आज दोपहर मुख्य सामाचार और फाइल फोटो ट्रंप ने कहा कि आप इसे बंद करेंगे और आपके पास कोई देश नहीं बचेगा। आप अपने देश वापस भी नहीं जा पाएंगे।
उत्तराखंड के चमोली स्थित कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद के बाद शनिवार देर शाम रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पंजाब से आए हथियारों से लैस छह निहंगों ने कब्जा कर लिया।
Jitendra Kumar: *शांति वार्ता के बीच अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी, होर्मुज स्ट्रेट बंद किया, तो नहीं बचेगा ईरान*
ईरान और अमरीका में शांति वार्ता के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह लेबनान में अपने समर्थक संगठन हिजबुल्लाह की गतिविधियों पर रोक लगाए। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर ईरान ने हिजबुल्लाह को नहीं रोका, तो अमरीका उस पर पिछले हफ्ते से भी ज्यादा बड़ा हमला करेगा। अमरीकी राष्ट्रपति ने साफ-साफ कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की जुर्रत की, तो उसका अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि आप इसे बंद करेंगे और आपके पास कोई देश नहीं बचेगा। आप अपने देश वापस भी नहीं जा पाएंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जरूरत पडऩे पर अमरीका इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूरी तरह नियंत्रण कर सकता है। उन्होंने एक कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि अगर हमें जरूरत पड़ी, तो हम होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा करेंगे। अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं, तो हम खुद वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलेंगे। ट्रंप की धमकी से पहले ईरान ने इस महत्त्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की बात कही थी।
92 फीसदी इजरायली बोले, समझौते से ईरान को ज्यादा फायदा
अमरीका और ईरान के बीच हुए समझौते को लेकर इजरायल में हुए एक सर्वें में 92 फीसदी लोगों ने माना कि इस डील से ईरान को ज्यादा फायदा हुआ है। सर्वे के मुताबिक, बड़ी संख्या में इजरायली नागरिकों का मानना है कि युद्ध के बाद हुए समझौते में तेहरान को आर्थिक और कूटनीतिक लाभ मिला, जबकि इजरायल को अपेक्षित राजनीतिक बढ़त नहीं मिल सकी। सर्वे में शामिल 78 फीसदी लोगों ने यह भी माना कि अमरीकी राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को पीछे छोड़ दिया और अंतिम समझौते की दिशा तय करने में वाशिंगटन की भूमिका ज्यादा प्रभावी रही।
स्विट्जरलैंड में अमरीका और ईरान में शांति पर वार्ता
जेनेवा। स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक में रविवार को अमरीका और ईरान के बीच बातचीत शुरू हो गई है। अमरीकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता के दौरान कहा कि पिछले कुछ घंटों में अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि अमरीका और ईरान मिलकर शांति और समृद्धि के लिए काम कर सकते हैं। वेंस के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय शुरू हो और अगले 10 साल में पश्चिम एशिया की तस्वीर बदल जाए। पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में चल रही इस वार्ता का मकसद क्षेत्र में तनाव कम करना और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढऩा है।
Jeetu dehati: *एसआईटी को राम मंदिर के चढ़ावे में मिले चोरी के सबूत, ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अयोध्या छोडऩे पर रोक*
आज सीएम योगी को सौंपी 140 पन्ने की प्रारंभिक रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी की जांच कर रही एसआईटी को चोरी किए जाने के अहम सबूत मिले हैं। एसआईटी ने इस बारे में 140 पन्ने की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की है, जो सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जाएगी। सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में एसआईटी ने ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका को संदिग्ध करार दिया है। महासचिव चंपत राय भी सवालों के घेरे में है। एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज से रकम पार किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। कुछ सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने का भी शक है। एसआईटी ने लापरवाही और साजिश इन दोनों पहलुओं की जांच की है।
दान राशि की गणना प्रक्रिया का निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल पाया गया है। टिन्नू यादव, कुछ गणनाकर्मी और बैंक कर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। फिलहाल ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अयोध्या छोडऩे पर एसआईटी ने रोक लगा दी है। एसआईटी ने छह दिनों में करीब 150 लोगों से पूछताछ की है। ट्रस्ट के तीन पदाधिकारियों समेत प्रबंधन के 20-25 लोगों की लापरवाही या संलिप्तता सामने आई है।
Jeetu dehati: *यूरोप में भीषण गर्मी का कहर, रिकार्ड पर पहुंचा तापमान, फ्रांस में शराब पर रोक, स्पेन-जर्मनी में अलर्ट*
यूरोप के कई देश इस समय खतरनाक गर्मी की चपेट में हैं। तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई जगह यह रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि फ्रांस ने कुछ इलाकों में शराब के सेवन और बिक्री पर आंशिक रोक लगा दी है। वहीं जर्मनी में देशभर में गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की गई है और स्पेन में एक बड़ा फुटबॉल फैन जोन बंद करना पड़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस, पेरिस और बर्गंडी क्षेत्रों में तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कुछ जगहों पर पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक जाने की आशंका है। सरकार लोगों से घर के अंदर रहने, ज्यादा पानी पीने और धूप से बचने की अपील कर रही है। इटली में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई शहरों में तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। राजधानी रोम में ऐतिहासिक कोलोसियम देखने आने वाले पर्यटक तेज धूप में परेशान नजर आए।
कई लोग राहत पाने के लिए प्राचीन क्लॉडियस मंदिर के अंडरग्राउंड हिस्सों में पहुंचे, जहां तापमान अपेक्षाकृत कम था। उत्तरी इटली के शहर बोलोग्ना में भी लोग गर्मी से बचने के लिए फव्वारों पर पानी से चेहरा धोते और इमारतों की छाया में बैठते दिखाई दिए। यह शहर इटली के सबसे गर्म शहरों में गिना जाता है।
स्पेन में फुटबॉल फैन जोन बंद
स्पेन में गर्मी के कारण फुटबॉल महासंघ ने मैड्रिड के प्लाजा डी कोलोन में बनाया गया फैन जोन बंद कर दिया है। यहां विशाल स्क्रीन पर स्पेन और सऊदी अरब के बीच होने वाला वल्र्ड कप मैच दिखाया जाना था। अब प्रशंसकों को मैच दूसरी जगहों पर देखना होगा. हालांकि खिलाडिय़ों को अमेरिका के अटलांटा स्थित एयर-कंडीशंड स्टेडियम में खेलने की सुविधा मिलेगी, जो आंशिक रूप से सौर ऊर्जा से चलता है।
Jitendra Kumar: *मैदानों में प्रचंड गर्मी, पहाड़ों में सैलानियों का सैलाब* , चंडीगढ़-मनाली NH पर ट्रैफिक का भार, 5.25 लाख वाहन गुजरे
चंडीगढ़-मनाली एनएच पर लगी गाडिय़ों की कतारें
चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यह एचएच पांच लाख से ज्यादा वाहनों का दबाव झेल रहा है। एक महीने में नेशनल हाइवे से होते हुए 5.25 लाख से अधिक वाहन गुजरे हैं। इन वाहनों में कुल्लू-मनाली जाने वालों की संख्या अधिक है। वहीं, मंडी से लेकर औट तक पांच स्थानों पर आपदा के जख्त अभी भी हरे हैं। यह पांच स्पॉट वन-वे हैं, जो जाम की बड़ी वजह हैं। आंकड़ों के अनुसार 22 मई से 21 जून तक मंडी से होकर पांच लाख 25 हजार 684 वाहन गुजरे हैं, जिससे हाईवे पर यातायात का भारी दबाव बना हुआ है। इनमें दो लाख 68 हजार 798 वाहन कुल्लू-मनाली की ओर रवाना हुए, जबकि दो लाख 57 हजार 66 वाहन चंडीगढ़ की दिशा में गए।
बड़ी संख्या में पर्यटकों के हिमाचल पहुंचने से हाईवे के कई हिस्सों में ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हुई है। आपदा से प्रभावित यह राष्ट्रीय राजमार्ग अभी भी कई स्थानों पर पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है, जिससे यात्रियों को बार-बार जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्राकृतिक आपदाओं और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के कारण कुछ स्थानों पर यातायात की गति और भी धीमी हुई है।
यहां बार-बार टै्रफिक जाम
मंडी के झलोगी टनल क्षेत्र से लेकर औट तक ऐसे पांच संवेदनशील स्थान हैं, जहां पिछले आपदा के दौरान पहाड़ दरकने से मलबा सडक़ तक आ गया था। इन स्थानों पर अभी भी सडक़ पूरी चौड़ाई में बहाल नहीं हो सकी है। सुरक्षा कारणों से इन जगहों पर वाहनों को वन-वे प्रणाली के तहत निकाला जाता है। एक समय में केवल एक दिशा के वाहनों को गुजरने की अनुमति मिलने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जो जाम का प्रमुख कारण बन रही हैं।
30 जवान दिन-रात संभाल रहे यातायात व्यवस्था
एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मंडी पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। मंडी से औट तक हाईवे पर करीब 30 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। ये जवान दिन और रात की शिफ्टों में ट्रैफिक को नियंत्रित करने और जाम की स्थिति से निपटने के लिए लगातार ड्यूटी दे रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से ट्रैफिक कम है। इससे पहले कुल्लू-मनाली की ओर जाने वाले पर्यटकों की संख्या ज्यादा थी।
शिमला में दो महीने में 16 लाख से ज्यादा गाडिय़ों की आवाजाही
स्टाफ रिपोर्टर — शिमला
ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान लाखों पर्यटकों की आमद के बीच शिमला पुलिस ने उत्कृष्ट यातायात प्रबंधन का नया मानक स्थापित किया है। मई और जून के दौरान जिला शिमला के विभिन्न प्रवेश मार्गों से 16 लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। इनमें मई माह में लगभग 8.5 लाख तथा जून माह में अब तक करीब 7.5 लाख वाहन जिले में प्रवेश कर चुके हैं। पर्यटन सीजन को देखते हुए शिमला पुलिस ने यातायात ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं होमगार्ड कर्मियों की संख्या 136 से बढ़ाकर 220 कर दी है।
इसके अलावा करीब 50 सिविल वालंटियर्स और छात्र स्वयंसेवक भी ट्रैफिक प्रबंधन में सहयोग कर रहे हैं। वहीं, ट्रैफिक बाइक राइडर्स की संख्या सात से बढ़ाकर 32 कर दी गई है, जो संवेदनशील स्थानों पर तत्काल पहुंचकर यातायात बहाली सुनिश्चित कर रहे हैं। शिमला पुलिस द्वारा कुफरी, मशोबरा, नारकंडा, हाटू और अपर शिमला तथा किन्नौर की ओर जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग के उपयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 800 वाहनों को इस वैकल्पिक मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।
पांच सेक्टरों में बंटा शहर
बेहतर निगरानी और प्रभावी नियंत्रण के लिए पूरे शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक ग्रेड-वन अधिकारी को सौंपी गई है। वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
Tej raftar news: *मेडिकल कॉलेज पर झूठ न बोलें अनुराग, हमीरपुर पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू ने बीजेपी नेताओं पर साधा निशाना*
सांसद अनुराग ठाकुर को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के निर्माण का झूठा श्रेय नहीं लेना चाहिए। लगभग 20 वर्ष से वह सांसद हैं। ऐसे में उन्हें झूठ न बोलकर सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए। यह कहना है मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का। रविवार को जोलसप्पड़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज यूपीए सरकार की देन है। मौजूदा कांग्रेस सरकार ने इसके लिए प्रदेश सरकार के हिस्से का बजट उपलब्ध करवाया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से पिछले दिनों दिए बयान पर पलटवार किया। सीएम ने कहा कि वर्ष 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से इसकी मंजूरी दी गई थी।
उस वक्त 189 करोड़ केंद्र से मंजूर किए गए थे, जबकि अब 500 करोड़ के करीब लागत आई है। 189 करोड़ के अलावा जितना भी बजट यहां पर खर्च हुआ है, वह मौजूदा कांग्रेस सरकार ने दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जाइका से 3000 करोड़ रुपए देने का बयान दे रहे हैं, लेकिन उन्हें भी पूरी जानकारी रखनी चाहिए कि जाइका का अनुबंध ही अभी तक नहीं हुआ है। वह देश के स्वास्थ्य मंत्री हैं, इसलिए उन्हें हर विषय पूरी जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं होता कि केंद्र सरकार से बिना हिसाब के कोई बजट जारी होता है। तय व्यवस्था के तहत बजट केंद्र से मिलता है। इसमें कुछ नया नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष को जवाब
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के ओपीएस पर दिए गए बयान पर सीएम सुक्खू ने कहा कि भाजपा ओपीएस को बंद करेगी। भाजपा और विपक्ष के नेता के पास ओपीएस को लेकर कोई जवाब नहीं है। प्रदेश सरकार की स्थिति जैसे और बेहतर होगी तो अन्य कर्मचारियों के लिए भी ओपीएस लागू किए जाने की योजना पर कार्य होगा।
Jitendra Kumar: *सुक्खू सरकार ने लगाए पर्यटन को पंख, टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही कई योजनाएं*
हिमाचल पर्यटन क्षेत्र में एक अहम हस्ताक्षर रखता है। हिमाचल को हर मौसम में पर्यटकों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सशक्त कदम उठाए हैं। धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हिमाचल को साहसिक पर्यटन के केंद्र के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश के जलाशयों को लग्जऱी और एडवेंचर टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस कड़ी में गोबिंद सागर झील में पहली बार क्रूज़ शिकारा, हाउस बोट, जेट स्की और वॉटर स्कूटर जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
हमीरपुर जिलाा के नादौन में ब्यास नदी पर एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप तथा शिमला जि़ला की सतलुज नदी पर एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन आकर्षण का केंद्र रहते है। कांगड़ा जिला का बीड़ बिलिंग दुनियाभर के पैराग्लाइडरों के लिए स्वर्ग के समान है।
सीएम बोले, पर्यटन राजधानी बनाया जा रहा कांगड़ा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने के दृष्टिगत कांगड़ा हवाई अड्डे कि विस्तार प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में हेलिपोर्ट बनाए जा रहे हैं। कांगड़ा जिला के देहरा उपमंडल के बनखंडी में 619 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहा दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए विशेष आर्कषण का केंन्द्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्ट-अप योजना के तहत युवाओं के लिए ऋण पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। युवाओं को शहरी क्षेत्रों में तीन प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में चार प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में पांच प्रतिशत तक ब्याज उपदान की सुविधा मिलेगी।
Jitendra Kumar: *पठानकोट-मंडी फोरलेन शुरू होने से पहले डंगों का फूलने लगा दम, फोरलेन के कछुआ गति काम ने बढ़ाई दिक्कतें*
फोरलेन के कछुआ गति काम ने बढ़ाई वाहन चालकों की दिक्कतें; सडक़ निर्माण में घटिया सामग्री, उखड़ती रिटेनिंग वॉल ने खोली पोल
पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। करोड़ों रुपए की लागत से तैयार हो रहे इस महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और घटिया गुणवत्ता अब खुलकर सामने आने लगी है। हालात यह हैं कि परियोजना का काम अभी तक अधूरा पड़ा है और मौजूदा गति को देखते हुए इसके निर्धारित समय में पूरा होने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है। दूसरी ओर जहां-जहां निर्माण हुआ है, वहां गुणवत्ता को लेकर गंभीर खामियां दिखाई देने लगी हैं।
61 मील सुरंग से लेकर ठानपुरी तक कई स्थानों पर सडक़ किनारे बनाई गई रिटेनिंग वॉल कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं। कई जगह पत्थर बाहर की ओर फूल चुके हैं। बरसात शुरू होने से पहले ही यह स्थिति सामने आने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भारी चिंता है। लोगों का कहना है कि यदि अभी यह हालत है, तो भारी बारिश के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वर्षों से लोग धूल, जाम और अव्यवस्थित यातायात की परेशानी झेल रहे हैं। कई स्थानों पर मशीनरी और श्रमिकों की संख्या कम है, जिससे साफ प्रतीत होता है कि निर्माण एजेंसियां समयसीमा को लेकर गंभीर नहीं हैं।
फोरलेन पर करोड़ों खर्च करने के बाद भी मजबूती नहीं
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद यदि नई बनी संरचनाएं इतनी जल्दी कमजोर पडऩे लगे, तो यह केवल तकनीकी कमी नहीं बल्कि निर्माण कार्य की निगरानी और जवाबदेही पर भी बड़ा प्रश्न चिह्न है। आरोप हैं कि कई स्थानों पर मानकों से समझौता कर कार्य किया गया, जिसका खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ सकता है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के दौरान भू-स्खलन व सडक़ धंसने से इनकार नहीं किया जा सकता।
बरसात से पहले दम तोडऩे लगे डंगे
सबसे बड़ा सवाल फोरलेन की गुणवत्ता को लेकर है, जिन रिटेनिंग वॉल का उद्देश्य पहाड़ों से होने वाले भू-स्खलन को रोकना और सडक़ को सुरक्षित बनाना था, वही डंगे बरसात से पहले जवाब देते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार के निर्माण में मजबूत ड्रेनेज सिस्टम, उच्च गुणवत्ता सामग्री और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी होता है। डंगों के निर्माण में गुणवत्ता से ज्यादा खानापूर्ति पर ध्यान दिया गया।
लापरवाह एजेंसी-अफसरों पर कसे शिकंजा
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि परियोजना की गुणवत्ता की निष्पक्ष तकनीकी जांच करवाई जाए तथा संवेदनशील स्थलों पर तुरंत मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य शुरू किया जाए। लोगों ने मांग उठाई है कि निर्माण कार्य में हो रही देरी और गुणवत्ता में बरती गई लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए।
परौर से पद्धर तक फोरलेन की डीपीआर ही तैयार नहीं
पठानकोट-मंडी फोरलेन की सुस्त कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परौर से पद्धर तक 80 किलोमीटर हिस्से की डीपीआर तक अभी तैयार नहीं हो पाई है। यह मार्ग सामारिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है और सेना की आवाजाही के लिए भी सबसे उपयोगी मार्गों में शामिल है। लोगों का कहना है कि जब अब तक डीपीआर ही तैयार नहीं हो पा रही है, तो निर्माण कार्य समय पर पूरा होने की उम्मीद करना भी बेमानी लगता है। करोड़ों रुपए की परियोजना होने के बावजूद काम की धीमी गति, अधूरा निर्माण और गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा रहे है।
TRN Live: *आठ दिन में तीन लाख पर्यटकों ने देखी अटल टनल, भीषण गर्मी से राहत पाने कुल्लू-लाहुल की ओर दौड़े लोग*
देश दुनिया के पर्यटकों को अटल टनल रोहतांग आकर्षित कर रही है। अटल टनल के उद्घाटन को अभी साढ़े पांच सालों से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अटल टनल रोहतांग देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पहली पसंद बनी हुई है। सैलानी अटल टनल रोहतांग का दीदार करने पहुंचे। अटल टनल रोहतांग के बहाने पर्यटकों ने लाहुल-स्पीति की बर्फीली वार्दियों का दीदार भी किया।
रोहतांग के साथ-साथ पर्यटकों ने बारालाचा, कुंजुम दर्रा,चंद्रताल सहित ऊंची सुंदर पहाडिय़ों को भी निहारा। 14 जून से लेकर 21 जून तक लाखों की संख्या में पर्यटक रोहतांग, अटल टनल रोहतांग और लाहुल की वादियों में पहुंचे। पिछले सात दिनों में अटल टनल रोहतांग का दीदार 318168 से अधिक पर्यटकों ने किया। बता दें कि 14 जून से 21 जून तक 53028 पर्यटक वाहन अटल टनल रोहतांग से इन और आउट हो गए हैं। इन वाहनों में काफी संख्या में पर्यटक अटल टनल का दीदार कर चुके हैं।
कब कितने पर्यटक आए
दिन वाहन
14 जून 6718
15 जून 6142
16 जून 6016
17 जून 6525
18 जून 5731
19 जून 6972
20 जून 7424
21 जून 7500
कुल 53028
7500 हजार आर-पार
पिछले एक सप्ताह से निचले क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी से निजात पाने के लिए बाहरी राज्यों से पर्यटक काफी संख्या में मनाली, और लाहुल-स्पीति पहुंचे। काफी पर्यटकों ने अटल टनल रोहतांग को निहारा। रविवार को भी 7500 हजार के आसपास पर्यटक अटल टनल रोहतांंग से आर-पार हुए।
Jitendra Kumar: *हथियारों से लैस निहंगों का गुरुद्वारे पर कब्जा, भक्त को बनाया बंधक, काट देने की धमकी*
उत्तराखंड के चमोली स्थित कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद के बाद शनिवार देर शाम रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पंजाब से आए हथियारों से लैस छह निहंगों ने कब्जा कर लिया। उन्होंने दो लोगों को बंधक भी बनाया। हालांकि, विवाद बढऩे पर निहंगों ने एक व्यक्ति को छोड़ दिया, जबकि एक सेवादार को बंधक बनाए रखा। निहंगों ने चेतावनी दी है कि गुरुद्वारे में घुसने वाले को काट देंगे। रविवार सुबह रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा निहंगों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन उन्होंने बातचीत से इनकार कर दिया। इससे पहले एसपी निहारिका तोमर ने दो दौर की बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बाचचीत विफल रही। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला के नागरासू स्थित गुरुद्वारे में बीते 24 घंटे से जारी विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित गुरुद्वारे में कुछ निहंग तीर्थ यात्रियों द्वारा कब्जा जमाने के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। फिलहाल प्रशासन मौके पर मौजूद है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
जानकारी के अनुसार गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंग यात्रियों के बीच विवाद के बाद कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए। फिर परिसर पर नियंत्रण करने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान सेवादारों के साथ मारपीट और अभद्रता की घटनाएं भी सामने आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आईटीबीपी की टीमें मौके पर पहुंचीं। हालात को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन लगातार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी गतिरोध बरकरार है। उधर, पंजाब से सिख प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड पहुंचा। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल सिख युवकों के साथ अन्याय हुआ है और मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है। बता दें 16 जून को हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे 5-6 निहंगों और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुई मारपीट के बाद से विवाद गहराता जा रहा है।
रुद्रप्रयाग और श्रीनगर में इंटरनेट बंद
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने रुद्रप्रयाग और श्रीनगर क्षेत्रों में एहतियातन इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी हैं, ताकि सोशल मीडिया के जरिए किसी तरह की अफवाह न फैल सके। हेमकुंड साहिब यात्रा के उत्तराखंड के चमोली स्थित कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद के बाद उत्पन्न हुए इस तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
Jitendra Kumar: *प्रदेश में एफडीआर तकनीक से बन रही सडक़ें, बिलासपुर में हुआ था ट्रायल, अब 666 KM मार्गों पर हो रहा काम*
अमरीका-कनाडा मॉडल पर अब भारत की सडक़ें बनेंगी। उत्तर प्रदेश से इसकी शुरुआत हुई थी और उसके बाद बिहार, असम और झारखंड में इस तकनीक से सडक़ निर्माण कार्य किए गए। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 में एफडीआर तकनीक से सडक़ निर्माण कार्य करवाने का निर्णय लिया गया और बिलासुपर में ट्रायल हुआ। प्रदेश में इस तकनीक का पहला प्रमुख प्रोजेक्ट बिलासपुर जिला के घुमारवीं उपमंडल की गाहर-नसवाल सडक़ पर वर्ष 2024 में शुरू हुआ, जिसके बाद अब प्रदेश सरकार ने 666 किलोमीटर सडक़ों पर इस तकनीक से कार्य करने का फैसला लिया है और लगभग 70 प्रतिशत से अधिक सडक़ों को कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
हिमाचल प्रदेश में सडक़ निर्माण के क्षेत्र में अब आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमेशन) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत प्रदेश में सैकड़ों किलोमीटर सडक़ों का निर्माण और उन्नयन इस तकनीक से किया जा रहा है।
इन जिलों में बने एफडीआर से रोड
मंडी और कुल्लू में 20 सडक़ें इस तकनीक से बनी हैं। इसके अलावा कांगड़ा, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर और बिलासपुर जिलों में कई सडक़ परियोजनाओं में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। मंडी जिला के करसोग क्षेत्र में लगभग 53 किलोमीटर लंबाई की चार सडक़ों का निर्माण एफडीआर तकनीक से किया जा रहा है। मंडी में ही ग
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