F 22 Raptor Price: कितनी है अमेरिका के F-22 रैप्टर लड़ाकू विमान की कीमत, जान लें इसकी एक-एक खासियत?
F 22 Raptor Price: F 22 रैप्टर अब तक बने सबसे एडवांस्ड और महंगे फाइटर एयरक्राफ्ट में से एक माना जाता है. यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स के लिए लॉकहीड मार्टिन द्वारा डेवलप किया गया यह एयरक्राफ्ट मॉडर्न टेक्नोलॉजी का सबसे शानदार उदाहरण है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे के बीच अमेरिका ने इजराइल में F 22 रैप्टर जेट की तैनाती कर दी है. इसी बीच आइए जानते हैं कि इस फाइटर जेट की कितनी कीमत है और क्या है इसकी खासियत.
F 22 रैप्टर की कीमत कितनी है?
F 22 रैप्टर कीमत के मामले में दुनिया का सबसे महंगा ऑपरेशनल फाइटर जेट है. फ्लाईअवे कॉस्ट, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली शामिल है, प्रति एयरक्राफ्ट लगभग 150 मिलियन डॉलर के करीब है. भारतीय करेंसी में यह रकम लगभग 1,245 करोड़ रुपये हो जाती है. लेकिन जब रिसर्च, डेवलपमेंट टेस्टिंग और पूरे प्रोग्राम के खर्च को शामिल किया जाता है तो हर एयरक्राफ्ट की असली कीमत बढ़ाकर 334 मिलियन डॉलर से 350 मिलियन डॉलर के बीच हो जाती है. खरीद की लागत के अलावा एयरक्राफ्ट को ऑपरेट करना भी काफी महंगा है. अनुमानित ऑपरेटिंग लागत लगभग 85,325 डॉलर प्रति घंटे की उड़ान है.
बेजोड़ स्टेल्थ टेक्नोलॉजी
F 22 रैप्टर के सबसे बड़े फायदे में से एक इसकी स्टेल्थ क्षमता है. एयरक्राफ्ट को खास एंगल, मटीरियल और रडार एब्जॉर्बिग कोटिंग के साथ डिजाइन किया गया है. यह इसके रडार सिग्नेचर को काफी कम कर देते हैं. दुश्मन के रडार पर F 22 एक कंचे जितना छोटा दिखाई देता है. इस वजह से इसे डिटेक्ट करना, ट्रैक करना या फिर टारगेट करना काफी मुश्किल हो जाता है.
सुपरसोनिक स्पीड
F 22 रैप्टर बिना आफ्टर बर्न का इस्तेमाल किए Mach 1.8 तक की सुपरसोनिक स्पीड से उड़ सकता है. यह कैपेबिलिटी इसे फ्यूल बचाते हुए हाई स्पीड बनाए रखने में मदद करती है. इससे एफिशिएंसी बढ़ने के साथ-साथ तेज रिस्पांस और लंबे मिशन एंड्योरेंस की इजाजत मिलती है.
थ्रस्ट वेक्टरिंग टेक्नोलॉजी
इस एयरक्राफ्ट के इंजन थ्रस्ट वेक्टरिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं. इससे इंजन नोजल अलग-अलग दिशाओं में घूम सकते हैं. इससे यह एयरक्राफ्ट तेज मोड़, तेज चढ़ाई और एडवांस्ड एरियल मैन्युवर कर सकता है.
इसी के साथ इसमें एडवांस्ड सेंसर फ्यूजन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है. यह पायलट के लिए कई सेंसर, रडार और सर्विलांस सिस्टम से मिली जानकारी को एक ही डिस्प्ले में इंटीग्रेटेड करता है. इससे पायलट को हालात का पूरा अंदाजा हो जाता है और वे खतरों का पता लगाने के साथ-साथ दुश्मन के एयरक्राफ्ट को भी ट्रैक कर सकते हैं.
एक ताकतवर हथियार
F 22 रैप्टर में क्लोज कॉम्बैट के लिए 20mm M61A2 वल्कन कैनन लगी है. इसमें अंदर के वेपन बे के अंदर AIM-120 AMRAAM और AIM-9 साइडवाइंडर जैसी एडवांस्ड एयर टू एयर मिसाइल भी है.
आपको बता दें कि इसकी इतनी ज्यादा क्लासिफाइड टेक्नोलॉजी की वजह से यूनाइटेड स्टेट्स ने F 22 रैप्टर के एक्सपोर्ट पर बैन लगा दिया है. यहां तक कि करीबी साथियों को भी यह नहीं बेचा जाता.
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