No Income Tax In Dubai: बिना इनकम टैक्स के भी कैसे अमीर है दुबई, जानें कैसे बढ़ता है सरकार का खजाना

Feb 27, 2026 - 09:25
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No Income Tax In Dubai: बिना इनकम टैक्स के भी कैसे अमीर है दुबई, जानें कैसे बढ़ता है सरकार का खजाना

No Income Tax In Dubai: यह तो सभी लोग जानते हैं कि दुबई पूरी तरह से टैक्स फ्री है. यहां पर पर्सनल इनकम टैक्स नहीं है. लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर यहां इनकम टैक्स नहीं है तो सरकार के पास रेवेन्यू कैसे आता है? असल में दुबई ने दुनिया की कुछ सबसे मजबूत और सबसे अलग-अलग तरह की इकोनॉमी में से एक बनाई है. यह इंडिविजुअल टैक्सेशन के बजाय सर्विस, ट्रेड, टूरिज्म और स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट पर निर्भर है.

सरकारी फीस और पब्लिक सर्विसेज 

दुबई की सरकारी इनकम का एक बड़ा हिस्सा सर्विस फीस और एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज से आता है. शहर में रहने और काम करने वाले लाखों बाहर से आए लोग वीजा फीस, रेजिडेंसी परमिट और वर्क ऑथराइजेशन चार्ज देते हैं. बिजनेस को ट्रेड लाइसेंस लेने और रिन्यू करने के लिए भी काफी ज्यादा फीस देनी पड़ती है. इसके अलावा वेस्ट मैनेजमेंट, यूटिलिटी सर्विस और प्रॉपर्टी से जुड़ी फीस जैसे म्युनिसिपल चार्ज भी काफी ज्यादा रेवेन्यू कमाते हैं. दुबई में ट्रैफिक नियम तोड़ने और पब्लिक नियम लागू करने के लिए एक सख्त ऑटोमेटेड फाइन सिस्टम भी है. 

कॉरपोरेट टैक्स और इनडायरेक्ट टैक्स 

हालांकि लोग इनकम टैक्स नहीं देते लेकिन बिजनेस पर टैक्स लगता है. 2023 से यूएई ने एईडी 3,75,000 से ज्यादा के बिजनेस प्रॉफिट पर 9% कॉर्पोरेट टैक्स लगाया है. दुबई वैल्यू एडेड टैक्स से भी रेवेन्यू इकट्ठा करता है. यह ज्यादातर सामान और सर्विस पर 5% लगता है. बैंक और तेल कंपनियों को और भी ज्यादा टैक्स देना पड़ता है. दुबई में काम करने वाले विदेशी बैंक लगभग 20% टैक्स देते हैं जबकि तेल कंपनियों पर 55% तक टैक्स लग सकता है.

टूरिज्म और एविएशन मुख्य इकोनॉमिक पिलर 

टूरिज्म दुबई के सबसे मजबूत इकोनॉमिक ड्राइवर में से एक है. हर साल लाखों टूरिस्ट आते हैं और यहां की इकोनॉमी में अरबों का योगदान करते हैं. होटल रूम बुकिंग, डाइनिंग और एंटरटेनमेंट एक्टिविटी पर टूरिज्म लेवी लगाते हैं. इसी के साथ दुबई एयरपोर्ट से जुड़ी फीस भी लेता है. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गुजरने वाला हर पैसेंजर डिपार्चर और सर्विस चार्ज देता है. इससे एविएशन रेवेन्यू का एक बड़ा जरिया बन जाता है. 

सरकारी कंपनियां कमाती हैं प्रॉफिट 

दुबई कई ग्लोबल सफल कंपनियों का मालिक है.  दुबई इन्हें ऑपरेट करता है जो सरकार के लिए डायरेक्ट रेवेन्यू कमाती हैं. इनमें से सबसे खास एमिरेट्स है. यह दुनिया की लीडिंग इंटरनेशनल एयरलाइंस में से एक है. सरकार के सपोर्ट वाले रियल एस्टेट डेवलपमेंट जिसमें बुर्ज खलीफा जैसी मशहूर इमारतें भी शामिल हैं,  टूरिज्म, कमर्शियल लीजिंग और इन्वेस्टमेंट के जरिए काफी इनकम कमाते हैं.

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