आज रात तक का मुख्य समाचार पत्र ✉ कुछ लोगों को वजन बढ़ाने की ज्यादा जल्दी होती है, जो सही नही है क्यूंकि शरीर लोहे का यंत्र नहीं है बल्कि हाड़ मास का बना हुआ पुतला है।*

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Jun 14, 2026 - 22:18
Updated: 3 hours ago
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आज रात तक का  मुख्य समाचार पत्र ✉ कुछ लोगों को वजन बढ़ाने की ज्यादा जल्दी होती है, जो सही नही है क्यूंकि शरीर लोहे का यंत्र नहीं है बल्कि हाड़ मास का बना हुआ पुतला है।*
Jitendra Kumar
आज रात तक का  मुख्य समाचार पत्र ✉ कुछ लोगों को वजन बढ़ाने की ज्यादा जल्दी होती है, जो सही नही है क्यूंकि शरीर लोहे का यंत्र नहीं है बल्कि हाड़ मास का बना हुआ पुतला है।*

*प्रकाशनार्थ*

*जंतर मंतर बूझने के मतान्तर*

*(आलेख : बादल सरोज)*

राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर 6 जून को जमा हुए लोग जितने भी रहे हों, मगर उन्हें लेकर शुरू हुयी बहस और विमर्श के पहलू और आयाम, आशंकाएं और अनुमान यक़ीनन उनकी संख्या के अनुपात में इतने हैं कि उन्हें एकजाई करने के लिए कठिन मेहनत की जरूरत है। किसी ने इसे जेन-जी कहा, किसी ने इसे जेन-जेड बताया, किसी ने इसे इतिहास के दोहराव की तीसरी अवस्था, प्रहसन मानकर छुट्टी पा ली। कुल मिलाकर यह कि जाकी रही भावना जैसी; जंतर मंतर देखी तिन तैसी !! इनमें से ज्यादातर ने सिर्फ रूप और आवरण को ही संज्ञान में लिया है। हर हलचल और घटना विकास को समझने के लिए जो सबसे अनिवार्य है वही काम, उसके कारण और सार का निदान करने की कोशिश तक नहीं की।  

बहस इस बात पर ज्यादा है कि ये जो भीड़ आई है -- इन्स्टाग्राम और सोशल मीडिया पर चली मुहिम ने जो जगार मचाई है, वह कहां तक जायेगी? जोर इस पर ज्यादा है कि कौन हैं ये लोग? कहां से आये हैं? जबकि कायदे से शुरुआत इस बात से होनी चाहिए थी कि मानव समाज की टकसाल से निकले एकदम ताजे और अभी तक गर्मागर्म खरे सिक्कों ने अभिव्यक्ति के अभी तक बचे माध्यमों पर चहककर, सड़क पर उतर कर जो आवाज उठाई है, उसके क्या और क्यों, क्या हैं? उन्होंने जो बोला उसका निहितार्थ क्या है? इस तरह से तनिक गहराई से जांच पड़ताल इसलिए और जरूरी हो जाती है, क्योंकि यह सब करने वाले वे युवा हैं, जिनके विवेक पर पिछले डेढ़-दो दशक से लगातार सवाल उठाये जाते रहे हैं । जिनकी कथित घटती और सिकुड़ती सामाजिक चेतना के मर्सिये लिखे जाते रहे हैं। जिन्हें कैरियरपरस्त और आभासीय मीडिया में मस्त, खुलेपन की कथित सारी बीमारियों से ग्रस्त और नफरती प्रचार से लस्त-पस्त मानकर, उनकी सामाजिक भूमिका को लगभग खारिज किया जाता रहा है। 

अभी हाल में नहीं रहे मशहूर शायर बशीर बद्र साहब के शेर ‘‘कुछ तो मजबूरियां रही होंगी / यूं कोई बेवफा नहीं होता’’ के हिसाब से उन विवशताओं को समझा जाना चाहिए था, जिनके चलते वे बिना किसी सांगठनिक ढांचे के इस अजीब से नाम वाली मुहिम के साथ खुद को इस कदर जुड़ा महसूस करने लगे कि सिर्फ आभासीय मीडिया के बुलावे पर, जून की तपती दोपहरी में सड़क पर आ पहुंचे।  

बात उस परीक्षा घोटाले पर होनी थी, जिसने एक बार फिर लाखों युवाओं का एक और बेशकीमती साल बर्बाद कर दिया। उनके अभिभावकों के सैकड़ों करोड़ पानी में बहा दिए। देश के रोजगार वंचित युवाओं को तिलचट्टा - कॉकरोच - बताने वाली उस अभद्र, अशिष्ट और अपमानजनक टिप्पणी पर बहस होनी चाहिए थी, जो किसी ऐरे-गैरे, शाखा शृगाल के मुंह से नहीं निकली थी, देश के सुप्रीम कोर्ट के सुप्रीम जज ने की थी और उसके लिए आज तक माफ़ी नहीं मांगी। बात शिक्षा प्रणाली की उस दुर्गति पर होनी चाहिए थी, जिसने उपलब्धता से लेकर विषयवस्तु तक, हर मामले में इसे अब तक की सबसे बुरी दशा में पहुंचा दिया है। पहचान अपराधियों की होनी चाहिए, मगर सुधीजनों की बिरादरी द्वारा शिनाख्त परेड फरियादियों की करवाई जा रही है। लिहाजा अच्छा होगा कि ऐसा करने वालों की चिंताओं - अगर वे हैं तो - पर थोड़ी निगाह डाल ली जाए। बिना किसी अतिरेक या अतिरंजना के उनके नजरिये को समझने की कोशिश कर ली जाए।

6 जून के जमावड़े पर एक तरह की प्रतिक्रिया उनकी है, जो अन्ना की मरीचिका से ऐसे भयभीत हैं कि अब यमुना से नर्मदा तक हर नदी के उभार में इन्हें कालियादह नाग ही दिखता है। ये लोग भले और सदाकांक्षी लोग हैं -- तानाशाही की फासिज्म की ओर तेज होती कदमचाल से कुछ घबराये और उसका विकल्प होने की जिन-जिन से उम्मीदें लगाई थीं, उनके शरणागत हो जाने से ठगे और सताए हुए लोग हैं। ‘‘जिनको हाथ समझ पकड़ा था, वे केवल दस्ताने निकले’’ की गत को हासिल होने से अपने आप से ही इतना खीजे हुए हैं कि दूध पीना तो छोड़ ही चुके हैं -- छाछ को भी फूंक-फूंक कर पीने तक का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। हर चीज पर प्रश्न करना बुरी बात नहीं है, मगर किसी दु:स्वप्न के चलते हर उम्मीद खारिज कर देना भी अच्छी बात नहीं है। ‘डाउट एवरीथिंग’ तो ठीक है, मगर इस आधार पर ‘डिस्कार्ड एवरीथिंग’ तक पहुंच जाना सही नहीं है। अगर जनाक्रोश की हर अभिव्यक्ति अन्ना के पोथन्ने में दर्ज उलटबांसियों की तर्ज में ही पढ़ी और व्याख्यायित की जायेगी, तो रास्ते कम खुलेंगे, मनोगत बाधाएं ज्यादा खड़ी होंगी।  

एक दुश्चिंता उनकी है, जो फिलहाल तो अपने कर्मों से ‘मलबे के मालिक’ बन कर रह गए हैं, मगर भरम अभी भी शहर के दरोगा होने का पाले हुए हैं। अपने नेता के शाब्दिक बयानों को ही असहयोग आन्दोलन और दांडी मार्च माने बैठे ये बंधू-बांधव बिना रुमाल बिछाए ही सारी जगह को अपनी माने ‘गर विपक्ष बर-रू-ए ज़मीं अस्त, हमीं अस्तो, हमीं अस्तो, हमीं अस्त’ का मुंगेरीलाली मुगालता पाले बैठे हैं। मैदान में उतरने के दिखावे में भी अव्वल दर्जे की किफायत करते हुए भी उस पर अपने स्वामित्व का बोर्ड लगाए बैठे हैं। सडक़ों पर उतरकर एक कारगर विपक्ष की भूमिका निबाहने की बजाय ज्यादा दम वाम के खिलाफ सतही बयानबाजियों और जनता के दवाब में बनी साझी जाजिम से बाकियों को सरकाने में लगाते हैं। इनकी आपत्ति दिलचस्प है और वह यह है कि हमारे अलावा लडऩे वाला कोई और हो ही नहीं सकता। इसलिए सरकार के खिलाफ बाकियों के संगठित-असंगठित, योजनाबद्ध हों या स्वत:स्फूर्त, हर संघर्ष को ये अपने खिलाफ मानकर उसके इरादे पर संदेह करने लगते हैं। 

6 जून के जमावड़े को लेकर सबसे ज्यादा मीन-मेख इन्हीं ने निकाली है। इसके आयोजकों के बारे में संघी आइटी सेल से भी ज्यादा खोद-खोदकर जिरह इन्हीं ने की है। लोकतंत्र में इस तरह के ब्राम्हणवाद की कोई जगह नहीं है -- खासतौर से तब जब संकट में खुद लोकतंत्र ही हो। रहा सवाल, आंदोलनकारियों के खोज-खोजकर लाये जा रहे कथित अतीत पर सवाल उठाने का, तो ऐसी कारगुजारियों के बारे में ‘पहला पत्थर वह मारे जिसने कभी कोई गुनाह नहीं किया हो’ की हिदायत, ईसा दो हजार साल पहले दे गए हैं। और इस कसौटी पर तो देश भर में आमतौर से सिर्फ वामपंथी राजनीति और खासतौर से सिर्फ सीपीएम ही है, जो खरी उतरती है।

यह मानकर चलना कि हर आंदोलन शासक वर्गों की इच्छा से नियंत्रित और विकसित होता है, षडयंत्र ढूंढने की मानसिकता -- कांस्पिरेसी सिंड्रोम -- का परिचायक है। हां, शासकों में अपने खिलाफ होने वाले आंदोलनों और संघर्षों को अपने मुताबिक़ मोड़ने, ढालने की क्षमता पर्याप्त होती है। इन्हें कम करके नहीं आंका जाना चाहिए, किन्तु इसे बढ़ा-चढ़ा कर भी नहीं देखा जाना चाहिए। हर उभार को सिर्फ आशंकाओं की बिनाह पर खारिज नहीं किया जा सकता। बीजेपी और संघ इसका अन्ना जैसा सुथन्ना बनाकर अपनी गोटी तर करने में सफल होंगे कि नहीं? सीजेपी एक संगठित राजनीतिक पार्टी का आकार लेगी कि नहीं, यदि लेगी तो बाकी महत्वपूर्ण सवालों पर उसकी नीति और समझ ठीक-ठाक होगी कि नहीं? इनके लिए इन्तजार किया जाना चाहिए। निदा फाजली के शेर के अंदाज़ में कहें तो ‘एक सितारा है चमकने दो उसे आंखों में / क्या जरूरी है उसे पार्टी बनाकर देखो।’

इन अनपेक्षित प्रतिक्रियाओं के बीच जिन्हें युवाओं के गुस्से में सुलगते चेहरों से डर लगना चाहिए था, वे सच में डरे हुए हैं। इतने ज्यादा डरे हुए हैं कि देश-दुनिया की हाल की सारी चुनौतियों पर मौनव्रत धारण किये रहा आरएसएस सबसे पहले मैदान में कूद पड़ा है। आफत में फंसने पर वह जिसे अपना अखबार मानने से साफ़ मुकर जाता है, उस मुखपत्र ऑर्गनाइजऱ में छपे लेखों में इस आंदोलन को, राष्ट्र-निर्माण के सकारात्मक प्रयासों को कमजोर करने और युवाओं में असंतोष की संस्कृति को बढ़ावा देने का एक प्रायोजित प्रयास और ‘फ्रीबी-केंद्रित, वामपंथी झुकाव वाले राजनीतिक इकोसिस्टम’ का हिस्सा बताया गया है। 

ऑर्गनाइजऱ ने अपने संपादकीय के शीर्षक ‘काकरोच सिंड्रोम : भारत-विरोधी तकनीकी संशयवाद का नया चेहरा’ में ही अपनी मंशा साफ़ कर दी। इसमें आंदोलनकारी युवाओं के घोषित पांच लक्ष्यों, जिनमें चुनाव अधिकारियों के खिलाफ आतंकवाद-रोधी कानून लगाने और दल-बदल करने वाले नेताओं पर प्रतिबंध लगाना शामिल है, पर भी हल्ला बोला गया है। संघ संपादकीय ने इन्हें ‘संस्थागत पतन का वह भयावह खाका’ बताया है, ‘जिसे युवा डिजिटल विद्रोह का रूप दिया गया है’। अडानी ग्रुप और रिलायंस समूहों के स्वामित्व वाले मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द करने की मांग को लेकर तो संघ को इतना गहरा दर्द हुआ कि वह बिलबिला ही गया है। उसे इसमें, स्टालिनवादी कम्युनिस्ट सेंसरशिप’ और ‘घरेलू पूंजी पर एक दुर्भावनापूर्ण, लक्षित हमला’ तक दिखाई दे गया। संघ के इन देशी अभिभावकों की हितरक्षा करते-करते वह अमरीकी कार्पोरेट्स के गुणगान तक जा पहुंचा और लिखा कि ‘पश्चिमी तकनीकी प्रभुत्व विशाल कॉरपोरेट कंपनियों पर आधारित है -- ठीक उसी तरह की कंपनियां, जिन्हें सीजेपी खत्म करना चाहती है। एक तरफ सेमीकंडक्टर क्रांति की मांग नहीं कर सकते और दूसरी ओर उन्हीं बड़े औद्योगिक समूहों को खत्म करने की बात नहीं कर सकते, जो ऐसी क्रांति को वित्तपोषित करने में सक्षम हैं।’ 

संघ का निष्कर्ष स्पष्ट है -- इस आंदोलन का वास्तविक उद्देश्य उस पीढ़ी में ‘भीख मांगने वाली व्यापक और अपरिहार्य मानसिकता’ पैदा करना है, जो उनके मुताबिक दुनिया की सबसे संभावनाशील अर्थव्यवस्थाओं में से एक की उत्तराधिकारी है। कुल मिलाकर संघ ने सीजेपी को वास्तविक हताशा से बाहर निकालने का एक ज़रिया (प्रेशर वॉल्व) मानने के बजाय, उसे राष्ट्रीय आत्मविश्वास पर किया गया एक सुनियोजित हमला बताया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने तो सीधे धमकी देते हुए कह दिया कि ‘डिजिटल माध्यम का उपयोग देश की युवा क्रांति को नकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए कभी नहीं होने दिया जाएगा। ऐसा करने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ नबीन यह बात रांची में ठीक उस समय कह रहे थे, जब जंतर-मंतर पर हजारों युवाओं की भीड़ अपने गुस्से को स्वर दे रही थी। डोनाल्ड ट्रम्प और बेंजामिन नेतन्याहू से सीख कर आने वाली पार्टी के प्रमुख फरमा रहे थे कि, ‘विदेश में बैठे कुछ लोग सोचते हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा देंगे। भारत के युवा किसानों के साथ गांव के चौराहों पर बैठते हैं, गांवों की गलियों में रहते हैं, कोचिंग संस्थानों में पढ़ते हैं और कॉलेजों के परिसरों में रहते हैं। भारत के युवा कुछ लोगों के हाथों की कठपुतली बनकर आगे नहीं बढ़ेंगे।’ मतलब साफ़ है कि भाजपा की निगाह में नीट की परीक्षा या शिक्षा घोटाले पर बोलना, नकारात्मकता है!!

6 जून को और उससे पहले जो उभरा है, वह आक्रोश का एक गुबार है। विक्षोभ और रोष हमेशा एक-सी भाषा में बयान नहीं होता, एक-सी लिपि में नहीं लिखा जाता। एक जैसे पैटर्न में नहीं आता। हर बार इसकी वर्तनी अलग और अक्सर नयी होती है। इन सबको उसके कालखंड से अलग-थलग करके देखना सही तरीके से देखना नहीं है। जिसके बाद यह फूटता है, उस घटना विशेष तक सीमित रखकर समझना भी पूरी तरह से समझना नहीं है। संचित संत्रास और पीड़ा का जब विस्फोट होता है, तो जरूरी नहीं कि वह निदान के साथ व्यवस्थित समाधान भी सूत्रबद्ध करके लाये। इतिहास में ऐसा अनेक बार हुआ है, जब असली कारण कुछ और रहे, उनके सामने आने के तात्कालिक कारण कुछ और ही रहे। मौजूदा घटना विकास के साथ तुलना के लिए नहीं, इसे समझने के संदर्भ के रूप में इनमें कुछ पर निगाह डाली जा सकती है। 

मेरठ की छावनी में 1857 की 10 मई की बगावत, 1919 की 13 अप्रैल को अमृतसर के जलियांवाला बाग़ की जमावट, 18 फरवरी 1946 में बम्बई - अब मुंबई - से कराची तक फैला भारत के नौ-सैनिकों का विद्रोह, 18 मार्च 1974 को बिहार के छात्रों का युगांतरकारी आन्दोलन, उन तात्कालिक कारणों तक ही सीमित नहीं थे -- कारतूस में सूअर और गाय की चर्बी, किचलू और सप्रू की गिरफ्तारी, बदबू मारता कीड़ा पड़ा खाना या हॉस्टल की मैस में खाने की दरें बढाया जाना, आदि। इनके पीछे ग्रामीण भारत के तीखे और असहनीय शोषण, गुलामी की घुटन और बेरोजगारी सहित भविष्य के प्रति आशंका से उपजी बेचैनी थी।

महत्वपूर्ण संचित क्षोभ था, नारे और विकल्प उसके बाद की प्रक्रियाओं में उभरे थे। सामाजिक हलचल, विशेषकर स्वत:स्फूर्त उथल-पुथलें इसी तरह उभरती हैं। इस तरह कई बार विकसित होते हुए वे असली कारणों को भी चीन्हते हुए, उनके निराकरण की मांगों और विकल्प के मुद्दे तक पहुंच जाती हैं। पर कई बार नहीं भी पहुंचती हैं। कई बार यह धूर्तों के हत्थे भी चढ़ जाती हैं। मगर सिर्फ इस बिनाह पर कि उसके पास पहले से ही सब कुछ व्यवस्थित और स्पष्ट नहीं है, उसे खारिज कर देना, जिस जन भावना का यह हलचल परिणाम है, उसका ही तिरस्कार करने जैसा है।

जैसे 17 दिसंबर 2010 को सरकार और पुलिस के भ्रष्टाचार से आजिज आकर ट्यूनीशिया में युवा फल विक्रेता मोहम्मद बुआजीजी के खुद पर पेट्रोल छिडक़कर आत्मदाह कर लेने के बाद सिर्फ उसके देश में ही नहीं, कई अरब देशों में उबाल आ गया था। ‘‘अरब स्प्रिंग’’ के नाम से प्रसिद्घ हुई इस लहर ने मिस्र, ट्यूनीशिया, सीरिया, यमन और बहरीन की तानाशाह हुकूमतों को एक बार तो घुटनों पर भी ला दिया। थोड़ा-बहुत लोकतंत्र का विस्तार हुआ भी, हालांकि अंतत: शासक वर्ग ने उसे हजम कर लिया।

6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्या हुआ, क्या नहीं, इसका हिसाब बाद में भी किया जा सकता है। मगर उस दिन जमा हुई युवाओं की भीड़ जब देश के युवाओं, लोकतंत्र और संविधान की हिमायत में निडरता और बेबाकी से अपनी बात रख रही थी, तब और कुछ हो रहा था कि नहीं, रघुवीर सहाय के शब्दों में, ‘‘टूटे न टूटे तिलिस्म सत्ता का, मेरे भीतर का कायर तो टूटेगा’’ -- उनका डर टूट रहा था। शोषितों का डर जब टूटता है, तो वह हवा में विलीन होकर गायब नहीं होता है, शोषकों और उत्पीडक़ों के मन में बैठ जाता है। 

हालांकि जो हुआ है, वह इससे कहीं अधिक हुआ है, मगर यदि इतना भी हुआ है, तो भी कोई कम बात नहीं है।   

*(लेखक 'लोकजतन' के संपादक और अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव हैं।

jitendra Kumar *लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे नए थल सेनाध्यक्ष, आदेश जारी; जानें कब संभालेंगे कमान* 

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारत के अगले सेना प्रमुख होंगे। केंद्र सरकार ने शनिवार को यह ऐलान किया। धीरज सेठ मौजूदा आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे।

वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून, 2026 को अपनी सेवा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके बाद वर्तमान में थल सेना के उप-प्रमुख के रूप में सेवा दे रहे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ सेना की कमान अपने हाथों में लेंगे। लगभग चार दशकों के अपने शानदार सैन्य करियर में उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण और युद्ध में अभूतपूर्व योगदान दिया है।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के बारे में मुख्य बातें

 आर्मर्ड कॉर्प्स के जांबाज: लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ दिसंबर 1986 में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित आर्मर्ड कॉर्प्स (टैंक रेजीमेंट) में कमीशंड हुए थे. टैंकों की गड़गड़ाहट और बख्तरबंद रणनीति में उन्हें महारत हासिल है।

 हर मोर्चे का अनुभव: उन्होंने रेगिस्तानी इलाके में एक आर्मर्ड रेजीमेंट, विकसित मैदानी क्षेत्र में एक आर्मर्ड ब्रिगेड और आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स (आतंकवाद विरोधी बल) का सफल नेतृत्व किया है।

Tejraftarnews.in: *प्रदेश में सैलानियों की बाढ़, गाडिय़ों से सडक़ें जाम; शिमला में एक दिन में 30 हजार वाहनों की एंट्री* 

 ट्रैफिक व्यवस्था संभालने को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

राजधानी शिमला समेत सभी महत्त्वपूर्ण स्थल पर्यटन सीजन में पर्यटकों से पैक हो गए है। वीकेंड पर शनिवार को पर्यटकों के शिमला में 30 हजार से अधिक वाहन शिमला पहुंचे हैं। सैलानियों की संख्या बढऩे से शिमला के होटल 85 प्रतिशत पैक हो गए हैं। बाहरी राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग शिमला का रुख कर रहे हैं। शिमला पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पर्यटन सीजन के दौरान राजधानी शिमला में डेढ़ माह में 12.3 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। शिमला में पर्यटकों की संख्या और वाहनों के दबाव को देखते हुए शिमला पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।

पुलिस के अनुसार मई 2026 के दौरान शोघी, बिलासपुर और किन्नौर की ओर से आने वाले प्रमुख मार्गों पर करीब 8.5 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई, जबकि जून माह में अब तक लगभग 3.8 लाख वाहन शहर में प्रवेश कर चुके हैं। शिमला पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में सिविल वालंटियर्स और छात्र स्वयंसेवकों को भी शामिल किया है। वर्तमान में करीब 50 स्वयंसेवक विभिन्न स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की सहायता कर रहे हैं। इसके साथ ही 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स को अलग-अलग सेक्टरों में तैनात किया गया है।

बढ़ते ट्रैफिक से निपटने को पांच सेक्टर में बांटा शिमला

वर्ष 2025 में बढ़ते ट्रैफिक दबाव से निपटने के लिए जहां 127 कर्मी तैनात थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़ाकर 210 कर दी गई है। समर फेस्टिवल के दौरान तैनात तीन रिजर्व कंपनियों के करीब 70 पुलिस कर्मियों को शिमला में बनाए रखा गया है। यातायात की बेहतर निगरानी के लिए पूरे शिमला शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित किया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है।

सडक़ पर खराब वाहनों को हटाने के लिए तीन क्रेन तैनात

पुलिस ने बताया कि कभी-कभी वाहनों के खराब होने से यातायात प्रभावित होता है। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न सेक्टरों में तीन क्रेन तैनात की गई हैं, जो तुरंत मौके पर पहुंचकर खराब वाहनों को हटाती हैं और यातायात को सामान्य बनाती हैं।

पार्किंग स्थलों पर निगरानी

यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इंटरसेप्टर वाहन भी विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। पुलिस ने शहर के प्रमुख पार्किंग स्थलों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की है, ताकि वाहनों का प्रवेश और निकास सुचारू बना रहे। कुफरी, नारकंडा, ठियोग और किन्नौर की ओर जाने वाले यात्रियों को शोगी-मेहली बाइपास मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। वर्तमान में प्रतिदिन 800 वाहनों को इस मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।

एसएसपी बोले, ट्रैफिक राइडर्स की संख्या बढ़ाई

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि यातायात प्रबंधन को और सुदृढ़ करने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। इसी प्रकार ट्रैफिक राइडर्स की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि विभिन्न स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया एवं यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक वॉलंटियर्स भी इस अभियान से जुड़े हैं तथा आगे और स्वयंसेवकों को भी इस पहल से जोडऩे की प्रक्रिया जारी है। शहर में यातायात की स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक इंटरसेप्टर वाहन का उपयोग किया जा रहा है।

Tejraftarnews.in: *भारतीय टैंकरों पर हमले बर्दाश्त नहीं अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का जवाब, हमारे कानून मानो* 

पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के बीच अमरीका की क्रूर हरकत को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को खरी खोटी सुना दी है। उन्होंने कहा कि समंदर में भारतीय टैंकरों पर हमले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी कारोबारी जहाज अमरीकी सेना के निर्देशों का तुरंत पालन करें, ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अमरीकी नाकाबंदी तोडऩे या ईरानी तेल ले जाने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जयशंकर ने बताया कि उन्होंने मार्को रूबियो से कहा है कि कॉमर्शियल जहाजों पर इस तरह का हमला कतई ठीक नहीं है। बता दें कि बीते दिनों अमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों वाले तेल टैंकर पर अमरीका ने हमला कर दिया था। इसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारत ने अमरीका की इस हरकत का कड़ा विरोध जताया है। जानकारी के मुताबिक विदेश मंत्री ने शनिवार तडक़े ही मार्को रूबियो को फोन लगाया और सख्त लहजे में कहा कि किसी भी कीमत पर व्यापारिक जहाजों पर हमले न्यायसंगत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल शिपिंग को शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं, इन हमलों के लिए अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि तेहरान ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए इसे मनगढ़ंत करार दिया है। भारत लगातार समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी मांग पर कायम है।

Tejraftarnews.in: *देश के लिए बड़ी खुशखबरी, 929 हुआ लिंगानुपात, बेटी बचाने और पढ़ाने के आए सुखद परिणाम* 

सरकार की विभिन्न योजनाओं और प्रयासों से देश में पुरुष-महिला लिंगानुपात बढक़र 929 हो गया है। सरकार की प्रमुख पहल बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बालिकाओं की जीवन रक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने जैसी योजनाओं आदि के कारण यह उपलब्धि संभव हो सकी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर जन्म के समय लिंग अनुपात (एसआरबी) 2014-15 में 918 से बढक़र 2024-25 में 929 हो गया है। यह भेदभावपूर्ण लिंग चयन को रोकने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।

22 जनवरी, 2015 को शुरू की गई बीबीबीपी योजना, घटते बाल लिंग अनुपात और व्यापक लिंग आधारित भेदभाव के जवाब में शुरू की गई थी। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचडब्ल्यू) और शिक्षा मंत्रालय (एमओई) की संयुक्त पहल है। पिछले ग्यारह वर्षों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) एक लक्षित नीतिगत पहल से आगे बढक़र देशव्यापी जन-आंदोलन बन गया है, जिसने सरकार, मीडिया, नागरिक समाज और समुदायों सहित विभिन्न हितधारकों को सक्रिय रूप से जोडऩे का कार्य किया है। यह पहल बालिका के जन्म के समय उसकी गरिमा, उसकी सुरक्षा तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा तक उसकी पहुंच के महत्व को रेखांकित करते हुए उसके समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण के निर्माण को प्रोत्साहित करती है।

शिक्षा क्षेत्र में, लड़कियों की स्कूली शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

माध्यमिक स्तर पर 80.2 फीसदी हुआ नामांकन

शिक्षा मंत्रालय के एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) के आंकड़ों के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का नामांकन 2014-15 में 75.51 प्रतिशत से बढक़र 2024-25 में 80.2 प्रतिशत हो गया है, जो बेहतर नामांकन दर और आगे की पढ़ाई जारी रखने की दर को दर्शाता है। बीबीबीपी योजना सुरक्षित और गरिमापूर्ण जन्म से शुरू होकर, प्रारंभिक बचपन की देखभाल सुनिश्चित करने और लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने तक, जीवनचक्र दृष्टिकोण पर बल देती है। यह योजना निरंतर समर्थन, सामुदायिक सहभागिता और मंत्रालयों तथा राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय के माध्यम से व्यावहारिक परिवर्तन को मजबूत करती है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय बीबीबीपी ढांचे को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि देश में प्रत्येक बालिका को संरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाया जाए, जिससे महिला नेतृत्व वाले विकास की परिकल्पना में योगदान दिया जा सके।

Tejraftarnews.in: *Monsoon: तेवर दिखा रही गर्मी को अंबर ने दिखाया आईना, बारिश-बर्फबारी से लुढक़ा पारा* 

पिछले कुछ दिनों से गर्मी के थपेड़े सह रहे हिमाचल को राहत की सांस मिली है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को हुई तेज बारिश से तपते हिमाचल को ठंडक मिली है। देर रात 2 बजे तेज-आंधी और तूफान के बीच झमाझम बारिश से हिमाचल में मौसम सुहावना हो गया है। यही नहीं, मैदानों में हुई बारिश और ऊंची चोटियों पर हुए हलके हिमपात से मौसम कूल हो गया है। चंबा और कांगड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में रिमझिम बारिश से किसानों ने खतों का रुख कर लिया है और धान की रोपाई में जुट गए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है और उत्तर भारत में इसके आगे बढऩे के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। साथ ही क्षेत्र में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में 18 जून तक बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। बीते 24 घंटों के दौरान शिमला, कांगड़ा, भुंतर, सुंदरनगर, मनाली, कुफरी और अन्य कई क्षेत्रों में बारिश हुई। कई स्थानों पर तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।

मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को लाहुल-स्पीति और किन्नौर को छोडकऱ राज्य के शेष 10 जिलों में कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ क्षेत्रों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना है। शुरुआती दो दिनों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। 14 से 18 जून के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

जवाली में जोरदार बारिश

जिला कांगड़ा के उपमंडल जवाली में शुक्रवार देर रात से लगातार जोरदार बारिश हो रही है। बारिश होने से जहां चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं अब मक्की की फसल की बिजाई के लिए भी उचित समय है। कडक़ती बिजली व बादलों की जोरदार गर्जना के साथ बारिश हो रही है। बारिश होने से जलस्रोतों का जलस्तर भी बढ़ गया है। अब पानी की किल्लत से भी निजात मिलेगी।

JitendraKumar: *हम दिलाएंगे लोन… ये फ्रॉड कॉल है, रहें सावधान; साइबर ठगी को नए-नए तरीके अपना रहे अपराधी* 

के्रडिट कार्ड लिमेट के नाम पर लगा रहे चूना

ओटीपी नंबर शेयर न करने की अपील

खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों को ठगी के झांसे में फंसा रहे शातिर

साइबर ठग खुद को बैंक कर्मी बताकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठग लोगों को सस्ते बैंक लोन, के्रडिट लिमेट बढ़ाने के लिए व्हट्सऐप, मैसेज एवं मोबाइल पर कॉल के जरिए झांसा दे रहे हैं। शातिर खुद को निजी बैंक का कर्मचारी बताकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर पुलिस साइबर ठगों से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। सस्ते बैंक लोन, के्रडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने को लेकर हिमाचल में भी लोगों को बारे फोन आ रहे हैं। साइबर ठग लोगों को जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके से खोज रहे है। सस्ते बैंक लोन, फास्ट टैग के अलावा अब साइबर ठग के्रडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी का प्रयास कर रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों में लगातार आ रहे मामलों के चलते साइबर पुलिस ने हिमाचल की जनता को अलर्ट किया है। साइबर पुलिस का मानना है कि हिमाचल में भी लोगों को इस बारे फोन आ रहे हैं।

शातिर ठग सबसे पहले व्हट्सऐप, मैसेज या मोबाइल पर कॉल के माध्यम से के्रडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने की बात कहते हैं। इसके तहत शातिर अपने आप को निजी बैंक का कर्मचारी बताकर लोगों को विश्वास में ले लेते हैं। उसके बाद शातिर के्रडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने की बात करते हैं। इसको लेकर ओटीपी शेयर करने को कहा जाता है। व्यक्ति ओटीपी शेयर करते ही उसके के्रडिट कार्ड का विवरण शातिर प्राप्त कर लेते हैं और कुछ ही देर में के्रडिट कार्ड से या बैंक खाते से पैसा निकाल लिया जाता है। साइबर सैल की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए आए दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं, ऐसे में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। एडवाइजरी में कहा है कि किसी से भी अपना ओटीपी नंबर को शेयर न करें। इसके अलावा अपने बैंक खाते सहित निजी जानकारी किसी से भी सांझा न करें। अगर कोई व्यक्ति ठगी का शिकार होता है, तो तुंरत मामले की शिकायत 1930 पर दर्ज करें।

Tejraftarnews.in: *प्रदेश में भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपए, अब हर पशुपालक से रोजाना इतने लीटर दूध खरीदेगी सरकार* 

सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ हर ग्रामीण परिवार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध

हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दूध उत्पादक संघ (मिल्कफेड) द्वारा पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दूध खरीद व्यवस्था में एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार द्वारा दूध उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध करवाए जाने के उपरांत प्रदेश में दूध उत्पादन एवं सहकारी व्यवस्था के प्रति पशुपालकों की सहभागिता में निरंतर वृद्धि हुई है।

सरकार ने गाय के दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को 32 रुपए से बढ़ाकर 61 रुपए प्रति किलो और भैंस के दूध पर 47 रुपए से बढ़ाकर 71 रुपए प्रति किलो किया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इसका लाभ केवल सीमित परिवारों तक न रहकर प्रदेश के अधिकाधिक दूध उत्पादकों, विशेषकर छोटे एवं सीमांत पशुपालकों तक पहुंचे। दो वर्षों में मिल्कफेड में दूध उत्पादकों की भागीदारी 28,645 से बढकऱ 42,500 तक पहुंच गई है।

हर रोज 20 लीटर सीमा निर्धारित

दूध संग्रहण भी 1.57 लाख लीटर प्रतिदिन से बढक़र 2.20 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। यह वृद्धि प्रदेश के पशुपालकों के बढ़ते विश्वास एवं दूध क्षेत्र के विस्तार को दर्शाती है। प्रवक्ता ने बताया कि इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए दूध खरीद पर प्रति पशुपालक प्रतिदिन अधिकतम 20 लीटर की सीमा निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।

नए दुग्ध उत्पादकों का बढ़ेगा पंजीकरण

सरकार के फैसले से अधिक संख्या में किसानों को दूध विपणन का अवसर प्राप्त होगा, नए दूध उत्पादकों का सहकारी क्षेत्र में पंजीकरण बढ़ेगा और दूध उत्पादन से जुड़े परिवारों की आय एवं आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। प्रवक्ता ने सभी दूध उत्पादकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एवं मिल्कफेड के लिए पशुपालकों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं तथा भविष्य में भी दूध क्षेत्र के विस्तार एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

Tejraftarnews.in: *प्रदेश में 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध, अवैध शिकार पर होगी कड़ी कार्रवाई* 

प्रमुख जलाशयों में विशेष कर्मचारी दल तैनात

हिमाचल के जलाशयों में मत्स्य संपदा संरक्षण के लिए विभाग ने किए व्यापक प्रबंध

प्रदेश के सामान्य जलाशयों, नदी-नालों तथा उनकी सहायक धाराओं में मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकडऩे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि के दौरान प्रदेश के सभी सामान्य जल स्रोतों में किसी भी प्रकार के मत्स्य आखेट तथा मछली बिक्री की अनुमति नहीं होगी। यह जानकारी मत्स्य विभाग के निदेशक एवं प्रधान मुख्य मत्स्य संरक्षक विवेक चंदेल ने दी। उन्होंने बताया कि इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मछली प्रजातियों के प्राकृतिक प्रजनन को सुरक्षित बनाना तथा प्रदेश के मत्स्य संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 13 हजार मछुआरे प्रत्यक्ष रूप से मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और अपनी आजीविका के लिए इस व्यवसाय पर निर्भर हैं। प्रदेश के पांच प्रमुख जलाशयों गोबिंदसागर, पौंगडैम, चमेरा, कोलडैम तथा रणजीत सागर का कुल क्षेत्रफल लगभग 43785 हेक्टेयर है, जहां 6300 से अधिक मछुआरे कार्यरत हैं।

इसके अतिरिक्त लगभग 2400 किलोमीटर लंबाई वाले सामान्य जलस्रोतों में भी 6300 से अधिक मछुआरे मत्स्य आखेट से जुड़े हुए हैं। इन सभी परिवारों को निरंतर रोजगार उपलब्ध करवाने तथा प्रदेशवासियों को प्रोटीनयुक्त आहार सुनिश्चित करने में मत्स्य विभाग महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उधर, प्रतिबंध अवधि के सफल संचालन तथा अवैध मत्स्य आखेट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए निदेशक एवं प्रधान मुख्य मत्स्य संरक्षक विवेक चंदेल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। मत्स्य संपदा संरक्षण के लिए प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में विशेष कर्मचारी दलों की तैनाती भी की गई है। बिलासपुर जिले में कुल 19 कैंप स्थापित किए गए हैं जिनमें गोविंदसागर में 16 तथा कोलडैम में 3 कैंप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक उडऩदस्ता भी तैनात किया गया है। पौंगबांध क्षेत्र में सात कैंप तथा एक उडऩदस्ता और चंबा क्षेत्र में चमेरा तथा रणजीत सागर जलाशयों में कुल पांच कैंप तथा एक उडऩदस्ता कार्य करेगा। ये सभी दल जल एवं सडक़ मार्ग से नियमित गश्त कर मत्स्य संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

Tejraftarnews.in: *यूपीएस लागू करेगी भाजपा सरकार, नड्डा बोले; पेंशन के मामले में भाजपा की नीति पहले से ही स्पष्ट* 

हिमाचल सरकार पर दागे सवाल कहा, पीएम आपदा राहत के 1500 करोड़ पर क्वेरी का जवाब नहीं मिला

बल्क ड्रग पार्क प्रदेश में ही रहेगा

पर काम न लटकाए राज्य सरकार

अब आर्थिक पैकेज नहीं मिलते

सिर्फ मदद ही कर सकता है केंद्र

केंद्रीय स्वास्थ्य और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस को लेकर बड़ा बयान दिया। ओल्ड पेंशन से संबंधित सवाल पर श्री नड्डा ने कहा कि इस मसले पर हमारी नीति स्पष्ट है। होटल होलीडे होम में संवाददाता सम्मेलन के दौरान श्री नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस लागू की है और पिछले विधानसभा चुनाव में भी यही स्टैंड भाजपा का था। जहां तक हिमाचल से संबंधित विषय की बात है, तो इस बारे में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा अध्यक्ष डा. बिंदल बात रखेंगे। अमरीका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के कारण दवा उत्पादन और अन्य क्षेत्रों पर पडऩे वाले प्रभाव से संबंधित सवाल पर जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पर रणनीति बना रखी है। कोशिश यह है कि आम जनता पर प्रभाव न पड़े। वहीं श्री नड्डा ने हिमाचल सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा राहत में 1500 करोड रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन इससे संबंधित सवालों का जवाब नहीं दिया जा रहा है। आपदा से हुए नुकसान से संबंधित क्वेरी केंद्र से आई थी, जिसे एड्रेस नहीं किया गया। राज्य सरकार चाहती है कि पैसा देकर भूल जाओ कि कहां खर्च किया? आपदा राहत में केंद्र से मिले धन के यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भी अभी तक नहीं दिए गए।

श्री नड्डा नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर दो दिन के शिमला प्रवास पर थे। बल्क ड्रग पार्क ऊना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जेपी नड्डा ने कहा कि यह पार्क हिमाचल से कहीं नहीं जा रहा, लेकिन राज्य सरकार समय पर काम तो करे। इस स्कीम को एक साल के लिए एक्सटेंड किया है। 1000 करोड़ की केंद्रीय हिस्सेदारी में से 225 करोड़ हम दे चुके हैं। इसमें से भी सिर्फ 102 करोड़ ही खर्च हुए हैं। कोरोना काल में बिलासपुर में जब वह एम्स बनवा सकते हैं, तो बल्क ड्रग पार्क बनाने में क्या दिक्कत है? हिमाचल सरकार ने केंद्र से दिए गए मेडिकल डिवाइस पार्क को वापस लौटा दिया, जबकि हिमाचल के साथ गुजरात को मिले इसी तरह के पार्क में जाकर काम देखिए। जेपी नड्डा ने कहा कि एक नेरेटिव गढ़ा जा रहा है कि केंद्र सरकार हिमाचल की मदद नहीं कर रही। हर बार विशेष आर्थिक पैकेज की बात होती है। आर्थिक पैकेज जैसा अब कुछ नहीं है। केंद्र सरकार मुश्किल वित्तीय स्थिति में पड़े राज्यों की सिर्फ हैंड होल्डिंग कर सकती है। केंद्र पर दोषारोपण की कोशिश को श्री नड्डा ने इस तर्क के साथ खारिज कर दिया कि जो अच्छा बढ़ई नहीं होता वह औजारों को दोष देता है। श्री नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार बाहया वित्त पोषित परियोजनाओं, स्पेशल सेंट्रल अस्सिटेंस इत्यादि के जरिए राज्य की मदद कर रही है। दूसरी तरफ हिमाचल सरकार केंद्र से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पा रही। आरडीजी बंद होने पर पूछे गये सवाल पर नड्डा ने कहा कि क्या इस सरकार को पता नहीं था कि ऐसा होने वाला है? 17 राज्यों की बंद हुई हैं, मैजोरिटी राज्य भाजपा शासित थे। श्री नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का नारा दिया था, लेकिन आज प्रदेश में प्रशासनिक अव्यवस्था, निर्णयहीनता और नीतिगत अराजकता का माहौल है। उन्होंने कहा कि देश में शायद ही कोई ऐसा उदाहरण होगा जहां मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे महत्त्वपूर्ण पद अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहे हों। यह स्थिति स्वयं बताती है कि कांग्रेस सरकार हिमाचल के प्रशासन को कितनी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नौकरशाहों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। अधिकारी सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, लेकिन जवाबदेही कहीं दिखाई नहीं देती।

आयुष्मान का फंडिंग फार्मूला बदलेगी केंद्र सरकार

जेपी नड्डा ने कहा कि पांच लाख की कैशलेस इलाज देने वाली आयुष्मान योजना के तहत फंडिंग फार्मूले में केंद्र सरकार कुछ परिवर्तन करने जा रही है। ‘दिव्य हिमाचल’ ने उनसे सवाल किया था कि हिमाचल सरकार ने इस बारे में मामला केंद्र से उठाया है कि प्रति पंजीकृत व्यक्ति 1100 रुपए के हिसाब से भुगतान करने से स्कीम नहीं चल पा रही है। राज्य में भी 250 करोड़ से ज्यादा भुगतान लंबित हो गया है, जबकि योजना केंद्र की है। इस पर श्री नड्डा मंत्री ने कहा कि हिमाचल समेत कुछ और राज्यों से भी यह फीडबैक आया है, इसलिए इस योजना में बहुत जल्द संशोधन होने वाला है।

Tejraftarnews.in: *मुंबई में 12 जून की रात सबसे गर्म, पारा 30 डिग्री सेल्सियस पार; टूटा 57 साल पुराना रिकार्ड* 

महाराष्ट्र के मुंबई में 12 जून को 57 साल में जून की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जब पूरे शहर में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। मौसम विभाग ने शनिवार को जानकारी दी। कोलाबा वेधशाला में न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सांताक्रू•ा में 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, दोनों केंद्रों ने लगातार चौथे दिन तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा बताया।

अधिकारियों ने इस असामान्य गर्मी की वजह दक्षिण कोंकण में रुके हुए मानसून की लहर और कम•ाोर पश्चिमी हवाओं को बताया, जिससे आद्र्रता का स्तर ज्यादा रहा और रातें बहुत ज्यादा गर्म रहीं। उन्होंने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आम तौर पर 11 जून तक मुंबई पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके विलंब से 15 जून के आसपास आने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने 13 जून तक मुंबई, ठाणे और पालघर में गर्म और नमी वाले हालात के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें प्री-मानसून बारिश शुरू होने तक ज्यादा से ज्यादा तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इस बीच, मुंबई में शनिवार सुबह हल्के बादल छाए रहने, शहर में रुक-रुक कर बूंदाबांदी और बादल छाए रहने के बावजूद असामान्य रूप से गर्मी बनी हुई है। आईएमडी ने आगामी दिनों में हल्की बारिश और गरज के साथ बादल की संभावना के साथ आम तौर पर नमी वाले मौसम का अनुमान लगाया है।

Tejraftarnews.in: *Women’s T-20 World Cup : आज बर्मिंघम में भारत-पाकिस्तान में होगा हाई वोल्‍टेज मुकाबला* 

शाम सात बजे से चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को धूल चटाने उतरेगी भारतीय महिला टीम

भारतीय महिला टीम रविवार को टी-20 विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत करने उतरेगी। भारत का सामना पहले ही मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। दोनों ही टीमें जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत करने उतरेंगे। भारत का पलड़ा पाकिस्तान पर भारी है, लेकिन विश्व कप में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। हरमनप्रीत कौर की अगवाई वाली टीम अच्छी तरह जानती है कि पाकिस्तान को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी है। भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 में अब तक 16 मुकाबले खेले गए हैं। भारतीय महिला टीम ने 13 मैचों में जीत दर्ज की है, तो वहीं पाकिस्तान ने तीन मैच जीते हैं।अगर टी-20 विश्व कप में दोनों टीमों के बीच मुकाबलों की बात करें तो दोनों के बीच आठ बार भिड़ंत हुई है। भारत ने छह मौकों पर जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान दो ही मैच जीत सका है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 2024 टी20 विश्व कप में भी मैच खेला गया था, जिसे भारतीय महिला टीम ने छह विकेट से जीता था। टी20 विश्व कप में अभियान शुरू करने से पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से और इंग्लैंड को 3-2 से हराया, जबकि श्रीलंका पर 5-0 से जीत दर्ज की। उसे हालांकि दक्षिण अफ्रीका (4-1) और इंग्लैंड (2-1) ने उनकी धरती पर हुई सीरीज में हराया। सना जबरदस्त फॉर्म में है और पिछले साल बल्ले से उनका औसत 50 से अधिक और गेंदबाजी में 25 से कम रहा है। उन्होंने हाल ही में कराची में जिम्बाब्वे के खिलाफ 15 गेंद में टी20 अद्र्धशतक बनाया था। भारतीय गेंदबाजों को उनके बल्ले पर अंकुश लगाने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। खासकर जब अमनजोत कौर और काशवी गौतम चोट के कारण बाहर हैं।

भारतीय महिला टीम— हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), यास्तिका भाटिया, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदिनी शर्मा, रेणुका सिंह ठाकुर, राधा यादव, अरुंधति रेड्डी।

पाकिस्तान महिला टीम— फातिमा सना शेख (कप्तान), आयशा जफर, अयमान फातिमा, इरम जावेद, मुनीबा अली सिद्दीकी, आलिया रियाज, नतालिया परवेज, सायरा जबीन, डायना बेग, गुल फिरोजा, नशरा संधू, रामीन शमीम, सादिया इकबाल, तस्मिया रुबाब,

तूबा हसन।

Tejraftarnews.in: *देश को मिले 481 जांबाज सैन्य अफसर, इतिहास में पहली बार नौ महिला अधिकारी पास आउट* 

16 मित्र देशों के 34 अधिकारी कैडेट भी पास

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) में शनिवार को 158वीं पासिंग आउट और परेड पिपिंग सेरेमनी हुई। इस बार आईएमए से कुल 515 जेंटलमैन कैडेट पास आउट होकर सैन्य अफसर बने। इनमें 481 भारतीय और 16 मित्र देशों के 34 अधिकारी कैडेट शामिल हैं। शनिवार को आयोजित ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड में एक नया अध्याय लिखा गया। आईएमए के 93 साल के इतिहास में पहली बार नौ महिला कैडेट पुरुष कैडेटों के साथ पास आउट हुईं और सेना में अधिकारी बनीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की समीक्षा की और बेस्ट जेंटलमैन कैडेट को सम्मानित किया।

उनके साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह भी उपस्थित रहे। समीक्षा अधिकारी के रूप में राष्ट्रपति ने परेड का निरीक्षण किया, कैडेट्स की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर तथा अन्य पदक प्रदान किए। अकादमी के विशाल कुमार को दो बड़े पुरस्कार मिले। उन्हें स्वॉर्ड ऑफर ऑनर और गोल्ड मेडल मिले। विशाल को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर ‘बेस्ट अमंग ऑफिसर सीडीटीएस’ के लिए मिला। आरईजी कोर्स में टॉप करने पर विशाल को गोल्ड मेडल मिला। ऑफिसर कैडेट प्रिंस राज को आरईजी कोर्स में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर सिल्वर मेडल मिला। ऑफिसर कैडेट तेजस भट्ट को आरईजी कोर्स में तीसरा स्थान प्राप्त करने पर ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया। ऑफिसर कैडेट हृषभ मिश्रा को टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में प्रथम आने पर टीजीसी सिल्वर मेडल मिला है। स्पेशल कमीशन में बोधराज थापा को गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ। करन पांडे को टीईएस कोर्स में प्रथम आने पर सिल्वर मेडल मिला। मित्र देशों में बांग्लादेश के कैडेट को बेस्ट कैडेट का पुरस्कार मिला।

Tejraftarnews.in: *जिला परिषद कर्मियों को मिलेगा पेंडिंग एरियर, वेतनमान देने पर प्रदेश सरकार ने लगाई मुहर* 

23 सितंबर 2022 से छह मार्च 2024 तक के संशोधित, हजारों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

प्रदेश सरकार ने जिला परिषद कैडर के नियमित कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 23 सितंबर 2022 से छह मार्च 2024 तक के संशोधित वेतनमान का लंबित एरियर जारी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेशभर के हजारों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी जिला परिषदों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार जिला परिषद कर्मचारियों के वेतन पुनर्निर्धारण का मामला काफी समय से सरकार के विचाराधीन था।

पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और अतिरिक्त उपायुक्तों को पत्र भेजकर निर्णय की जानकारी दी है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। प्रदेश सरकार ने 23 सितंबर 2022 को अधिसूचना जारी कर जिला परिषद कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतन संरचना लागू की थी। इसके बाद सात मार्च 2024 को कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की अनुमति दी गई थी। हालांकि उस समय कर्मचारियों को केवल वेतन निर्धारण का लाभ मिला था, जबकि 23 सितंबर 2022 से छह मार्च 2024 तक की अवधि का वास्तविक वित्तीय लाभ और एरियर जारी नहीं किया गया था। प्रदेश सरकार ने उक्त अवधि का मौद्रिक लाभ भी देने का निर्णय लिया है।

राहत मिली

वर्ष 2022 में संशोधित वेतनमान लागू होने के बाद कई कर्मचारियों को इसका लाभ मिल गया था, लेकिन लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे थे जो इस लाभ से वंचित रह गए थे। कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें भी संशोधित वेतनमान के तहत मिलने वाले सभी वित्तीय लाभ दिए जाएं। सरकार ने इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद लंबित एरियर जारी करने का फैसला लिया है।

एरियर भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

प्रदेशभर के हजारों जिला परिषद कर्मचारियों को बकाया एरियर मिलेगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि इससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और उनके वेतन संबंधी लंबित मामलों का समाधान होगा। पंचायती राज विभाग ने सभी जिला परिषदों को निर्देश दिए हैं कि पात्र कर्मचारियों के मामलों की जांच कर शीघ्र एरियर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए।

Tejraftarnews.in: *चंडीगढ़ में मेडिकल स्टोर पर दिनदहाड़े फायरिंग, कैशियर की मौत; इलाके में दहशत का माहौल* 

 ग्राहक बनकर दुकान में घुसे थे आरोपी

चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित केमिस्ट मार्केट में शनिवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब पीजीआई के पास स्थित कुमार मेडिकल स्टोर पर अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े फायरिंग कर दी। इस हमले में मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास की मौत हो गई। जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू निवासी जानकी दास के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह अपने क्षेत्र में सरपंच का चुनाव भी जीत चुके थे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस के अनुसार वारदात दोपहर करीब 2:30 बजे हुई। हमलावर स्कूटी पर सवार होकर आए थे। तीन आरोपियों में से दो ग्राहक बनकर दुकान के अंदर घुसे, जबकि तीसरा बाहर स्कूटी पर खड़ा रहा। दोनों हमलावरों ने चेहरे पर मास्क और टोपी पहन रखी थी। इससे किसी को उन पर शक नहीं हुआ। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि दोनों आरोपी दुकान में प्रवेश करने के बाद करीब 20 सेकेंड तक काउंटर के पास खड़े रहे और माहौल का जायजा लेते रहे। इसके बाद उन्होंने काउंटर की आड़ में अपने हथियार लोड किए और अचानक कैशियर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।

पुलिस के मुताबिक ऑटोमैटिक हथियार से कईं राउंड फायरिंग की गई। पूरी घटना महज एक-दो सेकेंड में अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। डीएसपी दलबीर सिंह, थाना सेक्टर-11 के प्रभारी इंस्पेक्टर जसपाल सिंह, जिला अपराध शाखा और ऑपरेशन सेल की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पूरे मार्केट क्षेत्र को सील कर दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मेडिकल स्टोर के मालिकों को पहले भी रंगदारी को लेकर धमकी भरे फोन मिल चुके थे। यह भी जानकारी सामने आई है कि उन्हें कथित तौर पर गैंगस्टरों की ओर से धमकियां मिलने के बाद सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी गैंग की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। डीएसपी दलबीर सिंह ने कहा कि पुलिस रंगदारीए पुरानी रंजिश और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

Tejraftarnews.in: *Kangra News: शिव मंदिर बैजनाथ में खीरगंगा घाट की सीढ़ियों पर मिला युवक का शव* 

बैजनाथ स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में खीरगंगा घाट की ओर जाने वाली सीढ़ियों के पास एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान कुनाल निवासी वार्ड नंबर-2, बैजनाथ के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों द्वारा युवक को अचेत अवस्था में पड़े देखे जाने के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी।

थाना प्रभारी यादेश ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किसी जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है और स्थानीय लोग युवक की असमय मृत्यु से स्तब्ध हैं।

Tejraftarnews.in: *नगर निगमों में 29 जून को शपथ, मिलेंगे नए मेयर और डिप्टी मेयर* 

हिमाचल प्रदेश सरकार के शहरी विकास विभाग ने सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला नगर निगमों की नवगठित परिषदों की पहली बैठक के आयोजन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश सरकार ने 29 जून, 2026 को इन चारों नगर निगमों की पहली बैठक आयोजित करने की तिथि निर्धारित की है। शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं। अधिसूचना के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अप्रैल 2026 में नगर निगम चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया था और 31 मई को मतदान के बाद मतगणना के परिणाम एक जून 2026 को अधिसूचित किए गए थे। इसके बाद अब नव निर्वाचित नगर निगम परिषदों के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पहली बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है।

पहली बैठक के दौरान सभी नव निर्वाचित पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही नगर निगमों के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 तथा नगर निगम निर्वाचन नियम, 2012 के तहत जारी इस अधिसूचना के अनुसार संबंधित जिलों के उपायुक्तों को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। उपायुक्त सोलन, मंडी और कांगड़ा अपने-अपने क्षेत्राधिकार वाले नगर निगमों की पहली बैठक बुलाएंगे तथा उसकी अध्यक्षता करेंगे।

गौरतलब है कि इन चार नगर निगमों में पालमपुर में कांग्रेस और तीन में भाजपा को बहुमत मिला है। अधिसूचना के अनुसार अधिकृत अधिकारी नगर निगम निर्वाचन नियमों के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव संपन्न कराएंगे। बैठक का स्थान संबंधित नगर निगम क्षेत्र के भीतर होगा, जिसकी सूचना संबंधित अधिकृत अधिकारी द्वारा अलग से जारी की जाएगी। इस अधिसूचना के साथ ही सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला नगर निगमों में नई परिषदों के गठन तथा नगर निगमों के शीर्ष नेतृत्व के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। 29 जून को होने वाली पहली बैठक में इन नगर निगमों को अपने नए मेयर और डिप्टी मेयर मिल जाएंगे।

Tejraftarnews.in: *गिरिपार के बेटे ने बढ़ाया प्रदेश का मान, भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने विवेक चौहान* 

नाहन: सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र के बेटे लेफ्टिनेंट विवेक चौहान ने आईएमए देहरादून में अपने लेफ्टिनेंट कर्नल पिता जेएस चौहान के इतिहास को दोहराया है। गिरीपार के कुजनाल लोजा मानल गांव का बेटा विवेक चौहान ने शनिवार को आइएमए देहरादून में सालाना पासिंग आउट परेड समारोह में अपने पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस चौहान व माता मोनिका चौहान के हाथों कंधे पर सेना के अधिकारी के रूप शपथ ली।

यह चौहान परिवार के लिए अत्यंत गर्व, खुशी और भावुकता का क्षण था जब लेफ्टिनेंट विवेक चौहान, पुत्र कर्नल जे.एस. चौहान एवं मोनिका चौहान, मूल निवासी गांव कुजनाल, डाकघर लोजा मनाल, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते हुए, चार वर्षों के कठिन सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन हुए। उन्होंने तीन वर्षों का कठोर प्रशिक्षण नेशनल डिफेंस अकैडमी तथा एक वर्ष का प्री-कमीशन प्रशिक्षण इंडियन मिलिटरी अकैडमी में पूरा किया।

यह उपलब्धि केवल चौहान परिवार के लिए ही नहीं बल्कि सिरमौर जिला के शिलाई क्षेत्र व पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह अवसर इसलिए भी ऐतिहासिक बन गया क्योंकि ठीक 24 वर्ष पूर्व वर्ष 2002 में, कर्नल जे.एस. चौहान स्वयं इसी इंडियन मिलिट्री एकेडमी की ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर से भारतीय सेना में अधिकारी बने थे। उस समय उन्हें उनके माता-पिता तथा मोनिका चौहान ने ‘पिप’ किया था। आज, वही परिवार अगली पीढ़ी को उसी गौरवपूर्ण परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देख रहा है।

पूरे परिवार—दादी चानोनो चौहान, माता मोनिका चौहान, बड़े भाई रजत चौहान तथा पिता कर्नल जे.एस. चौहान के लिए यह क्षण गर्व, भावनाओं और राष्ट्रसेवा की विरासत का जीवंत प्रतीक बना। लेफ्टिनेंट विवेक चौहान की यह उपलब्धि विशेष रूप से गांव कुजनाल और शिलाई क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। चौहान परिवार के लिए यह केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही राष्ट्रसेवा, सम्मान और समर्पण की गौरवशाली परंपरा का निरंतर विस्तार है।

गौर हो कि कर्नल जेएस वर्तमान में एनसीसी फर्स्ट बटालियन नाहन में बतौर कमांडिंग ऑफिसर कार्यरत हैं, जबकि माता मोनिका चौहान पांवटा साहिब के एक सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं । लेफ्टिनेंट विवेक चौहान के बड़े भाई पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं । लेफ्टिनेंट विवेक चौहान के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस ने बताया कि उनके लिए भी यह गर्व का विषय है कि उनका बेटा एक सेना अधिकारी के रूप में देश की सेवा करेगा।

Tejraftarnews.in: *चुराह मामूली बात पर खूनी संघर्ष, घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति और बहू को पीटा*

चुराह उपमंडल के गांव थनेला में शराब के नशे में धुत्त 4 लोगों द्वारा घर में घुसकर एक बुजुर्ग दंपति और उनकी बहू के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। *पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 70 वर्षीय मेला राम पुत्र दास निवासी गांव थनेला द्वारा नागरिक अस्पताल तीसा में पुलिस को दिए बयान में बताया कि 11 जून शाम करीब 7 बजे कि वह अपने घर पर अपनी पत्नी सीलो और बहू केसो देवी के साथ मौजूद थे।* इसी दौरान घर के बाहर योग सिंह और निहाल सिंह ने शराब के नशे में उन्हें गालियां देनी शुरू कर दीं।

पीड़ित ने बताया कि कुछ देर बाद योग सिंह की पत्नी रीता और बेटा खेम सिंह उर्फ सूरज भी वहां पहुंच गए और वे सभी मिलकर पीड़ित परिवार को अपशब्द कहने लगे। जब मेला राम ने उन्हें गालियां देने से मना किया तो वे चारों आरोपी जबरन उनके घर के अंदर किचन में घुस आए। ​आरोप है कि योग राज ने किचन में रखी लकड़ी उठाई और बुजुर्ग मेला राम की बाईं बाजू पर दे मारी। इसी लकड़ी से उन्होंने बुजुर्ग की पत्नी के सिर पर और बहू केसो देवी के पैर व पीठ पर हमला किया। इसके अलावा बाकी तीनों आरोपियों ने भी पीड़ितों को हाथ-मुक्कों से बुरी तरह पीटा।

घायल अवस्था में पीड़ित अस्पताल पहुंचे, जहां मेला राम ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस थाना तीसा ने पीड़ित के बयान पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एस.पी. विजय कुमार सकलानी ने बताया कि पुलिस अब इस मामले में आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में ला रही है।

Tejraftarnews.in: *🚩श्री गणेशाय नम:🚩* 

*📜 दैनिक पंचांग 📜*

 *नमस्कार देश और* 

*दुनिया की खबरों के*

*साथ आपका स्वागत*

*है*🙏

*🪴14 - जून - 2026🪴*

☀ पंचांग    

🔅 तिथि चतुर्दशी 12:22 PM

🔅 नक्षत्र रोहिणी 10:15 PM

🔅 करण :

           शकुन 12:22 PM

           चतुष्पाद 12:22 PM

🔅 पक्ष कृष्ण  

🔅 योग धृति 01:14 PM

🔅 वार रविवार  

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    

🔅 सूर्योदय 05:22 AM  

🔅 चन्द्रोदय +05:04 AM  

🔅 चन्द्र राशि वृषभ  

🔅 सूर्यास्त 07:19 PM  

🔅 चन्द्रास्त 06:48 PM  

🔅 ऋतु ग्रीष्म  

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    

🔅 शक सम्वत 1948 पराभव

🔅 कलि सम्वत 5128  

🔅 दिन काल 01:57 PM  

🔅 विक्रम सम्वत 2083  

🔅 मास अमांत ज्येष्ठ (अधिक)  

🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ (अधिक)  

☀ शुभ और अशुभ समय    

☀ शुभ समय    

🔅 अभिजित 11:53:21 - 12:49:09

☀ अशुभ समय    

🔅 दुष्टमुहूर्त 05:28 PM - 06:24 PM

🔅 कंटक 10:01 AM - 10:57 AM

🔅 यमघण्ट 01:44 PM - 02:40 PM

🔅 राहु काल 05:35 PM - 07:19 PM

🔅 कुलिक 05:28 PM - 06:24 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:53 AM - 12:49 PM

🔅 यमगण्ड 12:21 PM - 02:05 PM

🔅 गुलिक काल 03:50 PM - 05:35 PM

☀ दिशा शूल    

🔅 दिशा शूल पश्चिम  

☀ चन्द्रबल और ताराबल    

☀ ताराबल  

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद  

☀ चन्द्रबल  

🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन

Tejraftarnews.in: *मंडी बचपन से देश सेवा का सपना संजोए सृजन गोस्वामी बने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट*

  जोगिंद्रनगर के सृजन गोस्वामी ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर समूचे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने 13 जून को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में लैफ्टिनैंट पद की शपथ ली। जहां उनकी पासिंग आऊट परेड हुई, वहां उनके माता-पिता ने उन्हें स्टार लगाए। सृजन गोस्वामी ने 10वीं तक की शिक्षा दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल जोगिंद्रनगर से व 12वीं तक की शिक्षा राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगिंद्रनगर से प्राप्त की है। उसके उपरांत एनडीए में 3 वर्षों के प्रशिक्षण के उपरांत एक वर्ष तक आईएमए देहरादून में कड़ी मेहनत के बाद लैफ्टिनैंट का पद हासिल किया। सृजन के पिता हरीश गोस्वामी लोनिवि में कनिष्ठ अभियन्ता एवं माता अंजलि गोस्वामी अध्यापिका हैं। इस अवसर पर लैफ्टिनैंट सृजन गोस्वामी ने बताया कि उनका बचपन से ही देश की सीमाओं की रक्षा करने का सपना था, जो अब पूरा हो गया है।

उन्होंने कहा कि सेना में सेवा करना गर्व की बात है। इस उपलब्धि का श्रेय अपने दादा स्व. सुन्दर लाल गोस्वामी एवं दादी उमा गोस्वामी, नाना टीडी महंत एवं नानी जयवंता देवी सहित अपने माता-पिता, बहन मृणाल गोस्वामी व समस्त गुरुजनों को दिया है। इस उपलब्धि पर डीबीपीएस स्कूल के चेयरमैन ओम मरवाह, पूर्व मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह, विधायक प्रकाश राणा, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जीवन ठाकुर, पंकज जम्वाल, विनोद शर्मा एवं समस्त प्रैस क्लब सहित

Tejraftarnews.in: *प्रदेश की ऊंची चोटियों पर हिमपात, 5 जिलों में तेज हवाएं व बारिश का यैलो अलर्ट*

  प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने जून की भीषण गर्मी और तपिश पर पूरी तरह ब्रेक लग गई है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार शनिवार को रोहतांग सहित ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ है, जबकि उच्च पर्वतीय इलाकों सहित मध्य व मैदानी इलाकों में बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान गुलेर में सर्वाधिक 66.8, रायपुर मैदान में 47 और सोलन में 43 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

ऊना में अधिकतम तापमान 33.6 व राजधानी शिमला में 22 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 5 जिलों चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में आंधी चलने, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने को लेकर यैलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार राज्य में प्री-मानसून की यह सक्रियता 15 से 19 जून तक बनी रहेगी, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 20 से 25 जून के बीच हिमाचल में दस्तक देने की अनुकूल संभावनाएं हैं।

Tejraftarnews.in: *हैवानियत! 2 वर्षों तक महिला सफाई कर्मियों का शारीरिक शोषण करता रहा ठेकेदार, विरोध करने पर किया दुर्व्यवहार; FIR दर्ज*

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज में महिला सफाई कर्मियों के साथ शारीरिक शोषण का एक अत्यंत गंभीर मामला प्रकाश में आया है। कॉलेज के एक सफाई ठेकेदार पर नौकरी से निकालने की धमकी देकर लंबे समय से महिला कर्मियों का शारीरिक शोषण करने का आरोप लगा है। इस अमानवीय कृत्य के खिलाफ गुरूवार को पीड़ित महिला सफाई कर्मी न्याय की गुहार लेकर जिला महिला पुलिस थाने पहुंचीं।

महिला कर्मियों ने लगाए ये आरोप

महिला थाने में दी गई सामूहिक शिकायत में पीड़ित महिला कर्मियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए ठेकेदार पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि ठेकेदार पिछले दो वर्षों से उनका शारीरिक शोषण कर रहा था। जब भी किसी महिला कर्मी ने इसका विरोध करने का प्रयास किया, तो उसके साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं, ठेकेदार महिलाओं को काम से हटाने की धमकी देता था और इसी डर का फायदा उठाकर उसने कई बार महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वे बेहद गरीब परिवारों से संबंध रखती हैं और उनके ऊपर परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी है। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर आरोपी उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी देता था और न चाहते हुए भी उन्हें इस प्रताड़ना को सहना पड़ा।

Tejraftarnews.in: *सांसद अनुराग ठाकुर ने बेल बजाकर की मैच की शुरुआत*

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में शनिवार को भारत और अफगानिस्तान को खेले गए इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले के दौरान उस समय ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने मैदान पर पारंपरिक बेल (घंटी) बजाकर आधिकारिक तौर पर मैच की शुरुआत की। उनके साथ इंडियन प्रीमियर लीग के चेयरमैन अरुण धूमल भी विशेष रूप से स्टेडियम में मौजूद रहे।

इन दोनों शीर्ष खेल प्रशासकों ने न केवल इस रोमांचक मुकाबले का लुत्फ उठाया, बल्कि मैदान पर जाकर भारत और अफगानिस्तान दोनों टीमों के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला भी बढ़ाया। इसके अलावा, खेल जगत और राजनीति से जुड़ी कई अन्य नामी हस्तियों (नेताओं) की मौजूदगी ने धर्मशाला के इस खूबसूरत मैदान पर आयोजित हुए मैच की चमक और गरिमा को कई गुना और बढ़ा दिया।

Tejraftarnews.in: *काँगड़ा के बैजनाथ से खीरगंगा मार्ग पर मिला युवक का शव, सल्फास की खाली भी शीशी बरामद*

शिव मंदिर बैजनाथ से खीरगंगा जाने वाले मार्ग पर एक 30 वर्षीय युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान कुनाल वर्मा पुत्र विनोद वर्मा, निवासी वार्ड नंबर-2 बैजनाथ के रूप में हुई है। जानकारी अनुसार 112 हैल्पलाइन और मंदिर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी थी कि खीरगंगा मार्ग की सीढ़ियों पर एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को परिजनों की सहायता से सिविल अस्पताल बैजनाथ पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से ‘सल्फास’ लिखी एक खाली शीशी और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।

प्रारंभिक जांच में जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं। परिजनों ने भी अपने बयानों में किसी तरह के पारिवारिक विवाद या रंजिश से इनकार किया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच जारी है

Tejraftarnews.in: *वीकेंड पर मंडी-मनाली हाईवे फुल! पंडोह में 20 KM लंबा महाजाम, SP ने संभाला मोर्चा*

 नैशनल हाईवे मंडी-मनाली पर पंडोह के आसपास लगभग 10 किलोमीटर एक तरफ और 10 किलोमीटर दूसरी तरफ भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। लगातार 2 दिनों की छुट्टी के चलते मनाली और कुल्लू की ओर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ौतरी हुई है, जिस कारण हाईवे पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने स्वयं दोपहर के समय मोर्चा संभाला और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पर्यटन सीजन अपने चरम पर है तथा बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली की ओर जा रहे हैं। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

एसपी ने कहा कि कई स्थानों पर सड़क संकरी होने के साथ-साथ कुछ वाहन चालक ओवरटेक करने का प्रयास करते हैं, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने सभी वाहन चालकों और पर्यटकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा ओवरटेक न करने की अपील की, ताकि सभी लोग सुरक्षित और समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। प्रात: 9 से 11 बजे तक करीब 2 घंटे तक कई स्थानों पर वाहनों के पहिए लगभग थमे रहे। हालांकि पुलिस और प्रशासन द्वारा लगातार यातायात को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए और धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही को नियमित किया। जो सफर सामान्य दिनों में लगभग आधे घंटे में पूरा हो जाता है, उसे तय करने में लोगों को 3-4 घंटे तक का समय लग रहा है।

Tejraftarnews.in: *मंडी मे पशुओं को चारा लाने गए 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत*

उपमंडल बालीचौकी की ग्राम पंचायत माणी के शेगली गांव में शुक्रवार शाम एक हादसे में 65 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। मृतक की पहचान मेघ सिंह पुत्र आलमु राम निवासी शेगली के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार मेघ सिंह रोजमर्रा की तरह अपने पशुओं के लिए हरा चारा जुटाने निकले थे। इसी दौरान वह पेड़ पर चढ़कर पत्तियां काट रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार काम करते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह काफी ऊंचाई से नीचे गिर पड़े। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल एम्बुलैंस की व्यवस्था कर उन्हें नगवाईं अस्पताल पहुंचाया गया।

हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू भेजा गया। स्थानीय पुलिस ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।

Tejraftarnews.in: *डिजिटल ठगी पर हिमाचल पुलिस का कड़ा संदेश, साइबर सुरक्षा हम सबकी सांझा जिम्मेदारी*

बढ़ते डिजिटल युग में साइबर अपराधी मासूम लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इस बीच हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष जागरूकता संदेश जारी किया है। पुलिस का कहना है कि साइबर सुरक्षा किसी एक एजैंसी की नहीं, बल्कि हम सबकी सांझा जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सतर्कता बरत कर डिजिटल फ्रॉड के बड़े से बड़े खतरे को टाला जा सकता है।

साइबर ठगों को मात देने के लिए अपनाएं यह उपाय, अचूक है मंत्र

हिमाचल पुलिस ने आम जनता से अपनी डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने के लिए इन सरल लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कदमों को उठाने की अपील की है।

टू-फैक्टर ऑथैंटिकेशन रखें ऑन : अपने सभी सोशल मीडिया, ई-मेल और बैंकिंग एप्स पर टू-फैक्टर ऑथैंटिकेशन जरूर एक्टीवेट करें। इससे पासवर्ड लीक होने पर भी आपका अकाऊंट सुरक्षित रहता है।

मजबूत और अनोखा पासवर्ड : अपने अकाऊंट्स के लिए हमेशा स्ट्रांग पासवर्ड का इस्तेमाल करें, जिसमें लैटर्स, नंबर्स और स्पैशल कैरेक्टर्स शामिल हों। आसान पासवर्ड रखने की भूल बिल्कुल न करें।

एप परमिशंस की समीक्षा : मोबाइल में कोई भी नया एप डाऊनलोड करते समय आंखें मूंदकर हर परमिशन (जैसे कैमरा, कॉन्टैक्ट, गैलरी) न दें। समय-समय पर सैटिंग्स में जाकर रिव्यू करें कि किस एप को कितनी एक्सैस दी गई है।

Tejraftarnews.in: *शिमला मे स्कूल संचालिका की गोलियां मारकर हत्या, पंजाब नंबर की गाड़ी में आए थे हमलावर*

 पंजाबियों की हर जगह गुंडा गर्दी प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित हाऊसिंग बोर्ड कालोनी में शनिवार शाम को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां स्थित एक निजी सरस्वती पैराडाइज स्कूल के परिसर में घुसकर अज्ञात हमलावरों ने स्कूल की संचालिका की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी। इस खूनी खेल के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ​जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मीनाक्षी मित्तल के रूप में हुई है।

​दुकान से लौटते ही गेट पर किया हमला

​सूत्रों के मुताबिक, यह वारदात शनिवार शाम करीब साढ़े 7 बजे की है। वारदात से कुछ देर पहले मीनाक्षी पास की ही एक दुकान से मैगी और अन्य घरेलू सामान लेकर लौटी थीं। जैसे ही वह स्कूल के गेट के समीप पहुंचीं, तभी वहां पंजाब नंबर की एक गाड़ी में सवार होकर आए अज्ञात हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। मीनाक्षी मित्तल को 3 गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर गाड़ी सहित मौके से फरार हो गए।

​जांच के केंद्र में प्रॉपर्टी विवाद, मगर हर पहलू खंगाल रही पुलिस

​प्राथमिक जांच और सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस हत्या के पीछे पारिवारिक संपत्ति विवाद की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मृतका का अपने भाई के साथ प्रॉपर्टी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अभी तक हत्या के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टी नहीं की है

Tejraftarnews.in: *ऊना मे महिला से मारपीट व प्रताड़ना के आरोप पति व जेठ को मिला पुलिस रिमांड*

पुलिस थाना अम्ब के तहत एक गांव की 38 वर्षीय महिला की शिकायत पर उसके पति और जेठ के खिलाफ मारपीट, प्रताड़ना तथा जान से मारने की धमकियां देने के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पुलिस की मांग पर दोनों आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसके पति ने बिना किसी कारण उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उसका जेठ भी मौके पर पहुंच गया और कथित तौर पर गाली-गलौच करते हुए पति को और मारने के लिए उकसाया। महिला का आरोप है कि दोनों ने बच्चों के सामने उसके साथ मारपीट की।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न चैनलों पर वायरल होने के कारण उसे मानसिक आघात और सामाजिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। बताया जा रहा है कि महिला का मायका जिला कांगड़ा के अधीन एक गांव में है और घटना के बाद मायके पक्ष के लोग पीड़िता तथा उसके बच्चों को अपने साथ ले गए हैं। डीएसपी अम्ब अनिल पटियाल ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद दो दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

Tejraftarnews.in: *चंडीगढ़ में हिमाचल की महिला पंचायत प्रधान के पति की बेरहमी से हत्या, नकाबपोश बदमाशों ने 1 सैकेंड में बरसाईं 13 गोलियां*

 बहुत ही गुंडागर्दी है पंजाब में चंडीगढ़ में हिमाचल की एक महिला पंचायत प्रधान के पति की बेरहमी से हत्या करने का मामला सामने आया है। यह वारदात चंडीगढ़ के वीवीआईपी और सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सैक्टर-11 में पेश आई है। यहां के प्रसिद्ध कुमार मेडिकल स्टोर के भीतर घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने काऊंटर पर बैठे कैशियर को ऑटोमैटिक गन से गोलियों से भून डाला। मृतक की पहचान हिमाचल के शिमला जिला के रोहड़ू निवासी जानकी दास (45) के रूप में हुई है। इस हत्याकांड का सीधा कनैक्शन हिमाचल से इसलिए जुड़ा है, क्योंकि जानकी दास की पत्नी ने हाल ही में रोहड़ू में हुए पंचायत चुनाव में प्रधान पद का चुनाव जीता है और वह वर्तमान में ग्राम पंचायत प्रधान हैं। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे रोहड़ू क्षेत्र सहित हिमाचल प्रदेश में शोक और दहशत की लहर दौड़ गई है।

ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए थे 2 नकाबपोश बदमाश

जानकारी के अनुसार जानकी दास वर्तमान में चंडीगढ़ के धनास में रह रहे थे और कुमार मेडिकल स्टोर में कैशियर थे। वीडियो के अनुसार रविवार दोपहर करीब अढ़ाई बजे 2 नकाबपोश बदमाश ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए। उन्होंने काऊंटर पर खड़े जानकी दास पर महज एक सैकेंड के भीतर ताबड़तोड़ 13 राऊंड फायर कर दिए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरी दुकान में अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ जानकी दास को तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया,

Tejraftarnews.in: *जालंधर के परिवार पर टूटा कहर, सड़क हादसे में पिता-बेटी के बाद अब 17 वर्षीय बेटे ने भी तोड़ा दम*

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मणिकर्ण घाटी के सरसाड़ी ढांक के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़ गया है। शुक्रवार को गहरी खाई में गिरी पर्यटकों की गाड़ी के हादसे में अब एक और घायल ने दम तोड़ दिया है। हादसे वाले दिन पिता और 19 वर्षीय बेटी की मौत के बाद अब 17 वर्षीय बेटे ने भी अस्पताल में जिंदगी की जंग हार दी है। इस घटना के बाद पंजाब के जालंधर निवासी इस परिवार पर दुखों का भारी पहाड़ टूट पड़ा है।

जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को मणिकर्ण थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरसाड़ी ढांक के पास पर्यटकों से भरी एक गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी थी। इस वाहन में चालक सहित कुल 5 लोग सवार थे। हादसे के दिन ही वाहन चला रहे जालंधर के बावा बुजुनगी नगर, शर्मा मंडी निवासी परमजीत पुत्र श्याम सुंदर और उनकी 19 वर्षीय बेटी निधि विनय की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि हादसे में मृतक परमजीत का 17 वर्षीय बेटा आदित्य विनय गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे इलाज के लिए एम्स अस्पताल बिलासपुर ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान इस हादसे में जा चुकी है।

फिलहाल, इस दुर्घटना में घायल 2 अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Tejraftarnews.in: *भारतीय टैंकरों पर हमले बर्दाश्त नहीं अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का जवाब, हमारे कानून मानो*

पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के बीच अमरीका की क्रूर हरकत को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को खरी खोटी सुना दी है। उन्होंने कहा कि समंदर में भारतीय टैंकरों पर हमले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी कारोबारी जहाज अमरीकी सेना के निर्देशों का तुरंत पालन करें, ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अमरीकी नाकाबंदी तोडऩे या ईरानी तेल ले जाने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जयशंकर ने बताया कि उन्होंने मार्को रूबियो से कहा है कि कॉमर्शियल जहाजों पर इस तरह का हमला कतई ठीक नहीं है। बता दें कि बीते दिनों अमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों वाले तेल टैंकर पर अमरीका ने हमला कर दिया था। इसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारत ने अमरीका की इस हरकत का कड़ा विरोध जताया है। जानकारी के मुताबिक विदेश मंत्री ने शनिवार तडक़े ही मार्को रूबियो को फोन लगाया और सख्त लहजे में कहा कि किसी भी कीमत पर व्यापारिक जहाजों पर हमले न्यायसंगत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल शिपिंग को शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं, इन हमलों के लिए अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि तेहरान ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए इसे मनगढ़ंत करार दिया है। भारत लगातार समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी मांग पर कायम है।

Tejraftarnews.in: *देश के लिए बड़ी खुशखबरी, 929 हुआ लिंगानुपात, बेटी बचाने और पढ़ाने के आए सुखद परिणाम*

सरकार की विभिन्न योजनाओं और प्रयासों से देश में पुरुष-महिला लिंगानुपात बढक़र 929 हो गया है। सरकार की प्रमुख पहल बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बालिकाओं की जीवन रक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने जैसी योजनाओं आदि के कारण यह उपलब्धि संभव हो सकी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर जन्म के समय लिंग अनुपात (एसआरबी) 2014-15 में 918 से बढक़र 2024-25 में 929 हो गया है। यह भेदभावपूर्ण लिंग चयन को रोकने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।

22 जनवरी, 2015 को शुरू की गई बीबीबीपी योजना, घटते बाल लिंग अनुपात और व्यापक लिंग आधारित भेदभाव के जवाब में शुरू की गई थी। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचडब्ल्यू) और शिक्षा मंत्रालय (एमओई) की संयुक्त पहल है। पिछले ग्यारह वर्षों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) एक लक्षित नीतिगत पहल से आगे बढक़र देशव्यापी जन-आंदोलन बन गया है, जिसने सरकार, मीडिया, नागरिक समाज और समुदायों सहित विभिन्न हितधारकों को सक्रिय रूप से जोडऩे का कार्य किया है। यह पहल बालिका के जन्म के समय उसकी गरिमा, उसकी सुरक्षा तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा तक उसकी पहुंच के महत्व को रेखांकित करते हुए उसके समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण के निर्माण को प्रोत्साहित करती है।

शिक्षा क्षेत्र में, लड़कियों की स्कूली शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

Tejraftarnews.in: *हम दिलाएंगे लोन ये फ्रॉड कॉल है, रहें सावधान; साइबर ठगी को नए-नए तरीके अपना रहे अपराधी*

के्रडिट कार्ड लिमेट के नाम पर लगा रहे चूना

ओटीपी नंबर शेयर न करने की अपील

खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों को ठगी के झांसे में फंसा रहे शातिर

साइबर ठग खुद को बैंक कर्मी बताकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर ठग लोगों को सस्ते बैंक लोन, के्रडिट लिमेट बढ़ाने के लिए व्हट्सऐप, मैसेज एवं मोबाइल पर कॉल के जरिए झांसा दे रहे हैं। शातिर खुद को निजी बैंक का कर्मचारी बताकर लोगों को ठग रहे हैं। साइबर पुलिस साइबर ठगों से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। सस्ते बैंक लोन, के्रडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने को लेकर हिमाचल में भी लोगों को बारे फोन आ रहे हैं। साइबर ठग लोगों को जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके से खोज रहे है। सस्ते बैंक लोन, फास्ट टैग के अलावा अब साइबर ठग के्रडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी का प्रयास कर रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों में लगातार आ रहे मामलों के चलते साइबर पुलिस ने हिमाचल की जनता को अलर्ट किया है। साइबर पुलिस का मानना है कि हिमाचल में भी लोगों को इस बारे फोन आ रहे हैं।

शातिर ठग सबसे पहले व्हट्सऐप, मैसेज या मोबाइल पर कॉल के माध्यम से के्रडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने की बात कहते हैं। इसके तहत शातिर अपने आप को निजी बैंक का कर्मचारी बताकर लोगों को विश्वास में ले लेते हैं। उसके बाद शातिर के्रडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने की बात करते हैं। इसको लेकर ओटीपी शेयर करने को कहा जाता है। व्यक्ति ओटीपी शेयर करते ही उसके के्रडिट कार्ड का विवरण शातिर प्राप्त कर लेते हैं और कुछ ही देर में के्रडिट कार्ड से या बैंक खाते से पैसा निकाल लिया जाता है। साइबर सैल की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए आए दिन

Tejraftarnews.in: *प्रदेश में भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपए, अब हर पशुपालक से रोजाना इतने लीटर दूध खरीदेगी सरकार*

सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ हर ग्रामीण परिवार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दूध उत्पादक संघ (मिल्कफेड) द्वारा पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दूध खरीद व्यवस्था में एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार द्वारा दूध उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध करवाए जाने के उपरांत प्रदेश में दूध उत्पादन एवं सहकारी व्यवस्था के प्रति पशुपालकों की सहभागिता में निरंतर वृद्धि हुई है।

सरकार ने गाय के दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को 32 रुपए से बढ़ाकर 61 रुपए प्रति किलो और भैंस के दूध पर 47 रुपए से बढ़ाकर 71 रुपए प्रति किलो किया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इसका लाभ केवल सीमित परिवारों तक न रहकर प्रदेश के अधिकाधिक दूध उत्पादकों, विशेषकर छोटे एवं सीमांत पशुपालकों तक पहुंचे। दो वर्षों में मिल्कफेड में दूध उत्पादकों की भागीदारी 28,645 से बढकऱ 42,500 तक पहुंच गई है।

हर रोज 20 लीटर सीमा निर्धारित

दूध संग्रहण भी 1.57 लाख लीटर प्रतिदिन से बढक़र 2.20 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। यह वृद्धि प्रदेश के पशुपालकों के बढ़ते विश्वास एवं दूध क्षेत्र के विस्तार को दर्शाती है। प्रवक्ता ने बताया कि इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए दूध खरीद पर प्रति पशुपालक प्रतिदिन अधिकतम 20 लीटर की सीमा निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।

Tejraftarnews.in: *प्रदेश में 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध, अवैध शिकार पर होगी कड़ी कार्रवाई*

प्रमुख जलाशयों में विशेष कर्मचारी दल तैनात

हिमाचल के जलाशयों में मत्स्य संपदा संरक्षण के लिए विभाग ने किए व्यापक प्रबंध

प्रदेश के सामान्य जलाशयों, नदी-नालों तथा उनकी सहायक धाराओं में मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकडऩे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि के दौरान प्रदेश के सभी सामान्य जल स्रोतों में किसी भी प्रकार के मत्स्य आखेट तथा मछली बिक्री की अनुमति नहीं होगी। यह जानकारी मत्स्य विभाग के निदेशक एवं प्रधान मुख्य मत्स्य संरक्षक विवेक चंदेल ने दी। उन्होंने बताया कि इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मछली प्रजातियों के प्राकृतिक प्रजनन को सुरक्षित बनाना तथा प्रदेश के मत्स्य संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 13 हजार मछुआरे प्रत्यक्ष रूप से मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और अपनी आजीविका के लिए इस व्यवसाय पर निर्भर हैं। प्रदेश के पांच प्रमुख जलाशयों गोबिंदसागर, पौंगडैम, चमेरा, कोलडैम तथा रणजीत सागर का कुल क्षेत्रफल लगभग 43785 हेक्टेयर है, जहां 6300 से अधिक मछुआरे कार्यरत हैं।

इसके अतिरिक्त लगभग 2400 किलोमीटर लंबाई वाले सामान्य जलस्रोतों में भी 6300 से अधिक मछुआरे मत्स्य आखेट से जुड़े हुए हैं। इन सभी परिवारों को निरंतर रोजगार उपलब्ध करवाने तथा प्रदेशवासियों को प्रोटीनयुक्त आहार सुनिश्चित करने में मत्स्य विभाग महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उधर, प्रतिबंध अवधि के सफल संचालन तथा अवैध मत्स्य आखेट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए निदेशक एवं प्रधान मुख्य मत्स्य संरक्षक विवेक चंदेल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की

Tejraftarnews.in: *यूपीएस लागू करेगी भाजपा सरकार, नड्डा बोले; पेंशन के मामले में भाजपा की नीति पहले से ही स्पष्ट*

हिमाचल सरकार पर दागे सवाल कहा, पीएम आपदा राहत के 1500 करोड़ पर क्वेरी का जवाब नहीं मिला

बल्क ड्रग पार्क प्रदेश में ही रहेगा

पर काम न लटकाए राज्य सरकार

अब आर्थिक पैकेज नहीं मिलते

सिर्फ मदद ही कर सकता है केंद्र

केंद्रीय स्वास्थ्य और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस को लेकर बड़ा बयान दिया। ओल्ड पेंशन से संबंधित सवाल पर श्री नड्डा ने कहा कि इस मसले पर हमारी नीति स्पष्ट है। होटल होलीडे होम में संवाददाता सम्मेलन के दौरान श्री नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस लागू की है और पिछले विधानसभा चुनाव में भी यही स्टैंड भाजपा का था। जहां तक हिमाचल से संबंधित विषय की बात है, तो इस बारे में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा अध्यक्ष डा. बिंदल बात रखेंगे। अमरीका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के कारण दवा उत्पादन और अन्य क्षेत्रों पर पडऩे वाले प्रभाव से संबंधित सवाल पर जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पर रणनीति बना रखी है। कोशिश यह है कि आम जनता पर प्रभाव न पड़े। वहीं श्री नड्डा ने हिमाचल सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा राहत में 1500 करोड रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन इससे संबंधित सवालों का जवाब नहीं दिया जा रहा है। आपदा से हुए नुकसान से संबंधित क्वेरी केंद्र से आई थी, जिसे एड्रेस नहीं किया गया। राज्य सरकार चाहती है कि पैसा देकर भूल जाओ कि कहां खर्च किया? आपदा राहत में केंद्र से मिले धन के यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भी अभी तक नहीं दिए गए।

Tejraftarnews.in: *नगर निगमों में 29 जून को शपथ, मिलेंगे नए मेयर और डिप्टी मेयर*

हिमाचल प्रदेश सरकार के शहरी विकास विभाग ने सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला नगर निगमों की नवगठित परिषदों की पहली बैठक के आयोजन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश सरकार ने 29 जून, 2026 को इन चारों नगर निगमों की पहली बैठक आयोजित करने की तिथि निर्धारित की है। शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं। अधिसूचना के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अप्रैल 2026 में नगर निगम चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया था और 31 मई को मतदान के बाद मतगणना के परिणाम एक जून 2026 को अधिसूचित किए गए थे। इसके बाद अब नव निर्वाचित नगर निगम परिषदों के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पहली बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है।

पहली बैठक के दौरान सभी नव निर्वाचित पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही नगर निगमों के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 तथा नगर निगम निर्वाचन नियम, 2012 के तहत जारी इस अधिसूचना के अनुसार संबंधित जिलों के उपायुक्तों को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। उपायुक्त सोलन, मंडी और कांगड़ा अपने-अपने क्षेत्राधिकार वाले नगर निगमों की पहली बैठक बुलाएंगे तथा उसकी अध्यक्षता करेंगे।

गौरतलब है कि इन चार नगर निगमों में पालमपुर में कांग्रेस और तीन में भाजपा को बहुमत मिला है। अधिसूचना के अनुसार अधिकृत अधिकारी नगर निगम निर्वाचन नियमों के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव संपन्न कराएंगे। बैठक का स्थान संबंधित नगर निगम क्षेत्र के भीतर होगा, जिसकी सूचना संबंधित अधिकृत अधिकारी द्वारा अलग से जारी की जाएगी

Tejraftarnews.in: *चंबा पुलिस की बड़ी कामयाबी: पिकअप चोरी का आरोपी पठानकोट से गिरफ्तार,*

पठानकोट-चम्बा-भरमौर एनएच पर दुनाली के समीप पिकअप चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। आरोपी को पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार किया गया है। *आरोपी की पहचान मस्कीन निवासी झिकली रानीपुर तहसील व जिला पठानकोट के तौर पर की गई है। रविवार को आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा*। उसके बाद पुलिस रिमांड पर लेकर आरोपी से पूछताछ कर चोरी की वारदात के अनसुलझे पहलुओं से पर्दा हटाया जाएगा।

12 मई को दुनाली से सड़क किनारे पार्क पिकअप वाहन चोरी हो गया था। वाहन मालिक ने इसकी शिकायत पुलिस थाना भरमौर में दर्ज करवा दी थी। उसके बाद पुलिस वाहन चोरी की गुत्थी सुलझाने में जुटी हुई थी। पुलिस टीम ने रास्ते के विभिन्न हिस्सों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल लोकेशन के जरिए कड़ियां जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की है।

चोरी की वारदात में एक और आरोपी की संलिप्तता भी पाई गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा, साथ ही आरोपियों की निशानदेही पर चोरी हुए वाहन की बरामदगी भी की जाएगी। एसपी विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जल्द ही चोरी हुए वाहन को भी बरामद कर लिया जाएगा।

Tejraftarnews.in: *चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर कल्हेल पुल से नीचे आज एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। अभी तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।*

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Jeetu dehati

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