आजकल का राशिफल और पंचांग प्रकाशित हुआ भारत और दक्षिण कोरिया बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए व्यापार समझौते के उन्नयन में तेजी लाने पर सहमत हुए।

🤔 *छा गए सीएम सुभेन्द्ररू अधिकारी lजो काम अंग्रेज़ो के समय मे ना हुआ वह काम बंगाल में 107 सालों में पहली बार बीजेपी शासित बंगाल मे हुआ*👆

May 30, 2026 - 10:57
Updated: 13 hours ago
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आजकल का राशिफल और पंचांग प्रकाशित हुआ भारत और दक्षिण कोरिया बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए व्यापार समझौते के उन्नयन में तेजी लाने पर सहमत हुए।
जितेन्द्र कुमार

TRN: *卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐*

*🌞 दिनांक - 30 मई 2026*

*⛅दिन - शनिवार*

*⛅विक्रम संवत् - 2083*

*⛅अयन - उत्तरायण*

*⛅ऋतु - ग्रीष्म*

*⛅मास - अधिक ज्येष्ठ* 

*⛅पक्ष - शुक्ल*

*⛅तिथि - चतुर्दशी सुबह 11:57 तक तत्पश्चात् पूर्णिमा*

*⛅नक्षत्र - विशाखा दोपहर 01:20 तक तत्पश्चात् अनुराधा*

*⛅योग - शिव प्रातः 05:25 मई 31 तक तत्पश्चात् सिद्ध*

*⛅राहुकाल - सुबह 09:03 से सुबह 10:44 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* 

*⛅सूर्योदय - 05:41*

*⛅सूर्यास्त - 07:08 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*

*⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में*

*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:17 से प्रातः 04:59 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*

*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:58 से दोपहर 12:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*

*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:03 से मध्यरात्रि 12:46 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* 

*🌥️व्रत पर्व विवरण - पूर्णिमा*

*🌥️विशेष -‌ पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*

              

*गुरू कृपा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी ।* 

 1. गुरू जिस धरा पर अवतरित होते है 

वहाँ परमआनंद होता है । 

वहां के सब तामसिक दोष समाप्त हो जाते हैं । 

      

2. जिस जगह गुरू वास करते उस जगह देवी देवता पुष्प वर्षा करते हैं । 

3. गुरूदेव को निहारने , गुरू की फ़ोटो चित्र दर्शन करने से मन मे घंटीयां बजने लग जाती है आरती होती है तो समझो प्रणाम स्वीकार हो गया 

4. जो व्यक्ति गुरू की सेवा पूजा करता है उस पर आने वाली सभी प्रकार की विपदाओं को गुरू हर लेते है । 

5. गुरू के चरणो मे स्वर्ग होता है । जहां गुरू देव विचरण करते है उस जगह वास करने से तामसिकता का दमन होता है। 

6. गुरू में (लक्ष्मी सरस्वती दुर्गा ) सभी शक्तियो का वास होता है ।

7. गुरू में सुर्य ,चन्द्र देवलोक पुर्ण ब्रह्माण्ड का वास 

 तेज़ होता है ।

8. गुरू मंत्र मे वो शक्ति है जो कुडंलिनी जागरित कर सकती है समस्त रोगों को दूर कर शिष्य का कल्याण होता है। 

9. गुरू मे ब्रह्म चेतना का वास होता है । किसी व्यक्ति को कुछ हो जाये तो गुरू से प्रार्थना कर लेने से दोष दूर हो जाते है।

10. गुरू का रोजाना सुबह शाम ध्यान करने से तीनों ताप भौतिक दैहिक मानसिक रोग दोष का नाश होता है । 

11. गुरू के मंत्र जाप से सभी देवी देवताओं को भोग लग जाता है।

12. गुरू मंत्र हजारों रोगों की दवा है । इसके सेवन से असाध्य रोग मिट जाते हैं ।

13. जिस व्यक्ति का भाग्य सोया हुआ हो ,दुर्भाग्य से घिरा हो तो गुरू कृपा से उस व्यक्ति का सोया हुआ भाग्य खुल जाता है । 

14. गुरू की सेवा से चरणों मे समर्पण से इंसान भय मुक्त हो जाता है ।

15.गुरू ही महान विद्वान धर्म रक्षक ईश्वर का रूप अवतार होते है ।

16. गुरू की सेवा , मोक्ष के लिए ही इस धरा पर देवी देवताओं ने अवतार लिये हैं । 

17.गुरू मंत्र सुमिरण से जन्म जन्मानतर के कर्म पाप कष्ट कट जाते है । 

 

18. समर्थ गुरू विरला एक काल खंड में एक ही होते है।

19. गुरू अगर स्वप्न में भी वात्सल्य भरी निगाहों से जिसे भी देखते है उनके ऊपर गुरू कृपा हो जाती है । 

20. गुरू मंत्र का जाप करने से नौ ग्रह शांत रहते

     हैं । जो ध्यान के साथ करता है उनको शत्रु और अन्य दोषों भी से छुटकारा मिलता है । 

21. गुरू एक चलता फिरता मंदिर है । हमारे सनातन धर्म में तैंतीस कोटि देवी देवता है। ,

हम रोजाना तैंतीस कोटि देवी देवताओं के मंदिर जा कर उनके दर्शन नहीं कर सकते पर गुरू के दर्शन हृदय कमल / आज्ञा चक्र भृकुटि पर ध्यान लगाकर वहाँ से गुरू का ब्रह्म स्वरूप में सभी देवी देवताओं के दर्शन हो जाते हैं । 

22. कोई भी शुभ कार्य अटका हुआ हो बार बार प्रयत्न करने पर भी सफल नहीं हो रहा हो तो गुरू को कहिये रूका हुआ काम बन जायेगा !

 23. गुरू सर्व सुखों के देने वाले है । 

हे गुरूदेव आप अनंत ! आपके गुण अनंत ! इतना मुझमें सामर्थ्य नहीं कि मैं आपके गुणों का बखान कर सकूं ।

।।जय गुरूदेव।               

*🙏🚩🚩 " ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏

Tejraftarnews.in: *राधे - राधे ॥ आज का भगवद् चिन्तन ॥* 

                   *३०.०५.२०२६*

     🌟*|| आत्मबल सम्पन्न बनें ||*🌟

हमें अपनी पीठ को सदैव मजबूत रखना चाहिए क्योंकि जीवन में धोखा और शाबाशी दोनों पीठ पीछे ही मिलती है। जब शाबाशी मिलेगी तो पीठ को थपथपाया जायेगा और जब धोखे का वार होगा तो वो भी पीठ पर ही होगा। धोखा सहना तो असहनीय होता ही है, लेकिन शाबाशी मिलने पर उसको न पचा पाना भी हमारे प्रगती पथ में बड़ी बाधा बन जाता है। पीठ मजबूत होना अर्थात हमारी संकल्प शक्ति का दृढ़ होना है।

हमारी संकल्प शक्ति जितनी दृढ़ रहेगी, हमारे आत्मबल का स्तर भी उतना ही ऊँचा रहेगा और हमारे आत्मबल का स्तर जितना उच्च होगा, हमारी पीठ उतनी ही मजबूत बनी रहेगी। पीठ पर लगा आत्मबल का कवच ही जीवन की अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थितियों से हमारी रक्षा करता है। विषमता और अहमता दोनों को पचाने की शक्ति ही जीवन के कर्मपथ में विजयी बनाती है।

   🙏 *जय श्री राधे कृष्ण* 🙏

Tejraftarnews.in: 🌹*सुप्रभात*🌹

🌹*राधे राधे*🌹

             *"अज्ञानता और लोभ का परिणाम"*

          *एक कुम्हार को मिट्टी खोदते हुए अचानक एक हीरा मिल गया। उसने उसे अपने गधे के गले में बांध दिया। एक दिन एक बनिए की नजर गधे के गले में बंधे उस हीरे पर पड़ गई। उसने कुम्हार से उसका मूल्य पूछा। कुम्हार ने कहा, सवा सेर गुड़। बनिए ने कुम्हार को सवा सेर गुड़ देकर वह हीरा खरीद लिया। बनिए ने भी उस हीरे को एक चमकीला पत्थर समझा था लेकिन अपनी तराजू की शोभा बढ़ाने के लिए उसकी डंडी से बांध दिया।*

          *एक दिन एक जौहरी की नजर बनिए के उस तराजू पर पड़ गई। उसने बनिए से उसका दाम पूछा। बनिए ने कहा, पांच रुपए। जौहरी कंजूस व लालची था। हीरे का मूल्य केवल पांच रुपए सुनकर समझ गया कि बनिया इस कीमती हीरे को एक साधारण पत्थर का टुकड़ा समझ रहा है। वह उससे भाव-ताव करने लगा-पांच नहीं, चार रुपए ले लो। बनिये ने मना कर दिया। जौहरी ने सोचा कि इतनी जल्दी भी क्या है ? कल आकर फिर कहूँगा, यदि नहीं मानेगा तो पांच रुपए देकर खरीद लूँगा।*

          *संयोग से दो घंटे बाद एक दूसरा जौहरी कुछ जरूरी सामान खरीदने उसी बनिए की दुकान पर आया। तराजू पर बंधे हीरे को देखकर वह चौंक गया। उसने सामान खरीदने के बजाए उस चमकीले पत्थर का दाम पूछ लिया। बनिए के मुख से पांच रुपए सुनते ही उसने झट जेब से निकालकर उसे पांच रुपये थमाए और हीरा लेकर खुशी-खुशी चल पड़ा। दूसरे दिन वह पहले वाला जौहरी बनिए के पास आया। पांच रुपए थमाते हुए बोला- लाओ भाई दो वह पत्थर।*

          *बनिया बोला- वह तो कल ही एक दूसरा आदमी पांच रुपए में ले गया। यह सुनकर जौहरी ठगा सा महसूस करने लगा। अपना गम कम करने के लिए बनिए से बोला- "अरे मूर्ख ! वह साधारण पत्थर नहीं, एक लाख रुपए कीमत का हीरा था।"*

          *बनिया बोला, "मुझसे बड़े मूर्ख तो तुम हो। मेरी दृष्टि में तो वह साधारण पत्थर का टुकड़ा था, जिसकी कीमत मैंने चार रुपए मूल्य के सवा सेर गुड़ देकर चुकाई थी। पर तुम जानते हुए भी एक लाख की कीमत का वह पत्थर, पांच रुपए में भी नहीं खरीद सके।"*

          _*मित्रों, हमारे साथ भी अक्सर ऐसा होता है हमें हीरे रूपी सच्चे शुभ् चिन्तक मिलते हैं लेकिन अज्ञानतावश पहचान नहीं कर पाते और उसकी उपेक्षा कर बैठते हैं, जैसे इस कथा में कुम्हार और बनिए ने की। और कभी पहचान भी लेते हैं अपने अहंकार के चलते तुरन्त स्वीकार नहीं कर पाते और परिणाम पहले जौहरी की तरह हो जाता है और पश्चाताप के अतिरिक्त कुछ हासिल नहीं हो पाता।*_

            

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               *आम का पेड़*

कुंतालपुर का राजा बड़ा ही न्याय प्रिय था| वह अपनी प्रजा के दुख-दर्द में बराबर काम आता था| प्रजा भी उसका बहुत आदर करती थी| एक दिन राजा गुप्त वेष में अपने राज्य में घूमने निकला तब रास्ते में देखता है कि एक वृद्ध एक छोट सा पौधा रोप रहा है|

राजा कौतूहलवश उसके पास गया और बोला, ‘‘यह आप किस चीज का पौधा लगा रहे हैं ?’’ वृद्ध ने धीमें स्वर में कहा, ‘‘आम का|’’

राजा ने हिसाब लगाया कि उसके बड़े होने और उस पर फल आने में कितना समय लगेगा| हिसाब लगाकर उसने अचरज से वृद्ध की ओर देखा और कहा, ‘‘सुनो दादा इस पौधै के बड़े होने और उस पर फल आने मे कई साल लग जाएंगे, तब तक तुम क्या जीवित रहोगे?’’

 वृद्ध ने राजा की ओर देखा| राजा की आँखों में मायूसी थी| उसे लग रहा था कि वह वृद्ध ऐसा काम कर रहा है, जिसका फल उसे नहीं मिलेगा|

यह देखकर वृद्ध ने कहा, ‘‘आप सोच रहें होंगे कि मैं पागलपन का काम कर रहा हूँ| जिस चीज से आदमी को फायदा नहीं पहुँचता, उस पर मेहनत करना बेकार है, लेकिन यह भी तो सोचिए कि इस बूढ़े ने दूसरों की मेहनत का कितना फायदा उठाया है ? दूसरों के लगाए पेड़ों के कितने फल अपनी जिंदगी में खाए हैं ? क्याउस कर्ज को उतारने के लिए मुझे कुछ नहीं करना चाहिए? 

क्या मुझे इस भावना से पेड़ नहीं लगाने चाहिए कि उनके फल दूसरे लोग खा सकें? जो केवल अपने लाभ के लिए ही काम करता है, वह तो स्वार्थी वृत्ति का मनुष्य होता है|’’

वृद्ध की यह दलील सुनकर राजा प्रसन्न हो गया , आज उसे भी कुछ बड़ा सीखने को मिला था..!!

   *🙏🏿🙏🏻🙏🏾जय श्री कृष्ण*🙏🏼🙏🏽🙏

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*_~🌷 il.दान.की.महिमा.अतुलनीय.है.li 🌷~_*

दान की महिमा निराली है. जरूरतमंद के हाथ पसारने पर भी उसे दुत्कार देने की आदत भगवान को पसंद नहीं. परमार्थी जीव भगवान की पसंद सूची में हैं।

भगवान विविध प्रकार से हमें परखते हैं. तुलसीदास को हनुमानजी ने कोढ़ी के रूप में पहली बार दर्शन दिया था. कण-कण में भगवान की बात कही जाती है. इसे सिर्फ जुमले या कहावत के रूप में नहीं देखना चाहिए।

लोगों में एक आदत होती है किसी भी बात के लिए मना कर देने की. बेशक हममें मना करने की आदत होनी चाहिए लेकिन किस बात के लिए मना करने की आदत हो इसकी परख होनी चाहिए. हर बात के लिए “ना” कहने वाला बहुत ज्यादा नकारात्मक विचारों से भर जाता है।

मना करिए ऐसी चीजों के लिए जो आपके और सामने वाले दोनों के लिए नुकसानदेह हो. देने वाला बड़ा होता है. मांगने वाला तो हमेशा छोटा होता ही है. उसकी नजर झुकी रहती है आपके सामने, दया की याचना करता है आपसे बिलकुल वैसे ही जैसे हम ईश्वर के सामने कर रहे होते हैं।

अगर समर्थवान हैं तो याचक को कुछ न कुछ जरूर दान कर दें. इसका क्या लाभ हो सकता है. एक सुंदर कथा पढिए।

एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला. चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल लिए. टोटके या अंधविश्वास के कारण भिक्षा मांगने के लिए निकलते समय भिखारी अपनी झोली खाली नहीं रखते. उसमें कुछ न कुछ जरूर रख लेते हैं।

पूर्णिमा का दिन था. उस दिन लोग दान करते हैं. इसलिए भिखारी को विश्वास था कि आज ईश्वर की कृपा होगी और झोली शाम से पहले ही भर जाएगी।

वह एक जगह खड़ा होकर भीख मांग रहा था. तभी उसे सामने से उस देश के नगरसेठ की सवारी आती दिखाई दी।

सेठ पूर्णिमा को किया जाने वाला नियमित दान कर रहा था. भिखारी तो खुश हो गया. उसने सोचा, नगर सेठ के दर्शन और उनसे मिलने वाले दान से उसका कई दिनों का काम हो जाएगा।

जैसे-जैसे सेठ की सवारी निकट आती गई, भिखारी की कल्पना और उत्तेजना भी बढ़ती गई. सेठ का रथ पास रूका और वह उतरकर उसके पास पहुंचे. अब तो भिखारी न जाने क्या-क्या पाने के सपने देखने लगा।

लेकिन यह क्या, बजाय भिखारी को भीख देने के सेठ ने उलटे अपनी कीमती चादर उसके सामने फैला दी. सेठ ने भिखारी से ही कुछ दान मांग लिया।

वह रोज लोगों के सामने झोली फैलाता है. आज उसके सामने किसी ने झोली फैला दी वह भी नगर के सबसे बड़े सेठ ने. भिखारी को समझ नहीं आ रहा था क्या करे. अभी वह सोच ही रहा था कि सेठ ने फिर से याचना की।

भिखारी धर्मसंकट में था. कुछ न कुछ तो देना ही पड़ता. कहां वह मोटा दान पाने की आस लगाए बैठा था, कहां अपने ही माल में से कुछ निकलने वाला था. उसका मन खट्टा हो गया।

भिखारी ने निराश मन से अपनी झोली में हाथ डाला. हमेशा दूसरों से लेने वाला मन आज देने को राजी नहीं हो रहा था।

हमेशा लेने की नीयत रखने वाला क्या देता. जैसे-तैसे करके उसने झोली से जौ के दो दाने निकाले और सेठ की चादर में डाल दिया. सेठ उसे लेकर मुस्कुराता हुआ चला गया।

हालांकि उस दिन भिखारी को रोज से अधिक भीख मिली थी. फिर भी उसने जौ के जो दो दाने अपने पास से गंवाए थे, उसका मलाल सारे दिन रहा.

बार-बार यही ख्याल आता कि न जाने क्या हुआ सेठ को देने के बजाय लेकर ही चला गया।

आज सभी भिखारियों को दान दे रहे हैं वह उलटा ले रहा है. कैसा जमाना आ गया है. अच्छा हुआ मैंने जौ के दो ही दाने दिए. मुठ्ठीभर नहीं दिया.यही सब सोचता हुआ वह घर पहुंचा. शाम को जब उसने झोली पलटी तो आश्चर्य की सीमा न रही. जो जौ वह अपने साथ लेकर गया था उसके दो दाने सोने के हो गए थे।

जौ के दाने सोने के कैसे हो गए और हुए भी तो केवल दो ही दाने क्यों, पूरे ही हो जाते तो कंगाली मिट जाती. वह यह सोच ही रखा था कि उसका माथा ठनका. कहीं यह सेठ को दिए दो दानों का प्रभाव तो नहीं है।

भिखारी को समझ में आया कि यह दान की ही महिमा के कारण हुआ है।

वह पछताया कि काश! उस सेठ को और बहुत सारी जौ दे दी होती लेकिन नहीं दे सका क्योंकि देने की आदत जो नहीं थी।

हम ईश्वर से हमेशा पाने की इच्छा रखते हैं, क्या कभी सोचा है कि कुछ दिया भी जा सकता है. इंसान की क्या औकात कि वह ईश्वर को कुछ दे सके. यदि वह उस गरीब का कुछ भला कर दे जो ईश्वर का दंड झेलता कष्टमय जीवन बिता रहा है, वही ईश्वर को देना कहा जाता है।

देने से कोई छोटा नहीं होता. सुपात्र को देने की नीयत रखें. कुपात्र को दिया दान व्यर्थ जाता है. जिनका पेट भरा है उनके मुंह में रसगुल्ले ठूंसने से बेहतर है भूखे को एक बिस्किट का पैकेट पकड़ा दें।

दान से आपके पूर्वजन्मों के दोष कटते हैं. जो ग्रह खराब हो उसका दान करने से उस ग्रह के दोष आपसे निकलते जाते हैं. यदि आप परेशानियों से लगातार जूझ रहे हैं तो सेवा कीजिए जरूरतमंदों की. धन का ही दान हो जरूरी नहीं।

वाणी का दान भी सुंदर दान है. किसी से मधुर वचन कहना वाणी दान कहलाता है.बीमार की सेवा करना,रक्तदान,जलदान और अन्नदान सर्वश्रेष्ठ दान हैं..!!

   *🙏🙏🏽🙏🏼जय श्री कृष्ण*🙏🏾🙏🏻🙏🏿

Tejraftarnews.in: 🌹*सुप्रभात*🌹

🌹*राधे राधे*🌹

*वृन्दावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में प्रवेश करते ही एक अनूठी परम्परा हर भक्त का ध्यान आकर्षित करती है: गर्भगृह के सामने तेजी से खुलता और बंद होता पर्दा। इस प्रथा को समझने के लिए सबसे पहले श्री बांके बिहारी के स्वरूप के मूल तत्व को समझना आवश्यक है। मंदिर में स्थापित विग्रह पत्थर या लकड़ी की एक निर्जीव प्रतिमा नहीं है, बल्कि भगवान का एक जीवंत और श्वास लेता हुआ स्वरूप माना जाता है । उनकी पूजा एक बालक के रूप में होती है, जिसे "बाल स्वरूप" कहा जाता है । एक बच्चे की ही तरह, उनके भी भाव, आवश्यकताएँ और भावनात्मक संवेदनशीलता होती है। इसी कारण मंदिर में घंटे नहीं बजाए जाते, ताकि बाल-गोपाल की नींद में कोई खलल न पड़े।*  

*इस जीवंत विग्रह का सबसे शक्तिशाली अंग हैं उनके नेत्र। ऐसी मान्यता है कि श्री बांके बिहारी की दृष्टि में एक अद्भुत चुंबकीय और मोहक शक्ति है। जो भी भक्त उनके नेत्रों में एकटक, अधिक समय तक देख ले, वह उनके प्रेम में ऐसा बंध जाता है कि सुध-बुध खो बैठता है और संसार से विरक्त हो जाता है । उनकी आँखों से स्वतः ही परमानंद के आँसू बहने लगते हैं । इस अमोघ आकर्षण का कारण यह है कि उनका विग्रह राधा और कृष्ण दोनों की सम्मिलित आध्यात्मिक शक्ति और प्रेम का पुंज है । इसलिए, बांके बिहारी का दर्शन केवल एकतरफा अवलोकन नहीं है, बल्कि यह भक्त और भगवान के बीच ऊर्जा, चेतना और प्रेम का एक तीव्र द्विपक्षीय आदान-प्रदान है । उनकी दृष्टि भक्त के हृदय को बेधकर उसे अपने साथ ले जाने की क्षमता रखती है।*   

*मंदिर में पर्दा डालने की इस परम्परा के पीछे एक मौलिक कथा है, जो लगभग 400 वर्ष पुरानी बताई जाती है । इस कथा के विभिन्न संस्करण प्रचलित हैं, किन्तु सभी का सार एक ही है। कथा का मुख्य पात्र एक परम भक्त है, जिसे कभी एक निःसंतान वृद्ध महिला के रूप में वर्णित किया जाता है जो बिहारी जी में वात्सल्य भाव (मातृत्व प्रेम) रखती थी , कभी एक गहरे ध्यान में डूबे साधक के रूप में , तो कभी राजस्थान की एक राजकुमारी के रूप में जो उनकी भक्ति में लीन हो गई थी।* 

*कथा के अनुसार, यह भक्त मंदिर में बिहारी जी के सम्मुख खड़ा था, उनकी मनमोहक छवि में पूरी तरह खोया हुआ। उनकी दृष्टि अटूट थी, बिना पलक झपकाए, और उनका हृदय निश्छल, गहन प्रेम से भरा हुआ था। वे घंटों तक बस अपने आराध्य को निहारते रहे, उनका हृदय वात्सल्य या प्रेम से पिघल रहा था, और मन में बस यही कामना थी कि काश ये मेरे अपने होते और मेरे साथ मेरे घर चलते । भक्त का यह एकाग्र और निस्वार्थ प्रेम इतना तीव्र था कि बाल-स्वरूप ठाकुर जी उसका प्रतिरोध नहीं कर सके। वे प्रेम की डोरी से ऐसे बंधे कि सचमुच अपने आसन से उतर आए। जब भक्त दर्शन करके मंदिर से बाहर जाने के लिए मुड़ा, तो जीवंत विग्रह भी उनके पीछे-पीछे गर्भगृह से बाहर चल दिया । यह घटना वृन्दावन के भक्ति-सिद्धांत के उस उच्चतम सत्य को दर्शाती है कि भगवान शुद्ध प्रेम के समक्ष सर्वशक्तिमान नहीं रहते; वे "भक्त-पराधीन" हो जाते हैं, अर्थात् अपने भक्त के प्रेम के अधीन हो जाते हैं।*  

*मंदिर के गर्भगृह में ठाकुर जी को न पाकर पुजारियों और गोस्वामियों में हाहाकार मच गया । वे घबराकर भगवान को खोजने लगे। जल्द ही उन्हें पता चला कि बिहारी जी उस भक्त के प्रेम में बंधकर उनके साथ चले गए हैं। मंदिर के सेवक उस भक्त के पास पहुँचे और उनसे, तथा स्वयं बिहारी जी से, करबद्ध प्रार्थना की कि वे वापस मंदिर में पधारें, क्योंकि उनके बिना मंदिर सूना है और अनगिनत अन्य भक्त उनके दर्शनों के लिए व्याकुल हैं । भक्तों की व्याकुल पुकार सुनकर भगवान वापस मंदिर में अपने स्थान पर प्रतिष्ठित हो गए।*  

*इस अद्भुत घटना के बाद, मंदिर के व्यवस्थापकों को यह बोध हुआ कि किसी भी भक्त की अटूट और प्रेमपूर्ण दृष्टि का "खतरा" कितना वास्तविक है। यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए एक उपाय करना होगा। समाधान के रूप में, हर कुछ मिनटों में ठाकुर जी के सामने पर्दा डालने की प्रथा शुरू की गई । इस पर्दे को "झाँकी" कहा जाता है। इसका उद्देश्य जानबूझकर भक्त और भगवान के बीच की दृष्टि को भंग करना है, ताकि कोई भी भक्त इतनी देर तक एकटक न देख सके कि बिहारी जी फिर से प्रेम में बंधकर उसके साथ चल दें। यह एक व्यावहारिक उपाय है जो यह सुनिश्चित करता है कि भगवान का सान्निध्य मंदिर में सभी भक्तों के कल्याण के लिए बना रहे।*

*पर्दे की इस परम्परा का एक और पूरक और उतना ही महत्वपूर्ण कारण है। चूँकि श्री बांके बिहारी की पूजा बाल-स्वरूप में की जाती है, उन्हें एक सुंदर और मनमोहक बालक की ही तरह "नजर" या "दृष्टि दोष" लगने की आशंका रहती है । जिस प्रकार एक माँ अपने सुंदर शिशु को लोगों की बुरी नजर से बचाने के लिए उपाय करती है, उसी प्रकार बिहारी जी को भी हजारों भक्तों की सामूहिक दृष्टि से बचाने के लिए यह पर्दा एक सुरक्षा कवच का काम करता है।* 

*बार-बार पर्दा खींचना एक माँ के उस वात्सल्यपूर्ण कृत्य का प्रतीक है जो अपने बच्चे को बुरी नजर से बचाती है। पर्दे के साथ-साथ चँवर (याक की पूंछ से बना पंखा) डुलाया जाता है, जो किसी भी नकारात्मक ऊर्जा या दृष्टि दोष को दूर करने का एक अनुष्ठानिक तरीका माना जाता है । यह पहलू मंदिर में प्रचलित पूजा के मुख्य भाव - "वात्सल्य भाव" - को और भी सुदृढ़ करता है। इस प्रकार, पर्दा केवल भगवान को मंदिर में रोके रखने का उपाय नहीं, बल्कि उनके बाल-स्वरूप की रक्षा का एक कोमल और प्रेमपूर्ण माध्यम भी है।*   

*यह पर्दा प्रथा एक गहन आध्यात्मिक तकनीक के रूप में भी कार्य करती है। यह दर्शन के अनुभव को बदल देती है। सामान्य मंदिरों में दर्शन एक सतत प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन यहाँ पर्दे के कारण उपस्थिति (संयोग) और अनुपस्थिति (वियोग) का एक तीव्र क्रम बनता है। जब पर्दा बंद होता है, तो भक्त के मन में विरह और तीव्र लालसा उत्पन्न होती है। कुछ क्षणों की यह प्रतीक्षा दर्शन की भूख को और बढ़ा देती है। और जब पर्दा फिर से खुलता है, तो वह क्षणिक "झाँकी" केवल एक अवलोकन नहीं, बल्कि एक आनंदमय पुनर्मिलन बन जाती है। यह भावनात्मक उतार-चढ़ाव प्रत्येक दर्शन को एक सतत दृष्टि से कहीं अधिक मूल्यवान और आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली बना देता है। इस प्रकार, पर्दा भक्त के हृदय में प्रेम-भाव को तीव्र करने का एक अनूठा माध्यम बन जाता है।*

 

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                      👏👏👏

Tell: 🕉️प्रेरक कथा

                💗🦚 जिसकी रही भावना जैसी 🦚💗

एक बार एक सन्त कहीं प्रवचन दे रहे थे। अपने प्रवचन खत्म करते हुए उन्होंने आखिर में कहा, जागो, समय हाथ से निकला जा रहा है। सभा विसर्जित होने के बाद उन्होंने अपने शिष्य से कहा, चलो थोड़ी दूर घूम कर आते हैं। गुरु-शिष्य के साथ चल दिए। अभी वे पण्डाल के मुख्य दरवाजे तक ही पहुँचे थे कि एक किनारे रुक कर खड़े हो गए।

           प्रवचन सुनने आए लोग एक-एक कर बाहर निकल रहे थे। इसलिए भीड़ सी हो गई थी| अचानक उसमे से निकल कर एक स्त्री सन्त से मिलने आई। उसने कहा–'मैं नर्तकी हूँ। आज नगर सेठ के घर मेरे नृत्य का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन मैं उसके बारे में भूल चुकी थी। आपने कहा, समय निकला जा रहा है तो मुझे तुरन्त इस बात की याद आई।' उसके बाद एक डकैत सन्त की ओर आया। उसने कहा–'मैं आपसे कोई बात छिपाऊँगा नहीं। मैं भूल गया था कि आज मुझे एक जगह डाका डालने जाना था कि आपने कहा, समय निकला जा रहा है, यह सुनते ही मुझे अपनी योजना याद आ गई। बहुत-बहुत धन्यवाद आपका। 

          उसके जाने के बाद धीरे धीरे चलता हुआ एक बूढ़ा व्यक्ति सन्त के पास आया। वृद्ध ने कहा, जिन्दगी भर दुनियादारी की चीजों के पीछे भागता रहा। अब मौत का सामना करने का दिन नजदीक आता जा रहा है, तब मुझे लगता है कि सारी जिन्दगी यूँ ही बेकार हो गई। आपकी बातों से आज मेरी आँखें खुल गईं। आज से मैं अपने सारे दुनियारी का मोह छोड़कर भगवान् का भजन करना चाहता हूँ। जब सब लोग चले गए तो सन्त ने शिष्य से कहा–देखो प्रवचन मैंने एक ही दिया, लेकिन उसका मतलब सबने अलग-अलग निकाला। जिसकी जितनी झोली होती है, उतना ही दान वह समेट पाता है। भगवान् की प्राप्ति के लिए भी मन की झोली को उसके लायक होना होता है। इसके लिए मन का शुद्ध होना बहुत जरूरी है।

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                          जय जय श्री राधे

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Tejraftarnews.in: 🔱 🕉️श्री लाङ्गूलास्त्र शत्रुञ्जय हनुमत्स्तोत्रम् – हनुमान जी का वह अस्त्र जो शत्रुओं का नाश कर देता है 🔱

नमस्ते दोस्तों, आज मैं आपके लिए एक अत्यंत शक्तिशाली एवं दुर्लभ स्तोत्र लेकर आया हूँ। यह है श्री लाङ्गूलास्त्र शत्रुञ्जय हनुमत्स्तोत्रम्। यह वही स्तोत्र है जो हनुमान जी के लाङ्गूल (पूंछ) रूपी अस्त्र को समर्पित है – वही लाङ्गूल जिसने लंका को जला कर राख कर दिया था। इस स्तोत्र के नियमित पाठ से सभी प्रकार के शत्रु नष्ट होते हैं, तांत्रिक प्रयोग विफल हो जाते हैं, भूत-प्रेत बाधाएँ दूर होती हैं, पितृदोष एवं कुलदेवी बंधन से मुक्ति मिलती है, एवं जीवन में विजय एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।

🌸 क्या है यह स्तोत्र और क्यों है खास?

हनुमान जी के लाङ्गूल (पूंछ) को ही लाङ्गूलास्त्र कहा जाता है। जब हनुमान जी लंका गए थे, तब रावण की सेना ने उनकी पूंछ में कपड़ा लपेट कर आग लगा दी थी। लेकिन हनुमान जी ने उसी आग से पूरी लंका जला दी थी। यही है लाङ्गूलास्त्र का प्रचंड प्रभाव। इस स्तोत्र में हनुमान जी से प्रार्थना की गई है कि वे अपने लाङ्गूलास्त्र का प्रहार करके सभी शत्रुओं का नाश कर दें। यह स्तोत्र विशेष रूप से उन सभी साधकों के लिए है जो शत्रुओं से परेशान हैं, तांत्रिक प्रयोगों से पीड़ित हैं, या किसी भी प्रकार के भय एवं संकट से घिरे हुए हैं।

📿 श्री लाङ्गूलास्त्र शत्रुञ्जय हनुमत्स्तोत्रम् (संस्कृत एवं हिंदी भावार्थ सहित)

लोकाभीरामं रणरङ्गधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्। कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये ॥

हिंदी अर्थ – मैं उन श्रीरामचन्द्र जी की शरण में जाता हूँ, जो सम्पूर्ण लोकों को आनन्द देने वाले हैं, युद्ध के रण में धीर हैं, कमल के समान नेत्रों वाले हैं, रघुवंश के नाथ हैं, करुणा के स्वरूप हैं, एवं दया के भंडार हैं।

ॐ हनुमन्तं महावीरं वायुतुल्यपराक्रमम्। मम कार्यार्थमागच्छ प्रणमामि मुहुर्मुहुः॥

हिंदी अर्थ – ॐ मैं हनुमान जी को, जो महावीर हैं, वायु के समान पराक्रमी हैं, बार-बार प्रणाम करता हूँ। वे मेरे कार्य की सिद्धि के लिए आएँ।

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पहला श्लोक – हनुमन्नञ्जनीसूनो महाबलपराक्रम। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे हनुमान, हे अंजनी के पुत्र, हे महाबल एवं महापराक्रमी! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

दूसरा श्लोक – मर्कटाधिप मार्तण्डमण्डलग्रासकारक। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे वानरों के स्वामी, हे सूर्य मण्डल को निगलने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

तीसरा श्लोक – अक्षयन्नपि पिङ्गाक्ष क्षितिशोकक्षयङ्कर। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे पिंगल नेत्रों वाले, हे अक्षय (अविनाशी), हे पृथ्वी के शोक का नाश करने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

चौथा श्लोक – रुद्रावतार संसारदुःखभारापहारक। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे रुद्र के अवतार, हे संसार के दुःखों के भार को हरने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

पाँचवाँ श्लोक – श्रीरामचरणाम्भोजमधुपायितमानस। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे श्रीराम के चरण कमलों की मधु (अमृत) का पान करने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

छठा श्लोक – बालिकोदण्डदङ्गान्तसुग्रीवोन्मोचनप्रभो। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे बालि के कोदण्ड (धनुष) का दर्प चूर करने वाले, हे सुग्रीव को बंधन से मुक्त करने वाले प्रभु! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

सातवाँ श्लोक – सीताविरहवारीशमध्यसीतेशतारक। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे सीता के विरह रूपी समुद्र के बीच में सीतेश (राम) के तारक (पार उतारने वाले)! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

आठवाँ श्लोक – रघोराजप्रतापाग्निदह्यमानजगद्घन। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे रघुवंशी राजा राम के प्रतापरूपी अग्नि से जलते हुए संसार के घन (बादल)! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

नौवाँ श्लोक – ग्रस्ताशेषजगत्स्वास्थ्य राक्षसाम्भोधिमन्थन। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे सम्पूर्ण जगत के आरोग्य को ग्रसने वाले, हे राक्षसरूपी समुद्र का मन्थन करने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

दसवाँ श्लोक – पुच्छगुच्छस्फुरद्वीर जगदद्ग्धपुरपत्तन। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे पूंछ के गुच्छे से चमकने वाले वीर, हे जगत के पुरों एवं नगरों को जलाने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

ग्यारहवाँ श्लोक – जगन्मनोदुरुल्लङ्घ्यपारावारविलङ्घन। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे जगत के मन से भी दुर्लंघ्य समुद्र को लाँघने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

बारहवाँ श्लोक – स्मृतमात्रसमस्तेष्टपूरक प्रणतप्रिय। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे स्मरण मात्र से समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले, हे शरणागतों को प्रिय! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

तेरहवाँ श्लोक – राक्षसचरचमूराशिकृतानैकविकत्थन। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे राक्षसों की सेनाओं के समूह का अनेक प्रकार से विनाश करने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

चौदहवाँ श्लोक – जानकीजीवितज्याघ्नप्रेमपात्र परन्तप। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे जानकी के जीवन के धनुष को तोड़ने वाले, हे प्रेम के पात्र, हे शत्रुओं को ताप देने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

पंद्रहवाँ श्लोक – भीमादिकमहावीरवीरावेशावतारक। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे भीम आदि महावीरों में वीरता का आवेश उत्पन्न करने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

सोलहवाँ श्लोक – वैदेहीविरहक्रान्तरामरोगैकविग्रह। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे वैदेही (सीता) के विरह से व्याकुल राम के रोग के एकमात्र स्वरूप (हनुमान)! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

सत्रहवाँ श्लोक – वज्राङ्गनखदंष्ट्रांश वज्रवज्रावगुण्ठन। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे वज्र के समान कठोर अंगों वाले, हे नख एवं दाँतों से युक्त, हे वज्र को भी ढकने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

अठारहवाँ श्लोक – अखर्वगर्वगन्धर्वपवातोद्भेदनस्वर। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे अखर्व (अपार) गर्व को नष्ट करने वाले, हे गन्धर्वों के अहंकार को भेदने वाले स्वर वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

उन्नीसवाँ श्लोक – लक्ष्मणप्राणसन्त्राणत्राततीक्ष्णकरान्वय। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा करने वाले, हे तीक्ष्ण किरणों (सूर्य) के वंश में उत्पन्न (राम के अनुचर)! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

बीसवाँ श्लोक – रामादिविप्रयोगात्तभरताद्यरिनाशन। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे राम आदि के वियोग से उत्पन्न शोक को नष्ट करने वाले, हे भरत आदि के शत्रुओं का नाश करने वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

इक्कीसवाँ श्लोक – द्रोणाचलसमुत्क्षेपसमुत्क्षिप्तशरवैभव। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे द्रोणाचल को उठाकर लाने वाले, हे उठाए हुए शर (संजीवनी) के वैभव वाले! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

बाईसवाँ श्लोक – सीताशीर्वादसम्पन्न समस्तावयवस्थित। लोलल्लाङ्गूलपातेन ममाऽरातीन् निपातय॥

हिंदी अर्थ – हे सीता के आशीर्वाद से सम्पन्न, हे समस्त अवयवों में स्थित! अपनी चंचल पूंछ के प्रहार से मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दो।

💫 फलश्रुति – इस स्तोत्र के लाभ

इत्येवमश्वत्थतलोपविष्टः शत्रुञ्जयां नाम पठेत् स्वयं यः। स शीघ्रमेवास्तसमस्तशत्रुः प्रमोदते मारुतजप्रसादात्॥

हिंदी अर्थ – इस प्रकार पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर जो व्यक्ति स्वयं इस शत्रुञ्जय स्तोत्र का पाठ करता है, उसके समस्त शत्रु शीघ्र ही नष्ट हो जाते हैं, एवं वह हनुमान जी की कृपा से आनन्दित होता है।

🌟 इस स्तोत्र के अद्भुत लाभ

✦ शत्रुओं का पूर्ण नाश – लाङ्गूलास्त्र के प्रहार से सभी प्रकार के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष शत्रु नष्ट होते हैं

✦ तांत्रिक प्रयोगों से रक्षा – अभिचार, मारण, मोहन, उच्चाटन – सभी प्रकार के तांत्रिक प्रयोग विफल हो जाते हैं

✦ भूत-प्रेत बाधा मुक्ति – हनुमान जी की कृपा से सभी नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं

✦ पितृदोष निवारण – इस स्तोत्र के पाठ से पितर प्रसन्न होते हैं, पितृदोष दूर होता है

✦ कुलदेवी प्रसन्न – कुलदेवी एवं कुलदेवी बंधन से मुक्ति मिलती है

✦ सभी मनोकामनाओं की पूर्ति – स्मरण मात्र से ही समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं

✦ युद्ध एवं प्रतियोगिताओं में विजय – हर क्षेत्र में सफलता एवं विजय प्राप्त होती है

✦ भय से मुक्ति – सभी प्रकार के भय समाप्त होते हैं

🪷 साधना विधि

समय – मंगलवार या शनिवार, विशेष रूप से कृष्ण पक्ष की मंगलवार से प्रारंभ करें।

स्थान – पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर पाठ करना अति उत्तम है।

आसन एवं वस्त्र – लाल रंग का आसन बिछाएं एवं लाल वस्त्र धारण करें।

पाठ संख्या – प्रतिदिन कम से कम 21 पाठ करना अनिवार्य है।

विधि – स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें, पीपल के वृक्ष के नीचे बैठें, हनुमान जी का चित्र सामने रखें, लाल फूल, सिंदूर, चन्दन अर्पित करें। प्रतिदिन कम से कम 21 बार इस स्तोत्र का पाठ करें। प्रत्येक दिन पीपल के पत्ते पर 'राम' लिखकर भगवान हनुमान को समर्पित करें।

नियम – साधना के दौरान सात्विक भोजन करें, लहसुन-प्याज, मांस-मदिरा से दूर रहें, एवं ब्रह्मचर्य का पालन करें।

समापन – साधना समाप्ति के बाद गुड़-चना बंदरों को खिलाएं।

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Tejraftarnews.in: *🕉️मम मानस मानसपति आवैं।*

*सिय सियवर चरनन कपिवर संग दास हृदय बसि जावैं।।*

*अकथ कथा रघुनाथ मनोहर मन शुक मगन सुनावैं।*

*राम नाम गुन गान दिवस निसि विरुद राम पद गावैं।।*

*रामहि नित्य अधार धारि उर धरनि सुता हिय धारैं।*

*राम-जानकी नाम पावनी नैनन पट लिखि डारैं।।*

*कपिकुल कलावतार पवनसुत पावन नाम उचारैं।*

*राम नाम हनुमान हृदय निधि निज हिय धारि सम्हारैं।।*

*सेस गनेस गनैं गुन जिनकी तिनके चरन संवारैं।*

*आदि अनादि अगम परमात्मा मनुज रूप अवतारैं।।*

*बरसैं हृदय राम रस निर्झर पद रति तृषा बुझावैं।*

*मम मानस मानसपति आवैं।।*

*जय श्री राम, श्री

Tejraftarnews.in  . *जय श्री राम*

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*शनिवार, 30 मई 2026 के मुख्य समाचार*

🔶प्ला​स्टिक नोटों की तैयारी, पॉलिमर से बने करेंसी नोट ला सकता है RBI

🔶दहेज लोभियों पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा प्रहार, कहा- जिनसे पैसे लेते हो, उन्हें ही भिखारी कहते हो

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🔶ट्रंप का बड़ा ऐलान- 'हटा दिया होर्मुज ब्लॉकेड, घर लौट रहे US सैनिक'

🔶परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करेगा ईरान, होर्मुज को टोल-फ्री बनाने से भी इनकार

🔶राहुल गांधी के सामने ही कांग्रेस में बवाल, नाराज बाजवा मीटिंग छोड़कर निकले

🔶'छात्रों के लिए बेहद दर्दनाक', NEET-UG 2026 पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, NTA को लगाई फटकार

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🔶महाराष्ट्र में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत, फडणवीस ने दिये जांच के आदेश

 🔶दिल्ली में भीषण गर्मी का कहर: हीट वेव के बीच हर दिन औसतन पांच मौत; अकेले मई में अब तक 157 बेघरों की मौत

🔶​​​यूपी में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 की मौत:अफसर बोले- आंधी-बारिश के चलते हादसा, 3 मजदूरों को बचाया गया

🔶​​पंजाब निकाय चुनाव नतीजे:AAP का दबदबा, 954 वार्डों में जीती; कपूरथला निगम में कांग्रेस, अबोहर में BJP को बहुमत; पठानकोट में रिकाउंटिंग पर बवाल

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🔶कर्नाटक में 4 डिप्टी सीएम हो सकते हैं:शिवकुमार CM होंगे, शपथ अगले हफ्ते संभव; सिद्धारमैया ने राहुल-खड़गे से मुलाकात की

🔶ट्विशा केस-सास और पति 5 दिन की CBI रिमांड पर:आमने-सामने बैठाकर पूछताछ होगी; एक्ट्रेस के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन करेंगे

🔶​डिजिटल इंडिया: खूब इंटरनेट इस्तेमाल कर रही भारतीय महिलाएं, दो साल में दोगुनी हुई संख्या; बैंक खाते भी बढ़े

🔶​रूस से आर्मेनिया को दी धमकी: कहा-EU से बढ़ाई नजदीकियां, तो झेलना होगा निलंबन; पुतिन ने दी यूक्रेन जैसी चेतावनी

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🔶देश में शुद्ध FDI बढ़कर 7.7 अरब डॉलर पर पहुंचा, चालू खाता घाटे की भरपाई के लिए अब भी कम

🔷शुभमन गिल का शतक, गुजरात टाइटंस ने राजस्थान को हराकर फाइनल में बनाई जगह

🔷वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने

🔷झुका चेहरा, भीगी पलकें... फाइनल का सपना टूटता देख रो पड़े वैभव सूर्यवंशी

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         *आप का दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात....!*

                          जय हो🙏

Tejraftarnews.in: “सस्ता रोये बार-बार, महंगा रोये एक बार”

नर्मदापुरम के एक छोटे से गाँव में रामस्वरूप नाम का एक किसान रहता था। वह बहुत मेहनती था, लेकिन उसकी एक आदत पूरे गाँव में प्रसिद्ध थी — वह हर चीज़ सबसे सस्ती खरीदता था।

चाहे कपड़े हों, औज़ार हों या खेती का सामान, वह हमेशा यही कहता—

“भैया, काम तो सबका एक जैसा ही होता है, फिर ज्यादा पैसे क्यों खर्च करें?”

एक दिन गाँव में नया सीजन शुरू होने वाला था। रामस्वरूप को खेत की सिंचाई के लिए मोटर खरीदनी थी। बाजार में उसे दो मोटर दिखाई दीं।

पहली मोटर अच्छी कंपनी की थी, मजबूत और टिकाऊ। दुकानदार बोला— “रामस्वरूप जी, यह मोटर महंगी जरूर है, लेकिन सालों चलेगी।”

दूसरी मोटर सस्ती थी। देखने में ठीक लग रही थी।

रामस्वरूप तुरंत बोला— “बस यही दे दो! पैसा बचाना भी तो समझदारी है।”

गाँव के बुजुर्ग हरिदास जी ने समझाया— “बेटा, सस्ता सामान कई बार महंगा पड़ जाता है।”

लेकिन रामस्वरूप ने उनकी बात नहीं मानी। और सस्ती मोटर ले गया।

मोटर शुरू में तो ठीक चली। रामस्वरूप खुश हुआ कि उसने पैसे बचा लिये।

लेकिन केवल दो महीने बाद मोटर खराब हो गई।

मिस्त्री बुलाना पड़ा।

मरम्मत में पैसे लगे।

कुछ दिन बाद फिर खराब।

फिर मरम्मत।

फिर खर्चा।

धीरे-धीरे मरम्मत में उतने पैसे लग गए जितने अच्छी मोटर की कीमत थी। ऊपर से खेत की सिंचाई समय पर नहीं हुई और फसल भी कमजोर हो गई।

रामस्वरूप परेशान होकर सिर पकड़कर बैठ गया।

अगले वर्ष उसने निश्चय किया कि इस बार अच्छी गुणवत्ता की चीज ही खरीदेगा।

वह उसी दुकान पर गया और मजबूत मोटर खरीद ली।

दुकानदार मुस्कुराकर बोला— “अब आपको बार-बार दुकान नहीं आना पड़ेगा।”

सचमुच, वह मोटर कई वर्षों तक बिना किसी परेशानी के चलती रही।

फसल भी अच्छी हुई और रामस्वरूप का खर्च भी बच गया।

एक दिन गाँव के चौपाल में रामस्वरूप स्वयं लोगों से कह रहा था—

“भाइयों, मैंने जीवन में एक बड़ी सीख पाई है—

‘सस्ता रोये बार-बार, महंगा रोये एक बार।’

अच्छी चीज़ महंगी जरूर होती है, लेकिन टिकाऊ और भरोसेमंद होती है।”

★ शिक्षा (Moral) ★

केवल कीमत देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए।

गुणवत्ता और टिकाऊपन हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं।

वस्तु हो या कोई कार्य सस्ता सस्ता ही होता है जो केवल नुकसान देय रहता है।

समझदारी इसी में है कार्य हो या वस्तु वही लो जिसमें लंबे समय का लाभ हो। भले ही महंगा पड़े।

Tejraftarnews.in: 🌺 ॥ कुलदेवी स्तोत्र ॥

नमस्ते श्री शिवाय कुलाराध्या कुलेश्वरी।

कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1।।

अर्थ:

हे कुल की आराध्या कुलेश्वरी देवी! आपको नमस्कार है।

आप ही हमारे कुल की रक्षा करने वाली माता हैं, जो कौलिक (गूढ़) ज्ञान को प्रकाशित करती हैं।

वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।

वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2।।

अर्थ:

हे कुल में पूजित माता कुलाम्बा!

आप वेदों की जननी हैं, जगत की माता हैं और समस्त लोकों का कल्याण चाहने वाली हैं।

आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।

विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम् शरणागत:।।3।।

अर्थ:

हे आदि शक्ति स्वरूपिणी देवी! आप कुल की स्वामिनी हैं।

आप विश्व में पूजित हैं और भय को नष्ट करने वाली हैं।

मैं आपकी शरण में हूँ, कृपा कर मेरी रक्षा करें।

त्रैलोक्य ह्रदयं शोभे देवी त्वं परमेश्वरी।

भक्तानुग्रह कारिणी कुलदेवी नमोस्तुते।।4।।

अर्थ:

हे त्रिलोक (तीनों लोक) के हृदय को शोभित करने वाली देवी!

आप परमेश्वरी हैं, भक्तों पर अनुग्रह करने वाली हैं।

आपको बार-बार नमस्कार है।

महादेव प्रियंकरी बालानां हितकारिणी।

कुलवृद्धि करी माता त्राहिमाम् शरणागतम्।।5।।

अर्थ:

हे महादेव की प्रिय सखी! आप बालकों का कल्याण करने वाली हैं।

आप कुल की वृद्धि करने वाली माता हैं, मुझे शरण में लेकर रक्षा करें।

चिदग्निमण्डल संभुता राज्य वैभव कारिणी।

प्रकटीतां सुरेशानी वन्दे त्वां “कुल गौरवाम्”।।6।।

अर्थ:

आप चिदग्नि (चैतन्य अग्नि) से उत्पन्न हुई हैं।

राज्य वैभव देने वाली और देवताओं की अधिष्ठात्री हैं।

मैं आपको वंदन करता हूँ, हे कुल की शोभा!

त्वदीये कुले जात: त्वामेव शरणम गत:!

त्वत वत्सलोहं आद्ये त्वं रक्ष रक्षाधुना।।7।।

अर्थ:

मैं आपके ही कुल में जन्मा हूँ और आपकी ही शरण में आया हूँ।

हे आद्ये! आप दयालु हैं, अब मेरी रक्षा करें।

पुत्रं देहि धनं देहि साम्राज्यं प्रदेहि मे|

सर्वदास्माकं कुले भूयात मंगलानु शाशनम ।।8।।

अर्थ:

हे देवी! मुझे पुत्र, धन और राज्य-सुख प्रदान करें।

हमारे कुल में सदा मंगल और समृद्धि बनी रहे।

कुलाष्टकमिदं पुण्यं नित्यं य: सुकृति पठेत।

तस्य वृद्धि कुले जात: प्रसन्ना कुलेश्वरी।।9।।

अर्थ:

जो व्यक्ति इस कुलाष्टक (आठ श्लोक वाले स्तोत्र) का नित्य पाठ करता है,

उसके कुल में वृद्धि होती है और कुलेश्वरी देवी सदा प्रसन्न रहती हैं।

कुलदेवी स्त्रोत्मिदम, सूपुण्यं ललितं तथा |

अर्पयामी भवत भक्त्या, त्राहिमां शिव गेहिनी ||10।।

अर्थ:

हे शिवगृहवासी देवी! यह पुण्य स्तोत्र मैं आपको भक्ति से अर्पित करता हूँ।

मुझे संकटों से बचाइए, हे करुणामयी माता।

🙏 ॥ श्री कुलदेव्यार्पणमस्तु

Tejraftarnews.in: केरल सरकार ने हज यात्रा पर जा रहे केरल के मुस्लिमों के लिए एक बड़ा सा हज किट मुफ्त में दिया है। 

केरल के हज यात्री उस किट को दिखा रहे हैं और आप देख कर चौंक जाएंगे की जरूरत का कोई ऐसा सामान नहीं जिसे केरल सरकार ने नही दिया हो। 

शीशा कंघी तेल क्रीम पाउडर तो छोड़िए गर्मी में चेहरे पर वॉटर मिस्ट करने का सिस्टम भी दिया है, पानी ठंडा रखने वाला बोतल दिया है, तोलिया दिया है, चादर दिया है, छाता दिया है, चप्पल दिया है और तो और वहां

शैतान पर पत्थर फेंकने के लिए पत्थर न खोजना पड़े इसलिए पत्थर की पोटली तक दिए हैं !

यदि किसी राज्य की राज्य सरकार ने हिंदुओं को तीर्थ यात्रा पर जाने के पहले इस तरह का पूरा किट बनाकर मुफ्त में दे दिया तो तत्काल धर्मनिरपेक्षता आत्महत्या कर लेगी ???

*इसे कहते है कथित धर्मनिरपेक्षता का राजनीतिक मॉब-लिंचीग ?*

Tejraftarnews.in: भोंगिर दुर्ग - एकाश्म शिला पर खड़ा अद्भुत पराक्रम

भोंगिर दुर्ग तेलंगाना की धरती पर स्थित वह अद्भुत दुर्ग है, जो एक विशाल एकाश्म शिला पर निर्मित अपनी अनूठी संरचना के लिए प्रसिद्ध है।

11वीं शताब्दी में पश्चिमी चालुक्य शासक त्रिभुवनमल्ल विक्रमादित्य षष्ठम द्वारा निर्मित यह दुर्ग, रणनीतिक दृष्टि और प्राचीन भारतीय स्थापत्य कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

ऊँची चट्टानों, गुप्त मार्गों और विशाल द्वारों से सुसज्जित यह किला, भारत की सैन्य शक्ति और सुरक्षा व्यवस्था की कहानी सुनाता है।

शिखर तक पहुँचने पर दूर-दूर तक फैला दृश्य, मानो इतिहास और प्रकृति को एक साथ जीवंत कर देता है।

*मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*

Tejraftarnews.in: कल दुबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट और दुबई स्टॉक एक्सचेंज में कंसल्टेंसी करने वाले एक मित्र से व्हाट्सएप पर बहुत लंबी चर्चा हुई।

 उन्होंने बताया की यह जो तथाकथित राम कथा कहने वाले लोग हैं या भागवत कथा कहने वाले लोग हैं और इनकी कथाओं को जो कंपनियां स्पॉन्सर करती हैं आप कुछ सालों के बाद उन कंपनियों की बैलेंस शीट देखिए वह कंपनी अचानक से इतनी ग्रो कैसे करने लगती है??

 उन्होंने मुझे दो तीन कंपनियों का नाम भी बताया हालांकि मैं बगैर प्रूफ के उन कंपनियों का नाम नहीं लिखूंगा लेकिन यह कंपनियां राजस्थान और गुजरात की ही है और मैं खुद अपनी आंखों से देखा हूं कि 15 साल पहले तक उन कंपनियों का कोई वजूद नहीं था लेकिन मात्र 15 साल में वह कंपनी आज 600 करोड़ से लेकर 800 करोड़ तक की टर्नओवर करने लगी है और कई प्रोडक्ट बनाने लगी है ।।

उन्होंने मुझे पूरा गणित बताया👇

ये तथाकथित संत यह तथाकथित कथावाचक दुबई आते हैं यहां पर सऊदी अरब के बहाबी लोगों के साथ उनकी मीटिंग होती है।

सबको पता है कि बहाबी लोगों का सिर्फ एक एजेंडा है पूरे विश्व में इस्लाम का राज हो इसके लिए वह पेट्रो डॉलर को लुटा देते हैं गांव-गांव में मस्जिदे बनवा रहे हैं हर एक संगठन को फंडिंग कर रहे हैं।

 उसके बाद उन्होंने अब लालची हिंदू धर्म गुरुओं और कथावाचको को अपने जाल में लेना शुरू किया है।

 वही कथा वाचको को कहते हैं कि आप अपने कथाओं में अली मौला अली मौला का गुणगान करिए या हुसैन या हुसैन करिए नमाज की महिमा का बखान करिए इस्लाम की कथा करिए मोहम्मद कथा करिए मोहम्मद की करुणा इत्यादि का बखान करिए और फिर जो कंपनी इनकी कथाओं को स्पॉन्सर करती है उन कंपनी में मॉरीशस रूट से लाखों करोड़ों इन्वेस्ट कर दिए जाते हैं और वह इन्वेस्टमेंट इन कथावाचको के छद्म नाम से ही होता है या तो इनके किसी दूर के रिश्तेदार का नाम होगा।

 लेकिन वह पूरा शेयर इन कथा वाचको का ही होता है और यह पूरी डीलिंग एकदम इमानदारी से की जाती है।

 इससे सब को फायदा होता है कथावाचको यह फायदा होता है कि उसे सऊदी के बहाबीयो से पेट्रो डॉलर मिल रहा है.. कंपनियों को यह फायदा होता है की उसकी बैलेंस शीट तगड़ी हो रही है और बहाबीयो को यह फायदा होता है कि हिंदू एकदम लुंज पुंज धिम्मी बनते जा रहे हैं साथ ही साथ जनमानस में यह भी भावना बहने लगती है फलाना तो पहले गरीब था लेकिन जब से फलाने धर्म गुरु से गुरु मंत्र लिया तब से वह करोड़पति बन गया फिर इन कथावाचको की शरण में हजारों लाखों लोग आने लगते हैं।

 उन्होंने यह भी बताया कि एक तथाकथित महिला कथावाचक जो भागवत कथा कहती है उसने जब अपने हिंदू तबलती से प्रेम विवाह किया तब उसके पूरे हनीमून को जो उसने 7 देशों में मनाया था दुबई में बैठे शेखों ने ही स्पॉन्सर किया था इसीलिए वह कथा वाचिका आजकल नमाज की महिमा का बखान करती है और हिंदुओं को सर्वधर्म समभाव का उपदेश देती है।

मजे की बात यह है कि वह तबलची अब तबला बजाना छोड़ कर अपने नाम के पीछे प्रभु लगाकर खुद भी एक फर्जी ढोंगी धर्मगुरु बन गया।

 हिंदू धर्म पर अब बहुत बड़ा खतरा मंडराने लगा है और अब यह खतरा बाहर से नहीं बल्कि हमारे बीच के ही लालची धूर्त कथावाचकों और तथाकथित धर्म गुरुओं ने पैदा किया है।

सोचिए उनका गरीब से गरीब मौलवी भी जो नंगे पांव चलता हो वह भी नहीं बिकता लेकिन हमारे तथाकथित धर्मगुरु तथाकथित कथावाचक जो पहले से ही लखपति करोड़पति हैं वह चंद पेट्रोडॉलर के आगे बिक जाते हैं।

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Tejraftarnews.in: 2 दिन से कुछ लोग गाय हितैषी बने घूम रहे हैं...कमाल की बात है कि यही लोग गाय को खाने वालों के लिए कुछ भी करने के तैयार रहते हैं...अवैध घुसपैठियों के समर्थन मे यही लोग सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए....आज इन्हें गाय याद आ रही है.......

मुद्दा है पश्चिम बंगाल के एक कानून का ....जिसके अनुसार 14 साल की उम्र तक गाय का वध नहीं किया जा सकता....उसके बाद किया जा सकता है....अब इस कानून को लेके ये सब के सब चीख पुकार मचाए हुए हैं....और तो और गो-रक्षा के स्वघोषित ठेकेदार अविमुक्तेश्वरानंद भी इसमे कूद पड़े हैं....जो कभी बंगाल नहीं गए गायो की रक्षा करने.....इनके सारे आंदोलन UP मे ही होते हैं...जहां पहले से गो हत्या पर रोक है....

लेकिन कमाल है ना....बंगाल के जिस कानून पर इन्होंने चीख पुकार मचाई है....वो कानून 1950 मे कॉंग्रेस ने बनाया था....BJP कभी बंगाल की सत्ता मे रही ही नहीं....लेकिन इतने सालों से किसी को ये कानून याद नहीं आया....सब अफीम चाट के सो रहे थे....और जैसे ही BJP सत्ता मे आई....सबका नशा उतर गया........अगर सच में इन्हें गाय से इतना प्यार था...तो 1950 से लेकर आज तक इस कानून के खिलाफ आंदोलन क्यूँ नहीं हुआ...!!.....दशकों तक कॉंग्रेस की सरकार रही....वामपंथी सरकार रही....तृणमूल की सरकार रही....तब किसी धर्म संकट की याद क्यूँ नहीं आई...!!

एक दूसरी अफवाह ये फैलाते हैं beef export पर....इनके लिए बीफ का मतलब गाय होता है....जबकि ऐसा नहीं है....भारत मे गाय...बछड़ा और बैल के मांस के export पर पूरी तरह बैन है.....जिसे कोई भी पता कर सकता है.....

सच ये है कि इन्हें गाय से कोई प्रेम नहीं है....बल्कि प्रेम तो इन्हें गाय काटने और खाने वालों से है....इन्हें बस राजनीति करनी है...जब अपनी पसंदीदा सरकार हो तो चुप्पी साधे रहो....और जैसे ही अपनी पसंद की सरकार ना हो....अपने ही बनाए कानून को उनके मत्थे मढ़ के हंगामा शुरू कर दो.....

बाकि BJP ने तो अभी सत्ता संभाली ही है....वो तो आई ही है सारे उल्टे कानूनों को सीधा करने....

जय श्रीराम 🙏🚩

वंदे मातरम 

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*⚜️आज का प्रेरक प्रसंग ⚜️*

*💐💐व्यवस्था का खेल💐💐*

घने जंगल में एक शेर ने एक फैक्ट्री शुरू की। उस फैक्ट्री में केवल एक ही जीव काम करता था—एक छोटी-सी मेहनती चींटी। वह रोज़ समय पर आती, पूरे मन से काम करती और बिना किसी शिकायत के अपना कार्य पूरा करके समय पर लौट जाती। उसके अनुशासन और परिश्रम से फैक्ट्री बहुत अच्छे ढंग से चल रही थी और शेर को अच्छा लाभ भी हो रहा था।

एक दिन शेर के मन में विचार आया—“जब यह चींटी अकेले इतना अच्छा काम कर रही है, तो यदि इसके ऊपर कोई विशेषज्ञ निगरानी रखे, तो काम और भी बेहतर हो सकता है।” यही सोचकर उसने एक मधुमक्खी को मैनेजर नियुक्त कर दिया।

मधुमक्खी अपने कार्य में निपुण थी। उसने आते ही कहा, “सबसे पहले हमें चींटी के काम की एक समय-सारणी बनानी होगी और उसके काम का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।” इसके लिए उसने एक सेक्रेटरी की मांग की। शेर ने तुरंत एक खरगोश को सेक्रेटरी बना दिया।

अब खरगोश दिनभर फाइलें बनाता, रिकॉर्ड तैयार करता और समय-सारणी लिखता रहता। शेर को यह सब देखकर बहुत अच्छा लगा। उसने कहा, “अब तक जो काम हुआ है उसकी रिपोर्ट बनाओ और प्रगति को ग्राफ में दिखाओ।”

मधुमक्खी ने उत्तर दिया, “इसके लिए हमें कंप्यूटर, प्रिंटर और प्रोजेक्टर की आवश्यकता होगी।” शेर ने तुरंत एक नया कंप्यूटर विभाग बना दिया और उसमें एक बिल्ली को नियुक्त कर दिया।

अब धीरे-धीरे स्थिति बदलने लगी। पहले जो चींटी सारा समय काम में लगाती थी, अब उसे हर कार्य के साथ रिपोर्ट भी बनानी पड़ती थी। उसका समय कागज़ी कार्यों में अधिक जाने लगा और उत्पादन धीरे-धीरे घटने लगा।

शेर को लगा कि कोई तकनीकी विशेषज्ञ होना चाहिए जो इन सब कार्यों की समीक्षा करे। उसने एक बंदर को तकनीकी विशेषज्ञ बना दिया। अब बंदर रोज़ मीटिंग करता, सुझाव देता और नए-नए नियम बनाता।

बेचारी चींटी दिन-रात मेहनत करती, लेकिन अब काम पूरा नहीं कर पाती। वह थककर अधूरा काम छोड़कर घर लौटने लगी। उधर फैक्ट्री का उत्पादन गिरता गया और शेर को घाटा होने लगा।

चिंतित होकर शेर ने एक उल्लू को बुलाया और उसे आदेश दिया कि वह इस नुकसान का कारण पता लगाए। उल्लू ने तीन महीने तक जांच की और फिर एक लंबी, गोपनीय रिपोर्ट शेर को सौंप दी।

रिपोर्ट में लिखा था—“फैक्ट्री में कर्मचारियों की संख्या आवश्यकता से अधिक है। खर्च कम करने के लिए कुछ कर्मचारियों को निलंबित, कुछ को नोटिस और कुछ को नौकरी से निकालना आवश्यक है।”

शेर ने बिना देर किए निर्णय लिया—और सबसे पहले उसने उस मेहनती चींटी को ही निकाल दिया।

और उसी दिन से फैक्ट्री पूरी तरह बंद हो गई।

*💐शिक्षा💐*

 *यह कहानी हमें सिखाती है कि किसी भी व्यवस्था में असली महत्व काम करने वालों का होता है, न कि अनावश्यक रूप से बढ़ाए गए प्रबंधन और कागज़ी प्रक्रियाओं का। जब हम वास्तविक श्रम करने वाले व्यक्ति के स्थान पर दिखावे, रिपोर्ट और नियमों को अधिक महत्व देने लगते हैं, तो कार्यक्षमता घटने लगती है और अंततः नुकसान होता है। अक्सर गलतियाँ ऊपरी स्तर की योजनाओं में होती हैं, लेकिन उसका दंड मेहनतकश व्यक्ति को भुगतना पड़ता है, जो कि अन्यायपूर्ण है। इसलिए आवश्यक है कि हम सरल, संतुलित और व्यावहारिक व्यवस्था अपनाएँ, जहाँ श्रम का सम्मान हो, अनावश्यक बोझ न हो और हर व्यक्ति के योगदान को सही मूल्य दिया जाए।*

*सदैब प्रसन्न रहिए जो प्राप्त है वो पर्याप्त है*

Tejraftarnews.in: 𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬: 𝐃𝐲𝐧𝐚𝐬𝐭𝐲 𝐅𝐢𝐫𝐬𝐭, 𝐃𝐞𝐦𝐨𝐜𝐫𝐚𝐜𝐲 𝐋𝐚𝐭𝐞𝐫.

🔹 Karnataka CM Siddaramaiah was forced to resign after the Congress ‘High Command’ made its decision.

🔹 Mallikarjun Kharge himself publicly acknowledged that Sonia Gandhi takes the final calls. Mind you, Kharge is the Congress President. 😂

🔹 In Kerala, the party took nearly 10 days to announce a Chief Minister because the Gandhi family’s approval was still awaited.

𝐓𝐡𝐢𝐬 𝐢𝐬 𝐭𝐡𝐞 𝐬𝐭𝐫𝐮𝐜𝐭𝐮𝐫𝐚𝐥 𝐫𝐞𝐚𝐥𝐢𝐭𝐲 𝐨𝐟 𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐩𝐨𝐥𝐢𝐭𝐢𝐜𝐬. 𝐍𝐨𝐭𝐡𝐢𝐧𝐠 — 𝐚𝐛𝐬𝐨𝐥𝐮𝐭𝐞𝐥𝐲 𝐧𝐨𝐭𝐡𝐢𝐧𝐠 — 𝐦𝐨𝐯𝐞𝐬 𝐰𝐢𝐭𝐡𝐨𝐮𝐭 𝐭𝐡𝐞 𝐬𝐢𝐠𝐧𝐚𝐥 𝐟𝐫𝐨𝐦 𝐭𝐡𝐞 𝐅𝐢𝐫𝐬𝐭 𝐅𝐚𝐦𝐢𝐥𝐲.

No matter how senior, experienced, mass-based, or electorally significant a leader may be, they ultimately function within a system where authority flows upward to a single dynastic centre. Behind the slogans of internal democracy lies a culture of family politics, where leaders wait not for consensus from workers or voters, but for clearance from the Gandhi family.

Tejraftarnews.in: यह है असम के सीएम हेमन्ता बीश्वा शर्मा जी ।।।।

एक हजार साल से हिंदुओं को रेप करके जान से करोडोंको मार दिया हैं .. मुसलमान रजाकार और क्रिश्चियन राजवोंने .. 

.. 

23 हिंदू देश और करोड़ो एकड़ जमीन हिन्दुओं के लूटे गये हैं .. 

जगाना जरूरी हैं भारत को 

.. 

भारत के लिए जान ना दे मग दुश्मनों का जान ले .. 

पुलिस को रिपोर्ट करे ताकि देश के दुश्मन को पकड़े ..

Tejraftarnews.in: *यूपी में “यादवों का आतंक” 1 दशक बाद दिखा?*

हेल्लो डिम्पल जी कहाँ हो प्रेस कांफ्रेंस नहीं करोगी?

सपा नेताओं ने “प्राईवेट पार्ट” को नोचा लात घूंसे मारे, बाल पकड़कर घसीटा? 

सपा नेता मनोज यादव, अमित यादव, प्यारे लाल यादव, ने सपा के पिछड़े वर्ग की अध्यक्ष गार्गी पटेल के प्राईवेट पार्ट पर लात घूँसे बरसाया? 

लड़की हूँ लड़ सकती हूँ बिल में घुस गयी?

यही PDA है?

[Tejraftarnews.in: .. *जय श्री राम*

*शनिवार, 30 मई 2026 के मुख्य समाचार*

🔶प्लास्टिक नोटों की तैयारी, पॉलिमर से बने करेंसी नोट ला सकता है RBI

🔶दहेज लोभियों पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा प्रहार, कहा- जिनसे पैसे लेते हो, उन्हें ही भिखारी कहते हो

🔶ट्रंप का बड़ा ऐलान- 'हटा दिया होर्मुज ब्लॉकेड, घर लौट रहे US सैनिक'

🔶परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करेगा ईरान, होर्मुज को टोल-फ्री बनाने से भी इनकार

🔶राहुल गांधी के सामने ही कांग्रेस में बवाल, नाराज बाजवा मीटिंग छोड़कर निकले

🔶'छात्रों के लिए बेहद दर्दनाक', NEET-UG 2026 पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, NTA को लगाई फटकार

🔶महाराष्ट्र में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत, फडणवीस ने दिये जांच के आदेश

 🔶दिल्ली में भीषण गर्मी का कहर: हीट वेव के बीच हर दिन औसतन पांच मौत; अकेले मई में अब तक 157 बेघरों की मौत

🔶यूपी में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 की मौत: अफसर बोले- आंधी-बारिश के चलते हादसा, 3 मजदूरों को बचाया गया

🔶पंजाब निकाय चुनाव नतीजे: AAP का दबदबा, 954 वार्डों में जीती; कपूरथला निगम में कांग्रेस, अबोहर में BJP को बहुमत; पठानकोट में रिकाउंटिंग पर बवाल

🔶कर्नाटक में 4 डिप्टी सीएम हो सकते हैं: शिवकुमार CM होंगे, शपथ अगले हफ्ते संभव; सिद्धारमैया ने राहुल-खड़गे से मुलाकात की

🔶ट्विशा केस- सास और पति 5 दिन की CBI रिमांड पर: आमने-सामने बैठाकर पूछताछ होगी; एक्ट्रेस के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन करेंगे

🔶डिजिटल इंडिया: खूब इंटरनेट इस्तेमाल कर रही भारतीय महिलाएं, दो साल में दोगुनी हुई संख्या; बैंक खाते भी बढ़े

🔶रूस से आर्मेनिया को दी धमकी: कहा- EU से बढ़ाई नजदीकियां, तो झेलना होगा निलंबन; पुतिन ने दी यूक्रेन जैसी चेतावनी

🔶देश में शुद्ध FDI बढ़कर 7.7 अरब डॉलर पर पहुंचा, चालू खाता घाटे की भरपाई के लिए अब भी कम

🔷शुभमन गिल का शतक, गुजरात टाइटंस ने राजस्थान को हराकर फाइनल में बनाई जगह

🔷वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने

🔷झुका चेहरा, भीगी पलकें... फाइनल का सपना टूटता देख रो पड़े वैभव सूर्यवंशी

         *आपका दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात..!!*

                          जय हो🙏

Tejraftarnews.in: 3️⃣0️⃣💎0️⃣5️⃣💎2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣

       *🔥 आज की प्रेरणा प्रसंग 🔥*

            *🌹 ज्ञान की प्यास 🌹*

एक गुरु के दो शिष्य थे। एक पढ़ाई में बहुत तेज और विद्वान था और दूसरा फिसड्डी। पहले शिष्य की हर जगह प्रसंशा और सम्मान होता था। जबकि दूसरे शिष्य की लोग उपेक्षा करते थे। एक दिन रोष में दूसरा शिष्य गुरू जी के जाकर बोला, “गुरूजी! मैं उससे पहले से आपके पास विद्याध्ययन कर रहा हूँ। फिर भी आपने उसे मुझसे अधिक शिक्षा दी।”

गुरुजी थोड़ी देर मौन रहने के बाद बोले, “पहले तुम एक कहानी सुनो। एक यात्री कहीं जा रहा था। रास्ते में उसे प्यास लगी। थोड़ी दूर पर उसे एक कुआं मिला। कुएं पर बाल्टी तो थी लेकिन रस्सी नही थी। इसलिए वह आगे बढ़ गया। थोड़ी देर बाद एक दूसरा यात्री उस कुएं के पास आया। कुएं पर रस्सी न देखकर उसने इधर-उधर देखा।पास में ही बड़ी बड़ी घास उगी थी। उसने घास उखाड़कर रस्सी बटना प्रारम्भ किया। थोड़ी देर में एक लंबी रस्सी तैयार हो गयी। जिसकी सहायता से उसने कुएं से पानी निकाला और अपनी प्यास बुझा ली।” गुरु जी ने उस शिष्य से पूछा, “अब तुम मुझे यह बताओ कि प्यास किस यात्री को ज्यादा लगी थी?” शिष्य ने तुरंत उत्तर दिया कि दूसरे यात्री को।

गुरूजी फिर बोले, “प्यास दूसरे यात्री को ज्यादा लगी थी। यह हम इसलिए कह सकते हैं क्योंकि उसने प्यास बुझाने के लिए परिश्रम किया। उसी प्रकार तुम्हारे सहपाठी में ज्ञान की प्यास है। जिसे बुझाने लिए वह कठिन परिश्रम करता है। जबकि तुम ऐसा नहीं करते।”

शिष्य को अपने प्रश्न का उत्तर मिल चुका था। वह भी कठिन परिश्रम में जुट गया।

*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*

*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*

Tejraftarnews.in: *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें..*

         *30 - मई - शनिवार*

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*मौसम विभाग की चेतावनी- जून-जुलाई में भी हीटवेव चलेगी: मानसून श्रीलंका में अटका, 7 दिन बाद केरलम पहुंचेगा; इस साल 10% कम बारिश का अनुमान, अल-नीनो कर रहा है कमजोर*

*1* केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भुज में सीमा चौकी जी-7 का उद्घाटन किया,175 करोड़ रुपये का निवेश

*2* शाह ने कहा कि गृह मंत्री का पद संभालने के बाद बीएसएफ के साथ उनकी पहली समीक्षा बैठक में सीमावर्ती क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना गया था। उन्होंने बताया कि सरकार ने चरणबद्ध तरीके से इस पूरे क्षेत्र में एक मजबूत सुरक्षा नेटवर्क स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है

*3* गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग 25 वर्ष पूर्व गुजरात में शुरू किया गया विकास अभियान आज भी निरंतर गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र देश का सबसे विकसित संसदीय क्षेत्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

*4* केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर विपक्ष शासित राज्यों पर भी जनता का दबाव बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि बी. आर. अंबेडकर भी इस विचार के समर्थक थे। उत्तराखंड, गुजरात और असम पहले ही यूसीसी लागू कर चुके हैं।

*5* सुप्रीम कोर्ट बोला- शिक्षकों को TET पास करना ही होगा, 31 अगस्त 2028 तक मोहलत दी, कहा-बिना योग्यता वाले शिक्षक रहे तो असर आने वाली पीढ़ियों पर

*6* सुप्रीम कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि शादी के बाद बहू और उसके परिवार का अपमान करना अस्वीकार्य है। अदालत ने कहा कि समाज में यह संदेश जाना चाहिए कि दहेज के लिए मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं होगी। छत्तीसगढ़ के दहेज मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

*7* म्यांमार के राष्ट्रपति आज से चार दिन के भारत दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी। राष्ट्रपति दिल्ली, बोधगया और मुंबई जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-म्यांमार के ऐतिहासिक और दोस्ताना रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर रहेगा

*8* मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल विस्तार जून के मध्य तक हो सकता है। इसके बाद भाजपा के केंद्रीय संगठन की नई टीम घोषित होने की संभावना है। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए सरकार और संगठन में क्षेत्रीय तथा सामाजिक संतुलन साधने के लिए व्यापक मंथन चल रहा है।

*9* डिजिटल इंडिया: खूब इंटरनेट इस्तेमाल कर रही भारतीय महिलाएं, दो साल में दोगुनी हुई संख्या; बैंक खाते भी बढ़े

*10* कर्नाटक में शिवकुमार युग: आज विधायक दल की बैठक में लगेगा नाम पर मुहर, कैबिनेट में दिखेंगे नए चेहरे!

*11* देश में जल्द दिख सकते हैं प्लास्टिक के नोट, अपने 14 साल पुराने प्रस्ताव को RBI दे सकता है मंजूरी

*12* वंदे भारत-शताब्दी पर पत्थरबाजी अब पड़ेगी भारी, आसमान से निगरानी करेगा रेलवे; 10 KM तक रहेगी नजर

*13* भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब हाईटेक ड्रोन तकनीक का सहारा लिया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को आधुनिक ड्रोन दिए गए हैं, जिनकी मदद से रेलवे ट्रैक, स्टेशन परिसर और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी। रेलवे को उम्मीद है कि इससे ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी जैसी घटनाओं पर कड़ी रोक लगेगी।

*14* भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी डिजिटल इकॉनोमी, जर्मनी, फ्रांस, जापान और कनाडा से आगे; एआई इंडेक्स में चौथा स्थान

*15* ट्रम्प बोले- ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा, अमेरिका नाकेबंदी हटाएगा, होर्मुज में टोल भी नहीं लगेगा; समझौते पर जल्द फैसला लेंगे

*16* ईरान ने ट्रंप के दावे को नकारा, कहा- नाकेबंदी हटने पर खुलेगा होर्मुज; नुकसान की तत्काल भरपाई करे अमेरिका

*17* राजस्थान की हार के बाद रो पड़े सूर्यवंशी, सबसे कम गेंदों में IPL में हजार रन पूरे किए, गुजरात ने अपना सबसे बड़ा रनचेज किया

*18* राजस्थान-एमपी समेत 12 राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि, बिहार-बंगाल में बिजली गिरने से 15 मौतें; यूपी में इनोवा-ट्रैक्टर समेत 10 गाड़ियां बहीं

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Tejraftarnews.in: 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

      *आज का राशिफल* 

 *30 मई 2026 , शनिवार* 

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज आप अपने आत्मविश्वास व कार्य क्षमता द्वारा स्थितियों को और अधिक बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे और सफलता भी हासिल होगी। जीवनसाथी का मन जीत पाएंगे। आत्मविश्वास आपको सफल बनाएगा। धर्य रखें सफलता अवश्य मिलेगी। धार्मिक आयोजन होगा। किसी निकट संबंधी से चल रही गलतफहमी भी आज दूर होगी। गुस्सा त्याग दें। संतान के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे , समय निकालें। थकान हो सकती है। स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद है।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)

आज आपका दिन सामान्य रहेगा। व्यवसायिक गतिविधियां भी सामान्य ही रहेंगी। रखरखाव संबंधी कार्यों में खर्च बढ़ सकता है। आय होने के साथ-साथ खर्चे भी रहेंगे। नौकरी पेशा व्यक्तियों को आज घर पर भी ऑफिस का काम करना पड़ सकता है। तबीयत में सुधार होगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज दिन का अधिकतर समय धार्मिक और आध्यात्मिक संस्थाओं या कार्यो में व्यतीत होगा। आप मानसिक रूप से बहुत अधिक सुकून महसूस करेंगे। आपका कोई महत्वपूर्ण कार्य भी संपन्न हो सकता है। युवा वर्ग अपनी मेहनत के अनुरूप परिणाम मिलने से खुशी महसूस करेंगे। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज आपका दिन मान सम्मान में वृद्धि करेगा । मन साफ व पवित्र विचार धारा की और अग्रसर होगा । मार्केटिंग संबंधी गतिविधियों में ज्यादा ध्यान दें। तथा संपर्क सूत्रों को भी और अधिक मजबूत करें। इस समय व्यापार से संबंधित विज्ञापन करने की आवश्यकता है। प्रभावशाली लोगों की मदद से कोई महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होगा। सेहत सही रहेगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आज आपका दिन उदारवादी रहेगा । जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। अपनी पिछली गलतियों से सीखकर अपने वर्तमान को बेहतर बनाएंगे। इस समय अधिकतर कार्य आपके मन मुताबिक तरीके से संपन्न होंगे। भाइयों के साथ चल रहा कोई वाद-विवाद आपसी सूझबूझ से हल हो जाएगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज आपका दिन मिला जुला रहेगा । धार्मिक कार्यों में प्रवृत्ति बढ़ेगी । कार्यक्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। किसी के हस्तक्षेप द्वारा आपकी योजनाएं व कार्य बिगड़ सकते हैं। बेहतर होगा कि अपनी कार्यप्रणाली संबंधी गतिविधियों को किसी के साथ शेयर ना करें। इस समय किसी भी प्रकार की व्यवसायिक यात्रा को स्थगित रखना उचित रहेगा। सेहत सही रहेगी।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज आपकी संतुलित दिनचर्या की वजह से अधिकतर काम समय पर पूरे होते जाएंगे। किसी धार्मिक व्यक्ति से मुलाकात आपकी विचारधारा में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। मान सम्मान में बढोतरी होगी। विद्यार्थियों को भी इंटरव्यू व करियर संबंधी परीक्षा में सफलता मिलने की पूरी संभावना है। तबीयत ठीक रहेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज आपका दिन मनोनुकूल रहेगा । नवीन कार्य प्रणाली संबंधी योजनाएं बनेगी तथा सफल भी होंगी। आध्यात्मिक उन्नति होगी । परिवार का सहयोग मिलेगा । इस समय कोई बड़ा अनुबंध मिलने की संभावना है। दैनिक आय में भी वृद्धि होगी। इस समय शेयर और स्टॉक मार्केट से संबंधित कार्यों में रुचि ना लें। सेहत बढिया रहेगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आज आपका दिन भाग्यशाली रहेगा । किस्मत का सितारा बुलन्द रहेगा । धर्म-कर्म और अध्यात्म से जुड़े कार्यों में रुचि रहेगी। अगर इस समय पैतृक संपत्ति संबंधी कोई विवाद चल रहा है तो वह किसी की मध्यस्थता से आसानी से हल होने की संभावना है। घर के बड़े बुजुर्गों की सेवा व देखभाल करने से आपको आत्मिक शांति महसूस होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा । बुजुर्गों का आशीर्वाद फलदायी होगा । जीवनसाथी का सहयोग सफलता दिलाएगा ।व्यवसाय के विस्तार संबंधी कार्यों को आज स्थगित रखें। टैक्स संबंधी अपनी फाइलों को पूरी तरह व्यवस्थित रखें। दूसरों के सुझाव पर भी गंभीरता से विचार करें। सेहत बेहतर रहेगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आज आपका दिन मनोहारी व लाभकारी रहेगा । किसी शुभ समाचार के मिलने से घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। अनुभवी तथा वरिष्ठ लोगों की सलाह व सहयोग आपके व्यक्तित्व को और अधिक निखारेंगे। जिससे आपके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। घर पर किसी धार्मिक आयोजन की भी योजना बनेगी। स्वास्थ्य लाभ होगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आज आपका दिन मध्यम रहेगा । कोई भी व्यवसायिक डील फाइनल करते समय समझदारी व सूझबूझ की आवश्यकता है। जल्दबाजी में निर्णय न लें तो बेहतर रहेगा। किसी को पैसा उधार ना दें। पारिवारिक वातावरण सकारात्मक व सहयोगात्मक रहेगा। जीवनसाथी पर भरोसा रखें। प्रेमी से बात होंगी। स्वास्थ्य सही रहेगा।

🔅 *_कृपया ध्यान दें👉_* 

      यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।

🌷आपका दिन मंगलमय हो।🌷

        🙏धन्यवाद।🙏

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Tejraftarnews.in: *Netanyahu says India a 'major global power'; cites 'crazy love' for Israel amid global criticism*

* In the past, Netanyahu has often highlighted his personal rapport with Prime Minister Narendra Modi and spoken about the strength of ties between India and Israel.

*Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu has referred to India as a “major global power,” saying the country shows "an absolutely crazy love for Israel"despite what he called efforts to delegitimise the Jewish state elsewhere.*

* Benjamin Netanyahu said India has a unique place in Israel's global outreach and praised strong public support. 

* His remarks came months after Narendra Modi's visit raised bilateral ties to a special strategic partnership.

* He described the relationship as unique and said public affection towards Israel inside India was unusually strong.

*"We have problems with delegitimisation in the world, but not in India," Netanyahu said.*

* "In India, there is an absolutely crazy love for Israel, truly crazy. I think I have more followers in India than anywhere else," he added.

*During PM Modi's visit to Jerusalem on February 26, the two leaders announced the elevation of India-Israel ties to a "Special Strategic Partnership for Peace, Innovation and Prosperity".*

Tejraftarnews.in: *Bengal HINDU residents donate land for India-Bangladesh border fencing, say they will feel safe*

* Residents of border villages in West Bengal have voluntarily donated land for the India–Bangladesh border fencing project.

* Locals believe the fencing will enhance safety and strengthen national security.

* The project is expected to help curb infiltration and illegal cross-border activities.

* Villagers also hope it will reduce cattle theft and other border-related crimes.

* Residents feel the fencing will bring greater peace, security, and protection to communities near the international border.

*The initiative has gained attention as a rare and notable example of strong community support for border infrastructure development. 🇮🇳*

*This initiative follows a major policy shift by the state government, which handed over 142.79 acres to the BSF on May 28, 2026, as part of a larger push to transfer 600 acres within 45 days. West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari emphasized intensified measures to strengthen border security through new BSF outposts and fencing.*

Tejraftarnews.in: *'क्रेजी लव...', नेतन्याहू ने की भारत की तारीफ, बताया इजरायल का सबसे बड़ा समर्थक*

* इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि दुनिया में सबसे ज्यादा समर्थन उन्हें भारत से मिलता है. 

*इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को एक ‘‘बहुत बड़ी शक्ति’’ बताते हुए कहा है कि दुनिया के अन्य हिस्सों में ‘‘यहूदी राष्ट्र की वैधता पर सवाल उठाए जाने की कोशिशों’’ के बावजूद भारत में ‘‘इजराइल के लिए जबरदस्त प्रेम’’ है।*

* उन्होंने कहा कि भारत में इजरायल को लेकर नकारात्मक माहौल नहीं है.

* नेतन्याहू का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोड़े इजरायली दौरे और दोनों देशों के बीच बढ़ती इजरायल साझेदारी के बीच आया है.

* नेतन्याहू ने कहा है कि दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में उन्हें और इजरायल को भारत से सबसे मजबूत और अटूट समर्थन मिल रहा है.

* उन्होंने भारत में इजरायल के प्रति जनता के बीच दिखने वाले लगाव को अटूट बताया.

*इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के बीच लगातार गहरे होते रिश्तों को लेकर एक बार फिर बयान दिया है.*

Tejraftarnews.in: *बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए हिंदू दान दे रहे जमीन, कहा- ये भारत की बात*

* भारत-बांग्लादेश पर बॉर्डर फेंसिंग का काम तेजी से चल रहा है. 

*कुछ कुछ जगहों पर जमीन लेने का काम अटका हुआ है, बाड़ेबंदी के काम में देरी न हो इसलिए सीमा पर रहने वाले कई हिंदू परिवार स्वेच्छा से जमीन दान कर रहे हैं. ताकि ये काम जल्द से जल्द पूरा हो सके.*

* कूच बिहार जिले के माथाभंगा I ब्लॉक के सतग्राम मानबारी इलाके के तीन निवासियों ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के काम को आसान करने के लिए स्वेच्छा से 33 डेसिमल ज़मीन दान की है. 

* इनका कहनाहै कि बॉर्डर की घेराबंदी नजिहीं होने की वजह से यहां से लगातार घुसपैठ और तस्करी होती रही है. 

* इससे उनके फसलों को भी नुकसान होता है. 

* जमीन देने वाले बिकास राय ने कहा कि उन्होंने गांव की भलाई और देश की सुरक्षा के लिए ज़मीन दान की है. 

* उन्होंने जोर देकर कहा कि बाड़ लगाने से घुसपैठिए सीमा पार नहीं कर पाएंगे. 

*केंद्र सरकार की इस पहल की और तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि बाड़ का काम पूरा होने के बाद गांव और देश दोनों सुरक्षित हो जाएंगे.*

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