीन सत्र में रखने के लिए लाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री सुक्खू इसे सदन में रखेंगे। इसके तहत पिछले साल पारित किए गए एक्ट में एक संशोधन किया जा रहा है। इसमें प्रावधान था कि भर्ती नियमों में बदलाव के लिए पहले आपत्तियां एवं सुझाव लेने होंगे। अब इस प्रावधान को हटाया जा रहा है। किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए यह कदम उठाए जा रहा है।

TRN LIVE: *संसद में एसआईआर पर आज से हंगामा, सर्वदलीय बैठक में उठा मुद्दा, कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष ने दिखाए तीखे तेवर* 

सोमवार से शुरु हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसमें पक्ष और विपक्ष के सभी बड़े नेता शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक संसद को सुचारू रूप से चलाने और विपक्ष को भरोसे में लेने और सहयोग के लिए बुलाई गई थी। बैठक में सत्र में चर्चा के लिए आने वाले बिलों और मुद्दों की जानकारी सभी दलों के नेताओं को दी गई। बैठक के दौरान एसआईआर का मुद्दा हावी रहा। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि अब वोट की चोरी नहीं, बल्कि डकैती हो रही है। विपक्ष इसे मुद्दे पर सरकार को घेरने ने कोई कसर नहीं छोड़ेगा। यह मुद्दा तो संसद सत्र में उठेगा, आतंकवाद का मुद्दा भी। केंद्र सरकार की विदेश नीति का भी मुद्दा उठाया जाएगा। कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने इस मामले को एसआईआर के मुद्दे को अग्रेसीवली उठाया। समाजवादी पार्टी ने कहा कि यदि शीतकालीन सत्र के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा नहीं हुई, तो वह संसद नहीं चलने देगी।

सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि सरकार एसआईआर पर चर्चा करने से नहीं कतरा सकती, क्योंकि यह चुनाव आयोग द्वारा किया जा रहा है। बैठक के बाद यह तय है कि आने वाले सत्र में जमकर हंगामा देखने को मिल सकता है। सर्वदलीय बैठक में नेता सदन राज्यसभा जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल, एल मुरुगन, जेडीयू से संजय झा, कांग्रेस से प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, डेरेक ओ ब्रायन, कल्याण बनर्जी, मनोज झा, राम गोपाल यादव, सुशील गुप्ता बीजद से सस्मित पात्रा, अपना दल से अनुप्रिया पटेल मौजूद रहीं। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम विपक्षी पार्टियों की बात सुनेंगे। यह विंटर सेशन है, हम उम्मीद करते हैं कि सब लोग ठंडे दिमाग से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे। पार्लियामेंट में एक सार्थक चर्चा होगी, कोई डिस्टर्बेंस नहीं होगा। अगर हम ठंडे दिमाग से काम करेंगे, तो यह देश के लिए फायदेमंद होगा और पार्लियामेंट सेशन आसानी से चलेगा। एसआईआर के मुद्दे पर रिजिजू ने कहा कि मैं यह नहीं कह सकता कि हम चर्चा के लिए कौन से मुद्दे लाएंगे। इलेक्शन कमीशन अपना काम करता है। मैं इलेक्शन कमीशन का स्पोक्सपर्सन नहीं हूं। बैठक के बाद यह तय है कि आने वाले सत्र में जमकर हंगामा देखने को मिल सकता है।

19 दिन का होगा संसद का शीतकालीन सत्र

संसद का शीतकालीन सत्र पहली दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाला है। 19 दिन में पूरे सत्र के दौरान 15 बैठकें होंगी। मोदी सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा के लिए 14 विधेयकों को पेश करने के लिए लिस्ट तैयार की है। केंद्र और विपक्ष के बीच इन विधेयकों सहित कई मुद्दों पर हंगामा छिडऩे के पूरे आसार हैं।

TRN LIVE: *सरकार रिपीट करना कांंग्रेस पार्टी का लक्ष्य, नए प्रदेशाध्यक्ष ने कार्यभार संभालते ही तय की प्राथमिकता* 

नए प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने कार्यभार संभालते ही तय की प्राथमिकता, एजेंडा भी बताया

मृत प्राय: संगठन में जान फूंकने की चुनौतियों के बीच कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने कार्यभार संभालते ही अपने लक्ष्य और एजेंडा स्पष्ट कर दिया और कहा है कि सरकार को रिपीट करना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। रविवार को रेणुका से विधायक एवं विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष विनय कुमार ने पार्टी कार्यालय दीपकमल में पदभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान कार्यक्रम में हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, विधानसभा स्पीकर कुलदीप पठानिया, अधिकांश मंत्री एवं विधायक मौजूद थे। ढोल नगाड़ों की धुन और लोकनृत्य के बीच कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। सीएम सुक्खू, डिप्टी सीएम और पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कार्यक्रम और पूजा अर्चना के बाद विनय कुमार को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाया। विनय कुमार ने कहा है कि प्रदेश में जल्द ही संगठन एक नए स्वरूप में दिखेगा। इसमें वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन, ऊर्जावान कर्मठ युवा कार्यकर्ताओं, महिलाओं को महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी। बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत किया जाएगा। अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए विनय कुमार ने कहा कि 50 साल बाद सिरमौर जिला को प्रदेश कांग्रेस की कमान मिली है। इससे पूर्व यह सम्मान प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हिमाचल निर्माता स्वर्गीय डाक्टर यशवंत सिंह परमार को मिला था।

उन्होंने इसके लिए केंद्रीय आलाकमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, रजनी पाटिल सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पार्टी के सभी नेताओं, निवर्तमान अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो उम्मीद और अपेक्षा उनसे पार्टी ने रखी है, उसे वह हर हाल में पूरा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय प्रेम सिंह श्री रेणुका जी का छह बार प्रतिनिधित्व किया। अब वह भी विधायक के तौर पर इस क्षेत्र की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सहित मंच पर बैठे वरिष्ठ नेताओं से बहुत कुछ सीखा है। वह कांग्रेस पार्टी के सच्चे सिपाही हैं। उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि वह सबको साथ लेकर, सरकार और संगठन के साथ साथ आम लोगों के बीच एक कड़ी का काम करेंगे। विनय कुमार ने कहा कि वह आम कार्यकर्ता की आवाज बनना चाहते हैं। दो से तीन माह में कार्यकारिणी का गठन और बूथ स्तर तक तैनाती पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रतिभा सिंह की बात का मान सम्मान होगा और महिलाओं को संगठन में तवज्जो दी जाएगी। 11 दिसंबर की रैली की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह साल काम का और अगला चुनाव का है। लक्ष्य 2027 में दोबारा सरकार बनाना है। अभी से चुनाव की तैयारी शुरू करेंगे। इसके लिए मुझे सरकार और विधानसभा अध्यक्ष से भी सहयोग मिलना चाहिए।

सरकार और संगठन मेें और बेहतर होगा तालमेल

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के निवर्तमान अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का तीन वर्ष का कार्यकाल बहुत अच्छा रहा और अब पार्टी ने विनय कुमार को पार्टी की कमान सौंपी है। पार्टी के सभी नेता एकजुट हैं और तालमेल के साथ कार्य कर रहे हैं और यह तालमेल आगे और मजबूत होगा।

TRN LIVE: *हिमाचल में कोहरे का यलो अलर्ट, सुबह-शाम प्रचंड ठंड ने जकड़े लोग, चार दिसंबर से बारिश-बर्फबारी के आसार* 

चार दिसंबर से बारिश-बर्फबारी के आसार, सुबह-शाम प्रचंड ठंड ने जकड़े लोग

हिमाचल प्रदेश में ठंड बढ़ रही है। कई पर्वतीय क्षेत्रों में पारा शून्य से नीचे चला गया है। निचले इलाकों में कोहरा पड़ रहा है। शनिवार रात को भी प्रदेश के सभी जिलों में तापमान नौ डिग्री से कम रहा। इसी बीच, मौसम विभाग ने प्रदेश के निचले क्षेत्रों में दो दिसंबर तक घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। तीन दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा, लेकिन चार और पांच को बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। उधर, मैदानी इलाकों में घने कोहरे के चलते कालका से सभी ट्रेनें देरी से शिमला पहुंचीं। शिमला समेत पूरे प्रदेश में रविवार को मौसम साफ रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से उच्च और मध्य पर्वतीय आठ जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहुल-स्पीति में मौसम बदलने का पूर्वानुमान है। चार दिसंबर को उच्च पर्वतीय इलाकों और पांच दिसंबर को मध्य और उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना है। इस दौरान तापमान और गिरने के आसार हैं। दो दिसंबर तक भाखड़ा डैम (बिलासपुर) के जलाशय क्षेत्र और बल्ह घाटी (मंडी) के कुछ हिस्सों में सुबह एवं रात के समय घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट है। ठंड बढऩे के साथ ही उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है।

प्रदेश में कहां, कितना तापमान दर्ज

कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 4.8, कल्पा में 0.4, सेऊबाग में 0.5, मनाली में 1.9, शिमला-धर्मशाला में 7.0, सुंदरनगर में 3.2, भुंतर में 1.0, ऊना में 6.7, कांगड़ा में 5.3, मंडी में 4.6, बिलासपुर में 6.5, हमीरपुर में 4.6, नारकंडा में 5.6, बरठीं में 3.3, कसौली में 8.4 और सराहन में 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

TRN LIVE: *विधानसभा सत्र… आज फिर बढ़ेगा तपोवन का तापमान, दो दिन बाद फिर आएगी सियासी गर्माहट* 

दो दिन बाद धौलाधार की वादियों में फिर आएगी सियासी गर्माहट

धर्मशाला के तपोवन में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की चौथी बैठक सोमवार को दोपहर दो बजे शुरू होगी। दो दिन के ब्रेक के बाद अब सोमवार से शुक्रवार तक लगातार पांच बैठकें होंगी, जिनमें जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी। उधर, सोमवार को होने वाली बैठक में कई विधायी मुद्दे, अधिसूचनाएं, आपदा प्रबंधन और जनहित के विषयों पर गहन चर्चा होगी। बैठक प्रश्नकाल से आरंभ होगी, जहां विधायक तारांकित व अतारांकित प्रश्न पूछेंगे और मंत्री जवाब देंगे। उसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सप्ताह की शासकीय कार्यसूची पर वक्तव्य देंगे, जिसमें विधेयक व प्रस्तावों की रूपरेखा स्पष्ट होगी। कल्याण समिति की मुख्यमंत्री शगुन योजना व अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम की रिपोर्ट तथा मानव विकास समिति की स्वास्थ्य विभाग संवीक्षण रिपोर्ट भी पटल पर होगी। नियम 62 के तहत टांडा मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों व सुविधाओं की कमी पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव उठेगा।

ट्रांसफर पॉलिसी पर सवाल

ट्रांसफर मानक, मापदंड, नियम व आपसी सहमति की व्यवस्था पर स्पष्टता मांगी जाएगी। चंबा आपदा में मणिमहेश यात्रा पर फंसे यात्रियों की संख्या, राहत, बसों, हेलिकॉप्टरों व अन्य व्यय का ब्यौरा सरकार देगी।

आरक्षण नीति पर चर्चा

नगर निगम चुनावों में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा गरमाएगा आगामी नगर निगम चुनावों में ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने पर सरकार की नीति क्या होगी, इस विषय पर भी सदन में सोमवार को गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है। विधानसभा सत्र सरकार के कामकाज, जनहित के मुद्दों, आपदा प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र जैसे संवेदनशील विषयों पर केंद्रित रहेगा।

विद्युत नियामक आयोग की अधिसूचनाओं पर होगी चर्चा

विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 182 के तहत हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की अधिसूचनाएं पटल पर रखी जाएंगी। इनमें विद्युत आपूर्ति संहिता (छठां संशोधन), संसाधन पर्याप्तता विनियम, विचलन निपटान विनियम शामिल हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाएंगे। एसजेवीएन लिमिटेड का 2024-25 वार्षिक प्रतिवेदन कंपनी अधिनियम 2013 के अनुच्छेद 394 (2) के तहत पेश होगा।

TRN LIVE: *आत्मनिर्भर बनने की राह पर दौड़ रहा हिमाचल, सीएम बोले, भाजपा ने की लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश* 

सीएम सुक्खू बोले; भाजपा ने लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की, लोगों ने दिया मुंहतोड़ जवाब

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि डेढ़ वर्ष पूर्व भाजपा ने लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन प्रदेश की जनता ने भाजपा को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। प्रदेश में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है और हर वर्ग और क्षेत्र का समान विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री सुक्खू की उपस्थिति में शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस पार्टी के नव नियुक्त अध्यक्ष विनय कुमार ने कार्यभार ग्रहण किया।

नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष को बधाई

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में संगठन को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज से कांग्रेस पार्टी में नए युग की शुरूआत हुई है और युवा पीढ़ी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभाली है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही संगठन में नई कार्यकारिणी का गठन होगा। नई टीम की कांग्रेस पार्टी को पुन: सत्ता में लाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी।

प्रदेश सरकार नए अध्यक्ष के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विनय कुमार तीन बार के विधायक और कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े व्यक्ति हैं। हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और सभी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद नए अध्यक्ष की नियुक्ति की है।

TRN LIVE: *भाजपा का महाप्रदर्शन : जोरावर स्टेडियम या पुलिस ग्राउंड में, रैली स्थल को लेकर प्रशासन-पार्टी में तकरार की आशंका* 

भारतीय जनता पार्टी भाजपा की चार दिसंबर को होने वाली महा रैली व विधानसभा घेराव के स्थान को लेकर विवाद खड़ा होने की आशंका है। भाजपा ने अपनी रैली के लिए जोरावर स्टेडियम को निर्धारित किया है और इसमें हजारों लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पार्टी पूरे प्रदेश भर में जोर-शोर से प्रचार कर रही है। हालांकि स्थानीय प्रशासन के रुख से यह स्पष्ट हो रहा है कि रैली स्थल को बदलने की तैयारी चल रही है, जिससे पार्टी और प्रशासन के बीच तकरार पैदा हो सकती है। इस संबंध में एसडीएम धर्मशाला ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि रैली में लोगों की संख्या 5000 से अधिक होती है, तो रैली स्थल को जोरावर स्टेडियम के बजाय पुलिस ग्राउंड में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस निर्णय का आधार सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन माना जा रहा है। यह ध्यान देने योग्य है कि जिला प्रशासन ने पहले भी पेंशनर्स की विरोध रैली को जोरावर स्टेडियम से पुलिस ग्राउंड में स्थानांतरित कर दिया था।

हालांकि अपना विरोध जताने प्रदेश भर से धर्मशाला पहुंचे पेंशनरों ने पुलिस ग्राउंड से जोरावर स्टेडियम पहुंचकर भी अपना विरोध जताया था। उन्होंने विधानसभा तपोवन सडक़ पर चक्का जाम भी कर दिया था। एक तरफ भाजपा ने अपने प्रचार में रैली स्थल के रूप में जोरावर स्टेडियम का नाम ही प्रमुखता से इस्तेमाल किया है और प्रदेश भर से हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों को इसी स्थान पर आने के लिए प्रेरित किया है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन भीड़ को देखते हुए इसे पुलिस ग्राउंड में बदलने की तैयारी में है। ऐसी स्थिति के बीच अगर अंतिम समय में रैली स्थल बदला जाता हैए तो इससे न केवल भाजपा के प्रचार अभियान पर असर पड़ेगा, बल्कि हजारों की संख्या में आने वाले लोगों के बीच भ्रम और असुविधा की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। यह स्थिति अब भाजपा के आयोजकों और जिला प्रशासन के बीच संभावित वार्ता और अंतिम निर्णय पर निर्भर करती है।

अंदर-बाहर होगी तकरार

विधानसभा घेराव को अन्य संगठनों की तरह ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान कर दिया है । ऐसे में आने वाले दिनों में अब विधानसभा के अंदर और बाहर सभी जगह तारों की गूंज सुनाई देने वाली है।

ओबीसी वर्ग भी धरना-प्रदर्शन की तैयारी में

भाजपा की रैली से पहले ओबीसी का विरोध प्रदर्शन भी होगा। अपनी मांगों को लेकर ओबीसी समुदाय के लोगों ने भी तीन दिसंबर को विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। इसके लिए विभिन्न स्थानों से ओबीसी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में धर्मशाला पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि ओबीसी समुदाय इससे पहले भी दो बड़े आयोजन कर चुका है।

TRN LIVE: *प्रदूषण की रिपोर्ट में देरी पर अधिकारी तलब, एसडीएम ने दिखाई सख्ती, जांच कमेटी को एक हफ्ते का दिया था समय* 

पंजाब सीमा के साथ लगते जिला ऊना के पांच गांवों में जहां जहरीली गैस की समस्या से सैकड़ों मासूमों की जिंदगी दाव पर लगी हुई है, तो दूसरी तरफ प्रदूषण बोर्ड अपने कत्र्तव्य को पूरा न कर प्रशासन को रिपोर्ट देने में अठखेलियां खेल रहा है। एसडीएम ऊना ने सख्त जांच-पड़ताल के बाद प्रदूषण बोर्ड को सात नवंबर, 2025 को निर्देश जारी किए थे कि एक सप्ताह के भीतर 14 नवंबर को जहरीली गैस मामले के साथ क्षेत्र की वायु, जल व भूमि के प्रदूषण की रिपोर्ट तैयार कर सौंपने को कहा था, परंतु एक सप्ताह की जगह तीन सप्ताह का समय व्यतीत हो चुका है और दो बार बोर्ड के जिम्मेदारों को रिमाइंडर किया जा चुका है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट एसडीएम के पास नहीं पहुंची है। प्रदूषण बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों की इस लापरवाही को देखकर एसडीएस ऊना ने सख्त नाजारगी व्यक्त करते हुए विभाग के अधिकारियों को कार्यालय में तलब किया है।

बता दें कि ऊना के पांच गांव अजोली, सनोली, मजारा, मलूकपुर और बीनेवाल में 30 अक्तूबर, 2025 की रात पंजाब के उद्योग से जहरीली गैस लीक होने से सैकड़ों लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया था। जहरीली गैस का प्रभाव इतना ज्यादा था कि तीन बच्चे बेहोश हो गए थे। जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पंजाब के उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पांच विभागों की एक जांच कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी में अधिशाषी अभियंता प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कार्यकारी अभियंता जल शक्ति विभाग, खंड चिकित्सा अधिकारी बसदेहड़ा, जीएम डीआईसी ऊना और नायब तहसीलदार मैहतपुर बसदेहड़ा को समिति में शामिल है।

प्रदूषण की रिपोर्ट के आधार पर ही होगी डीसी रोपड़ से मीटिंग

बता दें कि प्रदूषण बोर्ड की ओर से एसडीएम ऊना को सौंपे जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही जांच कमेटी पंजाब के डीसी रोपड़ सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों से बात करेगी, लेकिन रिपोर्ट न मिलने पर एसडीएम भी जांच कमेटी को आगे की कार्रवाई के लिए आदेश नहीं जारी कर पा रहे हैं।

TRN LIVE: *पाक के इशारे पर देश को फिर दहलाने की साजिश का पर्दाफाश* 

पाक में गैंगस्टर शहजाद भट्ट के इशारे पर कर रहे थे काम

पंजाब, यूपी और एमपी से पकड़े गए हैं तीनों आतंकी

दिल्ली बम ब्लास्ट की जांच के बीच दिल्ली पुलिस के स्पेशल सैल ने एक और टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। स्पेशल सैल के हत्थे इस मॉड्यूल से जुड़े तीन लोग लगे हैं और इसका सरगना एक पाकिस्तानी नागरिक शहजाद भट्ट निकला, जो अपने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा है। गिरफ्तार तीनों लोगों ने गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के सामने एक हैंड ग्रेनेड फेंका था। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त सीपी, स्पेशल सैल प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया कि दिल्ली पुलिस के स्पेशल सैल ने एक ऐसे मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसका नेतृत्व पाकिस्तानी नागरिक शहज़ाद भट्टी कर रहा था, जो कि एक गैंगस्टर है और वर्तमान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के इशारे पर काम कर रहा है। गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में से एक पंजाब का हरगुनप्रीत सिंह है, दूसरा मध्य प्रदेश के दतिया का विकास प्रजापति है, जबकि तीसरा उत्तर प्रदेश के बिजनौर का आरिफ है। इन्होंने 25 नवंबर को गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के सामने एक हैंड ग्रेनेड फेंका था।

उसने इस हमले को अंजाम दिया था और यही लडक़े उस घटना में शामिल थे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रमोद कुमार कुशवाहा ने बताया कि हमने विकास प्रजापति से 10 जिंदा कारतूसों के साथ एक पिस्तौल बरामद की है। हमने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी बरामद किए हैं, जैसे कि रेकी के वीडियो, चैट्स और वॉयस नोट्स। उनके निशाने पर कई अन्य जगहें थीं, जहां इस समूह ने वीडियोग्राफी, रेकी की थी और उन्हें हैंड ग्रेनेड फेंकना था। शहजाद भट्टी बाहर से निर्देश देता था और सीधे तौर पर, साथ ही अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस समूह को संभाल रहा था और सोशल मीडिया ऐप्स या अपने अन्य संपर्कों के माध्यम से भर्ती किए गए युवा लडक़ों का इस्तेमाल करके आतंकी गतिविधियां चला रहा था। इस समूह के एक या दो और लिंक हैं, जो पंजाब पुलिस के साथ साझा किए जाएंगे और उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

TRN LIVE: *Ind vs Sa : सुरक्षा घेरा तोड़ विराट कोहली से मिलने पहुंचा फैन, छुए पैर* 

भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज कोहली ने रविवार को अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में दमदार शतक लगाया। विराट ने रांची में जैसे ही अपना 52वां वनडे इंटरनेशनल शतक पूरा किया, एक प्रशंसक सुरक्षा घेरा तोडक़र मैदान में घुस आया और सीधे कोहली के पास पहुंच गया। इस दौरान विराट शतक पूरा करने के बाद जश्न मना रहे थे। उन्होंने फैन को पैर छूने से रोका और इतनी देर में सिक्योरिटी पहुंच गई।

विराट कोहली ने मार्को जानसेन की गेंद पर चौका लगाकर अपना शानदार शतक पूरा किया। उन्होंने हवा में कूदकर और अपनी शादी की अंगूठी को चूमकर जश्न मनाना शुरू ही किया था कि एक फैन मैदान के अंदर घुस गया और विराट के पास पहुंच गया। इस दौरान प्रशंसक उनके पैर छूने के लिए घुटनों के बल बैठ गया। उसके बाद सुरक्षाकर्मी फील्ड पर पहुंचे और उस फैन को ग्राउंड से बाहर किया। हालांकि यह सुरक्षा के नजरिए से बड़ी चूक है।

TRN LIVE: *भारत पहुंचते ही प्रचंड हुआ ‘दित्वाह’, तमिलनाडु में भारी बारिश से तीन की मौत, एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट* 

चक्रवाती तूफान ‘दित्वाह’ के प्रभाव से तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है, जबकि वर्षा से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। राज्य सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी। मौसम कार्यालय ने कहा कि अगले 24 घंटों में चक्रवात के राज्य के उत्तरी हिस्सों के तटों और पड़ोसी पुड्डुचेरी के समानांतर बढऩे की संभावना है। तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा जिलों में भारी बारिश के कारण रामनाथपुरम और नागपट्टिनम जिलों में भारी बारिश हुई है। तटीय शहरों रामेश्वरम और नागपट्टिनम में जनजीवन प्रभावित रहा, क्योंकि भारी बारिश के कारण कई निचले इलाके जलमग्न हो गए।

क्षेत्रीय मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात 7 किमी प्रति घंटे की गति से लगभग उत्तर की ओर बढ़ गया है और यह कुड्डालोर से लगभग 100 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व, कराईकल से 100 किमी उत्तर पूर्व, पुडुचेरी से 110 किमी दक्षिण पूर्व, वेदारण्यम से 140 किमी उत्तर पूर्व, पुड्डुचेरी से 160 किमी दक्षिण पूर्व और चेन्नई से 180 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित है। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केके एसएसआर रामचंद्रन ने बताया कि राज्य सरकार ने एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) सहित 38 आपदा प्रतिक्रिया टीम को मुस्तैद रखा है। अन्य राज्यों की 10 और टीमें राहत एवं पुनर्वास कार्य में जुट गईं। उन्होंने बताया कि चक्रवात ‘दित्वाह’ के कारण हुई बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई है। मंत्री ने बताया कि डेल्टा जिलों में 149 मवेशियों की मौत हो गई और 57,000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है।

अगले 24 घंटे में यहां हालात बिगडऩे के आसार

चक्रवात के प्रभाव के कारण, अगले 24 घंटों में कुड्डालोर, नागापट्टिनम, मयिलादुथुराई, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरूर, अरियालुर, पेरम्बलुर, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और रानीपेट जिलों तथा पुड्डुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

TRN LIVE: *आज से खुलेगी जेईई मेन्स की करेक्शन विंडो* 

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से पहली दिसंबर से जेईई मेन्स 2026 सेशन-1 के लिए करेक्शन विंडो को ओपन किया जाएगा। जो उम्मीदवार अपने जेईई मेन्स 2026 एप्लीकेशन फॉर्म में बदलाव करना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कर सकेंगे । जेईई मेन्स 2026 सत्र-1 के लिए आवेदन सुधार विंडो पहली और दो दिसंबर, 2025 को खुली रहेगी। उम्मीदवार किन जानकारियों को नहीं बदल सकते हैं। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, उम्मीदवारों को अपना मोबाइल नंबर, ईमेल पता, स्थायी/वर्तमान पता, आपातकालीन संपर्क जानकारी और तस्वीरें बदलने की अनुमति नहीं है।

इन जानकारियों में कर सकेंगे बदलाव

नाम, माता का नाम, पिता का नाम, कक्षा दसवीं, कक्षा बारहवीं, पैन, लिंग, पीडब्ल्यूडी स्टेटस, सिग्नेचर

13 भाषाओं में होगी परीक्षा

जेईई मेन्स 2026 अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उडिय़ा, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू सहित 13 भाषाओं में आयोजित किया जाएगा। एनटीए जेईई मेन्स 2026 का आयोजन दो सत्रों-जनवरी और अप्रैल में किया जाएगा। जेईई मेन्स 2026 जनवरी परीक्षा अस्थायी रूप से 21 जनवरी से 30 जनवरी, 2026 के बीच आयोजित की जानी है।

ऐसे करें सुधार— जेईई मेन्स 2026 सत्र-1 एप्लीकेशन फॉर्म में सुधार करने के लिए सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपको होम पेज पर दिए गए जेईई मेन्स 2026 जनवरी सत्र एप्लीकेशन करेक्शन लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें। अब अपने एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन कीजिए। इसके बाद करेक्शन फीस को जमा करें। फॉर्म सबमिट कर दीजिए और भविष्य के लिए इसका प्रिंट आउट निकाल लीजिए।

TRN LIVE: *एचपी शिवा परियोजना से छह हजार हेक्टेयर होंगे कवर, 123 सिंचाई योजनाओं को 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य* 

धर्मशाला स्थित उपायुक्त कार्यालय के मीटिंग हॉल में बागबानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में एचपी शिवा परियोजना की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत कुल छह हजार हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य है। वर्तमान में चार हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कार्य प्रगति पर है। वर्तमान चरण में लगभग तीन हजार 200 हेक्टेयर क्षेत्र को 31 दिसंबर, 2025 से पहले कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना के अंतर्गत 142 सिंचाई योजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 123 योजनाओं को दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बागबानी मंत्री ने निर्देश दिए कि सोलर फेंसिंग, ड्रिप इरिगेशन एवं फील्ड प्रिपरेशन के लंबित कार्यों को भी 31 दिसंबर, 2025 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। बैठक में सचिव बागबानी, निदेशक बागबानी, इंजीनियर-इन-चीफ जल शक्ति विभाग, परियोजना निदेशक, संयुक्त निदेशक, मुख्य अभियंता तथा उद्यान एवं जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे। ं

TRN LIVE: *बिलासपुर में क्रिकेट कोच पर छेड़छाड़ के आरोप, नाबालिग खिलाड़ी ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत* 

बिलासपुर में क्रिकेट अकादमी के कोच पर एक नाबालिग छात्रा खिलाड़ी ने छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों का सामना कर रहे कोच के खिलाफ जहां पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कोच को नोटिस जारी किया है। इसके तहत उसे पुलिस जांच में सहयोग करना होगा। इसके साथ ही उसे बिना सूचना के बिलासपुर से बाहर नहीं जाने की हिदायत भी दी गई है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार मंडी की रहने वाली एक क्रिकेट खिलाड़ी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।

नाबालिग छात्रा खिलाड़ी द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार वह बिलासपुर क्रिकेट अकादमी में कोचिंग ले रही है। यहां वह पीजी में रहती है। दो दिन पहले अकादमी के कोच ने उसे बाजार में बुलाया और फिल्म देखने के लिए थियेटर में ले गया। वहां उसने उसके साथ छेड़छाड़ की। डीएसपी हैडक्वार्टर मदन धीमान ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है। नोटिस जारी करके कोच को पुलिस जांच में सहयोग करने और फिलहाल बिना सूचना के बिलासपुर से बाहर नहीं जाने की हिदायत दी गई है।

TRN LIVE: *हिमाचल के 14 शहरों के ट्रांसफॉर्मर होंगे अपग्रेड, प्रदेश विद्युत क्षेत्र विकास कार्यक्रम योजना के तहत 585 करोड़ होंगे खर्च* 

हिमाचल प्रदेश विद्युत क्षेत्र विकास कार्यक्रम योजना के तहत 585 करोड़ होंगे खर्च

प्रदेश के 14 शहरों में बिजली के ट्रांसफॉर्मर अपग्रेड होंगे। हिमाचल की बिजली व्यवस्था में यह मेगा अपग्रेड है। राज्य में 585 करोड़ से एचपीपीएसडीपी (हिमाचल प्रदेश विद्युत क्षेत्र विकास कार्यक्रम) को तेजी मिल गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के 14 प्रमुख शहरों में पुराने और क्षमता-हीन ट्रांसफॉर्मरों को हटाकर 400 से ज्यादा हाई-कैपेसिटी ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। यह कार्य अगले एक साल में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। ट्रांसफॉर्मरों के अपग्रेड के बाद बिजली वितरण प्रणाली मजबूत होगी और बार-बार आने वाली लोड शेडिंग पर लगाम लगेगी।

इसमें फीडर, सब-स्टेशन का भी अपग्रेडेशन शामिल है। 100 से 250 केवी के टांसफार्मर अपग्रेड होंगे। गर्मियों में बढ़ते लोड और सर्दियों में ओवर हीटिंग की वजह से होने वाली बिजली कटौती में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। योजना के तहत स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे किसी भी क्षेत्र में होने वाली खराबी तुरंत पकड़ में आएगी और तकनीकी टीम मौके पर तेजी से पहुंच सकेगी। इससे बिजली कट लगने का समय काफी कम हो जाएगा। विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि अपग्रेड के बाद इन 14 शहरों में लगभग 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

इन शहरों में अपग्रेड होंगे ट्रांसफार्मर

हिमाचल प्रदेश के मंडी, सुंदरगनर, बद्दी, बिलासुपर, हमीरपुर, कुल्लू, मनाली, नाहन, नालागढ़, पांवटा साहब, परवाणू, सोलन, शिमला और ऊना में ट्रांसफार्मर अपग्रेड होंगे। यह प्रदेश के 14 शहर हैं, जहां हिमाचल प्रदेश विद्युत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत कार्य शुरू होगा।

मंडी-सुंदरगनर को 67 करोड़

मंडी और सुंदरगनर शहर में ट्रांसफार्मर अपग्रेड करने को 67 करोड़ से काम होगा। अधिशाषी अभियंता मंडी राजेश ने के अनुसार मंडी में 25 करोड़ से काम शुरू होगा। सुंदरगनगर के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि सुंदरनगर में 42 करोड़ के बजट का प्रावधान हुआ है। बोर्ड के सलाहकार अनुराग पराशर के अनुसार वल्र्ड बैंक द्वारा वित्त पोषित इस योजना में 585 करोड़ में ट्रांसफार अपग्रेड करने के अलावा केबलों को बदलना और अन्य कार्य भी शामिल हैं।

TRN LIVE: *अब प्रदेश कार्यकारिणी बनाने में न हो देरी* 

प्रतिभा बोलीं, हाईकमान के सामने पहले भी कई बार उठाया मुद्दा

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष विनय कुमार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का पद महत्त्वपूर्ण है और विनय कुमार को संगठन की मजबूती के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करना जरूरी है, ताकि आने वाले चुनावों में सफलता मिले। प्रतिभा सिंह ने संगठन के पुनर्गठन में देरी को लेकर कहा कि इसमें उनकी वजह से कोई देरी नहीं हुई है।

पार्टी आला कमान ने विलंब किया है। उन्होंने कहा कि वह हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से संगठन पुनर्गठन को लेकर चर्चा करेंगी और संगठन में सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्थान देने की मांग करेंगी। प्रतिभा सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष से सरकार और संगठन में तालमेल बनाने की उम्मीद जताई है।

60 वर्ष से अधिक आयु वाले नहीं बनेंगे जिला अध्यक्ष

कांग्रेस कार्यालय पहुंचे लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जिला और ब्लॉक संगठन के गठन के लिए दिल्ली से आए पर्यवेक्षकों ने यह मानक तय किया गया है कि 60 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को जिला अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। विनय कुमार के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विनय कुमार एक युवा, मजबूत और तीन बार के विधायक रहे नेता हैं, जिनसे उन्हें बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि विनय कुमार पार्टी को और अधिक मजबूत करेंगे और सरकार व जनता के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। पार्टी की मजबूती ही सभी का लक्ष्य है और जहां भी विनय कुमार सहयोग मांगेंगे, वह उन्हें पूरा समर्थन देंगे।

TRN LIVE: *पात्रों तक पहुंचें केंद्रीय योजनाएं, अनुराग ठाकुर का राज्य सरकार से आग्रह, जरूरतमंदों को मिले राहत* 

पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले मुफ्त व सस्ते राशन में अनियमितता सामने आई है। ऐसे में उन्होंने राज्य सरकार द्वारा इसकी गहन जांच करवाकर अन्य केंद्रीय योजनाओं का भी पात्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। श्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार गरीबों व जरूरतमंदों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, ताकि उन्हें अपने सामान्य जीवन यापन में दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। अब देवभूमि हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त और सस्ते राशन के लाभार्थियों की सूची में अनियमितताएं पाई गई हैं।

केंद्र द्वारा भेजी गई सूची के हिसाब से हिमाचल प्रदेश के कुल 28.24 लाख लाभार्थियों में से करीब 5.32 लाख संदिग्ध श्रेणी में है व कई अपात्र लोग उठा इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। अनुराग ठाकुर ने राज्य सरकार से निवेदन किया है कि देश के संसाधनों व करदाताओं के पैसे का अनादर न हो, इसके लिए इस प्रकरण की गहन जांच करवा कर दोषियों पर कार्रवाई हो। राज्य सरकार सिर्फ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम ही नहीं, बल्कि अन्य कल्याणकारी योजनाएं पात्रों तक पहुंच रही हैं या नहीं, इसकी भी समुचित व्यवस्था करे। सरकार को त्विरित कार्रवाई करते हुए कल्याणकारी शासन में जनता का विश्वास बहाल करना चाहिए।

TRN LIVE: *Himachal में मिशन रिपीट है कांग्रेस का लक्ष्य* 

प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार के कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान बोले उपमुख्यमंत्री

कांगे्रस के नए अध्यक्ष विनय कुमार के ताजपोशी समारोह में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नवनियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन की मिशन रिपीट की ओर बढऩे में महत्त्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को जनता तक लेकर जाएंगे। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एक नए दौर की शुरुआत होने जा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता जोश से साथ उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की नियुक्ति हो गई है। जल्द ही संगठन का पुनर्गठन होगा। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा विनय कुमार रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। कांग्रेस पार्टी ने लंबे मंथन के बाद विनय को इस पद पर नियुक्त किया है।

विनय कुमार के अध्यक्ष बनने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और वह अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। विनय कुमार के नेतृत्व में निश्चित तौर पर एकजुटता से सरकार में वापसी करेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, स्वास्थ्य मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, विधायक, महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्टी सह-प्रभारी विदित चौधरी व चेतन चौहान, सुरेंद्र शर्मा, नरेश चौहान, भवानी सिंह पठानिया, रितेश कपरेट, निगम व बोर्ड के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व विधायक, अग्रणी संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य उपस्थित थे।

रजनी पाटिल बोलीं, सुक्खू ने दी प्रदेश को नई दिशा

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार को पुन: सत्ता में लाने में संगठन की महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि सीएम सुखविंदर सुक्खू ने राज्य को नई दिशा दी है। आज हिमाचल सरकार द्वारा की गई नई पहलों की सराहना की जा रही है।

TRN LIVE: *हिमाचल में बढ़ेगी हरे बादाम की पैदावार* 

बागबानों को उद्यान विभाग अच्छी किस्म के पौधे करवाएगा उपलब्ध, मौसम अनुकूल

हिमाचल प्रदेश में बादाम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग अब बागबानों को उच्च गुणवत्ता वाले बादाम के पौधे उपलब्ध करवाने जा रहा है। विभाग का कहना है कि राज्य में बादाम की खेती की संभावनाएं काफी अधिक हैं, लेकिन वर्तमान उत्पादन क्षमता अभी भी सीमित है। बागबानी विभाग के विशेषज्ञ कौशल मेहता ने बताया कि हिमाचल में बादाम की खेती मुख्य रूप से किन्नौर, लाहुल-स्पीति, शिमला के ऊपरी क्षेत्रों, कुल्लू की ऊंची घाटियों और चंबा जिला के कुछ हिस्सों में होती है। यहां की ठंडी जलवायु, पर्याप्त चिलिंग घंटे और गर्मियों में मध्यम तापमान बादाम के पेड़ों की वृद्धि के लिए बेहद अनुकूल माने जाते हैं।

प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1,200 से 1,500 टन के बीच बादाम का वार्षिक उत्पादन होता है, जो कि सीमित क्षेत्रफल में की जा रही खेती के अनुरूप है। विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल की जलवायु उच्च गुणवत्ता वाले बादाम उत्पादन के लिए प्राकृतिक रूप से उपयुक्त है, इसलिए यदि वैज्ञानिक तकनीकों और उन्नत किस्मों को बढ़ावा दिया जाए, तो उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ सकती है। किन्नौर और स्पीति की जलवायु को बादाम के लिए सबसे आदर्श माना जाता है। इसके अलावा शिमला जिला के रामपुर, रोहड़ू, जुब्बल-कोटखाई, आनी और कुल्लू के मनाली और नग्गर क्षेत्र भी

तेजी से बादाम उत्पादन के केंद्र बन रहे हैं।

प्रति बीघा डेढ़ से दो लाख रुपए वार्षिक आय

एक परिपक्व बादाम बागान से बागबान प्रति बीघा डेढ़ से दो लाख तक की वार्षिक आय प्राप्त कर सकते हैं। कौशल मेहता ने बताया कि उद्यान विभाग जल्द चयनित जिलों में पौधे वितरण करेगा, ताकि बागबान गुणवत्तायुक्त पौधे लेकर उन्नत और वैज्ञानिक ढंग से बादाम के बागान विकसित कर सकें।

TRN LIVE: *दो दिन में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर बर्फबारी व वर्षा की संभावना*

आखिरकार नवम्बर माह सूखा ही बीत गया है। शुष्क मौसम के बीच में इस माह में मात्र 1 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि नवम्बर माह में 19.5 मिलीमीटर वर्षा होती है। 95 फीसदी कम मेघ बरसने से नवम्बर माह शुष्क ठंड के साथ बीत गया है, लेकिन दिसम्बर माह का आगाज बर्फबारी के साथ होगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 4 व 5 दिसम्बर को राज्य में मध्य व उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होने की संभावनाएं हैं। फिलहाल राज्य में शुष्क चल रहे मौसम के बीच में कड़ाके की ठंड का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और नवम्बर के आखिर में ही शीतलहर की स्थिति बन गई है। बादलों के न बरसने से अभी पूरे प्रदेश में लोग सूखी ठंड का प्रकोप झेल रहे हैं। राज्य के जनजातीय जिलों लाहौल स्पीति, किन्नौर और ऊंचाई वाले अन्य क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान लगातार माइनस में बना हुआ है, जिससे यहां प्राकृतिक जल स्रोत जम गए हैं। लाहौल-स्पीति के ताबो और कुकुमसेरी में पारा शून्य से चार डिग्री नीचे पहुंच गया है, जबकि समधो में तापमान माइनस 3.1 डिग्री दर्ज किया गया।

मनाली में पारा 1.9 डिग्री सैल्सियस रिकार्ड किया गया। दूसरी ओर आश्चर्यजनक रूप से राज्य के निचले और मैदानी जिले हमीरपुर, मंडी, ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा इत्यादि हिल स्टेशन शिमला और कुफरी से अधिक ठंड झेल रहे हैं। मंडी और हमीरपुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज हुआ है। मंडी का तापमान 4.5 डिग्री

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*विधानसभा सत्र… आज फिर बढ़ेगा तपोवन का तापमान, दो दिन बाद फिर आएगी सियासी गर्माहट*

दो दिन बाद धौलाधार की वादियों में फिर आएगी सियासी गर्माहट

धर्मशाला के तपोवन में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की चौथी बैठक सोमवार को दोपहर दो बजे शुरू होगी। दो दिन के ब्रेक के बाद अब सोमवार से शुक्रवार तक लगातार पांच बैठकें होंगी, जिनमें जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी। उधर, सोमवार को होने वाली बैठक में कई विधायी मुद्दे, अधिसूचनाएं, आपदा प्रबंधन और जनहित के विषयों पर गहन चर्चा होगी। बैठक प्रश्नकाल से आरंभ होगी, जहां विधायक तारांकित व अतारांकित प्रश्न पूछेंगे और मंत्री जवाब देंगे। उसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सप्ताह की शासकीय कार्यसूची पर वक्तव्य देंगे, जिसमें विधेयक व प्रस्तावों की रूपरेखा स्पष्ट होगी। कल्याण समिति की मुख्यमंत्री शगुन योजना व अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम की रिपोर्ट तथा मानव विकास समिति की स्वास्थ्य विभाग संवीक्षण रिपोर्ट भी पटल पर होगी। नियम 62 के तहत टांडा मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों व सुविधाओं की कमी पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव उठेगा।

ट्रांसफर पॉलिसी पर सवाल

ट्रांसफर मानक, मापदंड, नियम व आपसी सहमति की व्यवस्था पर स्पष्टता मांगी जाएगी। चंबा आपदा में मणिमहेश यात्रा पर फंसे यात्रियों की संख्या, राहत, बसों, हेलिकॉप्टरों व अन्य व्यय का ब्यौरा सरकार देगी।

आरक्षण नीति पर चर्चा

नगर निगम चुनावों में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा गरमाएगा आगामी नगर निगम चुनावों में ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने पर सरकार की नीति क्या होगी, इस विषय पर भी सदन में सोमवार को गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है। विधानसभा सत्र सरकार के कामकाज, जनहित के मुद्दों, आपदा प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र जैसे संवेदनशील विषयों पर केंद्रित रहेगा।

विद्युत नियामक आयोग की अधिसूचनाओं पर होगी चर्चा

विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 182 के तहत हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की अधिसूचनाएं पटल पर रखी जाएंगी। इनमें विद्युत आपूर्ति संहिता (छठां संशोधन), संसाधन पर्याप्तता विनियम, विचलन निपटान विनियम शामिल हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाएंगे। एसजेवीएन लिमिटेड का 2024-25 वार्षिक प्रतिवेदन कंपनी अधिनियम 2013 के अनुच्छेद 394 (2) के तहत पेश होगा।

TRN LIVE: *जिला मुख्यालय चंबा में विशाल विधिक साक्षरता शिविर आयोजित,*

*हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल*

*नशा मुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा पीड़ित पुनर्वास बारे दी जानकारी*

*नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने वाले सच्चे देशभक्त - न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर*

*चंबा 30 नवंबर 2025,*

जिला मुख्यालय चंबा के ऐतिहासिक चौगान मैदान में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा द्वारा आयोजित इस विशाल विधिक साक्षरता शहर में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं कार्यकारी अध्यक्ष राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक सिंह ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शिविर में नशा मुक्त समाज-भारत का संकल्प, पर्यावरण संरक्षण-भूमंडल रक्षण तथा आपदा पीड़ित पुनर्वास से संबंधित कानूनी पहलुओं बारे महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला चंबा के विभिन्न हिस्सों से आए पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, शिक्षण संस्थानों के अध्यापकों व विधार्थियों के अलावा बड़ी संख्या में अन्य लोग भी मौजूद थे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि नशा मुक्त समाज तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयास करने वाला प्रत्येक व्यक्ति सच्चा देशभक्त है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन के कारण ही पिछले वर्षों में अनापेक्षित आपदाएं घटित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण व नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रत्येक नागरिक को व्यक्तिगत प्रयास करने की जरूरत है तभी आने वाली युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते प्रचलन से समाज के नैतिक मूल्यू में गिरावट आ रही है। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कभी भी नशे का उपयोग न करें तथा ऐसे मित्रों व सहयोगियों से दूरी रखें जो किसी प्रकार के नशे का सेवन करते हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा मित्र वही है जो सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में सहयोग करते हुए तरक्की व सफलता की राह पर आगे बढ़ाने में मददगार बने। कार्यक्रम में निशुल्क कानूनी सहायता के विषय में भी जानकारी साझा की गई।

कार्यक्रम में नशा मुक्त समाज भारत का संकल्प विषय पर अधिवक्ता डी पी मल्होत्रा तथा किरण सिंह ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। पर्यावरण संरक्षण भू रक्षण के विषय में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंबा के छात्रों दिवेश व तमन्ना ने महत्वपूर्ण प्रकाश डाला। आपदा पीड़ित पुनर्वास के संबंध में पुलिस विभाग के निरीक्षक गगनदीप सिंह तथा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज ने भी संबंधित विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

इस विशाल विधिक साक्षरता शिवर का शुभारंभ प्रातः 11:00 दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, तत्पश्चात राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंबा की छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम प्रस्तुत किया। इस आयोजन में प्रीति ठाकुर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा ने सर्वप्रथम मुख्य अतिथि व अन्य अन्य विशिष्ट मेहमानों का स्वागत किया तथा आयोजन से संबंधित विषय व उद्देश्य बारे अपने विचार सांझा किये। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा पीड़ित पुनर्वास आज के समय में महत्वपूर्ण व संवेदनशील बिषय हैं। इस कार्यक्रम में निखिल अग्रवाल मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा ने आयोजन में सम्मिलित होने के लिए मुख्य अतिथि सहित आए सभी अन्य अतिथियों तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ। 

आयोजन स्थल पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा, राष्ट्रीय आपदा बचाव दल, जिला अग्रणी प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक तथा विभिन्न स्वयं सहायता समूह के अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा अपने विभागों से संबंधित योजनाओं व कार्यक्रमों को प्रदर्शित करते हुए प्रदर्शनी स्टाल लगाए गए थे, जिनमें स्वास्थ्य, वन, कृषि, बागवानी, आयुष, मत्स्य पालन, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा श्रम विभाग शामिल थे। कार्यक्रम के समापन के उपरांत मुख्य अतिथि में सभी प्रदर्शनी बूथों का विस्तृत अवलोकन किया।

इस अवसर पर रमनीक शर्मा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायिक दंडाधिकारी चंबा पार्थ जैन, डलहौजी दिव्य शर्मा, तीसा सुमित ठाकुर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जालम सिंह भारद्वाज, चिकित्सा महाविद्यालय चंबा के संयुक्त निदेशक केशव राम, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक भाग सिंह, वार एसोसिएशन चंबा के अध्यक्ष मदन रावत, सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधिगन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका, आशा कार्यकर्ता तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के अध्यापक व छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

TRN LIVE: *चंबा: पहले दोस्त बनकर जीता विश्वास...फिर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे लाखाें रुपए*

पुलिस थाना खैरी के तहत 2 युवकों ने 3 लोगों के खिलाफ विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का शिकार बनाने की शिकायत सौंपी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। जीरो एफआईआर के माध्यम से शिकायतकर्त्ता करण सिंह निवासी भलोगी तथा अमन किमलच निवासी करमोग ने बताया कि वे चम्बा में होटल मैनेजमैंट की पढ़ाई कर रहे थे, तब उनकी दोस्ती देवेंद्र, दिशु व अन्य एक युवक से हो गई। उसके बाद उन्होंने उन्हें अच्छी नौकरी के लिए विदेश भेजने का वायदा किया। इस पर उन्होंने 80,000 तथा 77,000 रुपए की मांग की तथा पैसे भी दिए।

*थाईलैंड पहुंचे तो हथियारबंद लोगों ने उठा लिया*

उपरोक्त दोस्तों ने उनकी विदेश के लिए फ्लाइट बुक की तथा थाइलैंड पहुंचे, लेकिन जब वे थाईलैंड पहुंचे तो कुछ हथियारबंद लोगों ने उन्हें उठा लिया और उन्हें अपनी दूसरी कंपनी में काम करने के लिए मजबूर किया। इस दौरान जान से मारने की धमकी दी और 5-5 लाख रुपए की मांग की। कंपनी ने यह दावा कि उन्होंने उन्हें खरीदा है। उसके बाद थाईलैंड के अधिकारियों ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया, जिसके बाद उन्हें भारत वापस लाया गया। भारत वापस आने के बाद दोनों ने पुलिस में इस बात की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा 143, 146, 61(2), 111(2) (बी), 31, तथा 318 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।

*क्या कहते हैं एसपी चम्बा*

एसपी चम्बा विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विदेश में नौकरी के नाम पर शिकायत मिली है। इस बारे में जांच की जा रही है। जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ की जाएगी, ताकि कानून के तहत कार्रवाई की जा सके।

TRN LIVE: *सीएम का बड़ा एलान, चिट्टा तस्करों की सूचना देने वालों को मिलेगा 10 हजार से 5 लाख तक का इनाम*

*सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ी घोषणा करते हुए चिट्टा तस्करों की सूचना देने वालों को 10 हजार से पांच लाख रुपये तक का इनाम देने का एलान किया।*

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला में सोमवार को चिट्टे के खिलाफ महा वॉकथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताैर मुख्य अतिथि शिरकत की। सीएम ने माैजूद लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई गई। इस दाैरान सीएम ने बड़ी घोषणा करते हुए चिट्टा तस्करों की सूचना देने वालों को 10 हजार से पांच लाख रुपये तक का इनाम देने का एलान किया। वॉकथॉन में सैकड़ों स्कूली छात्रों, कॉलेज विद्यार्थियों, महिला मंडलों, युवा क्लबों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और आम लोगों ने भागीदारी की।

इस दाैरान प्रतिभागियों ने हिमाचल पुलिस आर्केस्ट्रा(हारमनी ऑफ द पाइंस) की धुनों पर जमकर डांस किया और नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इसमें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बताैर मुख्य अतिथि माैजूद रहे। यह आयोजन राज्य सरकार की उस मुहिम का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और समाज को नशामुक्त बनाना है। धर्मशाला में वॉकथॉन के साथ ही जिले में चिट्टे के खिलाफ अभियान का औपचारिक शुभारंभ हो गया है।

TRN LIVE: *हिमाचलियों की सोसायटी पर नहीं लगेगी धारा 118* 

टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म एक्ट में संशोधन के लिए विधेयक लाई सुक्खू सरकार

हिमाचल सरकार टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म एक्ट 1972 की धारा 118 में संशोधन करने जा रही है। इस बारे में सोमवार को एक विधेयक राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विधानसभा में रखा। इसे अब चर्चा के बाद पारित किया जाएगा। इस संशोधन के जरिए कृषकों यानी हिमाचलियों की सोसायटी को अब धारा 118 की अनुमति की जरूरत नहीं होगी। वर्तमान में सभी मेंबर हिमाचली होने पर भी सोसायटी, कंपनी या फर्म इत्यादि बनाने पर धारा 118 के प्रावधान लग जाते हैं। राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों में कारोबार करने में यह सबसे बड़ी बाधा है। इसी के साथ दो और संशोधन धारा 118 में किया जा रहे हैं। राज्य सरकार अब हिमुडा या रेरा के माध्यम से खरीदे गए फ्लैट को आगे बचने के लिए अनुमति देगी।

धारा 118 के तहत यह अनुमति नहीं थी और यह प्रावधान सेंट्रल एक्ट से विरोधाभासी था। धारा 118 की अनुमति के बाद ली गई जमीन को इस्तेमाल करने की अवधि को भी पेनल्टी लेकर बढ़ाया जा रहा है। यह अवधि कितनी होगी, यह बिल के ड्राफ्ट से पता चलेगा। एक विधेयक उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान की ओर से भी रखा गया है। हिमाचल प्रदेश दुकान और वाणिज्यिक स्थापना संशोधन विधेयक 2025 के अनुसार राज्य की दुकानों और कमर्शियल संस्थानों में फैक्ट्री एक्ट के मुताबिक उस प्रावधान को लागू किया जा रहा है, जिसके तहत ओवरटाइम के दोगुने पैसे मिलते हैं। इस कानून के लागू होने पर कामगारों को ओवरटाइम के लिए डबल पैसे देने होंगे।

नगर निगम और नगर पालिका एक्ट में भी बदलाव

राज्य सरकार ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक और हिमाचल प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधेयक विधानसभा में रखा है। इसके जरिए नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के आरक्षण रोस्टर को ढाई साल से बढक़र पांच साल किया जा रहा है। नगर पालिका संशोधन विधेयक के बहाने शहरी निकायों के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान लगने वाली फीस को संशोधित किया जा रहा है।

TRN LIVE: *SIR पर घमासान के बीच वंदे मातरम पर होगी चर्चा, सरकार तैयार; पीएम भी लेंगे हिस्सा, 10 घंटे का समय अलॉट* 

सरकार तैयार; पीएम मोदी भी लेंगे हिस्सा, 10 घंटे का समय अलॉट

संसद के शीतकालीन सत्र का सोमवार को आगाज होते ही हंगामा भी शुरू हो गया है। विपक्षी दलों ने एक सुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांग की। चर्चा नहीं कराए जाने की वजह से दोनों सदनों में हंगामा हुआ और विपक्षी सांसद सदन से वाकआउट कर गए। इस बीच, केंद्र सरकार ने वंदे मातरम ्पर इसी हफ्ते संसद में विशेष चर्चा कराने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, सरकार इसी हफ्ते लोकसभा में गुरुवार या शुक्रवार को इस मुद्दे पर चर्चा करा सकती है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने इसके लिए 10 घंटे का समय अलॉट किया है।

ऐसी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा में भाग लेंगे। बता दें कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर सरकार ने इस सप्ताह इस पर विशेष चर्चा कराने का फैसला किया है। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू की अगवाई में सर्वदलीय बैठक और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई थी, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ने भी अपनी सहमति दे दी है। सरकार ने इसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए सभी दलों को इसमें भाग लेने का न्योता दिया है। दूसरी, तरफ, विपक्षा दलों ने इस चर्चा में कोई खास रुचि नहीं दिखाई है।

विपक्ष एसआईआर पर तत्काल चर्चा करवाने पर अड़ा

विपक्षी दल देश के 12 राज्यों और संघशासित क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अलावा दिल्ली आत्मघाती बम धमाके और दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की खराब स्थिति पर चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं। संसद सत्र के पहले दिन इसी मुद्दे पर दोनों सदनों में हंगामा भी हुआ। विपक्ष एसआईआर पर तत्काल चर्चा कराने पर अड़ा रहा, लेकिन सरकार ने फिलहाल इस पर सहमति नहीं दी है।

हालांकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि सरकार एसआईआर पर चर्चा की विपक्ष की मांग पर विचार कर रही है और इस मांग को खारिज नहीं किया गया है। सरकार चुनाव सुधार समेत किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है।

TRN LIVE: *सात एयरपोट्‌र्स पर हुआ था बड़ा साइबर अटैक, सरकार ने संसद में किया स्वीकार, ऐसे की गई थी छेड़छाड़* 

केंद्र सरकार ने संसद में किया स्वीकार, जीपीएस स्पूफिंग से सिग्नल से की गई थी छेड़छाड़

हिमाचल संस्कृति पाठ्यक्रम

केंद्र सरकार ने दिल्ली एयरपोर्ट पर साइबर अटैक की बात मान ली है। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि देश के सात बड़े एयरपोट्र्स, जिनमें दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, अमृतसर, बंगलुरु और चेन्नई शामिल हैं, पर जीपीएस स्पूफिंग और जीपीएस इंटरफेरेंस की घटनाएं दर्ज की गई हैं। यह वही समस्या है, जिसमें सेटेलाइट आधारित नेविगेशन सिस्टम बाधित हो जाता है और उड़ान संचालन पर असर पड़ सकता है। राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 10 नवंबर को आईजीआई एयरपोर्ट पर जीपीएस स्पूफिंग हुई थी। दिल्ली, कोलकाता समेत सात एयरपोट्र्स पर साइबर अटैक की कोशिश की गई थी। दरअसल, कुछ दिन पहले दिल्ली एयरपोर्ट के ट्रैफिक सिस्टम में अचानक आई खराबी के बाद इसकी हाई लेवल जांच शुरू हुई थी। विमानों का संचालन 12 घंटे से ज्यादा प्रभावित रहा था। 700 से ज्यादा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स ने देरी से उड़ान भरी थी। वहीं, कुछ विमानों को रद्द कर दिया गया था।

करीब 48 घंटे के बाद एयरपोर्ट का ऑपरेशन सामान्य हुआ इसको लेकर जो बैठक हुई थी, उसमें एयरपोर्ट, सुरक्षा एजेंसियों समेत अन्य सभी स्टेकहोल्डरों को बुलाया गया था। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि जब भी सेटेलाइट नेविगेशन में दिक्कत आती है, तब भारत में मौजूद न्यूनतम ऑपरेटिंग नेटवर्क, जो जमीन आधारित पारंपरिक नेविगेशन और सर्विलांस सिस्टम पर चलता है, उड़ानों को सुरक्षित रूप से संचालित करने में सक्षम है। सरकार ने माना कि सेटेलाइट संकेतों में दखल उड़ानों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर है और इसी वजह से निगरानी और तकनीकी जांच को और मजबूत किया गया है. संसद को आश्वस्त किया गया कि सभी बड़े एयरपोट्र्स ऐसे मामलों को नियमित रूप से दर्ज कर रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की संभावित समस्या पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

विमान की दिशा को भटका सकती है जीपीएस स्पूफिंग

जीपीएस स्पूफिंग दरअसल एक तरह का साइबर हमला होता है। इसमें हमलावर नकली सेटेलाइट सिग्नल भेजते हैं, जिससे विमान या कोई भी जीपीएस आधारित उपकरण गलत लोकेशन या गलत डाटा दिखाने लगता है। ऐसी स्थिति में विमान के नेविगेशन सिस्टम को गलत पोजि़शन, गलत अलर्ट या गलत टेरेन वार्निंग मिल सकती हैं। खतरा यह है कि विमान अपनी असली दिशा से भटक सकता है या सिस्टम ऐसी स्थिति दिखा सकता है, जो असल में मौजूद ही नहीं है। एयरपोर्ट के आसपास अगर जीपीएस स्पूफिंग हो जाए, तो इसका असर सीधे नेविगेशन, एयरस्पेस सुरक्षा और पायलट के वर्कलोड पर पड़ता है. आज के आधुनिक विमान इन सिस्टम्स पर काफी हद तक निर्भर हैं, इसलिए किसी भी तरह के सिग्नल में बदलाव बड़ा खतरा उत्पन्न कर सकता है।

TRN LIVE: *डिजिटल अरेस्ट स्कैम की जांच अब CBI करेगी, सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम निर्देश, जांच एजेंसी की मदद करें राज्य सरकारें* 

देशभर में तेजी से बढ़ते डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम की जांच अब सीबीआई करेगी। यह जांच अन्य किसी स्कैम से अलग और प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अगवाई वाली बैंच ने सीबीआई को मामलों की विस्तृत जांच का निर्देश दिया। साथ ही एजेंसी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसीए) के तहत बैंकरों की भूमिका की जांच करने की पूरी आजादी भी दी है, खासकर .उन मामलों में जहां डिजिटल अरेस्ट स्कैम को अंजाम देने के लिए बैंक अकाउंट खोले गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट पर स्वत: संज्ञान लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भी पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने आरबीआई से पूछा कि देश में ऐसे बैंक खातों की पहचान कर अपराध की कमाई को फ्रीज करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग कब लागू की जाएगी। बैंच ने कहा कि यह तकनीक लाखों लोगों को ठगने वाले डिजिटल अरेस्ट गिरोहों पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभा सकती है। कोर्ट ने साफ कहा कि आईटी इंटरमीडियरी रूल्स 2021 के तहत सभी अथॉरिटीज सीबीआई को पूरा सहयोग देंगी।

TRN LIVE: *हिमाचल सरकार शिक्षा विभाग में देने जा रही प्रोमोशन का तोहफा, 250 टीजीटी-लेक्चरर बनेंगे हैडमास्टर* 

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 800 प्रिंसीपल की प्रोमोशन लिस्ट भी जल्द जारी करने को कहा

कर्मचारी हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर प्रोमोशन का तोहफा देने जा रही है। जल्द ही 250 टीजीटी एवं लेक्चरर को हैडमास्टर के रूप में नियुक्ति दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस फाइल को क्लीयर कर दिया है। अब शिक्षा विभाग पदोन्नत हुए हैडमास्टर के नियुक्ति पत्र जल्द ही जारी करेगा। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार 800 प्रिंसीपल भी प्रोमोट करने जा रही है और इन्हें प्रिंसीपल के रूप में पदोन्नति का तोहफा दिया जा सकता है। प्रिंसीपल प्रोमोशन के लिए कैबिनेट ने पहले कार्मिक विभाग की राय लेने के बाद खुद शिक्षा विभाग के माध्यम से ही प्रोमोशन करने को कहा था, लेकिन कार्मिक विभाग ने सुझाव दिया था कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही डीपीसी की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके बाद यह मामला दोबारा कैबिनेट में गया और कैबिनेट ने शिक्षा सचिव को इस डीपीसी को करने के लिए अधिकृत कर दिया।

अब शिक्षा सचिव राकेश कंवर की अध्यक्षता में प्रिंसीपल प्रोमोशन को लेकर बैठक होगी। सत्ता संभालने के बाद वर्तमान राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग में खाली पदों को भर रही है और कई वर्षों तक पदोन्नति के लाभ से वंचितों को प्रोमोट किया है। शिक्षा विभाग में कलस्टर सिस्टम के अलावा भी सीबीएसई स्कूलों को लेकर प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में हर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास अपना प्रिंसीपल हो, यह प्रदेश सरकार सुनिश्चित करने वाली है। इसीलिए मुख्यमंत्री ने प्रिंसीपल प्रोमोशन की लंबी प्रक्रिया को छोटा करते हुए विभाग को ही डीसी करने को कहा है।

टांडा मेडिकल कालेज में नई भर्ती को मंजूरी

हिमाचल सरकार ने टांडा मेडिकल कालेज में सीनियर रेजिडेंट के 27 पद भरने की मंजूरी दी है। इसमें सबसे ज्यादा यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी में चार-चार पद हैं, जबकि अन्य पद रेडियोथैरेपी, सीटीवीएस, न्यूरोसर्जरी, एंडॉक्रिनलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन के हैं। यह भर्ती रेजिडेंट डाक्टर पॉलिसी 2025 के अनुसार की जाएगी। टीएमसी के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर का एक पद डाउन ग्रेड कर एसोसिएट प्रोफेसर किया गया है।

TRN LIVE: *Himachal News: मुख्य न्यायाधीश की जगह मुख्य सचिव होंगे रेरा चयन समिति के अध्यक्ष* 

रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में चयन के लिए बड़ा बदलाव, सदन में संशोधन विधेयक पेश

हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव अब रेरा की चयन समिति के अध्यक्ष होंगे। प्रदेश सरकार ने चयन समिति में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के स्थान पर मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाने को लेकर हिमाचल प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण कानून में संशोधन की तैयारी कर ली है। संशोधन विधेयक को सोमवार को विधानसभा में नगर एवं ग्रामीण नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने पेश किया। विधेयक में चयन समिति के अध्यक्ष के साथ-साथ रेरा अध्यक्ष का कार्यकाल भी बदलने का प्रस्ताव है। वर्तमान में राज्य में रेरा अध्यक्ष का कार्यकाल पांच साल अथवा 65 वर्ष की उम्र, जो भी पहले हो, है। इसके स्थान पर अब कार्यकाल की अवधि 65 वर्ष या चार वर्ष करने की तैयारी है। इस संशोधन विधेयक पर सदन में चर्चा होनी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली रेरा चयन समिति में आवास विभाग तथा विधि विभाग के सचिव बतौर सदस्य शामिल होंगे।

मंत्री ने बताया, क्यों हटाए चीफ जस्टिस

हिमाचल सरकार ने विधानसभा में यह स्पष्ट कर दिया है कि रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी रेरा में अध्यक्ष या मेंबर नियुक्त करने के लिए बनाई गई सेलेक्शन कमेटी से चीफ जस्टिस को क्यों हटाया जा रहा है? विधानसभा में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के मंत्री राजेश धर्माणी की ओर से इस बारे में विधेयक रखा गया। इस विधेयक में कहा गया है कि रेरा के संचालन के लिए प्रशासन, आवास, विधि और संबंधित क्षेत्र की विशेषज्ञ की जरूरत है। यह विशेषज्ञ राज्य सरकार के वरिष्ठतम प्रशासनिक अधिकारियों में होती है, लेकिन चयन में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका थी। कार्यपालिका द्वारा की जाने वाली नियुक्तियों में न्यायपालिका की प्रत्यक्ष भूमिका इसे समाप्त हो जाएगी, जिससे संभावित हितों के टकराव की स्थिति से बचा जा सकेगा। राज्य सरकार ने यह भी कहा कि इस संशोधन के बाद रेरा में नियुक्ति के बाद पुनर नियुक्ति नहीं हो पाएगी। इसलिए यह संशोधन राज्य सरकार को करना पड़ा। सदन में रखे गए विधेयक के अनुसार धारा 22 और 23 में संशोधन किया जा रहा है। धारा 22 के संशोधन में मुख्य न्यायाधीश की जगह सिलेक्शन कमेटी का अध्यक्ष अब मुख्य सचिव या राज्य सरकार के अन्य सचिवों में से किया जा सकेगा।

आपत्तियां लिए बिना नोटिफाई होंगे भर्ती नियम

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला

हिमाचल में सरकारी विभाग अब अपने भर्ती नियम बदलने के लिए आपत्तियां एवं सुझाव लेने को ड्राफ्ट नोटिफाई नहीं करेंगे। राज्य सरकार ने कानून में पूर्व प्रकाशन की शर्त को हटाने का प्रस्ताव किया है। इस बारे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से बिल विधानसभा में रखा गया। बिल के अनुसार हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तें संशोधन विधेयक-2025 में एक्ट की धारा 10 में बदलाव किया जा रहा है। इसमें पूर्व प्रकाशन के पश्चात शब्दों को हटाया जा रहा है। यह बिल पारित होने के बाद सरकारी विभाग बिना पूर्व प्रकाशन के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में बदलाव कर सकेंगे। इन नियमों की सीधी नोटिफिकेशन हो सकेगी, जिससे समय बचेगा और प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा।

राज्य सरकार ने कहा है कि विभिन्न विभागों द्वारा नियमों को समय पर बनाया जाना सुनिश्चित करने के लिए धारा 10 में संशोधन किया जा रहा है, ताकि पूर्व प्रकाशन की आवश्यकता को समाप्त कर दिया जाए। राज्य में कर्मचारी एक्ट के लागू होने के बाद विभागों ने अपने-अपने स्तर पर व्यवस्था को बदलना है। नए नियमों से अनुबंध जैसी भर्ती नीति को हटाकर ट्रेनी भर्ती नीति को शामिल किया जाना है। भर्ती नियम न बदलने के कारण बहुत से विभागों से नई भर्तियों के मामले राज्य चयन आयोग को नहीं भेजे जा सके हैं।

TRNLIVE: *Himachal News : 1500 करोड़ की घोषणा कर गए पीएम, मिले सिर्फ 451 करोड़* 

विधानसभा में आपदा पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने रखी बात, विधायकों ने राहत की कही बात; विपक्ष बोला, नहीं हुआ जमीनी स्तर पर कार्य

विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्बाल व शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया के प्रदेश में आई आपदाओं से प्रभावितों को आ रही मुशिकलों तथा इस अवधि में सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा चौथे दिन सोमवार को भी जारी रही। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविदंर सिंह सुक्खू ने सदन में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2023 की आपदा में केंद्रीय टीम की ओर से पोस्ट डिजाजस्टर नीड अस्समेंट पीडीएनए का 9300 करोड़ का आंकलन किया गया था, जिसमें अब तक केंद्र की ओर से 1500 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें मात्र 451 करोड़ ही राज्य सरकार को अब तक मिल पाया है।

अभी तक नहीं मिली राशि

राजस्व मंत्री जगत सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 में आपदा में सदन विपक्ष के कहने पर बुलाया गया था, जबकि केंद्र में बात उठाने के समय वह बाहर चले गए। आपदा को जारी 1500 करोड़ राहत राशि अभी तक आई नहीं है।

आपदा पीडि़तों को भेजी मदद

सुलाह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि आज के समय मे जी-20 देशों में भी पर्यावरण व आपदा की चिंता कर रहे हैं। कोविड में केंद्र व पूर्व सरकार ने बेहतरीन कार्य किया था। आपदा राहत के लिए पांच-पांच करोड़ व राहत सामग्री भी भेजी गई।

मुख्यमंत्री ने दी मदद

मनाली से कांग्रेस विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में भी आपदा आई थी। इससे पर्यटन भी बहुत अधिक प्रभावित हुआ। सीएम ने क्षेत्र का दौरा करने के बाद बड़े स्तर पर आपदा राहत कार्य में गति आई है।

केंंद्र जल्द जारी करे राशि

लाहुल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि उनके क्षेत्र में भी काफी आपदा हुई है, जिससे फसलों व जमीन को बड़ा नुकसान हुआ है। अब राज्य सरकार की ओर से रिलीफ फंड के लिए बड़े बदलाव किए है, जबकि केंद्र की ओर से पीडीएनए व अन्य आपदा राहत को जल्द से जल्द जारी किया जाना चाइए।

पीडि़तों को जारी करें मुआवजा

नाचन के विधायक विनोद कुमार ने कहा राज्य में आपदा से काफी नुकसान हुआ है। लोगों के घरों सहित जमीन पूरी तरह से तबाह हो गए। शहर में रहने वाले लोगों के घरों के नुकसान का मुआवजा भी मिलना चाइए।

चंबा को भी मिले गहरे जख्म

चंबा के विधायक नीरज नैयर ने कहा कि राज्य में भारी नुकसान के साथ चंबा में भी बड़े घाव मिले हैं। इसमें चंबा नगर परिषद क्षेत्र में ही पहली बार बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। पंचायतों में कई घर ठीक लग रहे हैं, जबकि खाई की तरह पूरी तरह से लटकने की कगार पर हैं।

TRN LIVE: *मणिमहेश यात्रा के लिए एसओपी बनाएगी सरकार, विधायक नीरज नैय्यर के सवाल पर राजस्व मंत्री का जवाब* 

चंबा के भरमौर स्थित मणिमहेश झील हिंदुओं और शिव भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है

मणिमहेश यात्रा के लिए सरकार नई एसओपी बनाएगी। इतना ही नहीं इस धार्मिक यात्रा में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जो संस्थाएं लंगर लगाती है उनसे भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह संस्थाएं हिमाचल की हो या अन्य फिर अन्य प्रदेशों की हों।्र सभी के लिए निशुल्क लंगर लगाने की सुविधा दी जाएगी। चंबा के विधायक नीरज नैय्यर के प्रश्न के जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह जानकारी विधानसभा में दी। राजस्व मंत्री ने कहा कि अभी तक इनसे 25 हजार का शुल्क लिया जाता था। राजस्व मंत्री ने कहा कि इस आपदा के दौरान कई तरह की अफवाहें भी उड़ाई गई। मंत्री ने विपक्ष की और इशारा करते हुए कहा कि अफवाहें फैलाने वाले भी वि

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उन्होंने कहा कि इस बार सरकार ने अफवाहें फैलाने वालों पर नरमी बरती हैए लेकिन अगली बार अफवाहें फैलाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। भरमौर के विधायक जनक राज के अनुपूरक सवाल का उतर देते हुए मंत्री नेगी ने कहा कि जिनके लंगर बह गए हैं, उनसे किसी तरह के पैसे नहीं लिए जाएंगे।

सडक़ों पर खर्च हो बिजली परियोजनाओं के सीएसआर फंड

शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया के अनुपूरक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि अगर केंद्र आपदा के लिए हेलिकॉप्टर की सुविधा देता तो छड़ी को हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाते। यहां स्थितियां भिन्न थी और लोगों की मदद के लिए वायुसेना का हेलिकॉप्टर मंगवाने के लिए भी मुख्यमंत्री को रक्षा मंत्री से बात करनी पड़ी। राजस्व मंत्री ने कहा कि पठानकोट से भरमौर जाने वाले नेशनल हाई-वे को ठीक करने की जरूरत है और इसमें सुरंगों का निर्माण भी होना चाहिए। उन्होंने चंबा जिला में स्थापित पन बिजली परियोजनाओं के सीएसआर फंड से भी इस सडक़ की हालत सुधारने का काम किया जा सकता है।

16 हजार श्रद्धालु रेस्क्यू

इससे पहले राजस्व मंत्री ने प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने 16 हजार श्रद्धालुओं को मणिमहेश यात्रा के दौरान सुरक्षित रेस्क्यू किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए 233 सरकारी बसों का प्रयोग किया गया। दो निजी हेलिकॉप्टर लगाए गए थे और वायु सेना के भी एमआई 17 और चिनूक हेलिकॉप्टर का प्रयोग रेस्क्यू के लिए किया गया। जबकि अभी भी वायु सेना का पांच करोड़ रुपए से ज्यादा का देना बाकी है। इसे मंत्रिमंडल से मंजूरी दी गई है।

TRN LIVE: *संसद में गूंजा एनएच-3 का मुद्दा, अनुराग ठाकुर ने राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण-सुरक्षा संबंधी विषय उठा* 

पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सोमवार को संसद में नियम-377 के अंतर्गत हिमाचल में बन रहे एनएच-03 के हमीरपुर-मंडी-धर्मपुर सेक्शन को स्लोप सेफ्टी और लैंडस्लाइड रोकने के उपायों के साथ बचा हुआ निर्माण कार्य जल्द पूरा करवाए जाने का अनुरोध किया है। एनएच-03 के हमीरपुर-मंडी-धर्मपुर सेक्शन को स्लोप से टी और लैंडस्लाइड रोकने के उपायों के साथ जल्द पूरा करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि यह हाई-वे हमीरपुर के आम लोगों, छात्रों, व्यापारियों और ग्रामीण समुदायों के लिए एक जरूरी लाइफलाइन है। पहाड़ी क्षेत्र के मुश्किल इलाके, तेज़ बारिश के पैटर्न और चल रहे कंस्ट्रक्शन कामों की वजह से कुछ हिस्सों में हाल ही में दरारें, स्लोप मूवमेंट और कुछ समय के लिए रुकावटें आई हैं।

मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज और एनएचएआई ने इन समस्याओं को हल करने के लिए समय पर कई कदम उठाए हैं, जिनमें जियोटेक्निकल रिव्यू, ड्रेनेज में सुधार और टारगेटेड रिपेयर शामिल हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि इन कार्यों और हिमाचल प्रदेश में सुरक्षित, मॉडर्न और मजबूत नेशनल हाई-वे बनाने के लिए सरकार के लगातार कमिटमेंट काबिले-तारीफ है। उन्होंने अनुरोध किया कि चूंकि इस इलाके में बादल फटने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है।

TRN LIVE: *मंडी में पंजाब से आ रही नशे की सप्लाई, जिला में साल दर साल बढ़ते जा रहे मामले, पुलिस ने 475 को पहुंचाया जेल* 

मंडी में मौत के सौदागर कहर बरपा रहे हैं। हिमाचल सहित छोटी काशी में रातों रात अमीर बनने की चाहत में कुछ लोग दिन के उजाले में चिट्टे के कारोबार में इस कद्र संलिप्त हो चुके हैं कि वह दूसरों के जीवन में अंधेरा भरने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि हिमाचल सहित मंडी में पड़ोसी राज्य पंजाब से नशे की खेप पहुंच रही है और पहाड़ से चरस पड़ोसी राज्यों को सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा कुछ मेडिकल स्टोर भी प्रतिबंधित दवाओं के सहारे युवाओं को मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। इस साल ही मंडी जिला में कुल 475 आरोपी नशे के समान के साथ गिरफ्तार होकर जेल की हवा खा चुके हैं। मंडी में चिट्टे की पकड़ी गई खेप का बजारी मूल्य 86 लाख से ज्यादा है।

इसी तरह वर्ष 2025 में अब तक एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत 297 मामले दर्ज किए हैं। इनमें 475 अभियुक्त गिरफ्तार हुए हैं। इस अवधि में पुलिस ने 1.323 किलो अफीम, 1.079 किलो चिट्टा, 60.353 किलो चरस और 1686 प्रतिबंधित टैबलेट्स जब्त की हैं। मंडी में नवंबर माह में ही 18 मामले दर्ज कर 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 28.63 ग्राम चिट्टा और 3.35 किलोग्राम चरस बरामद की गई। वन विभाग ने नशे के स्रोत पर प्रहार करते हुए 161238 पॉपी पौधों और 367094 कैनाबिस पौधों को नष्ट किया है।

डीसी बोले, नशा बेचने वालों का पता बताएं लोग

मंडी डीसी अर्पूव देवगन कहते हैं कि लोग नशे का धंधा करने वालों का पता बताएं। जानकारी देने वाले की जानकारी गुप्त रखी जाएगी। नशे के पदार्थ बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नशे पर पुलिस सख्त कार्रवाई जारी

मंडी पुलिस अधिक्षक साक्षी वर्मा कहती हैं कि पुलिस नशे के कारोबार पर सख्त है। नशेडिय़ों सहित इस धंधे में लिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस किसी भी सूरत में इस धंधे को पनपने नहीं देगी।

TRN LIVE: *मोबाइल फोन में देनी होगी साइबर सिक्योरिटी ऐप, ‘संचार साथी’ ऐप से मिले हैं गुम हुए सात लाख फोन* 

केंद्र सरकार ने कंपनियों को दी 90 दिन की डेडलाइन

अब हर नए स्मार्टफोन में साइबर सिक्योरिटी ऐप ‘संचार साथी’ प्री-इन्स्टॉल (पहले से डाउनलोड) मिलेगी। केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों को आदेश दिया कि वे स्मार्टफोन में सरकारी साइबर सेफ्टी ऐप को पहले से इंस्टॉल करके बेचें। यह आदेश सोमवार को सामने आया। इसमें एपल, सैमसंग, वीवो, ओप्पो और शाओमी जैसी मोबाइल कंपनियों को 90 दिन का समय दिया गया है। इस ऐप को यूजर्स डिलीट या डिसेबल नहीं कर सकेंगे। पुराने फोन पर सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए यह ऐप इन्स्टॉल किया जाएगा। हालांकि यह आदेश फिलहाल पब्लिक नहीं किया गया है, बल्कि चुनिंदा कंपनियों को निजी तौर पर भेजा गया है। इसका मकसद साइबर फ्रॉड, फर्जी आईएमईआई नंबर और फोन की चोरी को रोकना है।

बता दें कि संचार साथी ऐप सरकार का बनाया साइबर सिक्योरिटी टूल है, जो 17 जनवरी, 2025 को लांच हुआ था। अभी यह एपल और गूगल प्ले स्टोर पर वॉलंटरी डाउनलोड के लिए उपलब्ध है, लेकिन अब नए फोन में यह जरूरी होगा। इस ऐप के माध्यम से अब तक चोरी या गुम हुए सात लाख फोन बरामद किए जा चुके हैं।

TRN LIVE: *कांग्रेस की बैठक में न आने पर थरूर ने दी सफाई, कहा, 90 साल की मां के साथ हूं, SIR मीटिंग से भी रहे थे नदारद* 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर बीते कुछ समय से कांग्रेस से किनारा करते नजर आ रहे हैं। वहीं वह कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोदी सरकार के फैसलों की तारीफ कर चुके हैं। हाल ही में एसआईआर के विरोध में रणनीत बनाने के लिए बुलाई गई कांग्रेस की मीटिंग में भी शशि थरूर शामिल नहीं हुए। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। वहीं अब संसद के शीतकालीन सत्र की रणनीति को लेकर हुई बैठक में भी वह गैरहाजिर रहे। थरूर ने सफाई देते हुए बताया कि वह केरल में थे। वह 90 वर्षीय मां के साथ थे और इसलिए बैठक में शामिल नहीं हो सके।

इस बैठक में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल नहीं हो पाए थे। वह स्थानीय चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। कांग्रेस नेता ने कहा कि असल समस्या यह है कि वह देश को ठीक से समझते ही नहीं हैं। उन्हें यही लगता है कि बीजेपी की नीतियां बहुत अच्छी हैं।

TRN LIVE: *पीएम मोदी के ‘ड्रामे’ पर बवाल, शीतकालीन सत्र से पहले मीडिया में दिए बयान पर विपक्ष हमलावर* 

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले मीडिया से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। पीएम ने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र केवल एक परंपरा नहीं है, यह भारत को विकास के पथ पर ले जाने के प्रयासों में ऊर्जा भरेगा। बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति का गवाह है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिहार के नतीजों से परेशान है, वह पराजय की निराशा से बाहर निकले। पीएम मोदी ने विपक्षी दलों से कहा कि राजनीति में नकारात्मकता उपयोगी हो सकती है, लेकिन अंतत: राष्ट्र निर्माण के लिए सकारात्मक सोच भी होनी चाहिए।

मैं आपसे अपेक्षा करता हूं कि आप नकारात्मकता को सीमित रखें और राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें। यह शीतकालीन सत्र एक और कारण से भी महत्त्वपूर्ण है। हमारे नए सभापति हमारे उच्च सदन को मार्गदर्शन देंगे। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। जीएसटी सुधारों ने देशवासियों में श्रद्धा का वातावरण बनाया है। इस सत्र में भी इस दिशा में बहुत काम होगा। वहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए उन पर निशाना साधा है और प्रधानमंत्री को सबसे बड़े ड्रामेबाज तक कह दिया।

संसद में जनता के मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं

पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि चुनाव की स्थिति, एसआईआर, प्रदूषण बड़े मुद्दे हैं। इन पर चर्चा होनी चाहिए। संसद फिर किसलिए हैं? यह कोई ड्रामा नहीं है। मुद्दों को उठाना और उन पर बात करना ड्रामा नहीं है। जनता के लिए अहम मुद्दों पर लोकतांत्रिक चर्चा कोई ड्रामा नहीं है।

अखिलेश बोले, बीएलओ की जान जाना ड्रामा है क्या

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री को सीधा जवाब देते हुए कहा कि एसआईआर यानी ‘वोटर लिस्ट सुधार’ को मज़ाक या ड्रामा नहीं समझा जा सकता। अखिलेश ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ को ठीक करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसे हल्के में लेना लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है। अखिलेश यादव ने कहा कि ड्रामा कौन कर रहा है आप सभी जानते है। यह जो बीएलओ की जान जा रही है, यह ड्रामा है क्या? बीजेपी पुलिस के साथ मिलकर ड्रामा करती है।

लोगों की आवाज उठाना नाटक, तो चुनाव में देंगे जवाब

विपक्ष के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रामा टिप्पणी पर, तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि विपक्ष जो मांग कर रहा है वह एसआईआर पर बहस है। क्या यह नाटक है? अगर लोगों की आवाज उठाना नाटक है, तो लोग अगले चुनाव में उन्हें जवाब देंगे। बीएलओ सहित 40 लोग मारे गए। उन्होंने ईसीआई को दोषी ठहराया है। सरकार की जवाबदेही कहां है? लोग 10 साल पहले नोटबंदी के दौरान कतारों में खड़े थे, काले धन का प्रवाह बढ़ गया है, जवाबदेही कहां है? विस्फोट हो रहे हैं और आतंकवादी हमारे देश में प्रवेश कर रहे हैं, जवाबदेही कहां है? अनियोजित एसआईआर के कारण 40 लोग मारे गए हैं। जवाबदेही कहां है? विपक्ष सवाल पूछने के लिए कानूनी ढांचे के भीतर काम कर रहा है। सिर्फ इसलिए कि उन्होंने कुछ राज्य जीते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि वे लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। वही लोग आपको सत्ता से हटा देंगे। हम चर्चा चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि यह नाटक है।

संसदीय मर्यादा और व्यवस्था रौंद रही सरकार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में आरोप लगाया कि लोगों के असल मुद्दों को सुलझाने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर ड्रामेबाजी की है। खडग़े ने कहा कि ‘सरकार बीते 11 वर्षों से लगातार संसदीय मर्यादा और व्यवस्था को रौंद रही है और ऐसी घटनाओं की लंबी फेहरिस्त मौजूद है।’ खडग़े ने लिखा कि भाजपा को अब लोगों का ध्यान भटकाने वाले इस ड्रामे को खत्म करके संसद में असल मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए और लोगों का सामना करना चाहिए।

खुद नारे लगा रहे और हमें नारे न लगाने की सलाह

प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब भी आप कोई बयान दें तो कम से कम ये सोचकर बोलें कि आप लोग क्या कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नारेबाजी की बात करते हैं, लेकिन ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाकर भाजपा ने ही शुरू की। जब पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसे नेता प्रधानमंत्री थे, क्या तब ऐसी चीजें होती थीं? क्या लोग सदन में घुसते समय उनके नाम के नारे लगाते थे?

TRN LIVE

: *चीन छापेगा नेपाल के नोट, भारत के साथ गहराया नक्शा विवाद, पड़ोसी देश ने दिया चीनी कंपनी को ठेका* 

नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) ने चाइना बैंक नोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कारपोरेशन को 50, 500 और 1,000 के नए नोट डिजाइन करने, छापने और सप्लाई करने का ठेका दिया है। एनआरबी के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने कहा कि चीनी कंपनी को नौ महीने के भीतर नोट सौंपने होंगे। चीनी कंपनी डिजाइन तैयार करती है, जिसकी मंजूरी के बाद छपाई होती है। यह कंपनी सबसे कम मूल्य की बोली के आधार पर चुनी गई है और पहले भी नेपाल के 5,10,100 और 500 रुपए के नोट छाप चुकी है। चीनी कंपनी को 43 करोड़ के नेपाली रुपए के 1,000 के नोट डिजाइन और छपाई के लिए पत्र मिला था। एक हजार के नए नोट पर नेपाल का राष्ट्रीय फूल रोडोडेंड्रॉन (लाली गुरांस) के सात चित्र होंगे, जो देश के सात प्रांतों को दर्शाते हैं।

इस पर वर्तमान गवर्नर प्रोफेसर डा. बिश्वनाथ पौडेल का साइन भी होगा। इसके चलते भारत के साथ नक्शा विवाद फिर से चर्चा में आ गया है। बीते गुरुवार को नेपाल के केंद्रीय बैंक ने नए राष्ट्रीय नक्शे वाले 100 रुपए के नोट जारी किए, जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा क्षेत्र शामिल हैं। ये क्षेत्र महाकाली नदी के पूर्व में स्थित हैं, जिन पर भारत दावा करता है।

कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा पर विवाद

नेपाल का दावा है कि ये इलाके 1816 के सुगौली संधि के तहत उसके क्षेत्र में आते हैं। ये विवादित क्षेत्र मई 2020 में केपी शर्मा ओली सरकार की ओर से नेपाल के राजनीतिक नक्शे में शामिल किए गए थे, जिसे बाद में संसद ने भी मंजूरी दी। उस समय भारत ने बदले नक्शे की कड़ी आलोचना की थी, इसे एकतरफा और अस्वीकार्य विस्तार बताया गया। दूसरी ओर, एनआरबी के अधिकारी कहते हैं कि नेपाल के एक और दो रुपए के सिक्के पिछले दो वर्षों से संशोधित नक्शे के साथ ढाले जा चुके हैं।

 TRN LIVE: *सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में बिना परीक्षा नौकरी, इस डेट तक भरें फॉर्म* 

बैंक में अच्छी नौकरी ढूंढ रहे युवाओं के लिए भर्ती निकली है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अपने रीजनल ऑफिस होशंगाबाद और बैतूल के लिए फैकल्टी की रिक्तियां निकाली हैं। इसके लिए बैंक वेबसाइट www.centralbankofindia.co.in पर ऑनलाइन आवेदन ले रहा है। अगर आप बैंक में नौकरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए यह जॉब पाने का अच्छा मौका है। बैंक ने यह भर्ती सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सामाजिक उत्थान आवाम प्रशिक्षण संस्थान के लिए निकाली है। यह बैंक की रजिस्टर्ड ट्रस्ट/सोसायटी है। चयन प्रक्रिया में किसी तरह की लिखित परीक्षा भी शामिल नहीं है। शॉर्टलिस्टिंग और इंटरव्यू के लिए जरिए उम्मीदवारों को सेलेक्ट किया जाएगा।

अभ्यर्थी इस वैकेंसी के लिए आखिरी तारीख 10 दिसंबर, 2025 तक अप्लाई कर सकते हैं। ऐसे में लास्ट डेट का इंतजार किए बगैर फटाफट फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी कर लें। रीजनल ऑफिस फैकल्टी पोस्ट के लिए शैक्षिक योग्यता में ग्रेजुएशन मांगी गई है। जिन उम्मीदवारों ने साइंस/कॉमर्स/आट्र्स किसी भी विषय से ग्रेजुएशन/पोस्टग्रेजुएशन की है, वो आवेदन कर सकते हैं। हालांकि रूरल डिवेलपमेंट/ सोशियोलॉजी/ साइकोलॉजी/बीएससी वेटरनरी/हॉर्टिकल्चर/बीएससी एग्री मार्केटिंग में करने वालों को प्रेफरेंस दी जाएगी। उम्मीदवार को कम्प्यूटर की नॉलेज और स्थानीय भाषा के साथ इंग्लिश और हिंदी भी आनी चाहिए।

TRN LIVE: *संजौली में मस्जिद गिराने के आदेशों को नए सिरे से चुनौती, वक्फ बोर्ड की याचिका पर हाईकोर्ट की एकलपीठ करेगी सुनवाई* 

संजौली मस्जिद मामले में वक्फ बोर्ड द्वारा जिला अदालत के मस्जिद को ढहाने के आदेश को नए सिरे से चुनौती दी है। इस याचिका पर हाईकोर्ट की एकलपीठ सुनवाई करेगी। इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा बहुचर्चित संजौली मस्जिद को अवैध ठहराते हुए ढहाने के आदेश के खिलाफ दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड ने इस रिट याचिका को वापस लेने का आग्रह किया था और जिस विवाद के कारण याचिका दायर की गई थी उसी को आधार बनाकर उपयुक्त याचिका दायर करने की छूट मांगी थी। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने इस मांग को स्वीकार करते हुए रिट याचिका का निपटारा कर दिया।

शुक्रवार को इस मामले पर कुछ देर सुनवाई के पश्चात कोर्ट ने याचिकाकर्ता वक्फ बोर्ड को याचिका के मान्य होने पर अपनी दलीलें पेश करने को कहा था। इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से अतिरिक्त समय की मांग की गई थी। कोर्ट ने जरूरी पक्षकारों को पार्टी बनाने पर भी सवाल उठाए थे , जिसके लिए भी याचिकाकर्ता द्वारा जरूरी कदम उठाने हेतु समय मांगा गया था। 30 अक्तूबर को संजौली मस्जिद मामले में को शिमला जिला अदालत ने फैसला सुनाया था।

TRN LIVE: *तबादला नीति बदलेगी सरकार* 

 हिमाचल सरकार कर्मचारियों की तबादला नीति में बदलाव करेगी। सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों के लिए जो तबादला नीति है, वह पूर्व सरकार के समय की ही चल रही है। इसमें भी व्यवस्था परिवर्तन करना रह गया है। विधायक लोकेंद्र कुमार ने पूछा था कि पिछले छह महीने में आपसी सहमति से कितने कर्मचारियों का स्थानांतरण हुआ है। उनका आधार क्या था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी इसकी सूचना एकत्र की जा रही है। वहीं, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में रिक्त पदों पर आशीष शर्मा द्वारा पूछे गए प्रश्र पर नगर एवं ग्राम योजना मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति का पद 6 मई, 2025 से रिक्त चल रहा है।अध्यापकों के कुल 32 व अन्य श्रेणियों के कुल 40 पद रिक्त चल रहे हैं। नगर निगम चुनावों में ओबीसी वर्ग को आरक्षण पर प्रश्र विधायक राम कुमार द्वारा आने वाले नगर निगम चुनावों में ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने के प्रश्र पर लोक निर्माण मंत्री द्वारा कहा गया कि सरकार नगर निगम चुनावों में ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने का विचार रखती है।

विधायक सतपाल सिंह सत्ती द्वारा प्रदेश के सीमा द्वारों पर पुलिस चौकी व बल तैनाती पर पूछे गए प्रश्र पर मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया कि प्रदेश की सीमाओं पर प्रवेश द्वार पर छह स्थायी व दो अस्थायी चौकियां कार्यशील हैं। प्रदेश में कानून की व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है व आवश्क्ता पडऩे पर स्थानीय पुलिस बल के साथ बटालियन से भी पुलिस बल उपलब्ध कराया जाता है। विधायक सुधीर शर्मा द्वारा लोकसेवा आयोग में रिक्त पदों को भरने से संबंधित मांग पत्रों व आयोग के ट्विटर अकाउंट पर पूछे गए प्रश्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गत तीन वर्षों में लोकसेवा आयोग के पास पांच पदों को भरने संबंधित मांग पत्र प्राप्त हुए हैं। संघ लोकसेवा आयोग व प्रदेश लोकसेवा आयोग का कोई आधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है। विधायक डा. जनक राज के गगल से शिमला उड़ान बंद होने के प्रश्र पर मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया कि यह उड़ान दो नवंबर से लेकर 15 दिसंबर तक विमान के रखरखाव संबंधी समस्या के कारण बंद है। विधायक राकेश जम्वाल द्वारा विधायक क्षेत्र विकास निधि न जारी होने के प्रश्र पर मुख्यमंत्री ने बताया गया कि सरकार द्वारा धन आहरण में कोई रोक नहीं है, लेकिन कुछ आहरण भुगतान एवं प्राप्तियों के असंतुलन के चलते विनियमित किए जा रहे हैं।

केसीसी बैंक की शाखाओं और कार्यालयों की जानकारी

विधायक विपिन सिंह परमार द्वारा वर्तमान में केसीसी बैंक की शाखाओं, क्षेत्रीय कार्यालयों व एक्सटेंशन काउंटर्स से संबंधित प्रश्न पर मुख्यमंत्री द्वारा बताया गया कि केसीसी बैंक की सभी शाखाओं, कार्यालयों व एक्सटेंशन काउंटर्स का पूर्ण विवरण उपलब्ध है।

TRN LIVE: *9 से 10 दिसंबर को आयोजित होंगे कैंपस इंटरव्यू: जिला रोजगार अधिकारी*

*चम्बा, 2 दिसंबर*

  जिला रोजगार अधिकारी अरविंद सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला रोजगार कार्यालय बालू, चम्बा द्वारा कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से निजी कंपनी द्वारा मशीन ऑपरेटर तथा हेल्पर के 200 अप्रेन्टिस पदों को भरा जाएगा।

  उन्होंने बताया कि ऑरो टेक्सटाइल्स और ऑरो वेविंग (वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड की इकाई) बद्दी, जिला सोलन द्वारा यह कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 9 दिसंबर को जिला रोजगार कार्यालय बालू चम्बा और 10 दिसंबर को उप रोजगार कार्यालय चुवाड़ी में कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा।

  जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इंटरव्यू के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक, जमा दो तथा आईटीआई (सिलाई, फीटर, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट—COPA) रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवारों की आयु 18 से 26 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है। चयनित अभ्यार्थियों को 12,750 रुपये मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा।

  उन्होंने बताया कि सभी इच्छुक अभ्यार्थी शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, रोजगार कार्यालय का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व बायोडाटा लेकर निर्धारित तिथि और स्थान पर प्रातः 10:30 बजे उपस्थित होना सुनिश्चित बनाएं।

TRN LIVE: *हिमाचल: चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए हैं 60 सरकारी कर्मचारी, 15 पुलिस जवान भी शामिल, सीएम ने किया खुलासा*

*सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को तपोवन विधानसभा परिसर में नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर की छठी राज्य स्तरीय बैठक के बाद बातचीत में बताया कि चिट्टा तस्करी में 60 सरकारी कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं, जिनमें 15 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इनमें से पांच पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।*

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य में नशा माफिया पर निर्णायक कार्रवाई शुरू करते हुए सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि नशा बेचकर अर्जित की गईं संपत्तियों की निशानदेही कर 10 दिसंबर तक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए। सरकार इन अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने की तैयारी में है। *सीएम ने मंगलवार को तपोवन विधानसभा परिसर में नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर की छठी राज्य स्तरीय बैठक के बाद बातचीत में बताया कि प्रदेश की 234 अत्यधिक संवेदनशील पंचायतों में सीआईडी और पुलिस बल की विशेष तैनाती कर दी गई है।* उपायुक्तों को इन पंचायतों में नशा निवारण समितियां गठित करने और प्रत्येक जिले में नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम ने खुलासा किया कि चिट्टा तस्करी में 60 सरकारी कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं, जिनमें 15 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इनमें से पांच पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। सरकार ने सभी विभागों से ऐसे कर्मचारियों का ब्योरा 10 दिसंबर तक भेजने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में नशा नियंत्रण से जुड़े सप्लाई, डिमांड और हार्म रिडक्शन के मानकों को शामिल किया जाएगा।

*तीन वर्षों में 28% बढ़े एनडीपीएस के मामले*

सीएम ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में एनडीपीएस मामलों में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इस अवधि में 5,642 मामले दर्ज किए, 8216 गिरफ्तारियां हुईं और 36.657 किलो चिट्टा बरामद किया गया। प्रदेश में लागू पीआईटी-एनडीपीएस के तहत 46 तस्करों को हिरासत में लिया गया और 48 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की गईं। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने पंचायतों को रेड, येलो और ग्रीन श्रेणियों में बांटकर 12,000 व्यक्तियों की पहचान की है और यह मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय बन रहा है।

*121 स्थानों पर एक साथ छापामारी कर 10 बड़े तस्कर नेटवर्क पर किया निर्णायक प्रहार*

सीएम ने बताया कि 17 और 18 नवंबर को राज्यभर में चलाए गए बड़े अभियान के दौरान 16,441 वाहनों की जांच की गई और 13 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए। 22 नवंबर को 121 स्थानों पर एक साथ छापामारी कर 10 बड़े तस्कर नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार किया गया। 25 नवंबर को शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष अभियान चलाकर 41 परिसरों और 598 दुकानों की तलाशी ली गई, जिसमें 12 प्राथमिकी दर्ज और 385 चालान किए गए। आने वाले दिनों में जिला और सबडिवीजन स्तर पर एंटी-चिट्टा वॉकथॉन भी आयोजित की जाएंगी। सरकार केवल सख्त प्रवर्तन ही नहीं, बल्कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों के काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास के तंत्र को भी मजबूत कर रही है। प्रदेश में सभी सरकारी भर्तियों में ड्रग टेस्ट अनिवार्य किया गया है। स्कूल-कॉलेजों में एंटी-ड्रग क्लब, प्रहरी क्लब और साथी शिक्षा कार्यक्रम को और सक्रिय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, भांग की खेती पर कड़ी निगरानी, फार्मा इकाइयों की सख्त जांच और एनडीपीएस मामलों में तेज अपील निपटान व दोष सिद्धि दर बढ़ाने के लिए अभियोजन निदेशालय को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

 

*चिट्टा सूचना इनाम योजना होगी शुरू*

सीएम ने घोषणा की कि सरकार जल्द ही ‘चिट्टा सूचना इनाम योजना’ शुरू करने जा रही है, जिसके तहत सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 हजार से 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। सूचना 112 नंबर पर या नजदीकी पुलिस स्टेशन में दी जा सकेगी। सीएम ने चेतावनी दी कि सूचना देने वालों की जानकारी लीक करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

TRN LIVE: *बिजली मित्र और पशु मित्रों की भर्ती शुरू, बोर्ड और विभाग अपने स्तर पर ही पूरी करेंगे ये भर्तियां*

बिजली बोर्ड और पशुपालन विभाग ने प्रक्रिया शुरू की

राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद बिजली बोर्ड मेें विद्युत उपभोक्ता मित्रों और पशुपालन विभाग में पशु मित्रों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य बिजली बोर्ड और पशुपालन विभाग ने इस बारे में पत्र जारी कर दिया है। ये भर्तियां बोर्ड और विभाग अपने स्तर पर ही करेंगे। पशु मित्र में 500 और बिजली मित्रों में 1602 पद भरे जाएंगे। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पशुपालन विभाग में 500 पशु मित्रों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में विभाग ने सभी संयुक्त निदेशकों और नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं। सरकार ने 14 अगस्त 2025 को पशु मित्र नीति 2025 लागू की थी, जिसके तहत बहु-कार्य सहायक पशुपालन यानी पशु मित्रों की भर्ती की जानी है। अब 28 नवंबर 2025 को जारी पत्र के माध्यम से सरकार ने विभाग को कुल 500 पशु मित्र लगाने की अनुमति प्रदान की है। इसके साथ अब जिलों और उपमंडलों के अनुसार उन पशु संस्थानों की सूची भी भेजी गई है, जहां इन पशु मित्रों को तैनात किया जाएगा। सभी संबधित अधिकारियों को नियमों के तहत भर्तियां शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पशु मित्रों का चयन संबंधित वरिष्ठ पशु चिकित्सकों के माध्यम से किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को नीति में बताए गए नियमों के अनुसार पूरा किया जाएगा।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पशु मित्रों की पूरी भर्ती प्रक्रिया 15 फरवरी 2026 से पहले हर हाल में पूरी कर ली जाए। सरकार द्वारा भेजे गए संशोधित में पशुपालक किसानों को प्रमाण पत्र जारी करने की नई विधि भी तय की गई है, जिसे पशु औषधालय के फार्मासिस्ट और संबंधित ग्राम पंचायत सचिव द्वारा सत्यापित किया जाएगा। पशुपालन विभाग का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे किसानों और पशुपालकों को गांव स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने पूरे प्रदेश में 1602 विद्युत उपभोक्ता मित्र रखने का निर्णय लिया है। यह नियुक्तियां बाहरी ठेके के आधार पर की जाएंगी। इस संबंध में बोर्ड ने हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम को पत्र भेज दिया है। इन बिजली उपभोक्ता मित्रों को प्रति माह 10,000 रुपये मानदेय मिलेगा और रोज 6 घंटे का कार्य समय रहेगा। सभी पद राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के माध्यम से नियमों और प्रक्रिया को पूरा करने के बाद भरे जाएंगे। बोर्ड ने निगम से अनुरोध किया है कि सभी निर्धारित नियमों की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बिजली उपभोक्ता मित्र उपलब्ध करवाए जाएं। संबंधित मुख्य अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में तैनाती के स्थान और संख्या की जानकारी एक सप्ताह के भीतर निगम को भेजेंगे।

नियुक्ति के बाद विद्युत बोर्ड, राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम और चयनित व्यक्तियों के बीच तीनों पक्षों का समझौता किया जाएगा। बोर्ड के सभी संबंधित प्रभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यक विवरण समय से उपलब्ध करवाए। प्रदेश के सभी संचालन मंडलों शिमला, मंडी, धर्मशाला, हमीरपुर सहित विद्युत व्यवस्था और उत्पादन प्रभागों में भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता मित्र तैनात किए जाएंगे। कुल मिलाकर प्रदेश में 1602 पदों को भरने की स्वीकृति दी गई है।

पशु मित्र भर्ती के लिए क्या है पात्रता

– आवेदक हिमाचल प्रदेश का निवासी होना चाहिए।

– आवेदक या उसके परिवार के नाम पर 31 दिसंबर 2024 तक पशुधन पंजीकृत होना चाहिए।

– पशुधन का ब्यौरा भारत पशुधन पोर्टल पर 30 अप्रैल 2025 तक दर्ज होना अनिवार्य है।

– ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज होना चाहिए।

कौन बन सकता है विद्युत उपभोक्ता मित्र

– न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता : 10वीं पास बोर्ड द्वारा तय मानकों के अनुसार।

– उम्र सीमा : 18 से 45 वर्ष सरकारी नियमों के मुताबिक छूट लागू हो सकती है।

– स्थानीयता : उसी क्षेत्र/मंडल के निवासी को प्राथमिकता जहां तैनाती होगी।

– दैनिक 6 घंटे की ड्यूटी करने के लिए उपलब्ध होना जरूरी।

TRN LIVE: HP Weather : फिर आ रहा है पश्चिमी विक्षोभ, हिमाचल में दो दिन होगी बारिश-बर्फबारी

शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम में इस हफ्ते के अंत में बदलाव आने का अनुमान है। मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और चक्रीय चक्रवात के प्रभाव से पांच दिसंबर से ताज़ा बारिश और हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है। मौसम विभाग के प्रात:कालीन बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश में पूरी तरह शुष्क मौसम रहा, लेकिन वायुमंडलीय स्थितियों में तेजी से बदलाव हो रहा है।

उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर बना हवा का चक्रीय चक्रवात अभी भी सक्रिय है और इसके बाद पांच दिसंबर से एक और कमज़ोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करेगा। उत्तर हरियाणा के ऊपर बना चक्रीय चक्रवात भी सक्रिय है जिससे हिमाचल में मौजूदा शुष्क मौसम का दौर समाप्त होने का अनुमान है। मध्य क्षेत्र और पहाड़ियों में ठंड बढ़ गई है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

लाहौल -स्पीति के ताबो में सबसे कम न्यूनतम तापमान शून्य से आठ डिग्री सेल्सियस कम रहा, जिससे यह राज्य का सबसे ठंडा स्थान बन गया। मनाली में पारा 2.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि शिमला में पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्य पहाड़ियों के कई स्टेशनों पर रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। बिलासपुर, मंडी और सुंदरनगर में घना कोहरा छाया रहा, जहां दृश्यता महज़ 50-100 मीटर तक रह गई। आईएमडी ने अगले दो दिनों के लिए कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान और गिरने से कोहरा और घना हो सकता है।

हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम स्तर पर रहा, लेकिन कोहरे की परत के कारण प्रदूषक तत्व हवा में फंस सकते हैं और स्थिति अस्थायी रूप से खराब हो सकती है। पर्यटन से जुड़े लोग इस मौसमी बदलाव पर नजर रखे हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि क्रिसमस और नए साल से पहले ही सेल्सियस बर्फबारी हो जाएगी, जो राज्य में सर्दियों के बेहतर पर्यटक मौसम की शुरुआत मानी जाती है।

TRN LIVE: बिजली मित्र और पशु मित्रों की भर्ती शुरू, बोर्ड और विभाग अपने स्तर पर ही पूरी करेंगे ये भर्तियां

By: Divyahimachal

बिजली बोर्ड और पशुपालन विभाग ने प्रक्रिया शुरू की

राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद बिजली बोर्ड मेें विद्युत उपभोक्ता मित्रों और पशुपालन विभाग में पशु मित्रों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य बिजली बोर्ड और पशुपालन विभाग ने इस बारे में पत्र जारी कर दिया है। ये भर्तियां बोर्ड और विभाग अपने स्तर पर ही करेंगे। पशु मित्र में 500 और बिजली मित्रों में 1602 पद भरे जाएंगे। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पशुपालन विभाग में 500 पशु मित्रों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में विभाग ने सभी संयुक्त निदेशकों और नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं। सरकार ने 14 अगस्त 2025 को पशु मित्र नीति 2025 लागू की थी, जिसके तहत बहु-कार्य सहायक पशुपालन यानी पशु मित्रों की भर्ती की जानी है। अब 28 नवंबर 2025 को जारी पत्र के माध्यम से सरकार ने विभाग को कुल 500 पशु मित्र लगाने की अनुमति प्रदान की है। इसके साथ अब जिलों और उपमंडलों के अनुसार उन पशु संस्थानों की सूची भी भेजी गई है, जहां इन पशु मित्रों को तैनात किया जाएगा। सभी संबधित अधिकारियों को नियमों के तहत भर्तियां शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पशु मित्रों का चयन संबंधित वरिष्ठ पशु चिकित्सकों के माध्यम से किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को नीति में बताए गए नियमों के अनुसार पूरा किया जाएगा।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पशु मित्रों की पूरी भर्ती प्रक्रिया 15 फरवरी 2026 से पहले हर हाल में पूरी कर ली जाए। सरकार द्वारा भेजे गए संशोधित में पशुपालक किसानों को प्रमाण पत्र जारी करने की नई विधि भी तय की गई है, जिसे पशु औषधालय के फार्मासिस्ट और संबंधित ग्राम पंचायत सचिव द्वारा सत्यापित किया जाएगा। पशुपालन विभाग का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे किसानों और पशुपालकों को गांव स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने पूरे प्रदेश में 1602 विद्युत उपभोक्ता मित्र रखने का निर्णय लिया है। यह नियुक्तियां बाहरी ठेके के आधार पर की जाएंगी। इस संबंध में बोर्ड ने हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम को पत्र भेज दिया है। इन बिजली उपभोक्ता मित्रों को प्रति माह 10,000 रुपये मानदेय मिलेगा और रोज 6 घंटे का कार्य समय रहेगा। सभी पद राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के माध्यम से नियमों और प्रक्रिया को पूरा करने के बाद भरे जाएंगे। बोर्ड ने निगम से अनुरोध किया है कि सभी निर्धारित नियमों की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बिजली उपभोक्ता मित्र उपलब्ध करवाए जाएं। संबंधित मुख्य अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में तैनाती के स्थान और संख्या की जानकारी एक सप्ताह के भीतर निगम को भेजेंगे।

नियुक्ति के बाद विद्युत बोर्ड, राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम और चयनित व्यक्तियों के बीच तीनों पक्षों का समझौता किया जाएगा। बोर्ड के सभी संबंधित प्रभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यक विवरण समय से उपलब्ध करवाए। प्रदेश के सभी संचालन मंडलों शिमला, मंडी, धर्मशाला, हमीरपुर सहित विद्युत व्यवस्था और उत्पादन प्रभागों में भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता मित्र तैनात किए जाएंगे। कुल मिलाकर प्रदेश में 1602 पदों को भरने की स्वीकृति दी गई है।

पशु मित्र भर्ती के लिए क्या है पात्रता

– आवेदक हिमाचल प्रदेश का निवासी होना चाहिए।

– आवेदक या उसके परिवार के नाम पर 31 दिसंबर 2024 तक पशुधन पंजीकृत होना चाहिए।

– पशुधन का ब्यौरा भारत पशुधन पोर्टल पर 30 अप्रैल 2025 तक दर्ज होना अनिवार्य है।

– ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज होना चाहिए।

कौन बन सकता है विद्युत उपभोक्ता मित्र

– न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता : 10वीं पास बोर्ड द्वारा तय मानकों के अनुसार।

– उम्र सीमा : 18 से 45 वर्ष सरकारी नियमों के मुताबिक छूट लागू हो सकती है।

– स्थानीयता : उसी क्षेत्र/मंडल के निवासी को प्राथमिकता जहां तैनाती होगी।

– दैनिक 6 घंटे की ड्यूटी करने के लिए उपलब्ध होना जरूरी।

देखिए।

अपने नजदीकी कार्यालय ही जमा करना होगा।

TRN LIVE: पशु मित्र भर्ती 2025

कुल पद 500

सैलरी 5000

देखिए डिविजन,संस्थान और पदों की संख्या।

Form भी इसी में है। योग्यताएं ,मेरिट और सब देखिए।

अपने नजदीकी कार्यालय ही जमा करना होगा।

TRN LIVE: पराली तो कोरोना काल में भी जली, तब आसमान साफ कैसे था? प्रदूषण के लिए किसानों को दोषी ठहराना सही नहीं: SC

By: Divyahimachal 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के संकट के लिए किसानों को अकेला जिम्मेदार ठहराने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि पराली जलाना कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान भी मौजूद था, जबकि राजधानी में उस समय असाधारण रूप से साफ आसमान देखा गया था। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर लंबे समय से लंबित एमसी मेहता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पराली जलाने के आसपास की कहानी को ‘एक राजनीतिक मुद्दा या अहंकार का मुद्दा’ नहीं बनाया जाना चाहिए। पीठ ने दोहराया कि दिल्ली की जहरीली हवा के कई स्रोत हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने प्रदूषण के प्राथमिक योगदानकर्ताओं की पहचान करने वाले वैज्ञानिक विश्लेषणों पर स्पष्टता की मांग की। उन्होंने कहा कि जहाँ पराली जलाने को लगातार उजागर किया जाता है, वहीं ‘उन लोगों पर बोझ डालना गलत होगा जिनका न्यायालय में शायद ही कोई प्रतिनिधित्व हो।’ उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान भी पराली जलाई गई थी। अब असली सवाल यह है कि उस समय साफ नीला आसमान क्यों दिखाई दे रहा था। न्यायालय ने कहा कि किसान अक्सर अपनी आजीविका की रक्षा के लिए पराली जलाते हैं और उन्हें अनुचित रूप से दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।

पीठ ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह पराली जलाने के अलावा अन्य सभी प्रमुख प्रदूषण स्रोतों को रोकने के लिए उठाए गए प्रभावी उपायों पर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे। न्यायालय ने सरकार से पूछा कि क्या उसकी कार्य योजनाओं ने ठोस सुधार किए हैं? उन योजनाओं की फिर से जाँच क्यों नहीं की जा सकती है? वहीं, सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी ने न्यायालय को बताया कि पंजाब, हरियाणा और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई रिपोर्ट जल्द ही दाखिल की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि यह मुद्दा केवल मौसमी है और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के अध्ययनों के आधार पर वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक धूल 2016 और 2023 से प्रदूषण के सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में बने हुए हैं।

न्यायमूर्ति बागची ने निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को रेखांकित करते हुए निर्माण प्रतिबंध की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाया। पीठ ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के सदस्यों की विशेषज्ञता और योग्यताओं पर विवरण मांगा। एक वकील ने सुनवाई के दौरान सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग की समस्या को उजागर करते हुए टिप्पणी की कि दिल्ली का वाहन घनत्व (व्हीकल डेंसिटी) कई प्रमुख शहरों के संयुक्त घनत्व से अधिक है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मेट्रो का विस्तार दीर्घकालिक राहत प्रदान कर सकता है लेकिन तत्काल, अल्पकालिक उपाय भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

वहीं, एक अन्य वकील ने कहा कि न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह के 1990 के दशक में सीएनजी बसों को अपनाने का निर्देश देने वाले आदेशों ने वायु गुणवत्ता में काफी सुधार किया था और आज भी ऐसे ही निर्णायक कदमों का आग्रह किया। मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।

TRN LIVE: ED की बड़ी कार्रवाई: सीए नरेश केजरीवाल के 15 ठिकानों पर फेमा उल्लंघन मामले में छापेमारी

By: Divyahimachal 

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए नरेश केजरीवाल और उनके परिवार के खिलाफ बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत विदेशी मुद्रा लेन-देन के नियमों के उल्लंघन के मामले में हुई है। ईडी ने रांची के चर्च कॉम्प्लेक्स स्थित उनके कार्यालय के साथ मुंबई और सूरत में भी कुल 15 ठिकानों पर रेड मारी है।

यह झारखंड में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) के तहत की गई यह ईडी की पहली छापेमारी है। छापेमारी के दौरान ईडी विदेशी संपत्तियों और उनके कागजी दस्तावेजों की जांच कर रही है क्योंकि ये संपत्तियां कानूनी दस्तावेजों में नहीं दिख रही हैं, जिससे अवैध धन शोधन का संदेह बनता है। ईडी इस कार्रवाई से सीमा-पार होने वाले अवैध लेन-देन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य इकट्ठा कर रही है।

ईडी ने इस मामले में जांच आयकर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर शुरू की, जिसमें नरेश केजरीवाल और उनके परिवार के लोगों ने संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया, और अमेरिका जैसी देशों में विदेशी शेल कंपनियों के नाम से बड़ी रकम का निवेश किया था। लेकिन जांच में यह खुलासा हुआ कि ये कंपनियां वास्तव में भारत से संचालित हो रही थीं। ईडी का यह अभियाना आज सुबह से शुरू हुआ और इसमें नरेश केजरीवाल के साथ उनके परिजन और सहयोगी भी जांच के दायरे में हैं।

TRN LIVE: चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए हैं 60 सरकारी कर्मचारी, 15 पुलिस जवान भी शामिल, सीएम ने किया खुलासा

Himachal 60 government employees 15 police personnel found involved in Chitta smuggling CM reveals

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य में नशा माफिया पर निर्णायक कार्रवाई शुरू करते हुए सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि नशा बेचकर अर्जित की गईं संपत्तियों की निशानदेही कर 10 दिसंबर तक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए। सरकार इन अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने की तैयारी में है। सीएम ने मंगलवार को तपोवन विधानसभा परिसर में नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर की छठी राज्य स्तरीय बैठक के बाद बातचीत में बताया कि प्रदेश की 234 अत्यधिक संवेदनशील पंचायतों में सीआईडी और पुलिस बल की विशेष तैनाती कर दी गई है। उपायुक्तों को इन पंचायतों में नशा निवारण समितियां गठित करने और प्रत्येक जिले में नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम ने खुलासा किया कि चिट्टा तस्करी में 60 सरकारी कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं, जिनमें 15 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इनमें से पांच पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। सरकार ने सभी विभागों से ऐसे कर्मचारियों का ब्योरा 10 दिसंबर तक भेजने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में नशा नियंत्रण से जुड़े सप्लाई, डिमांड और हार्म रिडक्शन के मानकों को शामिल किया जाएगा।

तीन वर्षों में 28% बढ़े एनडीपीएस के मामले

सीएम ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में एनडीपीएस मामलों में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इस अवधि में 5,642 मामले दर्ज किए, 8216 गिरफ्तारियां हुईं और 36.657 किलो चिट्टा बरामद किया गया। प्रदेश में लागू पीआईटी-एनडीपीएस के तहत 46 तस्करों को हिरासत में लिया गया और 48 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की गईं। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने पंचायतों को रेड, येलो और ग्रीन श्रेणियों में बांटकर 12,000 व्यक्तियों की पहचान की है और यह मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय बन रहा है।

121 स्थानों पर एक साथ छापामारी कर 10 बड़े तस्कर नेटवर्क पर किया निर्णायक प्रहार

सीएम ने बताया कि 17 और 18 नवंबर को राज्यभर में चलाए गए बड़े अभियान के दौरान 16,441 वाहनों की जांच की गई और 13 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए। 22 नवंबर को 121 स्थानों पर एक साथ छापामारी कर 10 बड़े तस्कर नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार किया गया। 25 नवंबर को शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष अभियान चलाकर 41 परिसरों और 598 दुकानों की तलाशी ली गई, जिसमें 12 प्राथमिकी दर्ज और 385 चालान किए गए। आने वाले दिनों में जिला और सबडिवीजन स्तर पर एंटी-चिट्टा वॉकथॉन भी आयोजित की जाएंगी। सरकार केवल सख्त प्रवर्तन ही नहीं, बल्कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों के काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास के तंत्र को भी मजबूत कर रही है। प्रदेश में सभी सरकारी भर्तियों में ड्रग टेस्ट अनिवार्य किया गया है। स्कूल-कॉलेजों में एंटी-ड्रग क्लब, प्रहरी क्लब और साथी शिक्षा कार्यक्रम को और सक्रिय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, भांग की खेती पर कड़ी निगरानी, फार्मा इकाइयों की सख्त जांच और एनडीपीएस मामलों में तेज अपील निपटान व दोष सिद्धि दर बढ़ाने के लिए अभियोजन निदेशालय को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

 

चिट्टा सूचना इनाम योजना होगी शुरू

सीएम ने घोषणा की कि सरकार जल्द ही ‘चिट्टा सूचना इनाम योजना’ शुरू करने जा रही है, जिसके तहत सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 हजार से 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। सूचना 112 नंबर पर या नजदीकी पुलिस स्टेशन में दी जा सकेगी। सीएम ने चेतावनी दी कि सूचना देने वालों की जानकारी लीक करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

TRN LIVE: नेता विपक्ष जयराम ठाकुर बोले- पीएम मोदी की 1500 करोड़ देने की घोषणा पत्थर की लकीर

मंगलवार को सदन में नियम 130 के तहत आपदा पर लाई चर्चा को जारी रखा गया। जयराम ने कहा कि यह कहना कि केंद्र से कुछ नहीं मिला, सही नहीं है। कहा कि सत्ता पक्ष एक बात बार-बार कहता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश आए और उन्होंने 1500 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया। उनकी कही हुई बात पत्थर की लकीर होती है।

Himachal Winter Session Jairam Thakur said PM Modi announcement of giving Rs 1500 crore is set in stone

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता पक्ष एक बात बार-बार कहता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश आए और उन्होंने 1500 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया। उनकी कही हुई बात पत्थर की लकीर होती है। यह पैसा उनकी घोषणा के अनुरूप हिमाचल को मिलेगा। आपदा आई है तो सरकार अपने संसाधनों से राहत पहुंचाने के बजाय केंद्र के पैसे का ही इंतजार कर रही है।

सदन में नियम 130 के तहत आपदा पर लाई चर्चा को जारी रखा गया। जयराम ने कहा कि यह कहना कि केंद्र से कुछ नहीं मिला, सही नहीं है। हिमाचल प्रदेश को एसडीआरएफ के तहत 1280 करोड़ मिले। इसके बाद 320 और 1639 करोड़ रुपये अलग से मिले। पीडीएनए के तहत 2006 करोड़ रुपये मंजूर हुए। अब तक केंद्र से 5250 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। यह लोग क्या चाहते हैं कि प्रधानमंत्री के घोषित 1500 करोड़ रुपये जेब में आने चाहिए। मंडी क्षेत्र में दो महीने तक पोकलेन और जेसीबी लोगों ने बिना पैसे की लगाईं। अपनी मशीनें लगाकर वहां अपना पैसा डालकर सड़कों को खोला गया। जिन लोगों ने चेक दिए, उसकी डिटेल भेजी गई है।

सरकार के तीन साल साल का कार्यकाल पूरा होने पर मंडी में होने जा रहे कार्यक्रम पर कहा कि सबसे ज्यादा जहां नुकसान हुआ, वहां सरकार जश्न मना रही है। वहां पर नाटी भी डालेंगे। पानी की बोतल का खर्चा राजस्व विभाग की ओर से वहन किया जाएगा। इस पर मानवीय दृष्टि से सोचा जाना चाहिए। जयराम ने कहा कि वर्ष 2023 में आपदा आई तो राज्य सरकार की ओर से राहत राशि की एक किस्त जारी की गई है। उन्होंने पूछा कि घर बनाने के लिए आठ लाख रुपये जो आपदा प्रभावित लोगों को दिए जा रहे हैं, उनमें क्या केंद्र सरकार से आने वाला पैसा शामिल नहीं है। विधायक अपने घर जाते हैं तो सुबह-सुबह उनके आंगन लोगों से भरे होते हैं। सर्दी के मौसम में बगैर घरों के उनका जीवन मुश्किल हो गया है। कांग्रेस नेताओं के भाषण में जयराम ठाकुर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही निशाने पर रहते हैं।

जयराम ने सीएम की ओर इशारा कर कहा-आप मंडी राहत देने नहीं आए। आप जयराम ठाकुर के खिलाफ बोलने के लिए मंडी आए। मैं 22 दिनों तक पैदल चला हूं। हम चंबा, कुल्लू, बिलासपुर आदि अभी जगहों पर गए। सबसे ज्यादा हम ही फील्ड में गए। आपने साढ़े चार हजार करोड़ के पैकेज का एलान किया। वास्तव में राहत देने का आंकड़ा 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी नहीं छू सका।

TRN LIVE: करुणामूलक नौकरियों पर विपक्ष ने घेरी सरकार, सुक्खू-जयराम में हुई नोकझोंक

 विधानसभा शीत सत्र में करुणामूलक नौकरियों के सवाल पर मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब नोकझोंक हुई। 

HP Assembly Session: Opposition surrounds govt over compassionate jobs, Sukhu Jairam exchanges words

हिमाचल प्रदेश विधानसभा शीत सत्र में करुणामूलक नौकरियों के सवाल पर मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद सिंह सुक्खू और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर इस मुद्दे पर कई बार आमने-सामने हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने करुणामूलक वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। अब सदन में राजनीति की जा रही है। प्रदेश सरकार ने आय सीमा को ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया है। इस आधार पर 31 दिसंबर तक मिलने वाले प्रस्तावों को नौकरियां देने में प्राथमिकता दी जाएगी। नए साल से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

लंबित मामलों पर बाद में विचार करने की मुख्यमंत्री ने बात कही। इस पर नेता विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि सीएम का बयान गलत है। पूर्व सरकार के समय में करुणामूलक आधार पर सबसे अधिक नौकरियां दी गईं।भाजपा विधायक दीपराज ने मामला उठाते हुए कहा कि आय सीमा ढाई लाख होने के चलते करुणामूलक नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले 2554 केस सरकार ने रिजेक्ट कर दिए हैं। अब आय सीमा तीन लाख हो गई है तो इन मामलों पर भी विचार होना चाहिए। विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि कृषि विवि पालमपुर में करुणामूलक आधार पर नौकरियां नहीं दी जा रही हैं।

वर्ष 1988 के मामले भी अभी तक लंबित हैं। विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि जो केस रिजेक्ट हुए हैं, उन पर पहले विचार होना चाहिए। जयराम ने कहा कि पूर्व और वर्तमान सरकार के समय में कितनी नौकरियां दी गईं, इसका रिकॉर्ड सदन में रखना चाहिए। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने क्लास थ्री श्रेणी को भी इस भर्ती में शामिल किया है। जैसे-जैसे पद रिक्त होंगे, उन्हें भरा जाएगा। नीतियां लगातार बदलती रहती हैं। मृतक अनुबंध और दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के आश्रितों को सरकार की वर्तमान नीति के आधार पर रोजगार देने का प्रावधान है।

सुक्खू बोले- गुस्सा ना करें नेता विपक्ष, जयराम ने कहा-गलत नहीं सुन सकता

प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता विपक्ष को हर बात पर गुस्सा नहीं करना चाहिए। अपने स्वभाव में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष में बैठने से जयराम ठाकुर परेशान रहते हैं। जयराम ठाकुर ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं अपने स्वभाव के अनुरुप बहुत शांत रहता हूं लेकिन सदन में दी जा रही गलत जानकारियों को नहीं सुन सकता हूं।

सवालों के जवाब नहीं मिलने पर विपक्ष ने जताया एतराज

कुछ सवालों से संबंधित जानकारियां ही एकत्रित होने के जवाब मिलने पर भाजपा विधायकों ने एतराज जताया। भाजपा विधायक जीतराम कटवाल और नेता विपक्ष ने सवाल पूछा था कि बीते तीन साल के दौरान विभागों में कितने पद भरे गए। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारियां विस्तृत हैं। ऐसे में एकत्र करने में समय लग रहा है। सूचना एकत्र करने की व्यवस्था पूर्व सरकार के समय से चल रही है। हम व्यवस्था बदलकर अगले सत्र में जवाब देंगे। इस पर जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व के सत्र में यह सवाल लगा था, तब भी जानकारी ही एकत्र हो रही थी और अब भी जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। एक अन्य सवाल का भी जवाब नहीं मिलने पर विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि यह सूचना एकत्र करने वाला सवाल ही नहीं है। या तो सरकार ने नौकरियां दी नहीं हैं या बहुत अधिक दी हैं। यह ब्यौरा तो होना चाहिए। 

आपराधिक मामलों में फंसे लोग नहीं बनते स्कूली समारोहों में मुख्य अतिथि : रोहित

 शिक्षा मंत्री राेहित ठाकुर ने बताया कि आपराधिक मामलों में फंसे लोग स्कूली समारोहों में मुख्य अतिथि नहीं बनाए जाते हैं। विधायक त्रिलोक जंबाल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों में होने वाले वार्षिक समारोहों में मुख्य अतिथि का चयन स्टाफ और स्कूल प्रबंधन समिति की आम राय से होता है। जिनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो, उन्हें नहीं बुलाया जाता। यह सामान्य समझ एवं आवश्यक प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके लिए अलग से दिशा निर्देशों की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों को आमंत्रित किया जाता है जो विद्यार्थियों को प्रेरित करें और उनका मार्गदर्शन करने के योग्य हो। 

आउटसोर्स कर्मियों के नियमितीकरण को नहीं है कोई नीति

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण की वर्तमान में कोई भी नीति निर्धारित नहीं है। इन कर्मियों के हितों की सुरक्षा के लिए एक मार्गदर्शिका जारी की गई है। इसमें वेतन वृद्धि, ईएसआई, यात्रा भत्ते का प्रावधान है। विधायक दीपराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।

TRN LIVE: विधानसभा सदन में पेश किए ये महत्वपूर्ण विधेयक, जानें मंगलवार को क्या कुछ हुआ

विधानसभा शीत सत्र में मंगलवार को उद्योग, श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सदन में हिमाचल प्रदेश दुकान और वाणिज्यिक स्थापना संशोधन विधेयक 2025 को सदन में पेश किया। 

HP Assembly Winter Session: These important bills were introduced in the house, will passed after discussion.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा शीत सत्र में मंगलवार को उद्योग, श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सदन में हिमाचल प्रदेश दुकान और वाणिज्यिक स्थापना संशोधन विधेयक 2025 को सदन में पेश किया। वहीं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 और हिमाचल प्रदेश नगरपालिका द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 को पेश किया। इसके अतिरिक्त राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने हिमाचल प्रदेश अभीधृति और भूमि सुधार संशोधन विधेयक 2025 सदन में पेश किया।

यह संशोधन विधेयक धारा 118 में संशोधन से संबंधित है। इस पर आगामी दिनों में चर्चा होगी और उसके बाद इसका पारण होगा। बता दें, हिमाचल प्रदेश अभिधृति एवं भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118 को राज्य सरकार सरल करने जा रही है। इसके लिए धारा 118 के तहत बनाए जाने वाले नियमों में संशोधन का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य राज्य में विभिन्न श्रेणियों के उद्योगों और कारोबार की स्थापना के लिए जमीन की उपलब्धता में परेशानी कम करना बताया जा रहा है। 

हिमाचल में जल्दी भरेंगे चिकित्सकों के 232 पद : शांडिल

नूरपुर के भाजपा विधायक रणवीर सिंह निक्का ने नूरपुर अस्पताल में स्टाफ की कमी होने पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में विभिन्न श्रेणियों के पद रिक्त हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान में नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 115 बिस्तरों का प्रबंध है। अल्ट्रासाउंड, एक्सरे आदि की सुविधा दी जाती है। रिक्त पदों का भरा जाना सरकार की निरंतर प्रकिया है। छह विशेषज्ञ चिकित्सक के पद जारी हैं। चार ने पदभार नहीं संभाला है। उन्होंने कहा कि 232 पदों को भरने को चिकित्सकों के पद आयोग को लिखा गया है। पद विज्ञापित कर दिए गए हैं।

गरली हेरिटेज विलेज की पुरानी हवेलियों का किया जाए संरक्षण

जसवां-परागपुर से भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ने गरली हेरिटेज गांव के संरक्षण का मामला उठाया। उन्होंने स्थानीय शिल्पकारों और कारीगरों के संरक्षण का मामला उठाते हुए कहा कि यहां पर पुरानी हवेलियां हैं। पर्यटन के लिहाज से यह स्थान अत्यंत महत्व का है। गरली परागपुर उत्सव भी मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी हवेलियों को होटल में बदलने को धन दिलाया जाए। एक हेरिटेज ग्राम विकास योजना बनाई जाए। केंद्र से मदद का आग्रह किया जाए। समय आ गया है कि इसे विकसित किया जाए। यह सदन इस बात को गंभीरता से लेगा जो भी योजनाएं चल रही हैं, उनका लाभ हो। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि परागपुर गरली क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। पर्यटन बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। प्रधान सचिव पर्यटन और उपायुक्त कांगड़ा की एक हेरिटेज कमेटी भी गठित की गई। जैसे ही योजना आती है, उसमें काम किया जाएगा। यहां पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

पंचायत भवन में लग रहीं कक्षाएं : रीना कश्यप

पच्छाद की भाजपा विधायक रीना कश्यप ने शून्यकाल में कहा कि हाब्बन में स्कूल भवन न होने के कारण पंचायत भवन में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इस पर ध्यान दें। ऊना के भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने मामला उठाया कि ऊना में लगभग दो साल पहले एक पुल टूट गया था। यहां पर वेली ब्रिज बनाया गया है। प्रदेश सरकार बजट दे, जिससे पुल का काम शुरू किया जा सके।

सभी खैरों के पेड़ों को मार्क किया जाए : जमवाल

बिलासपुर के भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल ने मामला उठाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में खैर की कटाई का काम चल रहा है। वन विभाग का काम ठेकेदार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग को सभी किसानों के खैर के पेड़ों को मार्क किया जाए। क्यों जहां पर साथ लगता वन क्षेत्र है, वहां पर ज्यादा रेट दिए जा रहे हैं। कहीं इसलिए तो नहीं कि अवैध कटान हो। भाजपा विधायक जीत राम कटवाल ने राशन डिपो का मामला उठाया कि इनकी व्यवस्था को मजबूत किया जाए। आज के संदर्भ में राशन डिपो संचालकों के लिए मानदेय या कमीशन की व्यवस्था हो। इससे वे सम्मानजनक तरीके से राशन का वितरण करेंगे।

पैरा मिलिट्री फोर्स के लिए एक बोर्ड बनाया जाए

शून्यकाल में शाहपुर के कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया ने अर्धसैनिक बलों के जवानों को सुविधाएं देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि न सिर्फ जिला कांगड़ा में, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अर्धसैनिक बलों के लोग बड़ी संख्या में है। उन्होंने कहा कि पैरा मिलिट्री फोर्स के लिए एक बोर्ड बनाया जाए। इन्हें भी सेना की तर्ज पर सुविधाएं मिलनी चाहिए।

गोल्ड मेडल हासिल करवाने वाले सैणी को मिले पुरस्कार राशि : गोमा

नालागढ़ में कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र से संदीप सिंह सैणी ने साउथ एशियन गेम में गोल्ड मेडल हासिल किया है। सीएम और खेल मंत्री इनाम की राशि दें। अभी सेना में हैं। खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि जो गोल्ड मेडल या अन्य मेडल लेकर आते हैं। पुरस्कार राशि दी जाती है। नियमानुसार जो भी दे होगा, उसे देंगे।

TRN LIVE: निगम-बोर्डों में ओहदों के तलबगारों की भरमार, 18 में की जानी है तैनाती

 प्रदेश सरकार के निगम-बोडों में ताजपोशी का दौर शुरू हो गया है। 30 निगम बोर्डों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की तैनाती हो चुकी है। 

Himachal: Corporation boards are flooded with applicants, with 18 to be appointed.

 हिमाचल प्रदेश सरकार के निगम-बोडों में ताजपोशी का दौर शुरू हो गया है। 30 निगम बोर्डों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की तैनाती हो चुकी है। करीब 18 निगम और बोर्डों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तैनाती की जानी है। इसको लेकर कई इच्छुक विधायक, कांग्रेस पार्टी के नेता जुगत भिड़ाने लगे हैं। पार्टी नेता मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्रियों और हाईकमान तक के दरबार में हाजिरी भर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी में अभी नए प्रदेशाध्यक्ष की ताजपोशी हुई है।

ऐसे में पदाधिकारी यहां भी पैरवी करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी में 20 साल से सेवाएं दे रहे पदाधिकारियों को सरकार में जगह मिलेगी। अभी सरकार की ओर से जिन निगम बोर्डों में पदाधिकारियों की तैनाती की गई है, उन्होंने पार्टी के लिए आगे बढ़कर काम किया है।

पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी 45 के करीब पार्टी पदाधिकारियों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर तैनाती दी गई थी। हालांकि कांग्रेस सरकार 90 हजार करोड़ से ज्यादा के कर्जे में है। सीएम हिमाचल को कर्जे से उबारने की बात भी करते रहे हैं।

TRN LIVE: अमीर निकले कामगार, 953 पर होगी एफआईआर; बोर्ड ने प्रदेशभर में सभी कामगारों के वेरिफिकेशन का लिया फैसला

Himachal Workers found to be wealthy FIRs to be filed against 953

हिमाचल प्रदेश में मनरेगा के पात्र और अपात्र कामगारों की वेरिफिकेशन में अभी तक 9635 कामगारों की वेरिफिकेशन की जा चुकी है। इसमें करीब 953 कामगार अपात्र पाए गए हैं। अमीर लोगों ने खुद को कामगार बताकर हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ ले लिया। अब ऐसे लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी है।

वर्ष 2021-22 के पांच महीनों के भीतर 70 हजार पंजीकरण किए गए थे। इनमें ऐसे कई लोगों को शामिल कर दिया है जो पात्र नहीं हैं। ऐसे में उन लोगों की धरातल पर जांच की जा रही है। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड ने मार्च 2026 तक वेरिफिकेशन करने का लक्ष्य रखा है। हर माह 240 लोगों की वेरिफिकेशन की जा रही है।

अंदाजा है कि हिमाचल प्रदेश में करीब 1.5 लाख पात्र कामगार हैं, जबकि 4.57 लाख से पंजीकृत किए गए हैं। बोर्ड की मानें तो पूर्व सरकार के कार्यकाल में अपात्र लोगों को बांटी गई राशि को वापस लेने के लिए पंजीकृत कामगारों की धरातल पर वेरिफिकेशन की जाएगी और लाभ लेने वाले लोगों में जितने भी अपात्र लोग पाए जाएंगे उनसे वसूली की जाएगी। अगर कोई वापस नहीं करता है तो उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। हालांकि कई लोग लिए गए लाभों की राशि को वापस कर रहे हैं। बड़सर, भोरंज, सदर हमीरपुर और सुजानपुर के क्षेत्रों में नौ लाेगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई थी, जिन्होंने छह लाख रुपये वापस कर दिया है।

लाभ के लिए अप्लाई पूरे प्रदेश में 9635 वेरिफिकेशन की जा चुकी है। इसमें 953 अपात्र लोग पाए गए हैं। 2021-22 में 70 हजार लोग पंजीकरण किए गए थे। इनमें आचार संहिता से पहले बोर्ड के करीब 172 करोड़ रुपये बांट दिए गए थे। उसी समय के 70 हजार लोगों की करीब 172 करोड़ रुपये की देनदारी लंबित पड़ी हुई है। इनमें लाभ उठाने वाले अपात्र लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। -नरदेव कंवर, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड

TRN LIVE: खनन पट्टों को 50 वर्ष के लीज पर देने को लेकर हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस

Himachal High Court issues notice to the government regarding granting of mining leases on 50-year lease

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में खनन पट्टों को 50 वर्ष के लिए लीज पर देने वाले नियमों को लेकर प्रतिवादी सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रमेश वर्मा की खंडपीठ ने इस मामले में चार सप्ताह के भीतर जवाब दायर करने के आदेश दिए है। मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।

याचिका में संशोधित खान एवं खनिज अधिनियम 1957 की धारा 8 ए(3) को चुनौती दी गई है। इस संशोधन में बताया गया है कि जिन खनन पट्टा धारकों ने 12 जनवरी 2015 में लीज से संबंधित लाइसेंस को रिन्यू कर दिया है उनकी लिज 50 वर्षों के लिए वैध मानी जाएगी। इसके साथ ही जिनकी लीज उक्त तिथि के समय रिन्यू नहीं हो पाई है, उन्हें 50 वर्षों के लिए लीज का लाभ नहीं दिया जाएगा। याचिका में संशोधित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 8 ए की व्याख्या एवं संवैधानिक वैधता के साथ-साथ वर्ष 1986 की राज्य सरकार की जिला सिरमौर को खनन हेतु आरक्षित करने वाली अधिसूचना को भी चुनौती दी है।

यह याचिका आत्मा राम की ओर से दायर की गई है। 2015 के संशोधित अधिनियम से पूर्व स्वीकृत खनन पट्टों को धारा 8ए(3) के अंतर्गत 50 वर्ष की अवधि का लाभ प्राप्त होने से रोकता है। यदि पूर्व में उनके नवीनीकरण को अस्वीकृत, निरस्त किया गया हो। याचिका में इस संशोधन को मनमाना, भेदभावपूर्ण एवं संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 21 का उल्लंघन बताया गया है।

हाईकोर्ट ने प्रोबेशन अवधि के दौरान इंटरव्यू में शामिल होने की दी अनुमति

हिमाचल हाईकोर्ट ने एम्स बिलासपुर के डिप्टी डायरेक्टर की ओर से याचिकाकर्ता को प्रोबेशन अवधि के दौरान बाहरी पदों के लिए आवेदन करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने से मना करने वाले आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत ने याचिकाकर्ता जो वर्तमान में एम्स बिलासपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर (एनेस्थीसिया) के पद पर कार्यरत हैं, को अंतरिम राहत देते हुए उन्हें अन्य पद के लिए होने वाले इंटरव्यू में अंतिम रूप से भाग लेने की अनुमति दे दी है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता का चयन इस रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने एक बाहरी पद के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उन्हें इंटरव्यू लेटर भी जारी किया गया था। बताया गया कि एम्स बिलासपुर के डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) ने प्रोबेशन अवधि के दौरान बाहरी पदों के लिए आवेदन करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर दिया था।

 

याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि चयन होने के बाद वह इस्तीफा देने के लिए तैयार और इच्छुक हैं। वहीं एम्स बिलासपुर ने यह स्पष्ट किया था कि याचिकाकर्ता डॉक्टर बाहरी पद के लिए आवेदन कर सकती हैं, लेकिन चयन होने पर उन्हें वर्तमान पद से इस्तीफा देना होगा और उनकी पिछली सेवा के लाभ जब्त कर लिए जाएंगे। बाद में याचिकाकर्ता को दूसरे संस्थान में इंटरव्यू के लिए गईं। वहां पर एम्स की ओर से जारी एनओसी पर यह कहकर आपत्ति जताई गई कि यह निर्धारित प्रोफॉर्मा में नहीं है। उन्हें इंटरव्यू में शामिल होने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।

प्रतिवादी नियोक्ता ने तर्क दिया कि सही एनओसी के बिना उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने एम्स बिलासपुर की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन का अवलोकन किया और पाया कि यद्यपि औपचारिक एनओसी जारी नहीं किया गया था, पर एम्स बिलासपुर को उनके आवेदन करने पर कोई आपत्ति नहीं थी, बशर्ते चयन होने पर वे इस्तीफा दे दें और सेवा लाभों का त्याग करें। अदालत ने याचिकाकर्ता को इंटरव्यू में शामिल होने की अनुमति दे दी।

TRN LIVE: हिमाचल प्रदेश में पक्षियों की प्रजातियां आकर्षित करने में सहायक साबित हो रहा जंगली सेब

Wild apples are helping to attract bird species in Himachal Pradesh study reveal

हिमाचल प्रदेश में पक्षियों की प्रजातियां बढ़ाने (वर्ड डाइवर्सिटी) में जंगली सेब सहायक सिद्ध हो रहा है। वन विभाग की वन्यप्राणी विंग की ओर से किन्नौर में किए गए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। वन्यप्राणी विंग ने करीब दो माह किन्नौर के विभिन्न स्थानों पर पक्षियों के खान-पान पर बारीकी से नजर रखी। इसमें पता चला कि जिन क्षेत्रों में जंगली सेब उपलब्ध हैं, वहां पक्षियों की अलग-अलग प्रजातियां अधिक संख्या में पहुंचीं।

वन्यप्राणी विंग के अध्ययन में पता चला है कि किन्नौर जिला में जंगली सेब (क्रैब एप्पल) मॉल्स बेकाटा (वैज्ञानिक नाम) जिसे स्थानीय भाषा में गोंदली कहा जाता है, पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के लिए सर्दियों का सबसे पसंदीदा भोजन बना है। खास बात यह है कि स्थानीय लोग भी इसे शौक से खाते हैं। वन विभाग की दो टीमों ने यह अध्ययन किया जिनमें वन परिक्षेत्र अधिकारी रूप सिंह, गोपाल नेगी, ब्लॉक अधिकारी रक्षम संतोष ठाकुर और वन मित्र रक्षम अल्पना शामिल थे।

अध्ययन में पता चला कि जब जंगली सेब थोड़ा कच्चा होता है तो कम संख्या में पक्षियों की प्रजातियां इसे खाने के लिए आती हैं। जैसे ही फल पक कर तैयार हो जाता है 20 से 25 पक्षियों की प्रजातियां हर रोज फल खाने के लिए इस पौधे पर आती हैं। पक्षियों की इस फल पर निर्भरता बर्ड डाइवर्सिटी के लिए बेहतरीन संकेत पाया गया है। जंगली सेब किन्नौर जिला में बहुतायत में पाया जाता है। वन्यप्राणी प्रभाग सराहन के उप अरण्यपाल अशोक नेगी ने बताया कि संतोष ठाकुर और उनकी टीम द्वारा किया गया अध्ययन बेहद सराहनीय है। वन्यप्राणी प्रभाग समय समय पर इस तरह के अध्ययन करवाता रहता है ताकि वन्यप्राणियों की पौधों की प्रजातियों पर निर्भरता का आकलन किया जा सके और स्थानीय लोगों को इन पौधों की प्रजातियों को लेकर जागरूक किया जा सके।

नर्सरी में जंगली सेब के पौधे तैयार कर जंगलों में होगा पौधरोपण

वन विभाग ने पक्षियों की प्रजातियों को आकर्षित करने में सहायक सिद्ध हो रहे जंगली सेब का जंगलों में पौधरोपण करने का भी फैसला लिया है। इसके लिए वन विभाग की नर्सरी में सीडलिंग पर पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इन पौधों को जंगलों में लगाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक संख्या में पक्षियों के भोजन की व्यवस्था हो सके।

TRN LIVE: एचपीयू ने जारी किया दिसंबर में होने वाली परीक्षाओं का शेड्यूल, यहां देखें

 कंडक्ट ब्रांच के अनुसार पीजीडीसीए, एमएड, एमएससी डाटा साइंस व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं 12 दिसंबर से शुरू होंगी।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने दिसंबर 2025 में होने वाली परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। कंडक्ट ब्रांच के अनुसार पीजीडीसीए, एमएड, एमएससी डाटा साइंस व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं 12 दिसंबर से शुरू होंगी। सभी परीक्षाएं शाम 2 बजे से 5 बजे तक होंगी। पीजीडीसीए प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 12 से 20 दिसंबर तक चलेंगी। निर्धारित विषयों में प्रोग्रामिंग इन सी, डाटा एंड फाइल स्ट्रक्चर, सिस्टम एनालिसिस एंड डिजाइन, ऑपरेटिंग सिस्टम, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग इन सी प्लस प्लस और डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम शामिल है।

प्रदेशभर में 31 परीक्षा केंद्र बनाए

परीक्षाओं के लिए प्रदेशभर में 31 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिनमें शिमला, सीमा रोहडू, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, नाहन, पांवटा साहिब, रिकांगपिओ और रामपुर बुशहर प्रमुख है। एमएड द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं 13, 15, 16, 17, 18 और 20 दिसंबर को होंगी। इसमें शिक्षा का ऐतिहासिक और समाजशास्त्रीय आधार, शोध एवं प्रकाशन नैतिकता, राजनीतिक एवं आर्थिक आधार, सांख्यिकी, शैक्षिक प्रशासन, पाठ्यचर्या निर्माण, शिक्षक शिक्षा और मूल्यांकन जैसे विषय शामिल हैं। एमएड की परीक्षाएं शिमला तथा धर्मशाला के खनियारा केंद्र में होंगी। एमएससी डाटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की डेटशीट में भी संशोधन किया है। प्रोबेबिलिटी एंड स्टेटिस्टिक्स विषय की परीक्षा जो पहले 2 दिसंबर को प्रस्तावित थी अब 13 दिसंबर को होगी। समय पहले की तरह दोपहर 2 से 5 बजे तक रहेगा। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक श्याम लाल कौशल ने बताया कि सभी छात्रों को नई डेटशीट के अनुसार तैयारी करने की सलाह दी है। संशोधित सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

पॉलिटेक्निक और डी-फार्मेसी की परीक्षाएं आठ दिसंबर से

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने प्रदेशभर में आठ दिसंबर से होने वाली पॉलिटेक्निक की इंजीनियरिंग और डी-फार्मेसी परीक्षाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बोर्ड ने परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के एडमिट कार्ड जारी कर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। बोर्ड के सचिव अशोक पाठक ने बताया कि परीक्षाओं के लिए कुल 28 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सरकारी व निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों के 9,600 एन-2007, एन-2017, एन-2022 और डी-फार्मेसी के नियमित तथा री-अपीयर श्रेणी के लगभग 9,600 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगी। पासआउट री-अपीयर छात्र अपना एडमिट कार्ड छात्रों के डैशबोर्ड में लॉगइन कर डाउनलोड कर सकते हैं, जबकि अध्ययनरत छात्र अपना एडमिट कार्ड परीक्षा शुरू होने से पहले संबंधित संस्थान से प्राप्त कर सकेंगे। 

एमए, एमपीएड और एमएससी के परिणाम घोषित

 प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने जून में आयोजित स्नातकोत्तर परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। विद्यार्थी अपने परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपनी आईडी से देख सकते हैं। घोषित परिणामों में एमए फिजिकल एजुकेशन द्वितीय सेमेस्टर रेगुलर बैच में 83.33 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। एमपीएड द्वितीय सेमेस्टर रेगुलर बैच में 93.55 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है। एमएससी गणित के परिणाम इस बार सबसे बेहतर रहे। एमएससी गणित प्रथम सेमेस्टर सीबीसीएस में 99.79 प्रतिशत और द्वितीय सेमेस्टर सीबीसीएस में 99.78 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। वहीं नॉन-सीबीसीएस प्रणाली के अंतर्गत द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम 73.33 प्रतिशत रहा। परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि परिणामों में अनुपूरक मामलों को भी उत्तीर्ण प्रतिशत में शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों और संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों को परिणाम की जानकारी उपलब्ध कराएं। परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला