पीएम आवास योजना में खेल, दिल्ली के पते पर मधुबनी का घर बता दिया

Feb 27, 2026 - 09:24
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पीएम आवास योजना में खेल, दिल्ली के पते पर मधुबनी का घर बता दिया
विधानसभा में गुरुवार को पेश सीएजी की रिपोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रहे खेल का पता चला है। दिल्ली के पते पर मधुबनी का घर बना बता दिया गया। पीएम आवास योजना-ग्रामीण की मॉनिटरिंग के लिए बने आवास सॉफ्ट पोर्टल पर मधुबनी में इस योजना के तहत बने घर के साथ दिल्ली का जियो लोकेशन टैग है। ऐसे 55 मामले रिपोर्ट में उजागर हुए हैं। ये 51 से लेकर 915 किलोमीटर की दूरी के लोकेशन से टैग हैं। रिपोर्ट में इस तरह की टैगिंग से गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। अरवल में बने एक पीएम योजना आवास को औरंगाबाद के जियो लोकेशन से टैग किया गया है। दोनों स्थानों के बीच की दूरी 34 किलोमीटर है। अंधराठाढ़ी प्रखंड के पास दीप रेलवे स्टेशन के नजदीक बने आवास को झंझारपुर के पास जियो लोकेशन से टैग किया गया है। इनके बीच की दूरी 17 किलोमीटर है। 10 मामलों में तो यह भी पाया गया कि प्लिंथ स्तर तक निर्माण की तस्वीर डालने के अगले ही दिन छत की ढलाई सहित पूर्ण निर्माण की तस्वीरें आवास सॉफ्ट पर अपलोड की गईं। एक ही घर की फोटो 25 जगह डाल भुगतान लिया : सीएजी टीम ने जांच में पाया कि एक ही घर की फोटो 25 जगह डालकर सबके लिए 30 लाख का भुगतान पा लिया गया। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि हो सकता है कि इनमें से अधिकतर घरों का निर्माण ही नहीं हुआ हो। इसकी जांच की जरूरत बताई है। 2.56 करोड़ लोगों को आयुष्मान योजना का नहीं मिला लाभ आयुष्मान योजना से 6 करोड़ 18 लाख लाभार्थियों को जोड़ा गया था। लेकिन मार्च 2024 तक केवल 2.56 करोड़ लाभार्थियों का ही सत्यापन किया गया। यानी 2.56 करोड़ लोग आयुष्मान से जोड़े जाने के बावजूद लाभ से वंचित हैं। 3462 को ही मिली जमीन मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय योजना के तहत 20 हजार भूमिहीनों को घर के लिए जमीन देनी थी। इनमें से केवल 3462 को ही जमीन दी गई। उनमें से भी केवल 2935 के लिए ही आवास स्वीकृत किए गए। बाढ़ आए बिना बांट दी राहत कृषि विभाग ने 2019 में बाढ़ से नुकसान की भरपाई के लिए खरीफ फसल की क्षति के तौर पर इनपुट सब्सिडी की घोषणा की। जमुई व सीवान में बाढ़ आए बिना लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान किया गया। इस पर 1 करोड़ 88 लाख रुपए खर्च हुए। 6 लाख 81 हजार 617 ऐसे लोगों को 159.28 करोड़ की इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया गया, जिनकी खेती 33 फीसदी से भी कम नष्ट हुई थी। सामुदायिक भवनों में निजी घर एजी को अररिया, औरंगाबाद, नालंदा, दरभंगा और मधेपुरा में ऐसे 27 सामुदायिक भवन मिले, जो बने तो विधायक निधि से लेकिन उन पर निजी कब्जा कर बेडरूम, ड्राइंग रूम और किचन से लेकर गोशाला तक बना ली गई। विधायक फंड से बने 10 पुस्तकालयों पर भी कब्जाकर निजी आवास की शक्ल दे दी गई। सीएम जन आरोग्य योजना से एक को भी फायदा नहीं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तर्ज पर अप्रैल 2022 में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की गई। इसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आईटी प्लेटफॉर्म से ही लागू करना था। किंतु बिहार सरकार ने अक्टूबर 2024 तक इसे लागू करने के लिए कोई राशि नहीं जारी की। राज्य सरकार की ओर से एजी को जवाब दिया गया कि किसी भी लाभार्थी को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से संबंधित दावे का भुगतान नहीं किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम घाटे में : 37 कार्यशील एसपीएसई में से 18 ने 2022-23 में 327.20 करोड़ का लाभ कमाया। यह 2021-22 के दौरान अर्जित लाभ (462.53 करोड़) से 29% कम था। मात्र 4 एसपीएसई ने 321.15 करोड़ का लाभांश घोषित किया। 13 एसपीएसई को खासी हानि हुई। 31 मार्च 2023 तक 14 एसपीएसई की संचित हानि 27,307.96 करोड़ थी।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला