बिना डीटीओ ऑफिस आए बन गए लर्निंग लाइसेंस

Feb 27, 2026 - 09:24
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बिना डीटीओ ऑफिस आए बन गए लर्निंग लाइसेंस
सीएजी ने कई विभागों की गड़बड़ियां सामने लाईं। रिपोर्ट के अनुसार, बिना डीटीओ ऑफिस आए लोगों के लर्निंग लाइसेंस बन गए। रिपोर्ट में कहा गया है- ‘सारथी’ डाटाबेस के अनुसार, 6 जिला परिवहन कार्यालयों में संयुक्त भौतिक सत्यापन की तारीखों पर 789 लोगों ने स्लॉट बुक किए। ये लर्निंग लाइसेंस के लिए परीक्षण में शामिल हुए। इनमें 766 लोग (97.08%) सफल रहे। हालांकि, संयुक्त भौतिक सत्यापन के दौरान परीक्षण के लिए केवल 21 लोग ही उपस्थित हुए। इनमें केवल 7 (33%) ही अपना परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर सके। यानी बिना भौतिक उपस्थिति के ही लर्निंग लाइसेंस जारी हुआ। एसएचए व कार्यान्वयन इकाइयों में 55% पद खाली : राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) एवं जिला कार्यान्वयन इकाइयों के 100 पद (स्वीकृत पदों का 55%) रिक्त थे। यह मार्च 2024 तक की स्थिति रही। आईईसी पर बहुत कम खर्च : सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों पर बहुत कम खर्च हुआ। इससे लाभार्थियों के बीच जागरुकता की गतिविधियां प्रभावित हुईं। सत्यापन वाले लाभार्थियों की संख्या तय लक्ष्य से बहुत कम रही। मार्च 2024 तक सिर्फ 2.56 करोड़ लाभार्थियों (41%) का ही सत्यापन हुआ। स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क : 20 पंजीकरण पदाधिकारी, 42 दस्तावेजों में भूमि के कम मूल्यांकन का पता नहीं लगा सके। इससे संपत्ति, दस्तावेज का कम मूल्यांकन हुआ। नतीजा- मुद्रांक शुल्क और निबंधन फीस में 4.45 करोड़ रुपए की कमी हुई। बिक्री दस्तावेजों के निष्पादन के दौरान भूमि के गलत वर्गीकरण लागू करने के चलते कुल 1.80 करोड़ रुपए का मुद्रांक शुल्क और निबंधन फीस कम लगाया गया। मुआवजा का कम भुगतान जिला भूमि अधिग्रहण कार्यालय (सीतामढ़ी) ने ग्रामीण क्षेत्रों में अधिगृहीत भूमि के मुआवजे की गणना के लिए दो के बजाय डेढ़ का गुणन लागू किया। नतीजा, 517 परिवारों को मुआवजे के रूप में 8.84 करोड़ रुपए कम मिले।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला