सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के 85% पदों पर सीधी भर्ती होगी, बीएसएससी परीक्षा लेगा
बिहार सचिवालय सेवा के तहत सहायक प्रशाखा पदाधिकारी ग्रेड के 85 फीसदी पदों पर अब सीधी नियुक्ति होगी। उनके प्रोबेशन (परिवीक्षा) की अवधि 2 साल की जगह 1 साल की होगी। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि शेष 15 फीसदी पदों को बिहार सचिवालय लिपिकीय सेवा के उच्चवर्गीय लिपिकों की प्रोन्नति से भरा जाएगा। यह नियुक्ति बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा समय-समय पर आयोजित परीक्षा के आधार पर होगी। उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध पदों के 10 फीसदी के अंतर्गत की जाएगी। सहायक प्रशाखा पदाधिकारी ग्रेड में सीधी भर्ती से या खिलाड़ियों से नवनियुक्त सहायक प्रशाखा पदाधिकारी योगदान की तिथि से एक वर्ष के लिए प्रोबेशन पर रहेंगे। इस अवधि में उनकी सेवा संतोषजनक नहीं होने पर इसे एक वर्ष के लिए विस्तारित किया जा सकेगा। विस्तारित अवधि में भी सेवा संतोषजनक नहीं रहने पर सेवा समाप्त कर दी जाएगी।मदरसों में बर्खास्तगी की शिकायत की सुनवाई बोर्ड करेगा, प्रबंध समिति सदस्यों की संख्या 17 होगी विधानसभा में 6 विधेयक मात्र 47 मिनट में ही पारित हो गए। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, वित्तमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इन विधेयकों को गुरुवार को सदन में पेश किया। इनमें बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड (संशोधन) विधेयक, बिहार जनविश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, बिहार अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक, बिहार निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान (नामांकन विनियमन एवं शुल्क निर्धारण) विधेयक, बिहार सूक्ष्म वित्त संस्थाएं (धन उधार विनियमन एवं प्रपीड़क कार्रवाई निवारण) विधेयक और बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। बिहार अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक 2026 अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि 25 से बढ़ाकर 50 रुपए की गई है। इससे संबंधित विधेयक पारित प्रस्तुत करते हुए प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि राज्य के अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए अधिवक्ता कल्याण निधि स्टांप की वर्तमान राशि 25 रुपए है। इसे बढ़ाकर 50 रुपए किया जा रहा है। इससे राज्य के अधिवक्ताओं के कल्याण (मेडिकल रिम्बर्समेंट, रिटायरमेंट, मृत्यु होने की स्थिति में) के लिए अधिक राशि उपलब्ध हो सकेगी। मदरसा शिक्षा बोर्ड (संशोधन) विधेयक 2026 मदरसों में बर्खास्तगी की शिकायत की सुनवाई अब बोर्ड करेगा। उसका आदेश बाध्यकारी होगा। बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के तहत मदरसों की प्रबंध समिति के सदस्यों की संख्या 11 की जगह 17 होगी। विधेयक पेश करते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि मदरसों की प्रबंध समिति में मदरसा के प्रधान मौलवी, नौ अनुयायी प्रतिनिधि, एक शिक्षक प्रतिनिधि, दो अभिभावक प्रतिनिधि एवं बोर्ड से नामित सदस्य के अलावा इन 14 सदस्यों द्वारा सहवाचित तीन अन्य सदस्य भी होंगे। इन तीन सदस्यों में ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा जिन्हें मदरसा शिक्षा और इस्लामी अध्ययन में अभिरुचि हो। मान्यता प्राप्त मदरसों में अनुमोदित शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मचारियों की सेवाएं संबंधित मदरसे की प्रबंध समिति के पर्यवेक्षण में रहेगी। प्रबंध समिति द्वारा शिक्षण या गैर शिक्षण कर्मचारी की सेवा से हटाने या बर्खास्तगी के आदेश के विरुद्ध आदेश पारित होने के 3 माह के भीतर बोर्ड के समक्ष अपील की जा सकेगी। बोर्ड सुनवाई के बाद आदेश पारित करेगा।
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