आज के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय पर्यावरण सह प्रमुख श्री बांदे शंकर जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक

मतलब अंग्रेजों ने खुद से लड़ने के लिए खुद ही कांग्रेस की स्थापना की ? गजब हुतिया लोग थे अंग्रेज, या फिर देश को हुतिया बनाया देश को ? नेहरू और गाँधी दोनो वकील थे न , बताओ किस क्रान्तिकारी का केस लड़ा ?* 

Jul 06, 2026 - 06:36
Updated: 18 hours ago
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 आज के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय पर्यावरण सह प्रमुख श्री बांदे शंकर जी,  राष्ट्रीय स्वयंसेवक
Jitendra Kumar

‌*स्वदेशी जागरण मंच, देवघर का जिला विचार वर्ग , धूमधाम से आयोजित 

प्रेस विज्ञप्ति,

देवघर । नंदन पहाड़ के निकट स्थित सेवाधाम परिसर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा जिला विचार वर्ग आयोजित किया गया। यह जिला विचार वर्ग वस्तुत: प्रशिक्षण वर्ग है। मुख्य अतिथि के रूप में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय पर्यावरण सह प्रमुख श्री बंदे शंकर जी थे। उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच के क्रमिक विकास पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। आज के इस विचार वर्ग में आर्थिक रूप से देश की दशा एवं दिशा का विश्लेषण किया गया एवं हमारा देश कैसे समृद्ध एवं स्वावलंबी बने, इन बातों की चर्चाएं हुई। 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ‌श्री बंदे शंकर जी ने बोलते हुए 

 कहा कि समाज के हर युवा एवं युवतियों को अपने शैक्षणिक काल के प्रारंभ से ही किसी न किसी व्यवसाय के प्रति अपने को स्किल्ड करनी चाहिए ताकि आगे चलकर वे बेरोजगार नहीं हों, सफल उद्यमी बनने की क्षमता उनमें हो और अपना व्यवसाय आरंभ कर सकें। समाज के हर लोगों से स्वदेशी का भाव आत्मसात करने का आग्रह किया गया ताकि हमारे यहां स्थानीय और स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री बढ़े। इस प्रकार देसी उत्पादन बढ़ने पर हमारे यहां नए-नए उद्योग धंधे बन पाएंगे, लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, बेरोजगारी दूर होगी और हमारा देश स्वावलंबी और समृद्ध बनेगा। 

इस अवसर पर स्वावलंबी भारत अभियान के झारखंड प्रांत समन्वयक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज पूरी दुनिया में आर्थिक रूप से वैश्विक युद्ध का स्वरूप देखने को मिल रहा है। इस वैश्विकआर्थिक युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए हम सभी को आर्थिक रूप से देशभक्त बनने की जरूरत है। प्रांत पूर्णकालिक हिमांशु शेखर ने कहा कि हमारा समाज जितना ही अधिक आर्थिक भाव को आत्मसात करेगा हमारा देश उतनी ही तेजी से स्वावलंबी बनेगा,हमारे यहां बेरोजगारी दूर होगी और हम प्रगति की राह पर आगे बढ़ेंगे।

मुख्य अतिथि बंदे शंकर जी, विशिष्ट अतिथि कुमार रंजन जी, अजय चौधरी जी, डॉ राकेश कुमार जी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम को प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला सह संयोजक महेश दुबे जी मंत्रोच्चारण किया।

जिला पूर्णकालिक अमर कुमार सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया एवं प्रस्तावना प्रस्तुत किया।

मंच संचालन जीवेश कुमार सिंह एवं माया केशरी जी ने किया।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिला संयोजक संजय कुमार सिंह ने किया।

इस अवसर पर कुछ लोगों को नए दायित्व दिये गए -

 

आज के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय पर्यावरण सह प्रमुख श्री बांदे शंकर जी,

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक विगेन्द्र कुमार जी,

चेतना विकास फाउंडेशन के कुमार रंजन जी, देवघर जिला पूर्णकालिक अमरनाथ सिन्हा, अवकाश प्राप्त पुलिस पदाधिकारीअरुण कुमार , श्री प्रभाष गुप्ता, अमरनाथ सिंह अरूणानंद झा, अभय सिंह, मिथलेश वाजपेई, पंकज सिंह भदौरिया, माया केसरी आशा कुमारी प्रेमलता बरनवाल श्याम देव जी , गौरीशंकर शर्मा,अजीत कुमार दुबे ,राजीव कुमार, रंजीत झा कामेश्वर शाह, आनंद टूरी, अभिषेक कुमार पवन कुमार, विजय सिंह,रिता चौरसिया एवं कई अन्य लोग सम्मिलित रहे।

TRN Live Blog stats 

Jitendra Kumar: *Married thrice? Refused vax? Not eligible for govt dole: West Bengal CM Suvendu Adhikari*

*West Bengal CM Suvendu Adhikari announces stricter eligibility norms for state welfare schemes*

* People who have married more than twice may not be eligible for government welfare benefits.

* Families refusing mandatory government vaccinations for their children could be excluded from state schemes.

* Those who leave government schools to study in certain religious educational institutions may also lose eligibility.

* Non-citizens will not be entitled to receive benefits under state welfare programmes.

*The Chief Minister said welfare schemes are intended only for genuinely eligible and needy citizens and linked the new conditions to compliance with government health and education policies.*

*The announcement follows earlier statements made during reviews of the state's flagship Annapurna Yojana, where vaccination status and school enrollment were highlighted as key eligibility factors.*

Jitendra Kumar: *PM Modi launches nationwide HPV Vaccination Programme for girls aged 14 years*

*🇮🇳 Bharat Takes a Major Step Against Cervical Cancer*

Prime Minister Narendra Modi has launched a nationwide free HPV vaccination campaign to protect young girls from cervical cancer.

* *Who is eligible?* Girls aged 14 years (who have completed 14 but are under 15).

* *Cost:* Completely FREE at government health facilities.

* *Vaccine:* Gardasil-4 (protects against high-risk HPV strains linked to cervical cancer).

* *Dose:* Just one dose for long-lasting protection.

* Parental consent is mandatory before vaccination.

*Cervical cancer claims nearly 80,000 lives every year in India, despite being one of the most preventable cancers through timely vaccination and screening.*

*This nationwide initiative marks a significant milestone in strengthening women's health and protecting future generations.*

TRN Live: देखिये आजकल कुछ बचा नहीं है ।

मूल बात को सबने खो दिया है ।

शास्त्र कहता है कि जिस पुरुष के वर्ण को बतलाने वाला जो लक्षण कहा गया है , वह यदि दूसरे वर्ण वाले में भी मिले तो उसे भी उसी वर्ण वाला जानना चाहिए ।।

पहले के समय में लक्षण और गुणों से एक ही पिता की संतानों को ब्राह्मण , क्षत्रिय , वैश्य , शुद्र हुआ करते थे , जिसे वर्ण बोला जाता था । 

अगर उसकी वृत्ति पवित्रता , शुद्ध आचरण , भगवद प्रेम , शास्त्रों का पठन पाठन इत्यादि है तो उसे ब्राह्मण बोला जाता था ।

अगर उसकी वृत्ति शासन करने की , युद्ध कला में माहिर , रक्षण आदि की वृत्ति है तो उसे क्षत्रिय ।

अगर उसकी उपरोक्त दोनों में से कोई न होकर धन उपार्जन में है और उसे व्यापार आदि में रुचि है तो वैश्य । 

और जिनकी रुचि उपरोक्त किसी में नहीं थी , जिनमें कोई गुण नहीं था , आचरण अपवित्र था , अपराधी स्वभाव वाले थे , उनका द्विज संस्कार नहीं किया गया , उसे शुद्र बोला गया ।

पहले ऐसे ही होता था ।

बहुत उदाहरण हैं शास्त्रों में । 

जैसे - 

राजा प्रियव्रत के 10 पुत्र हुए - आग्नीध्र , इध्मजिह्न , यज्ञबाहु , महावीर , हिरण्यरेता, धृतपृष्ठ, सवन , मेधातिथि , वीतिहोत्र और कवि । 

कवि , महावीर और सवन ये तीनों नैष्ठिक ब्रह्मचारी बनकर #ब्राह्मण हो गए । 

राजा प्रियव्रत के राजा आग्नीध्र हुए , उनके पुत्र राजा नाभि हुए , इनके पुत्र भगवान ऋषभ हुए ।

देखिये ये सब क्षत्रिय वृत्ति के ।

राजा ऋषभ ने राज्य किया तब तक वे क्षत्रिय थे , जब उन्होंने वन् में प्रस्थान किया तो #ब्राह्मणत्व धारण किया ।

अब इसमें देखिये ।

राजा ऋषभ के 100 पुत्र थे ।

सबसे बड़े भरत जिनके नाम पर भारतवर्ष पड़ा ।

इनके 9 पुत्र हुए जो योगीश्वर हो गए और #ब्राह्मण बन गए । 

81 पुत्र इनके कर्मकांडी ब्राह्मण हो गए । 

बाकी के 9 पुत्र क्षत्रिय हुए जिन्होंने राज्य किया और राजा बने । 

अब आगे और सुनिए ।

राजा प्राचीनबर्हि के 10 पुत्र हुए जिन्हें प्रचेता कहा जाता है , सब ब्राह्मण हो गए । देखिये #क्षत्रिय से #ब्राह्मण हो गए । 

मनुपुत्र करुष से कारूष नामक क्षत्रिय उत्पन्न हुए । वे बड़े ही ब्राह्मण भक्त और धर्मप्रेमी थे ।

मनुपुत्र धृष्ट से धार्ष्ट नामक क्षत्रिय हुए और अंत में वह इसी शरीर से #ब्राह्मण बन गए । 

कश्यप ऋषि के पुत्र हुए विवस्वान ।

विवस्वान के श्राद्धदेव मनु हुए ।  

मनु से 10 पुत्र हुए ।।

यहाँ देखते जाईये ब्राह्मण से क्षत्रिय , क्षत्रिय से ब्राह्मण , शूद्र , वैश्य सब बन रहे हैं ।

मनुपुत्र नरिष्यन्त हुए । इनसे चित्रसेन हुए ।

इनसे ऋक्ष हुए ।

ऋक्ष से मीढ़वान ।

मीढ़वान से कूर्च 

कूर्च से इन्द्रसेन 

इन्द्रसेन से वीतिहोत्र ।

वीतिहोत्र से सत्यश्रवा 

सत्यश्रवा से उरुश्रवा 

उरुश्रवा से देवदत्त 

देवदत्त से अग्निवेश्य 

अग्निवेश्य ब्राह्मण निकल गए । बहुत बड़े महर्षि हुए , ये जातुकर्णा के नाम से विख्यात हुए । 

ब्राह्मणों का अग्निवेश्यायन गोत्र उन्हीं से चला ।

अब आगे सुनिए और ।

मनुपुत्र दिष्ट हुए । इनसे नाभाग हुए ।

नाभाग वैश्य हो गए । 

नाभाग से वत्स्प्रीति । वतस्प्रीति से प्रांशु । 

प्रांशु से प्रमति ।

प्रमति से खनित्र ।

खनित्र से चाक्षुष । 

चाक्षुष से विविशन्ति 

इनसे रम्भ । रम्भ से खनिनेत्र ।

खनिनेत्र से क्रंधम । 

क्रंधम से अविक्षित । 

अविक्षित से राजा मरुत हुए जो चक्रवर्ती सम्राट हुए ।।

मतलब क्षत्रिय से वैश्य फिर वैश्य से क्षत्रिय ।

और बताऊँ तो सुनिए ।

राजा अक्रिय जो क्षत्रिय थे , उनके पुत्र से ब्राह्मण वंश चला ।

और सुनिए ।

विश्वामित्र क्षत्रिय थे , वह ब्राह्मण हो गए ।

इन्होंने ही गायत्री मंत्र को प्रकट किया था ।

और इन्हीं विश्वामित्र के 49 पुत्र #म्लेच्छ हो गए ।

#शूद्र भी नहीं , म्लेच्छ हो गए । मतलब और नीचे गिर गए ।।

और देखिये अभी । 

मन्युपुत्र गर्ग से शिनि और शिनि से गार्ग्य का जन्म हुआ ।

गार्ग्य क्षत्रिय था , फिर भी उससे ब्राह्मण वंश चला ।।

महावीर्य का पुत्र था दुरित्क्षय ।

इनके तीन पुत्र हुए । 

त्र्यारुणि , कवि और पुष्करिणी ।

ये तीनों ब्राह्मण हो गए । 

बृहत्क्षत्र का पुत्र हस्ती । 

इसी ने हस्तिनापुर बसाया ।

हस्ती के तीन पुत्र हुए । 

अजमीढ़ , द्विमीढ़ और पुरुमीढ़ ।

अजमीढ़ के पुत्र ब्राह्मण हो गए । 

भाग्यर्शव के पाँच पुत्र हुए । पांचों पांच देश का शासन करने में समर्थ थे , इसलिए पांचाल कहलाये ।।

इनमें से मुद्गल से मौद्गल्य नामक ब्राह्मण गोत्र की उत्पत्ति हुई ।।

नाभागारिष्ट का जो पुत्र हुआ , उसने ब्राह्मणत्व प्राप्त किया ।

वह अपने क्षत्रिय वंश की स्थापना कर ब्राह्मण कर्म में प्रवृत्त हो गया ।

धृष्ट से धारष्ट हुए , वे क्षत्रिय थे लेकिन वह बाद में ब्राह्मण बन गए । 

करुष के पुत्र कारूष क्षत्रिय हो गए । 

राजा पृषध को ग़लती से बछड़े की हत्या करने पर उनके गुरु ने उन्हें शूद्र होने का शाप दे दिया ।।

ऐसे बहुत उदाहरण हैं ।

लेकिन क्या हुआ कालांतर में आते आते ब्राह्मण ब्राह्मण में ही विवाह करने लगे क्योंकि वह उनके आचार विचार से मेल खाते थे ।

ऐसे ही क्षत्रियों का हुआ ।

ऐसे ही वैश्यों का ।

फिर बचे शूद्र तो उन्होंने भी वैसे ही करना शुरू कर दिया ।

जिससे एक Blood की शुद्धता बनती चली गयी ।

blood clan या रक्त वर्ण के अनुसार सब हो गया ।

अब यह कलियुग में यह हो गया कि उसी प्रकार से सब जातियों में विभाजित हो गए ।

लोग मूल स्वरूप भूल गए और अपने ही clan में विवाह और आदान प्रदान हो गया ।।

आज उसी का यह विकृत रूप हो गया ।

आज ब्राह्मण वर्ग में जन्मे दारू , नशा , वेश्यावृत्ति करने पर भी यह शूद्र न होकर ब्राह्मण ही बने रहे । 

भले इनको एक शास्त्र की line तक न आती हो ।

बस यह है कि रक्त शुद्धता के कारण यह ब्राह्मण से सुशोभित किये जाते हैं ।

यह ऐसे ही हो गया कि किसी का पिता IAS बन गया तो उसका अनपढ़ पुत्र भी स्वयं को आईएएस मान रहा है ।

किसी के पिता प्रधानमंत्री जनता की मूर्खता और भावुकता के कारण बन गए तो उस राहुल गांधी को आज भी प्रधानमंत्री पद का दावेदार माना जाता है , यह जाति ही है जो जन्म लेने से आई है उस कुल में भले वह उसकी योग्यता न रखता हो ।

ये जितने POLITICIANS हैं , अखिलेश यादव , तेजस्वी यादव से लेकर अन्य जो परिवार के कारण अध्यक्ष पद लिए बैठे हैं , वह सब जाति ही तो पालन कर रहे हैं ।

रही सही कसर दम्भी लोगों ने जातियों के नाम पर उत्पात मचाना शुरू कर दिया और स्वयं की श्रष्ठता का दम्भ भरने लगे भले उनके पास एक भी लक्षण उस वर्ण के न हों ।

जब से यह जन्म पर आधारित हो गया , यह जातियाँ बन गयी और वर्ण ध्वस्त हो गया जो मूल तत्त्व था इसका ।

नहीं तो आज भी यह प्रथा है ।

आज हमारा गाँव ब्राह्मणों का है , लेकिन अगर किसी के चरित्र के विषय मे पता लग जाता है तो उसके यहाँ पानी तक पिया जाता ।।

उसको गाँव से बाहर तक निकाल दिया जाता है ।

आज भी हमारे यहाँ गांव में एक ब्राह्मण थे वह characterless थे , आज वह मर भी गए हैं तो उनके लड़के को जो अब 60 वर्ष की उम्र पहुंच गयी है , उनको आसन नहीं दिया जाता ।।

और पानी उनको मिट्टी के भरुके में दिया जाता है ।

अपने पात्र में उनको कोई पानी तक नहीं पिलाता । घर में किसी के वह घुस नहीं सकते ।।

तो ऐसा नहीं है कि यह शूद्रों के साथ ही किया जाता है ।

यह ब्राह्मणों में भी है ।

हमारे यहाँ के एक जानकार थे , युवावस्था में उन्होंने ग़लत लड़कों की संगति में आकर मांस खा लिया था ।

मुझे याद है उनकी माता जी ने उनको 28 दिन तक जब तक वीर्य शुद्ध नहीं हो जाता , तब तक उनको पत्तल में भोजन दिया जाता रहा । उनका खाट , बिस्तर सब अलग कर दिया गया था और वह खेत में सोते थे । 

तो यह रहा है शुरू से ।

यही कारण रहा कि शूद्रों को अलग थलग रखा जाता था । 

क्योंकि इनके आचरण में ही यह सब रहता ही रहता था ।।

लेकिन आज तो सब गड्डमगड्ड हो गया है ।

आज लक्षण , गुण और आचरण से नहीं बल्कि कुल से सब हो रहा है ।

भले शूद्र वर्ण में कोई सही आचरण या वृत्ति वाला व्यक्ति ही क्यों न पैदा हो रहा हो , वह भी गेहूं के साथ घुन की तरह पिस जाता है ।

लेकिन ऐसा भी नहीं रहा ।

संत रैदास जी चमार जाति से थे । 

लेकिन उन्हीं सन्त रैदास से हज़ारों ब्राह्मणों ने दीक्षा ली थी । 

और इनको भक्तमाल में स्थान मिला ।

यह सब जातियों का स्वरूप बिगड़ चुका है । 

अब वैसे भी लोग डरते हैं रक्त शुद्धता को लेकर । 

तो यह सब इसी तरह बन गया ।

लेकिन यह जातियाँ वर्ण इत्यादि का भगवद क्षेत्र में प्रवेश पूर्णतः वर्जित है ।

जातियाँ बस समाज तक है । 

इसके बाद भगवान के क्षेत्र में इनका कोई महत्व नहीं है ।

द्वापर युग मे जब युद्धिष्ठिर ने यज्ञ सम्पन्न किया तो भगवान श्रीकृष्ण ने एक शंख लाकर रख दिया कि जब आपके राज्य में सभी भगवद्प्रेमी और ब्राह्मण भोजन कर लेंगे तो यह स्वतः बजकर यज्ञ पूर्ण कर देगा ।

सभी राज्य के ब्राह्मणों को भोजन करवा दिया गया लेकिन शंख नहीं बजा । 

तो भगवान तो अंतर्यामी हैं ही । उन्होंने युद्धिष्ठिर से कहा कि तुम्हारे राज्य में एक मेहतर है श्वपच वाल्मीकि । बस वही रह गया । भीम अर्जुन इत्यादि सब जायें और उसे आदरपूर्वक ले आएं ।।

भगवान की आज्ञा से भीम अर्जुन इत्यादि सब गए उसके झोपड़ी में । 

वह डर गया और रोने लगा कि मैं तो सड़क पर झाड़ू लगाने वाला व्यक्ति हूँ ।

लेकिन वह भगवान का बहुत बड़ा भक्त था बस छुपकर रहता था । 

कभी out नहीं होने दिया कि वह इस स्तर का है ।

लेकिन भीम अर्जुन उसे अपनी पालकी में स्वयं ढोकर राजमहल ले आये ।।

भगवान ने द्रौपदी से कहा कि इनके लिए तुम विभिन्न पकवान बनाओ ।

द्रौपदी ने ही परोसा । 

तो जब वह खाने लगे तो , शंख बजकर फिर चुप हो गया ।

अब श्रीकृष्ण ने कहा अरे अब क्या बात है ।

तो शंख की ओर क्रोध करके देखा तो शंख ने कहा कि भगवन मेरा कोई दोष नहीं , आप द्रौपदी से पूँछे ।

द्रौपदी ने बताया हाँ कि मेरे मन मे यह आया की पूरे दिन भर से मैं विभिन्न पकवान बना रही हूं और ये सभी पकवानों को एकसाथ मिलाकर खाने लगे तो इनको स्वाद कैसे पता लगेगा , मेरा परिश्रम बेकार जाते हुए देखकर मैंने सोचा कि है तो ये श्वपच वाल्मीकि जाति का ही न , इसे भोजन करना कहाँ आएगा ।

तो इसका कारण पूछा श्रीकृष्ण ने वाल्मीकि से कि भगवन आप बतायें आपने ऐसा क्यों किया कि सभी व्यंजनों को एक साथ मिलाकर खा रहे हैं ।

तो उन्होंने बताया कि प्रभु आपने पा लिया बस इसी को प्रसाद समझकर मैं इसे प्राप्त कर रहा था। अलग अलग भोजन करता तो सबका अलग अलग रस आता तो उसमें प्रसाद की भावना तिरोहित हो जाती और जिह्वा का रस ही रह जाता ।।

यह सुनकर द्रौपदी के मन में श्रद्धा हुई और उन्होंने प्रणाम किया ।

तब शंख ने बजकर यज्ञ की पूर्णाहुति की । 

इन्हीं शास्त्रों को सही सही न पढ़कर जय भीम प्रजाति जलाती , थूकती और चप्पल मारती है ।

अगर मन में कुछ जानने की अभिलाशा होती तो वह स्वयं किसी ब्राह्मण के पास जाकर इस सबका रहस्य पूछते ।।

आज इसीलिए यह सब इतनी वैमनस्यता आ गयी है ।

हाँ यह जानता हूँ कि हमारे यहाँ भी किसी को चाहे ब्राह्मण ही क्यों न हो , उसने कोई अपराध किया होता था तो सरपंच उसका घोड़ा पर बैठने का अधिकार , दाढ़ी मूंछ , पगड़ी पहनने का अधिकार छीन लिया जाता था और उन्हें गाँव से बहुत दूर कर दिया जाता था । उसको उसके वर्ण से भी च्युत कर दिया जाता था । 

यह उनका दंड होता था ।

जो आज एक प्रथा के रूप में विकसित हो गयी ।

अब उनके पूरे कुल को बहिष्कृत दृष्टि से देखा जाता है ।

जो कि पूरी तरह ग़लत है ।

ऐसा नहीं होता कि अपराधी के वंश में अपराधी ही जन्म लेगा ।।

इनको मंदिरों से प्रवेश वर्जित कर दिया गया था क्योंकि यह मंदिरों में बिना शुद्धता धारण किये हुए प्रवेश कर जाते थे । 

मांस रक्त चमड़ा आदि का कार्य करते हुए भी यह अशुचि अवश्था में ही मन्दिर की मर्यादा भंग कर देते थे ।

पहले शुद्र मन्दिर से स्वर्ण आदि चुरा ले जाते थे । 

इसीलिए स्वर्ण चोरी को 5 महापाप की श्रेणी में रखा गया ।

तभी से यह परम्परा के नाम पर विकसित होता चला गया और पूर्वजों के अपराधों को लेकर उनके सन्ततितियों को भी लपेट लिया गया ।

तो बस यही होता है कि सब चीजें समय के साथ स्वरूप बिगाड़ लेती हैं और एक ग़लत परम्परा के नाम पर बन जाती हैं ।

लेकिन अब वह बात नहीं रही है ।

धीरे धीरे यह सब समाप्त हो रहा है ।

आज भी सनातन धर्म सभी वर्णों को साथ लेकर चलती है ।।

शूद्र वर्णों का भी उतना ही महत्व है जितना सबका है ।

इनको प्रजा बोला जाता है ।

विवाह में यह जितना माँग ले , सब इनको दिया जाता है ।

अरे बस विवाह में थाली बजाने तक का इनको वस्त्र , सोने की अंगूठी , कई बोरे अनाज तक दिया जाता है ।

किसी का भी विवाह हो तो 1 लाख से ऊपर बटाई होती है प्रजा के लिए जिसमें इनको धोती साड़ी सब दिया जाता है ।

अगर 1 बीघा खेती होगी तो इनके लिए 1 बिस्सा ऐसे ही छोड़ दिया जाता है अनाज का कि ये इनका हिस्सा है ।

अस्तु । सार यही है कि कालांतर में सबका स्वरूप बिगड़ जाता है ।

मुख्य है भगवद भक्ति और भगवान के मार्ग पर जो चल गया , वह चांडाल उस ब्राह्मण से श्रेष्ठ है जो गुटखा खाकर पैर पूजवा रहा है ।।

बहुत से कथावाचक जो कि कई मेरे मित्र भी हैं , अपनी अज्ञानता का परिचय जातिगत श्रेष्ठता को लेकर कर रहे हैं और द्वेष फैला रहे हैं , वह बिचारे अपनी छोटी बुद्धि के मारे हैं । उनको कुछ नहीं पता , उनको जाति और वर्ण तक में भेद नहीं पता तो उनको क्या ही कहा जाय ।

लेकिन इससे कुछ नहीं मिलेगा ।

 कितना भी श्रेष्ठ बन लो , मरने के बाद यह नहीं पूछा जाएगा कि यह ब्राह्मण था या शूद्र । उसे उसके कर्मों के अनुसार दण्ड और पुरस्कार मिलेगा । अपितु 50 Extra कोड़े उस ब्राह्मण को लगाए जायेंगे जो ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के बावजूद भी पशुवत कार्य करता रहा और समाज को जोड़ने की बजाय जातिगत विषमता फैलाकर लोगों को भगवद तत्त्व से विमुख करने में लगा रहा । 

मुझे अच्छी तरह पता है कि जातीय विदूषक और दम्भी इस पोस्ट पर गालियाँ देंगे और इसको पढ़कर भी इसको आगे प्रसारित नहीं करेंगे लेकिन यह सदा से होता आया है कि पूरे सोशल मीडिया पर यही पोस्ट घूमती मिलेगी विभिन्न नामों से और बड़े बड़े न्यूज channels पर इसी तथ्य को लेकर debate किये जाते हैं ।।

फिर भी बहुत से लोग हैं जो मुझे जानते हैं और वही इन सब बातों का प्रचार प्रसार करेंगे ।

इतना लंबा पढ़ने के लिए धन्यवाद ।

Jitendra Kumar: *अयोध्या राममन्दिर निर्माण के रास्ते मे हर जगह कांटे बिछाने वाले कांग्रेसी आज भी फर्जी रामभक्त बनकर राममन्दिर को बदनाम करने और काशी मथूरा की लड़ाई को कमजोर करने के प्रयास कर रहे है!*

*चमचो, राममन्दिर का हिसाब मांगने से पहले ये बताओ जब देश के हिन्दू 5 अगस्त को राममन्दिर शिलान्यास की वर्षी मना रहे थे उसी दिन को तुमने काला फ्राइडे क्यो घोषित किया था ?*

*उसी दिन सारे कांग्रेसी काले कपड़े पहनकर देश की सड़कों और संसद में हाय तौबा करने क्यो गए थे?*

*महंगाई का बहाना बनाकर राम ओर हिन्दुओ के प्रति अपने मन की कालिख दिखाने को 5 अगस्त को ही क्यो चुना ? और उसका नाम ब्लेक फ्राइडे ही क्यो दिया ?*

*क्योकि वास्तविक विरोध और संदेश किसके लिए था , सब समझते है! तो फिर आज राममन्दिर का हिसाब मांगने की तुम्हारी औकात क्या है? हम हिन्दू हिसाब भी ले लेंगे और चोरों का पक्का ईलाज भी करवा देंगे ! आजादी की लड़ाई की बात तुम करते हो? चलो ये बताओ, कांग्रेस की स्थापना किसने की थी?*

*मतलब अंग्रेजों ने खुद से लड़ने के लिए खुद ही कांग्रेस की स्थापना की ? गजब हुतिया लोग थे अंग्रेज, या फिर देश को हुतिया बनाया देश को ? नेहरू और गाँधी दोनो वकील थे न , बताओ किस क्रान्तिकारी का केस लड़ा ?* 

*अंग्रेजों की गोली कभी किसी कांग्रेसी को क्यो नही छू पाई ?*

*किसी कांग्रेसी को कभी कालापानी की सजा क्यो नही हुई?* 

*खैर, मन्दिर की बात करते है, मन्दिर में चोरी हुई है उसकी जाँच चल रही है, कोई आरोपी नही बचेगा क्योकि वहाँ बाबा का सिस्टम चलता है केरल की तरह कांग्रेसी सिस्टम नही जो सबरीमाला मन्दिर में करोड़ो का सोना चोरी होने पर सरकार और प्रशासन ने कुछ नही किया तो हाई कोर्ट को संज्ञान लेना पड़ा है!*

*दोनो चोरी एक ही समय की है और दोनो में कार्यवाही दिख रही है!*

*जय श्री राम* 

*जय श्री सीताराम*

Jitendra Kumar: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित गबन और चोरी के मामले में सियासत तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने दावा किया कि राम जन्मभूमि मंदिर गबन मामले के आरोपियों में शामिल रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी. उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी की सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ रही है. यह भी सामने आ रहा है कि टिन्नू यादव की अखिलेश यादव से कई बार फोन पर बात हुई थी. जैसे-जैसे इस मामले की परतें खुलेंगी, देश को पता चल जाएगा कि इन चोरी की घटनाओं के पीछे कौन लोग थे.'

#AjayAlok #BJP #AkhileshYadav #RamMandir #LatestUpdates #ABPNews

TRN Live: *Good morning-म देश राज्यों से बड़ी खबरें*

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*1* गुजरात के साणंद में भारत के तकनीकी भविष्य ने एक ऐतिहासिक उड़ान भरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां सीजी सेमी के अत्याधुनिक प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम का अंदाज बिल्कुल अलग दिखा। उन्होंने प्लांट के अंदर जाकर वहां काम करने वाले इंजीनियरों और तकनीशियनों से सीधे संवाद किया। उनकी पीठ थपथपाई और उनका हौसला बढ़ाया।

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*2* प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद युवाओं से कहा कि आपका आत्मविश्वास ही भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाएगा। वहां मौजूद हर कर्मचारी की आंखों में एक अलग चमक थी। वे समझ रहे थे कि वे सिर्फ चिप नहीं बना रहे, बल्कि भारत को एक नई तकनीकी महाशक्ति बनाने की नींव रख रहे हैं। कर्मचारियों ने भी पीएम के साथ अपना अनुभव साझा किया।

*3* आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अयोध्या राम मंदिर दान घोटाले के दोषियों को सख्त सजा देने की वकालत की है। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम और अकेलेपन के चलते बढ़ रही आत्महत्याओं पर गहरी चिंता जताते हुए भारतीय संस्कारों की ओर लौटने की अपील की है

.*4* अयोध्या के राम मंदिर में महादान पर डाका पड़ा है। दान पेटी से हुई इस चोरी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। अब इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सीधी हुंकार भरी है। उन्होंने साफ कह दिया है कि इस महापाप के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

*5* सरकार ने LNG सप्लाई पर लगी रोक हटाईं, अमेरिका-ईरान जंग रुकने से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से शिपमेंट शुरू, इससे इंडस्ट्रीज को राहत मिलेगी

*6* 'पूरी तरह सुरक्षित E-20 पेट्रोल, इंजन को नहीं होगा कोई नुकसान'; विशेषज्ञों का दावा

*7* 'इसे तुरंत रोक दें', Insta के पेड विज्ञापनों में चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर केंद्र सरकार सख्त; मेटा को भेजा नोटिस

*8* पंजाब कांग्रेस में बढ़ी हलचल, वड़िंग के समर्थन में उतरे नेता; चन्नी खेमे की नाराजगी खत्म कराने की कवायद तेज

*9* ममता बोलीं- मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा, गद्दारी की भी एक सीमा होती है; बागी नेताओं को चुनौती- हिम्मत है तो भाजपा में शामिल हो

*10* संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो 13 अगस्त तक चलेगा। सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें 130वां संविधान संशोधन विधेयक, महिला आरक्षण लागू करने से जुड़ा विधेयक, परिसीमन विधेयक व विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) में संशोधन से संबंधित विधेयक शामिल हैं

*11* पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मौत मामले से जुड़ी एक और दुखद खबर सामने आई है। केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का 71 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। परिवार के अनुसार, पोते की मौत के बाद वह गहरे सदमे में थे और पिछले दो दिनों से आईसीयू में भर्ती थे। शनिवार रात डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पहले ही शोक में डूबा परिवार अब दोहरे दुख का सामना कर रहा है।

*12* अमरनाथ यात्रा तीसरा दिन, 9 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन स्लॉट फुल, प्रशासन बोला- रजिस्ट्रेशन नहीं तो यात्रा टालें; नया कोटा मिलने तक चेकपॉइंट पर रुकना पड़ेगा

*13* एक-दूजे के हुए आमिरखान - गौरी, 61 की उम्र में तीसरी बार दूल्हा बने एक्टर, आमिर खान तीसरी बार दूल्हा बनने जा रहे हैं। पहले उनकी शादी 1986 में रीना दत्ता से हुई थी। 2002 में दोनों का तलाक हो गया।आमिर खान ने दूसरी बार किरण राव से 2005 में शादी की थी। 2021 में दोनों का तलाक हो गया।

*14* सोना इस हफ्ते ₹6471 महंगा हुआ, ₹1.46 लाख पहुंचा, इस साल ₹13,145 बढ़ा, चांदी ₹17,317 बढ़कर ₹2.34 लाख पर पहुंची

*15* इस सप्ताह शेयर बाजार की चाल कई घरेलू और वैश्विक कारकों से तय होगी. 9 जुलाई को TCS रिजल्ट से कमाई के नतीजों का सीजन शुरू होगा. इसके अलावा, US-ईरान वार्ता, क्रूड की कीमतें, मानसून और FPIs का रुख भी बाजार के लिए अहम ट्रिगर होगा

*16* महाराष्ट्र में वॉटरफॉल में फंसे 100 टूरिस्ट, रस्सी के सहारे रेस्क्यू; वसई में 20 कारें डूबीं; छत्तीसगढ़ में घरों में पानी घुसा; गुजरात में कार बही

*17* अमेरिका में आजादी के 250 साल का जश्न, ट्रम्प बोले- अमेरिका को कम्युनिज्म नहीं चाहिए, हमने इसके खिलाफ दुनियाभर में जंग लड़ी

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Jeetu dehati

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