आज सुबह के मुख्य समाचार प्राप्त हुआ Anant_ambani_को_हुई_भयानक_बीमारी_doctors_ने_दी_बड़ी_चेतावनी!_Mukesh_Ambani_!_Nita_Ambani
😨>>>>> प.बंगाल के सुभाषचंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगकर जो मस्जिद 130 साल पुरानी थी उसे *शिवेन्दु सरकार* ने हटा दिया 🏌🏾♂️ *ये है आपके एक वोट की ताकत*
Tejraftarnews.in: ◆ "नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया" (NCPI), त्रिपुरा की यह पार्टी अब टूटे हुए TMC लोकसभा सांसदों का नया ठिकाना बन चुकी है
◆ TMC के 20 सांसद NCPI में विलय करेंगे ताकि "दलबदल क़ानून" से बचा जाए..
◆ NCPI अब NDA का हिस्सा बनेगी और लोकसभा में बीजेपी का समर्थन करेगी..NCPI से केंद्र में मंत्री भी बनाए जाएंगे
◆ TMC के राज्यसभा के सांसदों को किस पार्टी में जाना है यह अब तक बताया नहीं गया है..
◆ मगर सब से ज़्यादा दिलचस्प होगा यह देखना कि बंगाल विधानसभा में TMC विधायक दल का टूटा हुआ हिस्सा NCPI में शामिल होता है या नहीं होता है
◆ क्योंकि NDA का हिस्सा बन कर NCPI पश्चिम बंगाल में विरोधी पार्टी नहीं बन सकती है..मुमकिन है कि बंगाल में एक और नई पार्टी का जन्म हो जाए
✋ कोठों में घुंघुरुओं की मज़बूती सियासतदानों के ज़मीर से ज़्यादा होती है..लानत है
Tejraftarnews.in: *मैगी से लेकर KFC तक घिरी बड़ी कंपनियां, FSSAI ने फूड इंडस्ट्री पर कसा शिकंजा*
*मैगी के पैकेट में कीड़े मिलने पर नेस्ले को नोटिस:FSSAI ने बैच मार्केट से हटाने के आदेश दिए; KFC-फ्लिपकार्ट से भी जवाब मांगा*
* भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मैगी में कीड़े मिलने की शिकायत के बाद नेस्ले कंपनी को नोटिस भेजा है।
* सोशल मीडिया पर आई शिकायतों के आधार पर FSSAI ने कंपनी से जवाब मांगा है और तुरंत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) देने को कहा है।
*इसके अलावा, साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतों को लेकर फास्ट-फूड चेन KFC को भी नोटिस जारी किया गया है।*
* वहीं, खजूर के एक प्रोडक्ट में कीड़े मिलने की शिकायत पर फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट से भी जवाब तलब किया गया है।
*यह मामला नेस्ले के लिए इसलिए संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि मैगी कंपनी के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा बिकने वाले ब्रांड्स में से एक है।*
* साल 2015 में भी मैगी बड़ा विवाद झेल चुकी है।
* तब FSSAI ने मैगी में तय सीमा से ज्यादा लेड (सीसा) और MSG लेबलिंग से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई करते हुए इसे बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया था।
*उस विवाद से नेस्ले की बिक्री और ग्राहकों का भरोसा दोनों प्रभावित हुए थे। कंपनी को अपनी छवि और बाजार में भरोसा दोबारा बनाने में कई साल लगे।*
*ऐसे में अब मैगी के एक पैकेट में कीड़े मिलने की शिकायत पर FSSAI का नोटिस नेस्ले के लिए अहम माना जा रहा है। भले ही मामला अभी जांच के स्तर पर हो, लेकिन इससे कंपनी की साख और उपभोक्ताओं के भरोसे पर असर पड़ सकता है।*
Tejraftarnews.in: *अमेरिका अपनी कुल आवश्यक जेनेरिक दवाओं का लगभग 40% हिस्सा भारत से आयात करता है । इसके साथ ही, भारत वैश्विक स्तर पर आवश्यक टीकों (वैक्सीन) का लगभग 60% उत्पादन और आपूर्ति करता है । भारत को इसलिए अक्सर 'दुनिया की फार्मेसी' कहा जाता है ।*
*अमेरिका की रहने वाली विक्टोरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।*
* इसमें उन्होंने अपने देश की हेल्थकेयर प्रणाली को *'स्कैम (महाघोटाला)'* बताया क्योंकि अमेरिका में जिस दवा की कीमत लगभग $1,000 (करीब ₹95,000) थी, वही दवा उन्हें भारत के एक निर्माता (manufacturer) से मात्र $25 (लगभग ₹2,300) में मिल गई।
*बीमा (Insurance) का न मिलना:* विक्टोरिया ने बताया कि उनकी अमेरिकी बीमा कंपनी ने उनकी आवश्यक दवा का खर्च उठाने से इनकार कर दिया, जिससे उन्हें अपनी जेब से भारी रकम चुकानी पड़ रही थी।
*भारतीय बाज़ार की क्षमता:* उनके डॉक्टर ने उन्हें एक कैनेडियन फार्मेसी के जरिए सीधे भारतीय निर्माता से संपर्क करने की सलाह दी।
*लागत में भारी अंतर:* उन्हें यह दवा केवल $10 (दवा की कीमत) + $15 (शिपिंग चार्ज) यानी कुल $25 (लगभग ₹2,300) में प्राप्त हुई।
*इस भारी अंतर ने उन्हें अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम पर सवाल उठाने और इसे एक बड़ा घोटाला (Scam) कहने पर मजबूर कर दिया।*
Tejraftarnews.in: *RBI के हालिया कदमों के बाद भारतीय बैंक FCNR(B) डिपॉजिट्स पर ब्याज दरें बढ़ा रहे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।*
* इस बढ़ोतरी की वजह से कई बैंक अब USD (डॉलर) डिपॉजिट पर 7% से अधिक तक रिटर्न दे रहे हैं।
*HDFC Bank, ICICI Bank, SBI, Bank of Baroda और अन्य बड़े बैंकों ने भी अपनी FCNR(B) ब्याज दरों में संशोधन किया है।*
* FCNR(B) स्कीम के तहत NRIs (Non-Resident Indians) विदेशी मुद्रा में भारत में फिक्स्ड डिपॉजिट कर सकते हैं।
*इस स्कीम की खास बातें:*
* पैसा विदेशी मुद्रा (USD, GBP, EUR आदि) में जमा होता है
* मुद्रा उतार-चढ़ाव (currency risk) से सुरक्षा मिलती है
* भारत में इस पर मिलने वाला ब्याज आमतौर पर टैक्स-फ्री होता है
*RBI ने हाल ही में ऐसे कदम उठाए हैं जिससे बैंकों को विदेशी मुद्रा जमा (forex inflows) बढ़ाने में मदद मिले, और इसी वजह से बैंक अधिक ब्याज दे रहे हैं।*
* विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम बैंकों की फंडिंग जरूरतों और डॉलर इनफ्लो बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
* कुछ छोटे और प्राइवेट बैंक बड़े बैंकों से आगे निकलकर और भी ऊंची ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं ताकि NRI निवेश आकर्षित किया जा सके।
*कुल मिलाकर, यह ट्रेंड दिखाता है कि भारत में बैंक अब विदेशी निवेशकों और NRIs की पूंजी आकर्षित करने के लिए आक्रामक प्रतिस्पर्धा में हैं।*
Tejraftarnews.in: *Bharat produces 40% of generic prescriptions used in the US. It also accounts for 60% of the world’s total vaccines.*
*'We Are Being Completely Scammed': US Woman Shocked After ₹95,000 Medicine Cost Just ₹2,400 From India*
A US woman named Victoria went viral on social media after revealing that a medicine quoted at nearly $1,000 (around ₹95,000) in the United States cost her only $25 (around ₹2,400) when sourced from India.
*According to Victoria, her health insurance provider refused to cover the medication, leaving her responsible for paying the full amount out of pocket.*
* The prescription consisted of only six pills, yet the quoted US price was close to $1,000, which she described as shocking.
* Her doctor suggested contacting a Canadian pharmacy, which could legally source the same medicine directly from an Indian manufacturer.
*The Canadian pharmacy charged approximately $10 for the medicine and $15 for shipping, bringing the total cost to just $25.*
After comparing the prices, Victoria criticized the US healthcare system, saying: *“We are being completely scammed.”*
*She questioned why patients in the United States are charged hundreds or even thousands of dollars for medicines that can be manufactured and sold elsewhere at a fraction of the cost.*
* The story quickly gained attention online, with many users sharing similar experiences regarding high prescription drug prices in the United States.
*The incident reignited debate over:*
* High pharmaceutical prices in the US
* Insurance coverage limitations
* Drug pricing transparency
* Access to affordable medicines worldwide
*Why Are Medicines Often Cheaper in India?*
* India is one of the world's largest producers of generic medicines.
* Strong competition among manufacturers helps keep prices low.
* Many medicines are produced at large scale, reducing production costs.
* Government price-control mechanisms apply to several essential medicines.
*India's pharmaceutical industry supplies affordable drugs to countries across the world.*
*Price Comparison-Location Cost*
* United States ~$1,000 (₹95,000)
* India (via pharmacy) ~$25 (₹2,400)
* Savings ~$975 (₹92,600)
*The case highlights the vast difference in drug pricing between countries.*
*It also showcases India's growing reputation as the "Pharmacy of the World", supplying affordable medicines to millions of patients globally.*
*The viral story has renewed discussions about healthcare affordability, pharmaceutical pricing, and patient access to life-saving treatments.*
Goodmorning: स्वस्थ भारत, सशक्त भारत! 🏥
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत का स्वास्थ्य तंत्र अधिक आधुनिक, सुलभ और मजबूत बना है।
• ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज: आयुष्मान भारत से 60 करोड़ लोगों को सुरक्षा कवच 🛡️
• 1.83 लाख+ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं 🩺
• 73.98 करोड़+ ABHA ID और ई-संजीवनी से डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा 📲
• AIIMS 7 से 23 और मेडिकल कॉलेज 387 से 818 हुए 🎓
• Co-WIN के जरिए 220 करोड़+ कोविड वैक्सीन डोज का रिकॉर्ड 💉
तकनीक, सेवा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ भारत आत्मनिर्भर स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 🇮🇳
#12YearsOfSwasthBharat
Tejraftarnews.in: 🚩 🚩 *🙏🏻 सनातन धर्मरक्षक समिति* (पं.) 🚩
*✍🏻🧾लेख क्रमांक:-सधस/२०८३/ज्येष्ठ.अं.माष.कृष्ण.पक्ष./१४/१२९५८*
*┈┉══════❀((""ॐ""))❀══════┉┈*
*⚜️🚩 जय श्री बद्रीनाथ जी 🚩⚜️*
*🛑 लव ---- जिहाद 🛑*
*🔥🛑अलर्ट हो जाए लड़कियां 🛑🔥*
*🔥🔥ब्रेकिंग एक और लवजिहाद जिहादी सुल्तानपुर के ब्राह्मण लड़कियों को किया टारगेट सुल्तानपुर में कई गैंग एक्टिव होने की आशंका🔥🔥*
*🔥""इस वक़्त इन दोनों मुस्लि.M लड़कों का वीडियो*
*🔥सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है..*
*🔥जिसमें यह देखा जा सकता है कि ये दोनों लड़के*
*🔥हिंदुओं की लड़कियों को सॉफ्ट टारगेट करके*
*🔥लव जहाद को करने का काम करते हैं..*
🥸😉🤞😎
*🔥खाश बात ये है कि ये दोनों सगे भाई हैं और दोनों*
*🔥मुस्लरम हैं..*
*🔥देहरादून के एक होटल में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं*
*🔥ने इन दोनों मुस्लिM लड़कों को जो सगे भाई हैं, इनको आपत्तिजनक* *स्थिति में पकड़ा...जिसके साथ हिंदू*
*की लड़की भी थी..🤞😎🥸🫢🔥*
*🔥बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जब इनसे जानकारी*
*🔥ली तो इन दोनों ने अपना नाम मोहम्मद कैफ बताया।*
*🔥जो खुद को सुलतानपुर जिले का निवासी बता रहा है..*
*🔥जो बगिया चौराहे के आस पास के बताए जा रहे हैं..*
🤞😉🥸
*🔥आगे जब बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने इनकी मोबाइल को खंगाला तो* *उसमें हिंदू लड़कियों की *🔥आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मिली..*
*🔥जो इन दोनों ने बनाकर अपने फोन में रखा था,*
*🔥अगर लड़कियां मना करती हैं तो उनको ब्लैकमेल*
*🔥करने का काम करता था।*
🤞😉🥸
*🔥आगे की जानकारी जब बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने लेनी चाहिए तो इन्होंने अपने कॉलेज का नाम किसी🔥*
*राम बरन कॉलेज को बताया।🔥*
*🔥फिलहाल बजरंगदल के कार्यकर्ताओं द्वारा सराहनीय कार्य करते हुए इन दोनों मुस्लि. युवकों को रंगेहाथ पकड़ लिया और देहरादून पुलिस को सौंप दिया।*
*🔥वीडियो वायरल होने के बाद सुलतानपुर के सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं,*
*🔥विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि इन *लड़कों का काम ही*
*🔥था हिंदू लड़कियों को टारगेट करना और उन्हें प्रेम*
*🔥जाल में फंसाना।*
🤞😉🥸
*🔥ज्यादा जानकारी लेने पर लोग बता रहे हैं कि ये*
*🔥लड़के जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के बगिया चौराहे पर*
*🔥कपड़े की दुकान चलाते हैं..*
*🔥वही इसका पिता कपड़े सिलने का काम करता है,🔥*
*🔥फिलहाल इस घटना से हिंदू संगठनों में रोष व्याप्त है..🔥*
🤞😉🥸🧐
*🔥परन्तु मेरा सवाल यह है कि बगिया चौराहे की हिन्दू लड़की इनके साथ बिना अपनी मर्जी के कैसे जा*
*सकती है??🔥*
*🔥क्या परिवार की जिम्मेदारी नहीं बनती है कि उनकी बहन, बेटी कहां है और जहां जा रही है??🔥*
😉🥸🧐
साभार...
*🔥🚫 नोट:- अगर आपको लेख सही लगे तो अपने जवाब अवश्य दें ताकि समाज में अपनी बहन बेटियों को जागरूक करने के लिए जेहादियों से बचाने के लिए एक हेल्पलाइन संगठन के माध्यम से बनाया जा सके।*
*लेखक:- आशीष रामाश्रय शुक्ल सनातनी*
*🪀📞Tejraftarnews.in
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रजस्तमश्चाभिभूय सत्त्वं भवति भारत ।
रजः सत्त्वं तमश्चैव तमः सत्त्वं रजस्तथा ॥
*🙏श्री सूर्यनारायण भगवान की जय हो*
🚩🙏🏻 *धर्मो रक्षति रक्षितः ࿗ सुखस्य मूलं धर्मः* 🚩
Tejraftarnews.in: *लाल हिजाब में जो महिला है इसका नाम जाहिदा सुल्तान है*
यह आजम खान के भतीजे की बहू है
इस बार यह कासगंज से सपा का टिकट चाहती है
और इसे पता है कि समाजवादी पार्टी का टिकट लेने के लिए किसके चरणों में झुकना पड़ेगा
क्योंकि अखिलेश यादव और सपाचार्य में 50 टिकट की डील हुई है
यानी अखिलेश यादव 50 टिकट उनको देंगे जिसे सपाचार्य कहेंगे
और सपाचार्य इसको विजई भव का आशीर्वाद भी दे रहे हैं
अब इस महिला जहीर सुल्तान का पूरा परिचय जान लीजिए
आप लोगों को याद होगा कासगंज में तिरंगा यात्रा निकाली थी जिसमें चंदन की मुसलमान ने माब लिंचिंग करके मौत के घाट उतारा था
उन हत्यारो को बचाने के लिए उनको कानूनी मदद देने के लिए उनके समर्थन में जाहिदा सुल्तान पूरी ताकत से खड़ी थी
इस व्यक्ति अविमुक्तेश्वरानंद का जितना नैतिक चारित्रिक राजनीतिक और धार्मिक पतन हो चुका है
Tejraftarnews.in: कोलकाता के सुभाषचंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे से मात्र 165 मीटर की दूरी पर एक मस्जिद बनी हुई थी, जबकि नियम के हिसाब से रनवे के 240 मीटर तक कोई निर्माण नहीं होना चाहिए,हालाँकि मस्जिद 138 साल पुरानी है तब एयरपोर्ट नहीं बना था लेकिन 1924 में एयरपोर्ट बनने के बावजूद इस मस्जिद को हटाया नहीं गया था।
इसकी बजाय कोई मंदिर होता तो ये आज किसी को पता भी नहीं चलता और इसमें भी विशेष बात ये है कि CISF के जवानों की एक ड्यूटी ये भी थी कि नमाजियों को दिन में 5 बार गाड़ियों में भरकर मस्जिद तक लाना, नमाज़ पढ़वाना और वापस छोड़ना।
इस बीच पश्चिम बंगाल में कांग्रेस, लेफ्ट और TMC की सरकारें रहीं लेकिन किसी भी सरकार ने इस मस्जिद को छूने तक की कोशिश नहीं की और अपने वोटबैंक की सेवा चाकरी में लगी रही।
अब पश्चिम बंगाल में सत्ता बदल चुकी है और इसी के साथ इस मस्जिद को एयरपोर्ट से बाहर करने की तैयारियां भी शुरू हो गई है।
लगभग 79 वर्ष लग गए एक मस्जिद को देश के एक सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त हवाई अड्डे से लोगों की सुरक्षा के लिए एक मस्जिद को हटवाने में और ये काम भी तभी हुआ जब पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनी।
आप मोदी शाह, भाजपा को लाख गरिया लो, सबक सिखाने की सोच लो, हर छोटी बड़ी घटना पर अपने विचार बदल लो लेकिन एक बात जान लीजिये कि केवल भाजपा, संघ ही हिंदुओं के साथ खड़े हैं बाकी सब वोटबैंक के तलवे चाटने वाले हैं।
बंगाल की जनता ममता राज में कितनी त्रस्त उसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि जहाँ जहाँ TMC के नेता बने गुंडे बाहर निकल रहे हैं बंगाल की जनता उनका अंडे, टमाटर से स्वागत कर रही है, दौड़ा दौड़ाकर पीट रही है।
बरसों से पश्चिम बंगाल की सीमा पर बाड़ नहीं लगाने दी जा रही थी ताकि बांग्लादेशी घुसपैठिये बंगाल में आकर बस सकें। आज बाड़ लगाने का काम भी शुरू हो गया है और सीमा पर रहने वाले भारतीय ही बंगालदेशी घुसपैठियों को पत्थरों से मार मारकर भगा रहे हैं जो कि अभी तक संभव नहीं हो पा रहा था।
राम मंदिर, धारा 370, PoK में हो रहे रोज़ के बवाल, अज्ञात वीरों के कमाल सब कुछ भाजपा के कारण ही संभव हुआ है।
आपके एक वोट की ताकत ने देश, सनातन को मजबूत किया है वरना देश के बहुसंख्यकों की, उनकी भावनाओं से किसी भी दल को कोई सरोकार ना पहले था, ना आज है और ना आगे कभी रहेगा।
Tejraftarnews.in: ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल के राज में हिंदुओं पर मुस्लिम बांग्लादेशी किस तरह अत्याचार करते थे जरा सुनिये आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे
मैडम किस रविश कुमार से पूछ रही है आप
रविश कुमार एक दल्ला है दल्ला
रविश कुमार एक नंबर का हरामजादा है
रविश कुमार कांग्रेस के टुकड़ो पर पलने वाला असली बिकाऊ पत्रकार है
रविश कुमार को कहां दिखाई देगा यह अत्याचार
दंगाई मुल्लों का रहनुमा है रविश कुमार
Tejraftarnews.in: _*वीडियो में मौलाना हर्षद मदनी ने जो बात कही है ,*_
_*वह 100% सही है.*_
_जब भारत के दो भागों में विभाजित हो जाने पर सारे मुसलमान पाकिस्तान जा रहे थे तब,_
_*"नेहरू एवम् गांधी ने इन्हें भारत में जबरदस्ती क्यों रोका ?"*_
_गांधी ने मुसलमानों को रोकते हुए उन से कहा कि,_
_*"देश हिन्दू राष्ट्र नहीं बनेगा एक सेक्यूलर देश रहेगा।"*_
_ऐसा कह कर मुसलमानो को रोका गया था, जब कि मुसलमान रुकना ही नहीं चाह रहे थे।_
_*इन्हें भारत में रोकने की इन की क्या मंशा थी ?*_
_क्या धीरे-धीरे डेमोग्राफी परिवर्तित करवा कर भविष्य में भारत के और विभाजन की तैयारी थी ?_
_या फिर डेमोग्राफी बदलने के बाद लोकतांत्रिक तरीके से ही वोट के दम पर_
_*देश में इस्लामी शासन लाने की कोई दीर्घकालीन योजना थी ?*_
_*यादपि तब इस्लामी दल कांग्रेस,*_
_बाबा साहेब भीमराव रामाराव अंबेडकर और सरदार पटेल जैसे नेताओं के विरोध के चलते संविधान में सेकुलर शब्द नहीं जोड़ पाया था,_
_लेकिन बाद में आपात काल के समय जब की सारा विपक्ष जेलों में बंद था तब इंदिरा गांधी ने संविधान में,_
_*जबरन सेकुलर शब्द जोड़ कर इस्लामी दल कांग्रेस की इस मंशा को पूरा किया।*_
🥲🥲
_*🚩जागो काफिरो जागो 🚩*_
🙏
5: *'ऑपरेशन टाइगर' का खौफ! उद्धव ठाकरे ने आनन-फानन में मातोश्री में बुलाए सारे सांसद*
* पश्चिम बंगाल के बाद अब महाराष्ट्र में भूचाल आने वाला है?
*ऊद्धव के 16 विधायक और से 6 सांसद बगावत की तैयारी में हैं।*
* उद्धव द्वारा बुलाई गई बैठक में केवल 4 सांसद पहुंचे बाकी के सांसद और विधायक शिंदे के संपर्क में..
*महाराष्ट्र में भी “ऑपरेशन लोटस” चालू आहे*
* अब देखना यह है कि पहले सांसदों और विधायकों का गुट लोकसभा और विधानसभा अध्यक्ष को NDA को समर्थन का पत्र देता है या उससे पहले ऊद्धव ठाकरे अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर देते हैं।
*टेक्निकली यदि ऊद्धव की पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया तो बाद में भाजपा या शिंदे को समर्थन देने वाले बागी सांसदों की सदस्यता रद्द हो सकती है।*
*लेकिन यदि विलय से पहले ऊद्धव गुट के सांसद विधायक अपना अलग गुट बना लेते हैं तो ऊद्धव वाली पार्टी का भी TMC होना तय माना जा रहा है।*
Tejraftarnews.in: *कल तक कुछ प्रोपेगंडा खबरें चल रही थी कि इस पलटू धोकेबाज़ नल्ले चचा को मनाने की मान मुलव्वल चल रही हैं,*
इवन मोदीजी को मैदान में आना पड़ा सुन कर
मेरे तो हँसते हँसते पेट में बल पड़ गए ।
*अजी छोड़िये!*
बीजेपी ने बिल्कुल साफ मना कर दिया —
*“तुम्हारी पूरी शत्रुघ्न सेना लेकर आ जाओ,*
*तब भी NO ENTRY"*
— तो ये खिसियाया हुआ बूढ़ा नौटंकी तुरंत दीदी का आँचल पकड़ लिया और लोट गया!
जिस दीदी ने मुझे इतना सम्मान दिया में उनका साथ नहीं छोडूंगा
*अरे तो लटके रहो ना झूलते चने के झाड़ पे*
ये है असली चरित्र! सिद्धांत? विचारधारा? राष्ट्रवाद? सब बकवास।
*इस आदमी के लिए सिर्फ़ एक चीज़ मायने रखती है — टिकट और कुर्सी।*
टिकट कटा कि पलटी मार दी। TMC में घुसते ही
“मुश्किल वक्त में दीदी को नहीं छोडूंगा”
जैसी ड्रामा वाली लाइनें बोल रहा है। अरे ओ पल्टीबाज़!
जब बंगाल में हिंदू बहनों-बेटियों पर अत्याचार हो रहे थे, तब तुम्हारी “सेना” कहाँ सो रही थी?
जब TMC के गुंडे आतंक फैला रहे थे, तब तुम कहाँ थे?
व्यक्तिगत स्वार्थ लगा तो दीदी की चरण पादुका पकड़ ली!
*शत्रुघ्न सिन्हा, तुम बिहार की राजनीति के सबसे बड़े कलंक हो।*
बिहार के लोग तुम्हें अब “पल्टी बाज़ चाचा” के नाम से याद करते हैं फिल्मों में हीरो बनते थे, राजनीति में सबसे बड़ा फ्लॉप साबित हुए हो ।
पहले भाजपा, फिर कांग्रेस, फिर भाजपा, अब TMC — कितनी पलटियाँ मारोगे? कितनी बार पार्टी बदलोगे?
तुम्हारा राजनीतिक सफर एक सस्ते जोकर का सर्कस है, जिसमें सिर्फ़ टिकट और कुर्सी की तलाश है।
*तुम्हारा नैतिकता वाला ढोल अब कोई नहीं सुनना चाहता।*
अभिनय छोड़ चुके हो, तो राजनीति का भी अभिनय छोड़ दो।
घर बैठो,अपनी पुरानी फिल्में देखो और चुपचाप पेंशन खाओ।
Tejraftarnews.in: *😵💫>>>>> कोर्ट में एक घंटे की बहस करने के लिए 52 लाख रुपयेकी फीस लेने वाले इन वकीलों को एक कबाड़ी का केस लड़ने के लिए आखिर कौन फंडिंग करता है........*
चंदन गुप्ता हत्या केस को लेकर NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी का फैसला
🫵🏻
3 जनवरी, 2025 को, NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी (वी.एस. त्रिपाठी) ने 26 जनवरी, 2018 को कासगंज के अभिषेक उर्फ चंदन गुप्ता की क्रूर हत्या में मुस्लिम समुदाय के 28 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह भयावह हत्या चंदन की तिरंगा यात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने की थी।
आजीवन कारावास की सजा के अलावा, जज त्रिपाठी ने अपने फैसले में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है और वह है पैसे के लिए किसी का भी प्रतिनिधित्व करने के लिए महंगे वकीलों की तैयारी!
आज तक सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी भी जज द्वारा इस मुद्दे पर कभी टिप्पणी नहीं की गई है।
सजा सुनाते हुए, जज त्रिपाठी ने अपराधियों को बचाने में शामिल राष्ट्रीय और विदेशी NGO की भूमिका पर सवाल उठाए और उन्हें रोकने के लिए अपने आदेश की एक कॉपी केंद्रीय गृह मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजी है।
जज त्रिपाठी ने अपने आदेश में कहा था कि, “इन एनजीओ को कहां और कौन फंडिंग कर रहा है, उनका अंतिम उद्देश्य क्या है, इसकी पूरी जांच करने की जरूरत है।
ऐसा आरोप है कि जब भी कोई आतंकवादी पकड़ा जाता है, तो ऐसे एनजीओ तुरंत उसका बचाव करने के लिए बहुत महंगे वकील उपलब्ध कराते हैं।
यह राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय है।”
कोर्ट ने अपने आदेश में निम्नलिखित 7 एनजीओ/संगठनों के नाम दिए हैं।
1. सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस, मुंबई
2. पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज, दिल्ली
3. रिहाई मंच
4. अलायंस फॉर जस्टिस एंड अकाउंटेबिलिटी, न्यू यॉर्क
5. इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल, वॉशिंगटन डीसी
6. साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप, लंदन
7. जमीयत उलेमा हिंद
जस्टिस त्रिपाठी का यह आदेश वास्तव में ऐतिहासिक है और उन्होंने सरकार से समान मांग की है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की फीस सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए और उनकी संपत्ति की घोषणा भी सार्वजनिक जानकारी के लिए प्रकाशित करनी चाहिए।
उन्होंने हर साल कितना आयकर चुकाया है, यह भी सार्वजनिक करना चाहिए; वकीलों की फीस केवल चेक/बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ही वसूली जानी चाहिए; सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष वकीलों से वकील फीस की प्राप्ति के बारे में शपथपत्र मांगने चाहिए कि उनकी फीस किसने चुकाई थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी आतंकवादी संगठन को फंडिंग की गई थी या नहीं।
जज त्रिपाठी के इस ऐतिहासिक आदेश का सभी देशभक्त भारतीयों द्वारा स्वागत और समर्थन किया जाना चाहिए!
रोहिंग्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से निकालने की मांग करने वाली एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका 2017 से लंबित है।
दो रोहिंग्या, मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर, जो भिखारी जैसे दिखते थे और खराब हालत में रहते थे, उनके लिए छह उच्च स्तर के वकील सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।
ये वकील थे - डॉ. राजीव धवन, प्रशांत भूषण, डॉ. अश्विनी कुमार, कॉलिन गोंसाल्विस, फली एस. नरीमन और कपिल सिब्बल।
जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका का 10 महंगे शीर्ष वकील विरोध कर रहे हैं।
पूजा स्थल कानून को चुनौती देने वाली उपाध्याय की याचिका का 22 शीर्ष वकील विरोध करते हुए देखे गए हैं। इनमें सांसद, विधायक और पूर्व कानून मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री भी शामिल हैं।
ऐसे शीर्ष वकीलों के कारण यह याचिका लंबे समय से लंबित है।
सिर्फ अक्टूबर 2024 में, एक अन्य NGO - सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और केंद्र से "रोहिंग्या शरणार्थियों के बच्चों को" सरकारी स्कूलों में प्रवेश देने की अनुमति मांगी।
जब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी कि रोहिंग्या विदेशी हैं और उनके पास देश में प्रवेश की कानूनी अनुमति नहीं है और वे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, तब यह NGO सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और SC ने कहा कि रोहिंग्याओं के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
ऐसे कई वकील और NGO हैं, उन सभी के फंड की जांच होनी चाहिए।
ताकि हमारी निरंकुश और असंवेदनशील न्यायपालिका भी जवाबदेह बन सके ।
🚩ओमी चौधरी 🚩
जनहित में जारी
सनातनी हिन्दू योद्धा भारत देश दिल्ली ❤️
Tejraftarnews.in: *क्या उद्धव ठाकरे, शरद पवार की तरह ममता बनर्जी के हाथ से बागी छीनेंगे टीएमसी*
*महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल, शिंदे से संपर्क की खबरों के बीच उद्धव गुट के सांसदों की मातोश्री में बैठक*
* शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के पाला बदलने की अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने सांसदों की बैठक बुलाई है.
* शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.
*सांसद संजय उर्फ बंडू जाधव पिछले कुछ बैठकों में अनुपस्थित रहे थे. ऐसे में आज की बैठक में उनकी मौजूदगी पर सभी की नजरें टिकी होंगी.*
*ममता बनर्जी से बागवत करने वाली बागी सांसद अब अलग गुट की बजाय कुछ को 'असली टीएमसी' बात रहे हैं।*
* बागी गुट का दावा है कि 'असली TMC' की लड़ाई में 19 सांसद शामिल है।
* टीएमसी का संकट अब महाराष्ट्र पैटर्न पर आगे बढ़ रहा है।
* महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे असली शिवसेना का दर्जा पाने में सफल रहे थे।
* कुछ ऐसी की स्थिति अजित पवार की बगावत के बाद एनसीपी की बनी थीं।
* इसके बाद उद्धव ठाकरे और शरद पवार को नई पार्टियां बनानी पड़ी थीं।
* टीएमसी के पास लोकसभा में 28 सांसद हैं। इनमें 19 बागी हुए हैं।
* बागी खेमा यह संख्या और बढ़ने का दावा कर रहा है।
*ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी का चीफ व्हिप बनाया है तो वहीं काकोली घोष खुद चीफ व्हिप होने बात कर रही हैं।*
Tejraftarnews.in: _*वीडियो में मौलाना हर्षद मदनी ने जो बात कही है ,*_
_*वह 100% सही है.*_
_जब भारत के दो भागों में विभाजित हो जाने पर सारे मुसलमान पाकिस्तान जा रहे थे तब,_
_*"नेहरू एवम् गांधी ने इन्हें भारत में जबरदस्ती क्यों रोका ?"*_
_गांधी ने मुसलमानों को रोकते हुए उन से कहा कि,_
_*"देश हिन्दू राष्ट्र नहीं बनेगा एक सेक्यूलर देश रहेगा।"*_
_ऐसा कह कर मुसलमानो को रोका गया था, जब कि मुसलमान रुकना ही नहीं चाह रहे थे।_
_*इन्हें भारत में रोकने की इन की क्या मंशा थी ?*_
_क्या धीरे-धीरे डेमोग्राफी परिवर्तित करवा कर भविष्य में भारत के और विभाजन की तैयारी थी ?_
_या फिर डेमोग्राफी बदलने के बाद लोकतांत्रिक तरीके से ही वोट के दम पर_
_*देश में इस्लामी शासन लाने की कोई दीर्घकालीन योजना थी ?*_
_*यादपि तब इस्लामी दल कांग्रेस,*_
_बाबा साहेब भीमराव रामाराव अंबेडकर और सरदार पटेल जैसे नेताओं के विरोध के चलते संविधान में सेकुलर शब्द नहीं जोड़ पाया था,_
_लेकिन बाद में आपात काल के समय जब की सारा विपक्ष जेलों में बंद था तब इंदिरा गांधी ने संविधान में,_
_*जबरन सेकुलर शब्द जोड़ कर इस्लामी दल कांग्रेस की इस मंशा को पूरा किया।*_
🥲🥲
_*🚩जागो काफिरो जागो 🚩*_
🙏
Tejraftarnews.in: *🚨 सावधान....*
*तस्वीर में दिख रहे बुजुर्ग कभी देश में सुपर कॉप कहे जाते थे —*
इनका नाम है हरी वल्लभ जोशी *1948 बैच के आईपीएस अफसर* और 1980 के समय मध्य प्रदेश पुलिस के मुखिया...
इन्हीं के नेतृत्व में कभी मध्य प्रदेश में डकैत उन्मूलन अभियान चला *जिसने चम्बल के कई नामी डकैतों का खात्मा किया* या वे कानून के आगे नतमस्तक हुए...
रिटायर होने के बाद हरी वल्लभ जोशी साहब भोपाल में रहने लगे *उनके दोनों बेटे भी आईपीएस अधिकारी हैं...*
99 साल के श्री जोशी अपने छोटे बेटे के पास रहते हैं *9 अप्रैल की रात जोशी साहब को उनके नौकर ने गला दबा कर मारने का प्रयत्न किया...*
उस समय घर पर वे अपने नौकर (जिसे उनकी देखभाल के लिए ही रखा गया था) *और उनकी खाना बनाने वाली के साथ थे...*
नौकर ने उनसे एक बड़ी रकम की डिमांड की.. *इतनी बड़ी रकम की डिमांड से वे चौंक गए* और इन्कार कर दिया...
फिर नौकर ने उनका गला दबाना चालू कर दिया और *पैसे कहाँ रखे हैं..?* पूछने लगा...
ऐन मौके पर उनकी नौकरानी आ गईं.. वो उस नौकर से भिड़ गई *जिससे जोशी साहब की जान बच पाई...*
जानते हैं नौकर का नाम क्या था..??
*"मोहम्मद रफीक"*
*अब आप आसानी से समझ सकते हैं कि, इतने बड़े अफसर से चूक कहाँ पर हुईं...??*
*रफीक* अब कानूनी गिरफ्त में है...!! 🔥[14/06, 10:49 am] +91 98693 29127: आज से 2000 साल पहले, चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने विशाल साम्राज्य — जो कर्नाटक से अफगानिस्तान तक फैला था — में संचार की एक अनोखी व्यवस्था बनाई। प्रशिक्षित कबूतरों के पैरों से छोटी-छोटी थैलियों में संदेश बाँधकर दूर-दूर भेजे जाते थे। अर्थशास्त्र में चाणक्य ने इस संचार प्रणाली का विस्तार से वर्णन किया है — और संदेशवाहकों के प्रमुख को "दाकपाल" यानी पोस्टमास्टर कहा जाता था।
आम लोग अपने दूर के रिश्तेदारों को संदेश अपने पड़ोसियों और दोस्तों के ज़रिए भेजते थे — जो उस रास्ते से गुज़रने वाले होते थे। दाक हरकारे यानी पैदल दूत हर 36 मील पर बदलते थे — जैसे रिले रेस में। घोड़े और पैदल दोनों तरह के दूत दिन-रात दौड़ते थे ताकि संदेश जल्दी पहुँचे।
सबसे चौंकाने वाली बात — दुनिया में कबूतर डाक सेवा सबसे आखिर में बंद हुई — भारत के कटक उड़ीसा में — 2008 में। यानी जो तकनीक 2500 साल पहले चंद्रगुप्त मौर्य ने शुरू की — वो 21वीं सदी तक चली। WhatsApp आया और कबूतर रिटायर हो गए — लेकिन उन कबूतरों ने 2500 साल तक भारत को जोड़े रखा।
📚 Source: Historical Records
#भारत #DaakHarkara #AncientIndia #IndianPostalHistory #MauryaEmpire #IndianHistory #HistoricalFacts #shocking #history #india
Tejraftarnews.in: *SUPERB READ*
*Rude Nation – Suhel Seth*👍
So well written and embarrassingly accurate!
“*Indians got rich faster than they got civilised*.
Let me tell you something that nobody in our drawing rooms wants to say out loud, we Indians have become, quite spectacularly, a rude people. Not the grinding poverty kind of rude that desperation sometimes forces upon a man. No. I’m talking about the nouveau riche, freshly minted, Business Class seat reclined, before takeoff kind of rude. The kind that wears a Rolex and still cuts queues. The kind that moves into a gated community worth ₹5 crore and proceeds to park in someone else’s spot every single morning.
*We have money now*. We have malls. We have lounges, premium memberships and EV charging bays. *What we spectacularly do not have, it appears, is civic sense*.
*Let’s start at 35,000 feet, because that is where Indian entitlement reaches its cruising altitude*. Walk into any domestic flight in this country, and you’re not boarding an aircraft, you’re entering a referendum on who matters more. The moment the boarding announcement is made, there is a stampede that would shame the Pamplona bull run. *Families who have assigned seats behave as though the Titanic were sinking.*
Overhead bins are conquered like territorial disputes.*
*Worse scenario, when the plane lands when shamelessly passengers scramble to get their cabin luggage, inspite of repeated requests to remain seated*
Now, let us descend into the mall, that great temple of aspirational India. *The Indian mall is a sociological experiment gone sideways*. We built these gleaming shrines of consumption, we gave them food courts and multiplexes and brand stores, and then we filled them with people who treat the premises like an extension of their living room.
*Families park prams in the middle of walkways and stare at you blankly when you try to pass*. Young men loiter in packs, blocking escalators, apparently unaware that the left side is for standing and the right side is for walking, a concept that has apparently not yet arrived in certain postcodes of India.
Rubbish? That’s what the floor is for. Staff? That’s whom you snap your fingers at.
Personal space? A Western concept, surely. *The tragedy is that these aren’t poor people who’ve never seen a mall*. These are people who go to malls every weekend. *The familiarity has not bred comfort—it has bred contempt.*
But nothing prepares you for the anarchy of the Indian residential complex. *We have built some of the most beautifully gated communities in Asia*. Landscaped gardens, swimming pools, and clubhouses with squash courts. And within weeks of moving in, residents are filing noise complaints, battling over parking bays, screaming at security guards, and conducting *WhatsApp group wars that would exhaust a UN peacekeeping mission.*
The RWA(residents welfare association)—*that peculiar Indian institution—has become the last frontier of unhinged power*. Men and women who are perfectly pleasant at the office transform into petty despots the moment they are handed a committee seat. *Rules are enforced selectively, grudges are nurtured lovingly, and domestic help is routinely humiliated in lifts designated ‘for residents only’.*
We built a community, gave it gates and guards, *and then decided the only real enemy was our neighbour.*
*So, what went wrong?* Here’s my honest answer: *we got rich faster than we got civilised.* Economic mobility is a marvellous thing, but it doesn’t automatically confer dignity—either given or received. *We never built a culture of public courtesy because we never had to*.
For generations, public spaces were chaotic, so chaos felt normal. Now we have order around us, but disorder still lives within us.
Civility is not weakness. Holding a door open does not diminish you. *Saying please and thank you to someone in a uniform is not a sign of social decline—it is a sign of class.*
*We want to be a global superpower*. That ambition is legitimate, even laudable. But superpowers don’t just launch satellites and build expressways. They teach their citizens that a country’s character lives in its smallest, most unremarkable moments—in a quiet queue, in a held door, in a simple, unhurried ‘excuse me’.
*We are capable of extraordinary things. It is time we decided that basic decency is one of them”.*
👍😇
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